Asian Para Games 2026 में भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने जीते चार ब्रोंज मेडल

एशियाई पैरा खेल 2026 की पैरा टेबल टेनिस की विभिन्न स्पर्धाओं में मंगलवार को भारतीय एथलीटों ने चार कांस्य पदक जीते। खेलो इंडिया एथलीट बेबी सहाना रवि ने पैरा टेबल टेनिस महिला सिंगल्स क्लास 9 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

इस उपलब्धि के साथ, सहाना ने एशियन पैरा खेल की ‘स्टैंडिंग’ कैटेगरी में भारत के लिए पहला पदक हासिल किया है, जो भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

इसके साथ ही पैरा टेबल टेनिस: महिला सिंगल्स क्लास 3 – खेलो इंडिया एथलीट सोनलबेन पटेल ने कांस्य पदक जीता।

पैरा टेबल टेनिस: महिला सिंगल्स क्लास 4-5 – सेमीफाइनल – टाप्स एथलीट भाविना पटेल ने कांस्य पदक जीता।

पैरा टेबल टेनिस – महिला सिंगल्स क्लास 6 में एनसीओई गांधीनगर और खेलो इंडिया एथलीट प्राची पांडे ने कांस्य पदक पक्का किया।

इसके साथ ही, पैरा टेबल टेनिस में भारत ने एशियन पैरा गेम्स के पिछले संस्करण में जीते गए कुल दो कांस्य पदक के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।

जिस सिस्टम में हो उससे सवाल पूछना कभी मत छोड़ा, अभिनव बिंद्रा की खिलाड़ियों को सलाह

भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो अपने ही काम पर, उन्हें बताई गई प्रक्रिया पर और उस ढांचे पर सवाल उठाये जिसमें वह काम करते हैं।बीजिंग ओलंपिक 2008 में व्यक्तिगत स्पर्धा का ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बिंद्रा ने कहा कि उन्हें सफलता इसीलिये मिली क्योंकि वह सवाल पूछने का सामर्थ्य रखते थे।

उन्होंने संदर्भ का जिक्र नहीं करते हुए खिलाड़ियों को एक्स पर सलाह देते हुए कहा ,‘‘ मेरे पूरे खेल कैरियर में मैने कोचों से सवाल पूछे, सुझावों को चुनौती दी और उत्सुकता नहीं छोड़ी। इसलिये नहीं कि मैं सम्मान नहीं करता था बल्कि इसलिये कि मैं समझकर सीखना चाहता था।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे चिंता है कि जब खिलाड़ियों को लगता है कि वे खुलकर अपनी बात नहीं कह सकते, तो समय के साथ कुछ कहीं ज्यादा चिंताजनक स्थिति पैदा हो जाती है। वे धीरे-धीरे अपने मन में भी सवाल पूछना बंद कर देते हैं। और जब ऐसा होता है, तो हम खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी एक अहम चीज खो देते हैं।’’

बिंद्रा ने कहा ,‘‘ हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिये जो अपने काम, अपने कोचों और उन्हें बताई गई प्रक्रिया पर सवाल उठा सकें। विद्रोह के लिये नहीं बल्कि बेहतर प्रदर्शन की वास्तविक इच्छा के लिये। कुछ को यह अनुशासनहीनता लग सकती है लेकिन विकास के लिये जरूरी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ सीखने की इच्छा छोड़ देने वाले खिलाड़ी और सवाल पूछना बंद करने वाले खिलाड़ी में फर्क है। यह अंतर समझना जरूरी है।’’

अब 43 साल के हो चुके बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था। वह ओलिंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी हैं।

वह 2010 से 2020 तक अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (International Shooting Sport Federation ISSF) की एथलीट समिति के सदस्य थे जिसमें वह 2014 से इसके अध्यक्ष रहे। वह 2018 से आईओसी एथलीट आयोग के सदस्य हैं।

Asian Games में चोट के बावजूद सिल्वर जीतने वाले श्रीशंकर की हुई सर्जरी (Video)

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा, “मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।”

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।
शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई। मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया, “सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।”

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा।

लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।” बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।”

तिरंगे की शान बढ़ाई, Asian Games के मेडलिस्ट को PM मोदी का संदेश (Video)

Modi With Olympians

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष और महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों ने अपने हस्ताक्षर वाली जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘इतने सारे पदकवीर से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण है कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। ’’प्रधानमंत्री मोदी ने महिला हॉकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत आपने सफलता हासिल की है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ बीते दस बारह वर्षों में देश ने लगन और निष्ठा से लगातार प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और इसकी वजह से वह देश के लिए क्या करके दिखाता है, आप सभी इसके उत्तम उदाहरण हैं। ’’भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और 21 स्वर्ण, 27 रजत तथा 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते। यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का प्रमाण है, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

डेनमार्क ओपन के पहले दौर में ही बाहर हुए सात्विक-चिराग

Satvik Chirag

डेनमार्क में भारत के बड़े खिलाड़ियों के जल्दी बाहर होने वालों की लिस्ट में सात्विक-चिराग भी शामिल हो गए हैं। उनसे पहले मंगलवार को पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन भी अपने शुरुआती मैच हार गए थे।

बुधवार को डेनमार्क ओपन में भारत की टॉप पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा और वे पहले ही राउंड में बाहर हो गए। पुरुष डबल्स बैडमिंटन रैंकिंग में पांचवें स्थान पर मौजूद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन के हे जिटिंग और रेन जियांगयु (वर्ल्ड नंबर 37) से 12-21, 21-15, 21-19 से हार मिली।

मंगलवार को पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन भी सुपर 750 टूर्नामेंट के पहले राउंड में बाहर हो गए थे। सात्विक-चिराग ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की और पहले गेम में दबदबा बनाए रखा, लेकिन दूसरे गेम में बाजी पलट गई। हे जिटिंग और रेन जियांगयु ने इंटरवल तक 11-4 की बढ़त बना ली और मैच को निर्णायक गेम (डिसाइडर) तक ले गए।

आखिरी गेम में काफी कड़ा मुकाबला रहा। चीनी जोड़ी ने इंटरवल तक 11-10 की मामूली बढ़त बनाई और फिर अपनी बढ़त को बनाए रखते हुए जीत हासिल की, जिससे भारतीय जोड़ी टूर्नामेंट से बाहर हो गई।हे जिटिंग और रेन जियांगयु के खिलाफ चार मुकाबलों में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की यह पहली हार थी।

वहीं दूसरी ओर, पुरुष सिंगल्स में आयुष शेट्टी भी पहले राउंड में बाहर हो गए। उन्हें इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से 21-11, 13-21, 21-10 से हार का सामना करना पड़ा। पहले गेम में आयुष शेट्टी की शुरुआत धीमी रही और जल्द ही वे 11-4 से पिछड़ गए, जबकि अल्वी फरहान ने बिना किसी परेशानी के पहला गेम जीत लिया।

इसके बाद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने दूसरे गेम में वापसी की; इंटरवल तक वे 11-8 से आगे थे और उसके बाद सिर्फ़ पाँच पॉइंट गंवाकर मैच को निर्णायक गेम तक ले गए।

हालाँकि, निर्णायक गेम भी पहले गेम जैसा ही रहा; आयुष शेट्टी इंटरवल तक 11-3 से पिछड़ गए और कभी वापसी नहीं कर पाए, जिससे अल्वी फरहान ने मैच जीत लिया और अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। अल्वी फरहान के हाथों आयुष शेट्टी की यह हार, इस इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ़ खेले गए छह मैचों में उनकी चौथी हार थी।

उनके बाहर होने का मतलब यह भी है कि पुरुष सिंगल्स में अब किदांबी श्रीकांत ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बचे हैं।वहीं, आज बाद में महिला सिंगल्स में अश्मिता चालिहा, देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा भी खेलती नज़र आएँगी। महिला डबल्स में ट्रेसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और रुतपर्णा पांडा-श्वेतपर्णा पांडा की जोड़ियाँ भी मुक़ाबला करेंगी।

Asian Games खेलकर आए खिलाड़ियों से कल मिलेंगें PM नरेंद्र मोदी

Asian Games खेलकर आए खिलाड़ियों से कल मिलेंगें PM नरेंद्र मोदी

Modi With Olympians

जापान के आइची-नागोया में खेले गए एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के खिलाड़ियों से कल गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह कार्यक्रम शाम करीब साढ़े चार बजे मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री सभा को भी संबोधित करेंगे।गौरतलब है कि भारत ने करीब 502 खिलाड़ियों का दल इन खेलों में हिस्सा लेने के लिए भेजा था।

इस कार्यक्रम में भारतीय दल के खिलाड़ी, उनके कोच और सहयोगी स्टाफ, भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि के अलावा युवा मामले और खेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।

भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा जो चीन के हांग्झोउ में हुए पिछले चरण से 21 कम है।मुक्केबाजों और तीरंदाजों के बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम है कि भारत पदकों की संख्या में 80 का आंकड़ा पार कर पाया।

भारत की महिला क्रिकेट टीम और पुरुष क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीता है। वहीं भारत की कबड्डी की महिला और पुरुष टीम ने ईरान को हराकर गोल्ड जीता है।इसके अलावा भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम दोनों ने गोल्ड जीता है।

Asian Games

इसके अलावा कई एतिहासिक गोल्ड मेडल भारत को इन खेलों में मिले। कई खिलाड़ियों ने गोल्ड जीतकर लॉस एंजलिस ओलंपिक्स के लिए अपनी जगह बनाई। खासकर तीरंदाजी में भारत ने चौंकाने वाला प्रदर्शन किया रिकर्व तीरंदाजी महिला और पुरुष टीम ने गोल्ड जीतकर स्वत ओलंपिक क्वालिफाय किया। कुमद ने भी व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीता। इसके अलावा नीरू हांडा सबसे सफल एथलीट रहीं जिनको समापन समारोह में ध्वजवाहक बनने का गौरव प्राप्त हुआ।

उन्होंने आइची-नागोया में तीन मेडल – दो गोल्ड और एक सिल्वर – जीते। नीरू ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता और इसके बाद मिक्स्ड ट्रैप टीम इवेंट में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

भारत को शुरुआत में बैडमिंटन, शूटिंग, टेबल टेनिस और कनोइंग में निराशा हाथ लगी अन्यथा हांगजाउ में आए 107 पदकों से आगे या बराबरी पर भारतीय दल रहता।सबसे बड़ा उलटफेर वॉलीबॉल टीम के साथ हुआ जुलाई से बड़ी बड़ी टीमों को हराने वाली टीम पाकिस्तान से हारकर खेलों से बाहर हो जाएगी किसी ने सोचा ना था।टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे।

Asian Champions Trophy के लिए भारतीय हॉकी टीम का ऐलान, इस गोलकीपर की हुई वापसी

पंजाब में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के लिये हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय पुरूष टीम में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है लेकिन गोलकीपर कृशन बहादुर पाठक की वापसी हुई है।

हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया।

एशियाई खेलों और विश्व कप से बाहर रहे पाठक ने वापसी की है जबकि युवा डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा और मिडफील्डर आदित्य अर्जुन लालागे भी टीम में हैं। मिडफील्डर विष्णु कांत सिंह और फॉरवर्ड अंगद बीर सिंह 18 सदस्यीय टीम में दो रिजर्व खिलाड़ी हैं।

एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के जरिये पंजाब में दो दशक बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है । इसके मुकाबले जालंधर और मोहाली में खेले जायेंगे।

भारतीय टीम :

गोलकीपर : सूरज करकेरा, कृशन बहादुर पाठक

डिफेंडर : संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा

मिडफील्डर : राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे, नीलाकांता शर्मा, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह

फॉरवर्ड : शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह

रिजर्व : विष्णु कांत सिंह, अंगद बीर सिंह

ISSF World Cup में भारत के इस शूटर ने जीता 10 मीटर एयल रायफल में गोल्ड मेडल

भारत के उदयवीर सिद्धू ने रविवार को आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।चौबीस वर्षीय उदयवीर ने फाइनल में 240.6 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। जर्मनी के क्रिस्टियन रिट्ज (240.1) ने रजत जबकि इटली के पाओलो मोन्ना (219.8) ने कांस्य पदक जीता।

उदयवीर ने इससे पहले क्वालीफिकेशन दौर में 585 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज जोनाथन गेविन एंटनी क्वालीफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहे लेकिन वह केवल रैंकिंग अंक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।

वहीं अजेंद्र सिंह चौहान और सरबजोत सिंह क्वालीफिकेशन में क्रमशः 14वें और 31वें स्थान पर रहे और आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे।

150 मेडल का लक्ष्य था, कई खिलाड़ी थे कम्फर्ट जोन में, खेल मंत्रालय करेगा एशियाड का रिव्य

खेल मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय महासंघों के साथ एक दिवसीय बैठक में हाल में संपन्न एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा जिसमें फोकस बैडमिंटन, निशानेबाजी और एथलेटिक्स में कुछ ‘अनुभवी’ खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन पर रहेगा।

इसके साथ ही ‘Target Olympic Podium Scheme’ (TOPS) के जरिए धनराशि जारी करने की भी फिर से समीक्षा की जाएगी। भारत ने आइची-नागोया खेलों में 21 स्वर्ण सहित 85 पदक जीते जो हांग्झोउ में पिछले चरण में हासिल किए गए 106 पदकों से काफी कम था।

खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने गुरुवार को कहा, ‘‘हमें कम से कम 150 पदक जीतने चाहिये थे और हम जीत भी सकते थे। कुछ अनुभवी खिलाड़ी स्पष्ट रूप से ‘Comfort Zone’ में थे और इसका असर उनके प्रदर्शन में दिखा। मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ बैठक में इसकी समीक्षा करेगा।’’

भारत को 2026 एशियाई खेलों में बैडमिंटन में सिर्फ एक टीम कांस्य पदक मिला जबकि पिछले खेलों में एक स्वर्ण, एक रजत और कांस्य पदक जीता था। निशानेबाजों (विशेषकर पिस्टल में) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत खराब रहा जबकि दोनों खेलों के भारतीय दल में ओलंपिक पदक विजेता शामिल थे।

Manu Bhakar

सूत्र ने कहा ,‘‘ यह ताज्जुब की बात है कि ओलंपिक पदक विजेता एशियाड में पदक नहीं जीत पाये जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण करने वाले भारत के 310 खिलाड़ियों में से 106 ने पदक जीते। 23 स्पर्धाओं में करीब 89 अनुभवी खिलाड़ी नाकाम रहे। बैठक में समीक्षा की जायेगी कि नीति में क्या बदलाव करने की जरूरत है। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी कुछ खेलों में अपेक्षित परिणाम क्यो नहीं मिले।’’

एथलेटिक्स में भारत को पिछले एशियाई खेलों में छह स्वर्ण पदक मिले थे जबकि इस बार सिर्फ एक पदक महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम हासिल कर सकी।

खेलों के दौरान खिलाड़ियों के चोटिल होने को लेकर भी सवाल उठे हैं। एथलेटिक्स में ज्योति याराजी ने चोट के कारण महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में हिस्सा ही नहीं लिया और त्रिकूद में प्रवीण चित्रावेल पहले प्रयास में ही चोटिल हो गए। वहीं 400 मीटर बाधादौड़ में यशस पलाक्षा अपनी हीट के बीच से हट गए थे। इसके अलावा एमएमए में वरूण सान्याल स्पर्धा से पहले अनफिट हो गए।

सूत्र ने कहा, ‘‘ कुछ खिलाड़ी खेलों में पहुंचने के बाद चोटों की घोषणा कर रहे थे। अगर एथलीट चोटिल थे तो वे गए कैसे। उन्हें तैयार करने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। ’’

Satvik Chirag

टॉप्स के जरिये खिलाड़ियों को मनचाही धनराशि आवंटित करने की भी समीक्षा का जिक्र करते हुए सूत्र ने कहा ,‘‘ टॉप्स फंडिंग की समीक्षा निश्चित तौर पर होगी। टॉप्स के खिलाड़ियों को मनचाहे कोचों, विदेश में अभ्यास और हर सुविधा के लिये सरकार ने भारी खर्च किया लेकिन नतीजे अपेक्षित नहीं मिले।’’

उन्होंने आगे कहा ,‘‘ टॉप्स के तहत नौ स्पर्धाओं के 34 खिलाड़ियों पर 27 करोड़ रूपये से अधिक खर्च हुए लेकिन प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिनमें बैडमिंटन और निशानेबाजी के प्रमुख खिलाड़ी हैं।’’खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों से पहले कहा था कि तीन साल के चक्र में खिलाड़ियों को तैयार करने में 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे।

आर्कटिक ओपन: पीवी सिंधु क्वार्टर-फ़ाइनल में, रत्चानोक से भिड़ेंगी 4 साल बाद

दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने गुरुवार को फ़िनलैंड के वांता में जापान की रीको गुंजी को हराकर आर्कटिक ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह बनाई। बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 बैडमिंटन इवेंट में छठी सीड वाली सिंधु ने 49 मिनट में रीको गुंजी को 21-15, 21-15 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई, जहाँ उनका मुकाबला टॉप सीड और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन से होगा।

 जापानी शटलर के खिलाफ शुरुआती गेम काफी कड़ा था, दोनों खिलाड़ी 15-15 से बराबर थीं, लेकिन सिंधु ने लगातार छह पॉइंट बनाकर बढ़त बना ली। दूसरे गेम में भी यही पैटर्न रहा। स्कोर 13-13 से बराबर था, लेकिन भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने आखिर में फिर से अच्छा प्रदर्शन किया और अगले 10 में से आठ पॉइंट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

शुक्रवार को पीवी सिंधु और रत्चानोक इंतानोन के बीच होने वाला मैच इन दोनों स्टार खिलाड़ियों के बीच चार साल से ज़्यादा समय में पहली बार होगा। थाई शटलर अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में 9-4 से आगे हैं और उन्होंने अपने पिछले पाँच मैच जीते हैं। उनका सबसे हालिया मुकाबला इंडोनेशिया मास्टर्स 2022 के क्वार्टर-फ़ाइनल में हुआ था, जहाँ रत्चानोक ने 21-12, 21-10 से जीत हासिल की थी।

दोनों खिलाड़ियों ने इस सीज़न में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीते हैं। सिंधु ने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 जीता था, जिसमें उन्होंने फ़ाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को हराया था। रत्चानोक का सबसे हालिया टाइटल मई में मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 में आया था, जहाँ उन्होंने फ़ाइनल में पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की चेन यूफ़ेई को हराया था।

Badminton tournament

रत्चानोक ने आर्कटिक ओपन क्वार्टर-फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की, तन्वी शर्मा को 34 मिनट में 21-18, 21-7 से हराकर, आखिरी आठ में किसी भी भारतीय के मुक़ाबले को रोक दिया। तन्वी, जिन्होंने अगस्त में ताइपे ओपन सुपर 300 में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीता था, ने शुरुआती गेम में कड़ी टक्कर दी और 17-17 तक रत्चानोक के साथ बराबरी पर रहीं। लेकिन, अनुभवी थाई खिलाड़ी ने आखिरी स्टेज में बढ़त बना ली और गेम 21-18 से जीत लिया।

दूसरा गेम ज़्यादा एकतरफ़ा रहा। रत्चानोक ने लगातार सात पॉइंट बनाकर 9-2 की बढ़त बना ली और इंटरवल के बाद भी कंट्रोल में रहकर मैच आराम से जीत लिया।पुरुषों के सिंगल्स में, थारुन मन्नेपल्ली राउंड ऑफ़ 16 में फ्रांस के दूसरे सीड क्रिस्टो पोपोव से 21-14, 21-19 से हारकर बाहर हो गए। भारतीय खिलाड़ी, जो पहले राउंड में डेनमार्क के मैग्नस जोहानसन को हराने से पहले क्वालिफ़ाइंग से आए थे, 50 मिनट में हार गए।

थारुन की हार के साथ सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत की पुरुष सिंगल्स चुनौती खत्म हो गई। किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय और रौनक चौहान सभी ने बुधवार को पहले राउंड में क्वालिफ़ाई किया था। भारत पुरुष डबल्स में मुकाबले में बना हुआ है, जिसमें कृष्ण प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय का मुकाबला गुरुवार को राउंड ऑफ़ 16 में इंग्लैंड के ओलिवर बटलर और सैमुअल जोन्स से होगा।