Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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‘विराट को 5 करोड़ देकर आश्रम लाया गया था’… दावे पर कोहली के प्रवक्ता का आया बयान, कहा- दावा ‘पूरी तरह झूठा’

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से मुलाकातें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। दोनों कई बार वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेते और उनसे बातचीत करते नजर आए हैं। दोनों ही प्रेमानंद महाराज के बड़े भक्त भी माने जाते हैं। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर फलहारी महाराज के वायरल हो रहे दावे, जिसमें उन्होंने कहा था की विराट और अनुष्का जब पहली बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे तो इसके लिए उन्हें पांच करोड़ रुपये दिए गए थे, पर कोहली के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है।

कोहली के प्रवक्ता ने आरोप को किया खारिज

उन्होंने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के इस दावे को सख्ती से खारिज करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रवक्ता ने इन दावों को “पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत” बताया है।

बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण ही उनसे मिलने जाते हैं। साथ ही, मीडिया से यह भी आग्रह किया गया कि वे ऐसी बातों की रिपोर्ट करने या उन्हें आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच-पड़ताल करें और पूरी सावधानी बरतें।

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वहीं, इस बयान के जरिए कोहली की टीम ने संबंधित दावों को लेकर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। यानी इन दावों को विराट कोहली की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि बीते 25 सितंबर को संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की रहस्यमयी मौत के बाद हर गुजरते दिन नए-नए दावे सामने आए, जिसमें से संतों द्वारा एक दावा यह भी किया था कि एक बिल्डर लॉबी और भू-माफिया सिंडिकेट ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम का नाम इस्तेमाल कर पीआर और वसूली का खेल रचा। जिसके तहत पहली बार विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये देकर आश्रम लाया गया था।

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विराट कोहली नहीं ये इंग्लिश बल्लेबाज तोड़ सकता है सचिन का रिकॉर्ड! पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने किया ये बड़ा दावा

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए है। वहीं हाल ही में एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिनेश कार्तिक ने बताया कि सचिन का रिकॉर्ड कौन सा खिलाड़ी तोड़ सकता है। दिनेश कार्तिक ने कहा, इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वहीं कार्तिक ने आगे कहा कि विराट कोहली के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक पूरे करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोहली के लिए इस आंकड़े तक पहुंचना काफी मुश्किल नजर आता है।

सचिन के रिकॉर्ड से कितना दूर जो रूट

इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जो रूट टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। जो रूट ने 169 टेस्ट मैचों में 14,278 रन बनाए हैं। वह अब सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड से 1,643 रन पीछे हैं। अगर रूट आगे भी इसी तरह रन बनाते रहे, तो वह करीब 16 से 20 टेस्ट मैचों में तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। रूट ने 2021 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उन्होंने 15 टेस्ट मैचों में 1,708 रन बनाए थे। जो रूट अभी सिर्फ 35 साल के हैं और इंग्लैंड की टीम हर साल करीब 15 से 20 टेस्ट मैच खेलती है। ऐसे में रूट के पास सचिन का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका है।

रूट तोड़ सकते हैं सचिन का रिकॉर्ड

क्रिकबज पर जब दिनेश कार्तिक से पूछा गया कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि “अच्छा चांस है।”। कार्तिक ने कहा कि “वे इंग्लैंड में बहुत सारा टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं। वह अभी भी काफी स्ट्रेट दिखते हैं। वह हर बार बैटिंग करने के लिए खुशी-खुशी रन बनाते हैं। मुझे लगता है कि उनके लिए यह बहुत पॉसिबल है।”

क्या विराट तोड़ सकते हैं ये रिकॉर्ड

वहीं विराट कोहली के नाम फिलहाल 86 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे में खेल रहे हैं। विराट कोहली के 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे करने की संभावना पर दिनेश कार्तिक ने कहा कि, वह चाहते हैं कि कोहली यह उपलब्धि हासिल करें, लेकिन ऐसा करना काफी मुश्किल है। कार्तिक ने माना कि कोहली के लिए 100 शतकों के आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं होगा। कोहली वनडे में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन के रिकॉर्ड से 3,000 से ज्यादा रन पीछे हैं। वहीं, अगर वह लगातार शानदार बल्लेबाजी करते हुए 1,500 से 1,600 रन और बना लेते हैं, तो इस अंतर को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

न्यूजीलैंड सीरीज में खेलेंगे

आंकड़ों के मुताबिक, विराट कोहली को 101 अंतरराष्ट्रीय शतक तक पहुंचने के लिए करीब 110 और पारियां खेलनी पड़ सकती हैं। अब वह सिर्फ वनडे खेल रहे हैं, जहां वह औसतन हर 5.55 पारियों में एक शतक बनाते हैं। इस हिसाब से उनकी अगली 15 सेंचुरी के लिए करीब 83 पारियां लग सकती हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारत को लगभग 25 से 30 वनडे मैच ही और खेलने हैं, इसलिए कोहली के लिए 100 शतक का आंकड़ा हासिल करना काफी चुनौतीपूर्ण नजर आता है। वह अब 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में खेलते दिखाई देंगे।

IND vs WI: रोहित-विराट को खेलते नहीं देख पाएंगे फैंस? भारत-वेस्टइंडीज मैच में मौसम बनेगी विलेन

IND vs WI Pitch Report: शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा। इस मुकाबले में फैंस की नजरें रोहित शर्मा और विराट कोहली रहेगी। भारतीय टीम इस मुकबाले को जीतकर सीरीज की शुरुआत करना चाहेगी। वेस्टइंडीज टीम की कमान शाई होप संभाल रहे हैं। भारतीय टीम 2027 के ICC वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी रणनीति पर काम करेगी।

रोहित-विराट पर होगी नजर

भारत की बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और विराट कोहली के अनुभव की अहम भूमिका रहेगी। कप्तान शुभमन गिल भी इस सीरीज में बड़ी पारी खेलकर रन बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि केएल राहुल से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में नीतीश कुमार रेड्डी के प्रदर्शन पर भी सबकी नजर रहेगी। चोट से वापसी के बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया था। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा अच्छी फॉर्म में हैं और मोहम्मद सिराज की वापसी से टीम को मजबूती मिलेगी। स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव टीम के प्रमुख विकल्प होंगे।

यशस्वी को मिलेगा मौका?

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में विराट कोहली की वापसी के बाद शुभमन गिल फिर से टॉप ऑर्डर में आ गए थे और यशस्वी जायसवाल को बाहर बैठना पड़ा था। अब जायसवाल की टीम में वापसी हो गई है। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में विराट कोहली की गैरमौजूदगी में यशस्वी जायसवाल को खेलने का मौका मिला था, जिसके चलते शुभमन गिल को नंबर-3 पर बल्लेबाजी करनी पड़ी थी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने ये फैसला है कि रोहित शर्मा के साथ जायसवाल को ओपनिंग कराई जाए या रोहित और गिल की जोड़ी को ही जारी रखा जाए।

कैसी होगी तिरुवनंतपुरम की पिच

तिरुवनंतपुरम की पिच पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड अच्छा रहा है और उसने यहां खेले दोनों मैच जीते हैं। इस मैदान पर वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ भारत ने बड़ी जीत दर्ज की थी। पिच पर शुरुआत में नई गेंद से बल्लेबाजों को रन बनाने में मदद मिल सकती है, लेकिन गेंद पुरानी होने के बाद स्पिनरों को फायदा मिलने की संभावना है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है।

कहां पर खेला जाएगा भारत-वेस्टइंडीज का मुकाबला

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर, रविवार को खेला जाएगा। यह मैच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा। मुकाबले की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से होगी और टॉस दोपहर 1:30 पर होगा।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले वनडे का सीधा प्रसारण भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे JioHotstar ऐप और वेबसाइट के जरिए मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

तिरुवनंतपुरम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले पहले वनडे के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। मैच से पहले कुछ बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन टॉस के समय मौसम साफ रहने और धूप निकलने की उम्मीद है। तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मैच के दौरान भी गर्मी और उमस खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन सकती है।

भारत-वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित XI: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, केएल राहुल (विकेट कीपर), रुतुराज गायकवाड़, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा

वेस्टइंडीज की संभावित XI: जॉन कैंपबेल, शाई होप (कप्तान और विकेट कीपर), कीसी कार्टी, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेस, जस्टिन ग्रीव्स, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोटी, अल्जारी जोसेफ, जेडन सील्स, शमर जोसेफ

Virat Kohli: ‘मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा…’ 2027 विश्वकप के बाद विराट कोहली वनडे को कहेंगे अलविदा!

भारत के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली की फैन फॉलोइंग पूरी दुनिया में हैं। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद अब विराट कोहली केवल वनडे मैच में ही खेलते हुए नजर आते हैं। फैंस विराट कोहली को मैदान पर खेलते देखने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। वहीं विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में खेलते नजर आएंगे। इस मुकाबले से पहले से विराट कोहली ने एक बड़ा खुलासा किया है, जिसे सुन हर क्रिकेट फैंस का दिल टूट जाएगा। विराट कोहली ने कहा कि 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप उनके लिए इस फॉर्मेट का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट होगा।

2027 का वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट के मुकाबले 12 अलग-अलग जगहों पर खेले जाएंगे। कोहली के इस ऐलान के बाद 2027 वर्ल्ड कप में उनके खेलने को लेकर तस्वीर साफ हो गई है।

विराट को होगा आखिरी वर्ल्ड कप?

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले बातचीत के दौरान विराट कोहली ने कहा कि, 2027 का वनडे वर्ल्ड कप भारतीय टीम के साथ उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वह अपने इस सफर का अंत वर्ल्ड कप जीतकर करना चाहते हैं। विराट कोहली ने कहा, “50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती और दबाव किसी भी दूसरे फॉर्मेट से ज्यादा होता है। इसमें करीब 10 मैचों तक T20 जैसी तेज और कड़ी क्रिकेट खेलनी पड़ती है। एक दिन में लगभग ढाई T20 मैच जितनी एनर्जी लगती है। इतने बड़े टूर्नामेंट में 10 मैचों तक इस स्तर की तेजी और जोश बनाए रखना आसान नहीं होता। खासकर तब, जब मुकाबले विदेशी परिस्थितियों में खेले जा रहे हों। यह टूर्नामेंट खिलाड़ी से बहुत कुछ मांगता है।”

कोहली ने आगे कहा, “मेरे लिए ये भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप होगा और यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। मेरा लक्ष्य साफ है कि वर्ल्ड कप जीतना है और इसके लिए मुझे जो भी करना पड़ेगा, मैं उसके लिए पूरी तरह तैयार हूं।”

विराट कोहली का रिकॉर्ड

विराट कोहली ने 2011 में अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप खेला था। इसी टूर्नामेंट में भारत ने 2 अप्रैल 2011 को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खिताब जीता था। इसके बाद कोहली 2015, 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इस तरह वह अब तक चार वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेल चुके हैं। विराट कोहली वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में दूसरे स्थान पर हैं। 2023 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 765 रन बनाकर एक एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। भारत के लिए 314 वनडे मैचों में कोहली के नाम 14,941 रन हैं।

अभी काम पूरा नहीं हुआ है-रोहित

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की नजर भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर है। रोहित ने संकेत दिया कि वह इस बड़े टूर्नामेंट में खेलने की तैयारी कर रहे हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “मेरे मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे होते हैं, तब तक हमेशा कुछ न कुछ ऐसा होता है, जिसका आप इंतजार कर सकते हैं। मैं भी वर्ल्ड कप का इंतजार कर रहा हूं और देख रहा हूं कि आगे मेरे लिए क्या है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब वर्ल्ड कप या कोई ICC टूर्नामेंट खेला जाता है, तो उसमें एक अलग तरह की चुनौती होती है। आपको अलग-अलग टीमों के खिलाफ खेलना होता है और अलग-अलग मैदानों पर मुकाबले होते हैं। ऐसे में आपको अपनी तैयारी और सोच दोनों को बदलना पड़ता है। यही इस तरह के टूर्नामेंट की सबसे बड़ी चुनौती है।”

IND vs WI: खत्म हुआ इंतजार! इस दिन एक्शन में दिखेंगे रोहित शर्मा-विराट कोहली, जानें शेड्यूल

IND vs WI: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारत दौरे पर आ रही है। इस दौरे पर दोनों टीमों के बीच तीन वनडे और पांच टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज का भारत दौरा 27 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, वहीं इसके बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। फैंस वनडे सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह रोहित शर्मा और विराट कोहली है। टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली अब वनडे मैच में ही नजर आते हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में ये दोनों खिलाड़ी मैदान पर नजर आएंगे। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएंगे मुकाबले

कब खेला जाएगा वनडे मुकाबला

भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबले होंगे। वनडे सीरीज में टीम इंडिया की कमान शुभमन गिल संभालेंगे, वहीं टी20 सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम दोनों फॉर्मेट में शाई होप की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी।

वनडे का पूरा शेड्यूल

  • पहला वनडे: 27 सितंबर (शनिवार) – भारत और वेस्टइंडीज- तिरुवनंतपुरम 01:30 PM
  • दूसरा वनडे: 30 सितंबर (बुधवार)- भारत और वेस्टइंडीज-गुवाहाटी 01:30 PM
  • तीसरा वनडे: 3 अक्टूबर (शनिवार)- भारत और वेस्टइंडीज- न्यू चंडीगढ़ 01:30 PM

कब खेला जाएगा टी20 मुकाबला

वहीं टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर को लखनऊ से होगी। इसके बाद दोनों टीमें 9 अक्टूबर को रांची, 11 अक्टूबर को इंदौर, 14 अक्टूबर को हैदराबाद और 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में टी20 मैच खेलेंगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली सीरीज में टीम इंडिया मजबूत तैयारी के साथ उतरेगी। आठ मैचों के बाद टीम को न्यूजीलैंड का दौरा भी करना है।

टी20 का पूरा शेड्यूल

  • पहला टी20: 6 अक्टूबर (मंगलवार), लखनऊ 07:00 PM
  • दूसरा टी20: 9 अक्टूबर (शुक्रवार), रांची 07:00 PM
  • तीसरा टी20: 11 अक्टूबर (रविवार), इंदौर 07:00 PM
  • चौथा टी20: 14 अक्टूबर (बुधवार), हैदराबाद 07:00 PM
  • पांचवा टी20: 17 अक्टूबर (शनिवार), बेंगलुरु 07:00 PM

कब होगा मुकाबले का टॉस

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मुकाबले दोपहर में खेले जाएंगे। तीनों ODI मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे और इससे आधे घंटे पहले 1 बजे टॉस होगा। वहीं पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन मैचों के लिए शाम 6:30 बजे टॉस किया जाएगा।

भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज 2026 के लिए टीमें

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (C), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (VC और WK), ध्रुव जुरेल (WK), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

भारत की टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (C), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन [WK], संजू सैमसन (WK), तिलक वर्मा (VC), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

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ना कोहली ना रिकी पोंटिंग और ना ही कपिव देव…राहुल द्रविड़ ने इन्हें बताया दुनिया का नंबर-1 कप्तान

इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाकर इतिहास में खास जगह बनाई। इस लिस्ट में क्लाइव लॉयड से लेकर कपिल देव, इमरान खान, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कई कप्तान शामिल है। वहीं हाल ही में राहुल द्रविड़ ने बताया कि उनका पसंदीदा कप्तान कौन है। एक क्रिकेट चैलेंज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और हेड कोच राहुल ने इस दौरान पहले नंबर पर ना तो विराट कोहली को रखा और ना ही पोटिंग और रोहित शर्मा को। आइए जानते हैं राहुल ने किसको चुना बेस्ट कैप्टन

धोनी को बताया बेस्ट कप्तान

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के क्विज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। चैलेंज के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के 1992 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान और वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। बता दें राहुल धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके फैसले और अलग-अलग दौर के महान कप्तानों को लेकर अपनी राय शेयर कर रहे हैं।

किस राउंड में किसे चुना

राहुल द्रविड़ को एक खास चैलेंज के दौरान जब उन्हें अलग-अलग दौर के दिग्गज कप्तानों में से चुनना था, तो द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। राहुल द्रविड़ को इस चैलेंज के शुरुआती दौर में कई शानदार कप्तानों के बीच अपनी पसंद तय करनी थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ को सबसे आगे रखा और लगातार कई राउंड में उन्हें चुना। द्रविड़ ने बेन स्टोक्स, केन विलियमसन, अर्जुन रणतुंगा, ग्रीम स्मिथ और स्टीफन फ्लेमिंग जैसे दिग्गज कप्तानों की तुलना में स्मिथ को तरजीह दी। इस तरह स्मिथ ने शुरुआती मुकाबलों में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इस चैलेंज में राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज कप्तानों के बीच भी स्टीवन स्मिथ को अपनी पसंद बनाए रखा। उन्होंने माइकल क्लार्क, इयोन मॉर्गन और पैट कमिंस जैसे कप्तानों की तुलना में स्मिथ को चुना, लेकिन रिकी पोंटिंग के सामने उनकी पसंद बदल गई। इसके बाद पोंटिंग ने एलन बॉर्डर को हराकर अगले दौर में जगह बनाई, जहां उनका सामना स्टीव वॉ से हुआ। आखिरकार द्रविड़ की पसंद के तौर पर सामने आए स्टीव वॉ ने पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों वाले इस दौर को जीत लिया।

 

राहुल द्रविड़ ने एमएस धोनी को अपना सबसे पसंदीदा कप्तान चुनकर सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद मुकाबला भारतीय और पाकिस्तानी कप्तानों के बीच पहुंचा। स्टीव वॉ और विराट कोहली में से किसी एक को चुनने की बारी आई तो द्रविड़ ने कोहली को चुना।

धोनी की कप्तानी सबसे अच्छी

चैलेंज के आखिरी दौर में राहुल द्रविड़ के सामने एमएस धोनी, इमरान खान और क्लाइव लॉयड जैसे बड़े कप्तानों में से चुनाव करने की स्थिति आई। इमरान खान के मुकाबले द्रविड़ ने धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनकी उपलब्धियों को बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ऐसे इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी तीनों खिताब जीते हैं, इसलिए उनकी कप्तानी की सफलता की बराबरी करना मुश्किल है।

नीम करौली बाबा के कैंची धाम में ऐसा क्या खास, दुनिया भर से खिंचे चले आते हैं लोग?

भारत में नीम करोली बाबा को मानने वाले लोगों की संख्या लंबे समय से रही है और उनकी सादगी, सेवा और आध्यात्मिक सोच लोगों को अपनी ओर खींचती है। लेकिन अब इन्हें विदेशों में भी काफी जाना जाता है। बाबा के जीवन और उनकी बातों से प्रभावित होकर देश-विदेश के कई लोग उनके आश्रमों तक पहुंचे। यही वजह है कि उत्तराखंड का कैंची धाम भी आज श्रद्धालुओं और बाबा को जानने वाले लोगों के लिए खास जगह बन चुका है। नीम करोली बाबा से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनके भक्तों में आम लोगों के साथ कई बड़ी विदेशी हस्तियों के नाम भी बताए जाते हैं। बाबा का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों की दिलचस्पी का कारण बनी हुई हैं और उनके आश्रम में पहुंचने वाले लोग उनके विचारों और आध्यात्मिक जीवन के बारे में जानना चाहते हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पहुंचे कैंची धाम

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और एक्टर-प्रोड्यूसर अनुष्का शर्मा ने नवंबर 2022 में उत्तराखंड के कैंची धाम का दौरा किया था। दोनों ने यहां नीम करोली बाबा के दर्शन किए और आश्रम में कुछ समय बिताया। बाबा की सादगी, शांति और प्रेम से जुड़ी शिक्षाएं आज भी लोगों को अट्रैक्ट करती हैं।

लैरी पेज और जेफरी स्कॉल भी आए

कैंची धाम पहुंचने वाली विदेशी हस्तियों में गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज और ईबे के को-फाउंडर जेफरी स्कॉल भी है। डॉ. लैरी ब्रिलियंट भी कुछ समय आश्रम में रहे थे। बाद में उन्होंने गूगल के परोपकार से जुड़े काम में भी भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, यह जगह लोगों को खुद को समझने और दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने का मौका देती है।

स्टीव जॉब्स की आध्यात्मिक यात्राएप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स सिर्फ 19 साल की उम्र में भारत आए थे। साल 1974 में उन्होंने कई महीने भारत में घूमते हुए एक आध्यात्मिक गुरु की तलाश की। इसी दौरान वह नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम भी पहुंचे, लेकिन तब तक बाबा का निधन हो चुका था। उनके बायोग्राफर वॉल्टर इसाकसन के अनुसार, भारत और कैंची धाम की इस यात्रा ने जॉब्स की सोच पर गहरा असर डाला।

मार्क जुकरबर्ग ने किये दर्शन

मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने साल 2015 में कैंची धाम का दौरा किया था। उस समय वह फेसबुक के काम को लेकर एक मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और कुछ समय रुककर चीजों को समझना चाहते थे। बताया जाता है कि स्टीव जॉब्स ने ही उन्हें भारत और इस आश्रम की यात्रा करने की सलाह दी थी। बाद में जुकरबर्ग ने भी माना कि भारत की इस यात्रा ने उन्हें फेसबुक के असली मकसद को समझने में मदद की।

कैंची धाम की खासियत और वहां का माहौल

उत्तराखंड की पहाड़ियों के बीच बना कैंची धाम चारों तरफ से हरियाली और शांत माहौल से घिरा हुआ है। यहां पहुंचते ही शहर की भागदौड़ से अलग एक सुकून भरा माहौल महसूस होता है। आश्रम में नीम करोली बाबा की याद से जुड़ें मंदिर हैं, जहां भक्त बाबा की शिक्षाओं के बारे में जानने आते हैं। यही कारण है कि कैंची धाम सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों से आने वाले लोगों के बीच भी खास पहचान रखता है।

क्या है कैंची धाम जाने का सही समय और आसान रास्ता?

कैंची धाम उत्तराखंड की कुमाऊं पहाड़ियों में है और नैनीताल से करीब 38 किलोमीटर दूर बताया जाता है। यहां सड़क मार्ग से नैनीताल, हल्द्वानी और काठगोदाम से आसानी से पहुंचा जा सकता है। ट्रेन से आने वालों के लिए काठगोदाम सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जहां से टैक्सी या लोकल ट्रांसपोर्ट लेकर कैंची धाम पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से आने पर पंतनगर एयरपोर्ट सबसे नजदीक है, जो करीब 65 किलोमीटर दूर है और वहां से कैब लेकर आश्रम पहुंचा जा सकता है। कैंची धाम जाने के लिए मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। जुलाई और अगस्त में भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर सफर मुश्किल हो सकता है, इसलिए इस समय यात्रा करने से बचना बेहतर है। जून में होने वाले सालाना भंडारे में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। आश्रम आमतौर पर सुबह जल्दी खुलता है और शाम की आखिरी प्रार्थना के बाद बंद हो जाता है, लेकिन मौसम के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।

IND vs SL: गॉल टेस्ट में गरजा देवदत्त पडिक्कल का बल्ला, ठोका करियर का पहला शतक, विराट कोहली के इस एलीट क्लब में हुए शामिल

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। पहले दिन का खेल खत्म होने तक देवदत्‍त पडिक्‍कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया।

कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दो मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में धैर्य के साथ खेलते हुए बड़ी पारी खेली और टीम के लिए अहम योगदान दिया। यह शतक पडिक्कल के टेस्ट करियर की एक खास उपलब्धि बन गया। इस शतक के साथ पडिक्कल विराट कोहली के साथ एक खास क्लब में शामिल हो गए।

पडिक्कल ने बनाया रिकॉर्ड

देवदत्त पडिक्कल ने अपने शतक के साथ एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि विराट कोहली ने हासिल की थी। कोहली ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में नाबाद 114 रन की पारी खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम को मुश्किल टारगेट का पीछा करने में अहम मदद की थी।

कैसा था मुकाबला

ये मुकाबला मैच 14 अगस्त को शुरू हुआ था, लेकिन भारतीय समय के मुताबिक कोहली ने अपना शतक 15 अगस्त की रात लगाया। बारिश के कारण मैच 35 ओवर का कर दिया गया और भारत को 255 रन का लक्ष्य मिला। 92 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद कोहली ने पारी संभाली और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। भारत 32.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने अपना 43वां वनडे शतक लगाया।

गणतंत्र दिवस- स्वतंत्रता दिवस पर लगा चुके हैं शतक

इसके साथ ही विराट कोहली स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों मौकों पर शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में 116 रन की पारी खेली थी, जो उनके टेस्ट करियर का पहला शतक भी था।

पडिक्कल ने 134 गेंदों में ठोका शतक

देवदत्त पडिक्कल ने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। पडिक्कल को चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने पारी के दौरान धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और स्पिन गेंदबाजों का भी अच्छी तरह सामना किया।

विराट पर ब्रेट ली का बड़ा खुलासा, जब कोहली की बल्लेबाजी देखकर रह गए थे हैरान…बताया ये किस्सा

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने भारत के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली की जमकर तारीफ की है। ली के मुताबिक, कुछ खिलाड़ी शुरुआत में सबसे बेहतरीन नजर नहीं आते, लेकिन उनका मजबूत सोचने का तरीका उन्हें आगे चलकर सफल बनाता है। विराट कोहली भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। ली ने बताया कि कोहली के शुरुआती दौर में उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी आंखों में दिखने वाला आत्मविश्वास और जोश उन्हें प्रभावित करता था। वहीं कोहली का आक्रामक और मुकाबला करने वाला अंदाज इंटरनेशनल क्रिकेट में शुरुआती दिनों से ही दिखाई देता था।

विराट के अंदर जीतने की जबरदस्त इच्छा

ब्रेट ली के मुताबिक, विराट कोहली के अंदर शुरू से ही जीतने की जबरदस्त इच्छा थी, जिसने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई। ब्रेट ली ने बीयर बाइसेप्स के पॉडकास्ट पर बात करते हुए कहा, “आप इसे उनकी आंखों में देख सकते हैं। कुछ खिलाड़ियों में यह खास बात होती है। हो सकता है कि शुरुआत में उनमें ज्यादा टैलेंट न दिखे, लेकिन उनका मानसिक रवैया मजबूत होता है। उनमें यह सोच होती है कि क्या वे बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा फोकस कर सकते हैं।”

विराट की तारीफ की

ली ने कहा, “आपने उनकी आंखें देखी हैं। वह सीधे आपकी तरफ देखते हैं और ऐसा लगता है जैसे कह रहे हों, ‘गेम शुरू हो गया है और तुम मुझे आउट नहीं कर पाओगे।’ जब मैंने उनके खिलाफ खेला था, तब मैंने यह चीज उनमें देखी थी।” पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने आगे कहा, “आज आप देख सकते हैं कि उनका करियर कितना शानदार रहा है।” ब्रेट ली की बातों से विराट कोहली के करियर के पीछे की सोच और मेहनत की झलक मिलती है।

बड़े क्रिकेटरों में शामिल है

ली के मुताबिक, कोहली की सफलता को सिर्फ उनके रनों और रिकॉर्ड के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत जैसे क्रिकेट प्रेमी देश में बड़ा स्टार बनना अपने साथ काफी दबाव भी लेकर आता है। कोहली ने इस दबाव के बीच लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और खुद को देश के सबसे बड़े क्रिकेट सितारों में शामिल किया। उन्होंने कहा, “दूसरी बात ये है कि आप अलग-अलग दौर के खिलाड़ियों की तुलना नहीं कर सकते। जरा सोचिए कि सनी भाई ने क्या किया था। सनी गावस्कर बहुत बड़े खिलाड़ी थे। इसके बाद सचिन तेंदुलकर आए, जिन्होंने उनकी जगह लेने और उस मुकाम तक पहुंचने की कोशिश की।”

ली ने आगे कहा, “उस समय सचिन के साथ करीब 1.5 अरब लोगों की उम्मीदें जुड़ी थीं। पूरा देश उन्हें सपोर्ट करता था और उन्हें इन उम्मीदों का दबाव अपने कंधों पर उठाना पड़ता था। इसके बाद विराट कोहली आए, जिन्होंने सचिन की जगह लेने की जिम्मेदारी संभाली।”