Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में ये 5 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर से 19 जून को पर्दा हट गया। कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स फाइल कर दिया। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जियो प्लेटफॉर्म्स आज ही सेबी के पास पेपर्स फाइल करेगी। अब देश की सबसे टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास जो डीआरएचपी फाइल किया है, उससे कंपनी के बारे में कई अहम बातें पता चलती हैं। इस आईपीओ में बोली लगाने से पहले इनवेस्टर्स को ये बातें जरूर जाननी चाहिए। इनसे जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति, फ्यूचर प्लान और स्ट्रेंथ का पता चलेगा।

1. रेवेन्यू

वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 14.6 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। यह FY25 में 1.28 लाख करोड़ रुपये था। बीते दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू 34 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। इसमें अच्छी सब्सक्राइबर ग्रोथ, ज्यादा ARPU और डिजिटल सर्विसेज के विस्तार का हाथ है। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बिजनेस शुरू करने के सिर्फ 10 सालों में यह उपलब्धि हासिल की है।

2. आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल

कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि वह आईपीओ से आने वाले करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स पर कर्ज का बोझ नहीं रह जाएगा। इससे फ्यूचर्स की टेक्नोलॉजी में उसे निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी इनवेस्टर्स को करीब 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

3. कस्टमर्स की संख्या

जियो प्लेटफॉर्म्स के डीआरएचपी के मुताबिक, सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के ग्राहकों की संख्या इस साल मार्च के अंत में 52.44 करोड़ थी। एक साल पहले यह 48.82 करोड़ थी। इसका मतलब है कि FY26 में कंपनी ने 3.62 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स बनाए। यह FY25 में बनाए गए 64 लाख नए कस्टमर्स की संख्या से काफी ज्यादा है।

4. कंपनी का भविष्य

जियो प्लेटफॉर्म्स का फोकस डिजिटल सर्विसेज पर है। इसकी सेवाओं का दायरा काफी व्यापक है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में देश में ब्रॉडबैंड और डिजिटल सर्विसेज पर लोगों की निर्भरता बढ़ेगी। कंपनी का फोकस इंटिग्रेटेड डिजिटल एक्सपीरियंस ऑफर करने पर है। कंपनी अपने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ा निवेश कर रही है। उसका जोर दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर है। इससे आने वाले समय में उसे ARPU बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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5. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66% हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। दुनिया की कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़ी हिस्सेदारी है। इसमें Meta, Google, सऊदी अरबिया वेल्थ फंड्स, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबादला, जीए सिंगापुर, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और टीपीजी कैपिचल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। इसका मतलब है कि कंपनी को पूंजी के लिए कभी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल सर्विसेज बिजनेस में पूंजी की काफी जरूरत पड़ती है।

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बनाया बुक रनिंग लीड मैनेजर, ₹37700 करोड़ जुटाने की रहेगी कोशिश

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने IPO के लिए शुक्रवार, 19 जून को ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर दिया। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 137 अरब डॉलर आंकी गई है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने अपने प्रस्तावित IPO के लिए 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। यह किसी एक पब्लिक ऑफरिंग के लिए नियुक्त किए गए बैंकों की संख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा मामला है।

DRHP के अनुसार, इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

इन 19 इनवेस्टमेंट बैंकों में से कोटक महिंद्रा कैपिटल को कैपिटल स्ट्रक्चरिंग, DRHP ड्राफ्टिंग, SEBI और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के नियमों का पालन, कानूनी विज्ञापन, मध्यस्थों की नियुक्ति और घरेलू संस्थागत मार्केटिंग के लिए लीड कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।

Jio IPO जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर

19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

NSE IPO के लिए 20 बैंकर

हाल ही में, NSE ने घोषणा की थी कि उसके प्रस्तावित IPO में लगभग 20 बैंकर होंगे, जो किसी एक इश्यू के लिए बैंकरों की सबसे ज्यादा संख्या होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी सेबी के पास अपने IPO का ड्राफ्ट जमा कर चुका है। इससे करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने का प्लान है। IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। शेयरों को बिक्री के लिए रखने वालों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। NSE में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाली LIC कोई शेयर नहीं बेचेगी।

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देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है Jio IPO

Jio का पब्लिक इश्यू भारत में अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है।

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Reliance AGM 2026: JioHotstar बना भारत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म, FY26 में 45.1 करोड़ रहे मंथली एक्टिव यूजर

रिलायंस जियो के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म JioHotstar ने वित्त वर्ष 2025-26 में 45.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) दर्ज किए। यह भारत के डिजिटल एंटरटेनमेंट मार्केट में इसकी बढ़ती पहुंच को दिखाता है। यह बात रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के चेयरमैन और जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान कही। आकाश अंबानी के मुताबिक, JioHotstar भारत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। वहीं दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया है। इस प्लेटफॉर्म पर साल के दौरान औसतन 45.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर रहे।

यह भी कहा कि JioHotstar ने अपनी तरह का पहला ‘कंटेंट कॉमर्स मॉडल’ पेश किया है। यह एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के अंदर ही एक मार्केटप्लेस क्रिएट करता है, जिससे यूजर्स ऐप से बाहर निकले बिना अपना पसंदीदा कंटेंट देखते हुए आसानी से खरीदारी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी लाइव स्ट्रीमिंग क्षमताएं लगातार ग्लोबल बेंचमार्क सेट कर रही हैं। हाल ही में हुए T20 वर्ल्ड कप में, जिसमें भारत जीता था, JioHotstar ने भारत में इसे एक साथ देख रहे 7.25 करोड़ दर्शकों (कंकरेंट व्यूअर्स) का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। आज, दुनिया भर में किसी कंटेंट को एक साथ देख रहे दर्शकों के 10 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में से 9 रिकॉर्ड JioHotstar के नाम हैं। IPL 2026 के दौरान हमारे प्लेटफॉर्म पर 70 करोड़ से ज्यादा दर्शक जुड़े, जो हमारे डिजिटल इकोसिस्टम की बेजोड़ पहुंच को दिखाता है।”

JioStar का पहला पूरा साल शानदार तरीके से खत्म

वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस के मीडिया बिजनेस के शानदार प्रदर्शन पर जोर देते हुए आकाश अंबानी ने कहा कि JioStar ने अपने कामकाज का पहला पूरा साल शानदार तरीके से खत्म किया। यह Jio Studios और Network18 के साथ मिलकर भारत के सबसे बड़े मीडिया इकोसिस्टम की मुख्य कड़ी बनकर उभरा। बीते वित्त वर्ष के दौरान कंबाइंड मीडिया बिजनेस ने 34,917 करोड़ रुपये का रेवेन्यू, 5,842 करोड़ रुपये का EBITDA और 3,434 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया।

RIL AGM 2026 Live:

यह भी कहा कि JioStar 34.7 प्रतिशत व्यूअरशिप शेयर के साथ भारत के टेलीविजन एंटरटेनमेंट सेक्टर में अपना दबदबा बनाए हुए है। यह हिस्सेदारी अगली 3 सबसे बड़ी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी के लगभग बराबर है। यह नेटवर्क अलग-अलग जॉनर और भाषाओं में रोजाना 38.9 करोड़ दर्शकों तक पहुंचता है।

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Jio Platforms का आएगा मेगा आईपीओ, कंपनी आज सेबी के पास डीआरएचपी फाइल करेगी

रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन एवं एमडी मुकेश अंबानी ने 19 जून को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने आरआईएल की 49वी एजीएम में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) को मंजूरी दे दी है। इसे आज यानी 19 जून को सेबी के पास फाइल कर दिया जाएगा।

आकाश, ईशा और अनंत जियो प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे

अंबानी ने 19 जून को RIL के एजीएम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शेयर्ड ग्रोथ यानी साझा विकास के धीरूभाई अंबानी की विरासत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “आकाश, ईशा और अनंत जियो के आईपीओ के प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे भविष्य में अगली पीढी की वैल्यू क्रिएशन के मौके बनेंगे।”

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जियो ने वॉयसेज को ग्राहकों के लिए फ्री किया

अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो ने भारत में डिजिटल असमानता खत्म करने के मकसद के साथ शुरुआत की थी। तब वॉयसेज बहुत महंगे थे। डेटा के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती थी और स्पीड और क्वाविलीट काफी खराब थी। जियो ने वॉयस को फ्री कर दिया। हाई स्पीड डेटा को सस्ता बना दिया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अगली पीढ़ी के मिशन की तैयारी में

आरआईएल के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने जियो ने हर भारतीय के लिए डिजिटल लाइफ को मुमकिन बनाया है। अब कंपनी अगली पीढी के बड़े मिशन की तैयारी कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का काफी समय से इंतजार हो रहा था। 19 जून को यह इंतजार खत्म हो गया।

जियो प्लेटफॉर्म्स देश का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इस मेगा आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिल सकता है। रायटर्स ने इस साल जनवरी में कहा था कि यह आईपीओ 4 अरब डॉलर का हो सकता है। इसका मतलब है कि यह 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। इस तरह यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।

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Reliance AGM 2026 Live Updates: मुकेश अंबानी ने RIL AGM को किया संबोधित, सभी की निगाहें Jio IPO, AI प्लान्स पर

Reliance AGM 2026 live: रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जल्द ही होने वाली है, जिसमें इन्वेस्टर कंपनी के कुछ खास ग्रोथ बिज़नेस के अपडेट्स पर करीब से नज़र रखेंगे।उम्मीद है कि इसका फोकस Jio IPO, नए एनर्जी सेगमेंट में प्रोग्रेस और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एम्बिशन पर रहेगा।

मार्केट रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर भी करीब से नज़र रखेगा। कंपनी डेटा सेंटर इन्वेस्टमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ज़रिए अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फुटप्रिंट को बढ़ा रही है, जिसमें हाल ही में मेटा के साथ जामनगर में घोषित 168 MW का AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भी शामिल है।

एक और जिस एरिया पर करीब से नज़र रखी जाएगी, वह है रिलायंस का नया एनर्जी बिज़नेस। इन्वेस्टर कंपनी के सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइज़र प्रोडक्शन के प्लान्स के साथ-साथ उसके कच्छ एनर्जी कॉम्प्लेक्स में डेवलपमेंट्स पर अपडेट्स मांगेंगे।

FY26 में देखे गए मार्जिन प्रेशर के बीच ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिज़नेस पर मैनेजमेंट कमेंट्री भी फोकस में रहेगी। इसके अलावा, मार्केट डिविडेंड, टेलीकॉम टैरिफ और ग्रुप की बैलेंस शीट पर किसी भी कमेंट पर नज़र रखेगा क्योंकि रिलायंस अपने कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेस को बढ़ाना जारी रखे हुए है।

आखिर में, इन्वेस्टर संभावित रिलायंस रिटेल IPO पर सिग्नल देखेंगे। रिटेल ब्रांच कंपनी के लिए एक बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर उभरी है, और लिस्टिंग प्लान या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ टारगेट पर किसी भी कमेंट पर स्ट्रीट की करीबी नज़र रहेगी।