
बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में हैट्रिक ली। इसी के साथ वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले अपने देश के पहले तेज गेंदबाज बने गये।
महमूद ने अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में यह कारनामा किया। उन्होंने विरोधी टीम की बल्लेबाजी लाइन-अप को तहस-नहस करते हुए एक और बार पारी में पांच विकेट लिए। दाएं हाथ के यह गेंदबाज टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के तीसरे खिलाड़ी और ऐसा करने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं।
उनसे पहले आलोक कपाली (2003 में पाकिस्तान के खिलाफ) और सोहाग गाजी(2013 में न्यूजीलैंड के खिलाफ) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। टेस्ट मैच में लगातार तीन विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब महमूद भी शामिल हो गए हैं।
महमूद ने सबसे पहले इस्मत आलम को छकाया और उनका ऑफ़-स्टंप उखाड़ दिया, इसके बाद उन्होंने लगातार गेंदों पर क़ैस अहमद और ज़िया-उर-रहमान को आउट करके यह दुर्लभ हैट्रिक पूरी की।
महमूद ने टेस्ट के तीसरे दिन स्टंप्स के समय कहा, “यह बहुत ही शानदार एहसास है।” उस समय बांग्लादेश अपनी दूसरी पारी में 223/6 के स्कोर पर था और कुल मिलाकर 329 रनों की बढ़त बना चुका था। जब आप गेंदबाज़ी शुरू करते हैं और विकेट से गेंद को मूव होते देखते हैं, तो आप सीधा हाथ रखकर गेंदबाज़ी करने, गेंद को स्विंग कराने और विकेट लेने की कोशिश करते हैं। मैं बस यही कोशिश कर रहा था और अपनी प्रक्रिया का पालन कर रहा था। सुबह के समय गेंद को इस तरह से मूव होते देखकर मुझे खुशी हुई।”
Hasan Mahmud becomes the third Bangladesh bowler to take a Test hat-trick https://t.co/y65rR2LTyL
— Test Addition (@testcricburger) October 11, 2026
अफगानिस्तान के खिलाफ यह मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण का हिस्सा नहीं है, लेकिन महमूद का फ़ॉर्म उतना ही शानदार रहा। उन्होंने तीसरे दिन कुल चार विकेट लिए और 21 किफायती ओवरों में 5/55 के आंकड़े के साथ अपना स्पेल पूरा किया। महमूद ने हैट्रिक लेने में मदद के लिए बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास को श्रेय दिया। इन दोनों ने ही उन्हें ज़िया-उर-रहमान के ख़िलाफ पगबाधा के फैसले पर रिव्यू लेने के लिए मनाया, जिससे वह यह कारनामा कर सके।
महमूद ने कहा, “पिछले दिन मुझे पूरे दिन में सिर्फ़ एक विकेट मिला था, लेकिन मैं बिल्कुल भी घबराया हुआ नहीं था। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। पहली पारी में हमने कुछ डीआरएस गंवा दिए थे, इसलिए हर कोई डीआरएस के बारे में सोच रहा था कि गेंद स्टंप्स पर लगेगी या नहीं। कप्तान और लिटन दास को इसका श्रेय जाता है। वे आपस में बात कर रहे थे और फिर उन्होंने मुझे बताया कि गेंद स्टंप्स पर लगेगी, इसलिए मैंने रिव्यू ले लिया। मुझे बस लगा कि मुझे सीधी गेंद डालनी चाहिए। बस इतना ही। गेंद को अपना काम करने दिया। इसलिए मैंने सही लाइन पकड़ी और स्टंप्स के ऊपरी हिस्से पर गेंद डाली।”







