Ravi Kishan: ‘मैं डरा हुआ हूं कोई गलती नहीं कर सकता’, ‘अयोध्या की रामलीला’ में भगवान राम का किरदार निभाने पर बोले रवि किशन

Ravi Kishan: एक्टर और सांसद रवि किशन नई दिल्ली में ‘अयोध्या की रामलीला’ में श्री राम का रोल निभाएंगे। इस इवेंट का टेलीकास्ट दुनिया भर में होगा। एक्टर का कहना है कि स्टेज पर भगवान का रोल निभाने में उन्हें “डर” लग रहा है।

उन्होंने HT सिटी से कहा, “पहली बार श्री राम का रूप धारण करने का सौभाग्य मिला है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वे मेरे शरीर में आएं और मुझे गरिमा के साथ परफॉर्म करने की ऊर्जा दें। मैंने पहले परशुराम और केवट का रोल किया है, बचपन में माता सीता का रोल भी किया है और एक टीवी सीरियल में श्री कृष्ण का रोल भी निभाया है। लेकिन यह अलग है। मैं हमेशा से श्री राम का रोल निभाना चाहता था।”

यह मानते हुए कि उन्हें स्क्रीन की तुलना में ज्यादा डर लग रहा है वे कहते हैं, “अंदर से डरा हुआ हूं! मेरा मानना ​​है कि एक एक्टर के लिए स्टेज पर जाने से पहले डर और घबराहट बहुत जरूरी है। यह श्री राम का रोल है इसलिए इसे सही ढंग से निभाने की और भी ज्यादा जरूरत है… मन में हमेशा यह बात रहती है कि कोई गलती न हो जाए।”

स्टेज और स्क्रीन की तुलना करते हुए रवि ने कहा कि “यहां आप गलती नहीं कर सकते या मन से कुछ नया नहीं जोड़ सकते। आपको तय स्क्रिप्ट और किरदार के दायरे में ही रहना होता है। मेरे पास कितना भी अनुभव क्यों न हो, आखिर हम इंसान हैं और किसी से भी गलती हो सकती है! मैं अपना 100% देने की कोशिश करता हूं और इसी का नतीजा है कि ‘मिर्जापुर द मूवी’, ‘मामला लीगल है’ और ‘लापता लेडीज’ में मेरे किरदारों को सफलता मिली।”

वे याद करते हैं कि एक पुजारी का बेटा होने के नाते वे श्री राम और महादेव की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं और अब उन्हें यह मौका मिल रहा है। एक्टर ने कहा कि यह सिर्फ अभिनय की बात नहीं है – चेहरे पर सौम्यता, शालीनता, संयम और एकाग्रता भी जरूरी है। क्योंकि आप पुरुषों में उत्तम श्री राम का किरदार निभा रहे हैं। पूरी दुनिया इसे देखेगी और दूरदर्शन, OTT और YouTube लाइव स्ट्रीमिंग पर 50 करोड़ से ज्यादा लोग इसे लाइव देखेंगे।”

अपनी तैयारी के बारे में वे कहते हैं, “अच्छी बात यह है कि अभी नवरात्रि चल रही है और मैं व्रत रख रहा हूं, इसलिए शुद्ध शरीर और पवित्र आत्मा के साथ मैं यह किरदार निभाऊंगा। मैं शाकाहारी हूं और दुबला-पतला दिखने के लिए खास डाइट ले रहा हूं। रामलीला से पहले मैं अपनी मूंछें हटा दूंगा और खुद को शांत और संयमित रख रहा हूं ताकि मैं इस किरदार को बेहतरीन ढंग से निभा सकूं।”

अयोध्या आकर भी अखिलेश यादव का ‘राम लला’ से परहेज! क्या कहते हैं रामनगरी के प्रबुद्धजन

अयोध्या आकर भी अखिलेश यादव का 'राम लला' से परहेज! क्या कहते हैं रामनगरी के प्रबुद्धजन

Akhilesh Yadav ayodhya visit

Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या के कृष्णापुर खानपुर (रसूलाबाद) गांव पहुंचे। मौका था सपा सरकार में मंत्री रहे तेज नारायण पांडेय उर्फ ‘पवन पांडेय’ के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का। इस अवसर पर उन्होंने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चेतावनी भी दे डाली। 

 

​अखिलेश ने व्यास पीठ का पूजन किया, कथा व्यास डॉ. राघवाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद लिया और संतों द्वारा भेंट की गई गदा स्वीकार की। हालांकि, राम नगरी की पावन धरती पर कदम रखने के बावजूद राम जन्मभूमि मंदिर न जाने और राम लला के दर्शन न करने को लेकर अयोध्या के प्रबुद्ध वर्ग और संतों में गहरी नाराजगी है।

अखिलेश की सीएम योगी को चुनौती

​2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इस दौरे के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’ समेत कई दिग्गज स्थानीय नेता मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विकास और एयरपोर्ट के नाम पर गरीबों व व्यापारियों को उजाड़ा गया है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर किसानों को सर्किल रेट का 6 गुना मुआवजा और 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी।

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सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधा ललकारते हुए कहा कि वे स्वयं अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को अयोध्या से लड़ने के लिए कोई नया प्रत्याशी तक नहीं मिल रहा है। राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी के हालिया विवाद को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पलटवार

​दूसरी ओर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख को अयोध्या की चिंता करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सपा शासन के दौरान ही रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और थानों-जेलों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई गई थी।

​राम सबके हैं, दूरी क्यों?

​अयोध्या आकर भी राम लला के दर्शन न करने पर स्थानीय नागरिकों, बुद्धिजीवियों और धर्मगुरुओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ​इक़बाल अंसारी (पूर्व पक्षकार, बाबरी मस्जिद) ने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है और यहां से लोगों का अटूट विश्वास जुड़ा है। अखिलेश यादव को राम लला का दर्शन-पूजन जरूर करना चाहिए था, जिससे उन्हें ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ मिलता।

 

​प्रो. आशुतोष सिंह ने कहा कि जब अखिलेश जी ने ही राम मंदिर में चंदा चोरी का प्रकरण उठाया था, तो उन्हें मंदिर आकर देखना चाहिए था कि व्यवस्थाएं कैसी चल रही हैं। डॉ. वंदना जायसवाल ने कहा कि भगवान राम किसी एक व्यक्ति या दल के नहीं हैं, राम तो सबके हैं। अयोध्या आने पर उन्हें मंदिर जरूर जाना चाहिए था। डॉ. अविनाश तिवारी ने कहा कि राम मंदिर किसी सरकार का नहीं है। जनता का मान रखने के लिए उन्हें राम लला से दूरी नहीं बनानी चाहिए थी।

 

​डॉ. मनीष सिंह ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था और मंदिर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना चाहिए था। ​डॉ. आशीष प्रताप सिंह (अध्यक्ष, शिक्षक संघ) ने कहा कि राम मंदिर कोई राजनीतिक स्थान नहीं है। राम लला के दर्शन करने से उन्हें लाभ ही होता, यह बेहद दुखद है।

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डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने कहा कि एक यदुवंशी होने के नाते उन्हें राम मंदिर जाना ही चाहिए था। दर्शन न करने से ऐसा प्रतीत होता है कि चंदा चोरी का मुद्दा उन्होंने सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाया था। ​डॉ. समरेन्द्र बहादुर सिंह का कहना है कि सपा की छवि राम मंदिर आंदोलन में खलनायक जैसी रही है। निर्माण के बाद आए बदलावों को देखने के बजाय उन्होंने केवल कमियां ढूंढने और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। डॉ. कुमुद रंजन ने कहा कि अयोध्या जैसी पवित्र भूमि पर आकर भगवान राम के द्वार न जाना अनुचित है। इस राजनीतिक रवैये का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।

अयोध्या में बृजभूषण ने कहा- मैं नहीं लड़ूंगा चुनाव, अखिलेश से रिश्ते पर भी बोल

अयोध्या में बृजभूषण ने कहा- मैं नहीं लड़ूंगा चुनाव, अखिलेश से रिश्ते पर भी बोल

Brijbhushan sharan singh

Brij Bhushan Sharan Singh Ayodhya: पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या मीडिया से बातचीत में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अपने रिश्तों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि अखिलेश यादव से उनके संबंध पूरी तरह व्यक्तिगत हैं और राजनीति से परे हैं। सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव से हमारे व्यक्तिगत स्तर पर बेहतरीन संबंध हैं। हम खुलकर उनकी तारीफ करते हैं और वे भी कभी हमारी बुराई नहीं करते।

 

​दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचने पर समर्थकों ने बृजभूषण सिंह का जोरदार स्वागत किया। मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लगा दिया और स्पष्ट किया कि वे आगामी चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, जब उनसे राज्यसभा जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो वे पूरी तरह मौन रहे और कोई टिप्पणी नहीं की।

 

​हाल के दिनों में अखिलेश यादव की तारीफों और समाजवादी पार्टी में शामिल होने की कयासबाजियों के बीच पूर्व सांसद का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे अपनी मौजूदा स्थिति से संतुष्ट हैं और चुनावी मैदान में उतरने का फिलहाल कोई इरादा नहीं रखते।

Ayodhya News : CM योगी ने हनुमानगढ़ी में बजरंगबली का लिया आशीर्वाद, रामलला के दरबार में टेका माथा; मंदिर परिसर का किया निरीक्षण

Ayodhya News : CM योगी ने हनुमानगढ़ी में बजरंगबली का लिया आशीर्वाद, रामलला के दरबार में टेका माथा; मंदिर परिसर का किया निरीक्षण

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचा। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हनुमानजी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने उनका स्वागत किया। रामलला के दर्शन और पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

 

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की स्वच्छता, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। उनके अयोध्या आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क रहा। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

राम मंदिर को कल मिल सकता है पहला CEO! 5500 लोगों ने किया था आवेदन, सेलेक्शन कमेटी ने 3 नाम किए शॉर्टलिस्ट

Ayodhya Ram Temple CEO Update: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राम मंदिर को बुधवार को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल सकता है। चयन समिति ने मंगलवार को इस पद के लिए तीन शीर्ष उम्मीदवारों के नामों का एक पैनल तैयार कर सिफारिश दी है। राम मंदिर के पहले सीईओ की दौड़ में रिटायर ब्यूरोक्रेट सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर के नए सीईओ का चयन बुधवार को मणिरामदास छावनी स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के आवास पर आयोजित होने वाली बैठक में किया जाएगा।

3 सदस्यीय सर्च कमेटी ने छांटे नाम, 5,500 आवेदनों की हुई स्क्रीनिंग

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अयोध्या पहुंच चुकी है और उम्मीद है कि वह बैठक से पहले ट्रस्ट को अपनी अंतिम शॉर्टलिस्ट सौंप देगी। इस समिति में रिटायर जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हावरे शामिल हैं। बुधवार को दोपहर 2 बजे से प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में सीईओ की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।

मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि इतने बड़े और विश्व प्रसिद्ध मंदिर का श्रेष्ठ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए हम एक उत्कृष्ट सीईओ की तलाश में थे। इसके लिए हमने जस्टिस (प्रमोद) कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे से मार्गदर्शन मांगा था। इस तीन सदस्यीय चयन समिति ने सुबह से शाम तक अथक परिश्रम करते हुए साक्षात्कार लिए।

गोविंद देव गिरि ने बताया कि देश भर से लगभग 5500 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और एनजीओ से जुड़े प्रोफेशनल शामिल थे। चयन समिति ने चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत पहले 3500, फिर 1500 और अंत में 300 उम्मीदवारों को छांटा। प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए गए। इसके बाद 3 अंतिम शॉर्टलिस्ट किए गए नामों का पैनल तैयार किया गया।

दान के पैसों की चोरी के आरोपों के बाद लिया गया फैसला

राम मंदिर में चंदे के प्रबंधन और दान की चोरी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट की वित्तीय देखरेख पर सवाल खड़े हुए थे। ट्रस्ट ने खुद माना था कि दान की चोरी से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के दैनिक कामकाज और दैनिक संचालन की देखरेख के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का निर्णय लिया था।

सेक्रेटरी और अन्य पदों का भी हो सकता है आधिकारिक ऐलान

बुधवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में सीईओ के अलावा दो सदस्यों और जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) के पदों के लिए भी नामों की घोषणा की जा सकती है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्ट के सचिव के पद पर भी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। जगदीश आफले मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। जब गोविंद देव गिरि से पूछा गया कि क्या बुधवार को नए सीईओ के नाम की घोषणा होगी तो उन्होंने कहा कि यह तय करना ट्रस्ट पर निर्भर है। मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा, लेकिन ट्रस्टी बोर्ड तय करेगा कि इसे अभी करना है या नहीं।

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रामलला से धोखा! चेन्नई की महिला ने 4 करोड़ का दिया था चेक, खाते में सिर्फ 3 रुपए

रामलला से धोखा! चेन्नई की महिला ने 4 करोड़ का दिया था चेक, खाते में सिर्फ 3 रुपए

Ayodhya Ram Mandir fraud: तमिलनाडु के चेन्नई की एक महिला श्रद्धालु ने हाल ही में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 4 करोड़ रुपए का चेक सौंपा था। महिला की इच्छा थी कि इस राशि का उपयोग विशेष रूप से मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों की सुविधाओं पर ही किया जाए। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट से एक लिखित आश्वासन की भी मांग की थी। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया था। इसके अलावा महिला ने राम मंदिर के लिए 10 हजार रुपए का अलग से भी दान दिया था।

​खाते में राशि न होने से चेक बाउंस

जब ट्रस्ट ने 4 करोड़ रुपए का यह चेक बैंक में जमा कराया, तो बैंक जांच में महिला के खाते में केवल 3 रुपए ही जमा पाए गए। पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। अब नियमानुसार बैंक महिला को नोटिस भेजकर इतनी बड़ी रकम का फर्जी/अनादरित चेक जारी करने पर जवाब तलब करेगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

 

​क्या है पूरा मामला?

  • चेन्नई की महिला श्रद्धालु ने राम मंदिर कर्मियों के लिए 4 करोड़ रुपए का चेक दिया था। 
  • ​क्लियरिंग के दौरान उसके खाते में महज 3 रुपए की राशि पाई गई।
  • महिला ने राशि को केवल कर्मचारी कल्याण में खर्च करने का लिखित आश्वासन मांगा था।
  • बैंक नोटिस की तैयारी में है, वहीं ट्रस्ट भी बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

​इससे पहले भी बाउंस हुए हैं चेक

2020 के निधि समर्पण अभियान के दौरान भी लगभग 100 करोड़ रुपए के चेक बाउंस हुए थे, जिनमें से अधिकांश की बाद में रिकवरी कर ली गई थी। गौरतलब है कि रामलला मंदिर को हर महीने नकद, चेक और ऑनलाइन माध्यमों से करीब 3 से 4 करोड़ रुपये का दान प्राप्त होता है, जिसमें से लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपए सिर्फ चेक के जरिए आते हैं। 4 करोड़ रुपए के इस चेक बाउंस मामले के बाद अब ट्रस्ट और बैंक प्रशासन बड़ी रकम वाले चेक स्वीकार करने और उनकी क्लियरिंग प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी कर रहे हैं।

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

Ayodhya Rakhi Mata Shanta: अयोध्या में भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के कई विशिष्ट दिग्गजों को विशेष राखियां भेजी गई हैं। इन राखियों को केले के तने, रेशमी धागे और भागलपुर की कला का उपयोग करके तैयार किया गया है।                                

राखी की मुख्य विशेषताएं

  • विशिष्ट जनों को प्रेषित : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथसिंह, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ को यह रक्षा सूत्र भेजा गया है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार: साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने इन सभी राखियों को वैदिक मंत्रों के साथ अभिमंत्रित किया है।
  • खास सामग्री : इस बार की राखियां मुख्य रूप से केले के तने के धागे, रेशम, मखाने और भागलपुरी पेंटिंग की कला का उपयोग करके बनाई गई हैं, जिन्हें मधुबनी की अंजलि सिंह के सहयोग से तैयार किया गया है।
  • भगवान राम को अर्पण : देश के प्रमुख नेताओं और गणमान्य लोगों तक रक्षा सूत्र पहुंचाने के बाद, माता शांता की ओर से भेजी गई यह पावन राखी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला को भी अर्पित की गईं। 

क्या है धार्मिक मान्यता?

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता शांता राजा दशरथ की पुत्री और भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थीं, जिनका विवाह श्रृंगी ऋषि के साथ हुआ था। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का निर्वाह करते हुए हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर माता शांता के धाम/आश्रम की तरफ से यह रक्षा सूत्र भेजने की परंपरा निभाई जाती है। 

 

श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इन विशेष राखियों को अभिमंत्रित किया है। प्राचीन परंपरा और भ्रातृ-स्नेह को जीवंत रखने के लिए संस्थान हर वर्ष यह रक्षा सूत्र भेजता है।

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM Yogi Ayodhya visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (14 अगस्त) को अयोध्या दौरे पर पहुंचे। रामकथा पार्क हेलीपैड पर उतरने के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर रामलला का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास के प्रथम अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

16 लाख गायों का संरक्षण

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित संतों ने राम मंदिर परिसर में महंत परमहंस रामचंद्र दास जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर पहुंचकर महंत बनवारीपति दिवाकर जी महाराज को नमन किया और पूज्य संतों-महंतों से आत्मीय मुलाकात की। गौमाता के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की अनमोल धरोहर है। उन्होंने गौ तस्करी और गोहत्या पर पूर्ण विराम लगाने की अपील की तथा बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 16 लाख गायों का संरक्षण किया जा रहा है।

​चढ़ावा चोरी मामले पर विपक्ष पर प्रहार

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी (SIT) जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।​

राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान को नमन

सीएम ने परमहंस जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। संभल और देश के विभाजन का उल्लेख करते हुए योगी जी ने राष्ट्र को एकजुट रहने का संदेश दिया और कहा— 'हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।'

 

योगी ने कहा कि अयोध्या के बदलते स्वरूप की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित होकर पुनः त्रेता युग की अलौकिक छवि पेश कर रही है।

रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने बजरंगबली के दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद हनुमानगढ़ी स्थित इमली बाग में पहुंचकर स्वर्गीय महंत संत रामदास को श्रद्धांजलि अर्पित की। हनुमानगढ़ी से मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन किया।

सावन मास में अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

सावन मास में अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

Shravan month Ayodhya Ramlala Darshan: श्रावण मास में श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या धाम में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर श्री रामलला के दर्शन-पूजन के साथ ही प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा भगवान शिव के मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रावण मास के दौरान अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन कर चुके हैं।

 

इस वर्ष श्री रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री रामलला के दर्शन किए हैं। प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को भी एक लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंच रहे हैं।

 

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन किया, जबकि द्वितीय सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर लगभग 6 लाख तक पहुंच गई। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

भीड़ प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस

जिला प्रशासन द्वारा प्रमुख मंदिरों, घाटों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों में अधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए उच्च अधिकारी स्वयं रात्रि में भी मेला क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का अवलोकन कर रहे है।

 

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, शौचालय, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। घाटों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखा गया है।

नोटों की गिनती के लिए नई व्यवस्था

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मे विगत दिनों हुए चढ़ावा व दान चोरी की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया हालांकि जांच अभी चल रही है। दोषी पाए गए आरोपियों को रिमांड पर लिया जा चुका है। इस बीच, SBI प्रबंधन राम मंदिर में नोटों की गिनती के लिए अपनी व्यवस्था मे बड़ा परिवर्तन करते हुए सेना के सेवानिवृत 10 कर्मियों का चुनाव किया है साथ ही इनका एक प्रभारी भी नियुक्त किया गया है।

 

वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर में सिक्योरिटी सर्विस की सेवा समाप्ति के लिए सरकूलर जारी कर दिया गया है। जानकारी दे दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ने दान व चढ़ावे चोरी की घटना के बाद SBI प्रबंधन ने सेक्युरिटी सेवा की समाप्ति के लिए एक सरकूलर भी जारी कर दिया है क्योंकि जेल मे बंद आठ आरोपियों मे से छह आरोपी इसी सिक्योरिटी एजेंसी के ही हैं। 

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।