नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे:सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। जेटेन और उनके पार्टनर कीनन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, हमारी जिंदगी में एक बहुत खास मेहमान आने वाला है। नन्हे बच्चे, 2027 में तुमसे मुलाकात होगी। डच मीडिया के मुताबिक बच्चे के जन्म के लिए सरोगेसी की मदद ली गई है। उनकी दो महिला दोस्तों ने इस प्रक्रिया में मदद की। एक ने अंडाणु दान किया, जबकि दूसरी बच्चे को जन्म देंगी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जेटेन ऐसे पहले डच प्रधानमंत्री होंगे, जिनके कार्यकाल में उनके बच्चे का जन्म होगा। टिकटॉक वीडियो से शुरू हुई कहानी, सुपरमार्केट में मिले साल 2021 में, जेटन और उनके एक साथी डच नेता के बीच का एक ब्रोमांस वाला ट्रेडिंग वीडियो टिकटॉक पर बहुत वायरल हुआ था। इसमें दोनों नेता एक दूसरे के साथ मस्ती करते, हंसते और डांस करते दिखे थे। वीडियो वायरल होने के बाद रॉब जेटन युवाओं के बीच मशहूर हो गए। साल 2022 में कीनन ने एक सुपरमार्केट में जेटेन को देखा और उन्हें वायरल वीडियो की वजह से पहचान गए। इस दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। कीनन ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि जेटेन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में दोनों का रिश्ता निजी रहा लेकिन अगस्त 2023 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया। नवंबर 2024 में दोनों ने सगाई की घोषणा की। दोनों की शादी जून 2026 में होनी थी, लेकिन जेटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। नीदरलैंड समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला पहला देश नीदरलैंड दुनिया का पहला देश था, जिसने 2001 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी। जेटेन देश के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, वे दुनिया के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले भी दूसरे देशों में खुले तौर पर समलैंगिक नेता सरकार के प्रमुख रह चुके हैं। सिर्फ 39 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने जेटेन दुनिया के 8 समलैंगिक प्रधानमंत्री 1. योहाना सिगुर्दार्दोतिर – आइसलैंड (2009–2013): वे दुनिया की पहली खुले तौर पर समलैंगिक सरकार प्रमुख बनीं। वे लेस्बियन थीं। उनकी 1970 में शादी हुई थी। उनके 2 बच्चे भी हुए। 1985 में वह एक महिला पत्रकार के करीब आईं। इसके 2 साल बाद उन्होंने तलाक ले लिया। जून 2010 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलने पर दोनों ने शादी कर ली। 2. एलियो दी रूपो – बेल्जियम (2011–2014): वे बेल्जियम ही नहीं दुनिया के पहले खुले तौर पर गे प्रधानमंत्री बने। 1996 में उप-प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन पर 16 साल के बच्चे के साथ संबंध बनाने का आरोप लगा था। तब पहली बार उनकी पहचान उजागर हुई थी। 3. जेवियर बेटेल – लक्जमबर्ग (2013–2023): बेटेल ने 2008 में पहली बार बताया था कि वे समलैंगिक हैं। PM बनने के डेढ़ साल बाद 2015 में उन्होंने अपने पुरुष पार्टनर गौथियर डेस्टने से शादी की। वे पहले ऐसे गे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की। 4. लियो वराडकर – आयरलैंड (2017–2024): आयरलैंड में मई 2015 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए जनमत संग्रह होना था। भारतीय मूल के लियो वराडकर तब स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने इस जनमत संग्रह को समर्थन देने के लिए पहली बार अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 5. एना ब्रनाबिच – सर्बिया (2017–2024): वे सर्बिया की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वे लेस्बियन हैं। फरवरी 2019 में उनकी पार्टनर ने एक बेटे को जन्म दिया। ऐसे में वे पहली समलैंगिक प्रधानमंत्री बनीं, जिनकी महिला पार्टनर ने उनके कार्यकाल के दौरान बच्चे को जन्म दिया। 6. जेवियर एस्पोट – अंडोरा (2019 से): वे अंडोरा के प्रधानमंत्री हैं और खुले तौर पर समलैंगिक हैं। प्रधानमंत्री बनने के 4 साल बाद 2023 में उन्होंने अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 7. गैब्रियल अत्ताल – फ्रांस (2024): वे फ्रांस के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बने। 2018 में जब वे मैक्रों की पार्टी के सांसद थे तब पहली बार उनके एक बचपन के दोस्त ने खुलासा किया था कि उनका संबंध एक नेता स्तेफान सेजुर्ने से है। दोस्त ने आरोप लगाया कि सेजुर्ने की वजह से अत्ताल का राजनीतिक करियर आगे बढ़ा। 8. रॉब जेटेन- नीदरलैंड (2026 से): वे नीदरलैंड के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में पद संभाला। 17 साल की उम्र में पहली बार एक लड़के से प्यार होने के बाद उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के सामने अपनी पहचान का खुलासा किया था।

नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे:सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। जेटेन और उनके पार्टनर कीनन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, हमारी जिंदगी में एक बहुत खास मेहमान आने वाला है। नन्हे बच्चे, 2027 में तुमसे मुलाकात होगी। डच मीडिया के मुताबिक बच्चे के जन्म के लिए सरोगेसी की मदद ली गई है। उनकी दो महिला दोस्तों ने इस प्रक्रिया में मदद की। एक ने अंडाणु दान किया, जबकि दूसरी बच्चे को जन्म देंगी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जेटेन ऐसे पहले डच प्रधानमंत्री होंगे, जिनके कार्यकाल में उनके बच्चे का जन्म होगा। टिकटॉक वीडियो से शुरू हुई कहानी, सुपरमार्केट में मिले साल 2021 में, जेटन और उनके एक साथी डच नेता के बीच का एक ब्रोमांस वाला ट्रेडिंग वीडियो टिकटॉक पर बहुत वायरल हुआ था। इसमें दोनों नेता एक दूसरे के साथ मस्ती करते, हंसते और डांस करते दिखे थे। वीडियो वायरल होने के बाद रॉब जेटन युवाओं के बीच मशहूर हो गए। साल 2022 में कीनन ने एक सुपरमार्केट में जेटेन को देखा और उन्हें वायरल वीडियो की वजह से पहचान गए। इस दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। कीनन ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि जेटेन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में दोनों का रिश्ता निजी रहा लेकिन अगस्त 2023 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया। नवंबर 2024 में दोनों ने सगाई की घोषणा की। दोनों की शादी जून 2026 में होनी थी, लेकिन जेटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। नीदरलैंड समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला पहला देश नीदरलैंड दुनिया का पहला देश था, जिसने 2001 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी। जेटेन देश के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, वे दुनिया के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले भी दूसरे देशों में खुले तौर पर समलैंगिक नेता सरकार के प्रमुख रह चुके हैं। सिर्फ 39 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने जेटेन दुनिया के 8 समलैंगिक प्रधानमंत्री 1. योहाना सिगुर्दार्दोतिर – आइसलैंड (2009–2013): वे दुनिया की पहली खुले तौर पर समलैंगिक सरकार प्रमुख बनीं। वे लेस्बियन थीं। उनकी 1970 में शादी हुई थी। उनके 2 बच्चे भी हुए। 1985 में वह एक महिला पत्रकार के करीब आईं। इसके 2 साल बाद उन्होंने तलाक ले लिया। जून 2010 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलने पर दोनों ने शादी कर ली। 2. एलियो दी रूपो – बेल्जियम (2011–2014): वे बेल्जियम ही नहीं दुनिया के पहले खुले तौर पर गे प्रधानमंत्री बने। 1996 में उप-प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन पर 16 साल के बच्चे के साथ संबंध बनाने का आरोप लगा था। तब पहली बार उनकी पहचान उजागर हुई थी। 3. जेवियर बेटेल – लक्जमबर्ग (2013–2023): बेटेल ने 2008 में पहली बार बताया था कि वे समलैंगिक हैं। PM बनने के डेढ़ साल बाद 2015 में उन्होंने अपने पुरुष पार्टनर गौथियर डेस्टने से शादी की। वे पहले ऐसे गे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की। 4. लियो वराडकर – आयरलैंड (2017–2024): आयरलैंड में मई 2015 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए जनमत संग्रह होना था। भारतीय मूल के लियो वराडकर तब स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने इस जनमत संग्रह को समर्थन देने के लिए पहली बार अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 5. एना ब्रनाबिच – सर्बिया (2017–2024): वे सर्बिया की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वे लेस्बियन हैं। फरवरी 2019 में उनकी पार्टनर ने एक बेटे को जन्म दिया। ऐसे में वे पहली समलैंगिक प्रधानमंत्री बनीं, जिनकी महिला पार्टनर ने उनके कार्यकाल के दौरान बच्चे को जन्म दिया। 6. जेवियर एस्पोट – अंडोरा (2019 से): वे अंडोरा के प्रधानमंत्री हैं और खुले तौर पर समलैंगिक हैं। प्रधानमंत्री बनने के 4 साल बाद 2023 में उन्होंने अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 7. गैब्रियल अत्ताल – फ्रांस (2024): वे फ्रांस के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बने। 2018 में जब वे मैक्रों की पार्टी के सांसद थे तब पहली बार उनके एक बचपन के दोस्त ने खुलासा किया था कि उनका संबंध एक नेता स्तेफान सेजुर्ने से है। दोस्त ने आरोप लगाया कि सेजुर्ने की वजह से अत्ताल का राजनीतिक करियर आगे बढ़ा। 8. रॉब जेटेन- नीदरलैंड (2026 से): वे नीदरलैंड के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में पद संभाला। 17 साल की उम्र में पहली बार एक लड़के से प्यार होने के बाद उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के सामने अपनी पहचान का खुलासा किया था।

Viral Video: दूल्हे ने शादी में भैंसों को बनाया खास मेहमान, वीडियो देख यूजर्स हुए हैरान

भारत में एक दूल्हे ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए कुछ अलग करने का फैसला किया। आमतौर पर शादी में दूल्हा-दुल्हन के साथ परिवार, रिश्तेदार और दोस्त शामिल होते हैं, लेकिन इस दूल्हे ने अपने खेत में रहने वाली भैंसों को भी शादी का हिस्सा बनाया। उसका ये अनोखा अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दूल्हा अपनी शादी में भैंसों के साथ नजर आ रहा है। उसने सफेद कपड़े, लाल स्टोल और सिर पर पारंपरिक साफा पहना हुआ है। शादी के मंडप को रंग-बिरंगे पर्दों से सजाया गया है, जहां कई भैंसें भी खड़ी दिखाई दे रही हैं। दूल्हे का अपनी भैंसों को शादी में शामिल करने का यह अनोखा अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है। वीडियो पर लोग मजेदार कमेंट्स भी कर रहे हैं।

भैंसे बनी चर्चा का विषय

इस शादी में भैंसों की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सजे हुए शादी के मंडप में कई भैंसें एक साथ खड़ी हैं और उनके आसपास मेहमान भी मौजूद हैं। दूल्हे के इस अनोखे अंदाज को देखकर लोग खूब हंस रहे हैं और मजेदार कमेंट कर रहे हैं। कुछ दर्शकों ने इसकी तुलना उन लोगों से भी की है, जो शादी में अपनी महंगी गाड़ियों और शानदार कपड़ों का दिखावा करते हैं। इस तरह दूल्हे का अपनी भैंसों को शादी में बुलाना लोगों के लिए मनोरंजन का खास कारण बन गया है।

 

लोगों ने किया कमेंट

कुछ लोगों ने दूल्हे के इस कदम को एक अलग नजरिए से देखा। उनका मानना था कि वह अपनी शादी के खास मौके पर अपनी जिंदगी से जुड़ी अहम चीजों को शामिल करना चाहता था। दूल्हे का अपनी भैंसों को समारोह में लाना यह दिखाता है कि उसे अपने जानवरों से कितना लगाव है और वे उसकी जिंदगी में कितनी अहमियत रखते हैं। इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने कमेंट करके अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि भैंसें भी शादी में शामिल होने की हकदार थीं, वहीं कुछ ने जानवरों की वफादारी की तारीफ की।

यूजर ने की तारीफ

एक यूजर ने लिखा, “ये ही हैं जो सच में हमारे खास मौकों पर शामिल होने के लायक हैं।” वहीं, दूसरे यूजर ने मजाक में कहा, “इसमें क्या परेशानी है? देखो, ये कितनी शर्मीली हैं और भाई की शादी में अच्छे बच्चों की तरह रहने की कोशिश कर रही हैं।” कुछ यूजर्स ने दूल्हे और उसकी भैंसों के बीच के प्यार और लगाव की भी तारीफ की। एक व्यक्ति ने लिखा, “इसे कहते हैं सच्चा प्यार।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “ये अपने मालिक के प्रति मेहमानों से भी ज्यादा सच्चे और वफादार होते हैं।” एक अन्य कमेंट में लिखा गया, “उसे पता है कि उसकी खुशी के लिए दिल से कौन दुआ कर रहा है।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

उत्तराखंड में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस पर बवाल, भाई के बचाव में उतरे मिका सिंह ने दिया सिंगिंग छोड़ने का चैलेंज, जानें क्या है पूरा मामला

उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सिंगर के प्रदर्शन पर नाराजगी जताते नजर आए। इसके बाद दलेर मेहंदी पर शराब पीकर स्टेज पर आने के आरोप लगाए गए। अब उनके भाई और सिंगर मिका सिंह ने इन आरोपों पर खुलकर अपनी बात रखी है। मिका ने यहां तक कह दिया कि अगर कोई दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखने का दावा साबित कर दे, तो वह सिंगिंग छोड़ देंगे।

‘दलेर मेहंदी ने कभी शराब नहीं पी’, मिका सिंह का दावा

मिका सिंह ने अपने भाई का बचाव करते हुए शराब पीने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी का नाम कभी शराब पीने से नहीं जुड़ा और उनके खिलाफ इस तरह की बातें करना ठीक नहीं है। मिका ने अपने बयान में चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी एक व्यक्ति के पास भी ऐसा सबूत है कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते देखा है, तो वह संगीत की दुनिया छोड़ने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

तबीयत खराब होने के बावजूद स्टेज पर पहुंचे थे दलेर?

मिका सिंह ने यह भी बताया कि दलेर मेहंदी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं और उनकी बड़ी सर्जरी भी हुई थी। मिका के मुताबिक, संभव है कि खराब तबीयत के बावजूद पहले से किया गया वादा निभाने के लिए दलेर कार्यक्रम में पहुंचे हों।

उन्होंने बताया कि कलाकार कई बार बीमारी और थकान के बावजूद अपने तय कार्यक्रम पूरे करते हैं। मिका ने कहा कि अगर किसी कलाकार ने शो के लिए हामी भर दी है, तो वह अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करता है, भले ही उसकी तबीयत ठीक न हो। हालांकि, दलेर मेहंदी की तबीयत को लेकर मिका की ओर से दी गई इस सफाई के बीच शराब पीने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

35 लाख रुपये की फीस और लिप-सिंकिंग पर उठा सवाल

यह विवाद उत्तराखंड के टिहरी जिले में नवरात्रि के दौरान आयोजित कुंजापुरी मेले का है। 18 अक्टूबर को हुए कार्यक्रम में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के बीच मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और नाराजगी जताई।

मंत्री ने आरोप लगाया कि सिंगर मंच पर ठीक से गा नहीं रहे थे और गानों पर केवल लिप-सिंक कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए गए थे, इसलिए उनसे बेहतर प्रस्तुति की उम्मीद थी। उनियाल ने धार्मिक आयोजन में कथित तौर पर शराब पीकर प्रस्तुति देने पर भी आपत्ति जताई। हालांकि, शराब के नशे में होने का आरोप साबित नहीं हुआ है।

अब विवाद के बीच चर्चा में हैं दोनों भाई

एक तरफ मंत्री ने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ मिका सिंह अपने भाई के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बयानों के कारण सोशल मीडिया पर बहस जारी है।

अब देखने वाली बात होगी कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है और दलेर मेहंदी की ओर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 74: 1.7 करोड़ के बजट में बनी फिल्म 450 करोड़ पार करने के करीब! 74वें दिन भी जारी रही ‘हनुमान अंश’ की ब्लॉकबस्टर कमाई

Video: साक्षी को बार-बार चिढ़ाते दिखे धोनी, वायरल वीडियो पर फैंस ने किए मजेदार कमेंट्स

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह वह अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं। ये वीडियो गुजरात के जामनगर में अंबानी परिवार की ओर से आयोजित नवरात्रि मेले का बताया जा रहा। वीडियो में धोनी अपनी पत्नी साक्षी को आइसक्रीम का एक स्कूप खिलाते दिखाई दे रहे हैं। दोनों के बीच की मस्ती भरी इस झलक ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

नवरात्रि समारोह में शामिल हुए धोनी

महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी 18 अक्टूबर, रविवार को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस ग्रीन्स में आयोजित नवरात्रि समारोह में शामिल हुए। इस खास मौके पर दोनों ने अनंत अंबानी, राधिका मर्चेंट और उनके दोस्तों के साथ त्योहार का आनंद लिया। कार्यक्रम में पारंपरिक संगीत, गरबा नृत्य और कई तरह के झूले भी लगाए गए थे। इस दौरान सभी मेहमानों ने मिलकर त्योहार का जश्न मनाया।

वायरल हो रहा वीडियो

X पर शेयर किए गए एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी को आइसक्रीम खिलाते नजर आ रहे हैं। दोनों एक ऐसी जगह पर खड़े दिखाई देते हैं, जो पौधों के स्टॉल जैसी लग रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही साक्षी आइसक्रीम खाने के लिए आगे झुकती हैं, धोनी शरारत करते हुए चम्मच पीछे खींच लेते हैं और खुद ही आइसक्रीम खा लेते हैं। धोनी का यह मजेदार अंदाज देखकर साक्षी की हंसी छूट जाती है। धोनी ने यह शरारत दो-तीन बार दोहराई। हर बार वह साक्षी को आइसक्रीम खिलाने का नाटक करते और फिर चम्मच अपने पास खींचकर खुद ही आइसक्रीम खा लेते। साक्षी भी उनके इस मजाक पर मुस्कुराती नजर आईं और दोनों इस पूरे पल का खूब आनंद लेते दिखे।

 

लोगों ने दिया ये रिएक्शन

सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर लोगों की मजेदार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, “उसे गुस्सा दिलाना ही प्यार जताने का उसका तरीका है।” एक यूजर ने लिखा, “पहली बार यह मजेदार लगा, इसलिए उसे दूसरी बार भी ऐसा करना पड़ा। हाहाहा!” एक और यूजर ने कहा, “धोनी जिस तरह सिर्फ साक्षी का रिएक्शन देखने के लिए उन्हें बार-बार चिढ़ाते हैं और साक्षी हर बार उनके झांसे में आ जाती हैं, वह बेहद प्यारा है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “क्या इसे ही कपल गोल कहते हैं? मुझे भी ऐसा ही रिश्ता चाहिए।”

WPL 2027 Auction: 28 अक्टूबर को सजेगा नीलामी का मंच, ऑक्शन में 146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली

लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case: नवाबों के शहर लखनऊ में 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि खाकी के लिए साख का सवाल बन चुका है। घटना के 10वें दिन भी आरोपी फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल केस में लापरवाही और गाज गिरने का बड़ा दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए लखनऊ के डीसीपी, एसीपी और हजरतगंज थाना प्रभारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। 25 हजार की इनामी मॉडल का एक सनसनीखेज इंटरव्यू वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरी जांच की दिशा ही मोड़ दी है।

क्या है पूरा मामला?

5वीं मंजिल से रहस्यमयी मौत या हत्या? : बीती 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा इलाके के ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ से गिरकर कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा या खुदकुशी माना जा रहा था, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा के बयानों और साक्ष्यों ने पुलिस की थ्योरी बदल दी। मां का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर व फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और साथियों ने शिवा को बेरहमी से पीटा, प्रताड़ित किया और बालकनी से नीचे फेंक दिया।

पुलिस अफसरों का तबादला

मामले में लापरवाही और जांच में देरी की सुगबुगाहट के बीच शासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसीपी (मध्य) विक्रांत वीर को यूपी पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। एसीपी रजनीश वर्मा को क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया। हजरतगंज थाना प्रभारी (SO) विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

फरार मॉडल का ‘इंटरव्यू बम’ और आत्महत्या का दावा

जब पुलिस मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और सहयोगी दानिश की तलाश में नेपाल बॉर्डर तक खाक छान रही है, तभी श्रद्धा का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू सामने आया। वीडियो में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि शिवा पर 15-20 लाख रुपए का कर्ज था और उसने आर्थिक तंगी में आत्महत्या की है।

 

उसने कहा- घटना वाले दिन शिवा ने खुद को बाथरूम में बंद किया और अचानक बालकनी से छलांग लगा दी। श्रद्धा ने कहा कि मैं भगोड़ी नहीं हूं, पुलिस के सामने सच रखूंगी। साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें शिवा कथित तौर पर श्रद्धा के 6 लाख के गहने बेच देने की बात मान रहा है।

नेपाल भागने की आशंका और पुलिस का शिकंजा

श्रद्धा का महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहन बहराइच के रूपईडीहा में लावारिस हालत में मिला है, जो नेपाल सीमा से महज 1 किलोमीटर दूर है। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी नेपाल सीमा पार कर चुके हैं। तीनों मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। फिलहाल, शिवा के परिजनों की मांग है कि जब आरोपी बेकसूर है, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय क्यों भाग रही है?

यमन के सैन्य शिविर पर मिसाइल हमले में 25 सैनिकों की मौत, 30 घायल

यमन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत शबवा में सोमवार को एक सरकारी सैन्य प्रशिक्षण ठिकाने पर मिसाइलें हमलों में कम से कम 25 सैनिकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हो गए।

प्रांतीय राजधानी अताक के पास जरदान जिले में स्थित अल-आलम सैन्य अड्डे पर गिरी तीनों मिसाइलों ने परिसर के भीतर बने एक प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया। एक सैन्य अधिकारी ने इस हमले के पीछे हुती विद्रोहियों का हाथ बताया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में घटनास्थल पर भारी तबाही और हताहत लोग दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय चिकित्सा सूत्र ने बताया कि हताहतों का यह आंकड़ा शुरुआती है और इसमें बढ़ोतरी हो सकती है।

Also Read : इजरायल चुनाव : ट्रंप ने किया नेतान्याहू का समर्थन

चिकित्सा सूत्र के अनुसार, आपातकालीन और मेडिकल टीमें घायलों को शबवा के अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हैं। शिविर से बरामद कुछ शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे मृतकों की अंतिम संख्या तय करने में मुश्किलें आ रही हैं। जरदान जिले में स्थित अल-आलम एक बड़ा सैन्य ठिकाना है। इसका इस्तेमाल यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन करने वाले बल करते हैं।

हुती विद्रोहियों ने फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह वारदात ऐसे समय में हुई है, जब यमन के कई मोर्चों पर हुती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई और हमले तेज हो गए हैं।

यमन 2014 के उत्तरार्ध से ही भयानक संघर्ष में फंसा हुआ है, जब हूतियों ने राजधानी सना और देश के अधिकतर उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।

Pic Credit : UNI

पीछे धधक रही थी आग, चारों तरफ था धुआं… फिर भी नहीं रुकी महिला की जॉगिंग, VIDEO वायरल!

पेरिस की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और आग के बीच एक महिला का जॉगिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सड़क पर जलती बैरिकेड और चारों ओर धुएं के बावजूद महिला अपनी दौड़ जारी रखती नजर आई। इस नजारे ने इंटरनेट पर लोगों को दो गुटों में बांट दिया है। कुछ यूजर्स उसके व्यवहार को लापरवाही बता रहे हैं, जबकि दूसरे लोग इसे अपनी दिनचर्या जारी रखने का फैसला मान रहे हैं। आखिर तनावपूर्ण माहौल में भी महिला ने दौड़ना क्यों नहीं रोका, यही सवाल चर्चा का विषय बन गया है।

सड़क पर आग और धुआं

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक महिला सड़क पर जॉगिंग करती दिखाई देती है। उसके रास्ते में एक बैरिकेड आग की लपटों में घिरा नजर आता है। आसपास काला धुआं फैला हुआ है और सड़कों पर तनावपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद महिला अपनी दौड़ जारी रखती है। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया, जब पेरिस में महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े खर्चों को लेकर विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही थीं। ईंधन, खाने-पीने की चीजों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की बढ़ती लागत को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच जलती बैरिकेड और बाधित सड़कों की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। हालांकि, वायरल क्लिप से महिला की मंशा या उसके वहां मौजूद होने की पूरी वजह स्पष्ट नहीं होती।

किसी ने बताया ‘मेन कैरेक्टर सिंड्रोम’, तो किसी ने किया बचाव

वीडियो को X पर साझा करते हुए एक यूजर ने महिला के व्यवहार पर सवाल उठाए। उसने इस दृश्य को ऐसे पेश किया, मानो शहर में अफरा-तफरी के बीच भी महिला के लिए रोजाना की फिटनेस पूरी करना सबसे जरूरी हो। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी खतरनाक स्थिति में जॉगिंग करना कितना समझदारी भरा फैसला है। जलती बैरिकेड और घने धुएं के बीच दौड़ना स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।

‘हो सकता है वह तनाव दूर करने के लिए दौड़ रही हो’

दूसरी ओर, कई यूजर्स ने महिला का बचाव भी किया। उनका कहना था कि कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर किसी के इरादों का अंदाजा लगाना सही नहीं है। संभव है कि वह तनावपूर्ण माहौल में अपनी दिनचर्या बनाए रखने या मानसिक तनाव कम करने के लिए दौड़ रही हो।

एक यूजर ने कहा कि महिला अपनी जिंदगी जीने के लिए स्वतंत्र है और उसे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। दूसरे यूजर्स ने भी माना कि हर व्यक्ति का मुश्किल हालात से निपटने का तरीका अलग होता है।

वायरल वीडियो ने छेड़ी बहस

इस घटना ने सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग नजरिए सामने रखे हैं। एक पक्ष इसे खतरनाक परिस्थिति में लापरवाही मान रहा है, जबकि दूसरा पक्ष महिला के निजी फैसले का समर्थन कर रहा है।

जिस IIT-IIM की डिग्री के लिए लाखों युवा मेहनत करते हैं, उससे बच्चों को दूर क्यों रखना चाहते हैं ये शख्स?

फ्रांस में महंगाई पर भड़की हिंसा : राष्ट्रपति मैक्रों ने शांति की अपील की

फ्रांस में बढ़ती महंगाई, शिक्षा बजट में कटौती और चरमराती सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ जारी देशव्यापी प्रदर्शनों के दाैरान हिंसक दंगों, लूटपाट की घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘शांति और व्यवस्था’ बनाए रखने की अपील की है।

राष्ट्रपति कार्यालय (एलिसी पैलेस) से राष्ट्र के नाम दिए टीवी संबोधन में श्री मैक्रों ने प्रदर्शनकारियों से स्थिति को और न बिगड़ने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हम सभी गुस्सा और शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदर्शनकारियों की ‘जायज मांगों’ और तोड़फोड़ व लूटपाट के जिम्मेदार उपद्रवियों के बीच स्पष्ट फर्क किया जाना चाहिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को पूरे फ्रांस में 5,50,000 से अधिक लोग सड़कों पर उतरे। अधिकतर प्रदर्शन हालांकि शांतिपूर्ण रहे, लेकिन रात ढलते ही कई शहरों में हिंसा भड़क उठी। सप्ताहांत के दौरान पुलिस ने 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं गृह मंत्रालय ने यह संख्या लगभग 2,400 बताई है।

पेरिस, मार्सिले, ल्योन और लिमोगेस में नकाबपोश समूहों ने दुकानों में तोड़फोड़ की, गाड़ियों में आग लगा दी और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया। लिमोगेस में आग लगने के कारण 143 वर्ष पुराने टाउन हॉल का गुंबद ढह गया। रविवार को भी पेरिस के कुछ हिस्सों में झड़पें जारी रहने पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

श्री मैक्रों ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी तबाही को ‘किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता’। उन्होंने वादा किया कि उपद्रवियों को सख्त सजा दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने जनता की शिकायतों के समाधान के लिए इस सप्ताह ठोस उपायों पर बैठकों की प्रतिबद्धता जताई।

Also Read : अल्ट्राटेक सीमेंट का मुनाफा 21 प्रतिशत बढ़कर 1,501 करोड़ पर

यह विरोध प्रदर्शन सितंबर में पेरिस के उपनगरीय इलाकों के विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की हड़ताल से शुरू हुआ था, जो कर्मी बढ़ाने और बेहतर संसाधनों की मांग कर रहे थे। बाद में कक्षाओं में भीड़, कर्मचारियों की कमी, महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को लेकर यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया।

वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी द्वारा छात्रा को प्रतिबंधित तरीके से गर्दन से दबोचने की घटना सामने आते ही जन आक्रोश और भड़क गया। पुलिस पर बेतहाशा बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में कूद पड़े। इस अशांति ने मैक्रों सरकार को भारी राजनीतिक दबाव में ला खड़ा किया है। विरोधी सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन प्रदर्शन के इतने बड़े पैमाने का अंदाजा लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा। स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू सोमवार को कैबिनेट की आपात बैठक करने वाले थे।

घटनाक्रम पर राजनीतिक नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं। दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने वामपंथियों पर जन आक्रोश का फायदा उठाने का आरोप लगाया, वहीं वामपंथी नेता ज्यां-ल्यूक मेलेनचोन ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार का बचाव किया। आगे उपद्रव की आशंका के मद्देनजर मार्सिले प्रशासन ने सभाओं पर पाबंदी लगा दी है।

फ्रांस का यह आंदोलन बढ़ती महंगाई, मकानों की किल्लत और बदहाल सार्वजनिक सेवाओं को लेकर पूरे यूरोप में पनप रहे असंतोष का हिस्सा है। बेल्जियम, पुर्तगाल, इटली और अल्बानिया में भी ऐसे ही आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं।

इस स्थिति ने फ्रांस सरकार के लिए कानून-व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ प्रदर्शनों के पीछे की बुनियादी आर्थिक और सामाजिक समस्याओं को सुलझाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

Pic Credit : UNI

Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ को एग्जैक्ट कहां गोली मारनी है, पैपराजी वीडियो से कैसे की ट्रैकिंग? ये सारी जानकारियां पुलिस के हाथ लगीं

Tiger Shroff Firing Case: फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, वारदात में कथित रूप से शामिल आरोपियों ने फायरिंग से पहले करीब 10 दिनों तक अभिनेता की गतिविधियों और उनके आने-जाने के समय पर नजर रखी थी। आरोपियों ने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ के घर और जिम की भी रेकी की थी। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर पैपराज़ी और ब्लॉगर्स के वीडियो से आरोपियों को उन जगहों का पता लगाने में मदद मिली, जहां अभिनेता अक्सर जाते थे।

10 दिनों तक टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर

सूत्रों के अनुसार, आरोपी फायरिंग की घटना से पहले अभिनेता की दिनचर्या और उनके शेड्यूल पर नजर रख रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि टाइगर श्रॉफ किन जगहों पर जाते हैं और उनकी आवाजाही का सामान्य समय क्या रहता है। जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं कि कथित रेकी किस उद्देश्य से की गई थी और वारदात की योजना बनाने में इसकी क्या भूमिका रही।

सोशल मीडिया वीडियो से जुटाई जानकारी?

सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर मौजूद पैपराजी और ब्लॉगर्स के वीडियो का इस्तेमाल कर उन जगहों की पहचान की, जहां टाइगर श्रॉफ अक्सर आते-जाते थे। इन वीडियो के जरिए अभिनेता की गतिविधियों और उनके नियमित ठिकानों से जुड़ी जानकारी जुटाए जाने की आशंका है। हालांकि, सोशल मीडिया वीडियो से जानकारी जुटाने और उसका इस्तेमाल कथित वारदात की योजना में किए जाने की बातों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

WhatsApp और Signal के जरिए हैंडलर्स से संपर्क का दावा

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर WhatsApp और Signal के जरिए अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में थे। यह भी दावा किया गया है कि वारदात वाली जगह की लोकेशन आरोपियों के साथ इन्हीं मैसेजिंग ऐप के जरिए शेयर की गई थी। पुलिस अब कथित संपर्कों और आरोपियों के बीच हुई बातचीत से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार हुए तीन आरोपी

इस मामले में राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 17, 18 और 22 साल के तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया है। तीनों कथित तौर पर मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद फरार चल रहे थे। ये लोग ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस कथित रेकी, वारदात की योजना और आरोपियों के संपर्कों पर है। पुलिस जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग के पीछे किसका हाथ था और आरोपियों को निर्देश देने में कथित हैंडलर्स की क्या भूमिका रही।

रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए। जबकि उनका चालक और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। सोशल मीडिया में वायरल हुए एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि मुंबई पुलिस अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना में शामिल लोगों और उनके आकाओं का पता लगाएगी और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़ें- Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करने वाले तीनों युवक कोटा से गिरफ्तार, जानिए कहां के रहने वाले हैं आरोपी

फडणवीस ने नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि पुलिस को आरोपियों की पहचान के संबंध में अहम सुराग मिले हैं। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी महाराष्ट्र के बाहर, संभवत: विदेश से काम कर रहे हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दूसरे राज्यों के साथ समन्वय करेगी। मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी लेगी।