Henley Index में 84वें पायदान पर पहुंचा भारत, भारतीय पासपोर्ट धारक बिना अग्रिम वीजा के कर सकते हैं 55 देशों की यात्रा

अक्टूबर 2026 के लिए जारी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में इस साल भारत की रैंकिंग में एक पायदा का सुधार हुआ है। यह 85 से घटकर 84वें नंबर पर आ गया है। रैंकिंग में सुधार के बीच चिंताजनक बात यह है कि भारतीय पासपोर्ट धारक बिना पहले से वीजा लिए अब सिर्फ 55 देशों में जाने के योग्य हैं। पहले यह संख्या 57 देशों की थी। सिंगापुर इस सूची में टॉप पर बना हुआ है।

हेनले एंड पार्टनर्स की 9 अक्टूबर को जारी ताजा रैंकिंग के मुताबिक, अल्जीरिया और मॉरिटानिया के साथ भारत 84वें नंबर पर है। अक्टूबर 2025 के मुकाबले देश का स्कोर दो जगहों से कम हुआ है, जो इसकी रैंकिंग और इसके पासपोर्ट धारकों को मिलने वाले यात्रा विशेषाधिकार के बीच के अंतर को दिखाता है।

क्या है हेलने पासपोर्ट इंडेक्स?

Henley Passport Index दुनिया भर के पासपोर्टों की एक वैश्विक रैंकिंग प्रणाली है, जो यह बताती है कि किसी देश का पासपोर्ट कितना ताकतवर है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 199 पासपोर्ट को उन जगहों की संख्या के हिसाब से रैंक करता है, जहां उनके धारक पहले से वीजा लिए बिना जा सकते हैं। यह 227 जगहों को कवर करता है और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों का इस्तेमाल करता है।

सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे मजबूत

इस सूची में सिंगापुर ने दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट के तौर पर अपनी जगह टॉप पर बनाए रखी है। इसके पास बिना पहले वीजा के 193 जगहों पर यात्रा की सुविधा है। जापान, साउथ कोरिया और यूनाइटेड अरब अमीरात एक साथ दूसरे नंबर पर हैं, जिनमें से हर एक के पास 188 जगहों तक एक्सेस है। स्वीडन 187 जगहों के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन उन देशों में शामिल हैं जो 186 जगहों तक एक्सेस के साथ चौथे नंबर पर हैं। यूनाइटेड किंगडम 184 स्कोर के साथ छठे नंबर पर है, जबकि यूनाइटेड स्टेट्स 180 जगहों तक एक्सेस देकर 10वें नंबर पर है।

भारतीय बिना पहले से वीजा लिए कहां घूम सकते हैं?

भारतीय पासपोर्ट धारक विदेश यात्रा से पहले पारंपरिक वीजा लिए बिना कई जगहों पर जा सकते हैं। इनमें भूटान, बारबाडोस, फिजी, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल, थाईलैंड, जमैका, कजाकिस्तान, रवांडा, सेनेगल, डोमिनिका, हैती, माइक्रोनेशिया और वानुअतु वगैरह शामिल हैं। हालांकि, डेस्टिनेशन के हिसाब से प्रवेश की सही जरूरतें अलग-अलग होती हैं। कुछ देशों में आगमन पर वीजा या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन की जरूरत हो सकती है, जबकि रहने की मंजूर अवधि और दूसरी शर्तें अलग हो सकती हैं।

क्यों मायने रखती है भारत की पासपोर्ट रैंकिंग?

भारत का 85वें से 84वें स्थान पर आने का मतलब जरूरी नहीं कि अधिक यात्री आजादी हो। पासपोर्ट रैंकिंग किसी देश के नागरिकों के लिए पहुंच वाले गंतव्यों की संख्या और दूसरे देशों की वीजा पॉलिसी और रैंकिंग में बदलाव, दोनों को दिखाती है। नतीजतन, कोई देश इंडेक्स में ऊपर जा सकता है, भले ही उसका अपना एक्सेस स्कोर कम हो जाए।

कुमाऊं से दिल्ली-एनसीआर पहुंचना हुआ आसान! पंतनगर से नोएडा एयरपोर्ट के बीच मिली सीधी फ्लाइट से ये सारे फायदे

कुमाऊं से दिल्ली-एनसीआर पहुंचना हुआ आसान! पंतनगर से नोएडा एयरपोर्ट के बीच मिली सीधी फ्लाइट से ये सारे फायदे

कुमाऊ क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हवाई यातायात से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। पंतनगर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच इंडिगो की सीधी उड़ान सेवा से यात्रियों को आवागमन का एक सुविधाजनक विकल्प मिल रहा है। इससे हल्द्वानी, नैनीताल, भीमताल, मुक्तेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आर्थिक, व्यावसायिक और शैक्षणिक केंद्रों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।

अब तक लंबी दूरी की यात्रा के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को हवाई सफर का एक अतिरिक्त विकल्प मिल रहा है। इससे कारोबारियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और परिवारों को समय के बेहतर प्रबंधन के साथ यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों से संपर्क बेहतर होने से कुमाऊं और एनसीआर के बीच आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को मिलेगा बढ़ावा

कुमाऊं अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों, पहाड़ों और धार्मिक स्थलों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए बेहतर हवाई संपर्क क्षेत्र की पर्यटन अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा सकता है। वहीं, कुमाऊं से दिल्ली और आसपास के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, जैसे मथुरा, वृंदावन और आगरा, की यात्रा करने वालों को भी आगे की यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है।

बेहतर कनेक्टिविटी से होटल, टैक्सी, स्थानीय परिवहन, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

देश के बड़े शहरों तक पहुंच का नया विकल्प

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से इंडिगो के व्यापक नेटवर्क से जुड़कर यात्री मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों के लिए आगे की यात्रा के विकल्प तलाश सकते हैं। इससे कुमाऊं के व्यापारियों और उद्यमियों को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आगे की यात्रा की उपलब्धता संबंधित उड़ानों के कार्यक्रम और कनेक्शन पर निर्भर करेगी।

कार्गो सुविधाओं से कारोबार को नई उम्मीद

यात्री सुविधाओं के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर भी क्षेत्रीय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय व्यवसायों की जरूरतों के अनुरूप कार्गो सेवाओं का बेहतर उपयोग होने पर माल की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे क्षेत्र के उद्योगों, व्यापारियों और अन्य कारोबारी इकाइयों को व्यापक बाजारों से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।

इसी दिशा में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंडिगो और एयर इंडिया सैट्स ने पंतनगर में ट्रैवल एवं ट्रेड समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ रोडशो आयोजित किया। इसमें कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई), ट्रैवल एजेंटों, फ्रेट फॉरवर्डर्स और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यात्री कनेक्टिविटी, आगे की यात्रा के विकल्पों, एयरपोर्ट सुविधाओं और कार्गो संबंधी संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने किफायती किराए, अधिक यात्रा विकल्पों और बेहतर कार्गो मूवमेंट की जरूरत पर जोर दिया।

यात्रियों को मिलेंगे विशेष ऑफर

पंतनगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कुछ विशेष प्रमोशनल ऑफर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंतनगर का बोर्डिंग पास दिखाने पर एयरपोर्ट के चुनिंदा डाइनिंग आउटलेट्स, जिनमें कोस्टा कॉफी, केएफसी, सबवे, चाय पॉइंट और स्मूर शामिल हैं, पर 10% तक की छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 200 रुपये है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक टैक्सी और कार रेंटल सेवाओं पर 40% तक की छूट का भी प्रावधान है। इन ऑफर्स की लागू शर्तें संबंधित सेवा प्रदाताओं पर निर्भर करेंगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टोफ श्नेलमैन के अनुसार, पंतनगर-नोएडा एयरपोर्ट मार्ग कुमाऊँ के यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ाने के साथ दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, पंतनगर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच हवाई संपर्क कुमाऊं के लिए केवल यात्रा का नया विकल्प नहीं, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करने वाला कदम भी साबित हो सकता है।

ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट

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Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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Salman Khan YouTube Debut: ‘शुरू से शुरू करते हैं…’, सलमान खान ने Alphabet थीम वाले टीजर के साथ यूट्यूब डेब्यू किया

Salman Khan YouTube Debut: सलमान खान ने आधिकारिक तौर पर YouTube जॉइन कर लिया है। एक्टर ने शुक्रवार 9 अक्टूबर को अपना चैनल लॉन्च किया, जिससे फैंस को फिल्मों, टीवी पर दिखने और सोशल मीडिया पोस्ट के अलावा उनके बारे में अपडेट पाने का एक नया प्लेटफॉर्म मिला।

सलमान ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए चैनल की घोषणा की और एक छोटा वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने पेज के पीछे के आइडिया के बारे में बताने से पहले वर्णमाला (अल्फाबेट) सुनाई। उनके मैसेज से पता चला कि चैनल सिर्फ एक तरह के कंटेंट तक सीमित नहीं रहेगा।

सलमान ने शेयर करते हुए लिखा, “शुरू से शुरू करते हैं… मेरा ऑफिशियल YouTube चैनल। A से Z तक सब यहां मिलेगा।” लॉन्च के लगभग एक घंटे के भीतर ही चैनल के 14,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर हो गए थे। सलमान खान के YouTube चैनल पर पहले से ही 10 शॉर्ट्स मौजूद हैं।

सलमान का YouTube बायो बहुत सिंपल है- “फिल्म एक्टर। आर्टिस्ट। पेंटर। समाजसेवी। यह मेरा ऑफिशियल चैनल है।” ऐलान के समय पेज पर 10 शॉर्ट्स मौजूद थे। शुरुआती अपलोड्स में लंबे कंटेंट के बजाय छोटे और हल्के-फुल्के वीडियो ज्यादा हैं, जिससे फॉलोअर्स को यह अंदाजा हो जाता है कि सलमान इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।

एक्टर ने अभी तक कंटेंट का कोई डिटेल्ड शेड्यूल शेयर नहीं किया है, लेकिन इस अनाउंसमेंट से ही फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ गई है कि आगे क्या होगा। यह चैनल पर्सनल अपडेट्स, शूट की झलकियां, प्रमोशनल मटीरियल और ऐसे दूसरे कंटेंट के लिए एक जगह बन सकता है जो आमतौर पर उनकी फिल्मों की रिलीज या टीवी अपीयरेंस में नहीं दिखते।

यूट्यूब पर आने से सलमान को एक सीधा वीडियो प्लेटफॉर्म भी मिल गया है, ऐसे समय में जब कई एक्टर पारंपरिक प्रमोशनल कैंपेन से हटकर रेगुलर कंटेंट शेयर करने के लिए अपने चैनलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सलमान यूट्यूब पर दूसरे बॉलीवुड स्टार्स के साथ शामिल हुए

यूट्यूब पर ऑफिशियल मौजूदगी बनाने वाले सलमान पहले फिल्म सेलिब्रिटी नहीं हैं। आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, नोरा फतेही, जैकलीन फर्नांडीज, वरुण धवन, शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, अर्चना पूरन सिंह और फराह खान जैसे बॉलीवुड स्टार्स ने इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल व्लॉग, ट्रैवल वीडियो, फिटनेस कंटेंट, कुकिंग वीडियो, बिहाइंड-द-सीन्स फुटेज और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की झलकियां शेयर करने के लिए किया है। साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कई एक्टर, जिनमें अल्लू अर्जुन और मोहनलाल शामिल हैं, भी अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल चलाते हैं।

20 रुपये के टिकट की बजाय जान की बाजी लगाने वाले बेटिकट यात्री चलती ट्रेन से कूदे, देखें वायरल Video

उत्तर प्रदेश में टिकट चेकिंग से बचने के लिए यात्रियों के एक बड़े ग्रुप ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। यह घटना ट्रेन के रसौली रेलवे स्टेशन पहुंचने से कुछ देर पहले हुई। खबर है कि यात्री ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) से टकराव से बचने की कोशिश कर रहे थे। एक यात्री ने इस घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। रेडिट प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लोग यात्रियों के ट्रेन से कूदकर स्टेशन से भागने को बेवकूफी करार दे रहे हैं।

स्टेशन से पहले यात्री ट्रेन से कूदे

फुटेज में बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक के पास चलती ट्रेन से उतरते हुए दिख रहे हैं। कुछ लोग नीचे कूदने के बाद भागते हुए देखे जा सकते हैं, जबकि ट्रेन स्टेशन की ओर बढ़ रही है। खबर है कि स्टेशन पर पुलिस अधिकारी मौजूद थे। खतरे के बावजूद, यात्रियों ने टिकट चेकिंग का सामना करने के बजाय प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन से उतरना चुना।

No wonder why IR can’t recover their cost. (not oc)

by

u/Status_Candidate_392 in

indianrailways

इस घटना को बाद में Reddit पर यूज़र ‘u/Status_Candidate_392’ ने शेयर किया। यह पोस्ट 7 अक्टूबर को अपलोड की गई थी और इसमें बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर चर्चा करते हुए यह कमेंट किया गया था, “कोई हैरानी नहीं कि IR अपनी लागत क्यों नहीं वसूल सकता। (oc नहीं)।”

चलती ट्रेन से कूदने से गंभीर चोटें लग सकती हैं, खासकर तब जब लोग रेलवे ट्रैक के पास उतरते हैं और उनके आस-पास दूसरे यात्री होते हैं।

यूजर्स ने सवाल किया, इस जोखिम की जरूरत क्या है?

कई यूजर्स ने ट्रेन टिकट के पैसे देने से बचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने के लिए यात्रियों की बुराई की। एक व्यक्ति ने लिखा, “TTs और पुलिस हैरान थे,” जबकि दूसरे ने कहा, “नॉर्दर्न रेलवे में एक आम दिन।” एक और यूजर ने लिखा, “तो वे Rs 20 का टिकट खरीदने के बजाय घायल होने या मरने से भी ठीक हैं। बहुत बढ़िया,” इसमें शामिल खतरे की ओर इशारा करते हुए।

एक यूजर ने धनबाद जंक्शन का अपना अनुभव भी शेयर करते हुए कहा, “इसलिए मैंने देखा है कि धनबाद जंक्शन पर कई बार TTE FOB के खंभों के पास छिप जाते हैं और उनमें से कुछ सिविल ड्रेस में आकर ट्रेन रुकते ही गेट के सामने खड़े हो जाते हैं। एक बार जब वे एग्जिट का रास्ता कुछ समय के लिए ब्लॉक कर देते हैं तो TTE हमला कर देते हैं।”

एक और व्यक्ति ने मुंबई में अपने एक दोस्त के अनुभव को याद करते हुए कहा: “मेरा दोस्त मुंबई में हर सुबह ऐसा करता था। एक दिन उसके बैग का स्ट्रैप दरवाजे के हैंडल में फंस गया। उसके शरीर का बीच का हिस्सा गायब था।”

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Dussehra Long Weekend 2026: दशहरे पर मिलेगा 4 दिन का लॉन्ग वीकेंड, घूमने के लिए ये 6 जगहें रहेंगी बेस्ट; अभी बना लें प्लान

अगर आप कहीं पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो दशहरे के आसपास कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्टूबर में दशहरे पर आपको चार दिन का लॉन्ग वीकेंड मिल सकती है। इन चार दिन की छुट्टी में ऐसी जगह जाना बेहतर रहेगा, जहां कम समय में ज्यादा घूम सकें। इन चार दिनों की छुट्टियों में आप राजस्थान के ऐतिहासिक शहर, हम्पी के पुराने मंदिर और खंडहर या गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों पर जा सकते हैं। ये सभी जगहें छोटी छुट्टी के दौरान घूमने के लिए अच्छे विकल्प हो सकती हैं। आइए जानते हैं दशहरे के लॉन्ग वीकेंड में आप कहां-कहां पर घूम सकते हैं।

कब से कब तक होगी छुट्टी

2026 में दशहरा यानी विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। इससे पहले 17 अक्टूबर को शनिवार और 18 अक्टूबर को रविवार है। ऐसे में अगर आप 19 अक्टूबर, सोमवार की छुट्टी ले लेते हैं तो 17 से 20 अक्टूबर तक लगातार चार दिन का ब्रेक मिल जाएगा। इस दौरान आप परिवार या दोस्तों के साथ छोटी ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

राजस्थान

अक्टूबर में राजस्थान घूमने के लिए मौसम काफी अच्छा रहता है। इस दौरान गर्मी कम होने लगती है और सर्दियों की शुरुआत के साथ यात्रा करना आरामदायक हो जाता है। चार दिन की छुट्टी में जयपुर और उदयपुर को ट्रिप में शामिल किया जा सकता है। जयपुर में अंबर फोर्ट, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर देख सकते हैं, जबकि उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों, महलों और पुराने शहर की गलियों के लिए जाना जाता है। कम समय में आराम से घूमने के लिए बेहतर होगा कि दोनों शहरों में करीब दो-दो दिन बिताएं और ज्यादा जगहों को एक साथ कवर करने की कोशिश न करें।

दार्जिलिंग

अक्टूबर की छुट्टी में अगर आप ठंडे मौसम और पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं तो दार्जिलिंग अच्छा ऑप्शन हो सकता है। मॉनसून के बाद यहां मौसम साफ रहने की वजह से हिमालय के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं। इस दौरान दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे में सफर करने, चाय के बागानों की सैर करने और खूबसूरत व्यू पॉइंट्स देखने का मौका मिल सकता है। चार दिन की छोटी ट्रिप के लिए भी दार्जिलिंग एक बेहतर डेस्टिनेशन है। लेकिन, पहाड़ी सफर पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।

ऋषिकेश

अगर आप चार दिन की छुट्टी में प्रकृति के साथ एडवेंचर और सुकून का मजा लेना चाहते हैं तो ऋषिकेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अक्टूबर में मॉनसून के बाद यहां मौसम सुहावना हो जाता है और घूमने के साथ योग व आउटडोर एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है। इस दौरान तापमान आमतौर पर 15 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। चार दिन की यात्रा में गंगा घाट, राम झूला, बीटल्स आश्रम, स्थानीय कैफे और आसपास के झरने व नेचर ट्रेल्स देखे जा सकते हैं।

हम्पी

अगर आप इतिहास और पुरानी विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो दशहरे की छुट्टी में हम्पी घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्टूबर से फरवरी तक यहां मौसम घूमने के लिए काफी आरामदायक रहता है। हम्पी अपने प्राचीन मंदिरों, विजयनगर साम्राज्य के खंडहरों, पत्थरों से बनी ऐतिहासिक इमारतों और अनोखे प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है। यहां विरुपाक्ष मंदिर, विजया विट्ठल मंदिर, स्टोन रथ, लोटस महल और मतंगा हिल जैसी जगहें देखी जा सकती हैं। हम्पी की प्रमुख जगहों को घूमने के लिए आमतौर पर दो से तीन दिन काफी होते हैं, इसलिए चार दिन की छुट्टी में यह एक अच्छा ट्रैवल ऑप्शन हो सकता है।

गोवा

चार दिन की छुट्टी में अगर आप समुद्र, अच्छा खाना और आराम का मजा लेना चाहते हैं तो गोवा एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। अक्टूबर से यहां मौसम धीरे-धीरे बेहतर होने लगता है और मॉनसून के मुकाबले आसमान साफ रहने की संभावना ज्यादा रहती है। इस दौरान दिसंबर और नए साल के पीक सीजन जैसी ज्यादा भीड़ भी नहीं होती। चार दिन की यात्रा में नॉर्थ गोवा के बीच और नाइटलाइफ का आनंद लेने के साथ साउथ गोवा की शांत जगहों पर भी समय बिताया जा सकता है।

केरल

अगर आप छुट्टी में प्रकृति और शांति का मजा लेना चाहते हैं तो केरल अच्छा विकल्प है। अक्टूबर के बाद यहां मौसम घूमने के लिए बेहतर हो जाता है। केरल में पहाड़, बैकवाटर्स, समुद्र तट और ऐतिहासिक जगहें देखने को मिलती हैं। चार दिन की छुट्टी में पूरे केरल को घूमना मुश्किल है, इसलिए कोच्चि और अलाप्पुझा जैसी एक-दो जगहों को ही ट्रिप में शामिल करना बेहतर रहेगा। इससे कम समय में आराम से घूम सकेंगे।

दिल्ली-NCR से जयपुर या ऋषिकेश की रोड ट्रिप की जा सकती है। वहीं, बेंगलुरु से हम्पी और मुंबई से गोवा या राजस्थान जाना भी अच्छा विकल्प रहेगा। दशहरे के समय ट्रैवल सीजन रहता है, इसलिए ट्रेन, फ्लाइट और होटल की बुकिंग पहले ही कर लेना बेहतर होगा।

रांची के 3 प्रमुख बस स्टैंड्स की बदलेगी सूरत! 50 करोड़ से होगा कायाकल्प, जानें क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं

राजधानी रांची के तीनों प्रमुख बस टर्मिनल आईटीआई बस स्टैंड, सरकारी बस डिपो और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का कायाकल्प अब राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन सभी टर्मिनलों के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण और जीर्णोद्धार का निर्देश दिया है। इसके बाद नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कुल 48.72 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी है। इसमें आईटीआई बस स्टैंड के लिए 24.77 करोड़, सरकारी बस डिपो के लिए 20.19 करोड़ और बिरसा मुंडा बस स्टैंड के लिए 3.76 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। प्रधान सचिव सुनील कुमार को जुडको के माध्यम से जल्द ही काम शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।

2 साल के अंदर मिलेंगी कई सुविधाएं

इन तीनों बस स्टैंड में कई सारी सुविधाएं मिलेंगी। प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि बस स्टैंड में वेटिंग रूम और डॉरमेट्री बनाई जाएगी। यानी यहां महिला और पुरुष दोनों के लिए रैन बसेरा होगा, जहां लोग आराम से रात गुजर पाएंगे। महिला डॉरमेट्री के लिए महिला वार्डन और टाइट सिक्योरिटी रहेगी।

साथ ही, वॉशरूम से लेकर नहाने के लिए बाथरूम और कई अन्य सामान्य सुविधाएं भी होंगी। साफ सफाई पर काफी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कंबल, गद्दा, तकिया यह सारी चीज रहेगी और इसका रेट काफी कम रहेगी ₹50-100 के बीच ताकि हर तबके लोग इसको अफोर्ड कर पाए।

लाइट से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर होगा शानदार

यह तीनों बस स्टैंड रात में जगमगाते हुए नजर आयेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार होगा और उसके साथ ही, इसकी साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखी जाएगी और एक टीम होगी जो साफ सफाई पर 24 घंटा नजर रखेगी। महिला यात्रियों की सुरक्षा को भी खास ध्यान रखते हुए महिला पुलिसकर्मी की टीम रहेगी।

गंदगी फैलाई तो लगेगा जुर्माना

रांची में नए सिरे से विकसित किए जाने वाले इन बस अड्डों पर साफ-सफाई शीर्ष स्तर की होगी। यहां गंदगी फैलाने वाले को फौरन जुर्माना देना होगा, वह भी ₹1000 तक। यानी आने वाले दिनों में आपको रांची के बस स्टैंड नये रूप में नजर आने वाला है और महिलाओं को अब रात में ट्रैवल करने में भी सहजता महसूस होगी।

रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट

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पैसों को लेकर हर कोई अपनी तरह से प्लानिंग करता है, लेकिन बेंगलुरु के मेघा और शुभम ने परिवार के लिए कुछ ऐसे आसान नियम बनाए हैं, जो सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। दोनों फुल-टाइम नौकरी करते हैं और उनके परिवार में एक छोटा बच्चा और पेट डॉग भी है। इसके बावजूद वे खर्च, बचत और निवेश के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका फोकस सिर्फ ज्यादा पैसा जमा करने पर नहीं, बल्कि उस पैसे का सही इस्तेमाल करने पर है।

वे दिखावे के लिए महंगी चीजें खरीदने के बजाय उन चीजों पर खर्च करना पसंद करते हैं, जो परिवार की जिंदगी को बेहतर बनाएं। साथ ही, वे घूमने-फिरने, सेहत और भविष्य के लिए निवेश को भी जरूरी मानते हैं। कपल ने अपने ऐसे ही पांच मनी रूल्स सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिन्हें लोग काफी प्रैक्टिकल बता रहे हैं।

पहला नियम- दिखावे के लिए नहीं, अपनी खुशी के लिए खर्च

कपल का पहला नियम है कि पैसा दूसरों को प्रभावित करने के लिए नहीं, अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए खर्च होना चाहिए। वे महंगी कार, ब्रांडेड कपड़े या सिर्फ दिखावे के लिए खरीदी जाने वाली चीजों पर पैसा खर्च करने से बचते हैं। वहीं, जिस घर और सोसाइटी में वे अपना ज्यादातर समय बिताते हैं, उसकी क्वालिटी को लेकर समझौता नहीं करते।

दूसरा नियम- सामान से ज्यादा यादें जरूरी

मेघा और शुभम के लिए नई चीजें खरीदने से ज्यादा जरूरी परिवार के साथ अच्छा समय बिताना है। उनका फोकस ऐसी यादें बनाने पर रहता है, जिन्हें बाद में याद किया जा सके। वे हर गर्मियों में एक इंटरनेशनल ट्रिप प्लान करते हैं। इसके अलावा सालभर में कई बार स्टेकेशन करते हैं और त्योहारों या जरूरत के समय माता-पिता से मिलने भी जाते हैं।

तीसरा नियम- सेहत पर खर्च को निवेश मानते हैं

कपल के लिए फिटनेस कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे अगले महीने से शुरू किया जाए। वे हेल्दी खाना, बेहतर प्रोडक्ट्स और जिम जैसी चीजों पर खर्च करने को जरूरी मानते हैं। उनका मानना है कि आज अपनी सेहत पर ध्यान देने से आगे चलकर बड़ी मेडिकल परेशानियों और भारी खर्च से बचा जा सकता है।

चौथा नियम- हर साल बढ़ाएं निवेश

मेघा और शुभम सिर्फ खर्च पर नजर नहीं रखते, बल्कि निवेश को भी लगातार बढ़ाने की कोशिश करते हैं। उनका लक्ष्य है कि हर साल उनका निवेश पिछले साल से ज्यादा हो। उनके लिए कार या दूसरी महंगी चीजों से ज्यादा अहम निवेश पोर्टफोलियो की बढ़ती रकम है। वे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करते हैं।

पांचवां नियम- पैसों की जिम्मेदारी दोनों की

घर का खर्च सिर्फ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। दोनों ने खर्चों को आपस में बांट रखा है। मेघा किराया, बिजली-पानी जैसे तय खर्च और घरेलू कर्मचारियों की सैलरी संभालती हैं। वहीं शुभम क्रेडिट कार्ड बिल, राशन और ट्रैवल से जुड़े खर्च देखते हैं।

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लोगों को क्यों पसंद आई उनकी सोच?

कपल ने अपने इन नियमों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बताया कि ये कोई परफेक्ट फाइनेंशियल फॉर्मूला नहीं हैं, बल्कि उनके परिवार के लिए काम करने वाले तरीके हैं। लोगों को खास तौर पर यह बात पसंद आई कि वे दिखावे से ज्यादा अपनी जिंदगी, सेहत, परिवार और भविष्य को प्राथमिकता देते हैं। कई यूजर्स ने उनके खर्च बांटने के तरीके और ‘इमेज नहीं, लाइफ पर खर्च’ वाली सोच को काफी प्रैक्टिकल बताया।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Priyanka Kakkar: पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, AAP प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल

Priyanka Kakkar joins Congress: पंजाब चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (आप) को बहुत ही बड़ा झटका लगा है। AAP की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ शनिवार (3 अक्तूबर) को कांग्रेस में शामिल हो गईं। इस दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य श्याम सुंदर शर्मा और पत्रकार रजत टंडन ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला, पार्टी महासचिव सैयद नासिर हुसैन, कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव की मौजूदगी में तीनों नेता पार्टी में शामिल हुए।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजीव शुक्ला ने कहा, “आज बहुत ख़ुशी का दिन है। हमारे साथ श्याम सुंदर शर्मा जी हैं, जो यूपी में काफी प्रभावशाली नेता हैं। शर्मा जी 8 बार के विधायक रहे हैं और पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। प्रियंका कक्कड़ जी और रजत राकेश पांडेय जी भी कांग्रेस पार्टी से जुड़ रहे हैं। मेरा मानना है कि इन सभी के साथ आने से यूपी और देश की राजनीति पर बहुत प्रभाव पड़ेगा।”

कांग्रेस में क्यों शामिल हुईं?

कांग्रेस में शामिल होने के बाद कक्कड़ ने कहा कि वह बहुत गर्व के साथ कांग्रेस में शामिल हो रही हैं क्योंकि वह उस दिल्ली को वापस पाना चाहती हैं, जिसमें वह बड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, “मैं ऐसी हरी-भरी, स्वच्छ, प्रगतिशील और सुरक्षित दिल्ली चाहती हूं, जो मेरे बचपन और मेरे बड़े होने के वर्षों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।” कक्कड़ ने कहा कि भारतीय राजनीति में एक दशक से अधिक समय के अनुभव के बाद उनका मानना है कि कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है।

प्रियंका ने की राहुल गांधी की तारीफ

उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा, “अगर कोई एक नेता प्रामाणिक है, तो वह राहुल गांधी हैं। वह दृढ़ विश्वास वाले नेता हैं।” आम आदमी पार्टी छोड़ने के कारणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि AAP ने जनता से कहा था कि वह बंगला और गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेगी। लेकिन बाद में निजी यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल होने लगे।

केजरीवाल पर भड़कीं

प्रियंका ने आगे कहा, “मैं आम आदमी पार्टी छोड़ी, क्योंकि ये वही पार्टी है, जिसने जनता से कहा था- हम बंगला, गाड़ी नहीं लेंगे। लेकिन बाद में प्राइवेट ट्रैवल के लिए चॉपर इस्तेमाल होने लगे। राहुल गांधी जी आज ‘वोट चोरी’ के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने हम सभी को बताया कि जनता का वोट चुराया जा रहा है। उन्होंने जनता को दिखाया कि ज्ञानेश कुमार ‘वोट चोरी’ कर नरेंद्र मोदी की झोली में डाल रहे हैं। आज इस मौके पर मैं सभी नेताओं का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मुझे अपने परिवार का हिस्सा बनाया।”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने कभी कैमरे के लिए आंसू नहीं बहाए।” प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल होते ही केजरीवाल की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा बंगला गाड़ी नहीं लेने की बात कही। लेकिन प्राइवेट हेलीकॉप्टर में घूमने लगे। ऐसी पार्टियों में देश हित पीछे रह जाता है और खुद आगे रहते हैं।

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पंजाब चुनाव से पहले प्रियंका कक्कड़ का कांग्रेस में शामिल होना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। जिस तरह से पार्टी के एक-एक नेता छोड़ रहे हैं और सीधे केजरीवाल की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं वह साफ दिख रहा है कि आम आदमी पार्टी के भीतर कितना असंतोष है।

पिता से पैसे मांगने से किया इनकार, ₹130 की टिप से शुरू किया सफर, आज सालाना ₹1 करोड़ तक कमाई

दुनिया के सबसे महंगे शहरों में गिने जाने वाले दुबई में बिना नौकरी और बचत के कदम रखना किसी चुनौती से कम नहीं था। Aaliya Lala के लिए भी शुरुआत आसान नहीं रही। अबू धाबी से दुबई पहुंचीं लाला के सामने करियर बनाने के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की भी चुनौती थी। हालात ऐसे थे कि खाने के लिए भी पैसे जुटाना मुश्किल हो गया था, लेकिन उन्होंने परिवार से मदद मांगने के बजाय खुद रास्ता निकालने का फैसला किया। छोटी-छोटी कमाई से शुरुआत करने वाली लाला ने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में कदम रखा।

मॉडलिंग और फोटोग्राफी से होते हुए उनका सफर ट्रैवल और लाइफस्टाइल कंटेंट तक पहुंचा। आज वह इंटरनेशनल ब्रांड्स, लग्जरी होटल्स और टूरिज्म बोर्ड्स के साथ काम करती हैं। उनकी कहानी बताती है कि मुश्किल शुरुआत के बावजूद लगातार मेहनत और नए अवसर तलाशने की कोशिश किस तरह करियर की दिशा बदल सकती है।

एक शॉवरमा के लिए करना पड़ा छोटा काम

अब लाखों रुपये की सालाना कमाई करने वाली लाला के लिए शुरुआत बेहद साधारण थी। अबू धाबी से दुबई आने के बाद उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। पिता से आर्थिक मदद मांगना उन्हें मंजूर नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपनी रूममेट के लिए पानी लाने का काम शुरू किया और टिप के तौर पर रोज करीब Dh5-6 मिलने लगे। इसी पैसे से वह दिन में एक शॉवरमा खरीदकर गुजारा करती थीं। करीब एक महीने बाद उन्हें नौकरी मिली और जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी।

मॉडलिंग से शुरू हुआ सफर, कैमरे के दोनों तरफ किया काम

लाला ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और बाद में फोटोग्राफी भी की। इससे उन्हें कैमरे के सामने और पीछे, दोनों तरह के काम का अनुभव मिला। पिछले 14 से ज्यादा वर्षों में उन्होंने कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि यह सफर भी आसान नहीं रहा। वह दो बार अपने सोशल मीडिया पेज खो चुकी हैं और हर बार उन्हें फिर से शुरुआत करनी पड़ी।

आठ साल यात्रा नहीं की, फिर दुनिया देखने की ठानी

लाला बताती हैं कि करीब आठ साल तक उन्होंने यात्रा नहीं की। इसके बाद उनके भीतर दुनिया को देखने और अलग-अलग संस्कृतियों को करीब से समझने की इच्छा पैदा हुई। लोगों, संस्कृति, खान-पान और नए अनुभवों से जुड़ने के जुनून ने उन्हें ट्रैवल कंटेंट की ओर मोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने पर्यटन बोर्डों, इंटरनेशनल ब्रांड्स और लग्जरी होटलों के साथ काम करना शुरू किया।

एक कमाई नहीं, कई इनकम सोर्स बनाए

समय के साथ लाला ने सिर्फ कंटेंट क्रिएशन पर निर्भर रहने के बजाय अपनी कमाई के कई रास्ते तैयार किए। वह एक मीडिया हाउस भी चलाती हैं, जहां इंफ्लुएंसर्स, ब्रांड्स और ट्रैवल एजेंसियों के बीच काम कराया जाता है। इसके अलावा वह UAE के रियल एस्टेट और वित्तीय बाजारों में भी निवेश करती हैं।

सालाना कमाई 1 करोड़ रुपये तक

लाला के मुताबिक, ब्रांड्स और पर्यटन बोर्डों से मिलने वाले काम के आधार पर उनकी औसत सालाना कमाई करीब Dh300,000 से Dh400,000 है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹78 लाख से ₹1.04 करोड़ के बराबर बैठती है। इसके अलावा उनकी मीडिया कंपनी, रियल एस्टेट और निवेश से भी आय होती है।

अब लक्ष्य सिर्फ कमाना नहीं, संपत्ति बनाना है

लाला की कहानी में सबसे बड़ा बदलाव सिर्फ कमाई का आंकड़ा नहीं, बल्कि उनकी सोच में आया बदलाव है। कभी एक शॉवरमा के लिए टिप पर निर्भर रहने वाली लाला अब कई आय स्रोतों के जरिए लंबे समय की वित्तीय सुरक्षा बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

उनका लक्ष्य अपने कारोबार का विस्तार करना, मजबूत एसेट्स तैयार करना, समझदारी से निवेश करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने काम को बढ़ाना है। साथ ही वह ऐसी आर्थिक आजादी चाहती हैं, जिसमें वह यात्रा कर सकें, नए अवसर तलाश सकें और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बना सकें।

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