Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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3 करोड़ सैलरी भी है कम! पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया चीफ सेलेक्टर के लिए आवेदन? जानें वजह

अजीत अगरकर के जाने के बाद से बीसीसीआई नए चीफ सेलेक्टर की तलाश जारी है। वहीं ऐसी खबरे थी की पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अगर पटेल इस पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें बोर्ड का पूरा समर्थन मिल सकता है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद पार्थिव पटेल ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर को मिलने वाली सैलरी की वजह से पार्थिव ने आवेदन नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

इस वजह से पार्थिव ने नहीं दिया नाम

द टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्थिक कारणों के चलते मुख्य चयनकर्ता बनने का फैसला छोड़ दिया। BCCI इस पद के लिए उन्हें हर साल 3 करोड़ रुपये देने को तैयार था, लेकिन यह जिम्मेदारी स्वीकार करने पर उन्हें गुजरात टाइटंस में अपनी कोचिंग की नौकरी और कमेंट्री से होने वाली कमाई छोड़नी पड़ सकती थी। ऐसे में उन्हें इस पद को चुनने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल, साउथ जोन के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

वहीं, वेस्ट जोन से एक नए चयनकर्ता को भी टीम में शामिल किया जाना है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और रमेश पोवार के नामों की चर्चा हो रही है। दोनों को मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

अश्विन ने सैलरी को लेकर उठाए सवाल

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की सैलरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, BCCI में चयनकर्ता के पद पर मिलने वाली रकम इतनी नहीं है कि बड़े और अनुभवी क्रिकेटर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए आगे आएं। अश्विन ने कहा कि, ‘अगर सेलेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई जाती है, तो इस पद के लिए बड़े और अनुभवी क्रिकेटर आगे आ सकते हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे स्तर के चयनकर्ताओं को लाने के लिए इस पद को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना जरूरी है।”

हेड कोच जितनी मिले सैलरी

अश्विन ने आगे कहा, “चयनकर्ता बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर मीडिया में काम नहीं कर सकते, खिलाड़ियों पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकते और न ही कहीं कोचिंग दे सकते हैं, क्योंकि इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें पूरे साल घरेलू क्रिकेट और IPL पर नजर रखनी पड़ती है। अश्विन का मानना है कि अगर मुख्य चयनकर्ता को भारतीय टीम के मुख्य कोच के बराबर वेतन मिले, तो इस पद के लिए बेहतर अनुभव और योग्यता वाले लोग सामने आएंगे।” उन्होंने यह पूछकर अपनी बात खत्म की कि क्या बोर्ड पहले उन पेडिग्री वाले सिलेक्टर्स को चाहता था।

INDvsWI T20I सीरीज हुई 2-2 से ड्रॉ, बारिश से धुला बैंगलूरू में मैच

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां और निर्णायक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला शनिवार को बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे पांच मैचों की शृंखला 2-2 से बराबर रही।बारिश के कारण मुकाबला दो घंटे 15 मिनट की देरी से शुरू हुआ और इसे नौ-नौ ओवर का कर दिया गया। भारतीय पारी के दौरान आठवें ओवर में एक बार फिर बारिश ने खेल रोक दिया। इसके बाद कुछ देर की इंतजार के बाद अंपायरों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला किया।

मैच रद्द होने से पहले ईशान किशन और नमन धीर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 7.4 ओवर में पांच विकेट पर 118 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया था। किशन ने महज 10 गेंदों में 30 रन ठोके, जबकि धीर ने सिर्फ छह गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए।

लगातार बारिश के कारण मुकाबला रात 9.15 बजे शुरू हो सका। शाम करीब चार बजे शुरू हुई बारिश के चलते मैच में काफी देरी हुई और इसे रात 10.03 बजे बारिश ने फिर खेल रोक दिया। इसके बाद वेस्टइंडीज को पांच ओवर में लक्ष्य का पीछा करने का मौका देने के लिए रात 10.21 बजे तक का कटऑफ समय तय किया गया था, लेकिन बारिश नहीं थमी और रात 10.18 बजे ही मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया।

पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। अभिषेक शर्मा ने कीमो पॉल की गेंद पर छक्का लगाकर पारी का आगाज किया, लेकिन पॉल ने जल्द ही उन्हें पवेलियन भेज दिया। अभिषेक का फ्लिक शॉट सर्कल के किनारे खड़े शमर जोसेफ के हाथों में समा गया।

इसके बाद किशन ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने रोमारियो शेफर्ड के पारी के दूसरे ओवर में 24 रन बटोरकर कैरेबियाई गेंदबाजी की लय बिगाड़ दी। किशन ने इस ओवर में दो छक्के और दो चौके लगाए। स्क्वायर लेग के ऊपर से लगाया गया उनका स्कूप शॉट खास आकर्षण रहा।

संजू सैमसन ने भी कम गेंदों की अपनी पारी में छाप छोड़ी। उन्होंने शमर जोसेफ की गेंद पर पॉइंट के ऊपर से शानदार अपर कट लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वेस्टइंडीज ने हालांकि जल्द ही दोनों बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर वापसी की। जोसेफ ने किशन का कैच रोवमैन पॉवेल के हाथों कराया, जबकि शमर स्प्रिंगर ने सैमसन को बोल्ड कर दिया।

कप्तान श्रेयस अय्यर (22) को जीवनदान मिला। इसके बाद उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट लगाए, लेकिन कीमो पॉल की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। जोसेफ ने उनका कैच लपका। भारत ने सातवें ओवर में 88 रन पर चौथा विकेट गंवा दिया था और टीम को अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की जरूरत थी।ऐसे समय में धीर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए कीमो पॉल की गेंदों पर दो छक्के और एक चौका जड़कर भारतीय स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। दूसरी ओर, तिलक वर्मा को तेजी से रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा।

भारत ने 7.4 ओवर में पांच विकेट पर 118 रन बना लिए थे, तभी बारिश ने दोबारा खेल रोक दिया। इसके बाद मुकाबला आगे नहीं बढ़ सका और शृंखला 2-2 से बराबर समाप्त हुई।

इस शृंखला में वेस्टइंडीज ने दो बार के विश्व चैंपियन भारत को कड़ी चुनौती दी। कैरेबियाई कप्तान शाई होप सीरीज के प्रमुख बल्लेबाजों में रहे। उन्होंने चार मैचों में दो शतकों की मदद से कुल 261 रन बनाए। बारिश के कारण निर्णायक मुकाबला रद्द होने सेशृंखला का नतीजा नहीं निकल सका, लेकिन वेस्टइंडीज ने अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम को लगातार दबाव में रखा।

वसीम जाफर ने किया मुख्य चयनकर्ता पद के लिए आवेदन, ऐसा रहा है करियर

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा आमंत्रित चयन समिति के लिए मुख्य चयनकर्ताओं के लिए आवेदन किया है। यह पोस्ट BCCI ने कुछ दिनों पहले  एक्स पर अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद की थी जिसपर वसीम जाफर ने आवेदन किया।

वसीम जाफर लंबे समय तक रहे भारतीय टेस्ट ओपनर

साल 2020 में क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास लेने वाले वसीम जाफर ने भारत की तरफ से 31 टेस्ट मैचों में 34.11 की औसत से 1,944 रन बनाए जिसमें 5 शतक और 11 अर्द्धशतक शामिल हैं। उनका उच्चतम स्कोर 212 रन है।यह सलामी बल्लेबाज उन कुछ भारतीय बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होंने वेस्टइंडीज में दोहरा शतक लगाया है। उन्होंने कैरेबियाई टीम के खिलाफ सेंट लूसिया में 212 रन बनाए थे

जाफर ने 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच 2006 में इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेला था। जाफर ने केवल 2 वनडे खेले जिनमें 10 रन बनाए। उन्हें हालांकि घरेलू क्रिकेट विशेषकर रणजी ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है।

वे रणजी ट्रॉफी में 12,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने करियर में अधिकतर समय मुंबई का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन बाद के दिनों में वे विदर्भ से खेलने लगे थे। वे रणजी ट्रॉफी में 150 मैच खेलने वाले पहले बल्लेबाज हैं। जाफर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1996-97 में पदार्पण किया था।जाफर को घरेलू क्रिकेट का दिग्गज माना जाता है। उन्होंने 260 प्रथम श्रेणी मैचों में 19,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 50.67 रहा है और उनका सर्वाधिक स्कोर 314 है।

बांग्लादेश क्रिकेट के बल्लेबाजी सलाहकार रह चुके वसीम

साल 2019 में  बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने मीरपुर स्थित अपनी अकादमी के लिए बल्लेबाजी सलाहकार नियुक्त किया था। पहले जाफर ने अकादमी में अंडर-16 और अंडर-19 आयु वर्गों की टीमों को कोचिंग दी थी।बांग्लादेश के युवा बल्लेबाजों के साथ जाफर ने 6 महीने बिताए थे।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए 2 एकदिवसीय टीम चुनी भारत ने, शुभमन के बाद श्रेयस करेंगें कप्तानी

INDvsNZ न्यूज़ीलैंड के आगामी दौरे के लिए भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा कर दी गई है। टी 20 सीरीज़ के समापन के बाद भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगी।वनडे सीरीज़ की सबसे बड़ी हाईलाइट ये है कि स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह इसका हिस्सा नहीं हैं। ऋषभ पंत को टेस्ट और प्रसिद्ध कृष्णा को टेस्ट एवं वनडे (पहले तीन) दोनों टीमों के लिए चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं और उन्हें फ़िटनेस क्लिएरेंस की आवश्यकता होगी।

सूत्रों के मुताबिक  प्रसिद्ध के स्कैन में हैमस्ट्रिंग टियर नहीं सामने आया है। पिछले दो सप्ताह से वह स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग पर काम कर रहे हैं। आकाश को ईरानी कप और रणजी ट्रॉफ़ी के पहले राउंड में फ़ॉर्म और फ़िटनेस दिखाने का ईनाम मिला है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू करने के बाद अंशुल कम्बोज की भी टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

वनडे सीरीज़ के पहले तीन मैचों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे वहीं चौथे और पांचवें वनडे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। आख़िरी दो वनडे के लिए झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र को भी टीम में जगह मिली है। यह पहला मौक़ा है जब कुशाग्र को सीनियर नेशनल टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा तिलक वर्मा, आक़िब नबी और यश ठाकुर को भी आख़िरी दो वनडे के लिए चुना गया है।

पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, इशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आक़िब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।

प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत का चयन फ़िटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा।

जिम्बाब्वे को 4 विकेटों से हराकर भारतीय महिलाओं ने पाई शुरुआती बढ़त

INDvsZIM भारत ने अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (49 रन) और पदार्पण करने वाली बल्लेबाज निकी प्रसाद (नाबाद 39) के बीच पांचवें विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी की मदद से शुरूआती झटकों से उबरते हुए शुक्रवार को  पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को चार विकेट से शिकस्त देकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली।भारत और जिम्बाब्वे पहली बार द्विपक्षीय श्रृंखला में खेल रहे हैं। इस मुकाबले के साथ स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की भी शुरुआत हुई।

भारतीय टीम के लिए 115 रन का लक्ष्य इतना बड़ा नहीं था लेकिन 19 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद टीम संघर्ष करती दिख रही थी।लेकिन अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति (37 गेंद, आठ चौके) और मध्यक्रम बल्लेबाज निकी (35 गेंद, छह चौके) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए 63 गेंद में 82 रन की भागीदारी कर भारत को जीत तक पहुंचाया। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में पांचवें विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है। इन दोनों ने मिताली राज और अनुजा पाटिल के बीच इस विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।

इस दौरान दीप्ति आउट हो गईं, पर भारत ने 4.2 ओवर रहते छह विकेट पर 116 रन बनाकर जीत दर्ज की।नयाशा ग्वानजुरा (तीन ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट) ने अपने पहले ही ओवर में भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना (09) और अनुष्का शर्मा (04) के विकेट लेकर भारत को दो झटके दे दिए।

जिम्बाब्वे का मंधाना के खिलाफ शुरुआत में ऑफ स्पिन गेंदबाजी कराने का फैसला सफल रहा। दूसरे ओवर की पहली गेंद हालांकि विकेट लेने वाली गेंद नहीं थी। मंधाना के पास इसे खेलने का समय था लेकिन वह पीछे हटकर पुल शॉट खेलने गईं और गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में उछल गई। बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़ी खिलाड़ी ने आसान कैच लपक लिया।

जिम्बाब्वे को शुरुआती सफलता मिली और भारत की नयी कप्तान सस्ते में आउट हो गईं।फिर दो गेंद बाद ग्वानजुरा ने भारत को दूसरा झटका दे दिया। अनुष्का ऑफ स्टंप के बाहर की जाती गेंद को ड्राइव करने गईं, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर बैकवर्ड प्वाइंट की ओर चली गई, जहां क्षेत्ररक्षक ने आसान कैच लपक लिया। भारत का स्कोर दो विकेट पर 18 रन हो गया।

स्कोर में एक रन ही जुड़ा था कि पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर भी सस्ते में आउट हो गईं। मिशेल मावुंगा की फुल लेंथ को हरमनप्रीत ने फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन यह सीधे शॉर्ट मिडविकेट पर खड़ी ग्वानज़ुरा के हाथों में चली गई। भारत का तीसरा विकेट गिर गया।

ग्वानजुरा ने इसके बाद उप-कप्तान शेफाली वर्मा को अपनी ही गेंद पर कैच लेकर भारत को चौथा झटका दिया।स्कोर चार विकेट पर 19 रन था और भारतीय टीम मुश्किल में दिख रही थी।पर दीप्ति जिम्मेदारी से खेलते हुए क्रीज पर टिकीं रहीं, हालांकि अपने अर्धशतक से एक रन पहले ओलिंडर चारे की गेंद पर आउट हो गईं। निकी डटीं रहीं और टीम को जीत दिलाई।

इससे पहले जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज केलिस एंडलोहवु ने 44 गेंद में 42 रन की आकर्षक पारी खेली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मेहमान टीम को पांच विकेट पर 114 रन पर रोक दिया।एंडलोहवु की पारी जिम्बाब्वे की ओर से सबसे प्रभावशाली रही जबकि अन्य बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने संघर्ष करना पड़ा।

शारने मेयर्स ने अंतिम ओवरों में नाबाद 43 रन (33 गेंद में) बनाकर टीम के स्कोर को कुछ सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।एंडलोहवु ने बड़े मंच पर अपनी शॉट खेलने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शॉर्ट गेंदों पर तेजी से कट और पुल शॉट लगाए। हालांकि 10 ओवर में जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 60 रन पहुंचने के बाद बाएं हाथ की इस सलामी बल्लेबाज की रन गति काफी धीमी हो गई। वह अपनी आखिरी 12 गेंदों पर केवल दो रन बना सकीं, जिसके बाद अरुंधति रेड्डी ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

एंडलोहवु की सलामी जोड़ीदार बिलव्ड बिजा पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ की सीधी गेंद को चूककर आउट हो गईं।इसके बाद एंडलोहवु और मॉडेस्टर मुपाचिकवा (26 गेंद में 16 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की। इस दौरान ज्यादातर रन एंडलोहवु ने बनाए।

पर 11वें ओवर में स्पिनर श्री चरणी की गेंद पर मुपाचिकवा ने आसान कैच थमा दिया, जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर दो विकेट पर 60 रन हो गया।जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने काफी अधिक डॉट गेंदें खेलीं। भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देने के लिए उन्हें अभी काफी सुधार करने की जरूरत है।मेयर्स ने पारी के अंतिम ओवरों में दो छक्के और चार चौके लगाकर टीम के स्कोर में उपयोगी रन जोड़े।

बैंगलूरू T-20I के लिए टीम से जुड़े भुवनेश्वर, 4 साल बाद हो सकती है वापसी

भुवनेश्वर कुमार का बैंगलूरू में रहना भारतीय टीम के लिए वरदान तब साबित हो गया जब  उनको न्यूजीलैंड सीरीज से पहले ही वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में टीम से जोड़ लिया गया। गौरतलब है कि भुवनेश्वर कुमार बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में जुड़े थे। इसके अलावा वह यहां की लीग टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू का भी हिस्सा है।

अर्शदीप सिंह को शमार जोसेफ ने चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में बांह पर गेंद डालकर चोटिल कर दिया था। हालांकि वह अभी भी टीम का हिस्सा है लेकिन अगर वह फिट नहीं होते तो उनकी जगह भुवनेश्वर कुमार को मौका मिल सकता है। भारत बनाम वेस्टइंडीज की सीरीज 2-2 से बराबर चल रही है।

इससे पहले भुवनेश्वर कुमार की करीब 4 साल बाद टी-20 सीरीज में वापसी हुई है। इससे पहले वह भारत के लिए टी-20 विश्वकप 2022 खेल चुके थे। उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में भी हाल ही में चुना गया था।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार , अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव।

शाई होप ने भारत के खिलाफ जड़ा एक और शतक, इंडीज पहुंची 245 पार

INDvsWI शाई होप (नाबाद 102) ने आखिरी दो गेंदों पर छक्के लगाते हुए अपना शतक पूरा किया जिसकी बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत के खिलाफ चौथे टी 20 में बुधवार को तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बना लिया।

होप की शतकीय पारी की बदौलत वेस्टइंडीज़ ने एक बल्लेबाज़ी वाली सतह पर भारत के सामने 248 का लक्ष्य रखा । होप ने इस दौरे का अपना चौथा शतक बनाया। टी 20 में होप का यह तीसरा शतक है और ऐसा करते हुए वह वेस्टइंडीज़ की ओर इस प्रारूप में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़ हो गए हैं और उन्होंने एविन लुईस और क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया है। होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन में चार चौके और नौ छक्के लगाए। उन्होंने पारी की आखिरी दो गेंदों में छक्के मारकर अपना रिकॉर्डतोड़ शतक पूरा किया।

टॉस के दौरान दोनों ही कप्तान पूरी तरह से आश्वस्त नहीं थे कि यह पिच कैसा खेलेगी लेकिन पिच अब तक बल्लेबाज़ी के लिए काफ़ी अनुकूल नज़र आई है। होप शुरू से लेकर अंत तक डटे रहे। होप ने पहले ऐंड्रूयू और फिर हेटमायर के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की, इसके बाद पॉवेल के साथ उन्होंने 46 रनों की साझेदारी की और अंत में शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड के साथ उन्होंने 91 रनों की साझेदारी की।

वेस्टइंडीज़ ने 12वें ओवर में ही 150 के आंकड़े को छू लिया था लेकिन बाद में भारतीय गेंदबाज़ों ने वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी को धीमा किया। हालांकि वे बहुत देर तक वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों को बांधे नहीं रख सके। आखिरी पांच ओवरों में वेस्ट इंडीज ने 70 रन ठोके। रदरफोर्ड ने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन में चार चौके और तीन छक्के लगाए।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

वेस्टइंडीज:शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती

संजू सैमसन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ पहुंचा 249 रनों पर

INDvsWIसंजू सैमसन 82 रन की आक्रामक पारी के साथ फॉर्म में लौटे और उनके साथ श्रेयस अय्यर तथा तिलक वर्मा की उपयोगी पारियों के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में पांच विकेट पर 249 रन बनाये । वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत का यह सर्वोच्च टी20 स्कोर है। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर चार विकेट पर 244 रन था जो 2016 में बना था।

पिछले चार मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद सैमसन ने 21 गेंदों में अपना नौवां टी20 अर्धशतक जमाया । उन्होंने ईशान किशन (22 गेंदों में 43 रन) के साथ 97 रन की साझेदारी की । दोनों ने 11 ओवर के बाद 12 की रनरेट से भारत को एक विकेट पर 139 रन तक पहुंचाया। अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे ईशान ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के लगाये।

आफ स्पिनर रोस्टन चेस ने इस साझेदारी को तोड़ा और लगातार दो विकेट लिये।ईशान और शिवम दुबे (सात) दोनों बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बोल्ड हुए। दुबे को चौथे नंबर पर भेजने का फैसला गलत साबित हुआ और वह दस गेंद खेलकर विकेट गंवा बैठे।  सैमसन 15वें ओवर में आउट हुए और शतक से 18 रन से चूक गए । स्प्रिंगर की गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड प्वाइंट पर कामिल पूरन को कैच दिया।

भारत ने बीच के ओवरों में 23 रन के भीतर तीन विकेट गंवाये। लखनऊ में पिछले मैच में अपना पहला टी20 शतक लगाने वाले कप्तान श्रेयस ने उस लय को कायम रखते हुए 18 गेंद में 40 रन बनाये जबकि तिलक ने 18 गेंद में 44 रन की पारी खेली।

तिलक के टी20 क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे हो गए। श्रेयस और तिलक ने 83 रन की साझेदारी 32 गेंद में पूरी की।
भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर तेज शुरूआत की। अभिषेक शर्मा ने स्पिनर अकील हुसैन को एक छक्का लगाया जबकि सैमसन को क्रीज पर जमने में समय लगा। उन्हें छह रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब हुसैन की गेंद पर कवर में पूरन ने उनका कैच छोड़ा।

सैमसन ने इसका पूरा फायदा उठाकर हुसैन को तीन छक्के और दो चौके जड़े। अभिषेक 12 गेंद में 20 रन बनाकर आउट हए ।