अफ्रीका में भारत का गौरव! गुजरात के भाई-बहन ने केन्या पुलिस को कराया ऐतिहासिक योग, बना दिया नया विश्व कीर्तिमान

अफ्रीका में भारत का गौरव! गुजरात के भाई-बहन ने केन्या पुलिस को कराया ऐतिहासिक योग, बना दिया नया विश्व कीर्तिमान

जब पूरा भारत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मना रहा था, उसी समय अफ्रीका की धरती पर भी भारतीय संस्कृति और योग की गूंज सुनाई दे रही थी। ह्रिम योगशाला, संतरामपुर की संस्थापक राजवी शैलेष मेहता (युवा योगिनी) एवं सह-संस्थापक राज शैलेष मेहता (युवा उद्यमी, संस्कृति प्रचारक एवं विश्व के सबसे युवा ऑटोमोबाइल कंपनी के संस्थापक) ने केन्या में विशाल योग सत्र आयोजित कर भारत का गौरव बढ़ाया।

 

योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केन्या गणराज्य के राष्ट्रपति माननीय डॉ. विलियम रूटो के नेतृत्व में केन्या पुलिस सेवा द्वारा प्रथम सत्र में लगभग 4000 पुलिस अधिकारियों को लगातार 72 मिनट तक योग कराया गया। इसके बाद दूसरे सत्र में 260 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (नैरोबी सिटी काउंटी अधिकारी) को 150 मिनट तक योगाभ्यास करवाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति से हुई। इसके साथ ही योग के माध्यम से भारतीय परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर राज शैलेष मेहता ने भारतीय पारंपरिक परिधान धोती धारण कर भारतीय संस्कृति एवं वेशभूषा का भी प्रचार-प्रसार किया।

 

राजवी शैलेष मेहता और राज शैलेष मेहता सगे भाई-बहन हैं। दोनों मूल रूप से गुजरात के छोटे से कस्बे संतरामपुर के निवासी हैं। उच्य शिक्षा के लिए वे अहमदाबाद में बस गए, लेकिन अपनी भारतीय संस्कृति और योग की परंपरा को विश्वभर में पहुँचाने का संकल्प निरंतर निभा रहे हैं।

राज शैलेष मेहता ने बताया कि जैसा की आदरणीय मोदी जी ने लगातार 12 वर्षो से अधिक भारतवर्ष मे योगा के प्रति अलख जगाई उसी प्रकार हमने उन पुलिस अधिकारियों को योग कराया जो दिन-रात समाज की सुरक्षा के लिए अनेक मानसिक तनाव और चुनौतियों का सामना करते हैं। योग उनके मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से हमने अफ्रीका की धरती पर लगभग 3,27,000 मिनट के सामूहिक योग अभ्यास का यह ऐतिहासिक आयोजन किया, जिसमें सभी अधिकारी अपनी आधिकारिक यूनिफॉर्म में शामिल हुए। ओर इस तरीके के आयोजनो से दोनों देशो के मध्य रिश्ते ओर मजबूत होंगे ओर हमारा लक्ष्य है की वैश्विक स्तर पर रक्षा दलो को कुल 60 लाख मिनिट का योग समर्पित करना है। 

 

इस आयोजन ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की महत्ता को नई पहचान दिलाई, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और “योग से विश्व कल्याण” के संदेश को भी पूरी दुनिया तक पहुँचाने का कार्य किया। भाई-बहन की इस उपलब्धि पर भारत और गुजरात के लोगों में गर्व और हर्ष का वातावरण है।

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 12,000 लोगों ने योग किया:इंडियन कॉन्सुलेट में कई देशों के राजनयिक शामिल हुए

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में शनिवार को 12 हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया। दुनिया के सबसे व्यस्त चौराहों में गिने जाने वाले इस जगह पर अलग-अलग देशों और समुदायों के लोग योग करने के लिए जुटे। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण योग गुरु डॉ. एच.आर. नागेंद्र रहे। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार 12 हजार से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। प्रतिभागियों ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर योग करना एक अनोखा अनुभव है और इससे लोगों को शांति का एहसास होता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से दुनिया के कई देशों में हर साल बड़े पैमाने पर योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क में योग गुरु एचआर नागेंद्र का ध्यान सत्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित इंडियन कॉन्सुलेट में योग गुरु एच आर. नागेंन्द्र के नेतृत्व में विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। योग गुरु नागेंद्र ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, लेकिन योग और विशेष प्राणायाम की मदद से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन विज्ञान है, जो केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन, प्राण, भक्ति और बुद्धि को भी समझने का रास्ता दिखाता है। कॉन्सुल जनरल बोले- अमेरिका में योग की लोकप्रियता बढ़ रही भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण योग केंद्रों और कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी है। उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और आज यह 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। प्रेम भंडारी पिछले एक दशक से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। 3 लोगों के साथ योग शुरू हुआ, 12 हजार तक पहुंचा टाइम्स स्क्वायर में योग कार्यक्रम की शुरुआत 21 जून 2003 को सिर्फ तीन लोगों के साथ हुई थी। बाद में यह आयोजन धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो गया। आज यहां पूरे दिन सात मुफ्त योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। एक प्रतिभागी ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर में योग करना एक जादुई अनुभव है, जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग एक साथ आकर सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। वहीं एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर योग करना यह महसूस कराता है कि भागदौड़ और शोर के बीच भी शांति और स्थिरता हासिल की जा सकती है। यह कार्यक्रम इंडियन कॉन्सुलेट और उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के सहयोग से हुआ। इसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, योग संस्थानों, आध्यात्मिक संगठनों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया के राजनयिकों समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम योग और ध्यान के जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 12,000 लोगों ने योग किया:इंडियन कॉन्सुलेट में कई देशों के राजनयिक शामिल हुए

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में शनिवार को 12 हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया। दुनिया के सबसे व्यस्त चौराहों में गिने जाने वाले इस जगह पर अलग-अलग देशों और समुदायों के लोग योग करने के लिए जुटे। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण योग गुरु डॉ. एच.आर. नागेंद्र रहे। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार 12 हजार से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। प्रतिभागियों ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर योग करना एक अनोखा अनुभव है और इससे लोगों को शांति का एहसास होता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से दुनिया के कई देशों में हर साल बड़े पैमाने पर योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क में योग गुरु एचआर नागेंद्र का ध्यान सत्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित इंडियन कॉन्सुलेट में योग गुरु एच आर. नागेंन्द्र के नेतृत्व में विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। योग गुरु नागेंद्र ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, लेकिन योग और विशेष प्राणायाम की मदद से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन विज्ञान है, जो केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन, प्राण, भक्ति और बुद्धि को भी समझने का रास्ता दिखाता है। कॉन्सुल जनरल बोले- अमेरिका में योग की लोकप्रियता बढ़ रही भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण योग केंद्रों और कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी है। उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और आज यह 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। प्रेम भंडारी पिछले एक दशक से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। 3 लोगों के साथ योग शुरू हुआ, 12 हजार तक पहुंचा टाइम्स स्क्वायर में योग कार्यक्रम की शुरुआत 21 जून 2003 को सिर्फ तीन लोगों के साथ हुई थी। बाद में यह आयोजन धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो गया। आज यहां पूरे दिन सात मुफ्त योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। एक प्रतिभागी ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर में योग करना एक जादुई अनुभव है, जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग एक साथ आकर सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। वहीं एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर योग करना यह महसूस कराता है कि भागदौड़ और शोर के बीच भी शांति और स्थिरता हासिल की जा सकती है। यह कार्यक्रम इंडियन कॉन्सुलेट और उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के सहयोग से हुआ। इसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, योग संस्थानों, आध्यात्मिक संगठनों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया के राजनयिकों समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम योग और ध्यान के जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।

योग के दौरान हाथी बने साथी, बंगाल में हुआ अनूठा आयोजन; देखें वीडियो

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पूरी दुनिया में योग मनाया गया। लेकिन पश्चिम बंगाल में कुछ अलग अंदाज में योग दिवस मनाया गया। यहां पर प्रकृति के खूबसूरत नजारों के बीच हाथियों के साथ योग मनाया गया।

International Yoga Day 2026: गुजरात में योग दिवस का उत्सव, CM भूपेंद्र पटेल ने मानसा में किया सामूहिक योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया। “स्वस्थ जीवन के लिए योग” थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम में गुजरात योग बोर्ड के अध्यक्ष शिशपाल राजपूत तथा मानसा के विधायक जे.एस. पटेल भी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और फिट जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

 

विश्व योग दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। 

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में योग प्रेमी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

इस अवसर पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया और सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।

 

कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कराया गया। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी से पूरा वातावरण योगमय हो गया। विश्व योग दिवस के इस आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। Edited by : Sudhir Sharma

स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की आधारशिला है ‘योग’

'समत्वं योग उच्यते' अर्थात् संतुलन ही योग है… श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण का यह संदेश जहां समूचे विश्व को संतुलित करने का सूत्र है, वहीं महर्षि पतंजलि ने पतंजलि योग सूत्र में 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोध' के माध्यम से मानव जीवन को स्वस्थ और निरोग रहने का मार्ग प्रदान किया है। भारत की यही सनातन योग परंपरा विश्व को शरीर, मन और आत्मा के स्तर पर संतुलित और समृद्ध बनाने का आधार है।

सदियों पूर्व ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित जीवन पद्धति आज संपूर्ण विश्व के लिए सुख, शांति और संतुलन का मार्ग है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि योग विश्व मानवता के कल्याण का माध्यम बन गया है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की गई।

यह निर्णय भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन के प्रति विश्व समुदाय के सम्मान का प्रतीक है। दुनियाभर के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। यह भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक नेतृत्व का प्रमाण है। इस वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' रखी गई है।

 

मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इस वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस पर मध्यप्रदेश की पावन धरती पर आयोजित समारोह में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। उनका आगमन मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह सुखद संयोग है कि योग के वैश्विक आंदोलन में मध्यप्रदेश को विशेष भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

 

प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए हैं। स्वस्थ नागरिक विकसित और समृद्ध राष्ट्र का आधार है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए 'घर-घर योग- हर व्यक्ति निरोग' अभियान शुरू किया गया है।

प्रदेश में 800 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों तथा विभिन्न चिकित्सालयों में नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षित योग शिक्षकों द्वारा छोटे-छोटे समूहों में भी नागरिकों को योगाभ्यास करवाया जा रहा है। योग-सखी और योग-दूत गांव-गांव और शहर-मोहल्लों तक योग का संदेश पहुंचा रहे हैं।

 

प्रदेश में 12 मई से आरंभ हुआ अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस आयोजन 'हर घर योग अभियान' से जनभागीदारी का नया अध्याय लिख रहा है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन योग सत्रों का लाभ प्रदेश के लोगों को प्राप्त हो रहा है।

हम सभी के लिए गौरव की बात है कि विगत दिनों इंदौर स्थित मालवांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित योग महोत्सव में 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक योग कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। योग 'वन अर्थ-वन हेल्थ' विचार को व्यवहार में उतारने का माध्यम है जो हमें स्वयं, समाज और प्रकृति से जोड़ता है। यह शरीर को स्वस्थ रखने के साथ जीवन को संतुलित, सार्थक और उत्कृष्ट बनाता है।

 

मध्यप्रदेश सरकार ने योग को पर्यावरण-संरक्षण और जनकल्याण से भी जोड़ा है। विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस तक विशेष जन-अभियान संचालित किया जा रहा है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से पर्यावरण-संरक्षण और योग से स्वास्थ्य संरक्षण पर कार्य किया जा रहा है। प्रकृति और मानव स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। योग हमें प्रकृति संग सह-अस्तित्व का जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यही भारतीय जीवन-दर्शन का मूल तत्व भी है।

 

मध्यप्रदेश सरकार आयुष चिकित्सा, योग वेलनेस सेंटर, आरोग्य मंदिरों तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से योग को जनांदोलन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक योग से लाभ प्राप्त करे और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाए।

 

मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि मध्यप्रदेश में जनवरी 2027 में 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतनाः समग्र कल्याण के लिए योग' विषय पर वैश्विक सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश, भारत की सभ्यतागत चेतना का वैश्विक प्रतिनिधित्व करेगा।

 

आज जब दुनिया तनाव, अवसाद, जीवनशैली जनित रोगों और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में योग मानवता के लिए बड़ा संबल है। ऐसे यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुखी जीवन का आधार है।अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प है। यह भारत की उस प्राचीन चेतना का उत्सव है, जिसने सदियों से मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है।

हमें गर्व है कि आज पूरी दुनिया योग को अपनाकर भारत के इस अमूल्य ज्ञान का लाभ प्राप्त कर रही है। मैं, प्रदेश के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजन, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों और सामाजिक संगठनों से आग्रह करता हूं कि वे योग गतिविधियों से जुड़ें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

 

आइए, हम सभी मिलकर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। अपने परिवार और समाज को इससे जोड़ें तथा स्वस्थ मध्यप्रदेश, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में सहभागी बनें। अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस की प्रदेशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं…
(लेखक- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)

Yoga day 2026: 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस? पीछे छिपा है खास कारण

योग भारत की एक प्राचीन परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम मानी जाती है। यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आंतरिक मजबूती प्रदान करती है। योग के इसी महत्व को समझते हुए हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

आज के समय में बढ़ते तनाव और व्यस्त जीवन में योग और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। यह न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। इसी वजह से योग दिवस को वैश्विक स्तर पर बड़े उत्साह और भागीदारी के साथ मनाया जाता है।

योग दिवस की शुरुआत

योग दिवस की शुरुआत का श्रेय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान योग को वैश्विक मंच पर मान्यता देने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का अनमोल उपहार है, जो मानवता को शरीर और मन के बीच संतुलन सिखाता है। इस प्रस्ताव को दुनियाभर के देशों ने समर्थन दिया।

संयुक्त राष्ट्र का ऐतिहासिक फैसला

11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 69/131 को स्वीकार किया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 देशों का समर्थन मिला, जो योग की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। इसके बाद से हर साल पूरी दुनिया में योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

21 जून ही क्यों चुना गया?

21 जून को योग दिवस के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह दिन “समर सॉल्स्टिस” का होता है, जो उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है। यह दिन प्रकाश, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। भारतीय परंपराओं में भी इस समय को आध्यात्मिक साधना और आत्म-चिंतन के लिए बेहद उपयुक्त माना गया है।

योग दिवस का उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूक करना है। यह दिन तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। आज योग दुनिया भर में लोगों को जोड़ने और स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करने का एक वैश्विक माध्यम बन चुका है।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जन आंदोलन बनाने की तैयारी पूरी, 1.42 करोड़ बच्चों के साथ योगमय होगा उत्तर प्रदेश

Preparations underway to turn International Yoga Day into mass movement in Uttar Pradesh

– योगी सरकार ने छात्रों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अभिभावकों की व्यापक सहभागिता की सुनिश्चित

– योगी सरकार ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को बनाया नोडल अधिकारी

– 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 78 हजार से अधिक छात्राएं भी होंगी शामिल

– 21 जून को 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में होगा सामूहिक योगाभ्यास

– गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के बनेंगे साक्षी

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं को योग से जोड़ने की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को प्रदेशभर के विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास होगा, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अभिभावक सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण और समन्वय के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। योग को जन आंदोलन और स्वस्थ जीवनशैली का आधार बनाने की दिशा में योगी सरकार की सतत पहल का प्रभाव इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी दिखाई देगा, जहां गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के साक्षी बनेंगे। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर विद्यार्थियों के जीवन में स्वस्थ आदतों और सकारात्मक जीवनशैली का स्थायी संदेश बन सके।

 

विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग का होगा आयोजन

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योग का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सके।

 

नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विद्यालयों में नियमित योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

21 जून को होने वाला यह व्यापक आयोजन न केवल योग की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
Edited By : Chetan Gour 

योगा दिवस 2026: सेहतमंद बने रहने के लिए करें ये 5 शानदार योगासन

Girl practicing meditation and yoga

21 जून: विश्व योग दिवस 2026: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, काम का स्ट्रेस और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल हमें शारीरिक और मानसिक रूप से थका देता है। ऐसे में खुद को रीबूट करने और सेहतमंद बनाए रखने के लिए योग से बेहतर और कुछ नहीं। योग सिर्फ कसरत नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में पिरोने का विज्ञान है। इस योग दिवस पर अपने दैनिक जीवन में शामिल करें ये 5 शानदार योगासन, जो आपको ताउम्र निरोगी और ऊर्जावान बनाए रखेंगे।

 

1. सूर्य नमस्कार (Sun Salutation)- संपूर्ण शरीर का वर्कआउट

अगर आपके पास समय की कमी है और आप केवल एक ही आसन करना चाहते हैं, तो सूर्य नमस्कार को चुनें। यह 12 शक्तिशाली आसनों का एक खूबसूरत क्रम है।

फायदे: यह सिर से लेकर पैर तक पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त करता है, वजन घटाने में मदद करता है और शरीर को गजब का लचीलापन (Flexibility) देता है।

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2. ताड़ासन (Mountain Pose)- सुदृढ़ पोस्चर और संतुलन

सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर की ओर खींचते हुए पंजों के बल आना, ताड़ासन कहलाता है। यह दिखने में जितना सरल है, इसके लाभ उतने ही गहरे हैं।

फायदे: यह रीढ़ की हड्डी (Spine) को सीधा और मजबूत करता है, शरीर का पोस्चर सुधारता है और बच्चों की लंबाई बढ़ाने में बेहद मददगार है।

 

3. पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)- तनाव से मुक्ति

बैठकर पैरों को सीधे फैलाते हुए, आगे की ओर झुककर अंगूठे को छूना पश्चिमोत्तानासन है। यह आसन आज के समय की सबसे बड़ी समस्या 'तनाव' पर सीधा वार करता है।

फायदे: यह रीढ़ की हड्डी और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। साथ ही, यह पेट के अंगों को टोन करके पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है और मन को गहरी शांति देता है।

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4. भुजंगासन (Cobra Pose)- पीठ दर्द का काल

पेट के बल लेटकर शरीर के अग्रभाग (धड़) को ऊपर उठाना भुजंगासन या कोबरा पोज कहलाता है। दिनभर कंप्यूटर के सामने बैठने वालों के लिए यह वरदान है।

फायदे: यह पीठ और कमर के निचले हिस्से के दर्द को जड़ से खत्म करता है। यह फेफड़ों को खोलता है जिससे श्वसन तंत्र मजबूत होता है और रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।

 

5. शवासन (Corpse Pose)- गहरी शिथिलता और ध्यान

सभी आसनों को करने के बाद अंत में पीठ के बल लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देना ही शवासन है। इसे करना सबसे आसान है, लेकिन इसके मानसिक लाभ अद्भुत हैं।

फायदे: यह शरीर की थकान को तुरंत मिटाकर नई ऊर्जा भरता है। हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा (Insomnia) और एंग्जायटी से परेशान लोगों के लिए यह आसन किसी रामबाण से कम नहीं है।

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एक छोटा सा संकल्प:-

योग किसी एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। इस योग दिवस पर खुद से वादा करें कि आप रोज़ाना कम से कम 20 से 30 मिनट योग को ज़रूर देंगे। स्वस्थ रहें, मस्त रहें और योग को अपनाएं!

Yoga Day 2026: डिप्रेशन और माइग्रेन से राहत दिला सकते हैं ये 5 योगासन, जानिए सही तरीका

The picture shows a girl meditating, while the others are performing yoga postures.

21 June World Yoga Day : ज़िंदगी की भागदौड़, तनाव और अंतहीन चिंताएं अक्सर हमारे मन को दुखों से भर देती हैं। जब यह दुख परमानेंट ठिकाना बना ले, तो डिप्रेशन और माइग्रेन जैसी अनचाही कड़वाहटें ज़िंदगी में घुलने लगती हैं। अगर आप भी सिरदर्द की इस टीस और उदासी के साए से परेशान हैं, तो इस योग दिवस पर खुद को एक नया मौका दें। अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें ये 5 जादुई योग टिप्स और पाइए एक सुकून भरी मुस्कुराती हुई ज़िंदगी।

 

1. सांसों का संतुलन: तीन खास प्राणायाम

मन को शांत और सिर को हल्का करने के लिए चंद्रभेदी, सूर्यभेदी और भ्रामरी प्राणायाम को अपना हमसफ़र बना लीजिए। इन्हें सीखना बेहद आसान है, लेकिन इनका असर सीधा आपके मानसिक तनाव को जड़ से मिटाने पर होता है।

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2. आसनों से जगाएं ऊर्जा

शरीर और मस्तिष्क में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए योग मैट बिछाइए। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से जानुशिरासन, सुप्तवज्रासन, पवनमुक्तासन, पश्चिमोत्तानासन, उष्ट्रासन या ब्रह्ममुद्रा का अभ्यास कर सकते हैं। अगर वक्त की कमी है, तो इन सब की जगह रोज़ाना कुछ चक्र सूर्य नमस्कार के कर लेना ही काफी है।

 

3. ध्यान: मानसिक डिटॉक्स

अगर आप आसनों के चक्रव्यूह में नहीं पड़ना चाहते, तो कोई बात नहीं। रोज़ाना बस 10 मिनट के लिए मौन होकर ध्यान (Meditation) में बैठ जाएं। यह आपके दिमाग के सारे क्लटर (कबाड़) को साफ कर देगा।

 

4. डीप ब्रीदिंग: सांसों का गणित

व्यस्तता के बहाने छोड़िए और सांस लेने का यह सिंपल फॉर्मूला आज़माइए। पेट तक एक गहरी लंबी सांस अंदर खींचें, फिर उसे दोगुने समय के लिए अंदर ही रोक कर रखें (कुंभक), और फिर धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर छोड़ दें। इस प्रक्रिया को कम से कम 10 बार दोहराएं। यह डिप्रेशन के लिए इंस्टेंट रिलीफ का काम करता है।

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5. योग निद्रा: सुकून का रामबाण इलाज

तनाव भगाने का सबसे रिलैक्सिंग तरीका है योग निद्रा। रोज़ाना सिर्फ 20 मिनट के लिए योग निद्रा की मुद्रा में लेट जाएं और बैकग्राउंड में अपना पसंदीदा शांत संगीत चलाकर उसमें खो जाएं। साथ ही 5 मिनट का ध्यान और भ्रामरी प्राणायाम इसमें जोड़ लें, तो यह माइग्रेन और डिप्रेशन के खिलाफ आपके लिए सबसे अचूक और रामबाण हथियार साबित होगा।

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