‘हनुमान अंश’ देखकर भावुक हुए वीरेंद्र सहवाग, बोले- महाराज जी की कृपा को महसूस करना ही अपने आप में खास है [VIDEO]

महान संत बाबा नीम करौली के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों लगातार चर्चा में है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। शुरुआत में फिल्म को भले ही धीमी प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दर्शकों की तारीफ के बाद इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

 

अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी फिल्म देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। सहवाग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर फिल्म की तारीफ की और बताया कि बाबा नीम करौली के प्रति उनकी आस्था करीब एक दशक पुरानी है।

 

करीब 10 साल से बाबा नीम करौली से जुड़ा है सहवाग का जुड़ाव

 

सहवाग ने अपने वीडियो की शुरुआत ‘सीता-राम’ के अभिवादन से की। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले एक दोस्त के जरिए उन्हें बाबा नीम करौली और उनकी लीलाओं के बारे में जानने का मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने बाबा के बारे में पढ़ना और उनके बारे में सुनना शुरू किया।

 

सहवाग के मुताबिक, समय के साथ उनके मन में बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा और आकर्षण पैदा हुआ। उन्होंने बाबा के व्यक्तित्व, उनकी करुणा और भक्तों के जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा का प्रभाव आज भी लोगों के अनुभवों में देखने को मिलता है।



 

 ‘हनुमान अंश’ को बताया बाबा नीम करौली को खूबसूरत श्रद्धांजलि

 

फिल्म देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली जैसे संत के पूरे व्यक्तित्व और उनके प्रभाव को किसी एक फिल्म में समेटना आसान नहीं है। हालांकि, उन्हें लगा कि ‘हनुमान अंश’ ने बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को खूबसूरती से पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है।

 

उन्होंने फिल्म को बाबा नीम करौली के लिए एक सुंदर श्रद्धांजलि बताया। सहवाग का कहना था कि फिल्म के जरिए दर्शकों को बाबा के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव की एक झलक जरूर मिलती है।

 

उन्होंने लोगों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि अगर कोई बाबा नीम करौली को जानता है और उनके जीवन से जुड़ा रहा है, तो उसे यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

 

 फिल्म का सांप वाला सीन सहवाग के दिल को छू गया

 

सहवाग ने फिल्म के उस दृश्य का भी खास तौर पर जिक्र किया, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। इस सीन में बाबा नीम करौली के शरीर पर सांप लिपटे हुए दिखाई देते हैं।

 

इस दौरान फिल्म में बाबा के संवाद को भी सहवाग ने याद किया। उन्होंने बताया कि जब एक भक्त उन्हें शिव का स्वरूप बताता है, तो बाबा की ओर से बेहद गहरी बात कही जाती है। सहवाग के मुताबिक, इस पूरे प्रसंग ने उन्हें भावुक कर दिया और फिल्म का यह हिस्सा उनके मन में बस गया।

 

सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली को पूरी तरह समझ पाना शायद संभव नहीं है, लेकिन उनकी कृपा और प्रभाव को महसूस किया जा सकता है।

 

सोशल मीडिया पर लिखा- ‘महाराज जी की लीला बहुत निराली है’

 

फिल्म देखने के बाद सहवाग ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने लिखा कि महाराज जी की लीला को समझना शायद संभव नहीं, लेकिन उनकी कृपा को महसूस जरूर किया जा सकता है।

 

उन्होंने ‘हनुमान अंश’ को एक महान संत की अद्भुत यात्रा से जुड़ी फिल्म बताते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की। सहवाग की इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई है।

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 अब विराट कोहली तक पहुंचाना चाहते हैं फिल्म

 

सहवाग की प्रतिक्रिया ने फिल्म के निर्माताओं के लिए इसे और खास बना दिया है। निर्माता ने बताया कि वह खुद सहवाग के बड़े प्रशंसक रहे हैं और क्रिकेट से सहवाग की विदाई के बाद उन्होंने क्रिकेट देखना तक छोड़ दिया था।

 

ऐसे में सहवाग का अपनी इच्छा से फिल्म देखना और फिर सार्वजनिक रूप से उसकी तारीफ करना उनके लिए बेहद भावुक पल बन गया। अब निर्माता की इच्छा है कि भारतीय क्रिकेट के एक और बड़े स्टार विराट कोहली भी ‘हनुमान अंश’ देखें।

 

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की बाबा नीम करौली के प्रति आस्था भी कई बार चर्चा में रही है। ऐसे में निर्माता दोनों को फिल्म दिखाना चाहते हैं। सहवाग के रिएक्शन के बाद उनकी यह इच्छा और भी खास हो गई है।

 

Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट

Apollo Tyres Share Price : टायर बनाने वाली कंपनी अपोलो टायर (Apollo Tyres) के शेयरों में 24 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। शेयर में आज 5 फीसदी का उछाल देखने को मिला। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस द्वारा रेटिंग को अपग्रेड करने के बाद आई। ब्रोकरेज फर्म UBS ने स्टॉक की रेटिंग को ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया और इसका टारगेट प्राइस ₹590 प्रति शेयर तय किया। इस नए टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस ₹439.95 से इसमें लगभग 34% की बढ़त हो सकती है।

UBS का कहना है कि Apollo Tyres का वैल्यूएशन अभी भी अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम है, जबकि पिछले चार सालों में इस स्टॉक का प्रदर्शन टायर सेक्टर के मुकाबले कमजोर रहा है।

हालांकि, ब्रोकरेज का मानना ​​है कि हालात बेहतर हो रहे हैं क्योंकि मैनेजमेंट भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। इनमें ब्रांड बनाने के लिए निवेश शामिल है, जैसे कि भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी को स्पॉन्सर करना। UBS को कंपनी के यूरोप बिजनेस के भी बेहतर होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि निवेशक कम समय में कमोडिटी की लागत के दबाव और हाल की चुनौतियों पर बहुत ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि वे Apollo Tyres की कमाई में होने वाले बड़े सुधार की संभावना को नजरअंदाज़ कर रहे हैं, जो कमोडिटी की कीमतों का दबाव कम होने पर हो सकता है।

हालांकि Q2FY27 में और दबाव दिख सकता है, क्योंकि Q1FY27 में नेचुरल रबर की कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 22% बढ़ी थीं, लेकिन UBS को इसके बाद कमाई में काफी सुधार की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28E में EBITDA सालाना आधार पर 21% बढ़ेगा, क्योंकि कमोडिटी का दबाव कम होगा और बिजनेस की स्थिति बेहतर होगी।हालांकि Q2FY27 में और दबाव दिख सकता है, क्योंकि Q1FY27 में नेचुरल रबर की कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 22% बढ़ी थीं, लेकिन UBS को इसके बाद कमाई में काफी सुधार की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28E में EBITDA सालाना आधार पर 21% बढ़ेगा, क्योंकि कमोडिटी का दबाव कम होगा और बिजनेस की स्थिति बेहतर होगी। मांग मजबूत बनी हुई है और रणनीतिक पहल जोर पकड़ रही हैं, इसलिए UBS का मानना ​​है कि बाजार Apollo Tyres की मध्यम अवधि में कमाई में सुधार की क्षमता को कम आंक रहा है।

 

GIFT Nifty Indicator: क्रूड में नरमी से क्या सुधरेगा बाजार का सेंटिमेंट, गिफ्ट निफ्टी दे रहा मजबूत शुरुआत के संकेत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

‘3 साल हो गए, जमीन नहीं मिली…’, आधी रात को ऋषभ पंत ने CM धामी से लगाई खास गुहार

Rishabh Pant: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी या फिर शानदार प्रदर्शन नहीं बल्कि शुक्रवार आधी रात को किया गया उनका सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिधे जमीन खरीदने की गुहार लगा दी। जिसके बाद उनका पोस्ट तुरंत वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी।

पंत, जो अभी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ श्रीलंका में हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट में धामी को टैग करते हुए यह अनुरोध किया। 28 वर्षीय पंत ने कहा कि वे पिछले तीन सालों से उत्तराखंड में उपयुक्त जमीन खोजने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें ऐसी कोई प्रॉपर्टी नहीं मिल पाई जो उनकी जरूरतों को पूरा कर सके।

इससे भी अहम बात यह है कि पंत ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सालों तक भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद वे अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं और राज्य में रहकर उसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा, “नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का स्थानीय होने के नाते, मुझे यहां आए हुए काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई अच्छी और बड़ी जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे विनम्र विनती है कि जमीन लेने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल साफ-सुथरी जमीन मिलना बहुत मुश्किल हो गया है। एक जमीन तो मुझे तब मिलनी चाहिए थी जब मैं राज्य का प्रचार-प्रसार कर रहा था, लेकिन अब मैं सब कुछ छोड़कर अपने मूल स्थान पर वापस आकर उत्तराखंड के विकास में योगदान देना चाहता हूं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना चाहता हूं। कृपया इस मामले पर ध्यान दें। 3 साल हो गए हैं और मुझे अभी तक कोई जमीन नहीं मिली है। आपके जवाब का इंतजार है, सर।”

X पर पोस्ट करने के बाद पंत ने साफ किया कि वह जमीन मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, बल्कि सरकार से तय दरों पर उसे खरीदना चाहते थे।

पंत ने आगे लिखा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए यह एक शानदार तोहफा होगा, लेकिन अगर आप मुझे इजाजत दें तो मैं इसे सरकार से उनकी तय दरों पर खरीदना चाहूंगा, ताकि कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया इसमें मदद करें। सच कहूं तो मुझे नहीं पता था कि इसके लिए क्या करना होगा।”

पंत की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और उनकी इस अनोखी अपील ने लोगों का खासा ध्यान खींचा।

पंत अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं

बता दें कि पंत का जन्म उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था और उन्होंने वहीं से अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत की थी, जिसके बाद वे प्रोफेशनल तौर पर क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली चले गए। आगे चलकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में भारत के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

हालांकि, पंत घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते रहते हैं, लेकिन उत्तराखंड के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मजबूत रहा है। उनकी हालिया पोस्ट से पता चलता है कि वे भविष्य में इस राज्य को अपना घर बनाना चाहते हैं और इसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब पंत 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए उत्तराखंड में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्ति बन गए हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने 23.84 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स भरा है।

इन आंकड़ों की घोषणा उत्तराखंड के इनकम टैक्स चीफ कमिश्नर ने 24 जुलाई को इनकम टैक्स डे के मौके पर एक कार्यक्रम में की थी। बता दें कि पंत लगातार दूसरे साल राज्य में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्तियों की लिस्ट में सबसे ऊपर रहे।

ABP Live की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, पंत का टैक्स योगदान पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। पिछले साल उन्होंने लगभग 10.5 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स भरा था।

27 करोड़ रुपये की IPL डील से लेकर बड़े-बड़े एंडोर्समेंट तक

पंत का भारी-भरकम टैक्स पेमेंट कई सोर्स से हुई उनकी कमाई को दिखाता है, जिसमें BCCI कॉन्ट्रैक्ट, IPL सैलरी, मैच फीस और एंडोर्समेंट डील शामिल हैं।

बता दें कि पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वह लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक बन गए। हालांकि, जिस अवधि की बात की जा रही है, उस दौरान पंत BCCI के Grade A कॉन्ट्रैक्ट में भी थे और उन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये रिटेनरशिप के तौर पर मिलते थे। लेकिन, बाद में उन्हें Grade B में कर दिया गया, जिसके बाद उनकी सालाना रिटेनरशिप घटकर 3 करोड़ रुपये हो गई।

उनकी कमर्शियल कमाई भी उनकी इनकम में काफी योगदान देती है। पंत के एंडोर्समेंट एसोसिएशन Adidas, Dream11, SG, Thums Up, Cadbury, boAt, Noise, Zomato, JSW Cement और MakeMyTrip के साथ हैं।

धामी ने दिया आश्वासन

इस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने पंत को आश्वासन दिया है कि मामले में संबंधित लोगों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने पंत को एक्स पर जवाब देते हुए लिखा, “प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।”

कड़ा हुआ खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, 5 मिनट में दौड़ने होगे 1200 मीटर

Team India

भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस परीक्षण पहले यो यो टेस्ट से होता था लेकिन अब रग्बी के खेल में फिटनेस जांचने का टेस्ट जिसे BRONCO कहते हैं वह अब भारतीय क्रिकेट टीम अपनाने वाली है। यह टेस्ट योयो टेस्ट से भी काफी कठिन होने वाला है।

ब्रोंको टेस्ट एक प्रशिक्षण अभ्यास है जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर शटल रन से शुरुआत करता है, जिसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ भी होती है। ये तीन रन मिलकर एक सेट बनाते हैं। गौरतलब है कि एक खिलाड़ी को ऐसे पाँच सेट करने होते हैं, जो बिना रुके कुल 1200 मीटर दौड़ के बराबर होंगे। खिलाड़ियों को यह टेस्ट छह मिनट में पूरा करना होता है।

समझा जाता है कि टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के बेंगलुरु स्थित उत्कृष्टता केंद्र में ब्रोंको टेस्ट दे चुके हैं। ब्रोंको टेस्ट के अलावा, बीसीसीआई भारतीय टीम के सितारों के लिए फिटनेस टेस्ट के तौर पर यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर का टाइम ट्रायल भी आयोजित करता है।

गौरतलब है कि ले रॉक्स जून 2025 में भारतीय टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में शामिल हुए थे; जनवरी 2022 से मई 2023 तक टीम इंडिया में भी वह इसी पद पर थे और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों में भी काम किया।

भारत के कई अनुबंधित खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुंचे

गौरतलब है कि भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किए गए ब्रोंको टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। यह टेस्ट फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए शुरू किया गया है और कोच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए वेट ट्रेनिंग की बजाय रनिंग ड्रिल को ज़्यादा प्राथमिकता देने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रतिश्ठित अंग्रेजी अखबार के सूत्र के हवाले से बताया, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ब्रोंको टेस्ट शुरू किया गया है। भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं और उन्होंने यह टेस्ट दिया है। ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि फिटनेस मानक स्पष्ट हों।”

भारतीय टीम पहुंची श्रीलंका, WTC के लिहाज से 2-0 की बढ़त होगी अहम (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम कल रात श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में पहुंच गई। टीम को 7 तारीख से अभ्यास मैच खेलना है जो 4 से 3 दिन का हो गया है। संभवत श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ना ही वह खिलाड़ी सामने लाएगा जो टेस्ट मैचों में खेलेंगे और ना ही पिच वैसी बनाएगा जो पहले टेस्ट में बनाई जाएगी। इस कारण भारत को अपने अभ्यास सत्रों पर विश्वास दिखाना होगा।

टीम के दल में जो बल्लेबाज चयनित हुआ था वह टीम के साथ नहीं था। यह बल्लेबाज टेस्ट टीम का शीर्ष क्रम का बल्लेबाज है।सांई सुदर्शन अभी बैंगलोर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने स्वास्थ सुधार की अंतिम प्रक्रिया में है और टीम को उम्मीद है कि अभ्यास मैच से पहले वह टीम से जुड़ जाएंगे।

इससे पहले जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

लेकिन भारत की चिंता चोटों से ज्यादा स्पिन की मुफीद पिचें है।कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

MS Dhoni: रेसिंग ट्रैक पर सुपरबाइक दौड़ाते दिखे एमएस धोनी, वायरल हुआ वीडियो

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को बाइक्स से काफी लगाव किसी से छुपा नहीं है। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर अपने बाइक के शौक को लेकर सुर्खियों में हैं।वहीं हाल में धोनी रेसिंग ट्रेक पर बाइक चलाते हुए नजर आए हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में धोनी तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए कई चक्कर लगाते हुए राइड का पूरा करते हुए नजर आए। वहीं धोनी के फैंस को उनका ये अवतार काफी पसंद आ रहा है। बता दें इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर होने के बाद धोनी आईपीएल में ही खेलते हैं।

धोनी ने रेसिंग सर्किट पर चलाई बाइक

सोमवार को एमएस धोनी ने चेन्नई के पास इरुनगाटुकोटई में बने मद्रास इंटरनेशनल सर्किट पर सुपरबाइक चलाई। धोनी एक प्रमोशनल इवेंट में पहुंचे थे, जहां उन्होंने रेसिंग ट्रैक पर TVS Eurogrip के नए बाइक टायरों की टेस्ट राइड की है। धोनी ने यहां परमानेंट रेसिंग सर्किट पर बाइक चलाकर एक लैप पूरी की है। राइड खत्म होने के बाद जैसे ही वह पिट लेन पहुंचे, वहां मौजूद फोटोग्राफरों ने उनकी तस्वीरें और वीडियो लेने के लिए उन्हें चारों ओर से घेर लिया। उनकी बाइक राइड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

फैंस को पसंद आ रहा वीडियो

राइड पूरी करने के बाद महेंद्र सिंह धोनी का अंदाज फैंस को खूब पसंद आया। जैसे ही उन्होंने हेलमेट उतारा और पिट लेन के पास मौजूद दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया, वहां मौजूद लोगों ने जोरदार उत्साह दिखाया। इस पूरे पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने धोनी के स्टाइल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। धोनी आईपीएल 2026 के बाद से क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इन दिनों धोनी अपना ज्यादातर समय रांची स्थित अपने गैराज में बिताते हैं, साथ ही ब्रांड से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं और परिवार के साथ समय बिता रहे हैं।

 

आईपीएल 2026 में बाहर हो गए थे

महेंद्र सिंह धोनी के आईपीएल भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। फैंस के बीच ये सवाल बना हुआ है कि क्या वह अब क्रिकेट को अलविदा कहेंगे या फिर 2027 के आईपीएल सीजन में एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगे। फिलहाल, धोनी ने इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। धोनी 2026 के आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा थे, लेकिन चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके। धोनी को मैदान पर देखने की उम्मीद लेकर स्टेडियम पहुंचने वाले फैंस को उस समय निराशा हाथ लगी। इतना ही नहीं वह टीम के साथ कई अवे मैचों में भी नजर नहीं आए, जिससे उनके समर्थकों की मायूसी और बढ़ गई।

टी दिलीप: बेस्ट फील्डर मेडल की संस्कृति लाने वाले कोच ने लिखा भावुक पोस्ट

भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक पोस्ट लिखा।

टी दिलीप ने लिखा” एक ऐसे सफ़र के लिए सही शब्द ढूँढना मुश्किल है जो मेरे लिए बहुत मायने रखता है।जब मैं पहली बार इस टीम से जुड़ा, तो मेरा मकसद बस एक ही था – हर दिन अपना सब कुछ झोंक देना।

उस खेल में योगदान देने का मेरा तरीका हमेशा से फील्डिंग ही रहा है जिसे मैं बहुत प्यार करता हूँ, और मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मुझे इस टीम के सफ़र का हिस्सा बनने का मौका मिला।फील्डिंग मेडल हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा। ड्रेसिंग रूम में इसने जो उत्साह पैदा किया, जो मुस्कान बिखेरी और खिलाड़ियों ने इसे जो अहमियत दी – ये सब ऐसी यादें हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी।

इन उपलब्धियों का हिस्सा बनने पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा:

  • दो ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप जीत (2024 और 2026)
  • ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत (2025)
  • दो एशिया कप जीत (2023 और 2025)
  • ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और ICC मेन्स क्रिकेट ODI वर्ल्ड कप (2023) में रनर-अप
  • वर्ल्ड स्टेज पर कई यादगार सफ़र

मुझ पर भरोसा करने और भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका देने के लिए BCCI और भारतीय क्रिकेट टीम का दिल से शुक्रिया। राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर, आपके भरोसे के लिए धन्यवाद। आप दोनों के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा।

रोहित शर्मा, सूर्या कुमार, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर, आप सभी के साथ काम करना और आपके कप्तानी के समय में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हर खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्य को… धन्यवाद। हमने साथ में जो यादें बनाई हैं, वे ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगी।

जैसे ही यह अध्याय समाप्त हो रहा है, मैं हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगा कि मुझे पाँच यादगार वर्षों तक भारत का बैज पहनने का सम्मान मिला।हमेशा आभारी रहूँगा। सफ़र जारी है।”

T Dilip

भारत के क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप ने खुलासा किया कि वह ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में खिलाड़ियों के समूहों के बीच क्षेत्ररक्षण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना पसंद करते हैं क्योंकि इससे सही माहौल बनाने में मदद मिलती है।हाल ही में हुए एक प्रशिक्षण सत्र की बारीकियों को समझाते हुए दिलीप ने कहा कि उन्होंने गेंद को सीमा रेखा से वापस फेंकने पर काम किया। इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था।उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी लोग एक साथ मिलकर टीम ड्रिल करें लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे मैच के लिए भी तैयार हों।’’

गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाइल से खुश नहीं BCCI! सीनियर प्लेयर्स ने की शिकायत, अहम होगी श्रीलंका सीरीज

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई से अब गौतम गंभीर को पहले जैसा मजबूत समर्थन नहीं मिल रहा है। पिछले एक साल के मुकाबले उनकी स्थिति बदल गई है और टीम के प्रदर्शन को लेकर उन पर दबाव बढ़ गया है। टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद बोर्ड के कुछ अधिकारियों और टीम से जुड़े कुछ लोगों के बीच उनके काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि, बोर्ड और टीम से जुड़े कुछ अहम लोगों का भरोसा भी पहले जैसा नहीं रहा।

गंभीर से खुश नहीं बीसीसीआई

cricblogger.com की रिपोर्ट्स के अनुसार, गंभीर कभी भी हार की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, वह हार का ठीकरा किसी और के सिर फोड़ते हैं। बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों का मानना है कि टीम की हार के बाद गौतम गंभीर अक्सर खिलाड़ियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) या सपोर्ट स्टाफ को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं टीम प्रबंधन के फैसलों की जिम्मेदारी कम ही लेते हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि इस सोच का असर अब भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में भी देखने को मिल रहा है। वहीं टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने निजी तौर पर पूर्व क्रिकेटरों और बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों के सामने गौतम गंभीर के कोचिंग के तरीके पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

श्रीलंका दौरा होगा अहम

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के भीतर गौतम को लेकर माहौल पहले जैसा नहीं रहा है। ऐसे में श्रीलंका दौरा गौतम गंभीर के लिए काफी अहम माना जा रहा है। अगर इस सीरीज में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, तो उनके कामकाज पर सवाल और बढ़ सकते हैं। हाल के टेस्ट मुकाबलों और इंग्लैंड दौरे में खराब प्रदर्शन के बावजूद गंभीर को उनके 2027 तक के कॉन्ट्रैक्ट का सहारा है। माना जा रहा है कि विश्व कप से पहले बीसीसीआई जल्दबाजी में मुख्य कोच को हटाने जैसा बड़ा फैसला नहीं करेगा।

कब उठे थे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद गौतम गंभीर पर ज्यादा सवाल नहीं उठे थे, क्योंकि उस समय हार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से खिलाड़ियों पर डाली गई थी। बाद में उनकी आलोचना तब बढ़ी जब उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की वजह बदलाव के दौर (ट्रांजिशन) को बताया। आलोचकों ने इस पर सवाल उठाए, क्योंकि अपने कार्यकाल की शुरुआत में गंभीर खुद कह चुके थे कि टीम में किसी तरह का ट्रांजिशन नहीं चल रहा है।

Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान! भारतीय क्रिकेट का एक और सुनहरा अध्याय खत्म

Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने फैंस को संन्यास की जानकारी दी, जिसके बाद रहाणे काफी भावुक हो गए। बता दें कि वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी नहीं खलेंगे।

रहाण ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। हर दिन, हर पारी, बैटिंग का हर मौका—सब कुछ। सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का था। मैंने हमेशा एक ही नियम माना: अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया, तब से इंडियन क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे गर्व है कि पिछले 20 सालों में मैं इसका हिस्सा रहा हूं।”

मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए हैं। उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं।

वनडे क्रिकेट में भी रहाणे ने भारत के लिए अहम योगदान दिया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

इसके अलावा, रहाणे ने भारत के लिए 20 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। इस फॉर्मेट में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद के प्लान बताए

मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वे खेल से जुड़े रहेंगे और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर भले ही खत्म हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को साझा करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया है। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। क्रिकेट खेलने की खुशी, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने के सफ़र में कई जीत और हार मिलीं। यही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।”

उन्होंने अंतिम में कहा कि “BCCI, MCA, मेरे साथियों, मेरे कोचों, हर IPL फ्रैंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, मेरे दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। और उन सभी क्रिकेट फैंस का खास शुक्रिया जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन किया। अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्याद बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा। और वह है आपके दिलों में। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप #278 अब विदा ले रहा है।”

अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। करीब एक दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। 38 साल के रहाणे ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था और तब से अब तक भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।

नेशनल सेलेक्टर की नजर से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

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