Daily Voice : अमेरिकी मध्यावधि चुनाव बाजार के लिए कर सकते हैं ट्रिगर का काम, चुनिंदा आईटी शेयरों पर रहे नजर

Daily Voice : IT शेयरों में हालिया तेजी भले ही अभी किसी टिकाऊ रिकवरी का संकेत न हो,लेकिन हर उछाल पर आईटी शेयरों में बिकवाली की एकतरफा रणनीति अपनाना भी जल्दबाजी हो सकती है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे बाजारों के लिए एक ट्रिगर का काम कर सकते हैं,लेकिन इस बात की संभावना कम है कि केवल इसी वजह से बाजार में कोई बड़ी तेजी या कच्चे तेल में भारी गिरावट आएगी। ये बातें अल्फएक्यूरेट एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक और संस्थापक राजेश कोठारी ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत में कही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों में आई हालिया तेजी पॉजिटिव संकेत है लेकिन निवेशकों को अभी यह नहीं मान लेना चाहिए कि इस सेक्टर में टिकाऊ तेजी की शुरुआत हो गई है। पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने से पहले तेल सप्लाई की स्थिति,डॉलर,बॉन्ड यील्ड और कॉर्पोरेट अर्निंग पर नजर रखने की जरूरत है।

आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत

राजेश कोठारी के मुताबिक IT शेयरों में हालिया तेजी उत्साहजनक है,लेकिन इसे एक टिकाऊ तेजी मान लेने में सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेजी इंडस्ट्री की अर्निंग आउटलुक से मेल खाती है या यह सिर्फ ‘ओवरसोल्ड’लेवल्स से आई खरीदारी है? हमें आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत है:

मांग की स्थिति: विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में टाले जा सकने वाला टेक्नोलॉजी खर्च (discretionary technology spending)अहम बना हुआ है। बेहतर सौदे हासिल करने का नतीजा रेवेन्यू ग्रोथ के रूप में दिखना चाहिए।

AI से बदलाव और अवसर: AI कमाई के नए स्रोत पैदा कर सकता है, लेकिन यह पारंपरिक बिलिंग मॉडल को भी बदल सकता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।

वैल्यूएशन और अर्निंग आउटलुक: भारी तेजी के बाद, जिन शेयरों की कीमत उनकी कमाई की संभावनाओं से आगे निकल गई है, उनमें मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखने को मिल सकती है।

राजेश कोठारी का मानना ​​है कि आईटी सेक्टर में तेजी आने पर हर शेयर बेच देने की रणनीति जल्दबाजी हो सकती है, लेकिन इस तेजी के पीछे भागना भी कोई समझदारी नहीं है। आईटी में उन कंपनियों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं, जिनके ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध हैं और जिनके पास AI से कमाई करने के ठोस मौके हैं। ऐसी कंपनियों से दूर रहने की जरूरत है जो अभी भी कमजोर मांग से जूझ रही हैं।

क्या आप कंजम्पशन सेक्टर को लेकर सतर्क हैं? कंजम्पशन डिमांड और इससे जुड़े शेयरों पर आपकी क्या राय है?

राजेश कोठारी ने कहा कि कंजम्पशन सेक्टर को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के बजाय,चुनिंदा रुख अपनाना पसंद करेंगे। जरूरी चीजों पर होने वाले खर्च और गैर-जरूरी (वैकल्पिक) चीजों पर होने वाले खर्च के बीच का अंतर समझना जरूरी है। कई ‘फास्ट फ्रीक्वेंसी’ डेटा इंडिकेटर कंजम्पशन ट्रेंड में सुधार दिखा रहे हैं (जैसे रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, टू-व्हीलर की बिक्री में बढ़ोतरी, आदि)।

इस सेक्टर में ऐसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनके पास मजबूत ब्रांड, अच्छा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कीमतों को तय करने की ताकत, अच्छी बैलेंस शीट और सही वैल्यूएशन हों। वैकल्पिक उपभोग (discretionary consumption) के सेक्टर में केवल कीमतों में बढ़ोतरी पर निर्भर रहने के बजाय, बिक्री की मात्रा (volume) में बढ़त के संकेतों पर भी नजर रखने की जरूरत है।

क्या आप आने वाले समय में ‘अल नीनो’ (El Niño) को बड़ा जोखिम मानते हैं? इसका महंगाई, ग्रामीण मांग और भारत के विकास पर क्या असर पड़ सकता है?

इसके जवाब उन्होंने कहा कि ‘अल नीनो’ एक जोखिम तो है,लेकिन इसे देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि भारत के विकास का पूरा आउटलुक ही खराब हो जाएगा। कोई निष्कर्ष निकालने से पहले फसल उत्पादन, जलाशयों के जल-स्तर, खाने-पीने की चीजों की कीमतों के रुझान और ग्रामीण मांग के इंडीकेटरों पर नजर रखने की जरूरत है।

Q2FY27 में बैंकों के नतीजे कैसे रह सकते है? क्या इनके मौजूदा वैल्यूएशन अच्छे लग रहे है या इन स्तरों से आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित है?

इसके जवाब में राजेश कोठारी ने कहा कि बैंक शेयरों का प्रदर्शन उत्साहजनक है। ज़्यादातर बैंकों ने लोन वितरण (डिस्बर्समेंट) में अच्छी बढ़ोतरी और मज़बूत एसेट क्वालिटी की जानकारी दी है। अच्छे बैंकों में मध्यम अवधि के नजरिए निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं लेकिन वैल्यूएशन के नजरिए से चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।

ऐसे बैंकों पर फोकस करने की सलाह होगी जिनकी अर्निंग ग्रोथ को टिकाऊ कोर इनकम,अच्छी एसेट क्वालिटी और मजबूत फंडिंग फ्रेंचाइजी का सपोर्ट हासिल हो। अगले दो से तीन तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की स्थिति कैसी रहती है, इस पर भी नजर रहनी चाहिए।

 

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

JIO Platforms के IPO को लेकर फुल जोश में मार्केट दिग्गज, 4 साल में मार्केट कैप डबल होने की जता रहे उम्मीद

Jio Platforms IPO : जियो प्लेटफार्म्स के IPO का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आज यह इश्यू एंकर निवेशकों के लिए खुला। इसमें घरेलू और विदेशी कंपनियां बढ़ चढ़कर बोलियां लगा सकती हैं। बुधवार से यह IPO सभी निवेशकों के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। Jio Platforms अपने 30000 करोड़ से ज्यादा के इश्यू साइज से भारतीय बाजार में एक नया इतिहास रचने जा रही है। डिजिटल इंडिया के इस पोस्टर BOY ने महज 10 सालों में देश में डिजिटल क्रांति की इबारत लिखी है। ये सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, उससे कहीं बढ़कर है। यह देश का सबसे बड़ा डिजिटल और मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क है।

JIO PLATFORMS के IPO को लेकर बाजार के दिग्गज फुल जोश में हैं। दिग्गज निवेशकों ने इसमें बढ़कर चढ़कर निवेश करने की सलाह दी है। एनाम ग्रुप के को-फाउंडर वल्लभ भंशाली ने कहा है। सिर्फ 10 साल में बेहतरीन कंपनी बनकर तैयार हुई है। रमेश दमानी ने कहा है कि जियो IPO को निवेशक हाथों हाथ लेंगे। उधर देवेन चोकसी ने कहा है कि कंपनी की ग्रोथ बेहतरीन है। इसका मार्केट कैप 4 साल में डबल हो जाएगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर उदय कोटक ने कहा कि यह दुनिया की अकेली ऐसी कंपनी है जिसके पास प्रोपराइटरी एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी (Proprietary End-to-End Connectivity है। समय के साथ लगातार तेज ग्रोथ बनी हुई है।

फिच रेटिंग्स के डायरेक्टर, गिरीश मदान ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स मार्केट लीडर है। आगे ARPU बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी की बैलेंस शीट दमदार है। कंपनी की नेट डेट टू EBITDA 1x से कम है। यह आगे और नीचे आएगा। कंपनी क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है।

JIO IPO पर मार्केट एक्सपर्ट राकेश बंसल ने कहा कि जियो IPO के लिए नए डीमैट अकाउंट खुल रहे हैं। वहीं, कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा ने कहा कि अच्छे वैल्युएशन पर, निवेशकों के लिए इसमें कमाई के अच्छे मौके हैं।

JIO IPO पर SMIFS की राय है कि इसमें निवेशक लंबे वक्त के लिए सब्सक्राइब करें। रेलिगेयर की भी इसमें सब्सक्राइब करने की सलाह है। मोतीलाल ओसवाल का भी JIO IPO पर पॉजिटिव व्यू है।

बोनांजा का कहना है का JIO IPO का वैल्युएशन वाजिब है। यह भारती से डिस्काउंट पर मिल रहा है। अर्निंग ग्रोथ और टैरिफ बढ़ने पर आगे ठीक-ठाक ग्रोथ देखने को मिलेगी। वहीं, मंगलदास केशव का कहना है कि JIO IPO उम्मीद से बेहतर वैल्युएशन पर आय है। IPO प्राइसिंग वाजिब नजर आ रही है।

JIO IPO पर वेंचुरा की राय है कि आगे टैरिफ बढ़ोतरी और प्रीमियमाइजेशन अहम फैक्टर का काम करेंगे। यह भारती के इंडिया टेलीकॉम कारोबार के मुकाबले प्रीमियम पर है।

दिग्गज निवेशकों की राय

इसके साथ ही बाजार के दिग्गज निवेशक भी जियो प्लेटफॉर्म जैसे बड़े IPO को भारतीय बाजार की मजबूती की कहानी कह रहे हैं। सभी ने एक लाइन में कहा निवेशक जियो IPO को हाथों हाथ लेंगे। BSE के मेंबर और बाजार के दिग्गज निवेश रमेश दमानी के मुताबिक जियो के IPO को निवेशक हाथों हाथ लेंगे। जियो के 55 करोड़ ग्राहक हैं जो एक तिहाई भारतीयों को सेवा दे रही है। सिर्फ 10 साल में मुकेश अंबानी ने जियो को IPO के लिए तैयार कर दिया। हैरानी होती है कि भारत में जियो जैसी इतनी बड़ी कंपनी है। मुकेश अंबानी हर बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करते हैं। मुकेश अंबानी ने 10 साल में जियो को IPO के लिए तैयार किया। निवेशक जियो IPO को हाथों हाथ लेंगे।

HDFC AMC के MD नवनीत मुनोत ने कहा कि भारतीय बाजार में बड़े IPO आ रहे हैं। बड़े IPOs बाजार की मजबूती बता रहे हैं। कंपनियां अरबों डालर जुटाने में कामयाब हो रही हैं। भारतीय बाजार में काफी मजबूती है।10 साल पहले जियो ने बड़ी शुरुआत की। जियो प्लेटफॉर्म अब बड़ी रकम जुटा रहा है।

DRChoksey FinServ के MD,देवेन चौकसी ने कहा कि JIO IPO निवेशकों के लिए बेहतर मौका है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए है। पिछले कुछ साल में EBITDA ग्रोथ 18% रही। अगले कुछ साल में 20% CAGR ग्रोथ की उम्मीद। अगले 4 साल में इसका EBITDA दोगुना हो सकता है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।

Elixir Equities के डायरेक्टर दीपन मेहता के मुताबिक जियो के IPO का वैल्युएशन काफी अच्छा है और लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद है। AI और डाटा सेंटर इंडस्ट्री इसके लिए ग्रोथ का अहम ट्रिगर होंगे। डाटा कंजम्प्शन बढ़ने से इंडस्ट्री ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। जियो IPO को लेकर आउटलुक पॉजिटिव है।

 

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।

ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।

मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।

 

Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कत

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sensex-Nifty Recovery: इस लेवल से वापस घूमा मार्केट, 460 प्वाइंट्स चढ़ा सेंसेक्स, 4 वजहों से निफ्टी ग्रीन

Share Market Recovery: निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर पर अच्छी रिकवरी की। निचले स्तर से सेंसेक्स 460.00 प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी 22750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक छाई हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मिडकैप 100 भी ग्रीन है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें फिलहाल 12:03 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 317.24 प्वाइंट्स यानी 0.44% की बढ़त के साथ 72846.31 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 30.25 प्वाइंट्स यानी 0.13% की मजबूती के साथ 22746.45 पर है।

इंट्रा-डे में सेंसेक्स 89.02 प्वाइंट्स टूटकर 72,440.05 तक आया जिससे यू-टर्न लेकर यह 459.59 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा और 72,899.64 तक पहुंच गया तो दूसरी तरफ 56.40 टूटकर 22,659.80 तक आने के बाद निफ्टी 112.00 प्वाइट्स रिकवर हुआ और 22,771.80 तक पहुंचा।

Sensex-Nifty Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX की नरमी से मार्केट पाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल यह 0.76% की गिरावट के साथ 13.31 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स का मजबूत सपोर्ट

फार्मा और मेटल स्टॉक्स मार्केट को तोड़ने की कोशिश में हैं लेकिन बैंकिंग और आईटी शेयर इसे संभालने की कोशिश में हैं। निफ्टी फार्मा में डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोरी है और निफ्टी मेटल भी करीब 1% टूटा है तो दूसरी तरफ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ आईटी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत दिख रहे हैं।

तकनीकी वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक आगे और बेयरेश सेंटिमेंट तभी दिखेगा, जब निफ्टी 22,650 के नीचे आता है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म रुझान कमजोर बना हुआ है लेकिन पुलबैक रैली की भी संभावना बनी हुई है। श्रीकांत के मुताबिक डे-ट्रेडर्स के लिए 22,600/72,200 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस लेवल के ऊपर बने रहने से निफ्टी 22,850–23,000 और सेंसेक्स 73,000–73,500 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर सपोर्ट जोन टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,500–22,300/72,000–71,400 की तरफ खिसक सकते हैं। इसका मतलब हुआ कि मार्केट में उठा-पटक की संभावना बनी हुई है।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि मार्केट की कमजोरी बनी रहती है तो यह 22,400 के अहम सपोर्ट एरिया की तरफ फिसल सकता है। यह एरिया पिछले दो वर्षों के अहम निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 200-हफ्ते के EMA को जोड़ने वाला प्वाइंट है। उनका कहना है कि 22,830 के ऊपर जाने पर 23,000 के लेवल की तरफ पुलबैक का संकेत मिलेगा। हालांकि इसके लिए जरूरी होगा कि निफ्टी लगातार हायर हाई-हायर लो स्ट्रक्चर बनाना होगा और 23,000-23,100 का लेवल फिर से हासिल करना होगा। अगर यह 23,100 के ऊपर लगातार बना रहा तो गिरावट थमने का संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि डेली स्टॉकेस्टिक 13 पर आ गया है जोकि ओवरसोल्ड टेरिटरी में है यानी कि तेज रिकवरी की सभावना बनी हुई है।

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद अहम टेक्निकल लेवल पर खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर आ सकता है। हालांकि FIIs यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता की बात बनी हुई है और इससे रिकवरी सीमित हो सकती है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट जोन के करीब होने के कारण इंट्रा-डे प्राइस एक्शन सतर्कता के साथ एक दायरे में रह सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 15 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 10 शेयर, टाटा ग्रुप और आईटी स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। HDFC Bank में MD और CEO की नियुक्ति को लेकर हलचल है। वहीं Tata Group, IT, फार्मा और ब्रोकिंग स्टॉक्स से जुड़े अहम अपडेट भी हैं। इन खबरों का असर मंगलवार को शेयरों की चाल पर दिख सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने अगले MD और CEO की नियुक्ति को लेकर दो नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। इनमें एक इंटरनल और एक एक्सटर्नल उम्मीदवार है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Kaizad M Bharucha इंटरनल उम्मीदवारों में शामिल हैं, जबकि दूसरा नाम एक अन्य प्राइवेट बैंक के टॉप एग्जीक्यूटिव का है। HDFC Bank का ADR शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 6.5% चढ़ा।

Info Edge

इंटरनेट सर्विसेज कंपनी Info Edge ने लीडरशिप में बदलाव किया है। Adobe Systems India के पूर्व MD नरेश चंद गुप्ता को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है। हिमांशु अग्रवाल नए CFO होंगे। गुप्ता 1 अक्टूबर से पांच साल के लिए बोर्ड में शामिल होंगे, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि आंध्र प्रदेश स्थित उसके API मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का US FDA इंस्पेक्शन पूरा हो गया है। इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला। यह इंस्पेक्शन 7 से 11 सितंबर 2026 के बीच हुआ था।

Indiabulls

एनबीएफसी कंपनी Indiabulls ने Fintech Cloud Private Limited में 70% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹1,050 करोड़ की डील की है। इस सौदे से कंपनी फिनटेक टेक्नोलॉजी स्पेस में एंट्री करेगी।

Raymond

टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग कंपनी Raymond ने बताया कि उसकी एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एक डिफेंस कंपनी से नया कारोबार मिला है। इसकी सालाना संभावित वैल्यू करीब ₹33 करोड़ है। ऑर्डर में 300 से ज्यादा पार्ट नंबर और हर साल 37,000 से ज्यादा कंपोनेंट शामिल हैं।

HDFC Life Insurance

बीमा कंपनी HDFC Life Insurance पर जुलाई 2017 से मार्च 2022 की अवधि के लिए ₹942.18 करोड़ का GST डिमांड कन्फर्म हुआ है। इसके अलावा ₹2,422.97 करोड़ की पेनल्टी भी लगाई गई है। इस पर लागू ब्याज भी देना होगा।

Granules India

फार्मा कंपनी Granules India के प्रमोटर डॉ. कृष्ण प्रसाद चिगुरुपति ने 11 सितंबर को 1.72 करोड़ शेयर बेचे। यह बिक्री ब्लॉक और ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए हुई। इससे मिले फंड का इस्तेमाल प्रेफरेंशियल इश्यू की दूसरी किस्त और ग्रोथ प्लान के लिए किया जाएगा।

Jubilant Pharmova

फार्मा कंपनी Jubilant Pharmova ने बताया कि US FDA ने वॉशिंगटन के Spokane स्थित उसके CMO फैसिलिटी को “Voluntary Action Indicated” यानी VAI कैटेगरी में रखा है। यह फैसला 8 से 17 जून 2026 के बीच हुए इंस्पेक्शन के बाद आया है।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने बताया कि उसकी सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरिक दवा कीमतों से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले में वादी के साथ समझौता किया है। इसमें Sun Pharmaceutical Industries Inc., Taro Pharmaceutical Industries और Taro Pharmaceuticals USA शामिल हैं। समझौते की रकम सार्वजनिक नहीं की गई है।

Coforge

आईटी सर्विसेज कंपनी Coforge में बोर्ड स्तर पर बदलाव हुआ है। डीके सिंह ने तत्काल प्रभाव से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और Nomination and Remuneration Committee के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया है। Beth Boucher को NRC का नया चेयरपर्सन बनाया गया है।

Tata Group Stocks

केमिकल कंपनी Tata Chemicals समेत अन्य Tata Group Stocks पर फोकस रहेगा। सूत्रों के मुताबिक RBI ने Tata Sons की एप्लीकेशन खारिज कर दी है। इसका मतलब है कि Tata Sons को RBI के नियमों के मुताबिक लिस्टिंग करनी होगी।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियां मंगलवार को फोकस में रहेंगी। OpenAI, Anthropic और चीन के सिक्योरिटी चीफ ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद ग्लोबल मार्केट में ज्यादातर AI से जुड़े शेयरों में कमजोरी देखी गई।

Broking Stocks

स्टॉक एक्सचेंज BSE और ब्रोकिंग कंपनियां Angel One समेत अन्य ब्रोकिंग स्टॉक्स मंगलवार को फोकस में रह सकते हैं। SEBI के CAS से जुड़े कंसल्टेशन पेपर में पांच सुझाव दिए गए हैं। इनमें VWAP सिस्टम, CAS स्टॉक्स की नॉर्मल कैश ट्रेडिंग, लाइव इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू पर रोक और स्पूफिंग पर सख्ती जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। Jefferies के मुताबिक इन प्रस्तावों से अनिश्चितता कम होगी और ब्रोकर्स व एक्सचेंजों के लिए यह सकारात्मक है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Stocks : आईटी में अब इंडेक्स के बजाय इंडिविजुअल स्टॉक्स पर करें फोकस, एकतरफा तेजी की उम्मीद नहीं

IT Stocks : बाजार में एक ऐसा भी समय था जब आईटी सेक्टर से हर कोई दूर रहना चाहता था। एआई की सुनामी की वजह से सब डरे हुए थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से या फिर कुछ हफ्ते से आईटी सेक्टर में एक ठहराव सा दिखा है या यह भी कह सकते हैं कि इसमें मजबूती दिख रही है। ऐसे में अब सेक्टर पर क्या रणनीति होनी चाहिए इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आईटी पर हम तब बुलिश हुए थे जब इंडेक्स 27,000 पर था। वहां से 31,000 तक का मूव आ चुका है। अब आईटी व्यू बहुत क्लियर है। अब आप आईटी में एकतरफा तेजी नहीं देख सकते, जैसा कि पहले हमने 27,000 के स्तर से देखा था।

निफ्टी आईटी अभी भी 200 डे मूविंग एवरेज क्रॉस नहीं कर पाया है। ऐसे में अभी भी यह कहना बहुत मुश्किल है कि ये एक बेयर मार्केट रैली है या एक नई रैली की शुरुआत है। लेकिन एक बड़ा मूव प्ले हो चुका है। ऐसे में अब आईटी में स्पेसिफिक स्टॉक्स पर फोकस करने की जरूरत है। किसी एकतरफा तेजी की उम्मीद न करें। इस समय आईटी के तीन-चार स्टॉक्स, जैसे कि कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और ओएफएसएस के शेयर अच्छे लग रहे है। टाटा टेक भी अच्छा लग रहा है।

आईटी में अब इंडेक्स पर फोकस करने के बजाय इंडिविजुअल स्टॉक्स पर फोकस करें,क्योंकि आईटी में जो बड़ी ट्रेड थी वो प्ले आउट हो चुकी है। हालांकि, अगर आईटी इंडेक्स 32500 को क्रॉस करेगे तो शायद आपको आईटी इंडेक्स में बड़ी ट्रेड प्ले आउट होगी।

AnandRathi Wealth के ज्वाइंट CEO फिरोज अजीज ने कहा कि उन्होंने जून महीने में कहा था कि आईटी अपने सबसे बुरे दौर से बाहर आ चुका है। हम अक्सर यही देखते हैं कि निफ्टी को सालाना आधार पर कौन 3-4 फीसदी से आउटपरफार्म कर सकता है। हम शॉर्ट टर्म रैली नहीं देखते है। हमें पहले निफ्टी की तुलना में निफ्टी आईटी में 3-4 फीसदी के आउटपरफार्मेंस का अंदाजा लगाया है। पिछले 1-1.5 महीनों में हमें ऐसा ही देखने को मिला है। अब यहां से हमें निफ्टी आईटी से इतनी ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए। फिर भी हमें इसमें 2-3 फीसदी का एक्सेस रिटर्न देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बंद्दोपाध्याय का कहना है कि आईटी तो एक वैल्यू ट्रैप है। एआई रिलेटेड डिसरप्शन रियल है। इस डिसरप्शन से बाहर कौन आएगा वो तो समय बताएगा। लेकिन इस समय फंडामेंटली मीडियम टर्म के नजरिए से आईटी से दूर रहने की सलाह होगी। लार्ज कैप्स से तो बिल्कुल ही दूर रहने की जरूरत है। हालांकि, एआई पर फोकस करने वाली मिड कैप आईटी की चुनिंदा कंपनियों पर नजर रहनी चाहिए।

SW Capital के डायरेक्टर पंकज जैन ने कहा कि अभी आईटी से रिस्क रिवॉर्ड लार्जकैप आईटी के पक्ष में अच्छे होते दिख रहे हैं। आईटी शेयरों के पिछले 4-5 हफ्तों के मूव से कुछ अच्छे सिगनल मिले हैं। इनके नतीजे भी उम्मीद से अच्छे रहे हैं। साथ ही इनकी मैनेजमेंट कमेंट्री भी अच्छी रही है। लार्जकैप आईटी को लेकर उम्मीदें दिख रही है। लेकिन इस सेक्टर में बहुत स्टॉक स्पेसिफिक रहने की जरूरत है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

Market cues : बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

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Share Market Rally: रक्षाबंधन को 358 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty भी मजबूत

Share Market Rally: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक और आईटी सेक्टर में खरीदारी के मजबूत रुझानों पर सवार घरेलू स्टॉक मार्केट में भी जोश आ गया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 358 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी चढ़कर 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:08 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 302.45 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 77,236.04 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 61.00 प्वाइंट्स यानी 0.25% के उछाल के साथ 24,151.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 357.86 प्वाइंट्स उछलकर 77,291.45 और निफ्टी भी 75.40 प्वाइंट्स चढ़कर 24,166.25 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज आईटी सेक्टर से शानदार सपोर्ट मिला है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 3% उछल पड़ा। इसे दक्षिण कोरिया के टेकहैवी इंडेक्स कोस्पी की तेज गिरावट से सपोर्ट मिला है। आमतौर पर एआई से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट से आईटी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलता है। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयर मार्केट पर दबाव डाल रहे हैं लेकिन सरकारी बैंकों और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में गिरावट हल्की ही है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.08% की गिरावट के साथ 10.95 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। ताइवान के ताइवान वेटेड और जापान के निक्केई 225 में करीब 1-1% की बढ़त है तो सिंगापुर के स्ट्रैट टाइम्स और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में भी अच्छी बढ़त है। वहीं दक्षिण कोरिया को कोस्पी में 1% से अधिक तो थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Nifty का टेक्निकल आउटलुक

ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए। इस स्तर के ऊपर जाने यानी ब्रेकआउट से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म में इसे 24,000-23,800 के लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।