Delhi Metro: मेट्रो पर फोन चिपकाकर Reel बनाना पड़ेगा मंहगा! DMRC ने दी सख्त चेतावनी

दिल्ली मेट्रो में रील्स और वीडियो बनाने का ट्रेंड इन दिनों काफी बढ़ रहा है। वहीं हाल ही में दिल्ली मेट्रो का एक नया रील सोशल मीडिया पर काफी ट्रेड कर रहा है। इसमें कई यूजर्स चलती मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल फोन चिपकाकर वीडियो बना रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इस ट्रेंड को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स इसे मजेदार मान फॉलो कर रहे हैं। वहीं कई लोग चलती ट्रेन में इस तरह वीडियो बनाने को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं और इसे जोखिम भरा बता रहे हैं। अब DMRC ने चलती मेट्रो में वीडियो बनाने पर सख्त रुख अपनाया है।

DMRC ने की खास अपील

चलती मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल लगाकर वीडियो बनाने के मामले को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गंभीरता से लिया है। DMRC ने यात्रियों और कंटेंट क्रिएटर्स से ऐसी रील्स नहीं बनाने की अपील की है। साथ ही, कॉर्पोरेशन ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए इस तरह की गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा सकती है।

वीडियो बनाने से लोगों को हो सकती है परेशानी

DMRC ने इंस्टाग्राम पर दिए अपने बयान में कहा, “दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने देखा कि कुछ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स मेट्रो ट्रेन की खिड़कियों पर अपने मोबाइल फोन चिपका रहे हैं और चलती ट्रेन के साथ वीडियो शूट कर रहे हैं। इस तरह की हरकत से दूसरे यात्रियों को परेशानी हो सकती है या उन्हें चोट लग सकती है। साथ ही, इससे यूजर्स के मोबाइल फोन भी खराब हो सकते हैं।”

पोस्ट में आगे कहा, “DMRC अधिकारी इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रहे हैं और अगर कोई कंटेंट क्रिएटर इस तरह की शूटिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए कंटेंट क्रिएटर्स को दिल्ली मेट्रो परिसर के अंदर इस तरह के वीडियो शूट नहीं करने का निर्देश दिया जाता है।”

 

दिल्ली मेट्रो में बनाते हैं वीडियो

दिल्ली मेट्रो अब सोशल मीडिया वीडियो बनाने की पसंदीदा जगहों में शामिल हो गई है। यहां कई यात्री और कंटेंट क्रिएटर डांस, मीम और दूसरी तरह की वायरल रील्स बनाते नजर आते हैं। हालांकि, DMRC लगातार यात्रियों से अपील करता रहा है कि वे मेट्रो के नियमों का पालन करें और ऐसी कोई वीडियो या गतिविधि न करें, जिससे दूसरे यात्रियों को परेशानी हो या मेट्रो सेवाओं के संचालन में किसी तरह की दिक्कत आए।