Champat Rai : राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय की वापसी के दरवाजे बंद? नए महासचिव गोविंद देव गिरि का बड़ा खुलासा

Champat Rai : राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय की वापसी के दरवाजे बंद? नए महासचिव गोविंद देव गिरि का बड़ा खुलासा

champat rai resigns from ram mandir trust

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने पूर्व महासचिव चंपत राय की ट्रस्ट में वापसी या किसी नए पद पर नियुक्ति की अटकलों पर विराम लगा दिया है। ​पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या चंपत राय को ट्रस्ट में कोई नया पद दिया जाएगा, स्वामी गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसी अभी कोई बात नहीं है। यदि हमें ऐसा करना होता तो हम अभी ही कर लेते। हमें तीन नए लोगों का चयन करना था, जिनमें हम दो लोग बाहर के चुन लेते और एक उन्हें (चंपत राय को) पद दे देते। लेकिन फिलहाल ऐसी कोई बात हमारे सामने विचाराधीन नहीं है। 

 

​स्वामी गोविंद देव गिरि के इस बयान के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि चंपत राय को फिलहाल ट्रस्ट में किसी नई जिम्मेदारी पर रखने की कोई योजना नहीं है। आपको बता दें की राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय का नाम राम मंदिर मे चढ़ावा चोरी व चंदा चोरी की घटना मे प्रमुख रूप से आया था जिसकी SIT जांच भी हुयी जिसमे चम्पत राय को क्लीन चिट दें दी गयी, जिसके बाद से चम्पत राय की अयोध्या के करसेवक पुरम डेरा डाले हुए है जहाँ राम मंदिर व ट्रस्ट के पदाधिकारी कार्यकर्त्ताओ का बराबर आवागमन बना हुआ है भाजपा के विधायकगण भी चरण वंदना कर रहे है जिससे उनका भौकाल अभी टाइट है। 

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath Braj redevelopmen: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? 

समाज विरोधी मंसूबे पूरे नहीं होने देगी सरकार

मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। 

कल्पना से परे था अयोध्या का कायापलट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था,  अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती।

सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।

अपराजित रही हमारी आस्था

सीएम ने कहा 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं।

मां विंध्यवासिनी धाम का भव्य परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी यहां योगमाया का दर्शन कर रहा था। इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। मैं जब भी यहां आता था, मुझे तत्काल मां विंध्यवासिनी का स्मरण आता था। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।

ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर जाए। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व व त्योहार केवल आस्था ही नहीं,  हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं। समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यवस्था के साथ जुड़कर पीएम मोदी जी के विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है।

हम सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो, तुम अपना कर्तव्य करो। तुम अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में कोई देर नहीं लगेगी। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो। बाकी चिंता हमारे कृष्ण कन्हैया करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, तभी हम इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं। कल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर आस्था के साथ विभिन्न समारोहों और आयोजनों में भागीदार बन रहे हैं। आज हम शासन की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ ले रहे हैं। नौजवान अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। हर बेटी बहन अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है। हर कारीगर और हर हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास है। इसी विश्वास को जगाने और हमें जोड़ने के लिए ये पर्व व त्योहार आते हैं। मुझे भी इसीलिए ब्रजभूमि में ‘लाला’ (बालकृष्ण) के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

अब जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, बल्कि उत्सव होता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।

 

 

कुमार मंगलम बिड़ला का नया धमाका! लॉन्च किया अल्ट्रावोल्ट वायर और केबल का बिजनेस, जानिए क्या है ग्रुप का बड़ा प्लान

Aditya Birla Group Wires and Cables Launch: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भारतीय वायर और केबल मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है। ग्रुप ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड नाम से अपने नए वायर और केबल बिजनेस को लॉन्च किया है। इसके लिए बिड़ला ग्रुप ने शुरुआती तौर पर ₹1800 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है।

इस नए बिजनेस को समूह की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत शुरू किया गया है। कैपेसिटी के मामले में लॉन्च होते ही ‘अल्ट्रावोल्ट’ देश के वायर सेगमेंट में दूसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों के भीतर इस सेक्टर के टॉप 2 खिलाड़ियों में शामिल होना है।

3 सालों में बिड़ला ग्रुप का चौथा बड़ा दांव

आदित्य बिड़ला ग्रुप का पिछले 3 सालों में यह चौथा नया बिजनेस दांव है। सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के बाद अब वायर और केबल सेगमेंट में कदम रखकर अल्ट्राटेक अपने ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ पोर्टफोलियो को और मजबूत कर रहा है। इसके लिए गुजरात के भरूच में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है।

‘डाटा सेंटर और अर्बनाइजेशन से आएगा बूम’

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस लॉन्चिंग पर कहा कि वायर और केबल भारत के विकास के नए चरण के केंद्र में हैं। चेयरमैन ने कहा, ‘केबल और वायर सेगमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन बड़े ट्रेंड्स अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटाइजेशन के मुहाने पर खड़ा है। अगले दशक में 10 करोड़ से ज्यादा नए घर, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर्स इस सेक्टर में बड़ा बूम लाने वाले हैं। नए बिजनेस बनाना अब हमारे ग्रुप के DNA का अहम हिस्सा बन चुका है।’

देश के 500 जिलों और 1 लाख रिटेलर्स तक पहुंचेगा नेटवर्क

कंपनी ने लॉन्च के साथ ही देशव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन का तगड़ा प्लान बनाया है। शुरुआत में ही 500 से ज्यादा जिलों और 6,000 से अधिक पिन कोड्स तक नेटवर्क फैलाया जाएगा। 1 लाख से अधिक रिटेलर्स तक पहुंच बनाने और अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस के 5,000 से ज्यादा आउटलेट्स के जरिए बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य है।

अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ के अनुसार, देश भर में 20 से अधिक वेयरहाउस का नेटवर्क बनाया गया है, जिससे होम बिल्डर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को तुरंत सप्लाई दी जा सकेगी।

घरों के साथ-साथ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल केबल्स भी शामिल

अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन ने बताया कि कंपनी उपभोक्ता-केंद्रित एप्रोच के साथ काम करेगी। शुरुआती पोर्टफोलियो में होम वायर्स, फ्लेक्सिबल वायर्स, रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन्स के लिए केबल्स शामिल हैं। भविष्य में कंपनी का इरादा अन्य इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज के सेगमेंट में भी विस्तार करने का है।

Salman Khan: ‘सफाई बनाए रखो, वरना मैं उन्हें भेज दूंगा’, सलमान खान ने बांद्रा के एक कैफे को तुकाराम मुंडे के नाम से दी चेतावनी

Salman Khan: सलमान खान ने अपने दोस्त के नए बांद्रा कैफे को बेसिक चीजों का ध्यान रखने के लिए मजाकिया अंदाज में याद दिलाया है। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ‘द टक शॉप एट सेवियोज’ का वीडियो शेयर करते हुए, एक्टर ने अपनी कॉफ़ी दोबारा भरने के लिए कहा और मज़ाक में कैफ़े से कहा कि वे कीमत, क्वालिटी या साफ़-सफ़ाई से कोई समझौता न करें। उनकी यह चेतावनी महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे की ओर भी एक मज़ाकिया इशारा लग रही थी, जो फ़ूड आउटलेट्स के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं।

तुकाराम मुंडे चर्चा का विषय क्यों बने हैं?

26 मई, 2026 को FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद से तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र में फ़ूड सेफ़्टी के लिए की जा रही सख़्त कार्रवाई में एक जाना-माना नाम बन गए हैं। बताया जाता है कि सिर्फ़ दो महीनों में उनकी टीम ने 3,000 से ज़्यादा जगहों का निरीक्षण किया और लगभग 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए।

सख़्त और बिना किसी ढिलाई वाले रवैये की वजह से सोशल मीडिया पर उन्हें “असली सिंघम” का नाम भी दिया गया है। उनकी देखरेख में, FDA ने रेस्तरां, होटल, क्लब, फ़ास्ट-फ़ूड आउटलेट और संस्थागत किचनों में अचानक निरीक्षण बढ़ा दिए हैं। अधिकारी ख़राब साफ़-सफ़ाई, खाने में मिलावट, नकली पनीर, मिलावटी दूध और बिना लाइसेंस के काम करने जैसी समस्याओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एक स्वस्थ राष्ट्र के लिए स्वस्थ लोगों का होना ज़रूरी है। स्वस्थ लोगों के लिए स्वस्थ भोजन और दवा ज़रूरी है। और इसके लिए, रेगुलेटर्स को उस लक्ष्य की दिशा में काम करने की ज़रूरत है।”

सलमान खान का अगला प्रोजेक्ट क्या है?

काम की बात करें तो, सलमान खान ‘बिग बॉस 20’ के होस्ट के तौर पर वापसी करने वाले हैं। नया सीज़न 6 सितंबर, 2026 को JioHotstar और Colors TV पर शुरू होगा। इसके बाद सलमान ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ (Maatrubhumi: May War Rest in Peace) में नज़र आएंगे, जिसका पहले नाम ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ (Battle of Galwan) था।

फ़िलहाल इस फ़िल्म की दोबारा शूटिंग चल रही है। उनके पास वामशी पैदिपल्ली की फ़िल्म ‘मॉन्स्टर’ (Monster) भी है, जिसमें उनके साथ नयनतारा हैं और इसके 2027 में ईद के आस-पास रिलीज़ होने की उम्मीद है।

Asian Games में नीरज की जगह यह भाला फेंक खिलाड़ी करेगा एथलेटिक्स दल की अगुवाई

javelin throw

राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले भाला फेंक के एथलीट यशवीर सिंह को जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए चोटिल नीरज चोपड़ा की जगह गुरुवार को 77 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया जबकि लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को कथित डोपिंग उल्लघंन के लिए नाडा (राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी) से नोटिस जारी किए जाने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया।

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 77 सदस्यीय ट्रैक एवं फील्ड टीम की घोषणा की। लुधियाना अभी राष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है।

पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के धावक तेजस शिरसे को भी टीम से बाहर कर दिया गया है क्योंकि वह हाल ही में ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान चोटिल हो गए थे।अभिषेक को पिछले महीने नाडा ने नोटिस भेजा था क्योंकि उनके डोपिंग नमूने में महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवा पाई गई थी।

खेल मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में 73 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम की घोषणा की थी जिसमें शिरसे और अभिषेक भी शामिल थे। मंत्रालय ने बुधवार को छह नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया।

इन खिलाड़ियों में 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा, 400 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली किरण पहल, पोल वॉल्टर सिंधुश्री जी, त्रिकूद की एथलीट आशा इलंगो, चक्का फेंक की खिलाड़ी सान्या यादव और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार शामिल हैं।

इस तरह से पहले घोषित किए गए 73 खिलाड़ियों में से दो खिलाड़ियों अभिषेक और शिरसे के बाहर होने और बुधवार को छह खिलाड़ियों के जुड़ने से अंतिम संख्या 77 हो गई है।AFI ने आयोजकों से यह भी अनुरोध किया है कि पिछले एशियाई खेलों के दोहरे पदक विजेता अविनाश साबले को 5000 मीटर दौड़ में भाग लेने की अनुमति दी जाए। साबले की पसंदीदा 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में उनकी भागीदारी सुनिश्चित है।

पिछले साल एसीएल सर्जरी कराने के बाद साबले ने इस सत्र में केवल एक ही दौड़ में हिस्सा लिया है। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था।

दस सितंबर को होने वाली प्रतियोगिता में एशियाई खेलों के लिए चुने गए अधिकतर एथलीट भाग लेंगे।गुलवीर सिंह और पारुल चौधरी एशियाई खेलों में तीन-तीन स्पर्धाओं में भाग लेंगे। गुलवीर 10,000 मीटर, 5000 मीटर और 1500 मीटर में जबकि पारुल 3000 मीटर स्टीपलचेज, 5000 मीटर और 1500 मीटर में हिस्सा लेंगी।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

दीपोत्सव से सजेगी रामनगरी, 5 से 8 नवंबर तक होंगे भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन

दीपोत्सव से सजेगी रामनगरी, 5 से 8 नवंबर तक होंगे भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन

 

योगी सरकार में अपनी विशेष पहचान बना चुका अयोध्या का 10वां दीपोत्सव इस बार और भव्य होगा। दीपोत्सव और कार्तिंक पूर्णिमा मेला को भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दोनों आयोजनों की विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

पांच से आठ नवंबर तक होंगे दीपोत्सव के प्रमुख आयोजन

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पांच नवंबर को गोवत्स द्वादशी, छह नवंबर को धनत्रयोदशी, सात नवंबर को मास शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली एवं हनुमान जयंती और आठ नवंबर को दीपावली के अवसर पर रामनगरी में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। दीपोत्सव के दौरान साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा और झांकियां निकाली जाएंगी। इसके लिए ट्रॉली-ट्रक, मंच समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। रामकथा पार्क के निकट हेलीपैड की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
 

रामकथा पार्क से राम की पैड़ी तक दिखेगी दीपोत्सव की छटा

रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता स्वरूप की वंदना, प्रदर्शनी, लोकार्पण कार्यक्रम, रामलीला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। सरयू आरती स्थल पर मंच, सजावट, पुष्प एवं अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। राम की पैड़ी समेत प्रमुख स्थलों को दीपोत्सव की थीम पर सजाया जाएगा। स्वर्ग द्वार की पुताई, राम की पैड़ी की विशेष सफाई, धार्मिक स्थलों पर दीप सज्जा, फूलों की चेन, गमले, घाटों की रैलिंग और लाइटिंग की मरम्मत समेत विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।

 

श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए परिवहन, विश्राम स्थल, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय, सफाई और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए फ्लोटिंग जोन, बैरियर, सीसीटीवी और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। मीडिया सेंटर और प्रेस पास की व्यवस्था भी की जाएगी।
 

18 नवंबर को चौदहकोसी, 20 को पंचकोसी परिक्रमा

परिक्रमा एवं कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिए भी तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 18 नवंबर 2026 को चौदहकोसी परिक्रमा एवं अक्षय नवमी होगी। परिक्रमा 17/18 नवंबर की रात 1:10 बजे से शुरू होकर 18/19 नवंबर की रात 2:55 बजे तक चलेगी। 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा एवं एकादशी होगी। यह 20 नवंबर की रात 3:01 बजे से शुरू होकर 21 नवंबर की रात 2:37 बजे तक चलेगी।‌24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान एवं गुरु नानक जयंती का आयोजन होगा। स्नान का निर्धारित समय 23 नवंबर की रात 10:48 बजे से 24 नवंबर की रात 8:52 बजे तक रहेगा।

 

अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों, अस्थायी बस स्टैंड और विशेष ट्रेनों की व्यवस्था के लिए कार्रवाई की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर सफाई, पेयजल, प्रकाश और बैरियर की व्यवस्था बेहतर की जाएगी। पार्किंग स्थलों का चयन कर यातायात और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी। पुलिस विभाग पर्याप्त बल के साथ जल पुलिस, मोटर बोट, अग्निशमन दल और ट्रैफिक व्यवस्था संभालेगा। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव और परिक्रमा-कार्तिक पूर्णिमा मेला अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रमुख आयोजन हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

केन्या के राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को कामकाज बंद करने का दिया आदेश, 100 साल पुराने कारोबार पर लगाया ब्रेक!

Tata company out in Kenyan: केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कहा है कि ‘टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals)’ को काजियाडो काउंटी के लेक मगाडी में अपने खनन कामकाज तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूटो ने गुरुवार (3 सितंबर) को कहा, “उन्होंने भारत की टाटा केमिकल्स (TTCH.NS) को केन्या में अपना कामकाज रोकने का आदेश दिया है, क्योंकि कंपनी की मौजूदगी से देश को कोई फायदा नहीं हुआ।” रूटो ने कहा कि सरकार टाटा केमिकल्स का कामकाज संभालने के लिए दो नई कंपनियां लाएगी।

इस फैसले के साथ इलाके में टाटा केमिकल्स और उससे पहले की कंपनियों की करीब 100 साल से चली आ रही खनिज गतिविधियों (मिनरल निकालने के काम) पर विराम लग गया है। दक्षिणी केन्या में विकास कार्यों के दौरे के दौरान रुटो ने कंपनी पर आरोप लगाया कि कंपनी ने दशकों तक इलाके में मौजूद सोडा ऐश के विशाल प्राकृतिक भंडार का इस्तेमाल करने के बावजूद कोई ठोस आर्थिक विकास, रोजगार या स्थानीय औद्योगिक ढांचा नहीं बनाया।

क्या है पूरा विवाद?

राष्ट्रपति रूटो ने कंपनी पर आरोप लगाया कि इतने लंबे समय तक प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने के बावजूद काजियाडो एरिया में स्थानीय लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार, उद्योग और आर्थिक विकास का आधार तैयार नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कच्चा माल विदेश क्यों भेजा जाता रहे और स्थानीय समुदाय को उसका पर्याप्त लाभ क्यों न मिले।

‘उन्होंने यहां कुछ नहीं बनाया’

Reuters के मुताबिक, दक्षिणी केन्या के विकास दौरे के दौरान काजियाडो में लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रूटो ने टाटा के पुराने कारोबार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कंपनी को करीब 100 साल तक कॉन्ट्रेक्ट मिला। लेकिन उसने काजियाडो में कोई बड़ी फैक्ट्री नहीं लगाई। रुटो ने जोर देकर कहा कि भविष्य में माइनिंग लाइसेंस के लिए निवेशकों को कच्चे सोडा ऐश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करने के बजाय स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट बनाने की शर्त माननी होगी।

रूटो ने कथित तौर पर कहा, “उस टाटा कंपनी के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था। उन्होंने काजियाडो में कुछ नहीं बनाया। उन्होंने काजियाडो में कोई फैक्ट्री नहीं बनाई। हमने कहा है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे और उन्हें यहां काजियाडो में कांच की एक बड़ी कंपनी और केमिकल बनाने वाली एक और कंपनी लगानी चाहिए। क्या हम दूसरे लोगों के गुलाम हैं?”

टाटा के खिलाफ कार्रवाई की वजह क्या बताई गई?

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब केन्या के खनन मंत्रालय ने पहले ही टाटा के खनन संचालन पर रोक लगा दी थी। 28 जुलाई को खनन मामलों के कैबिनेट सचिव हसन जोहो ने कंपनी के संचालन को निलंबित किया था। अधिकारियों की ओर से इसके पीछे कई कथित नियामकीय उल्लंघनों का हवाला दिया गया, जिनमें स्थानीय खरीद संबंधी कानूनों का पालन न करना, निर्यात से जुड़े रिकॉर्ड में कथित गड़बड़िया और काउंटी के भूमि करों का कथित रूप से भुगतान न करना शामिल हैं।

टाटा का बयान

हालांकि, टाटा केमिकल्स का कहना है कि उसने केन्या के नियमों का पालन किया है। कंपनी का यह भी दावा है कि वह लेक मगाडी के आसपास रहने वाली करीब 30,000 स्थानीय आबादी को स्वास्थ्य और पानी जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराती है। जुलाई के आखिर में टाटा ने कहा था कि केन्या सरकार ने उसकी यूनिट टाटा केमिकल लिमिटेड को मगाडी सोडा फैक्ट्री में कामकाज रोकने और सोडा ऐश का एक्सपोर्ट बंद करने का आदेश दिया है।

टाटा ने 2005 में संभाला था कारोबार

लेक मगाडी में सोडा ऐश का खनन कोई नया कारोबार नहीं है। टाटा केमिकल्स ने 2005 में ऐतिहासिक Magadi Soda Company का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से टाटा ग्रुप इस क्षेत्र में सोडा ऐश और उससे जुड़े खनिज कारोबार से जुड़ा रहा है। सोडा ऐश का इस्तेमाल मुख्य रूप से कांच, रसायन और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। अब रूटो सरकार चाहती है कि केन्या अपने प्राकृतिक संसाधनों का सिर्फ निर्यात न करे। बल्कि केन्या के भीतर ही उनका वैल्यू एडिशन और औद्योगिक उत्पादन हो।

विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

राष्ट्रपति रूटो के इस फैसले के बाद केन्या में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। विपक्षी डेमोक्रेसी फॉर सिटिजन्स पार्टी (DCP) के नेताओं ने सरकार पर राज्य प्रायोजित आर्थिक तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। विपक्ष का दावा है कि टाटा के संचालन पर रोक लगाने से 1 लाख से ज्यादा लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। इससे सैकड़ों प्रत्यक्ष नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

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विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई के पीछे कोई दूसरा राजनीतिक मकसद हो सकता है। उनका दावा है कि लेक मगाडी एरिया में मौजूद संभावित लिथियम भंडार और तेल संसाधनों पर नए कारोबारी और राजनीतिक सहयोगियों को मौका देने के लिए मौजूदा कंपनी पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि केन्याई सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।

यूपी का राजनीतिक भविष्यफल!

यूपी का राजनीतिक भविष्यफल!

क्या आप उत्तर प्रदेश से हैं? किसी राजनीतिक दल से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकटार्थी हैं? अगर हां, तो आपको किसी विरहन की तरह भादों की रातें भारी लगेंगी। 

 

क्वार में आसमान साफ होने तक आपकी स्थिति कुछ हद तक साफ होगी। फिर भी मुकम्मल तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। इसलिए देवताओं की परिक्रमा करते रहिए। अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-दक्षिणा भी देते रहिए।

 

त्रेता में बारिश के बाद ही लंका कांड हुआ था। भगवान श्रीराम उत्तर प्रदेश के अयोध्या से ही थे। अब कलयुग में इस बार उत्तर प्रदेश में क्या होगा, कहना संभव नहीं। सब कुछ रामजी की मर्जी पर है। अपने मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से वह खुश हैं या नाराज, यह वक्त बताएगा।

 

हर दौर की तरह इस बार भी विभीषणों की चांदी रहेगी। इन दिनों विभीषण कुछ ज्यादा ही हैं, इसलिए मिलेंगे भी खूब। 

लेकिन ध्यान रखिए—ये त्रेता वाले विभीषण नहीं, कलयुग के विभीषण हैं। इनकी निष्ठा संदिग्ध रहेगी। ये विपक्ष यानी रावण का साथ छोड़कर आपके साथ आएं, यह जरूरी नहीं। मौका मिला तो आपको ही मरवाने की भूमिका में भी नजर आ सकते हैं। इसलिए इनसे दोस्ती करते समय सावधानी जरूरी है।

 

सावन-भादों में बारिश अच्छी हुई है और सिलसिला अभी जारी है। इससे मौसमी नेताओं यानी ‘मेंढकों’  की खुशी का ठिकाना नहीं। इनकी टर्र-टर्र अभी और बढ़ेगी। हालांकि इस पर बहुत ध्यान देने की जरूरत नहीं, क्योंकि टर्राना मेंढकों का स्वभाव है और मौसम बदलते ही इनकी आवाज भी बदल जाएगी।

 

भादों मौसम के बदलाव का प्रतीक है। कुछ दिनों में मानसून की वापसी शुरू होगी। उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक मौसम बदलेगा या नहीं, फिलहाल मुकम्मल तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।

 

ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम को जितना अप्रत्याशित बनाया है, उससे कहीं ज्यादा चुनावी राजनीति ने सियासी मौसम को। देश के सबसे बड़े सूबे में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बढ़ता चुनावी तापमान आने वाले दिनों को और अस्थिर बनाएगा। 

 

इसलिए थोड़ा दिल थामकर इंतजार करिए। आने वाले दिनों में कई चेहरे बदलेंगे, कई मौसम बदलेंगे और कई भविष्यफल गलत साबित होंगे। लेकिन तब तक एक काम जरूर कर लीजिए—SIR के बाद यह जरूर देख लीजिए कि आप मतदाता हैं भी या नहीं!

थिएटर में नंगे पैर ‘हनुमान अंश’ देखते नजर आया मुस्लिम शख्स, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह सिनेमा हॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देख रहा है। कई लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि फिल्म देखते समय वह बिना जूते-चप्पल के बैठा है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी खूब पसंद की जा रही है।

वीडियो में वह व्यक्ति सफेद कुर्ता-पायजामा और सफेद टोपी पहने हुए बिना जूते-चप्पल के थिएटर में बैठा दिखाई दे रहा है। वह फिल्म देखने में पूरी तरह मग्न है और उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि कोई उसका वीडियो बना रहा है।

वीडियो ऑनलाइन पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूज़र ने लिखा, “बिना राजनीति वाला भारत।” दूसरे ने लिखा, “वे दशकों से चल रहे राजनीतिक ध्रुवीकरण से उसके मन को दूषित करने में नाकाम रहे।”

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच यह वायरल क्लिप लोगों का ध्यान खींच रही है। हाल ही में मिराज सिनेमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने नीम करोली बाबा के लिए सीट नंबर 9 आरक्षित करने का फैसला किया है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि बाबा अपने भक्तों के साथ फिल्म देखेंगे।

नंगे पैर फिल्म देखने आए एक व्यक्ति का वीडियो और उस पर ऑनलाइन मिली प्रतिक्रियाओं ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बारे में चर्चा को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है।

नीम करौली बाबा, जिनका जन्म 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में लक्ष्मण नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। वे हनुमान के परम भक्त थे। 1960 और 1970 के दशक में कैंची धाम और वृंदावन में अपने आश्रमों के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी शिक्षाओं ने पश्चिमी देशों के कई साधकों को आकर्षित किया, जिनमें हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्परट (राम दास) और आध्यात्मिक साधक भगवान दास प्रमुख थे।

उनकी शिक्षाओं में निस्वार्थ सेवा और भक्ति पर जोर दिया गया था, जिसे संक्षेप में “सब से प्रेम करो, सबकी सेवा करो, सबको भोजन कराओ” कहा जाता है। हालांकि उनके अनुयायियों द्वारा बताई गई बातों में उनके जीवन से जुड़ी कई चमत्कारी घटनाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन ये कहानियाँ उनके आध्यात्मिक जीवन-वृत्तांत का हिस्सा हैं, न कि प्रमाणित इतिहास का।

11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनके निधन के बाद, उनकी विरासत दुनिया भर में फैली और स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी प्रमुख पश्चिमी हस्तियों को प्रभावित किया; इन सभी ने उनके कैंची धाम आश्रम का दौरा किया था।

खबरों के अनुसार, 1.8 करोड़ रुपये के कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग 10 लाख रुपये की शुरुआती कमाई की और 28वें दिन तक 62 करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई कर ली। फिल्म निर्माताओं का मानना ​​है कि लोगों के बीच फिल्म की अच्छी चर्चा (वर्ड ऑफ माउथ) के कारण ही यह फिल्म इतने लंबे समय तक सिनेमाघरों में चल पाई।

मस्ती, म्यूजिक और जबरदस्त बीट्स के साथ ‘डोंट बी शाय’ का पहला गाना ‘झूमो’ हुआ रिलीज

‘डोंट बी शाय’ एक ‘कमिंग-ऑफ-एज’ कहानी है और हर ऐसी कहानी के साथ एक साउंडट्रैक होता है, जो उसके साथ ही धीरे धीरे किरदारों को संग लेकर आगे बढ़ते जाता है। ऐसे में ‘डोंट बी शाय’ के मेकर्स ने अपने म्यूज़िकल सफर की शुरुआत ‘झूमो’ गाने के साथ शुरू कर दी है। यह गाना एनर्जी से भरा है और कहना होगा कि ऐसी ही म्यूजिकल शुरुआत की जरूरत थी।

फिल्म का फर्स्ट सॉन्ग अपने साथ भरपूर एनर्जी ही नहीं बल्कि खूब सारी मस्ती, और जवानी का जोश लेकर आया है। गाने के शानदार बीट्स, कमाल की कोरियोग्राफ़ी, जबरदस्त बोल और रेट्रो-स्टाइल फैशन वाली रंगीन दुनिया से सजा ‘झूमो’ गाना लिस्नर्स को झूमने पर मजबूर करने वाला है। कहना होगा कि यह गाना दोस्ती, जश्न और बेफिक्र होकर मज़े करने के पलों को खूबसूरती से दिखाता है।

फिल्म के पहले गाने ‘झूमो’ को टी-सीरीज़ द्वारा प्रस्तुत किया गया है। गाने को राम संपत ने कंपोज़ किया है, जबकि इसके बोल राम संपत और देवांश वैद्य द्वारा लिखे गए हैं। अपनी ज़बरदस्त बीट्स और हाई एनर्जी के साथ, यह गाना ‘डोंट बी शाय’ की रंगों से भरी दुनिया का माहौल बनाता है। एक ऐसी दुनिया जहां दोस्ती, शरारत और बड़े होने के यादगार पल सबसे खास हैं।

कंपोज़र और लिरिसिस्ट राम संपत ने गाने के बारे में बात करते हुए कहा है, “‘झूमो’ को एक ऐसे गाने के रूप में सोचा गया था जो छोटे पल में जीने की छोटी सी खुशी का जश्न मनाए। हम चाहते थे कि यह गाना जीवन से भरा होने के साथ ही रिदमिक क्वालिटी से भी सजा हो। ‘डोंट बी शाय’ की शरारत भरी दुनिया के साथ मेल खाए।

‘डोंट बी शाय’ की कहानी श्यामिली ‘शाय’ दास नाम की लड़की की है। वह 20 साल की है और उसे लगता है कि उसकी ज़िंदगी एकदम सही ट्रैक पर चल रही है, लेकिन तभी उसकी अच्छीखासी चल रही ज़िंदगी में कुछ ऐसा होता है, जिसकी उसने कभी उम्मीद नहीं की थी। हर चीज़ उसके हाथों से जैसे फिसल रही होती है और बेकाबू होकर बाहर होने लगती हैं।

बता दें कि इस फ़िल्म को श्रीति मुखर्जी ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसे आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट द्वारा उनके ‘इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस’ के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है और ‘चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट’ की ग्रीष्मा शाह और विकेश भूटानी ने इसे को-प्रोड्यूस किया है। फ़िल्म में कुणाल रॉय कपूर, अनुराग बसु, नेहा धूपिया और अंजू अल्वा नाइक भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म ‘डोंट बी शाय’ 25 सितंबर, 2026 को रिलीज़ होने वाली है।