Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।

MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।

इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे ‘सभी IPO की जननी’ (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।

इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।

पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।

इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Brent Crude 111 डॉलर के करीब पहुंचा, एशियाई शेयर बाजारों में तेज गिरावट

क्रूड ऑयल की कीमतों में 20 अक्तूबर को जोरदार तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड 1.39 फीसदी की तेजी के साथ 111.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.78 फीसदी चढ़कर 100 डॉलर के पार निकल गया। यह क्रूड ऑयल का बीते 5 महीनों का सबसे हाई लेवल है। क्रूड की यह तेजी न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर के शेयर बाजारों को बड़ी चोट पहुंचा सकती है।

20 मई के बाद पहली बार क्रूड 111 डॉलर पर

क्रूड ऑयल की कीमतों में नई तेजी की वजह सऊदी अरब में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूती विद्रोहियों के हमले हैं। गल्फ में भी ऑयल टैंकर्स सहित जहाजों पर हमलों की खबर है। इससे क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया है। 20 मई के बाद पहली बार क्रूड का भाव इस लेवल पर पहुंचा है। हालांकि, फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रही हैं।

ब्रेंट क्रूड में जल्द ज्यादा नरमी का अनुमान नहीं 

ING के एनालिस्ट्स ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में क्रूड की कीमतों के आउटलुक के बारे में बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड की कीमतों को मौजूदा लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है। स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिससे क्रूड पर रिस्क प्रीमियम बढ़ा है। हालांकि, क्रूड की सप्लाई जारी है, जिससे रिस्क प्रीमियम में धीर-धीरे कमी आ सकती है। लेकिन, फिलहाल कीमतों में नरमी आने के संकेत नहीं हैं।

गल्फ में लगातार हमलों का क्रूड की सप्लाई पर असर

केपलर (kpler) ने अपनी रिपोर्ट में सोमवार को बताया था कि बीते दो हफ्तों में कम से कम 18 जहाजों पर हमलों की खबर है। इससे क्रूड पर रिस्क प्रीमियम बना हुआ है। इधर, हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब में एनर्जी, एयरपोर्ट जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अरामको की साइट को भी निशाना बनाया गया है।

हूती विद्रियों का सऊदी अरब के इंफ्रा पर हमला जारी

हूती विद्रोहियों ने सोमवार को यमन में सुरक्षा बलों के एक प्रशिक्षण शिविर को निशान बनाया, जिसमें 58 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन नए हमलों से मध्यपूर्व में अस्थिरता का खतरा बढ़ा है। साथ ही इसका असर एनर्जी की सप्लाई पर पड़ रहा है। इस वजह से पिछले कई दिनों से ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

अमेरिका डीजल की सप्लाई के लिए रूस से समझौते को मजबूर

उधर, अमेरिका में क्रूड ऑयल का रिजर्व पिछले हफ्ते गिरने का अनुमान है। अमेरिका में पहले से ही ऑयल खासकर डीजल की कीमतें काफी ऊपर चल रही हैं। इससे अमेरिका को डीजल की सप्लाई के लिए रूस से समझौता करना पड़ा है। लेकिन, इससे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। क्रूड में उछाल सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खराब खबर है।

भारत सहित दुनियाभर में महंगाई के बेकाबू होने का खतरा

महंगे क्रूड की वजह से दुनियाभर में महंगाई बेकाबू हो सकती है। इससे केंद्रीय बैंकों को इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने पिछले महीने इंटरेस्ट रेट में 25 बीपीएस की वृद्धि की थी। इस महीने की 28 तारीख को फेड की पॉलिसी आने वाली है। महंगाई को काबू में करने के लिए फेड एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इधर, भारत में इस महीने की शुरुआत में RBI ने रेपो रेट रेट 0.25 फीसदी बढ़ाया था। अनुमान है कि केंद्रीय बैंक दिसंबर में एक बार फिर रेपो रेट बढ़ा सकता है।

20 अक्टूबर को एशियाई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट 

क्रूड में उछाल का असर 20 अक्तूबर को शेयर बाजारों पर देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार दशहरा के मौके पर बंद हैं। लेकिन, दूसरे एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 1.63 फीसदी नीचे चल रहा था। सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स 0.25 फीसदी गिरकर चल रहा था। हैंगसेंग में 1.38 फीसदी की गिरावट दिखी। ताइवान का सूचकांक 1.14 फीसदी नीचे चल रहा था। दक्षिण कोरिया के बाजार कोस्पी में 3.88 फीसदी की गिरावट दिखी।

आईटी कंपनियों में लिवाली से बाजार में तेजी

आईटी कंपनियों में लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर अच्छी तेजी देखी गई और टेक महिंद्रा का शेयर करीब साढ़े आठ प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 413.66 अंक (0.56 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,729.27 अंक पर पहुंच गया। हल्की बढ़त में खुलने के बाद कुछ देर के लिए यह लाल निशान में जरूर गया था, लेकिन एक बार वापसी करने के पूरे दिन तेजी बनी रही।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 148.80 अंक चढ़कर 23,146.15 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों का 23 सितंबर के बाद का उच्चतम स्तर है।

अच्छे तिमाही परिणाम और बोनस शेयर की घोषणा के बाद टेक महिंद्रा के शेयर में आज उछाल देखा गया। कंपनी के गुरुवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में उसका मुनाफा सालाना आधार पर 32.7 प्रतिशत बढ़कर 1,586 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राजस्व में 15.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 16,180 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने प्रत्येक शेयर पर एक बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। साथ ही प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 15 रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।

वृहत बाजार में मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.01 प्रतिशत नीचे रहा।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी सूचकांक में 3.92 प्रतिशत का उछाल रहा। मीडिया समूह का सूचकांक 1.92 फीसदी, धातु का 0.95 प्रतिशत और ऑटो का 0.75 प्रतिशत मजबूत हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों में गिरावट रही।

एनएसई में जिन 3,669 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,131 के शेयर ऊपर और 1,422 के नीचे बंद हुए। अन्य 116 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों मजबूती में रहे। टेक महिंद्रा की 8.45 प्रतिशत क तेजी के बाद टीसीएस का शेयर 4.61 फीसदी और इंफोसिस का 4.55 फीसदी ऊपर रह। भारती एयरटेल में 2.86 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.38 फीसदी की बढ़त रही।

बजाज फाइनेंस का शेयर 1.38 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, पावरग्रिड, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के शेयर भी हरे निशान में रहे।

विमान सेवा कंपनी इंडिगो में 2.23 फीसदी की गिरावट रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.09 प्रतिशत और एशियन पेंट्स का एक प्रतिशत टूट गया। बीईएल, आईटीसी, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 1.39 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.52 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.24 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.95 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.04 प्रतिशत ऊपर था।

Pic Credit : UNI

दक्षिण कोरिया के Kospi में लगा सर्किट, चिप शेयरों की बिकवाली पर टूट गया 8%, इस कारण मचा हाहाकार

चिप शेयरों की ताबड़तोड़ बिकवाली ने आज दक्षिण कोरियाई बाजार में ऐसा हाहाकार मचाया कि सर्किट लग गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश का एक अहम इंडिकेटर है और चिप शेयरों की बिकवाली में यह 8% टूट गया। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में 8% से अधिक की गिरावट आई। सिर्फ दक्षिण कोरियाई बाजार ही नहीं बल्कि अधिकतर एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। एशियाई बाजारों में यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट यानी अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली।

एशियाई मार्केट में कैसी है हालत

दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी में 8% की गिरावट आई है तो जापान के बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) में इंट्रा-डे में 4% और टॉपिक्स (TOPIX) में 2% की फिसलन आई। साथ ही MSCI एशिया पैसेफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जिससे इसके जुलाई के बाद के सबसे निचले बंद स्तर की ओर बढ़ने की आशंका बन गई। हालांकि भारतीय मार्केट में बात करें तो आईटी सेक्टर में ताबड़तोड़ खरीदारी के दम पर शानदार रौनक दिखी और घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक उछल पड़े।

इस हाहाकार की क्या है वजह

अमेरिका में सितंबर में महंगाई के अनुमान से अधिक आंकड़ों ने बाजार में इस आशंका को मजबूत कर दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी आई। अमेरिका में पांच महीने में सबसे तेज रफ्तार से महंगाई बढ़ने से इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई ने तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं। तेल की ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में महंगाई का दबाव बना हुआ है।

भारतीय मार्केट में इस कारण छाई रौनक

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Asian Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली से एशियाई बाजारों में गिरावट, KOSPI 8% टूटा, Nikkei 4% नीचे गिरा

Asian Market Today: आज (गुरुवार, 15 अक्टूबर) एशियाई बाजारों के लिए दिन की शुरुआत काफी खराब रही। ग्लोबल स्तर पर चिप (सेमीकंडक्टर) शेयरों में आई भारी बिकवाली के दबाव में सभी प्रमुख सूचकांक (indices) लुढ़क गए।

एशियाई बाजारों में गिरावट

ग्लोबल इक्विटी बाजारों में आई भारी बिकवाली का असर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भी दिखा। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा रहे, जिससे बाजार को यह लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। इसके चलते सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट आई। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) की खरीदारी की, जिससे उनकी कीमतें बढ़ीं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश के लिए एक अहम संकेतक माने जाने वाले दक्षिण कोरिया के ‘कोस्पी’ (KOSPI) इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इसमें 8% की कमी आई, क्योंकि प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों – सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स – के शेयरों में 8% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। जापान का प्रमुख सूचकांक ‘निक्केई 225’ (Nikkei 225) दिन के कारोबार के दौरान 4% से ज्यादा टूट गया, जबकि ‘टोपिक्स’ (TOPIX) में 2% की गिरावट आई।

इस बीच, दलाल स्ट्रीट पर ‘गिफ्ट निफ्टी’ (GIFT Nifty) के संकेत बता रहे हैं कि भारतीय बाजारों में भी आज की शुरुआत नकारात्मक रह सकती है।

MSCI एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जो जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है।

टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर धारणा कमजोर बनी रही, और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) इंडेक्स फ्यूचर्स में 0.8% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में यह गिरावट वॉल स्ट्रीट पर आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली है। वॉल स्ट्रीट पर इस गिरावट के कारण ‘रसेल 2000’ (Russell 2000) इंडेक्स ‘करेक्शन’ (गिरावट) के दायरे में आ गया। वहीं, अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों को ट्रैक करने वाला एक प्रमुख इंडेक्स लगातार कई दिनों तक गिरता रहा, जो मई 2025 के बाद की सबसे लंबी गिरावट है।

अमेरिका में पिछले पांच महीनों में महंगाई का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा। इससे बाजार के निवेशकों को लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। भले ही अक्टूबर में नीतिगत दरों को स्थिर रखा जाए, लेकिन आगे चलकर दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।

महंगाई के आंकड़े आने के बाद शुरुआत में ट्रेजरी सिक्योरिटीज की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से उन्होंने अपना ज्यादातर नुकसान कवर कर लिया, क्योंकि उन्हें बॉन्ड पर कई सालों के उच्चतम स्तर का रिटर्न (yield) मिल रहा था। वहीं, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई। मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे अमेरिका में महंगाई भी बनी हुई है। इसके चलते अब यह उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त कर सकता है।

AI का दौर

वहीं दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल के बाद अब इक्विटी बाजारों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे कोविड-19 महामारी के बाद से अमेरिकी बाजार में चल रहा स्थिरता का लंबा दौर अब खत्म हो गया है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कारोबार की शुरुआत के साथ ही ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) में तेजी आई, क्योंकि इक्विटी बाजार में बिकवाली के कारण सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ गई। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड 6 बेसिस पॉइंट घटकर 5.12% रह गई, जबकि 2-वर्षीय ट्रेजरी सिक्योरिटीज पर यील्ड 7 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.73% पर आ गई।

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में सुधार आया और यह लगभग 4,140 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बेंचमार्क ‘ब्रेंट’ की कीमत 1.1% गिरकर 104.94 डॉलर प्रति बैरल हो गई, लेकिन पेट्रोलियम की लगातार ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

Asian Market: एशियाई शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। जबकि इससे पहले दो सेशन में गिरावट आई थी। निवेशकों को उम्मीद है कि US फेडरल रिजर्व को अगले साल अपनी पॉलिसी को बहुत ज़्यादा सख्त करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। MSCI के एशिया पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 0.2% की बढ़त हुई। मंगलवार को चिप शेयरों में भारी गिरावट के कारण यह इंडेक्स अगस्त के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। दक्षिण कोरिया का Kospi 1.73% चढ़ा, Taiex में 0.52% और Nikkei 225 में 0.47% की बढ़त हुई, जबकि Topix 0.11% गिर गया। Hang Seng फ्यूचर्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी।

इस क्षेत्र में दूसरी जगहों पर, चीनी शेयरों के फिर से ‘बेयर मार्केट’ (गिरावट वाले बाज़ार) में जाने का खतरा बना हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बात पर शक बढ़ रहा है कि क्या बीजिंग अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कोई बड़ा स्टिमुलस (आर्थिक राहत पैकेज) देगा या नहीं।

CSI 300 इंडेक्स जून के अपने पीक (उच्चतम स्तर) से 15% से ज़्यादा गिर चुका है और अगस्त 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर है।

भारत में, GIFT Nifty – जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन की शुरुआत कैसे करेगा – ने नेगेटिव शुरुआत का संकेत दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शेयर ट्रेडिंग पर लगने वाले ट्रांज़ैक्शन टैक्स पर चर्चा सुनने की इच्छा ज़ाहिर करने के बाद देश के शेयरों पर सबकी नज़र है, क्योंकि देश ज़्यादा कैपिटल इनफ्लो (पूंजी का निवेश) आकर्षित करना चाहता है।

मंगलवार को उनके भाषण के दौरान Nifty 50 में बढ़त जारी रही और यह 1.6% ऊपर बंद हुआ, जो दो महीने से ज़्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी बढ़त थी।

इस बीच, जापान की करेंसी स्थिर रही और शुरुआती कारोबार में 158.33 प्रति डॉलर पर ट्रेड करती रही। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ़ जापान के अधिकारी इस महीने लगातार दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पॉलिसी बनाने वालों ने दिसंबर में एक और कदम उठाने का विकल्प खुला रखा है।

ऑफशोर युआन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 6.6930 प्रति डॉलर पर रहा। वॉल स्ट्रीट पर शांत कारोबार के बाद इस क्षेत्र में रिकवरी दिखी। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि इस साल एक और बार ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए, लेकिन 2027 में और सख्ती की ज़रूरत नहीं है, S&P 500 ने अपनी शुरुआती गिरावट को कम किया और लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

उनके बयानों से टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव कम हुआ और माइक्रोसॉफ्ट रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। न्यूयॉर्क में ट्रेडिंग के दौरान US ट्रेजरी में तेज़ी आई और US डॉलर कमज़ोर हुआ, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों के आउटलुक पर नए संकेतों के लिए बुधवार के US कंज्यूमर प्राइस डेटा का इंतज़ार कर रहे थे।

व्यापक चिंताओं के बावजूद US इक्विटीज़ ने अच्छा प्रदर्शन किया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, मंगलवार तक 53 सेशन में S&P 500 में एक दिन में 1% की गिरावट नहीं देखी गई, जो जनवरी 2020 के बाद से ऐसा सबसे लंबा दौर था।

US अर्निंग्स सीज़न की शुरुआत ने भी सेंटीमेंट को प्रभावित किया। JPMorgan Chase, Citigroup और Wells Fargo, तीनों ने तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड लेंडिंग इनकम दर्ज की, क्योंकि ऊंची दरों के बावजूद ग्राहक लोन लेते रहे।

Goldman Sachs में इक्विटी ट्रेडर्स ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन फिक्स्ड-इनकम और रेट्स ट्रेडिंग वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से काफी पीछे रही। निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेड के बारे में संकेतों के लिए भी अर्निंग्स पर नज़र रखे हुए थे, जिस पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि इस बात पर संदेह है कि क्या अरबों डॉलर खर्च करने से उतना ही रिटर्न मिलेगा।

तेल की कीमतें बढ़ती रहीं। US क्रूड 0.8% बढ़कर लगभग $94.80 प्रति बैरल हो गया, जो लगातार पांचवें दिन की बढ़त थी, क्योंकि वेस्ट एशिया में नए हमलों ने अरब खाड़ी से एनर्जी शिपमेंट की बहाली को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट शुरुआती एशियाई ट्रेडिंग में $106.51 प्रति बैरल तक बढ़ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% बढ़कर $94.81 हो गया। बाज़ारों को चिंता थी कि क्रूड की ऊंची कीमतें महंगाई को लगातार ऊंचा रख सकती हैं, जिससे बुधवार के US महंगाई के आंकड़ों का महत्व और बढ़ गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए ठीक-ठाक संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 1800 करोड़ की बिकवाली हुई है। डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त है। उधर कल US इंडेक्स मिले-जुले रहे। लेकिन एशिया में कमजोर कारोबार होता दिख रहा है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

अनुमान के आसपास रहे HCL टेक के नतीजे

दूसरी तिमाही में HLC टेक के नतीजे अनुमान के आसपास रहे। रेवेन्यू में तीन तो मुनाफे में 11% की बढ़त दिखी। मार्जिन का आंकड़ा उम्मीद से अच्छा रहा। Advanced AI से रेवेन्यू 29% बढ़कर 219 मिलियन डॉलर पर रही। कंपनी ने पूरे कारोबारी साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का लोअर रेंज 1%-4% से बढ़ाकर 2.5%-4% कर दिया है।

RBL Bank के Q2 नतीजे अच्छे

दूसरी तिमाही में RBL Bank ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना हो गया है। ब्याज से होने वाली कमाई में 37 परसेंट का उछाल आया है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है।

ICICI प्रू लाइफ, टाटा एलेक्सी के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल ICICI प्रूडेंशियल लाइफ और Tata elxsi के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में ICICI Pru life का annual premium equivalent यानी APE 18% बढ़ सकता है। वहीं VNB मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है। वहीं टाटा Tata elxsi के मुनाफे में तीन परसेंट तो रेवेन्यू में दो परसेंट की बढ़त संभव है।

TVS ग्रुप में पारिवारिक विवाद

TVS ग्रुप में उत्तराधिकार प्लान पर विवाद शुरू हो गया है। परिवार ओनरशिप और मैनेजमेंट के अधिकारों पर आमने-सामने है। मां मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु ने सेटलमेंट का प्रस्ताव खारिज करते हुए कहा है कि 2024 का फैमिली MOU कोई आर्थिक समझौता नहीं है। परिवार की सभी संपत्तियां कोई एक आदमी नहीं बांट सकता।

23 महीने के ऊपरी स्तर पर रिटेल महंगाई

रिटेल महंगाई 23 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। सितंबर में CPI महंगाई 4.83% से बढ़कर 5.54% पर रही है। खाने-पीने की चीजों के साथ ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

कच्चे तेल में उबाल, 106 डॉलर के करीब

जियो पॉलिटिकल संकट गहराने से कच्चे तेल में उबाल आया है। इसके भाव 106 डॉलर पर पहुंच गए हैं। रुस के यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रा पर हमले से कीमतों में उछाल आया है। हॉर्मूज संकट और हूती-सऊदी के बीच घमासान ने भी सेंटिमेंट खराब किए हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में रिकवरी के बाद,12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क पर फिर से बिकवाली का दबाव दिखा। IT, FMCG और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट के बीच निफ्टी 22,300 के स्तर की ओर फिसल गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी बढ़त के साथ 22,415.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

इस साल मार्केट के सबसे चर्चित सेक्टर में से एक,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर नतीजों के सीज़न से पहले फिर से दबाव बना है,जिससे एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है।

दक्षिण कोरिया और जापान में शेयरों में गिरावट के कारण MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.9% गिर गया है और अगस्त के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है।

AI ट्रेड का पैमाना माने जाने वाले कोस्पी इंडेक्स में 4.8% तक की गिरावट आई है और यह जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है,क्योंकि चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों SK Hynix Inc. और Samsung Electronics Co. के शेयरों में 5% से ज़्यादा की गिरावट आई। टोक्यो में ट्रेडर्स के लंबे वीकेंड के बाद लौटने पर निक्केई 225 इंडेक्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को नैस्डैक कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हमले के बाद तेल की कीमतों में लगभग $2 प्रति बैरल की बढ़ोतरी रही।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 195.60 अंक या 0.38% बढ़कर 51,850.55 पर बंद हुआ। S&P 500 में 4.30 अंक या 0.06% की गिरावट आई और यह 7,807.24 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 120.27 अंक या 0.44% गिर कर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

12 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और सेशन के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

 

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

Asian Market: US अर्निंग्स से पहले AI में बिकवाली बढ़ने से एशियाई स्टॉक्स गिरे, कोस्पी, निक्केई सबसे आगे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हूती हमलों और बॉन्ड की चिंताओं से कोस्पी में गिरावट, एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार

Global Market: दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सोमवार, 12 अक्टूबर को 1.08% गिर गया। दरअसल, निवेशकों ने देश के बॉन्ड मार्केट के लिए मंदी वाले नजरिए पर विचार किया। जानकारों का मानना ​​था कि यील्ड (रिटर्न) फिर से बढ़ सकती है, क्योंकि अस्थिरता को रोकने के सरकारी उपायों का असर कम हो रहा है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ रही हैं।

वहीं निक्केई करीब 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 69,030.92 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.49 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.79 फीसदी गिरकर 49,016.77 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.78 फीसदी की बढ़त के साथ 24,398.00 के स्तर पर नजर आ रहा है

जापान के बाज़ार ‘स्पोर्ट्स डे’ के कारण बंद रहे, जबकि सऊदी अरब पर हूती हमलों ने पूरे क्षेत्र के निवेशकों को परेशान कर दिया। ‘स्पोर्ट्स डे’ एक राष्ट्रीय त्योहार है, जिसे पहली बार 1966 में 1964 के टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत की याद में मनाया गया था।

बाजार इस बात का अनुमान लगा रहे थे कि अगले 6 महीनों में बैंक ऑफ कोरिया ब्याज दरों में कुल मिलाकर 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है।

ट्रेडर्स ने सऊदी अरब पर हूती हमलों पर गौर किया, जिससे पूरे एशिया में सेंटीमेंट पर असर पड़ा। इस ग्रुप ने रविवार को सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे पर फिर से हमला किया; इससे एक दिन पहले हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, विश्लेषकों का कहना है कि तनाव बढ़ने से बड़े संघर्ष का खतरा पैदा हो गया है, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो सकता है और इससे ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार में बाधा आ सकती है। सऊदी अरब एशिया और यूरोप के बीच शिपिंग के लिए अहम ‘बाब अल-मंडेब’ के पास जवाबी कार्रवाई का भी समर्थन कर रहा था।

जापानी येन में डॉलर के मुकाबले 158.28 के स्तर पर बहुत कम बदलाव हुआ, और ऑफ़शोर युआन भी 6.6938 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।

वॉल स्ट्रीट के उतार-चढ़ाव भरे हफ़्ते के बाद अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त देखी गई। S&P 500 मंगलवार को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, लेकिन फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग को लेकर चिंताओं के कारण अगले दो सेशन में गिर गया। शुक्रवार को इसमें फिर से तेजी आई क्योंकि निवेशकों ने एक और मज़बूत अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों का दौर) पर ध्यान दिया और यह अपने पीक (उच्चतम स्तर) के करीब बना रहा। इस हफ़्ते अमेरिका और यूरोप में महंगाई के आंकड़े आने वाले हैं और कई सेंट्रल बैंक अधिकारी भी बोलने वाले हैं। ट्रेडर अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस डेटा और US फ़ेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर बारीकी से नज़र रखेंगे, ताकि उन्हें आगे ब्याज दरें बढ़ने की रफ़्तार के बारे में संकेत मिल सकें।

अगर सितंबर के आंकड़े उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत रहते हैं, तो इससे हाल ही में बॉन्ड की बिकवाली फिर से शुरू हो सकती है क्योंकि फ़ेड को और ज़्यादा सख्ती बरतनी पड़ सकती है। पिछले हफ़्ते 10-साल के US बॉन्ड का यील्ड 5.4% के करीब पहुँच गया था, जो 2002 के बाद सबसे ज़्यादा है। निवेशकों का कहना है कि ज़्यादा यील्ड अब खुद ही उधार लेने की लागत बढ़ाकर सेंट्रल बैंकों का कुछ काम कर रहे हैं।

लगातार चौथे हफ़्ते बढ़त के बाद US डॉलर अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं के मुकाबले एक सीमित दायरे में बना रहा; यह 2025 की शुरुआत के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त का सिलसिला है।

तेल की कीमतों और ईरान के साथ युद्ध ने मुद्रा को सहारा दिया क्योंकि निवेशक सुरक्षा की तलाश में थे। सट्टेबाज़ ट्रेडर तेज़ी की उम्मीद बनाए हुए थे और दांव लगा रहे थे कि US अर्थव्यवस्था अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी को बेहतर ढंग से संभाल सकती है।

सप्लाई की चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। एयरपोर्ट पर हमलों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास टैंकर पर एक नए हमले के बाद ब्रेंट क्रूड में शुरुआती बढ़त हुई और यह 0.7% बढ़कर $105.45 प्रति बैरल हो गया।

इसके बाद बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव आया और शुरुआती एशियाई कारोबार में यह $104 से नीचे गिरकर लगभग $103.51 पर आ गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.5% बढ़कर $92.27 प्रति बैरल हो गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, AI पर खर्च को लेकर बढ़ी चिंता, निक्केई 1% टूटा,

Asian Market Today: एशियाई शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। इसकी वजह वॉल स्ट्रीट पर हुई बिकवाली रही। जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खर्च में तेज़ी के लंबे समय तक बने रहने को लेकर नए शक के कारण हुई थी। शुरुआती कारोबार में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.1% नीचे आ गया। जापान में, निक्केई (Nikkei) बाजार खुलने पर 1% से ज़्यादा गिरा, लेकिन बाद में नुकसान कम हुआ और यह 0.58% नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि टोपिक्स (Topix) में लगभग 0.15% की गिरावट थी। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.1% की मामूली बढ़त हुई।

दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजार बंद रहने के कारण इस सत्र में शामिल नहीं हुए। कोरियाई अल्फाबेट के निर्माण की याद में मनाए जाने वाले ‘हंगुल दिवस’ के कारण कोस्पी बंद था, जबकि ताइवान अपने राष्ट्रीय दिवस के कारण बंद था।

जापानी येन 0.1% कमजोर होकर 158.06 प्रति डॉलर पर आ गया, और ऑफशोर युआन 6.7034 पर लगभग स्थिर रहा।

गुरुवार की बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों पर पड़ा। नैस्डैक 100 में 1.4% की गिरावट आई, जो सात हफ्तों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी, जबकि अमेरिकी चिपमेकर्स का इंडेक्स 3.4% गिर गया। S&P 500 में 0.5% की गिरावट आई। हालांकि, नुकसान सीमित रहा। S&P 500 की दो-तिहाई से ज़्यादा कंपनियों के शेयरों में बढ़त हुई, स्मॉल-कैप शेयरों में कोई खास हलचल नहीं हुई, और निवेशकों ने डिफेंसिव सेक्टर (सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टर) का रुख किया।

फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के कारण यह गिरावट आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि OpenAI का सालाना रेवेन्यू उसके पहले बताए गए स्तर से 20 अरब डॉलर कम है, और ChatGPT बनाने वाली कंपनी लगभग 50 अरब डॉलर के रेवेन्यू की राह पर है।

गुरुवार को यूएस लेबर सचिव के अनुसार यूएस लेबर डिपॉर्टमेंट ने कई सक्रिय संघीय जांचों का हवाला देते हुए माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को अपने परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) प्रोग्राम से निलंबित कर दिया। विभाग ने यह भी कहा कि वह कॉग्निजेंट, इंफोसिस, कैपजेमिनी, विप्रो, टीसीएस और एचसीएलटेक जैसी कंपनियों से नए आवेदन न तो स्वीकार करेगा और न ही उन पर कोई कार्रवाई करेगा।

आईटी इंडस्ट्री की संस्था नैसकॉम ने कहा कि भारतीय कंपनियों ने H-1B वीज़ा पर अपनी निर्भरता कम कर दी है और अमेरिका में स्थानीय स्तर पर लोगों को नौकरी पर रखने का काम लगातार बढ़ाया है। संस्था ने यह भी कहा कि बहुत कम कर्मचारी PERM प्रक्रिया के ज़रिए H-1B स्टेटस से स्थायी निवासी (परमानेंट रेजिडेंसी) बनते हैं।

गुरुवार को US ट्रेजरी बॉन्ड में तेज़ी आई, क्योंकि 30 साल के बॉन्ड की नीलामी में मज़बूत मांग के कारण लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड (लंबे समय के बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न) उन ऊंचे स्तरों से नीचे आ गई, जो दो दशकों से ज़्यादा समय में नहीं देखे गए थे। यह तेज़ी तब और बढ़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वह ईरान पर दोबारा हमला नहीं करेंगे।

इसके बावजूद, लंबे समय के डेट (कर्ज़) में महीनों से जारी बिकवाली की मुख्य वजह यह डर रहा है कि ईरान युद्ध से ऊर्जा की कीमतें और महंगाई ज़्यादा बनी रहेगी, साथ ही सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, US फेडरल रिज़र्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने कहा कि महंगाई को काबू में करने के लिए शायद ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की ज़रूरत होगी।

ट्रंप के वादे से ईरान के साथ नए टकराव का डर कम हुआ, जिससे तेल की कीमतों में गिरावट आई। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.5% गिरकर लगभग $103.80 प्रति बैरल पर आ गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में भी 0.5% की गिरावट आई और यह लगभग $91.05 पर आ गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।