Business idea: 1 करोड़ की नौकरी छोड़ भारत लौटा इंजीनियर! सिर्फ ₹90,000 से शुरू किया बिजनेस, 6 साल में हासिल किया बड़ा मुकाम

Business idea: अमेरिका में करोड़ों की सैलरी वाली नौकरी छोड़कर भारत लौटने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेहतर पारिवारिक जीवन, भारत में बढ़ते स्टार्टअप अवसर और कुछ नया करने की चाह लोगों को वापस देश आने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में चेन्नई के युवा उद्यमी विवेक तिरुवेंगडम (Vivek Thiruvengadam) की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

Qubit Fitness के संस्थापक और CEO विवेक तिरुवेंगदम ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में करीब 1 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी और परिवार के साथ चेन्नई लौट आए। उस समय उनके पास सिर्फ 90 हजार रुपये की बचत थी। लेकिन उन्होंने इसी रकम से अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया।

विवेक ने इंस्टाग्राम पर अपनी छह साल की यात्रा साझा करते हुए लिखा कि यह फैसला अचानक नहीं था। उनका मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं। बल्कि परिवार के करीब रहना और ऐसा काम करना था, जिसका समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

उन्होंने बताया कि अमेरिका में 14 साल बिताने के बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपनी 11 महीने की बेटी के साथ भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि परिवार के साथ रहकर कुछ नया और सार्थक बनाना किसी बड़ी नौकरी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

Qubit Fitness की कैसे हुई शुरुआत?

जनवरी 2021 में विवेक ने बिना किसी ऑफिस, निवेशक या टीम के Qubit Fitness की शुरुआत की। उनके पास सिर्फ एक लैपटॉप, अपना समय और 90 हजार रुपये की बचत थी। शुरुआती दौर आसान नहीं था। पहले साल कंपनी का कारोबार करीब 20 लाख रुपये तक ही पहुंच पाया, जो अमेरिका में उनकी सालाना आय की तुलना में काफी कम था।

हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। समय के साथ कंपनी का विस्तार हुआ। नए ग्राहक जुड़े, कामकाज बेहतर हुआ और कारोबार बढ़ता गया। भारत लौटने के छह साल बाद विवेक ने वह वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसके लिए उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया था।

अपने अनुभव शेयर करते हुए विवेक ने कहा कि उद्यमिता ने उन्हें सिखाया कि लगातार मेहनत, प्रतिभा से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। धैर्य का फल देर से मिलता है। लेकिन मिलता जरूर है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्देश्य के साथ काम करके कमाया गया पैसा अलग तरह की संतुष्टि देता है।

सफलता का श्रेय परिवार को दिया

विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, ग्राहकों और शुरुआती दिनों में उनका साथ देने वाले लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों के भरोसे और सहयोग की वजह से वह अपने सपने को हकीकत में बदल पाए। सोशल मीडिया पर उनकी कहानी को लोगों ने खूब सराहा। एक यूजर ने लिखा कि आपकी सफलता के पीछे आपकी अच्छाई और सोच सबसे बड़ी ताकत है।

ये भी पढ़ें- Bullet Train Update: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, 30 मीटर नीचे बन रहा BKC स्टेशन, सूरत स्टेशन ने लिया भव्य आकार

वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि आपका ब्रांड और सोच लोगों के लिए प्रेरणा है। परिवार के साथ रहकर आगे बढ़ने का आपका फैसला शानदार है। कई अन्य लोगों ने भी विवेक की यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें बधाई दी। विवेक का कहना है कि कभी-कभी विश्वास ही आपका इकलौता बिजनेस प्लान होता है। इस यात्रा ने उन्हें सिखाया कि प्रतिभा से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है। उद्देश्यपूर्ण काम से मिलने वाली संतुष्टि अलग ही होती है।

View this post on Instagram

श्रीलंकाई स्पिनर्स के लिए राहुल बनेंगे द्रविड़, अभ्यास का वीडियो हुआ वायरल

INDvsSL भले ही श्रीलंका ने अपनी टीम की घोषणा नहीं की हो लेकिन 15 अगस्त से शुरु हो रहे पहले टेस्ट में भारत को स्पिन के मुफीद पिच ही मिलनी है। ऐसे में भारत का पूरा ध्यान स्पिन को खेलने पर है। स्पिन के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी की धुरी चेतेश्वर पुजारा रहते थे अब वह केएल राहुल हो गए हैं क्योंकि वह इस क्रम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं। अगर भारत को स्पिन के खिलाफ थोड़ी भी उम्मीद लगानी है तो केएल राहुल को राहुल द्रविड़ की तरह खेलना होगा।

अभ्यास सत्र में केएल राहुल ने राहुल द्रविड़ की तरह खेलना शुरु भी कर दिया है। केएल राहुल ने स्पिन गेंदबाजी के लिए विशेष अभ्यास सत्र में खुरदुरी पिच पर समय बिताया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अंदर स्पिन करती हुई गेंद पर राहुल अपना विकेट बचाने में कामयाब हुए। इस वीडियो जैसा अगर राहुल खेल गए तो वह श्रीलंका के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनकर उभरेंगे।

इसके अलावा केएल राहुल अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे रहे हैं। मैच में ऐसा मौका आ सकता है जब ऋषभ पंत चोटिल हों और उनकी जगह केएल राहुल को कीपिंग करनी पड़ जाए।

केएल राहुल भले ही भारत के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हों लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू धरती पर उनका बल्ला खामोश रहा है। उन्होंने 4 पारियों में सिर्फ 68 रन बनाए जिसमें से 39 उनका सर्वाधिक स्कोर था। 3 बार उनका विकेट स्पिनर्स ने लिया। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया टेस्ट मैच जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल नहीं था उसमें केएल राहुल ने शतक जरूर जमाया लेकिन वह काफी पहले ही आउट हो गए थे जिसके खिलाफ अफगानिस्तानी कप्तान ने रिव्यू नहीं लिया।

श्रीलंका जाने से पहले यह बल्लेबाज भी हुआ चोटिल, बढ़ा टेस्ट टीम का सिरदर्द

भारतीय टीम ने आज श्रीलंका के लिए उड़ान भरी क्योंकि टीम को 15 अगस्त से शुरु हो रही 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। लेकिन टीम के दल में जो बल्लेबाज चयनित हुआ था वह टीम के साथ नहीं था। यह बल्लेबाज टेस्ट टीम का शीर्ष क्रम का बल्लेबाज है।

श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले सांइ सुदर्शन चोटिल हो गए और टीम बस में नहीं दिखे। मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि सांई सुदर्शन भी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए फिट नहीं है। हालांकि उनकी चोट पर स्पष्टता अभी नहीं आई है। लेकिन अगर यह खबर सच है तो भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज है और स्पिन गेंदबाजी अच्छा खेलते हैं।

इससे पहले रविवार को जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

श्रीलंका में स्पिन की मुफीद पिचें भारत का इंतजार करेंगी ऐसे में जसप्रीत बुमराह को ऐसी पिच पर आराम देने की सलाह रविचंद्रन अश्विन ने दी थी। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन

खुद को जानो! सुकरात का वह सिद्धांत, जिसे बूढ़े होने से पहले हर इंसान को अपनाना चाहिए

ज्यादातर लोग सुकरात को सिर्फ महान फिलोसोफर मानते हैं, उनका मानना था कि मजबूत दिमाग के साथ मजबूत शरीर भी उतना ही जरूरी है। उनका यह विचार आज भी हमें याद दिलाता है कि अपनी क्षमता को पहचानना और खुद को एक अच्छा इंसान बनाना खुद की जिम्मेदारी है।

सुकरात का आज का विचार (Socrates’ Thought of the Day)

सुकरात का कहना था कि हर इंसान को अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति अपनी ताकत और क्षमता को जाने बिना बूढ़ा हो जाए, तो यह दुख की बात है। उनका यह विचार सिर्फ अच्छी बॉडी बनाने के बारे में नहीं था, बल्कि अपने शरीर को हेल्दी और मजबूत रखने के बारे में था। जैसे हम पढ़ाई और काम में मेहनत करते हैं, उसी तरह शरीर के लिए भी समय निकालना भी जरूरी है।

फिटनेस नहीं, जिम्मेदारी (More Than Fitness)

सुकरात कहते है कि फिट रहना सिर्फ अच्छा दिखने के लिए नहीं है। यह हमारी अपनी जिम्मेदारी भी है। अगर शरीर हेल्दी रहेगा, तो रोज के काम आसानी से होंगे, कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और जीवन भी खुशनुमा होगा। इसलिए सेहत को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

शरीर और दिमाग साथ-साथ (Mind & Body Connection)

सुकरात मानते थे कि शरीर और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर शरीर हेल्दी रहेगा, तो मन भी अच्छा रहेगा और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी। वहीं, अगर शरीर कमजोर होगा तो इसका असर कॉन्फिडेंस और काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए दोनों का बराबर ध्यान रखना जरूरी है।

अपनी ताकत पहचानें (Discover Your Potential)

हर इंसान के अंदर कोई न कोई खास क्षमता होती है। सुकरात कहते है कि हमें अपनी इस क्षमता को पहचानना चाहिए और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर हम कोशिश ही नहीं करेंगे, तो हमें कभी पता नहीं चलेगा कि हम क्या-क्या कर सकते हैं।

अनुशासन की अहमियत (Power of Discipline)

सुकरात का मानना था कि अच्छी आदतें इंसान को आगे बढ़ाती हैं। रोज थोड़ी एक्सरसाइज करना, नई चीजें सीखना और टाइम का सही उपयोग करना ये सब बातें आगे चलकर बड़ी सक्सेस दिलाती हैं। डिसिप्लिन इंसान को मजबूत और बेहतर बनाता है।

सिर्फ दार्शनिक नहीं, सैनिक भी थे (Socrates as a Soldier)

सुकरात सिर्फ ज्ञान की बातें नहीं करते थे, बल्कि उन्होंने खुद भी कठिन जीवन जिया था। पेलोपोनेसियन युद्ध में सैनिक रहे और मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। यही वजह है कि वे शारीरिक ताकत और डिसिप्लिन को बहुत महत्व देते थे।

सवाल पूछकर सिखाते थे (Socratic Method)

सुकरात लोगों को सीधे जवाब नहीं देते थे देने के बजाय बल्कि इनसे सवाल पूछते थे। उनका मानना था कि जब इंसान खुद से जवाब ढूंढता है, तभी वह सही मायने में सीखता है। आज भी कई स्कूलों, कॉलेजों और लॉ कॉलेजों में इस तरीके का उपयोग किया जाता है।

खास है यह सीख (Still Matters Today)

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और मोबाइल में इतने बिजी हो जाते हैं कि अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते। तब सुकरात की यह सीख पहले से भी ज्यादा जरूरी लगती है। उनका मैसेज है कि अच्छा जीवन जीने के लिए सिर्फ पैसा या सफलता नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन भी जरूरी है।

कॉर्पोरेट जॉब में क्या है सबसे बड़ा खतरा? पुणे के प्रोफेशनल का पोस्ट हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉर्पोरेट जॉब को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। इस पोर्ट में पुणे के एक प्रोफेशनल ने बताया कि कॉर्पोरेट जॉब सबसे बड़ी चुनौती क्या होती हैं। प्रोफेशनल ने बताया कि, कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे बड़ी चिंता तब होनी चाहिए, जब आपके पास धीरे-धीरे काम कम होने लगे और टीम के लोग आपको काम देना बंद कर दें। उनके मुताबिक, अगर आपको नई जिम्मेदारियां और कुछ नया सीखने का मौका नहीं मिल रहा है, तो यह आपके करियर के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपना रिएक्शन दिया है।

काम ना होना चिंता की बात

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो निहार पाटिल ने शेयर किया है। निहार पिछले पांच साल से अधिक समय से कॉर्पोरेट सेक्टर में काम कर रहे हैं। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने कहा, “कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे डराने वाली चीज काम का दबाव नहीं होता। असली चिंता तब होती है, जब कोई आप पर निर्भर नहीं रहता और आपके पास करने के लिए कोई काम नहीं बचता।”

 

उन्होंने कहा, “काम न होने से बेहतर है कि आपके पास काम हो। क्योंकि काम के दौरान ही आप नई चीजें सीखते हैं, समस्याओं का समाधान करना सीखते हैं, गलतियों से अनुभव हासिल करते हैं और लोगों का भरोसा जीतते हैं। यही चीजें आपके करियर को आगे बढ़ाती हैं।”

समय के साथ खिखना जरुरी

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप बिना नई जिम्मेदारियां संभाले या नई स्किल्स सीखे सिर्फ हर महीने सैलरी मिलने से संतुष्ट हैं, तो यह भविष्य में परेशानी बन सकता है। हर बीतते महीने के साथ आपकी सीखने की कमी बढ़ती जाती है, जबकि कोई दूसरा व्यक्ति लगातार आगे निकल रहा होता है। कॉर्पोरेट दुनिया तेजी से बदल रही है और टेक्नोलॉजी उससे भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है।” निहार ने कहा कि अगर ऑफिस में खाली समय मिले, तो उसका इस्तेमाल नई स्किल्स सीखने, सर्टिफिकेशन करने और नई जिम्मेदारियां लेने में करना चाहिए। उनके मुताबिक, लगातार सीखने वाले लोग ही अपने करियर में आगे बढ़ते हैं।

हर महीने सैलरी से खुश है

उन्होंने कहा, “अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह एक अच्छी बात है। इसका मतलब है कि आप अभी भी सीख रहे हैं और अपने काम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन जिस दिन आपका करियर जरूरत से ज्यादा आरामदायक लगने लगे, उस दिन खुद से यह सवाल जरूर पूछिए कि क्या मैं वास्तव में आगे बढ़ रहा हूं या सिर्फ हर महीने सैलरी ले रहा हूं?” कैप्शन में उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अनहेल्दी वर्क कल्चर या बर्नआउट को बढ़ावा देना नहीं है।

उन्होंने लिखा, “मेरा सिर्फ इतना कहना है कि आराम को करियर ग्रोथ समझने की गलती न करें। अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह इस बात का संकेत होता है कि आप लगातार सीख रहे हैं, टीम में योगदान दे रहे हैं और अपनी वैल्यू बढ़ा रहे हैं।”

लोगों ने किया ये कमेंट

वीडियो पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी और निहार पाटिल की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तो यह एक बड़ा वॉर्निंग साइन हो सकता है। ऐसी स्थिति में कभी भी नौकरी जाने का खतरा रहता है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “काम न मिलना अपने आप में एक बड़ा रेड फ्लैग है।” एक और यूजर ने कहा, “अगर ऑफिस में आपके पास कोई जिम्मेदारी नहीं है, तो यह संकेत है कि कभी भी नौकरी जा सकती है।”

Government proposes new safety norms for two-wheeled ambulances

Government proposes new safety norms for two-wheeled ambulances

The Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) has proposed a new set of regulations for two-wheeled road ambulances, outlining dedicated safety, equipment and periodic fitness standards under the Central Motor Vehicles Rules, 1989.

  1. Two-wheeled ambulances to get dedicated fitness inspection norms
  2. Fitness certificate renewal proposed every two years
  3. Full AIS:209 compliance for new vehicles from October 1, 2027

What the draft rules propose

Under the draft amendments, two-wheeled road ambulances will undergo dedicated fitness inspections covering the structural integrity of the patient unit, tyres and wheels, emergency warning lights, stretcher mounting and locking mechanisms, patient restraint belts, stretcher loading systems and the presence of a valid fire extinguisher.

The proposal also fixes the validity of renewed fitness certificates for these vehicles at two years.

Compliance timeline

MoRTH has proposed that top-mounted warning lights on two-wheeled ambulances comply with AIS:209 (Part 1) from October 1, 2026. From October 1, 2027, all newly manufactured L2-category two-wheeled ambulances will have to meet the complete AIS:209 standard. These vehicles will also be allowed to operate only within areas notified by the respective state governments.

 

 

चेन्नई सुपर किंग्स ने खिलाड़ियों को 2-3 दिन के लिए फिटनेस कैंप के लिए किया तलब

चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने सभी खिलाड़ियों को 2-3 दिन के लिए फिटनेस कैंप के लिए बुलाया है।  एक डिजिटल पत्रकार की मानें तो चेपॉक में बुलाए गए इस कैंप का कारण खिलाड़ियों को रीटेन, रीलीज या ट्रेड के लिए नापने के लिए किया जा सकता है।

सीएसके ने अपना आखिरी खिताब 2023 सीजन में जीता था, जबकि उससे पिछले साल वे नौवें स्थान पर रहे थे। 2024 सीज़न में वे पांचवें स्थान पर रहे और 2025 में सबसे नीचे रहे। इस साल की शुरुआत में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा और वे आठवें स्थान पर रहे।खराब प्रदर्शन के कारण टीम के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम से अलविदा ले लिया है।

साल 2026 की शुरुआत में ही चेन्नई सुपर किंग्स को सिलसिलेवार हार का सामना करना पड़ा था। यही कारण है कि चेन्नई भी कुछ बड़े खिलाड़ियों को ट्रेड करना चाहती है। इसमें मुंबई के हार्दिक पांड्या भी शामिल है। लेकिन चेन्नई प्रबंधन ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

CSK के C.E.O काशी विश्वनाथन ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाईट  को बताया, “हमने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और यह मामला अभी हमारे एजेंडे में नहीं है। हमें पता है कि कौन सा खिलाड़ी ट्रेड के लिए उपलब्ध है, लेकिन हम इस पर तभी चर्चा करेंगे जब हम सीज़न का रिव्यू पूरा कर लेंगे।

अगर हार्दिक पांड्या चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं तो फिर शिवम दुबे के साथ एक और खिलाड़ी को चेन्नई को मुंबई को सौंपना होगा। अगर यह सिर्फ खिलाड़ियों का ही ट्रेड होता है। हालांकि मुंबई में हार्दिक का यह सत्र खासा खराब गया तो चेन्नई इस योजना को भी ड्रॉप कर सकती है।

चोटिल भारतीय टेस्ट टीम, किन खिलाड़ियों को बोर्ड भेजेगा श्रीलंका दौरे पर

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम का चयन जब चयनकर्ता करने बैठेंगे तो बड़ा सवाल यह होगा कि चोटिल खिलाड़ियों की लंबी फहरिस्त की जगह किसको शामिल किया जाए।मीडिया सूत्रों से आर रही खबरों के मुताबिक वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर सस्पेंस बरकरार है। श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।

वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो लेकिन जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी ठीक नहीं है जो घुटने की चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर बैठे थे।भारत 15 से 27 अगस्त के बीच गाले और कोलंबो में दो टेस्ट मैच खेलेगा और घोषणा मंगलवार को संभावित है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है; यह टीम वैसी ही होगी जैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह को सीरीज़ के लिए चुना जाएगा या नहीं।

हालांकि उनके चुने जाने की संभावना है, और साथ ही मोहम्मद सिराज के भी, जिन्होंने बुमराह की गैर-मौजूदगी में अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की कमान संभाली थी, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि क्या चयनकर्ता पिछले रणजी सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले आकिब नबी को टीम में मौका देंगे या नहीं।

इस बीच, खबर है कि नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और उनके चुने जाने की संभावना कम है। भारतीय टीम में शामिल कुछ चुनिंदा सभी प्रारुप के खिलाड़ियों में से एक, रेड्डी ने बेंगलुरु में गेंदबाजी शुरू कर दी है।

लेकिन सूत्रों का कहना है कि पांच दिन के मैचों के लिए उन पर विचार करना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि, उम्मीद है कि वह सितंबर में होने वाले कई सफेद गेंद मैचों के लिए तैयार हो जाएंगे। रेड्डी ने आखिरी बार जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारत के लिए खेला था।

वहीं एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।

Weight Loss: वजन घटाने की शुरुआत करने जा रहे हैं? 116 से 60 किलो तक पहुंची कोच की ये 10 बातें जरूर पढ़ें

वजन कम करना सिर्फ शरीर में बदलाव लाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और सही आदतों की लंबी यात्रा होती है। कई लोग इस सफर में शुरुआत तो करते हैं, लेकिन लगातार मेहनत और सही दिशा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अनुरीत क्वात्रा की, जिन्होंने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और सही रणनीति के दम पर करीब 56 किलो वजन कम किया। दो साल की लगातार मेहनत के बाद उन्होंने न सिर्फ अपना ट्रांसफॉर्मेशन किया, बल्कि अपनी फिटनेस और ताकत को भी नई ऊंचाई दी।

आज अनुरीत खुद फिटनेस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद कर रही हैं। अपने अनुभव से उन्होंने वजन घटाने से जुड़ी कई जरूरी बातें साझा की हैं, जो उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती हैं जो फिटनेस की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

प्रोटीन और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को बनाएं हिस्सा

अनुरीत के अनुसार, वजन घटाने के लिए सिर्फ कार्डियो करना काफी नहीं है। डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और वेट ट्रेनिंग को शामिल करना जरूरी है। इससे शरीर में मांसपेशियां मजबूत होती हैं, फैट कम होता है और बॉडी शेप बेहतर होती है। साथ ही शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करने में सक्षम बनता है।

रोजाना ज्यादा चलने की आदत डालें

वर्कआउट जरूरी है, लेकिन पूरे दिन की छोटी-छोटी गतिविधियां भी वजन कम करने में बड़ा असर डालती हैं। रोजाना पैदल चलना, ज्यादा एक्टिव रहना और लंबे समय तक बैठे रहने से बचना फिटनेस लक्ष्य हासिल करने में मदद करता है।

फाइबर को नजरअंदाज न करें

वजन घटाने के दौरान प्रोटीन की तरह फाइबर भी बेहद जरूरी है। फाइबर लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है, पाचन बेहतर करता है और बार-बार खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

कार्ब्स से डरने की जरूरत नहीं

कई लोग वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट से दूरी बना लेते हैं, लेकिन अनुरीत का कहना है कि कार्ब्स शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। खासकर वर्कआउट करने वालों के लिए सही मात्रा में कार्ब्स जरूरी होते हैं।

छिपी हुई कैलोरी पर रखें नजर

कई बार वजन कम न होने की वजह खाने की बड़ी चीजें नहीं, बल्कि छोटी-छोटी अतिरिक्त कैलोरी होती हैं। खाना बनाने का तेल, सॉस, ड्रेसिंग और बिना ध्यान दिए खाए गए स्नैक्स कैलोरी बढ़ा सकते हैं। इसलिए इनका हिसाब रखना जरूरी है।

बिना सोचे-समझे स्नैकिंग से बचें

अगर डाइट में प्रोटीन और फाइबर की कमी हो तो बार-बार कुछ खाने का मन कर सकता है। बिस्किट, नमकीन और छोटे-छोटे स्नैक्स देखने में कम लगते हैं, लेकिन ये आसानी से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ा सकते हैं।

पसंदीदा खाने को पूरी तरह छोड़ें नहीं

वजन घटाने के लिए पसंदीदा चीजों से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी नहीं है। अनुरीत के अनुसार, संतुलन बनाकर और सीमित मात्रा में पसंदीदा भोजन का आनंद लिया जा सकता है। इससे डाइट लंबे समय तक फॉलो करना आसान होता है।

पहले से प्लान करें अपना खाना

मील प्लानिंग से फिटनेस लक्ष्य पर टिके रहना आसान हो जाता है। पहले से तय भोजन करने से अचानक गलत चीजें खाने की संभावना कम होती है और डाइट मैनेज करना आसान हो जाता है।

शरीर को पर्याप्त पानी दें

पानी पीना भी वजन घटाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। पर्याप्त हाइड्रेशन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, पाचन बेहतर होता है और भूख को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट की मदद लें

अनुरीत का मानना है कि सही कोच या विशेषज्ञ की सलाह लेने से गलतियां कम होती हैं, लक्ष्य पर बने रहने में मदद मिलती है और वजन घटाने का सफर आसान हो जाता है।

परफेक्शन नहीं, निरंतरता जरूरी है

अनुरीत का सबसे बड़ा सुझाव है कि लोग परफेक्ट बनने की बजाय लगातार कोशिश करने पर ध्यान दें। वजन घटाने के अच्छे परिणाम किसी एक दिन की मेहनत से नहीं, बल्कि रोजाना अपनाई गई अच्छी आदतों से मिलते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।