4 गोलों से ब्राजील ने भारत को फुटबॉल मैच में हराया

भारत ने शुरुआती 25 मिनट तक डटकर मुकाबला किया, लेकिन पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने शनिवार को खेले गए फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में मेहमान टीम को 4-0 की करारी जीत दर्ज की।दोनों टीमों के बीच के स्तर का बड़ा अंतर बिलकुल साफ दिखा।

2026 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बाद नए सिरे से टीम तैयार कर रहे कार्लो एंसेलोटी की ‘नयी लुक’ वाली ब्राजील की टीम ने इस ऐतिहासिक मैत्री मुकाबले में ज्यादातर समय अपनी सहज गति से खेलते हुए मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे बहुत ज्यादा तेजी दिखाने की जरूरत नहीं पड़ी।

भारत को 51,402 दर्शकों की का समर्थन मिला लेकिन इसके बावजूद टीम शुरूआती 25 मिनट में मिले कुछ अच्छे मौकों को पर गोल नहीं कर सकी।

ब्राजील के लिए एस्तेवाओ ने 28वें मिनट, पेड्रो ने 42वें मिनट और सैमुअल लिनो ने 58वें और 90+5वें मिनट में गोल किए।

ब्राजील अपनी पूरी ताकत से नहीं खेला लेकिन फिर भी मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।

44वीं रैंकिंग वाली पनामा के खिलाफ 1-1 की जुझारू बराबरी के बाद मैदान पर उतरी भारतीय टीम को इस बार कहीं अधिक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद खालिद जमील के मार्गदर्शन वाली टीम ने ब्राजील को कड़ी टक्कर दी।

जमील ने पनामा के खिलाफ मैच की टीम में दो बदलाव किए। उन्होंने अपुइया और रिकी शाबोंग की जगह अनुभवी मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा और सहल अब्दुल समद को टीम में शामिल किया।

शुरुआती चरणों में भारतीय टीम ब्राजील को परेशान करती रही। रियाल मैड्रिड के स्टार विनिसियस ने दो बार गुरप्रीत सिंह संधू की परीक्षा ली जिसमें अभिषेक सिंह को छकाने के बाद लगाया गया शॉट भी शामिल था। लेकिन भारतीय गोलकीपर डटा रहे।

एंसेलोटी ने टीम में कई बदलाव किए थे जिसमें पेड्रो मोरिस्को ने नियमित गोलकीपर और माउरो जूनियर की जगह ली जबकि गैब्रियल बोंटेम्पो, आंद्रेई सैंटोस और माथेउजिन्हो को भी मौका दिया गया।

ब्राजील ने 28वें मिनट में एस्तेवाओ के गोल से बढ़त बना ली। फिर पेड्रो और लिनो ने दक्षिण अमेरिकी टीम के लिए गोल दागे। 

पहलवानी में 3 पदक, अमन ने जीता गोल्ड तो इन दो पहलवानों को मिले सिल्वर और ब्रॉंज

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत ने कुछ विषम पलों से गुजरने के बाद एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में शनिवार को यहां पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले अमन के सामने हान ने रक्षात्मक रवैया अपनाया।

अमन ने अपना पहला स्कोरिंग मूव लगाते ही समय सीमा के भीतर अंक हासिल करना शुरू किया और फिर एक और टेकडाउन करके स्कोर 4-1 कर दिया। उन्होंने अपने बाएं पांव से हमला करते हुए हान को मैट पर पटक दिया और 6-1 की बढ़त बना ली।हान ने इसके बाद अपने बाएं घुटने का उपचार कराया और खेल दोबारा शुरू होने के बाद लगातार तीन स्कोरिंग मूव बनाकर 7-6 की मामूली बढ़त हासिल कर ली।

अमन ने अहम मौके पर अपना संयम बनाए रखा और दो और टेकडाउन करके 10-7 से जीत हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।इससे पहले इस 22 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।

पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले अमन ने अपने अभियान की शुरुआत जापान के यामातो ओगावा पर 20-9 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत के साथ की थी, जिसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुरदानत ऐतानोव को हराया था। हालांकि अंतिम पंघाल खिताबी मुकाबला नहीं जीत पाई और उनको कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता 

दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97किग्रा फ्रीस्टाइल इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। उन्होंने एक कड़े मुकाबले में मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराया।2-0 की बढ़त बनाने के बाद, दीपक ने एक ‘पैसिविटी पॉइंट’ गंवा दिया, लेकिन मैच के आखिरी पलों में उन्होंने संयम बनाए रखा और जीत हासिल की। हांगझोऊ 2023 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, यह एशियाई खेलों में उनका लगातार दूसरा मेडल है।

सागर जगलान 74किग्रा ब्रॉन्ज़ मेडल का मुकाबला हारे पुरुषों के फ्रीस्टाइल 74किग्रा ब्रॉन्ज़ मेडल मुकाबले में, कजाकिस्तान के तीन बार के वर्ल्ड मेडलिस्ट नुरकोझा काइपानोव ने सागर जगलान को 30 सेकंड के अंदर ही ‘पिन’ कर दिया। काइपानोव ने शुरुआत से ही तेज़ी दिखाई। उन्होंने जल्दी ही ‘टेकडाउन’ किया और फिर ‘फॉल’ के ज़रिए मुकाबला जीत लिया

भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता एशियाड गोल्ड मेडल

INDvsMAL भारतीय पुुरुष हॉकी टीम का विश्वकप पिछले महीने भले ही अच्छा ना गया हो लेकिन एशियाई खेलों में टीम ने यह साबित कर दिया कि उपमहाद्वीप में वह सबसे बेहतरीन टीम है। हरमनप्रीत के लड़कों ने अपने गोल्ड मेडल का बचाव कर लिया। भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर अपनी धाक जमाई। 

कल महिला टीम ने चीन को 1 गोल से हराकर एतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। मलेशिया की टीम भारत के खेल के स्तर के आस पास भी नहीं दिखी और बेबस नजर आई। पहले हाफ में स्कोर 2-1 था लेकिन चौथे क्वा्रटर में तो टीम ने सिलसिलेवार हमले किए। इसमें एक मौका ऐसा भी आया जब टीम को 4 लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। मलेशिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं ब्रॉंज मेडल मैच में पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हरा दिया।


 भारत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वें, 57वें मिनट) और जुगराज सिंह (23वें) के जरिए तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया और शिलानंद लकड़ा ने 54वें मिनट में मैदानी गोल करके औपचारिकताएं पूरी कीं।मलेशिया का एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में किया।

पाकिस्तान को भारत ने सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल की दौड़ से बाहर किया था। गौरतलब है कि पिछले एशियाई खेलों की तरह इस बार भी भारतीय पुरुष हॉकी टीम एक भी मैच नहीं हारी।

Asian Games में 44 साल बाद गोल्ड मेडल लाने वाली चक दे गर्ल्स को मिलेंगे 22 लाख रुपए

INDvsChina

हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को जापान के काकामिगाहारा में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11-11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ के लिए 5.5-5.5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।इसके अलावा  भाजपा शासित ओडिशा सरकार भी टीम के हर खिलाड़ी को 11-11 लाख रुपए की ईनामी राशी देगी।

गोलकीपर सविता पूनिया की शानदार भूमिका और मज़बूत डिफेंस की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे जगह पक्की की।

लालरेम्सियामी ने पहले क्वार्टर में निर्णायक गोल किया और अपने 200वें इंटरनेशनल मैच को यादगार बना दिया। इसके बाद सविता और मज़बूत भारतीय डिफेंस ने बाकी मैच में धैर्य और डटकर खेलने का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। इसके बाद का खेल खूबसूरती से ज़्यादा टिके रहने की जद्दोजहद वाला था।

चीन ने भारत पर लगातार हमले किए, लेकिन “वॉल ऑफ़ इंडिया” (भारत की दीवार) कही जाने वाली सविता बार-बार डिफेंडिंग चैंपियन और बराबरी के गोल के बीच दीवार बनकर खड़ी रहीं। भारतीय डिफेंस ने दबाव झेला, खतरे को टाला और घबराए बिना चीन के लगातार हमलों का सामना किया।

सबसे मुश्किल पल तीसरे क्वार्टर में आया जब चीन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। शुरुआती कोशिश को तो रोक लिया गया, लेकिन रिबाउंड पर पेनल्टी स्ट्रोक मिल गया। भारत ने इस फैसले को चुनौती दी और रेफरल जीत लिया, जिससे स्ट्रोक का फैसला बदल गया और चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। चीन उस मौके को भी भुना नहीं पाया।

 

एक और चिंताजनक पल तब आया जब पेनल्टी कॉर्नर को डिफेंड करते समय सलीमा टेटे के हाथ में चोट लग गई और उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। वह आखिरी क्वार्टर से पहले वापस लौट आईं, जिससे भारतीय खेमे को राहत मिली। आखिरी कुछ मिनट लगभग पूरी तरह से चीन के दबदबे में खेले गए। खेल खत्म होने में चार मिनट बचे थे, तभी चीन ने अपने गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी को अटैक में उतार दिया।

भारत ने अपना संयम बनाए रखा। और जब आखिरी हूटर बजा, तो 1-0 की बढ़त बरकरार थी।इस गोल्ड मेडल के साथ ही एशियाई खेलों में महिला हॉकी खिताब के लिए भारत का 44 साल का इंतज़ार खत्म हो गया। उनकी पिछली जीत 1982 में हुई थी, जिसके बाद टीम को कई बार जीत के करीब आकर हार का सामना करना पड़ा, जिसमें 1998 और 2018 में मिले सिल्वर मेडल भी शामिल हैं।

लालरेम्सियामी के लिए यह उनके 200वें मैच का गोल था। सविता ने गोलपोस्ट के सामने एक बार फिर शानदार खेल दिखाया। और भारतीय महिला हॉकी के लिए, यह उस लंबे इंतज़ार का अंत था जो मैदान पर मौजूद कई खिलाड़ियों की उम्र से भी ज़्यादा समय से चल रहा था। 1982 के चैंपियन आखिरकार शीर्ष पर लौट आए हैं – और इस बार, इसके साथ ही लॉस एंजेलिस का ‘गोल्डन टिकट’ भी उन्हें मिल गया है।

Asian Games में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फर बनी प्रणवी उर्स

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Asian Games 2026 में भारत की प्रणवी उर्स ने गोल्फ में शनिवार को संयम के साथ खेलते हुए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता जबकि महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया। प्रणवी ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर है। पुरुष वर्ग में वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे।

महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब जीतने के लिए उन्होंने अपनी तीन-शॉट की बढ़त गंवाने के बाद भी संयम बनाए रखा। 23 वर्षीय भारतीय गोल्फर ने चार राउंड की प्रतियोगिता 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ पूरी की। वह सिंगापुर की शैनन ज़ुआन यिन टैन और चीन की यिन रुओनिंग से एक स्ट्रोक आगे रहीं, जो 14-अंडर 266 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।छह बार की एलपीजीए विजेता और 2023 महिला पीजीए चैंपियनशिप की चैंपियन यिन रुओनिंग ने शूट-ऑफ में शैनन ज़ुआन यिन टैन को हराकर रजत पदक जीता।

प्रणवी ने कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स में फाइनल राउंड की शुरुआत तीन शॉट की बढ़त के साथ की थी, लेकिन ‘पार-फोर’ तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण वह बढ़त खत्म हो गई। उन्होंने छठे होल पर बर्डी के साथ वापसी की और आखिरी दौर में अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने ‘ईवन-पार’ 70 का स्कोर किया और एक ऐतिहासिक जीत हासिल की।

शैनन ज़ुआन यिन टैन ने फाइनल राउंड में ‘टू-अंडर’ 68 का स्कोर किया, जबकि यिन रुओनिंग ने ‘थ्री-अंडर’ 67 के स्कोर के साथ जोरदार चुनौती पेश की। तीनों दावेदारों ने 18वें होल पर ‘पार’ स्कोर किया।

इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में गोल्फ में स्वर्ण पदक के लिए भारत का 24 साल का इंतजार खत्म हो गया। इससे पहले देश ने बुसान 2002 में शिव कपूर के जरिए पुरुषों का व्यक्तिगत खिताब जीता था।इससे पहले, हांगझोउ 2023 में अदिति अशोक का रजत पदक ही इन खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में भारत का एकमात्र गोल्फ़ मेडल था। प्रणवी हांगझोउ में चौथे स्थान पर रही थीं।

यह एशियाई खेलों में गोल्फ में भारत का चौथा स्वर्ण पदक है। पहला खिताब नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर पुरुषों की टीम का खिताब भी जीता था। इसके बाद प्रणवी ने ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता – यह इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेलों का मेडल था।

भारत ने चार राउंड 14-अंडर 546 के स्कोर के साथ पूरे किए, जो चैंपियन चीन से आठ स्ट्रोक पीछे था; चीन का कुल स्कोर 22-अंडर 538 था। चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। टीम स्टैंडिंग के लिए हर राउंड के दो सबसे अच्छे स्कोर को गिना गया। भारत ने 137, 136, 136 और 137 के चार राउंड के बाद 14-अंडर 546 का स्कोर किया। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

अदिति अशोक ने शनिवार को प्रतियोगिता का अपना सबसे अच्छा राउंड खेला; उन्होंने तीन-अंडर 67 का स्कोर किया और व्यक्तिगत स्टैंडिंग में दो-अंडर 282 के स्कोर के साथ 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा डागर ने एशियाई खेल 2026 गोल्फ़ टूर्नामेंट में चार राउंड के बाद पांच-अंडर 285 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 18वां स्थान हासिल किया।

वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे
पुरुषों की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले प्रतियोगिता में वीर अहलावत और सप्तक तलवार 9-अंडर 271 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। युवराज संधू 1-ओवर 281 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 24वें स्थान पर रहे, जबकि टीम इवेंट में भारत 18-अंडर 542 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहा।

कपिल देव ने प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर दी बधाई 

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव ने प्रणवी उर्स को एशियाई खेलों में गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर बधाई दी है। कपिल ने अपने बधाई संदेश में कहा, “एशियन गेम्स में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में प्रणवी उर्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल और हमारी महिला टीम का सिल्वर मेडल जीतना भारत और भारतीय गोल्फ़ के लिए बहुत गर्व की बात है। ये मेडल हमारे खिलाड़ियों के टैलेंट, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ-साथ हमारे देश में महिलाओं के गोल्फ़ की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। प्रणवी ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट विश्वास दिखाया, जबकि अदिति, दीक्षा और प्रणवी ने एक टीम के तौर पर अच्छा तालमेल बिठाकर भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई और पूरे भारतीय गोल्फ़ समुदाय की ओर से, मैं उन सभी को बधाई देता हूँ। उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है और दिखाया है कि जब आप खुद पर विश्वास करते हैं, अनुशासित रहते हैं और सबसे बड़े मंच पर निडर होकर मुकाबला करते हैं, तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है।”

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जोहल ने कहा, “प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है और उनका ऐतिहासिक गोल्ड मेडल भारतीय गोल्फ़ के लिए गर्व का क्षण है। पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान उनका संयम, निरंतरता और आत्मविश्वास वाकई प्रभावशाली रहा है। साथ ही, महिला टीम का सिल्वर मेडल भारत में महिलाओं के गोल्फ़ की गहराई और बढ़ती ताकत का सबूत है। हमें खुशी है कि प्रणवी, अदिति और दीक्षा ने इतने प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शन किया और भारतीय गोल्फ़ को मजबूती से सुर्खियों में ला खड़ा किया। उनकी उपलब्धियाँ भारतीय गोल्फ़रों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेंगी। हम डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की ओर से प्रणवी और भारतीय महिला टीम को इस यादगार सफलता पर दिल से बधाई देते हैं।”

Asian Games में तीरंदाजों का कमाल जारी, कुमुद ने गोल्ड जीतकर पाया का टिकट

kumkum

Asian Games 2026 में शनिवार को तीरंदाजी स्पर्धा में रोमांचक शूट-ऑफ के बाद भारत की कुमकुम मोहोद ने ऐतिहासिक व्यक्तिगत रिकर्व में स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ ही उन्होंने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल कर लिया।

आज यहां कुमकुद ने मोहोद ने दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को एक रोमांचक फ़ाइनल में हराया, जो शूट-ऑफ तक गया। कुमकुम मोहोद ने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया है।

पहले सेट के बाद कुमकुम 2-0 से और दो सेट के बाद 3-1 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए मुक़ाबले को 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद चौथे सेट में ओह येजिन ने 5-3 से बढ़त बना ली, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरी सेट 30-28 से जीता और मुकाबले को शूट-ऑफ तक पहुंचा दिया।

kumkum mohod

स्वर्ण पदक का फैसला एक-एक तीर से होना था। ओह येजिन ने 8 का स्कोर किया, जबकि कुमकुम ने 10 का स्कोर करके ऐतिहासिक जीत हासिल की। इस स्वर्ण पदक के साथ कुमकुम का एशियाई खेलों का सफर शानदार रहा। उन्होंने कल ही महिला रिकर्व टीम स्वर्ण और रिकर्व मिश्रित टीम रजत पदक भी जीता था।

महिला व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट की दोनों फाइनलिस्ट ने फाइनल में पहुंचकर अपने-अपने एनओसी के लिए लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल कर लिया।

1 दिन में आधा दर्जन गोल्ड मेडल! तीरंदाजों से लेकर महिला ह़ॉकी टीम ने जीता खिताब

Asian Games

शुक्रवार का दिन कुछ ऐसा था जैसा भारतीय खेलों में कभी-कभी ही देखने को मिलता है – अविश्वसनीय, रोमांचक और जिसे एक ही हेडलाइन में समेटना मुश्किल हो। एक पहलवान था जो 9-2 से पिछड़ने के बावजूद गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहा, तीन बॉक्सर जिन्होंने रिंग में गोल्ड मेडल की झड़ी लगा दी, तीरंदाज जिन्होंने आखिरकार दक्षिण कोरिया को हरा दिया, और सबसे बड़ी बात, महिला हॉकी टीम जिसने एशियाई खेलों का खिताब फिर से जीतने के लिए 44 साल का लंबा इंतज़ार खत्म किया।

भारत 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य सहित 76 पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सबसे खास पल शाम को आया जब भारत ने महिला हॉकी फ़ाइनल में चीन को 1-0 से हराया और एशियाई खेलों के खिताब के लिए 44 साल का इंतज़ार खत्म किया। लालरेम्सियामी ने अपने 200वें इंटरनेशनल मैच में 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया, लेकिन उसके बाद असली मेहनत गोलकीपर सविता पूनिया और मज़बूत डिफेंस को करनी पड़ी।

चीन ने पेनल्टी कॉर्नर, पेनल्टी स्ट्रोक और आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ भारत पर दबाव बनाया। लेकिन भारत टस से मस नहीं हुआ। फ़ाइनल की सीटी बजने पर न सिर्फ़ गोल्ड मेडल मिला, बल्कि लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल हुआ।

अगर हॉकी ने शाम को रोमांच पैदा किया, तो सुजीत कलकल ने दोपहर में मुश्किल हालात से शानदार वापसी की। पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फ़ाइनल में भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ताजिकिस्तान के अब्दुलमज़िद कुदिएव के खिलाफ़ 2-9 से पिछड़ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि जीतना लगभग नामुमकिन है। लेकिन उन्होंने ज़बरदस्त वापसी की और दूसरे हाफ में चार बार प्रतिद्वंद्वी को गिराकर 10-9 से जीत हासिल की।

भारत को इन खेलों का पहला रेसलिंग गोल्ड दिलाया। इससे पहले, सुजीत ने सेमीफ़ाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जापान के कोटारो कियोका को क्राइटेरिया के आधार पर (3-3 स्कोर रहने पर) चौंकाते हुए हराया था। उन्होंने आखिरी समय में हुए हमले का डटकर सामना किया और गोल्ड मेडल के मुक़ाबले में जगह बनाई।

बॉक्सिंग रिंग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75किग्रा फ़ाइनल में चीन की बाओ ज़ी यी को सर्वसम्मति से हराकर अपना पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता। 2014 में मैरी कॉम की जीत के बाद एशियाई खेलों में महिलाओं की बॉक्सिंग में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल था।

इसके बाद परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा फ़ाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के करीबी ‘स्प्लिट-डिसीजन’ से हराया। फिर अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन सियोंग को हराकर बॉक्सिंग में भारत की हैट्रिक पूरी की।

और फिर तीरंदाज़ों की बारी आई। अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद ने दक्षिण कोरिया को हराकर महिलाओं के रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता। गोल्ड के बाद पुरुषों की रिकर्व टीम को सिल्वर मेडल मिला, जो दक्षिण कोरिया से हार गई थी। इसके अलावा, धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिक्स्ड टीम को भी सिल्वर मेडल मिला, क्योंकि फ़ाइनल में चीन की टीम जीत गई।

सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने एक और ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाया, जबकि सेपक टकरा के पुरुषों के क्वाड्रेंट इवेंट में जापान से सेमीफ़ाइनल में हारने के बावजूद भारत ने अपना पहला मेडल पक्का किया।

प्रणवी उर्स ने गोल्फ़ में भी भारत की चर्चा बनाए रखी; उन्होंने फ़ोर-अंडर 68 का स्कोर करके 15-अंडर पार तक पहुँचते हुए फ़ाइनल राउंड में बढ़त बना ली। जब हॉकी खिलाड़ी गले में गोल्ड मेडल पहनकर मैदान से बाहर निकले, तब तक भारत के लिए यह दिन यादगार बन चुका था – इसमें इतिहास, निराशा, वापसी और ऐसे पल भी थे जब स्कोरबोर्ड ने खेल को बेवजह मुश्किल बनाने की ठान ली थी। हालाँकि, शुक्रवार का दिन भारत के नाम रहा।

सेना के जवानों ने सेलिंग में दिलाया एतिहासिक सिल्वर मेडल, महिलाओं ने ब्रॉंज

prince noble kurisink manu francis

भारतीय जोड़ी मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने गुरुवार को एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ की नौवीं रेस में रजत पदक जीता।हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की टीम ने महिलाओं की स्किफ सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

भारतीय जोड़ी ने नौ रेस में 24 नेट अंक और 28 कुल अंकों के साथ प्रतियोगिता समाप्त की और चीन से आगे रही। चीन दूसरी रेस, छठी रेस और आठवीं रेस में तीन बार अयोग्य घोषित किया गया।जापान ने 11 नेट अंक और 14 कुल अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग ने 15 नेट अंक और 18 कुल अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया।

इससे पहले 31 वर्षीय फ्रांसिस और 30 वर्षीय नोबल ने नौ रेस के बाद कुल 23 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे। दोनों भारतीय खिलाड़ी जो एर्नाकुलम के रहने वाले और रिश्ते में भाई हैं। चीन की जोड़ी ने 16 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में सबसे कम कुल अंक हासिल करने वाली टीम विजेता बनती है।

चीन की टीम में वेन जैडिंग और लियू तियान शामिल थे।पुरुष स्किफ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और कुल अंक सबसे कम होने पर जीत दर्ज होती है। स्किफ छोटी और हल्की नौकाएं होती हैं।

हांगकांग चीन के अकिरा ल्यूक साकाई और रसेल आयल्सवर्थ ने 24 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।भारतीय जोड़ी ने तीसरी रेस जीती जबकि पहली, पांचवीं और नौवीं रेस में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरी ओर चीन ने चार रेस में पहला स्थान हासिल करके शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।

केरल में 2018 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान जान गंवाने वाले मछुआरे के बेटे नोबल ने कहा कि अपने पहले एशियाई खेलों में पदक जीतना विशेष एहसास है।दोनों मुंबई स्थित आर्मी यॉटिंग नोड में प्रशिक्षण लेते हैं।फ्रांसिस के लिए यह मिश्रित भावनाओं वाला दिन रहा क्योंकि उन्हें लगा कि वे स्वर्ण पदक जीत सकते थे।

महिला स्किफ स्पर्धा में भारत की हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी 26 अंक के साथ चौथे और अंतिम स्थान पर रही। जापान ने 11 अंक के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग चीन 16 अंक के साथ दूसरे और चीन 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।भारतीय जोड़ी नौ में से किसी भी रेस में जीत दर्ज नहीं कर सकी। हालांकि उसने तीसरी और चौथी रेस में दूसरा स्थान हासिल किया।

ग्रीको रोमन में भारतीय पहलवान नितेश सिवाचने जीता एतिहासक सिल्वर मेडल

Nitesh Siwach

भारतीय पहलवान नितेश सिवाच ने गुरुवार को एशियाई खेल 2026 की पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनके पास स्वर्ण पदक जीतने के भी स्वर्णिम अवसर था लेकिन वह जापान के खिलाड़ी यूरी नाकाजातो से 0-4 से हार गए।

लेकिन यह लम्हा भी एतिहासिक है क्योंकि 1962 के बाद यानि कि 64 साल बाद एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत को पहला रजत पदक मिला है। जापान के पहलवान ने नितेश को आगे धकेलकर स्कोरिंग की शुरुआत की। नितेश को निष्क्रियता के कारण ‘ग्राउंड पोजीशन’ में आना पड़ा, लेकिन उन्होंने शानदार बचाव किया और नाकाज़ातो को अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।

नाकाज़ातो ने पहले पीरियड के अंत तक 2-0 की बढ़त बना ली थी और अंत तक नितेश को ‘हेड लॉक’ पोजीशन में जकड़े रखा। स्थानीय खिलाड़ी ने इसके बाद नितेश का संतुलन बिगाड़ दिया और इस दांव को सफलतापूर्वक ‘टेक डाउन’ में बदलकर 4-0 की बढ़त हासिल कर ली।

इससे पहले नितेश ने गुरुवार को एशियाई खेल 2026 की पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में तुर्कमेनिस्तान के अमनबर्डी आगामम्मेदोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

नितेश ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किलोग्राम क्वार्टरफाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अमनबर्डी आगामम्मेदोव को आसानी से हरा दिया, पहले पीरियड में 7-0 की बढ़त हासिल की और फिर 7-1 से जीत दर्ज करते हुए अंकों के आधार पर मैच जीत लिया।

वहीं महिला पहलवान मानसी अहलावत ने कजाकिस्तान की इरिना कुजनेत्सोवा को हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।भारत की मानसी अहलावत ने कजाकिस्तान की इरिना कुजनेत्सोवा को 6-1 से हराकर महिलाओं के 62किग्रा के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। लेकिन सेमीफाइनल में वह हार गई।

मानसी अल्तजिन के खिलाफ शुरू में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थी।मंगोलिया की खिलाड़ी ने मानसी को दो बार पीछे धकेलकर 2-0 की बढ़त हासिल की और फिर भारतीय खिलाड़ी के दोहरे पैर के हमले का बचाव किया। मानसी को पैर से हमला करने का एक और मौका मिला, लेकिन अल्तजिन ने एक बार फिर उनके प्रयास को विफल कर दिया।

एक अन्य मुकाबले में भारतीय पहलवान अमन पुरुषों के ग्रीको-रोमन 77 किग्रा क्यूएफ में कतर के शाहीन बडाघिमोफ्राड से हार गये। कतर के मौजूदा एशियाई चैंपियन शाहिन बदाघिमोफ्राद ने दबदबे के साथ शुरुआत की और पहले ही मिनट में अमन को दो बार सर्कल के बाहर भेजकर 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। शाहिन ने आसानी से अमन को बार-बार पटका और तकनीकी श्रेष्ठता के बल पर जीत हासिल कर ली।अगर शाहिन फाइनल में पहुँचते हैं, जिसकी संभावना काफी अधिक है, तो अमन रिपेचेज राउंड में चले जाएंगे।

Asian Games में इस खेल में पाकिस्तान से बुरी तरह हारकर भारतीय टीम हुई बाहर

Indian Volleyball

INDvsPAK एशियाई खेल 2026 में गुरुवार को भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान से सीधे सेटों में हार के बाद बाहर हो गई।आज खेले गये क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान से 3-0 (25-19, 25-23, 25-18) से हारने के साथ ही भारत की पुरुष वॉलीबॉल टीम का एशियाई खेलों में अभियान समाप्त हो गया।

पाकिस्तान ने अधिकतर समय मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि भारत का शानदार अभियान यहीं खत्म हो गया।भारत के लिए यह नतीजा किसी उलटफेर से कम नहीं था क्योंकि भारत इस खेल में उभरती हुई टीम नजर आई है।

गौरतलब है कि मंगलवार को भारतीय वॉलीबॉल टीम ने शानदार वापसी करते हुए रोमांचक मुकाबले में कतर को 3-2 (26-28, 25-27, 25-23, 25-20, 24-22) से हराकर पूल सी में शीर्ष स्थान हासिल किया।

2-0 से पिछड़ने के बाद भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए अगले दो सेट जीतकर 2-2 से बराबरी की। भारत ने निर्णायक सेट में कई मैच प्वाइंट बचाए और आखिरकार 24-22 से सेट अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने पूल सी में तीन में से तीन मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया और क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई थी।

वहीं सोमवार को पूल सी में हांगकांग को भारतीय टीम ने पुरुषों के पूल सी मुकाबले में हांगकांग को 3-0 (25-22, 25-19, 25-21) से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। उन्होंने पहले मैच में वियतनाम को हराया था।

जुलाई के महीने में भारत की वॉलीबॉल टीम ने बहरीन के खिलाफ 3-1 से कांस्य पदक मैच जीतकर पहली बार एवीसी पुरुष कप का कांस्य पदक जीता था।फॉर्म को देखकर माना जा रहा था कि अगले टूर्नामेंट से भारतीय वॉलीबॉल टीम ओलंपिक का टिकट बुक कर सकती है। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा जीत से ना केवल भारत का अभियान खत्म हुआ बल्कि खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों का दिल टूटा।