अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath Braj redevelopmen: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? 

समाज विरोधी मंसूबे पूरे नहीं होने देगी सरकार

मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। 

कल्पना से परे था अयोध्या का कायापलट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था,  अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती।

सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।

अपराजित रही हमारी आस्था

सीएम ने कहा 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं।

मां विंध्यवासिनी धाम का भव्य परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी यहां योगमाया का दर्शन कर रहा था। इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। मैं जब भी यहां आता था, मुझे तत्काल मां विंध्यवासिनी का स्मरण आता था। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।

ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर जाए। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व व त्योहार केवल आस्था ही नहीं,  हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं। समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यवस्था के साथ जुड़कर पीएम मोदी जी के विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है।

हम सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो, तुम अपना कर्तव्य करो। तुम अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में कोई देर नहीं लगेगी। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो। बाकी चिंता हमारे कृष्ण कन्हैया करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, तभी हम इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं। कल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर आस्था के साथ विभिन्न समारोहों और आयोजनों में भागीदार बन रहे हैं। आज हम शासन की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ ले रहे हैं। नौजवान अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। हर बेटी बहन अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है। हर कारीगर और हर हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास है। इसी विश्वास को जगाने और हमें जोड़ने के लिए ये पर्व व त्योहार आते हैं। मुझे भी इसीलिए ब्रजभूमि में ‘लाला’ (बालकृष्ण) के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

अब जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, बल्कि उत्सव होता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।

 

 

UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को तोहफा! बताया कब मिलेगी 50,000 छात्राओं को फ्री स्कूटी

UP News: रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अक्टूबर-नवंबर में यूपी की 50,000 महिला अंडरग्रेजुएट छात्राओं को स्कूटी दिए जाएंगे। सीएम योगी शुक्रवार (28 अगस्त) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में यह ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक और आगे भी सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा, “हमने एक और व्यवस्था की है। हमारे लिए पहले ये काम बड़ा था कि रक्षाबंधन पर इस कार्यक्रम को करेंगे, अभी हम अक्टूबर या नवंबर में प्रदेश की 50,000 बेटियों को जो स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं, एक स्कूटी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। 50,000 बेटियों को हम स्कूटी भी प्रदान करने जा रहे हैं…।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “यूपी में पहले पहचान का संकट था आधी आबादी को न सुरक्षा थी, न सम्मान था, न स्वावलंबन था, तो हमारी आर्थिक स्थिति बदहाल होनी ही होनी थी। यूपी उस दौर को जब याद करता है, तो रोंगटे खड़े होते हैं। कहीं दंगे, कहीं कर्फ्यू, कहीं असुरक्षा, कहीं उपद्रव, हर योजना में बेईमानी और भ्रष्टाचार, लेकिन धर्म चक्र बदलता है। अगर उस समय उपद्रव था, तो पीएम मोदी के नेतृत्व में जब डबल इंजन की सरकार यूपी में आई, तो उपद्रव को उत्सव में बदल दिया गया है, कर्फ्यू और दंगा से मुक्त करके यूपी को चंगा बना दिया गया है।”

‘योजना का केंद्र बिंदु बेटी’

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है, आधी आबादी है। हमारा पहला संकल्प था उत्तर प्रदेश की बेटी को भयमुक्त वातावरण देंगे। उसे अपने विश्वास के दम पर खड़ा होने का पूरा अवसर देंगे और मुझे खुशी है कि हमने जो कहा था, बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे, यह केवल एक फिजिकल सिक्योरिटी नहीं थी, यह मेंटल सिक्योरिटी भी थी, हेल्थ सिक्योरिटी भी थी। प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ महिलाएं हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यात्रा में भागीदार है। हमारी नीति है कि हर बेटी, बहन और मां को आत्मनिर्भर महसूस होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार ने बेटी की यात्रा को जन्म से शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान तक एक इकोसिस्टम से जोड़ा है। महिलाएं चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं। 2017 में प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी करीब 10 हजार थीं, अब 45 हजार हो गई हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की गई है। 32 हजार पदों पर भर्ती चल रही है, जिसके बाद यह संख्या 50 हजार हो जाएगी।”

बुजुर्गों के लिए बस फ्री

सीएम योगीने कहा कि इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के मुफ्त रहने की व्यवस्था रहेगी।

महिला बीट पुलिस की तैनाती

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो।

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उन्होंने आगे कहा, “हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी। बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना शुरू किया।”

CM Yogi News: बेटियों के सपनों को पंख दे रही डबल इंजन सरकार, महिलाओं के रोजगार से लेकर मुफ्त बस यात्रा तक बड़े ऐलान

CM Yogi News: बेटियों के सपनों को पंख दे रही डबल इंजन सरकार, महिलाओं के रोजगार से लेकर मुफ्त बस यात्रा तक बड़े ऐलान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, सम्मान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह पर्व परिवार और समाज के रिश्तों को मजबूत करने के साथ स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों के आर्थिक स्वावलंबन से भी जुड़ा है। आज बेटियों ने जो राखियां मुझे बांधीं, उनमें से बहुत उन्होंने अपने हाथों से बनाई। प्रदेश में करीब 15 करोड़ राखियां बंध रही हैं। इनमें से प्रत्येक राखी के पीछे किसी कारीगर, हस्तशिल्पी, दुकानदार व बाजार की आर्थिक गतिविधि जुड़ी हुई है। राखी खरीदने पर पैसा कारीगर तक पहुंचता है और फिर बाजार में लौटकर विकास को गति देता है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को 'बिटिया और बहना-यूपी का गहना' स्नेहबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रद्धा और सम्मान से विश्वास पैदा होता है, विश्वास आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है और आत्मनिर्भर समाज ही विकास को तेज गति देता है। इसी सोच के साथ प्रदेश में मिशन शक्ति का संचालन बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए किया जा रहा है। आज बेटियां भयमुक्त होकर स्कूल जा रही हैं और शिक्षा से लेकर रोजगार तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

 

गरीब बेटियों के लिए बदली शिक्षा की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों का अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक दौरे के दौरान उन्होंने गरीब परिवार की कुछ बच्चियों को नंगे पैर और बिना यूनिफॉर्म स्कूल जाते देखा था। वहीं उनके भाइयों के पास जूते और यूनिफॉर्म थी। इस अनुभव के बाद उन्होंने बेटियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और सर्दियों में स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। बाद में यह सुविधा सभी जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई गई। आज प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

प्रदेश के सभी विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहले आठवीं के बाद बड़ी संख्या में बेटियों की पढ़ाई छूट जाती थी। सरकार ने इन विद्यालयों को 12वीं तक विस्तार देने का निर्णय लिया है और प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अटल आवासीय विद्यालयों में भी बेटियों की संख्या बढ़ाई गई है।

 

सैनिक स्कूल से लेकर रोजगार तक बेटियों को समान अवसर

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ स्थित परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर संचालित देश के पहले सैनिक स्कूल में वर्ष 2018 में बेटियों को प्रवेश देने की शुरुआत की गई। आज देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों के लिए प्रवेश का रास्ता खुल चुका है। सरकार का लक्ष्य बेटियों को ऐसा वातावरण देना है, जिसमें वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।

 

36 प्रतिशत से अधिक महिलाएं नौकरी व रोजगार से जुड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक राज्य में महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बेहद कम रही। आजादी के बाद करीब 75 वर्षों तक केवल 12 प्रतिशत महिलाएं नौकरी या रोजगार से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़े शहरों में निःशुल्क छात्रावासों के निर्माण की पहल भी आगे बढ़ाई जा रही है। आज बेटियां नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। यह बदलते उत्तर प्रदेश और महिला सशक्तीकरण की बड़ी तस्वीर है।

 

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नगरीय बस सेवाओं में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। कोई भी बेटी, बहन या माता अपने साथ एक सहयात्री के साथ इन तीन दिनों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकती है। इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की हर माता को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी लागू कर दी गई है।

 

महिलाओं की भागीदारी केवल कानून का पालन करने तक सीमित नहीं

सीएम ने कहा कि अब जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां बेटियां आगे न बढ़ रही हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल कानून का पालन करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कानून बनाने वाली संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी पहले से है और आगे विधानसभा व लोकसभा में भी उनकी भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।

 

पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार बेटियों के साथ खड़ी

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर प्रदेश की सभी बेटियों, बहनों और माताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार पूरी मजबूती के साथ बेटियों के साथ खड़ी है। उन्होंने बेटियों से मेहनत और परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा प्रदेश और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

CM Yogi News: मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछने लगीं बेटियां, योगी बोले- यही तो 2017 के बाद आया बदलाव है

CM Yogi News: मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछने लगीं बेटियां, योगी बोले- यही तो 2017 के बाद आया बदलाव है

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उत्तर प्रदेश की बेटियों को मंच मिला तो उनकी भावनाएं शब्दों में उतर आईं। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के सामने बेटियां आत्मिक भाव से अपने हृदय के उद्गार व्यक्त करती रहीं, जिसे मुख्यमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए बड़े ही उत्साह से सुना। उन्होंने बेटियों से संवाद किया, उन्हें सफल जीवन का 'आशीष' दिया और हर कदम पर सरकार के साथ होने का विश्वास भी दिलाया। 

 

रक्षाबंधन पर स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाकर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चियों को उपहार स्वरूप चॉकलेट और ओडीओपी बैग भेंट किए। एक छात्रा के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उसकी पॉकेट डायरी पर संदेश भी लिखा। छात्राओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां जो दृश्य देखने को मिला है, यही उत्तर प्रदेश में आए परिवर्तन को दिखा रहा है। 

 

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बेटियां इस तरह सुरक्षित और उन्मुक्त वातावरण में मुख्यमंत्री से न तो मिल सकती थीं और न ही सीधे संवाद कर सकती थीं। आज बड़ी संख्या में बेटियां मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर बिना किसी भय के सवाल और बातचीत कर अनुभव साझा कर रही हैं। आज न असुरक्षा का भय है और न ही किसी प्रोटोकॉल का डर है।

 

2017 से पहले स्कूल भेजने में अभिभावकों को होती थी चिंता

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले बड़ा संकट यह था कि बेटियां स्कूल तक नहीं जा पाती थीं। कई अभिभावक बेटियों की पढ़ाई बंद कर देते थे या उन्हें घर से दूर दूसरे प्रदेशों के हॉस्टल में रखने को मजबूर होते थे। जिस समय बेटी को अपने माता-पिता का सबसे अधिक संरक्षण मिलना चाहिए, उस समय उसका दूर रहना मजबूरी बन जाता था। आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और बेटियां सुरक्षित वातावरण में शिक्षा हासिल कर रही हैं।

 

जन्म से लेकर स्नातक तक बेटियों के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी स्नातक तक की पढ़ाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटियों को सहायता दी जा रही है। शादी योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए मदद उपलब्ध कराई जा रही है। स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली बेटियों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। मेधावी छात्राओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए स्नातक स्तर की 50 हजार मेधावी बेटियों को स्कूटी प्रदान करने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। 

 

यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटी किसी से कम नहीं है।  2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या महज करीब 10 हजार थी। आज यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने वाला है। इसका परिणाम है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

 

यूपी अब 'बीमारू' नहीं, देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सीधा संबंध प्रदेश के विकास से है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़कर प्रदेश और देश को आगे ले जाने में योगदान दे रही हैं। यह बदलाव केवल योजनाओं का परिणाम नहीं, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन इसी परिवर्तन की महत्वपूर्ण तस्वीर है।

 

75 जनपदों की छात्राओं ने दी रक्षाबंधन की बधाई

इस दौरान 75 जनपदों की छात्राओं की वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गई। इसमें छात्राओं ने अपना परिचय देते हुए मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की बधाई दी और उन्हें राखी भेजने की बात कही। इस दौरान कई छात्राओं ने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री के सामने अपनी आकांक्षाएं और सवाल भी रखे। कक्षा आठ की शैल कुमारी ने कहा कि उनके स्कूल में कंप्यूटर लैब की सुविधा है और वह कंप्यूटर चलाना भी सीख चुकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

 

टीवी पर देखते थे सीएम सर को, आज सामने हैं

पायनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज की कक्षा आठ की छात्रा समृद्धि वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से आमने-सामने मिलना मेरे लिए गोल्डेन अपॉर्च्युनिटी रहा। बचपन से सीएम सर को टीवी पर देखती थी। उनसे आमने-सामने मिलने की इच्छा रक्षाबंधन पर पूरी हो गई। श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की कक्षा सात की छात्रा आयशा बानो ने सीएम से कहा कि आपसे मिलकर और आपका आशीर्वाद पाकर बेहद खुशी हुई। आपका आशीर्वाद हमेशा बच्चों पर बना रहे।

 

मुझे भी आपके जैसा नेता बनना है

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद की कक्षा नौ की छात्रा वैष्णवी पाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को जीवन का बेहद खास अवसर बताया। उसने कहा कि टीवी पर मुख्यमंत्री को देखकर मेरे मन में भी उनकी तरह नेता बनने की इच्छा पैदा हुई। मुख्यमंत्री से मिलने की जानकारी मिलने के बाद वह इस दिन का इंतजार कर रही थी। वैष्णवी ने बताया कि वह हॉकी खिलाड़ी है और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुई है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में मिली सुविधाओं और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया।

 

इसी विद्यालय की छात्रा दिव्या ने बताया कि पहले उसका स्कूल कक्षा आठ तक था, लेकिन अब कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिलने से वह बेहद खुश है। वह फुटबॉल खेलती है और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। कक्षा सात की छात्रा अंजावती सिंह ने भी मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि वह हॉकी और कराटे खिलाड़ी है। हॉकी में उनका राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है, जबकि कराटे में उसने राज्य स्तर पर कांस्य पदक हासिल किया है।

 

सोशल मीडिया के दौर में चुनौतियों पर सवाल

द संस्कृति स्कूल लखनऊ की छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। एक छात्रा ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। कक्षा आठ की श्रेयशी सिंह ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच विद्यार्थियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर सवाल किया। उसने पूछा कि सोशल मीडिया के दौर में जब कुछ खराब चीजें भी सामने आती हैं, तो विद्यार्थी उनसे दूर रहकर अपना ध्यान पढ़ाई और लक्ष्य पर कैसे केंद्रित रख सकते हैं।

 

स्मार्ट फोन से दूरी और अच्छी पुस्तकों की आदत

छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अच्छी सोच विकसित करनी होगी और अपने लक्ष्य के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। आज के दौर में तकनीक महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी भी सीमा और आवश्यकता है। तकनीक का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। स्मार्टफोन आज की पीढ़ी का बहुत अधिक समय खर्च कर रहा है। अगर किसी मशीन या तकनीक पर हमारी निर्भरता इतनी बढ़ जाए कि वह हमारी सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता को कमजोर करने लगे, तो उससे दूरी बनाना जरूरी है।

 

मुख्यमंत्री ने उदाहरण दिया कि एक समय लोग बिना कैलकुलेटर के गिनती और पहाड़े याद रखते थे तथा गणित के सवालों का तत्काल जवाब दे देते थे। कैलकुलेटर पर निर्भरता बढ़ने के साथ लोगों की याददाश्त पर भी इसका असर पड़ा। स्मार्टफोन डिजिटल लाइब्रेरी, अच्छे शैक्षिक कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षा के लिए उपयोगी माध्यम हो सकता है। पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन इसमें उपलब्ध हर सामग्री हमारे हित में हो, यह जरूरी नहीं है। अनावश्यक कंटेंट से दूरी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अत्यधिक स्मार्टफोन इस्तेमाल के दुष्परिणामों के प्रति भी आगाह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक स्मार्टफोन देखने से आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है और सोचने-समझने की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। जो बच्चे चार से छह घंटे स्मार्टफोन पर बिताते हैं, उन्हें धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम कम करने का प्रयास करना चाहिए।

 

सोशल मीडिया पर अच्छे-बुरे दोनों कंटेंट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छे और बुरे, दोनों कंटेंट मौजूद हैं। इसलिए केवल आवश्यकता, पाठ्यक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी सामग्री ही देखनी चाहिए। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की भी सीमा निर्धारित होनी चाहिए। सीएम योगी ने प्रदेश के बच्चों से स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय खर्च करने के बजाय अच्छी और प्रेरणादायी पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा भी अच्छी किताबें पढ़ना और लिखने की आदत डालना आपके व्यक्तित्व और ज्ञान के विकास में लाभदायक होगा।

 

“मैं स्वयं मुश्किल से आधा घंटा स्मार्टफोन इस्तेमाल करता हूं”

मुख्यमंत्री ने छात्रा से अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं बहुत कम बमुश्किल आधा घंटा स्मार्टफोन का उपयोग करता हूं और वह भी राज्य से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विषय या मुद्दे के लिए। अन्यथा स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करता। मुझे मालूम है कि स्मार्टफोन मेरा अधिक समय खराब कर सकता है और इससे प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर काम करने के लिए जरूरी समय प्रभावित हो सकता है। सीएम ने छात्राओं से कहा कि आपको भी स्मार्टफोन से दूरी बनानी चाहिए। 

 

छात्रा ने पूछा, कैसे संभालते हैं सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश

संवाद के दौरान संस्कृति विद्यालय की छात्रा श्रेजा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि देश में सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश को वह कैसे संभालते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ से अधिक आबादी रहती है, लेकिन यह आबादी चुनौती नहीं बल्कि प्रदेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जो लोग आबादी को चुनौती मानते थे, उन्होंने यूपी को बीमारू बना दिया था। हमारी सरकार ने इसी आबादी को डेमोग्राफिक डिविडेंड से जोड़ते हुए युवाओं की स्किलिंग, रोजगार और प्रदेश के विकास से जोड़ने का काम किया।

 

25 करोड़ लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ा यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्केल के अनुरूप स्किलिंग के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए गए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने का प्रयास हुआ है। रोजगार को प्रदेश के विकास और विकास को मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा गया। जब इतनी बड़ी आबादी एक साथ आगे बढ़ती है और एक साथ सोचती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं। आज यूपी बीमारू प्रदेश नहीं है, बल्कि देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। नौ वर्ष पहले प्रदेश की गिनती देश के पिछड़े राज्यों में होती थी, लेकिन आज सबसे प्रगतिशील राज्यों में यूपी की गिनती होती है। 25 करोड़ लोगों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शुद्ध नीयत और स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ाने का परिणाम प्रदेश के सामने है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में नीयत शुद्ध और लक्ष्य स्पष्ट हो तो परिणाम जरूर प्राप्त होता है।

 

अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा

अटल आवासीय विद्यालय की कक्षा छह की छात्रा अग्रिमा ने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ अपने ग्रुप की फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने खुशी से फोटो खिंचवाने के लिए सहमति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए इन विद्यालयों की शुरुआत की है। निर्माण श्रमिकों के माता-पिता काम के सिलसिले में अलग-अलग स्थानों पर जाते रहते हैं, जिसके कारण उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल रही हैं तथा यहां पढ़ने वाले बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

टीवी पर देखा, आज आमने-सामने मिलने की खुशी

कार्यक्रम में एनएस पब्लिक स्कूल की छात्रा सौम्या ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जताई। सौम्या ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को अब तक टीवी पर देखती थी, लेकिन आज उनसे वास्तविक रूप से मिलकर उसे बहुत अच्छा लग रहा है। कक्षा तीन की छात्रा याशिका सोनकर ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। छात्रा ने अपना परिचय देते हुए बताया कि मैंने आपको कई बार टीवी पर देखा है और आज मैं आपसे आमने-सामने बात कर रही हूं। याशिका ने भी मुख्यमंत्री से अपने ग्रुप के साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई और 'जय हिंद-जय भारत' नारे के साथ अपनी बात पूरी की।

यूपी की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना : CM योगी

यूपी की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना : CM योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली, ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स यूपी में है। इन्हें प्लेटफॉर्म उलब्ध कराना सरकार का काम है। राजदूत, उच्चायुक्त समेत विदेशी प्रतिनिधिमंडल मुझसे पूछते हैं कि उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ से अधिक है, इसलिए आपके सामने बड़ी चुनौती है। मैं उनसे कहता हूं कि जितनी बड़ी चुनौती, उतनी ही बड़ी संभावना है। यूपी की जिस आबादी को लोग चुनौती कहते हैं, हम उसे डेमोग्रॉफिक डेविडेंड मानते हैं। इनके स्केल को स्किलिंग से जोड़कर इसका उपयोग डेमोग्रॉफिक डेविडेंड के रूप में कर पाते हैं।

 

मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपए से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण करने के उपरांत युवा उद्यमियों व उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का विमोचन तथा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया। इस दौरान लघु फिल्म के माध्यम से यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम से अवगत कराया गया।

2014 से पहले देश में 500 स्टार्टअप्स, अब ढाई लाख से अधिक 

सीएम योगी ने 2014 से पहले और इसके बाद भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में व्यापक बदलाव दिख रहा है। 2014 के पहले देश में मात्र 500 स्टार्टअप्स थे, अब इनकी संख्या ढाई लाख से ऊपर है। स्टार्टअप इकोसिस्टम अब भारत के युवाओं के सपनों की उड़ान को गति दे रहा है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश की भी थी। उस समय यहां कुल 120 स्टार्टअप थे, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन व सकारात्मक वातावरण के कारण आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई। इसमें 8 यूनिकॉर्न हैं। यूपी की स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत आज 107 स्टार्टअप व 9 इन्क्यूबेटर्स को प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। यूपी स्टार्टअप नीति के तहत 12 नए इन्क्यूबेटर्स को भी मान्यता प्रदान कर रहे हैं।

2017 से रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा एक सपना 

सीएम ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ के कई स्टार्टअप्स का मैंने दौरा किया था। अपने कार्यों की बदौलत उन्होंने यूपी की पहचान और धारणा को बदलने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। सीएम ने 2017 से पहले यूपी के प्रति नकारात्मक धारणा का जिक्र करते हुए यहां की अव्यवस्था को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाहर जाने पर सांसद के रूप में मैंने भी महसूस किया कि लोग शक की निगाहों से देखते थे। धारणा यह थी कि जहां सड़कों में गड्ढे और बिजली के अभाव में अंधेरा दिखने लगे, समझो यूपी आ गया। उत्सव से पहले उपद्रव होता था। स्कूल-कॉलेज, बाजार महीनों बंद रहते थे। आमजन कर्फ्यू के साये में जीने को विवश था। उस समय 5 वर्ष में 700 से अधिक दंगे हुए। उन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अंदर रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा करना एक सपना ही था। 

सरकार की उदासीनता से प्रदेश हो गया था ‘बीमारू’

सीएम ने कहा शिक्षा, रोजगार, स्टैंडअप, स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर्स आदि के बारे में इकोसिस्टम तब तैयार होता है, जब धारणा के साथ ही आमजन की मानसिकता भी उसके अनुरूप दिखाई दे। हम अनुकूल वातावरण बनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। सरकार सकारात्मक मानसिकता की हो और उसका आमजन से जुड़ाव हो, लेकिन 2017 के पहले न पॉलिसी थी और न ही सरकार की इच्छाशक्ति। लोग अजीब वातावरण में जीने को मजबूर थे, इसका परिणाम था कि अनंत संभावनाओं वाला उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ हो गया। 

आधे स्टार्टअप का संचालन कर रही ‘आधी आबादी’ 

सीएम ने कहा कि आधे स्टार्टअप का संचालन ‘आधी आबादी’ कर रही है। सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू, आईआईएम से आए हर प्रस्ताव को प्रोत्साहित करने के लिए फंड व सहयोग उपलब्ध कराया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में सरकार ने सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था की थी। हालांकि बीच में कुछ गतिरोध आया था, लेकिन बाद में परिवर्तन कर इसे तेजी से बढ़ाया भी गया। 

इनोवेशन व रिसर्च के लिए सभी विश्वविद्यालयों को दिया फंड

सीएम ने नए स्टार्टअप के लिए नया प्रोत्साहन देने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नई पॉलिसी के तहत हमने हाल में इसे अच्छे ढंग से बढ़ाया है। सीएम ने उच्च शिक्षण संस्थानों का आह्वान किया कि केवल परंपरागत पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि विश्वविद्यालयों-इंस्टीट्यूट में इनोवेशन को आरएंडडी के लिए बेहतरीन माहौल दें। सरकार ने इनोवेशन व रिसर्च की एक्टिविटी को प्रोत्साहित करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को अलग से फंड दिया है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की छवि को और बेहतर करना है।

‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं

सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2017 व 2018-19 में जो प्रयास किए, उसके सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं। 2017 के पहले का ‘बीमारू यूपी’ बॉटम-3 से देश की टॉप-3 इकॉनमी में शामिल हुआ है। 9 वर्ष में उप्र की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी व बड़े उद्योगों की संख्या तीन गुनी हुई। ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं, बल्कि सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को साबित कर रहा है। 

सरकार हर कदम पर रहेगी साथ 

सीएम ने कहा कि आईआईटी कानपुर मेडटेक व ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना चाहती थी, आईआईटी बीएचयू यूपीएग्रीज के साथ काम करना और एसजीपीआईजी भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करना चाहता था। सरकार ने इन सभी से कहा कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन आदि क्षेत्रों में जहां भी आवश्यकता पड़ेगी, सरकार हर सहयोग के लिए खड़ी है। हम एक दर्जन से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का संचालन/निर्माण कर रहे हैं। 

स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार दर्ज हो यूपी की उपस्थिति 

सीएम ने उम्मीद जताई कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार यूपी की उपस्थिति दर्ज होती दिखाई दे। भारत में आबादी के अनुरूप यूपी का हिस्सा 1/6 है, जबकि स्टार्टअप की तुलना में यह हिस्सा 1/10 है, यानी भारत के कुल स्टार्टअप का 20 प्रतिशत हिस्सा यूपी में होना चाहिए। इसके लिए तैयारी करनी होगी। डीपटेक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने वालों समेत सभी स्टार्टअप्स का सीएम ने आह्वान किया कि वे इकोसिस्टम को गति प्रदान करने और युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए आगे आएं। 

यूपी जितनी संभावनाएं देश व दुनिया में कहीं नहीं 

सीएम ने कहा कि यूपी में लैंड, सुरक्षा की दिक्कत नहीं है। पॉलिसी पैरालिसिस से उबर चुके हैं। यूपी में समर्पित पॉलिसी है। हर क्षेत्र में यहां जितनी संभावनाएं हैं, उतनी देश व दुनिया में कहीं नहीं प्राप्त होंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर सिडबी के साथ किए गए फंड ऑफ फंड्स की राशि बढ़ाई जाएगी। लीज पर लैंड, प्लग एंड प्ले मॉडल पर स्पेस उपलब्ध कराने में सरकार मदद करेगी, लेकिन आपको स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए गति देनी होगी।

हर कदम को प्रोत्साहित करेगी यूपी सरकार

सीएम ने आशा जताई कि डबल इंजन सरकार के साथ मिलकर आप सभी यूपी को बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिलाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि युवाओं के हित में यूपी सरकार आपके हर कदम को प्रोत्साहित करेगी और यूपी में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने में हरसंभव मदद करेगी। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय आदि मौजूद रहे।

CM Yogi: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा अपडेट दिया है। मंगलवार को लखनऊ में अपॉइंटमेंट लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। ये नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री के बताया, 2017 से अब तक राज्य में 9.3 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी रोजगार मिल चुका है। उन्होंने कहा कि इन भर्तियों में प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और बिना भेदभाव के चयन पर जोर दिया गया है।

6 महीने में मिलेंगे 1 लाख युवाओं को नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि, “मैं प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त कर रहा हूं कि अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। ये नियुक्ति पत्र अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह बांटे जाएंगे।” सीएम योगी ने कहा, “उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक उत्तर प्रदेश के 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा गया है। इन नियुक्तियों में किसी तरह की अनियमितता या भेदभाव की गुंजाइश नहीं रखी गई है।”

पिछली सरकार पर साधा निशाना

सीएम योगी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, 2017 से पहले सरकारी भर्तियों में युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोग पूरे प्रदेश में वसूली करते थे। योगी ने बिना किसी का नाम लिए ‘चाचा-भतीजा’ और ‘पूरा परिवार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पिछली व्यवस्था पर सवाल उठाए।

जीरो टॉलरेंस की नीति पर कर रही काम

उन्होंने कहा कि, ‘उस समय युवा भर्ती के नतीजों का इंतजार करते रह जाते थे और कई मामलों में अदालत को नियुक्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। इससे युवाओं का समय और मेहनत दोनों बर्बाद होते थे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘इसके लिए युवाओं को नहीं, बल्कि उस समय भर्ती व्यवस्था से जुड़े भ्रष्ट अधिकारियों, बोर्डों, आयोगों और नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ‘हमारी सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। साथ ही, नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि युवाओं को बिना किसी भेदभाव के समय पर नौकरी दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम नागरिक कतई परेशान न हों। प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है। चीनी मिलों ने दो महीने (जून-जुलाई) में 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलें 15 अक्टूबर से संचालित की जाएं।

15 अक्टूबर से संचालित की जाए चीनी मिलें 

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल (कुल 179.38 लाख क्विंटल) चीनी प्रदेश में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जून व जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है, इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए।

भ्रम फैलाने व कालाबाजारी करने वालों पर करें कार्रवाई 

सीएम योगी ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी बताकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने भारत सरकार के निर्देश के क्रम में कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत विक्रित चीनी को विक्रय की तिथि से 7 दिन से अधिक अवधि तक गोदाम में नहीं रोकेंगी। 

सीएम ने दिया निर्देश- भौतिक सत्यापन कराएं जिलाधिकारी

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक धारित करने अथवा जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में चीनी की उपलब्धता एवं मूल्य पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी अथवा मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराएं।

48 लाख किसानों को किया गया 32,554 करोड़ का भुगतान 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग 4 लाख टन है। पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया गया है।

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM Yogi Ayodhya visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (14 अगस्त) को अयोध्या दौरे पर पहुंचे। रामकथा पार्क हेलीपैड पर उतरने के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर रामलला का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास के प्रथम अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

16 लाख गायों का संरक्षण

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित संतों ने राम मंदिर परिसर में महंत परमहंस रामचंद्र दास जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर पहुंचकर महंत बनवारीपति दिवाकर जी महाराज को नमन किया और पूज्य संतों-महंतों से आत्मीय मुलाकात की। गौमाता के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की अनमोल धरोहर है। उन्होंने गौ तस्करी और गोहत्या पर पूर्ण विराम लगाने की अपील की तथा बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 16 लाख गायों का संरक्षण किया जा रहा है।

​चढ़ावा चोरी मामले पर विपक्ष पर प्रहार

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी (SIT) जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।​

राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान को नमन

सीएम ने परमहंस जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। संभल और देश के विभाजन का उल्लेख करते हुए योगी जी ने राष्ट्र को एकजुट रहने का संदेश दिया और कहा— 'हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।'

 

योगी ने कहा कि अयोध्या के बदलते स्वरूप की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित होकर पुनः त्रेता युग की अलौकिक छवि पेश कर रही है।

रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने बजरंगबली के दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद हनुमानगढ़ी स्थित इमली बाग में पहुंचकर स्वर्गीय महंत संत रामदास को श्रद्धांजलि अर्पित की। हनुमानगढ़ी से मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन किया।

Diamond State Summit: ‘हमारे युवा प्रतिभाशाली हैं…’ , CM योगी ने की Gen-Z युवाओं की जमकर तारीफ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम डायमंड स्टेट समिट में देश युवाओं की काफी तारीफ की। डायमंड स्टेट्स समिट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, युवा देश का भविष्य हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की मदद के लिए उनकी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।

बता दें कि, सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में दिल्ली में नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक विवाद को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में Gen-Z युवाओं का बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था। न्यूज18 इंडिया के ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी परीक्षा पास कर चुके लोग इस योजना के तहत कम से कम एक घंटे का समय उन छात्रों को देते हैं, जो यूपीएससी, नीट, आईआईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

युवाओं पर सीएम योगी आदित्यनाथ का फोकस

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सबसे युवा आबादी का नेतृत्व करता है। हमारा युवा प्रतिभाशाली है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए हैं, जहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी सिखाई जा रही है। AI, स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर तमाम आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यूपी के सरकारी इंटर कॉलेजों का कायाकल्प किया गया। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिला। UPSC, UPPSC, NEET और IIT-JEE की तैयारी के लिए वर्चुअल और फिजिकल कोचिंग की व्यवस्था की गई। जिलों में तैनात UPSC पास अधिकारी युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे।

सीएम योगी ने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की बड़ी युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में काफी लंबी दूरी तय की है और क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह सिर्फ आंकड़ों के आधार पर बदलाव की बात नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जब आम लोग खुद अपनी आंखों से बदलाव देख रहे हैं, तो यह साफ है कि वास्तव में काफी बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज को छोड़कर किसी दूसरे इलाके में विश्वविद्यालय नहीं था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में गोरखपुर, आजमगढ़, बलरामपुर और मिर्जापुर में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में भदोही में भी काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के बनने से प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।