राजधानी सा आराम, बुलेट जैसी रफ्तार, वंदे भारत ने बदल दिए 6 ट्रेन के रुट!

आज के टाइम में कम समय में लंबी दूरी का सफर करने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस बेहतरीन ऑप्शन है। देश के कई प्रमुख शहरों के बीच चलने वाली ये ट्रेनें हाई स्पीड, मॉडर्न सुविधाओं और कम ट्रैवल टाइम के लिए जानी जाती हैं। ये रही वंदे भारत ट्रेनें जो कुछ ही घंटों में लंबी दूरी तय कर देती हैं।

 

कोयंबटूर-बेंगलुरु सफर

कोयंबटूर-बेंगलुरु कैंटोनमेंट वंदे भारत एक्सप्रेस तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच ट्रैवल करने वाले ट्रैवलर के लिए सबसे तेज और सहूलियत भरी ट्रेनों में से एक है। यह सुबह 7:25 बजे कोयंबटूर से रवाना होती है और दोपहर 1:45 बजे बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन पहुंच जाती है। करीब 377 किलोमीटर का सफर यह लगभग 6 घंटे 20 मिनट में पूरा करती है। इस ट्रेन के जरिए दोनों शहरों के बीच बिजनेस ट्रिप, ऑफिस मीटिंग और टूरिस्ट पहले की तुलना में काफी आसान और समय बचाने वाला बन गया है।

 

पटना-हावड़ा रूट

पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच चलने वाली सबसे तेज ट्रेनों में शामिल है। यह ट्रेन सुबह 6 बजे पटना जंक्शन से रवाना होती है और 11:35 बजे हावड़ा स्टेशन पहुंच जाती है। लगभग 532 किलोमीटर की दूरी यह केवल 5 घंटे 35 मिनट में तय करती है। इसकी औसत रफ्तार 78 से 81 किमी/घंटा रहती है, जबकि मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। कम समय में सफर पूरा होने के कारण यह रोज ट्रैवल करने वाले लोगों, बिजनेस ट्रैवलर और स्टूडेंट्स के लिए भी एक बेहतरीन ऑप्शन बन चुकी है।

 

दिल्ली-वाराणसी यात्रा

नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस राजधानी दिल्ली और धार्मिक नगरी वाराणसी के बीच सबसे पॉपुलर हाई-स्पीड ट्रेनों में से एक है। यह ट्रेन सुबह 6 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलती है और दोपहर 2 बजे वाराणसी पहुंचती है। करीब 771 किलोमीटर की दूरी यह सिर्फ 8 घंटे में पूरी करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार लगभग 95 किमी/घंटा रहती है, जबकि मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक है। कम समय में लंबी दूरी तय करने की वजह से यह ट्रेन तीर्थयात्रियों, टूरिस्ट और कामकाजी लोगों के बीच काफी पॉपुलर है।

 

 

मुंबई-गांधीनगर रूट

मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस महाराष्ट्र और गुजरात के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी अवेलेबल कराती है। यह सुबह 6:10 बजे मुंबई सेंट्रल से रवाना होती है और दोपहर 12:35 बजे गांधीनगर कैपिटल पहुंच जाती है। करीब 522 किलोमीटर की दूरी यह लगभग 6 घंटे 25 मिनट में तय करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार करीब 81 किमी/घंटा रहती है, जबकि कुछ सेक्शन में यह 130 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चल सकती है। यह ट्रेन दोनों राज्यों के बीच ट्रैवल को पहले की तुलना में ज्यादा तेज, आरामदायक बनाती है।

 

 

जोधपुर-दिल्ली सफर

जोधपुर-दिल्ली कैंटोनमेंट वंदे भारत एक्सप्रेस राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी के बीच तेज़ यात्रा का बेहतर विकल्प है। यह सुबह 5:30 बजे जोधपुर से रवाना होती है और दोपहर 1:30 बजे दिल्ली कैंटोनमेंट स्टेशन पहुंचती है। करीब 606 किलोमीटर का सफर यह लगभग 8 घंटे में पूरा करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार लगभग 75 किमी/घंटा है, जबकि इसकी मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक पहुंचती है। इससे पैसेंजर को रोड ट्रैवल की तुलना में कम समय में बिना परेशानी के सफर का एक्सपीरियंस मिलता है।

 

 

मैसूरु-चेन्नई यात्रा

मैसूरु-MGR चेन्नई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच यात्रा करने वालों के लिए मॉडर्न और तेज रेल सर्विस है। यह ट्रेन सुबह करीब 6 बजे मैसूरु से निकलती है और दोपहर 12:45 बजे चेन्नई पहुंच जाती है। लगभग 500 किलोमीटर की दूरी यह 6 घंटे 45 मिनट में तय करती है। इसकी औसत रफ्तार 76 से 79 किमी/घंटा रहती है, जबकि मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। यह ट्रेन दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों के बीच फास्ट, सेफ और आरामदायक जर्नी है।

 

सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम रूट

सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच ट्रैवल को पहले से ज्यादा तेज और बेहतर बनाती है। यह सुबह 5 बजे सिकंदराबाद से रवाना होती है और दोपहर 1:50 बजे विशाखापत्तनम पहुंचती है। लगभग 699 किलोमीटर की दूरी यह 8 घंटे 50 मिनट में पूरी करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार 79 से 82 किमी/घंटा रहती है, जबकि इसकी मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा है। लंबी दूरी तय करने के बावजूद यह ट्रेन कम समय में डेस्टिनेशन तक पहुंचाती है, जिससे पैसेंजर का काफी समय बचता है और जर्नी आसान होती है।

Vande Bharat Express Best Routes: भारत के ये 5 वंदे भारत रूट्स जिन्होंने बदल दिया रेलवे सफर का अंदाज, देखें पूरी लिस्ट

Vande Bharat Express Update: एक समय था जब हवाई जहाज के टिकट सस्ते होने और एयरलाइंस की पहुंच बढ़ने से हवाई सफर अब कुछ गिने-चुने लोगों का लग्जरी नहीं रह गया था। जैसे-जैसे भारतीय यात्रियों ने हवाई सफर का रुख किया, ऐसा लगने लगा कि कहीं भारतीय रेलवे का आकर्षण कम न हो जाए। यात्रा के लंबे घंटे, साफ-सफाई की चिंताएं और पुराने होते कोच के चलते लोग सफर के दूसरे विकल्प तलाशने लगे। वैसे देखें तो भारत में रेल यात्रा हमेशा से सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने मात्र से कहीं बढ़कर रही है। यह खिड़की से बाहर के खूबसूरत नजारों को देखने, अजनबियों से बातचीत शुरू करने और एक सुकून भरी रफ्तार से यात्रा के अनुभव के सुख से भरी बात रही। अब आज के दौर की बात करें तो वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं के साथ नई पीढ़ी के लिए उसी पुराने आकर्षण को वापस लेकर आई हैं। कश्मीर के पहाड़ों से लेकर पश्चिमी भारत के व्यस्त कॉरिडोर तक, वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की उम्मीदों को पूरी तरह बदल रही हैं। आइए जानते हैं भारत के उन 5 चुनिंदा वंदे भारत रूट्स के बारे में, जिन्होंने रेलवे सफर का पूरा अंदाज ही बदल दिया है-

1. मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai–Bengaluru)

वंदे भारत परिवार में सबसे उत्सुकता से इंतजार की जाने वाली ट्रेनों में प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर सेवा शामिल है। भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस हब को जोड़ने वाली यह ट्रेन रात भर के सफर को अधिक आरामदायक और कुशल बनाने का वादा करती है। इस ट्रेन के हाल ही में सामने आए फर्स्ट एसी कोच ने अपने प्रीमियम इंटीरियर और होटल जैसे फिनिश के कारण रेलवे प्रेमियों के बीच पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी है।

2. नई दिल्ली-वाराणसी (New Delhi–Varanasi)

यह वह ऐतिहासिक रूट है जिसने भारत में वंदे भारत के सफर की शुरुआत की थी। देश की राष्ट्रीय राजधानी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गंतव्यों में से एक वाराणसी से जोड़कर इस सेवा ने यह साबित कर दिया कि भारत में सेमी-हाई-स्पीड रेल पूरी तरह सफल हो सकती है। यात्रा के समय में आई कमी और यात्रियों को मिलने वाले बेहतर आराम ने इसे बहुत जल्द ही मुसाफिरों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

3. कटरा-श्रीनगर (Katra–Srinagar)

सभी वंदे भारत रूटों में से शायद यह सबसे नाटकीय और रोमांचक रूट है। यह सेवा भारत के कुछ सबसे लुभावने और खूबसूरत लैंडस्कैप के बीच से होकर गुजरती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने कश्मीर के लिए कनेक्टिविटी को काफी मजबूत किया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है।

4. मुंबई-गांधीनगर (Mumbai–Gandhinagar)

बिजनेस यात्रा करने वाले लोगों ने इस रूट को बड़े पैमाने पर अपनाया है। फाइनेंशियल कैपिटल कही जाने वाली मुंबई को गुजरात के प्रशासनिक केंद्र गांधीनगर से जोड़ने वाली यह ट्रेन आधुनिक इंटरसिटी कनेक्टिविटी का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है। इसकी लोकप्रियता इतनी शानदार रही है कि यह बढ़ी हुई कोच कॉन्फ़िगरेशन प्राप्त करने वाली देश की शुरुआती वंदे भारत सेवाओं में से एक बन गई।

5. हावड़ा-कामाख्या (Howrah–Kamakhya)

इस रूट ने पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आराम के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। यह ट्रेन अधिक कार्यकुशलता के साथ लंबी दूरी को तय करती है। इसके साथ ही यह रूट इस बात को भी बताता है कि कैसे प्रीमियम रेल सेवाएं अलग-अलग क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूत और सुदृढ़ कर सकती हैं।

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