योगी सरकार के निपुण मॉडल को समझने गाजियाबाद पहुंचे 5 देशों के प्रतिनिधि

योगी सरकार के निपुण मॉडल को समझने गाजियाबाद पहुंचे 5 देशों के प्रतिनिधि

Nipun Bharat Mission

Nipun Bharat Mission: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुनियादी शिक्षा और बच्चों की सीखने की क्षमता  को मजबूत करने के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय पीयर-लर्निंग का विषय बन रहे हैं। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत भारत में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) सुधारों को समझने के उद्देश्य से केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों का लगभग 70 सदस्यीय दल गाजियाबाद पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने परिषदीय विद्यालयों में कक्षा शिक्षण का प्रत्यक्ष अवलोकन कर निपुण भारत की नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन को समझा।

 

23 से 27 अगस्त तक चल रहे सप्ताहभर के पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर गाजियाबाद के नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 विद्यालयों का भ्रमण कराया गया। प्रतिनिधियों ने कक्षा-कक्ष में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया देखी तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से संवाद किया।

 

गाजियाबाद के परिषदीय विद्यालयों में पांच देशों के प्रतिनिधियों का यह अध्ययन दौरा उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन सुधारों को नीति से कक्षा तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा सीख का अवसर प्रदान कर रहा है।

यह है उद्देश्य

कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन सुधारों को समझना और अनुभव साझा करना है। गाजियाबाद के विद्यालयों में कक्षा शिक्षण के प्रत्यक्ष अवलोकन और शिक्षा अधिकारियों के साथ तकनीकी संवाद के माध्यम से प्रतिनिधियों ने एफएलएन सुधारों के जमीनी क्रियान्वयन को करीब से समझा।

शिक्षा विभाग के साथ हुई तकनीकी चर्चा

विद्यालयों के दौरे के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई। इसमें गाजियाबाद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और राज्य संसाधन समूह के सदस्य शामिल हुए। चर्चा में पाठ्यक्रम एवं अध्ययन उद्देश्यों, संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही सुधारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मिडिल टीयर की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

नीति से कक्षा तक की प्रक्रिया को समझा

विद्यालय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने यह जाना कि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत तैयार नीतियों और एफएलएन सुधारों को कक्षा स्तर पर किस तरह लागू किया जा रहा है। विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया, अकादमिक सहयोग और बच्चों की सीख से जुड़े अनुभवों को समझा गया।

 

ज्ञात हो कि लाइटहाउस इंडिया इमर्शन कार्यक्रम की मेजबानी सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन कर रहा है। यह भारत की एंकर लाइटहाउस संस्था है। कार्यक्रम में सेंट्रो लेमन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है तथा ग्लोबल स्कूल फोरम, ऑप्टिमा और गेट्स फाउंडेशन द्वारा इसका वित्तपोषण किया जा रहा है।

परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए अगस्त में दो बड़े टीकाकरण अभियान चलाएगी योगी सरकार

UP Basic Schools Vaccination: योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का भी सशक्त माध्यम बना रही है। अगस्त माह में विद्यालयों के माध्यम से दो विशेष टीकाकरण अभियान संचालित किए जाएंगे, जिससे बच्चों को गंभीर संक्रामक बीमारियों के विरुद्ध दोहरा सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया जा सके।

पहले चरण में 3 से 7 अगस्त तक टीडी/टीडीएपी (टिटनेस, डिप्थीरिया एवं काली खांसी) तथा दूसरे चरण में 18 से 28 अगस्त तक एमआर (मीजल्स-रूबेला) टीकाकरण अभियान संचालित होगा। अभियान के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में परिषदीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त विद्यालयों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत पात्र बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

 

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जनपद में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से विस्तृत कार्य-योजना तैयार करेंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालयवार माइक्रोप्लान तैयार कराएंगे। उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और अभियान समयबद्ध ढंग से पूरा हो। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं। इसका उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का भी मजबूत केंद्र बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र बच्चे को गंभीर संक्रामक बीमारियों से समय पर सुरक्षा मिल सके।

डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी से बचाव के लिए पहला चरण

3, 4, 6 और 7 अगस्त को आयोजित होने वाले टीडी/टीडीएपी अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में अध्ययनरत 5 से 6 वर्ष (संभावित कक्षा-1), 10 वर्ष (संभावित कक्षा-5) तथा 16 वर्ष (संभावित कक्षा-10 एवं 11) आयु वर्ग के बच्चों को आयु के अनुरूप टीडीएपी-2, टीडी-10 तथा टीडी-16 की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में 50 से 75 बच्चों को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान से पूर्व राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण, समन्वय बैठकें तथा विद्यालयवार तैयारी पूरी की जाएगी।

खसरा और रूबेला पर दूसरे चरण में होगा व्यापक प्रहार

पहले चरण के बाद 18 से 28 अगस्त तक एमआर (मीजल्स-रूबेला) अभियान संचालित होगा। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एमआर वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन 100 से 125 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों की रोकथाम को और मजबूती मिलेगी।

विद्यालय स्तर पर होगी व्यापक तैयारी

दोनों अभियानों के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा। विद्यालयवार माइक्रोप्लान तैयार होंगे, जबकि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों के सहयोग से पात्र बच्चों की सूची तैयार की जाएगी। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए प्रार्थना सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठकें तथा जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे अधिकाधिक बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।

डिजिटल मॉनिटरिंग से होगी सतत समीक्षा

अभियानों की प्रगति की निगरानी राज्य एवं जिला स्तर पर नियमित रूप से की जाएगी। सभी गतिविधियों की सूचना निर्धारित पोर्टलों पर अपलोड की जाएगी तथा प्रतिदिन समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होगी। अभियान की गुणवत्ता, टीकाकरण की प्रगति तथा छूटे हुए बच्चों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

 

UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में भरे जाएंगे 23,899 पद

UP Teacher Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में जल्द ही बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। राज्य के शिक्षा सेवा चयन आयोग को सहायता प्राप्त माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भेज दिया गया है। इसके बाद से समझा जा रहा है कि राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द रफ्तार पकड़ सकती है। उत्तर प्रदेश में 23,899 पदों पर नई दों शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। इसके तहत टीजीटी के 17740, पीजीटी के 2615 और सहायक अध्यापकों के 897 कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन यूपीईएसएससी को भेज दिया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के ई-अधियाचन पोर्टल पर कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन अपलोड कर दिया। इससे पहले शिक्षा निदेशालय ने एडेड हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के 1172 और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा था। इस प्रकार कुल 23899 पदों के रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को मिल चुकी है। आयोग पहले रिक्त पदों का परीक्षण करेगा और उसके बाद भर्ती का विज्ञापन जारी होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अधियाचन अपलोड होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है।

जल्द शुरू होगी भर्ती

प्रवक्ता और प्राइमरी अध्यापकों के अधियाचन अपलोड होने से इन पदों पर जल्द भर्ती की उम्मीद जगी है। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने में जुट सकता है। सूत्रों के अनुसार, चयन आयोग पहले टीजीटी-पीजीटी और अन्य पदों पर भर्ती शुरू करेगा। परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के खाली पद का कार्यभार संभाल रहे ऐसे सहायक अध्यापक जिन्होंने बकाया वेतन देने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की है उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। याचिका दाखिल करने की तिथि से उन्हें पिछले तीन साल का बकाया वेतन एरियर के रूप में दिया जाएगा। इस संबंध में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि अगर किसी बीएसए द्वारा किसी याचिकार्ता शिक्षक को प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया हो। वहीं उस सहायक अध्यापक की ओर से प्रधानाध्यापक का वेतन प्राप्त करने के लिए बीएसए को प्रार्थना पत्र भी दिया गया हो। ऐसी स्थिति में बीएसए तथ्यात्मक रूप से जांच करेंगे कि क्या सहायक अध्यापक के रूप में शिक्षक ने पांच वर्ष का अनुभव पूरा कर लिया है? क्या वह वास्तव में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो याचिकाकर्ता को प्रधानाध्यापक के पद का बकाया वेतन याचिका करने की तारीख से अधिकतम तीन साल का ही दिया जाएगा। भले ही वह इससे ज्यादा समय से इस पद पर कार्य कर रहे हों।

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मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से बच्चों को परोसा भोजन, किताब-कॉपी पाकर खिल उठे नौनिहालों के चेहरे

Chief Minister Yogi served food to children with his own hands

– मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान

– मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों का कराया अन्नप्राशन, कक्षाओं में जाकर बच्चों से किया संवाद

– प्रदर्शनी का अवलोकन कर मुख्यमंत्री योगी ने जाना बच्चों का नवाचार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किताब-कॉपी, बैग, स्टेशनरी किट पाकर नौनिहालों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि स्कूल आओगे, इस पर सभी बच्चों ने मुस्कुराकर स्कूल आने का वादा किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों के नवाचार को भी जाना। मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदर्शनी में शामिल बच्चों के आत्मविश्वास की भी सराहना की। परिषदीय विद्यालयों की बच्चियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल और मंच पर बच्चों से संवाद किया तथा उन्हें चॉकलेट भी दीं। 

 

भोजन मंत्र के उपरांत बच्चों ने किया भोजन 

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथ से भोजन परोसा। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री योगी का साथ दिया। बच्चों ने भोजन ग्रहण करने से पहले मंत्रपाठ किया। प्रदेश के मुखिया को अपने लिए भोजन परोसते देखकर बच्चे आह्लादित हो उठे।

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मुख्यमंत्री योगी ने नन्हे-मुन्नों से किया परिचय

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री योगी क्लासरूम पहुंच गए। उन्होंने यहां एक-एक कर सभी बच्चों से नाम पूछा और उनसे बातचीत की। बच्चे भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुशी से उनसे बातचीत करते रहे। बच्चों ने मुख्यमंत्री के प्रश्नों के बालसुलभ निश्छल उत्तर दिए तो सभी खिलखिला उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रशंसा कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें चॉकलेट भी दीं।

 

बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए नन्हे-मुन्नों का अन्नप्राशन भी कराया। विपरीत मौसम के कारण क्लास रूम में ही यह आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को चंदन/टीका लगाकर खीर खिलाई और उपहारस्वरूप उन्हें खिलौने भी दिए। जिन बच्चों का अन्नप्राशन हुआ, वे मुख्यमंत्री की गोद में भी खेले।

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मुख्यमंत्री के हाथों 5 बच्चों को मिली कॉपी-किताबें, बैग व स्टेशनरी किट 

साक्षी – कक्षा-1, पीएम श्री विद्यालय, बडढ़ा खेड़ा विकास क्षेत्र सरसावा 

आरव – कक्षा-1, मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय, सढौली हरिया विकास क्षेत्र रामपुर मनिहारान

लव्यांश – कक्षा-1, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलपुर विकास क्षेत्र पुंवारका

अस्मिता – कक्षा-1, प्राथमिक विद्यालय, पानसर विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद

रविंद्र – कक्षा-4, पीएम श्री विद्यालय, दलहेडी विकास क्षेत्र नानौता 

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5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का सम्मान 

मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का भी सम्मान किया। सम्मान पाने वालों में निम्न प्रधानाध्यापक शामिल रहे।
 

इंदु बेस – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुतुबपुर लबडोला विकास क्षेत्र नागल

कुलदीप अरोड़ा – प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, सरसावा नंबर-1 विकास क्षेत्र सरसावा

अश्वनी कुमार शर्मा – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, तबर्रकपुर विकास क्षेत्र गंगोह

राज सिंह – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, घान्ना खंडी विकास क्षेत्र पुंवारका

मोहिनी पाल – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – कंपोजिट विद्यालय, खिड़का जुनारदार विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जन आंदोलन बनाने की तैयारी पूरी, 1.42 करोड़ बच्चों के साथ योगमय होगा उत्तर प्रदेश

Preparations underway to turn International Yoga Day into mass movement in Uttar Pradesh

– योगी सरकार ने छात्रों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अभिभावकों की व्यापक सहभागिता की सुनिश्चित

– योगी सरकार ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को बनाया नोडल अधिकारी

– 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 78 हजार से अधिक छात्राएं भी होंगी शामिल

– 21 जून को 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में होगा सामूहिक योगाभ्यास

– गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के बनेंगे साक्षी

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं को योग से जोड़ने की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को प्रदेशभर के विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास होगा, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अभिभावक सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण और समन्वय के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। योग को जन आंदोलन और स्वस्थ जीवनशैली का आधार बनाने की दिशा में योगी सरकार की सतत पहल का प्रभाव इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी दिखाई देगा, जहां गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के साक्षी बनेंगे। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर विद्यार्थियों के जीवन में स्वस्थ आदतों और सकारात्मक जीवनशैली का स्थायी संदेश बन सके।

 

विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग का होगा आयोजन

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योग का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सके।

 

नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विद्यालयों में नियमित योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

21 जून को होने वाला यह व्यापक आयोजन न केवल योग की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
Edited By : Chetan Gour 

UP School Summer Holidays Extended: यूपी के स्कूलों में छात्रों की मौज, गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मावकाश बढ़ा और अब 25 जून से खुलेंगे स्कूल

UP School Summer Holidays Extended: उत्तर प्रदेश सरकार के एक फैसले से राज्य के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की मौज हो गई है। प्रदेश सरकार ने राज्य में जारी मौजूदा हीटवेव के हालात को देखते हुए बेसिक एजुकेशन काउंसिल और मान्यता प्राप्त संस्थानों के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 24 जून तक बढ़ा दी हैं। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिया गया है, जिसमें सरकार ने राज्य भर में बढ़ते तापमान के बीच बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अच्छी शिक्षा को मुख्य प्राथमिकता बताया है।

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है। इस ऑर्डर के मुताबिक, अब हर साल 20 मई से 24 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी और छात्रों की नियमित कक्षाएं 25 जून से शुरू होंगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गर्मी की छुट्टियों के बाद मंगलवार को स्कूल खुले थे, लेकिन नए ऑर्डर के साथ इसे बढ़ा दिया गया है और अब यह 25 जून को फिर से खुलेंगे।

22, 23 और 24 जून टीचर स्कूलों में उपस्थित रहेंगे 

बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.राकेश कुमार ने बताया कि शिक्षक व शिक्षणोत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे। 25 जून से शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित होगा। शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारियों के लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को स्कूलों में उपस्थित रहना होगा। इस दौरान लेसन प्लान तैयार करने, मिड-डे मील की व्यवस्था, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता, विद्यालय परिसर, रसोई और शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था तथा स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को क्रियाशील रखने जैसे कार्य पूरे किए जाएंगे।

21 जून को स्कूलों में होगा सामूहिक योगाभ्यास 

आदेश में यह भी कहा गया है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा।

220 कार्य दिवसों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी आदेश में राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत हर शैक्षिक सत्र के दौरान कम से कम 220 कामकाजी दिनों और नियमित शिक्षण गतिविधियों को सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में सभी जिला मजिस्ट्रेट (DMs) को कोई भी लोकल छुट्टी घोषित करने से पहले इन कानूनी जरूरतों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। सरकार ने स्कूलों को बिना रुकावट बिजली, पीने का पानी और दूसरी बेसिक सुविधाएं देने का भी निर्देश दिया है।

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