IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

टी दिलीप: बेस्ट फील्डर मेडल की संस्कृति लाने वाले कोच ने लिखा भावुक पोस्ट

भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक पोस्ट लिखा।

टी दिलीप ने लिखा” एक ऐसे सफ़र के लिए सही शब्द ढूँढना मुश्किल है जो मेरे लिए बहुत मायने रखता है।जब मैं पहली बार इस टीम से जुड़ा, तो मेरा मकसद बस एक ही था – हर दिन अपना सब कुछ झोंक देना।

उस खेल में योगदान देने का मेरा तरीका हमेशा से फील्डिंग ही रहा है जिसे मैं बहुत प्यार करता हूँ, और मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मुझे इस टीम के सफ़र का हिस्सा बनने का मौका मिला।फील्डिंग मेडल हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा। ड्रेसिंग रूम में इसने जो उत्साह पैदा किया, जो मुस्कान बिखेरी और खिलाड़ियों ने इसे जो अहमियत दी – ये सब ऐसी यादें हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी।

इन उपलब्धियों का हिस्सा बनने पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा:

  • दो ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप जीत (2024 और 2026)
  • ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत (2025)
  • दो एशिया कप जीत (2023 और 2025)
  • ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और ICC मेन्स क्रिकेट ODI वर्ल्ड कप (2023) में रनर-अप
  • वर्ल्ड स्टेज पर कई यादगार सफ़र

मुझ पर भरोसा करने और भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका देने के लिए BCCI और भारतीय क्रिकेट टीम का दिल से शुक्रिया। राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर, आपके भरोसे के लिए धन्यवाद। आप दोनों के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा।

रोहित शर्मा, सूर्या कुमार, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर, आप सभी के साथ काम करना और आपके कप्तानी के समय में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हर खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्य को… धन्यवाद। हमने साथ में जो यादें बनाई हैं, वे ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगी।

जैसे ही यह अध्याय समाप्त हो रहा है, मैं हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगा कि मुझे पाँच यादगार वर्षों तक भारत का बैज पहनने का सम्मान मिला।हमेशा आभारी रहूँगा। सफ़र जारी है।”

T Dilip

भारत के क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप ने खुलासा किया कि वह ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में खिलाड़ियों के समूहों के बीच क्षेत्ररक्षण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना पसंद करते हैं क्योंकि इससे सही माहौल बनाने में मदद मिलती है।हाल ही में हुए एक प्रशिक्षण सत्र की बारीकियों को समझाते हुए दिलीप ने कहा कि उन्होंने गेंद को सीमा रेखा से वापस फेंकने पर काम किया। इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था।उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी लोग एक साथ मिलकर टीम ड्रिल करें लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे मैच के लिए भी तैयार हों।’’

Ajinkya Rahane: लॉर्ड्स से गाबा तक… अजिंक्य रहाणे की वो यादगार पारियां, जिन्हें क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूलेंगे

Ajinkya Rahane: अजिंक्य रहाणे ने 12 साल लंबे अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। भारत के सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रहाणे विदेशी जमीन पर शानदार बल्लेबाजी, स्लिप में बेहतरीन फील्डिंग और मुश्किल समय में टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए जाने जाते थे।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने 28 साल बाद लॉर्ड्स में भारत को टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, एडिलेड टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद चोटों से जूझ रही भारतीय टीम की मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की दिलाई, जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने लॉर्ड्स में 28 साल बाद भारत की टेस्ट जीत में अहम योगदान दिया। वहीं, एडिलेड टेस्ट में हार के बाद जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए भारत को शानदार जीत दिलाई। जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

इसके अलावा, विदेशी दौरों पर लगाए गए उनके शानदार शतक, गॉल टेस्ट में स्लिप में रिकॉर्ड कैच, और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में खेली गई यादगार पारी भी उनके इंटरनेशनल करियर के सबसे खास पलों में शामिल हैं।

टीम इंडिया के लिए अजिंक्य रहाणे के आंकड़ों पर एक नजर:

हालांकि रहाणे ने भारत के लिए तीनों फ़ॉर्मेट में खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी छाप छोड़ी। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों के साथ 5,077 रन बनाए, जिनमें से कई बेहतरीन पारियां मुश्किल विदेशी हालात में खेली गईं। 2013 और 2016 के बीच, उन्होंने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाकर खुद को भारत के प्रमुख विदेशी दौरे वाले बल्लेबाज के तौर पर स्थापित किया। बाद में उन्होंने विराट कोहली के उप-कप्तान और जरूरत पड़ने पर कप्तान के तौर पर भी भूमिका निभाई।

भारत के लिए अजिंक्य रहाणे के यादगार पल

  1. लॉर्ड्स में शतक (इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन, 2014)

साल 2014 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। मुश्किल पिच पर जब भारतीय टीम 145 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी, तब रहाणे ने शानदार 103 रन बनाकर टीम को संकट से बाहर निकाला था। भुवनेश्वर कुमार के साथ उनकी साझेदारी ने पहली पारी में भारत का स्कोर 295 तक पहुँचाया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालाँकि भारत की दूसरी पारी में रहाणे ‘गोल्डन डक’ (पहली ही गेंद पर आउट) का शिकार हुए, लेकिन उनका शतक बहुत अहम साबित हुआ। इसके बाद इशांत शर्मा ने सात विकेट लिए और भारत को 95 रनों से जीत दिलाई, जिससे इस मशहूर मैदान पर टेस्ट जीत का भारत का 28 साल का इंतजार खत्म हुआ।

  1. MCG में कप्तान का शतक (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन, 2020)

2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था, जिसके बाद टीम को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी बीच विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर घर लौट गए और कई खिलाड़ी भी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए। ऐसे मुश्किल समय में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए दूसरे टेस्ट में रहाणे ने दबाव के बीच 223 गेंदों पर शानदार 112 रन की कप्तानी पारी खेली। उनकी इस पारी और बेहतरीन कप्तानी की बदौलत भारत ने 8 विकेट से जीत हासिल की और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।

दौरे के बाकी मैचों में रहाणे की शांत कप्तानी निर्णायक साबित हुई, क्योंकि उन्होंने कई प्रमुख गेंदबाजों के बिना चोटिल टीम का नेतृत्व करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गढ़ गाबा में एक यादगार जीत दर्ज की और सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। बता दें कि एडिलेड में शर्मनाक हार के बाद की गई यह शानदार वापसी भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार विदेशी टेस्ट जीतों में गिनी जाती है, जिसमें रहाणे की शांत का नेतृत्व सबे अहम रहा।

  1. मेलबर्न (2014) में शानदार जवाबी हमला करते हुए 147 रन

साल 2014 में मेलबर्न टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करते हुए, रहाणे ने 171 गेंदों पर शानदार 147 रन बनाए और चौथे विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 262 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को फॉलो-ऑन से बचाया और सीरीज के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शनों में से एक में कड़े संघर्ष के बाद मैच ड्रॉ कराया।

  1. न्यूजीलैंड के खिलाफ़ करियर का सर्वश्रेष्ठ 188 रन (2016)

साल 2016 में इंदौर टेस्ट में रहाणे ने अपना अब तक का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर 188 रन बनाया। उन्होंने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 365 रनों की विशाल पार्टनरशिप की, जिसकी बदौलत भारत ने पहली पारी में 5 विकेट पर 557 रन घोषित किए। बता दें कि भारत ने यह मुकाबला 321 रन के बड़े अंतर से जीता था और 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। रहाणे की यह पारी उनके टेस्ट करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है।

  1. गाले में वर्ल्ड-रिकॉर्ड कैचिंग का प्रदर्शन (2015)

अपनी बैटिंग के अलावा, रहाणे ने स्लिप में भी शानदार खेल दिखाया। गाले में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक मैच में आठ कैच लिए, जो उस समय किसी नॉन-विकेटकीपर द्वारा टेस्ट मैच में लिए गए सबसे ज्यादा कैच थे। इससे उनके बेहतरीन रिफ्लेक्स और सुरक्षित हाथों का पता चला। बाद में 10 साल बाद एडेन मार्करम ने यह रिकॉर्ड तोड़ा, जब उन्होंने नवंबर 2025 में गुवाहाटी में भारत के खिलाफ नौ कैच लिए।

  1. WTC फाइनल में वापसी (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 और 46 रन, 2023)

टेस्ट टीम से लगभग 18 महीने बाहर रहने के बाद, मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL में जबरदस्त वापसी के दम पर रहाणे को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए अचानक टीम में वापस बुलाया गया। श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद उन्हें प्लेइंग XI में शामिल किया गया और रहाणे ने ‘द ओवल’ पर भारत के सबसे अच्छे बल्लेबाज के तौर पर खेलकर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित किया।

जब भारत का स्कोर 71/4 हो गया था, तब उन्होंने पहली पारी में संघर्षपूर्ण 89 रन बनाए और दूसरी पारी में 46 रन जोड़े। साथ ही, इस मैच के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन पूरे करने का मील का पत्थर भी हासिल किया। भले ही भारत फाइनल हार गया, लेकिन रहाणे की वापसी वाली पारियों ने सबसे बड़े मंच पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर उनकी अहमियत को साबित कर दिया।

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IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। वहीं इस मुकाबले में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी होगी। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी होगी। बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम दिया गया है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के लिए भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आगामी क्रिकेट सीजन की तैयारी तेज कर दी है।

प्रैक्टिस करते नजर आए बुमराह

हाल ही में वह अहमदाबाद में प्रैक्टिस के दौरान लाल गेंद से गेंदबाजी करते नजर आए। बुमराह ने अपने इंस्टाग्राम पर ट्रेनिंग सेशन की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें वह पूरी लय के साथ प्रैक्टिस करते दिखे। आईपीएल के बाद छोटे ब्रेक के बाद वह गुजरात की घरेलू टीम के खिलाड़ियों के साथ लगातार नेट्स में पसीना बहा रहे हैं, ताकि आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।

 

इंग्लैड के खिलाफ खेलेंगे मुकाबला

जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज से आराम दिया गया है, ताकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट संभाला जा सके। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। यह सीरीज 14 जुलाई से बर्मिंघम में शुरू होगी, जबकि इसके बाद बाकी मुकाबले 16 जुलाई को कार्डिफ और 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेले जाएंगे।

इससे पहले कब खेले थे वनडे मैच

इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह लंबे समय बाद 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद कोई वनडे मैच नहीं खेला था, क्योंकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट रखने के लिए उन्हें आराम दिया गया था। हाल ही में वह अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टेस्ट और वनडे सीरीज का भी हिस्सा नहीं थे। अब बुमराह सितंबर में जापान के एशियन गेम्स में टी20 टीम से जुड़ेंगे और इसके बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी भारतीय गेंदबाजी की अहम जिम्मेदारी संभालते नजर आएंगे।

न्यूजीलैंड से होगा भारत का मुकाबला

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दोनों मुकाबले स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होंगे। इसके बाद भारत नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की अहम सीरीज खेलेगा। फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारत नौ मैचों के बाद 48.15 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह का अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम की नजर WTC फाइनल में जगह बनाने पर होगी।

जसप्रीत बुमराह का टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अब तक 52 टेस्ट मैचों में 234 विकेट और 89 वनडे मुकाबलों में 149 विकेट अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि श्रीलंका दौरा उनके करियर का पहला मौका होगा, जब वह वहां टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे।

महिला विश्वकप के कारण भारत आयरलैंड सीरीज में हुआ समय का बदलाव

क्रिकेट आयरलैंड ने पुष्टि की कि भारत के खिलाफ दो टी 20 मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे, जो भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे है। आम तौर पर, भारत के टी20 इंटरनेशनल मैच शाम 7 बजे शुरू होते हैं, लेकिन इस बार रविवार (28 जून) को होने वाले भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला वर्ल्ड कप मैच को देखते हुए शुरुआत का समय जानबूझकर एक घंटा पहले कर दिया गया है।

हरमनप्रीत कौर की भारतीय टीम का वह अहम मैच लॉर्ड्स में शाम 7 बजे शुरू होना है। स्पिनी कप के लिए खेले जाने वाले ये दो मैच फिर भी कुछ हद तक टकराएंगे, लेकिन समय में यह बदलाव ओवरलैप को कम से कम आंशिक रूप से कम करने के लिए किया गया है। क्रिकेट आयरलैंड ने क्रिकबज को पुष्टि की कि भारत के मैचों के शुरू होने का समय तय करते समय महिला वर्ल्ड कप मैच को ध्यान में रखा गया है।

शुक्रवार (26 जून) और रविवार (28 जून) को होने वाले इन मैचों के आयोजक क्रिकेट आयरलैंड ने भारतीय मीडिया पार्टनर, सोनी स्पोर्ट्स के साथ इस मामले पर चर्चा की थी। आदर्श स्थिति में, ब्रॉडकास्टर भारत के टी 20 मैचों के लिए शाम 7 बजे का समय पसंद करता, लेकिन माना जाता है कि सोनी स्पोर्ट्स टकराव को कम करने (भले ही आंशिक रूप से) के लिए बदले हुए समय पर सहमत हो गया है।

आयरलैंड सीरीज़ के ठीक बाद इंग्लैंड में होने वाले पांच टी 20 मैचों के शुरू होने का समय अलग-अलग है। जहां दो मैच पारंपरिक शाम 7 बजे के स्लॉट में शुरू होंगे – 4 जुलाई को मैनचेस्टर में दूसरा टी 20 और 11 जुलाई को साउथेम्प्टन में पांचवां टी 20 – वहीं चेस्टर-ले-स्ट्रीट, नॉटिंघम और ब्रिस्टल में होने वाले अन्य तीन मैच रात 10 बजे शुरू होने हैं।

टी 20 सीरीज़ के बाद तीन वनडे मैच खेले जाएंगे, जो सभी तय समय के अनुसार भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होंगे। भारत में इंग्लैंड सीरीज़ के ब्रॉडकास्टर सोनी स्पोर्ट्स (लीनियर) और जियोस्टार (डिजिटल) हैं। श्रीलंका में तीन और टी 20 मैच होने की संभावना कम इस बीच, क्रिकबज़ को पता चला है कि अगस्त के दूसरे भाग में भारत के श्रीलंका दौरे (जिसमें दो टेस्ट मैच शामिल हैं) में तीन और टी 20 मैच जोड़े जाने की संभावना कम है।

इन अतिरिक्त मैचों की संभावना पर काफी चर्चा हुई है, और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने यह भी कहा था कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अब ऐसा लग रहा है कि ये अतिरिक्त मैच नहीं हो पाएंगे। ये दो टेस्ट मैच, जो मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र का हिस्सा हैं, 15 से 27 अगस्त के बीच खेले जाने हैं। क्रिकबज़ ने बीसीसीआई और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) दोनों को मैसेज भेजे।

जसप्रीत बुमराह को खतरा, यह कीवी पेसर भी बना टॉप टेस्ट गेंदबाज

न्यूजीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ मैट हेनरी आईसीसी मेन्स टेस्ट प्लेयर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। यह बदलाव ‘द ओवल’ में हुई आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप सीरीज़ के दूसरे मैच के बाद हुआ, जिसे मेहमान टीम ने 253 रनों से जीतकर सीरीज़ 1-1 से बराबर कर दी।हेनरी ने मैच में 109 रन देकर 11 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के दम पर बॉलिंग रैंकिंग में भारत के तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की बराबरी कर ली।36 साल में पहली बार न्यूजीलैंड की ओर से कोई गेंदबाज नंबर 1 टेस्ट रैंकिंग पर पहुंचा है।

ऐसे में, हेनरी के पॉइंट्स का आंकड़ा टेस्ट इतिहास में न्यूज़ीलैंड के केवल दो खिलाड़ियों (बल्लेबाज़ या गेंदबाज़) से ही कम रहा है। नवंबर 2024 में कगिसो रबाडा को पीछे छोड़ने के बाद से बुमराह अकेले टॉप पोजीशन पर काबिज़ थे। ‘द ओवल’ टेस्ट के बाद रैंकिंग में ऊपर चढ़ने वाले अन्य गेंदबाज़ों में जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर चढ़कर 50वें) और जैकब बेथेल (29 स्थान ऊपर चढ़कर 85वें) शामिल हैं।

WTC Points Table: न्यूजीलैंड की बड़ी जीत के बाद भारत किस नंबर पर? जानें WTC टेबल का पूरा समीकरण

इंग्लैंड के द ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 253 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ कीवी टीम ने 3 मैचों की सीरीज में वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का फैसला ट्रेंट ब्रिज में खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी टेस्ट मुकाबले में होगा। इस मुकाबले के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में शीर्ष स्थानों पर कोई बदलाव नहीं हुआ।

ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि साउथ अफ्रीका दूसरे और श्रीलंका तीसरे नंबर पर कायम हैं। इस जीत ने न्यूजीलैंड की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के टेबल में अपनी मजबूत जगह बना ली है। वहीं इस जीत के बाद भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के टेबल में किस नंबर पर है।

भारतीय टीम कौन से स्थान पर

इस जीत का फायदा न्यूजीलैंड को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंक तालिका में भी मिला। टीम का पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) बढ़कर 66.67 हो गया, जिससे फाइनल की दौड़ में उसकी स्थिति और मजबूत हुई। वहीं इंग्लैंड को हार का नुकसान उठाना पड़ा और उसका PCT 37.88 से घटकर 34.72 रह गया। वहीं, इस मुकाबले के बाद दोनों टीमों की अंक तालिका में स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। श्रीलंका की टीम तीसरे स्थान पर है। वहीं भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की टेबल में 6वें स्थान पर ही है। भारत ने अब तक कुल 9 मैच खेले चुकी है। इंग्लैंड 7वें नंबर, पाकिस्तान 8वें और वेस्टइंडीज 9वें नंबर पर है।

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कैसे कैलकुलेट होते हैं WTC पॉइंट्स

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में किसी टीम को जीत पर 12 अंक, टाई पर 6 अंक और ड्रॉ पर 4 अंक मिलते हैं। वहीं, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका कुल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) के आधार पर तय की जाती है। WTC के साइकिल के आखिर में टॉप दो टीमें 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सिर्फ मैच के नतीजे ही नहीं, बल्कि ओवर रेट भी टीमों की रैंकिंग पर असर डालता है।

वहीं अगर कोई टीम तय समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाती, तो उसके अंक काटे जा सकते हैं। मौजूदा चक्र में इंग्लैंड के 2 अंक और पाकिस्तान के 8 अंक इसी वजह से कम किए गए हैं। इन कटौतियों का असर दोनों टीमों के पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) और अंक तालिका में उनकी स्थिति पर भी पड़ा है।