अब गोवा में भी चलेगी वॉटर मेट्रो, 2000 करोड़ का मेगा प्लान, बदलेगा टूरिज्म का अंदाज और मिलेगा मैरीटाइम प्रोजेक्ट्स का तोहफा

पणजी: गोवा के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने गोवा के मैरीटाइम सेक्टर (समुद्री क्षेत्र) को बढ़ावा देने और वहां एक अत्याधुनिक वॉटर मेट्रो सिस्टम शुरू करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की योजना तैयार की है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को गोवा में इस बड़े मेगा प्लान का ऐलान किया है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने क्या बड़े ऐलान किए?

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स भवन का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि ‘मैं विशेष रूप से गोवा सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारे मंत्रालय की तरफ से हमने आने वाले दिनों में गोवा में मैरीटाइम सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लाने का फैसला किया है।’

गोवा में वॉटर मेट्रो को लेकर क्या है तैयारी?

गोवा आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के सफर को और अधिक सुगम व आधुनिक बनाने के लिए सरकार की योजना राज्य में वॉटर मेट्रो सिस्टम शुरू करने की है। सोनोवाल ने बताया कि सरकार लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोवा में वॉटर मेट्रो सिस्टम शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा उद्घाटन किए गए नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स भवन को केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस भवन के डिजाइन को बेहद सोच-समझकर जहाजों से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। यह नया भवन गोवा के समृद्ध इतिहास और उसकी समुद्री विरासत को दर्शाता है।

विकास भी, विरासत भी के दृष्टिकोण पर काम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पहल के जरिए सरकार ने गोवा की समुद्री विरासत को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है जिसमें वो हमेशा कहते हैं कि विकास भी, विरासत भी यानी विकास के साथ-साथ विरासत का भी संरक्षण।

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Vande Bharat Express Best Routes: भारत के ये 5 वंदे भारत रूट्स जिन्होंने बदल दिया रेलवे सफर का अंदाज, देखें पूरी लिस्ट

Vande Bharat Express Update: एक समय था जब हवाई जहाज के टिकट सस्ते होने और एयरलाइंस की पहुंच बढ़ने से हवाई सफर अब कुछ गिने-चुने लोगों का लग्जरी नहीं रह गया था। जैसे-जैसे भारतीय यात्रियों ने हवाई सफर का रुख किया, ऐसा लगने लगा कि कहीं भारतीय रेलवे का आकर्षण कम न हो जाए। यात्रा के लंबे घंटे, साफ-सफाई की चिंताएं और पुराने होते कोच के चलते लोग सफर के दूसरे विकल्प तलाशने लगे। वैसे देखें तो भारत में रेल यात्रा हमेशा से सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने मात्र से कहीं बढ़कर रही है। यह खिड़की से बाहर के खूबसूरत नजारों को देखने, अजनबियों से बातचीत शुरू करने और एक सुकून भरी रफ्तार से यात्रा के अनुभव के सुख से भरी बात रही। अब आज के दौर की बात करें तो वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं के साथ नई पीढ़ी के लिए उसी पुराने आकर्षण को वापस लेकर आई हैं। कश्मीर के पहाड़ों से लेकर पश्चिमी भारत के व्यस्त कॉरिडोर तक, वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की उम्मीदों को पूरी तरह बदल रही हैं। आइए जानते हैं भारत के उन 5 चुनिंदा वंदे भारत रूट्स के बारे में, जिन्होंने रेलवे सफर का पूरा अंदाज ही बदल दिया है-

1. मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai–Bengaluru)

वंदे भारत परिवार में सबसे उत्सुकता से इंतजार की जाने वाली ट्रेनों में प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर सेवा शामिल है। भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस हब को जोड़ने वाली यह ट्रेन रात भर के सफर को अधिक आरामदायक और कुशल बनाने का वादा करती है। इस ट्रेन के हाल ही में सामने आए फर्स्ट एसी कोच ने अपने प्रीमियम इंटीरियर और होटल जैसे फिनिश के कारण रेलवे प्रेमियों के बीच पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी है।

2. नई दिल्ली-वाराणसी (New Delhi–Varanasi)

यह वह ऐतिहासिक रूट है जिसने भारत में वंदे भारत के सफर की शुरुआत की थी। देश की राष्ट्रीय राजधानी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गंतव्यों में से एक वाराणसी से जोड़कर इस सेवा ने यह साबित कर दिया कि भारत में सेमी-हाई-स्पीड रेल पूरी तरह सफल हो सकती है। यात्रा के समय में आई कमी और यात्रियों को मिलने वाले बेहतर आराम ने इसे बहुत जल्द ही मुसाफिरों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

3. कटरा-श्रीनगर (Katra–Srinagar)

सभी वंदे भारत रूटों में से शायद यह सबसे नाटकीय और रोमांचक रूट है। यह सेवा भारत के कुछ सबसे लुभावने और खूबसूरत लैंडस्कैप के बीच से होकर गुजरती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने कश्मीर के लिए कनेक्टिविटी को काफी मजबूत किया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है।

4. मुंबई-गांधीनगर (Mumbai–Gandhinagar)

बिजनेस यात्रा करने वाले लोगों ने इस रूट को बड़े पैमाने पर अपनाया है। फाइनेंशियल कैपिटल कही जाने वाली मुंबई को गुजरात के प्रशासनिक केंद्र गांधीनगर से जोड़ने वाली यह ट्रेन आधुनिक इंटरसिटी कनेक्टिविटी का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है। इसकी लोकप्रियता इतनी शानदार रही है कि यह बढ़ी हुई कोच कॉन्फ़िगरेशन प्राप्त करने वाली देश की शुरुआती वंदे भारत सेवाओं में से एक बन गई।

5. हावड़ा-कामाख्या (Howrah–Kamakhya)

इस रूट ने पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आराम के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। यह ट्रेन अधिक कार्यकुशलता के साथ लंबी दूरी को तय करती है। इसके साथ ही यह रूट इस बात को भी बताता है कि कैसे प्रीमियम रेल सेवाएं अलग-अलग क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूत और सुदृढ़ कर सकती हैं।

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