Pakistan Super League खेलेंगे मोहम्मद आमिर लेकिन ब्रिटिश नागरिक बनकर

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर अगले साल होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग का हिस्सा होंगे लेकिन एक पाकिस्तानी के तौर पर नहीं बल्कि एक ब्रिटिश सदस्य के तौर पर। हाल ही में एक पॉडकास्ट ( विस्डन पॉड ) में उन्होंने यह पुष्टि की।गौरतलब है कि आमिर लंबे समय से ब्रिटेन के नागरिक हैं।

आमिर ने सितंबर 2016 में एक ब्रिटिश नागरिक नरगिस मलिक से शादी की थी और वह जीवनसाथी (स्पाउज) वीजा के योग्य थेजो उन्हें 30 महीने के लिए इंग्लैंड में रहने की अनुमति देता है। अब वह स्थायी रूप से इंग्लैंड के नागरिक हैं। वह एक घर खरीदने की योजना भी बना चुके है।

उन्होंने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। लेकिन उन्होंने अपना मन बदल लिया और  टी20 विश्व कप 2024 में खेलने के लिए वापसी की।पाकिस्तान के विवादास्पद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने टी20 विश्व कप में खेलने के लिए संन्यास से बाहर आने के महीनों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दोबारा संन्यास की घोषणा की।

आमिर को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में 2010 से 2015 के बीच पांच साल के लिए क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया था।मोहम्मद आमिर किस स्तर के गेंदबाज है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि संन्यास के लगभग 6 महीने तक वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में टॉप 10 गेंदबाजों में शामिल थे।

मानसिक रुप से प्रताड़ित होने पर लिया था फैसला
 
गौरतलब है नवंबर 2020 में आमिर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला करते हुए आरोप लगाया कि उनका राष्ट्रीय बोर्ड प्रबंधन उन्हें ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित’ कर रहा है।

वकार ने कसा था तंज

आमिर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए पाकिस्तान की टीम में जगह नहीं दी गई थी। गेंदबाजी कोच वकार यूनिस ने कहा था कि उन्होंने काम के बोझ के कारण टेस्ट क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा था और इसके पीछे के कारणों के बारे में यह तेज गेंदबाज ही बेहतर बता सकता है।

आमिर ने सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान लगाने के लिए  साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि उनका शरीर सभी प्रारूपों में खेलने के बोझ का सामना नहीं कर सकता। इस तेज गेंदबाज ने 2009 में पदार्पण के बाद 36 टेस्ट में 119 विकेट हासिल किए।

विवादों से रहा है पुराना नाता

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में आमिर को साल 2010 से 2015 तक प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ा। कप्तान सलमान बट, आमिर और मोहम्मद आसिफ को इंग्लैंड दौर पर फिक्सिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2011 में आईसीसी ने 5 साल के लिए निलंबित कर दिया था।

पूरा करियर खेलते तो तोड़ते कई रिकॉर्ड

आमिर पाकिस्तान की उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2009 विश्व टी20 कप जीतने के अलावा 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी खिताब जीता। जिस समय वह स्पॉट फिक्सिंग विवाद में फंसे थे उस समय उनकी उम्र महज 17 साल की थी। 29 वर्षीय मोहम्मद आमिर अगर अपना पूरा क्रिकेट करियर खेल जाते तो शायद उनके नाम गेंदबाजी के बड़े बड़े रिकॉर्ड होते लेकिन ऐसा हो ना सका।

India Passport Ranking: भारत इस लिस्‍ट में 100 के बाहर, पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग…देखें टॉप-10 की लिस्ट

India Passport Ranking:  ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत का पासपोर्ट पिछले साल की तुलना में एक स्थान नीचे खिसककर 125वें नंबर पर पहुंच गया है। वहीं, दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा बना हुआ है। नई रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को विदेश यात्रा के दौरान कई दूसरे देशों के नागरिकों की तुलना में ज्यादा नियमों और वीजा संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। दुनिया के टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट में से नौ यूरोपीय देशों के हैं।

दूसरी पासपोर्ट रैंकिंग की तरह यह इंडेक्स सिर्फ वीजा-फ्री यात्रा के आधार पर नहीं बनाया जाता। ‘ग्लोबल सिटिज़न सॉल्यूशंस’ का ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स पासपोर्ट का आकलन तीन बड़े पैमानों पर करता है। इनमें दुनिया में आसानी से यात्रा करने की सुविधा, निवेश के अवसर और जीवन की गुणवत्ता शामिल हैं। यह रैंकिंग विश्व बैंक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम समेत कई संस्थाओं के 14 अलग-अलग मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।

पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग

साल 2026 की रैंकिंग में 197 देशों के बीच भारत को 125वां स्थान मिला। भारत से एक स्थान ऊपर नामीबिया 124वें नंबर पर है, जबकि अजरबैजान 126वें स्थान पर रहा। हालांकि रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट आई है, फिर भी भारत का कुल स्कोर 45.1 पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों का सबसे बेहतर स्तर है। भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को कई देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा की सुविधा मिलती है। लेकिन कई विकसित देशों की यात्रा के लिए आज भी लंबी वीजा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा खर्च, अधिक दस्तावेज और लंबा इंतजार करना पड़ता है।

देखें टॉप-10 की लिस्ट

साल 2026 की ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में स्वीडन का पासपोर्ट दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट रहा। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और जर्मनी का स्थान रहा। नीदरलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर रहे। वहीं, आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे और सिंगापुर भी टॉप 10 में शामिल रहे। सिंगापुर इस सूची में जगह बनाने वाला एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है।रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट रखने वाले लोग बिना पहले से वीजा लिए कई देशों की यात्रा कर सकते हैं। इससे विदेश जाना काफी आसान हो जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत पासपोर्ट होने से लोगों को नौकरी के बेहतर अवसर मिलते हैं, निवेश करना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर दूसरे देश में बसने में भी कम परेशानी होती है।

ITR Filing 2026: 31 जुलाई तक नहीं भरा रिटर्न तो लगेगा 5,000 तक जुर्माना! जानिए आपको कौन सा ITR Form भरना है

Income Tax Return Deadline

ITR Filing Deadline 2026 : क्या आप भी इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आखिरी तारीख (31 जुलाई) का इंतजार कर रहे हैं? याद रखें, इनकम टैक्स पोर्टल ऐन वक्त पर हैंग हो सकता है और आपकी एक लापरवाही सीधे 5,000 रुपए का चूना लगा सकती है! ALSO READ: 1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

 

आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के बाद आइटीआर दाखिल करने पर करदाताओं को विलंब शुल्क देना होगा। यदि कर योग्य आय पांच लाख रुपए से अधिक है तो अधिकतम 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, 5 लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले करदाताओं को 1,000 रुपए विलंब शुल्क देना होगा।

 

ITR में किसे कौन सा फार्म भरना होगा?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का सही फॉर्म आपकी आय के स्रोत, कुल आय और टैक्सपेयर की श्रेणी पर निर्भर करता है। गलत ITR फॉर्म भरने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है।

ITR forms

किसे 31 जुलाई तक दाखिल करना होगा रिटर्न

आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का आखरी महीना शुरू हो गया है। विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर आइटीआर-1 और आइटीआर-4 की आनलाइन व आफलाइन यूटिलिटी उपलब्ध करा दी है। वेतनभोगी, पेंशनभोगी और सीमित आय स्रोत वाले करदाताओं के लिए आइटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

 

ये 31 अक्टूबर तक भर सकेंगे रिटर्न

जिन व्यापारियों और पेशेवरों के खातों का आडिट अनिवार्य नहीं है, उनके लिए आइटीआर-3 और आइटीआर-4 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। वहीं जिन व्यापारियों और कंपनियों के खातों का आडिट जरूरी है, वे 31 अक्टूबर 2026 तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।

1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

rules changes from 1st july

1 July New Financial Rules 2026: नया महीना अपने साथ कई बड़े वित्तीय और नीतिगत बदलाव लेकर आया है। 1 जुलाई 2026 से देश में बैंकिंग, पासपोर्ट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ALSO READ: 25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
 

अगर आपके पास HDFC या SBI का क्रेडिट कार्ड है, या आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो रुकिए! 1 जुलाई से आपकी जेब ढीली होने वाली है। आइए जानते हैं RBI, UIDAI और प्रमुख बैंकों द्वारा जारी किए गए उन 6 बड़े बदलावों के बारे में, जो सीधे आपके बजट को प्रभावित करेंगे।

 

1. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: फीस में बढ़ोतरी

विदेश यात्रा का सपना देखने वालों के लिए पहला झटका पासपोर्ट ऑफिस से आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के नए सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है:

  • नॉर्मल कैटेगरी : इसकी फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर अब 1,800 रुपए कर दी गई है।
  • तत्काल पासपोर्ट: इसके लिए अब आपको 3,500 रुपए की जगह 4,000 रुपए खर्च करने होंगे।

 

2. Aadhaar Card: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना पूरी तरह से मुफ्त होगा।

नोट: इससे पहले इस सर्विस के लिए 50 रुपए का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसमें 50 रुपए की सीधी छूट मिलेगी। हालांकि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा।

 

3. Credit Card Lounge Access: अब खर्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) का मुफ्त फायदा उठाते थे, तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। SBI Card और HDFC बैंक समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं:

  • नया नियम: अब अगली तिमाही (Quarter) में मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए चालू तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए की स्पेंडिंग (खर्च) करना अनिवार्य होगा।
  • पहले यह लिमिट 35,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच हुआ करती थी।

 

4. RBI का 'मिस-सेलिंग' पर नया डंडा: लोन और इंश्योरेंस के नियम सख्त

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंकों की मनमानी से बचाने के लिए 'मिस-सेलिंग' (Mis-selling) पर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

  • अब कोई भी बैंक या एजेंट आपको लोन देते समय जबरन कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या अनचाहा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट नहीं बेच सकता।
  • अगर कोई बैंक ऐसा करता है, तो ग्राहक सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं, और बैंक पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

 

2 july changes

5. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) की ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की दरों को इस बार स्थिर रखा गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) की दरों में 0.10% का मामूली बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

 

6. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

पेंशन फंड नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से सभी NPS खातों में लॉगिन करने के लिए आधार-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इसके बिना यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

 

टेकअवे (Takeaway)

जुलाई के इस महीने में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करें और अगर आधार में ईमेल अपडेट पेंडिंग है, तो तुरंत UIDAI के पोर्टल पर जाकर इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाएं।

Disclaimer: यह जानकारी संबंधित विभागों (RBI, UIDAI, MEA) के आधिकारिक सर्कुलर और नोटिफिकेशन के आधार पर दी गई है। किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों की जांच जरूर कर लें।

राजस्थान के टोंक का इंजीनियर बना आयरलैंड का प्लेयर ऑफ द सीरीज

राजस्थान के टोंक में पैदा हुए जय मुंदड़ा भारत के खिलाफ 11 की औसत से 5 विकेट लेकर मैन ऑफ द सीरीज बन गए। उन्होंने दूसरे टी-20 मैच में 4 ओवर में 32 रन दिए और भारत के शीर्ष क्रम संजू सैमसन (गोल्डन डक), अभिषेक शर्मा (गोल्डन डक) और कप्तान श्रेयस अय्यर को (10 रन 7 गेंदें) को आउट कर मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार भी पाया।

आयरलैंड के लिए पदार्पण करने के बाद मूंदड़ा ने ‘क्रिकेट आयरलैंड’ से कहा, “बाएं हाथ के गेंदबाज के रूप में मेरा कोण मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं नई गेंद से स्विंग का इस्तेमाल करने, पैड और स्टंप को निशाना बनाने और बल्लेबाज को लगातार असहज करने की कोशिश करता हूं। मेरी कोशिश होती है कि बल्लेबाज मुझे परखने में नाकाम रहे और मैं उनसे गलतियां करवा सकूं।”

अभी तक नहीं छोड़ा भारतीय पासपोर्ट है Work Permit का इंतजार

भारत के खिलाफ मुकाबले में उनकी यह सोच पूरी तरह रंग लाई और उनकी पहली ही गेंद पर भारत के टी20 विश्व कप के नायक संजू सैमसन आउट हो गए। मूंदड़ा ने कहा, “आयरलैंड की भारत पर पहली और ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खास है। यह पल मैं जीवनभर याद रखूंगा। यह टीम और आयरिश क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।” आयरलैंड क्रिकेट के साथ हालांकि उनका भविष्य अब भी अनिश्चित है क्योंकि उनका वर्क परमिट जल्द समाप्त हो रहा है और उनके पास केंद्रीय अनुबंध भी नहीं है। ऐसे में वे केवल मैच फीस पर निर्भर हैं। इस प्रदर्शन ने हालांकि यह संकेत जरूर दे दिया है कि आयरलैंड को एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मिल सकता है, जो आने वाले समय में टीम का अहम हिस्सा बन सकता है।

B.Tech हैं मुंदड़ा, किया है Intel में काम

वह जब 2021 में डबलिन पहुंचे थे और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ डबलिन’ से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में एमटेक की पढ़ाई कर रहे थे, तब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट उनके जीवन की प्राथमिकताओं में नहीं था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की और एक स्थिर पेशेवर जीवन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी, लेकिन खेल उनसे पूरी तरह कभी दूर नहीं हुआ। दिलचस्प बात यह है कि इस अवधि में उन्होंने अपनी गेंदबाजी शैली भी बदल दी थी और तेज गेंदबाज से बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में खुद को ढाल लिया था, साथ ही जरूरत पड़ने पर शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी भी करते थे।

क्रिकेट के उनके सफर में असली मोड़ 2024 में आया, जब उन्होंने कॉरपोरेट जीवन को अलविदा कहने के बाद डबलिन स्थित ‘लेइनस्टर क्रिकेट क्लब’ से जुड़कर क्रिकेट को पूरी तरह अपनाने का फैसला किया। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें कई तरह के त्याग भी करने पड़े। कई दिनों तक वे डबलिन से बेलफास्ट तक लंबा सफर तय कर सिर्फ अभ्यास सत्रों में हिस्सा लेने पहुंचते थे और देर रात वापस लौटकर फिर अगले दिन इसी दिनचर्या को दोहराते थे। उनके इस जोखिम ने अंततः उनके करियर को सबसे बड़ा इनाम दिया।

राजस्थान के टोंक में परिवार के जश्न का वीडियो वायरल

राजस्थान के टोंक जिले में उनका परिवार आज भी रहता है। यह दुविधा ही कही जा सकती है कि परिवार को भारत बनाम आयरलैंड मैच में भारत का और जब गेंदबाजी करने मुंदड़ा आए तो उनका समर्थन करना पड़ रहा था।  जब उनको मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड दिया गया तो उनके परिवार ने पटाखे फोड़े इस पर पड़ोसियों ने ऐतराज किया क्योंकि मैच भारत हार चुका था। तब उन्होंने समझाया कि वह मुंदड़ा की सफलता के लिए खुश हैं।

1 जुलाई 2026 से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर! फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट

New Financial Rules From 1 July: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आती है। ठीक इसी तरह 1 जुलाई 2026 से भी देश में पैसों से जुड़े कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड यूजर्स और पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा।

एक तरफ जहां पासपोर्ट बनवाना अब काफी महंगा होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक (RBI) बैंकों की मनमानी और गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने पर सख्त एक्शन की तैयारी में है। आइए समझते हैं कि 1 जुलाई से कौन से 6 बड़े वित्तीय बदलाव होने जा रहे हैं।

1. ITR Filing: आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन नजदीक

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आप इस डेडलाइन को मिस करते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस और पेनाल्टी भरनी होगी, बल्कि आप अपनी पसंद का टैक्स रिजीम चुनने और पुराने नुकसान को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका भी गंवा बैठेंगे।

2. Aadhaar Update: आधार में ईमेल अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। 1 जुलाई से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए रजिस्टर्ड ईमेल आईडी अपडेट करने की ₹75 की फीस को पूरी तरह माफ कर दिया है। यह विशेष सुविधा अगले 6 महीनों के लिए यानी 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, डिजिटल अपडेट को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

3. Credit Card Rules: एसबीआई और एचडीएफसी कार्ड यूजर्स को झटका

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 1 जुलाई से दो बड़े बदलाव हो रहे हैं:

SBI Card: एसबीआई कार्ड अपने कुछ चुनिंदा ‘PhonePe SBI Credit Cards’ जैसे- PURPLE और SELECT BLACK के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम में संशोधन कर रहा है। नए नियमों के तहत रिवॉर्ड पॉइंट अर्निंग की सीमा तय की जा रही है और कुछ ट्रांजैक्शंस को इस लिस्ट से बाहर किया जा रहा है।

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को अब हर तिमाही में 3 मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस तभी मिलेंगे, जब उन्होंने पिछली तिमाही में कम से कम ₹60000 खर्च किए हों। उदाहरण के लिए, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में लाउंज का फायदा लेने के लिए आपको अप्रैल-जून 2026 के बीच ₹60000 खर्च करना जरूरी था।

4. Passport Fees: अब जेब करनी होगी ज्यादा ढीली, बढ़ गए दाम

अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो 1 जुलाई से आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत फीस में बढ़ोतरी कर दी है:

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज): इसकी फीस ₹1500 से बढ़कर अब ₹2500 हो गई है।

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज): तत्काल पॉलिसी के तहत अब आपको ₹3500 की जगह ₹5000 देने होंगे।

60 पेज का पासपोर्ट: साधारण के लिए फीस ₹3500 और तत्काल के लिए ₹6000 तय की गई है।

5. RBI New Rules: बैंकों की मनमानी खत्म, ‘मिस-सेलिंग’ पर मिलेगा पूरा रिफंड

बैंक ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 1 जुलाई 2026 से ‘रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट’ के तहत नया सख्त ढांचा लागू कर रहा है। अक्सर बैंक कर्मचारी या एजेंट ग्राहकों को बिना बताए या गुमराह करके इंश्योरेंस पॉलिसी या अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेच देते थे।

नए नियम के मुताबिक, अगर मिस-सेलिंग साबित होती है, तो बैंक को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा और साथ ही नुकसान के लिए मुआवजा भी देना होगा। इस नियम के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों को झांसा देने वाले ‘डार्क पैटर्न्स’ पर भी रोक लगेगी।

Vande Bharat Express Best Routes: भारत के ये 5 वंदे भारत रूट्स जिन्होंने बदल दिया रेलवे सफर का अंदाज, देखें पूरी लिस्ट

Vande Bharat Express Update: एक समय था जब हवाई जहाज के टिकट सस्ते होने और एयरलाइंस की पहुंच बढ़ने से हवाई सफर अब कुछ गिने-चुने लोगों का लग्जरी नहीं रह गया था। जैसे-जैसे भारतीय यात्रियों ने हवाई सफर का रुख किया, ऐसा लगने लगा कि कहीं भारतीय रेलवे का आकर्षण कम न हो जाए। यात्रा के लंबे घंटे, साफ-सफाई की चिंताएं और पुराने होते कोच के चलते लोग सफर के दूसरे विकल्प तलाशने लगे। वैसे देखें तो भारत में रेल यात्रा हमेशा से सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने मात्र से कहीं बढ़कर रही है। यह खिड़की से बाहर के खूबसूरत नजारों को देखने, अजनबियों से बातचीत शुरू करने और एक सुकून भरी रफ्तार से यात्रा के अनुभव के सुख से भरी बात रही। अब आज के दौर की बात करें तो वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं के साथ नई पीढ़ी के लिए उसी पुराने आकर्षण को वापस लेकर आई हैं। कश्मीर के पहाड़ों से लेकर पश्चिमी भारत के व्यस्त कॉरिडोर तक, वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की उम्मीदों को पूरी तरह बदल रही हैं। आइए जानते हैं भारत के उन 5 चुनिंदा वंदे भारत रूट्स के बारे में, जिन्होंने रेलवे सफर का पूरा अंदाज ही बदल दिया है-

1. मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai–Bengaluru)

वंदे भारत परिवार में सबसे उत्सुकता से इंतजार की जाने वाली ट्रेनों में प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर सेवा शामिल है। भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस हब को जोड़ने वाली यह ट्रेन रात भर के सफर को अधिक आरामदायक और कुशल बनाने का वादा करती है। इस ट्रेन के हाल ही में सामने आए फर्स्ट एसी कोच ने अपने प्रीमियम इंटीरियर और होटल जैसे फिनिश के कारण रेलवे प्रेमियों के बीच पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी है।

2. नई दिल्ली-वाराणसी (New Delhi–Varanasi)

यह वह ऐतिहासिक रूट है जिसने भारत में वंदे भारत के सफर की शुरुआत की थी। देश की राष्ट्रीय राजधानी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गंतव्यों में से एक वाराणसी से जोड़कर इस सेवा ने यह साबित कर दिया कि भारत में सेमी-हाई-स्पीड रेल पूरी तरह सफल हो सकती है। यात्रा के समय में आई कमी और यात्रियों को मिलने वाले बेहतर आराम ने इसे बहुत जल्द ही मुसाफिरों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

3. कटरा-श्रीनगर (Katra–Srinagar)

सभी वंदे भारत रूटों में से शायद यह सबसे नाटकीय और रोमांचक रूट है। यह सेवा भारत के कुछ सबसे लुभावने और खूबसूरत लैंडस्कैप के बीच से होकर गुजरती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने कश्मीर के लिए कनेक्टिविटी को काफी मजबूत किया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है।

4. मुंबई-गांधीनगर (Mumbai–Gandhinagar)

बिजनेस यात्रा करने वाले लोगों ने इस रूट को बड़े पैमाने पर अपनाया है। फाइनेंशियल कैपिटल कही जाने वाली मुंबई को गुजरात के प्रशासनिक केंद्र गांधीनगर से जोड़ने वाली यह ट्रेन आधुनिक इंटरसिटी कनेक्टिविटी का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है। इसकी लोकप्रियता इतनी शानदार रही है कि यह बढ़ी हुई कोच कॉन्फ़िगरेशन प्राप्त करने वाली देश की शुरुआती वंदे भारत सेवाओं में से एक बन गई।

5. हावड़ा-कामाख्या (Howrah–Kamakhya)

इस रूट ने पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आराम के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। यह ट्रेन अधिक कार्यकुशलता के साथ लंबी दूरी को तय करती है। इसके साथ ही यह रूट इस बात को भी बताता है कि कैसे प्रीमियम रेल सेवाएं अलग-अलग क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूत और सुदृढ़ कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें: Passport fees hiked: जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नए रेट और नियम

Passport Fee Hike: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, सरकार ने बढ़ाई फीस; जानिए नए रेट

Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराना रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए नई फीस तय की है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी।

सरकार ने 20 जून को जारी अधिसूचना में बताया कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की Schedule-IV को भी नए शुल्क के साथ बदल दिया गया है।

नए पासपोर्ट के लिए कितनी फीस देनी होगी?

अगर आप 36 पेज वाला नया पासपोर्ट बनवाते हैं या उसे दोबारा जारी (Reissue) कराते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹2,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹1,500 लगते थे। अगर आप तत्काल (Tatkaal) सेवा चुनते हैं, तो अब ₹5,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹3,500 थी।

अगर आपको 60 पेज वाला पासपोर्ट चाहिए, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹3,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹2,000 लगते थे। वहीं, तत्काल सेवा के लिए अब ₹6,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹4,000 थी।

ये नई फीस बालिगों पर लागू होगी। इसके अलावा 15 से 18 साल के वे नाबालिग भी इसी श्रेणी में आएंगे, जो बालिग कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

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खोया या खराब पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट के रीप्लेसमेंट की फीस में की गई है।

अगर 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो नया पासपोर्ट बनवाने के लिए सामान्य प्रक्रिया में ₹5,000 और तत्काल सेवा में ₹7,500 देने होंगे।

अगर 60 पेज वाला पासपोर्ट रीप्लेस कराना है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹6,000 और तत्काल सेवा में ₹8,500 खर्च होंगे। अगर किसी नाबालिग का 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹4,250 और तत्काल सेवा में ₹6,750 फीस देनी होगी।

PCC और दूसरी सेवाओं की फीस भी बदली

पासपोर्ट से जुड़ी दूसरी सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए अब ₹750 फीस देनी होगी। वहीं, सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी बनवाने के लिए ₹1,000 देने होंगे।

अगर ये सेवाएं विदेश में ली जाती हैं, तो इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए 15 अमेरिकी डॉलर और सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 50 अमेरिकी डॉलर फीस देनी होगी। इन सेवाओं के लिए तत्काल (Tatkaal) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

इन्हें मिलेगी 10% तक की छूट

सरकार ने एक और राहत भी दी है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नया पासपोर्ट बनवाने (फ्रेश आवेदन) पर फीस में 10% की छूट मिलेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने पर नहीं मिलेगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह एक यात्रा दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल विदेश यात्रा करने और विदेश में धारक की पहचान साबित करने के लिए किया जाता है।

पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ फीस बदली है। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बालिगों को जारी होने वाला पासपोर्ट पहले की तरह 10 साल तक वैध रहेगा। वहीं, नाबालिगों का पासपोर्ट 5 साल या 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।

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Passport fees hiked: जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नए रेट और नियम

Passport fees hiked: विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। भारत सरकार द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। संशोधित नियमों के अनुसार 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने और री-इश्यू कराने के लिए अधिक शुल्क देना होगा। 36 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट के लिए सामान्य कैटेगरी में ₹2,500 और तत्काल कैटेगरी में ₹5,000 शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, 60 पेज के पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क ₹3,500 और तत्काल शुल्क 6,000 रुपये होगा।

रिप्लेसमेंट पर सबसे अधिक बढ़ोतरी

खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट पर सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। 36 पेज के पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए सामान्य कैटेगरी में ₹5,000 और तत्काल में ₹7,500 देने होंगे। इसके अलावा पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और अन्य प्रमाणपत्रों के लिए ₹750 फीस तय किया गया है। नए शुल्क 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होंगे।

नई दरों के तहत, एडल्ट कैटेगरी में अप्लाई करने वाले एडल्ट और 15-18 साल के नाबालिगों को नॉर्मल प्रोसेस के तहत नए 36-पेज के पासपोर्ट या री-इश्यू के लिए 2,500 रुपये देने होंगे। तत्काल कैटेगरी के तहत यह फीस बढ़कर 5,000 रुपये हो जाएगी।

60-पेज की पासपोर्ट

60-पेज की पासपोर्ट बुकलेट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 3,500 रुपये और तत्काल प्रोसेसिंग के तहत 6,000 रुपये की फीस लगेगी। सबसे अधिक बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट को बदलने पर की गई है। 36-पेज का रिप्लेसमेंट पासपोर्ट नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत 5,000 रुपये और तत्काल के तहत 7,500 रुपये का पड़ेगा। 60-पेज के रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए फीस नॉर्मल और तत्काल कैटेगरी के तहत क्रमशः 6,000 रुपये और 8,500 रुपये तय की गई है।

खोए या खराब हुए 36-पेज के पासपोर्ट

खोए या खराब हुए 36-पेज के पासपोर्ट को बदलने के लिए अप्लाई करने वाले नाबालिगों को नॉर्मल कैटेगरी के तहत 4,250 रुपये और तत्काल के तहत 6,750 रुपये देने होंगे। पासपोर्ट से जुड़ी अन्य सर्विस, जैसे पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए भारत में फीस 750 रुपये तय की गई है।

सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी की कीमत

पहचान के सर्टिफिकेट (सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी) की कीमत 1,000 रुपये होगी। विदेश में दी जाने वाली सेवाओं के लिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट की कीमत 15 डॉलर होगी। जबकि पहचान प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी) की कीमत 50 USD होगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन सेवाओं के लिए कोई तत्काल सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

नए फीस स्ट्रक्चर पर एक नजर डालें

1. सामान्य और तत्काल पासपोर्ट (36 और 60 पेज) के रुल्स

36 पेज का नया/री-इश्यू पासपोर्ट (नॉर्मल): अब इसके लिए ₹2,500 देने होंगे।

36 पेज का पासपोर्ट (तत्काल): तत्काल स्कीम के तहत यह फीस ₹5,000 होगी।

60 पेज का पासपोर्ट (नॉर्मल): इसके लिए ₹3,500 की फीस तय की गई है।

60 पेज का पासपोर्ट (तत्काल): इसके लिए आपको ₹6,000 चुकाने होंगे।

2. पासपोर्ट खोने या खराब होने पर (रिप्लेसमेंट)

36 पेज का रिप्लेसमेंट (नॉर्मल): ₹5,000 की फीस लगेगी।

36 पेज का रिप्लेसमेंट (तत्काल): इसके लिए ₹7,500 देने होंगे।

60 पेज का रिप्लेसमेंट (नॉर्मल): इसकी फीस ₹6,000 तय की गई है।

60 पेज का रिप्लेसमेंट (तत्काल): इसके लिए सबसे ज्यादा ₹8,500 चुकाने होंगे।

3. अन्य जरूरी सेवाएं

पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट जैसी अन्य मिसलेनियस सेवाओं के लिए भारत में ₹750 की फीस लगेगी।

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भारत से बाहर आपातकालीन सर्टिफिकेट (Emergency Certificate) के लिए 15 USD और आइडेंटिटी सर्टिफिकेट के लिए 50 USD की फीस तय की गई है।

वैलिडिटी (वैधता) के नियम

भारत सरकार ने साफ किया है कि वयस्कों (Adults) के लिए जारी किए गए पासपोर्ट 10 साल के लिए वैध रहेंगे। वहीं, नाबालिगों (Minors) के लिए जारी पासपोर्ट की वैधता 5 साल या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी।

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Indian Citizenship Proof: ‘मेरे भारतीय होने का आखिर सबूत क्या है?’; पासपोर्ट को लेकर MEA के बयान से छिड़ी बहस, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

Indian Citizenship Proof: पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से दिए गए एक बयान ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। MEA ने कहा है पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाना है। यह एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण…। फिलहाल MEA के बयान ने एक बार फिर यह सवाल राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है कि आखिर भारतीय नागरिकता का सबसे मजबूत और निर्विवाद सबूत क्या माना जाना चाहिए।

इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं, तो आखिर भारतीय नागरिक होने का सबूत क्या माना जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पहचान (Identity), निवास (Residence) और नागरिकता (Citizenship) तीन अलग-अलग कानूनी अवधारणाएं हैं।

लेकिन आम लोगों के लिए ये अक्सर एक-दूसरे से जुड़ी हुई दिखाई देती हैं। यही कारण है कि जब आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसे डॉक्यूमेंट की कानूनी स्थिति पर चर्चा होती है, तो नागरिकता को लेकर भ्रम और बहस पैदा हो जाती है।

सोशल मीडिया यूजर्स के रिएक्शन

MEA के बयान के बाद कई यूजर्स ने इसे विरोधाभासी बताते हुए कहा कि भारतीय पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट जारी करने से पहले दस्तावेजों की जांच और पुलिस सत्यापन भी किया जाता है। ऐसे में यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज पर्याप्त माना जाएगा?

एक यूजर ने X पर लिखा, “अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, आधार नहीं है और वोटर आईडी भी नहीं है, तो फिर भारतीय होने का सबूत आखिर क्या है?” वहीं, एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “लगता है अब नागरिकता साबित करने के लिए माथे पर अपनी मातृभाषा में टैटू बनवाना पड़ेगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “MEA के मुताबिक पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है और सिर्फ यात्रा करने के लिए जारी किया गया डॉक्यूमेंट है। तो भाई, इतनी जांच के बाद पासपोर्ट जारी करते वक्त उसमें नेशनैलिटी के आगे जो इंडियन लिखा होता है वो फिर क्या देख के या चेक करके लिखा होता है? गजबे है।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने भी मजाकिया अंदाज में लिखा, “आधार नागरिकता के लिए पहचान पत्र नहीं है। पासपोर्ट नागरिकता के लिए पहचान पत्र नहीं है…। लेकिन इन दोनों के माध्यम से देश में हर दस्तावेज बना सकते है। हर दस्तावेज…। अजब सिस्टम की गजब कहानी!”

आधार और वोटर आईडी पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल

पासपोर्ट को लेकर बहस ऐसे समय में सामने आई है जब अदालतें भी कई बार स्पष्ट कर चुकी हैं कि कुछ दस्तावेज पहचान और निवास का प्रमाण तो हो सकते हैं। लेकिन नागरिकता का नहीं…। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आधार कार्ड को केवल पहचान का दस्तावेज माना था, लेकिन नागरिकता का नहीं। इसी तरह 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक कथित बांग्लादेशी नागरिक की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि आधार कार्ड और वोटर आईडी अपने आप में भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।

पासपोर्ट पर क्या लिखा होता है?

बहस के दौरान कई लोगों ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय पासपोर्ट पर स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि यह भारत सरकार की संपत्ति (Property of the Government of India) है। सरकार के निर्देश पर इसे वापस लिया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पासपोर्ट जारी करने के लिए नागरिकता की जांच की जाती है। लेकिन इसका कानूनी उद्देश्य मुख्य रूप से यात्रा और अंतरराष्ट्रीय पहचान सुनिश्चित करना है।

फिर नागरिकता कैसे साबित होती है?

भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कोई एक आधिकारिक ‘सिटिजनशिप कार्ड’ नहीं है। नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और उससे संबंधित नियमों के आधार पर किया जाता है। परिस्थिति के अनुसार नीचे दिए गए निम्न दस्तावेज नागरिकता संबंधी दावे को मजबूत कर सकते हैं:-

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • माता-पिता की नागरिकता संबंधी दस्तावेज
  • नागरिकता प्रमाण पत्र (यदि रजिस्ट्रेशन या प्राकृतिककरण के माध्यम से नागरिकता प्राप्त हुई हो)
  • सरकारी रिकॉर्ड और अन्य वैधानिक दस्तावेज
  • अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरण या अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर करता है।

E-पासपोर्ट पर सरकार का जोर

इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सर्विस के आधुनिकीकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, चिप से लैस ई-पासपोर्ट (e-Passport) का विस्तार तेजी से किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।

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इन ई-पासपोर्ट में सुरक्षा तकनीक, बेहतर प्रमाणीकरण सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे DigiLocker के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनेगी।