Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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गौतम गंभीर के बर्थ डे पर जीत का गिफ्ट नहीं दे पाई इंडिया, इंडीज ने 24 रनों से हराया

INDvsWI गौतम गंभीर के जन्मदिन की पार्टी तब फीकी पड़ गई जब भारतीय टीम आज हैदराबाद में वेस्टइंडीज से 24 रनों से चौथा टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 24 रनों से हार गई।  इंडीज द्वारा दिया गया 245 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारत 223 रन बनाकर आउट हो गई। सीरीज अब 2-2 से बराबर हो गई है और फाइनल मैच बैंगलूरू में खेला जाएगा। 

245 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की विस्फोटक शरुआत हुई और पहले 4 ओवर में भारत ने 60 रन बनाए जिसमें 56 रन संजू सैमसन के थे। लेकिन इसके बाद कीमो पॉल ने एक ओवर में संजू और ईशान को आउट कर दिया। 

श्रेयस अय्यर भी कुछ खास नहीं कर पाए और 16 रन बनाकर आउट हो गए। भारतीय टीम को असली झटका तब लगा जब अभिषेक शर्मा 29 रन बनाकर आउट हो गए। अगली ही गेंद पर गुडाकेश मोती ने नमन धीर को स्टंप कर दिया। ऐसा लग रहा था मैच भारत से दूर चला गया लेकिन तिलक वर्मा और नितीश कुमार ने हिटिंग जारी रखी। 

एक समय पर 4 ओवर में 59 रनों की दरकार थी। लेकिन तब ही तिलक वर्मा  को रोमारियो ने आउट कर दिया। अगले ओवर में एक बार फिर कीमो पॉल ने 2 नहीं 3 विकेट लेकर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने 4 ओवर में 40 रन देकर 5 विकेट लिए। 

शमार जोसेफ जो लगातार रन दे रहे हैं उन्होंने अंत में अर्शदीप सिंह के बांह में मारकर उनको रिटायर आउट करवा दिया और गौतम गंभीर को जन्मदिन पर एक और सिरदर्द दे दिया।

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IND vs WI: ‘तूफान होकर भी वैभव सूर्यवंशी पिला रहा पानी’ खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने को लेकर भड़के कोच

Vaibhav Sooryavanshi: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज जारी है। पांच मैचों की T20I सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी जगह दी गई है। वहीं उन्हें अभी प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया है। फैंस को वैभव को मैदान पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 15 साल के वैभव ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिल पाया। टीम में ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को प्राथमिकता मिलने के कारण वैभव को फिलहाल बेंच पर रहना पड़ रहा है।

वहीं हाल ही में एक इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने गौतम गंभीर की अगुवाई वाली टीम मैनेजमेंट पर युवा खिलाड़ी को संभालने के तरीके को लेकर सवाल उठाए। आइए जानते हैं कोच ने क्या कहा

बेंच पर बैठकर नहीं तैयार होते खिलाड़ी

सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने स्पोर्ट्स नाउ से कहा, “मेरे हिसाब से, वैभव एक तूफान की तरह है। जो कोई भी उसे रोकने की कोशिश करेगा, वह आखिरकार टूट जाएगा, आज नहीं तो कल।” कोच ने आगे कहा, “मौजूदा भारतीय टीम मैनेजमेंट का मानना है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाकर तैयार किया जा सकता है। लेकिन क्रिकेट के कई दिग्गजों से बात करेंगे तो वे भी यही कहेंगे कि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में उतारना जरूरी है। उन्हें खेलने का मौका देना होगा। बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी न पहले कभी बना है और न आगे बनेगा। खासकर तब, जब आपके पास वैभव जैसा टैलेंट मौजूद हो।”

मैनेजमेंट के रवैये को “तानाशाही” बताया

ओझा ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठाते हुए उनके रवैये को “तानाशाही” जैसा बताया। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि उन्होंने तय कर लिया है कि इस बच्चे को मौका नहीं देना है। उसे बाहर रखेंगे और परेशान करेंगे। वह अभी बेंच पर बैठकर पानी पिला रहा है। मुझे लगता है कि मौजूदा मैनेजमेंट का रवैया एक तरह की तानाशाही जैसा है, जहां वे वही कर रहे हैं जो उन्हें सही लग रहा है।”

एशियन गेम्स में मिला था मौका

2026 के एशियन गेम्स के दौरान टीम इंडिया के T20I की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण के पास थी। उस समय गौतम गंभीर वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में व्यस्त थे। इसी दौरान टीम ने संजू सैमसन को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा और वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका मिला। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I सीरीज में टीम इंडिया ने बल्लेबाजी क्रम में फिर बदलाव किया। संजू सैमसन को दोबारा ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने शुरुआती तीन मुकाबलों में पारी की शुरुआत की। वहीं, वैभव सूर्यवंशी को इन मैचों में प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली और उन्हें बेंच पर बैठकर ही इंतजार करना पड़ा।

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T-20I टीम में बैंच पर बैठे वैभव सूर्यवंशी बिहार का रणजी मैच भी करेंगें मिस

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी बैंच पर बैठे हैं और शायद यह पूरी सीरीज ही वह बैंच पर बैठे क्योंकि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इशारा कर दिया है कि वह विश्व विजेता टीम के संयोजन से खिलवाड़ नहीं करना चाहते। सूर्यवंशी सिर्फ एक वैकल्पिक सलामी बल्लेबाज हैं। ऐसे में वह ना ही राष्ट्रीय टीम के लिए खेल पा रहे हैं और ना ही अपने राज्य बिहार की रणजी टीम के साथ खेल पाएंगे।

वेस्टइंडीज के साथ चल रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी में बिहार की ओर से पहले चार मैच नहीं खेल पाएंगे। बिहार क्रिकेट में चल रही भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से नियुक्त चयनकर्ताओं ने रणजी ट्रॉफी के पहले दो मैचों के लिए बिहार की 17 सदस्यीय टीम का चयन किया है।

बिहार इस बार एलीट ग्रुप में शामिल है और अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर से नवनिर्मित राजगीर क्रिकेट स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के खिलाफ करेगा। टीम का दूसरा मैच 18 अक्तूबर से मेजबान बड़ौदा से होगा। बिहार टीम की अगुवाई साकिबुल गनी करेंगे जबकि हिमांशु सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। वेस्टइंडीज और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा युवा बल्लेबाज सूर्यवंशी टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में टीम के साथ नहीं होंगे।

वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी-20 सीरीज जहां 17 अक्टूबर तक चलेगी, तो वहीं उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भी सूर्यवंशी भारतीय दल के साथ होंगे।

बिहार के पूर्व रणजी कप्तान आशुतोष अमन को प्रमुख कोच बनाया गया है जबकि पूर्व रणजी खिलाड़ी अशोक कुमार एसिस्टेंट कोच की भूमिका में होंगे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज साकिब हुसैन टीम के प्रमुख चेहरों में होंगे।

साकिब ने आईपीएल में 11 मैचों में 26.46 की औसत से 15 विकेट झटके थे। उनके अलावा मुंबई इंडियंस (एमआई) का हिस्सा रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद इजहार को भी टीम में जगह मिली है। इजहार को आईपीएल में डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया था।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव चल रहे हैं। 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार की महिला और सभी एज-ग्रुप टीमों के चयन के लिए बीसीसीआई से मदद का अनुरोध किया। इसके बाद बीसीसीआई ने बिहार की क्रिकेट टीमों के चयन की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और अनुभवी क्रिकेटरों को सौंपी।

इस चयन समिति की अध्यक्षता भारत के पूर्व तेज गेंदबाज हरविंदर सिंह ने की। समिति में तमिलनाडु के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर शरत श्रीधरण और मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमिताभ विजयवर्गीय भी शामिल थे। इसके अलावा प्रशासक अश्विनी कुमार सिंह ने बिहार के पूर्व रणजी कप्तान सुनील कुमार, पूर्व रणजी खिलाड़ी और कोच ज़शान उल यक़ीन और बिहार की पूर्व महिला क्रिकेटर शिखा सोनी को बीसीए के साथ मिलकर काम करने वाली समिती में रखा है।

एलीट ग्रुप ए में बिहार का सामना उत्तर प्रदेश के अलावा बड़ौदा, मध्य प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर, विदर्भ और पुडुचेरी से होगा। बिहार घर में अपने सभी मैच राजगीर में खेलेगा, जो पहली बार किसी प्रथम श्रेणी मैच की मेजबानी करने जा रहा है।

राजगीर के नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार रणजी मुकाबले का आयोजन होने से बिहार के क्रिकेट प्रेमियों में भी खासा उत्साह है। यह मुकाबला न केवल बिहार के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत करेगा, बल्कि राजगीर के इस नए क्रिकेट मैदान को भी आधिकारिक बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट नक़्शे पर स्थापित करेगा।

रणजी ट्रॉफ़ी के लिए बिहार की टीम:– साकिबुल गनी (कप्तान), आयुष लोहारुका, मंगल महरौर, नमन गौरव, पीयूष सिंह, बिपिन कुमार सौरभ(विकेटकीपर), श्रमण निग्रोध (विकेटकीपर), आकाश राज, पृथ्वी राज, हिमांशु सिंह (उप-कप्तान), ख़ालिद आलम, सूरज कुमार कश्यप, साकिब हुसैन, मोहम्मद इज़हार, शब्बीर ख़ान, राघवेंद्र सिंह और आमोद यादव।

आगरकर के लिए टीम सर्वोपरि, इतिहास योगदान याद रखेगा, गंभीर ने किया ट्वीट

अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और न्यूजीलैंड दौरे की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक ट्वीट लिखकर अजीत आगरकर और उनकी उपलब्धियों को गिनाते हुए एक ट्वीट किया है।

गंभीर ने पोस्ट किया, ‘‘प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही। तीन आईसीसी ट्रॉफियां आपके भरोसे की गवाही देती हैं जिसमें हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा गया। मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके योगदान को याद रखेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। ’’

कड़े फैसले लेने के लिए बने थे मुख्य चयनकर्ता

अजीत आगरकर के कार्यकाल ने भारत ने साल 2024 और 2026 का टी-20 विश्वकप और साल 2025 की चैंपियन्स ट्रॉफी जीती। बोर्ड ने उनको कड़े फैसले लेने के लिए भेजा था। अजीत आगरकर ने टी-20 विश्वकप  2024 में रोहित और विराट को शामिल कर पहले ही संदेश दे दिया था कि यह विश्वकप उनका आखिरी है। दोनों ने यह बात मान भी ली थी।

वहीं टेस्ट क्रिकेट में दोनों का फॉर्म खराब हो गया और दोनों को संन्यास लेना पड़ा। अजीत आगरकर की यहां भी जीत हुई। लेकिन जब उन्होंने कहा कि एकदिवसीय विश्वकप के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली अनिर्णित है तब से चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों में रस्साकशी शुरु हो गई और अंत में अजीत आगरकर की हार हुई। उन्होंने टी-20 विश्वकप विजेता सूर्यकुमार यादव को भी टूर्नामेंट जीतने के तुरंत बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

भारत की ओर से 26 टेस्ट और 191 एकदिवसीय मैच खेलने वाले आगरकर ने लाल गेंद की क्रिकेट में 58 और सीमित ओवर की क्रिकेट में 288 विकेट लिए। उन्होंने टीम के लिए दो विश्वकप भी खेले। उनके नाम लॉर्ड्स के मैदान पर एक टेस्ट शतक और लंबे समय तक सबसे सीमित ओवर की क्रिकेट में तेज पजास रन और पचास विकेट का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा।

जापान की सड़कों पर दिखे वैभव सूर्यवंशी, डोरेमोन और नोबिता के रेफरेंस वाला पोस्ट हुआ वायरल

कभी-कभी किसी खिलाड़ी की उम्र सुनकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि वह सच में इतना छोटा है। वैभव सूर्यवंशी के साथ भी कुछ ऐसा ही है। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, दोस्तों और खेल के मैदान में व्यस्त होते हैं, उस उम्र में वैभव भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं।, दो साल में कई IPL शतक लगा चुके हैं। इसके अलावा, कई दिग्गजों के वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं, और शायद इसी वजह से गिनीज बुक वाले भी चक्कर खाने लगे हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि वह अभी भी 15 साल का बच्चा है और 2011 वर्ल्ड कप फाइनल से बस 6 दिन बड़ा है।

वहीं, कभी-कभी वैभव खुद भी कुछ ऐसा कर देते हैं, जिससे हमें उसकी उम्र याद आ जाती है। बुधवार को सूर्यवंशी ने जापान के टोक्यो में 2026 एशियन गेम्स के दौरान बिताए समय की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। बता दें कि यह एक भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटर के तौर पर उसका पहला मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट है।

सूर्यवंशी ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘नोबिता के शहर से रिपोर्टिंग’। यह जापानी एनिमेटेड टीवी सीरीज ‘Doraemon’ के संदर्भ में था, जो टोक्यो पर आधारित है और भारत में बहुत लोकप्रिय है।

सूर्यवंशी ने पोस्ट में Doraemon Cat की तस्वीर भी शामिल की। ​​इस शो में Doraemon नाम की एक रोबोटिक बिल्ली है, जो 22वीं सदी से समय में पीछे की ओर यात्रा करके आती है। उसका मुख्य काम नोबिता नोबी नाम के एक युवा, नेक-नीयत लेकिन अनाड़ी स्कूली लड़के की मदद करना है।

बता दें कि वैभव ने इस साल अप्रैल में IPL के दौरान अपने मैच रूटीन के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि, “दिमाग में कुछ नहीं चलता है। आज भी हर दिन मैच से पहले हम भी कार्टून देखते हैं, आदत है देखने का। अभी भी हम कार्टून देख रहे हैं, पर फोकस गेम पर भी है।”

अब यह देखना बाकी है कि क्या सूर्यवंशी को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। भारत की पुरुष क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर से करेगी। बता दें कि यह युवा बल्लेबाज अफगानिस्तान खिलाफ बिल्कुल नहीं खेला और जापान के खिलाफ़ हाल ही में हुए एकमात्र T20I मैच में भी बेंच पर ही बैठा रहा। वहीं, टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें सही समय का इंतजार करने की सलाह दी है।

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Vaibhav Sooryavanshi: आज भारत में होगा वैभव सूर्यवंशी का T20 डेब्यू? टूटेंगे कई रिकॉर्ड

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का पहला टी20 मुकाबला आज यानि 13 सितंबर को खेला जाएगा। ये तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। वहीं अगर इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी खेलने का मौका मिलता है, तो एक खास रिकॉर्ड बना लेंगे। आज वैभव अगर खेलते हैं तो वह भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले किसी फुल-मेंबर टीम के सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन सकते हैं। वैभव ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है और अब उनकी नजर एक और बड़ी उपलब्धि पर है।

वैभव का रिकॉर्ड

वैभव सूर्यवंशी अब पहली बार भारतीय मैदान पर टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने उतर सकते हैं। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना डेब्यू किया था। डेब्यू के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। टी20 इंटरनेशनल में अबतक वैभव सूर्यवंशी ने कुल 6 मैच खेले हैं। 6 मैचों की पारी में वैभव ने 32.16 की औसत के साथ 193 रन बनाए हैं। इससे पहले जिम्बावे दौरे पर वैभव ने शानदार पारी खेली थी।

संजू की जगह वैभव को मिलेगा मौका

इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को संजू सैमसन की जगह टीम की प्लेइंग XI में शामिल किया गया था। वहीं फिर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज सैमसन की टीम में वापसी हुआ और वैभव को बाहर बैठना पड़ा था। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी उनकी जगह को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। फिर भी उम्मीद है कि तीन मैचों की सीरीज में वैभव को कम से कम एक मैच खेलने का मौका जरूर मिल सकता है।

भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी चुनना मुश्किल

भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में ओपनिंग जोड़ी चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पहले साथ में अच्छी बल्लेबाजी की है, इसलिए दोनों को फिर से ओपनिंग का मौका मिल सकता है। वहीं, युवा वैभव सूर्यवंशी भी टीम में हैं और अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित कर चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने तीनों में से सही खिलाड़ियों को चुनने की चुनौती होगी। एशियन गेम्स से पहले यह देखना खास होगा कि कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर वैभव और सैमसन को किस तरह मौके देते हैं।

भारत में कम उम्र में इंटरनेशल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी

भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने दिसंबर 1990 में पुणे में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच खेला था, तब उनकी उम्र 17 साल 253 दिन थी। वहीं, अफगानिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी भी एक बड़ी उपलब्धि के करीब हैं। उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2500 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 52 रन चाहिए। दूसरी ओर, राशिद खान भी टी20 क्रिकेट में 200 विकेट पूरे करने से केवल 7 विकेट दूर हैं और ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बन सकते हैं।

गौतम गंभीर ने चली रोहित शर्मा को एकदिवसीय टीम से निकाले के लिए अंतिम चाल

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर रोहित शर्मा को एकदिवसीय टीम से बाहर निकालने के सारे पैंतरे आजमा चुके हैं। बल्लेबाज रोहित शर्मा का फॉर्म भी खासा खराब है लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने रिव्यू मीटिंग में ब्रैंड रोहित शर्मा को बचा लिया। ऐसे में सभी तरफ से विफल होकर गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा को  एकदिवसीय टीम से बाहर निकालने के लिए एक और पासा फेंका है और शायद यह उनकी अंतिम चाल भी हो सकती है।

गौरतलब है कि श्रेयस अय्यर एशियाई खेलों के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरु होने वाली एकदिवसीय सीरीज का हिस्सा नहीं रहेंगें। ऐसे में टीम के पास नंबर 4 पर बल्लेबाजी का विकल्प खाली रहेगा। गौतम गंभीर कप्तान शुभमन गिल को उस जगह बल्लेबाजी करने को कह सकतें हैं ताकि यशस्वी जायसवाल को ना केवल टीम में लाया जा सके उनको रोहित शर्मा के साथ सलामी बल्लेबाजी कराई जा सके। इससे दोनों के बीच प्रतियोगिता शुरु हो जाएगी और गंभीर का मानना है यशस्वी के आगे रोहित फ्लॉप हो जाएंगे जिससे उनका काम आसान हो जाएगा।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की रिव्यू मीटिंग में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बीसीसीआई और मुख्य चयनकर्ता एक राय पर नहीं दिखे। जब यह खबर आई कि चयनकर्ता 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित को नहीं चाहते और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच होगा, तो बीसीसीआई ने तुरंत इसका खंडन किया। लगभग ऐसा ही जवाब बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने इस बार दिया है।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

मुख्य चयनकर्ता और चयनसमिती की पसंद यशस्वी जायसवाल 

एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए मुख्य चयनकर्ता और चयन समिती की पहली पसंद यशस्वी जासवाल है जो 3 पारियो में दो एकदिवसीय शतक लगा चुके हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जमाया था। लेकिन बोर्ड संभवत प्रसारणकर्ता के दबाव के कारण बुरे फॉर्स से गुजर रहे रोहित शर्मा को बरकरार रखना चाहती है।

रोहित शर्मा का साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि लॉर्ड्स पर उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलो, इन 3 खिलाड़ियों को मिली कोच गंभीर की हिदायत

सलामी बल्लेबाज केएल राहुल, श्रीलंका सीरीज के नायक देवदत्त पडिक्कल और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को चेन्नई में छह सितंबर से शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी फाइनल में पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ दक्षिण क्षेत्र की ओर से खेलने के लिए कहा गया है।माना जा रहा है कि दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा, उभरते हुए स्टार वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन (सभी भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं) का खेलना भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘राहुल, पडिक्कल और सिराज अभी कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ता चाहते हैं कि जो भी भारतीय खिलाड़ी उपलब्ध हो, वह दलीप ट्रॉफी फाइनल खेले। इन तीनों ने आखिरी बार 27 अगस्त को मैच खेला था। अब वे 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच खेलेंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘अब पडिक्कल वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं इसलिए हो सकता है कि वह भारत ए सीरीज खेलें। लेकिन अगर उन्हें दलीप ट्रॉफी के फाइनल में खेलने का मौका मिलता है, तो उन्हें खेलना चाहिए। ’’

पर सूर्यवंशी, किशन और तिलक के मामले में फैसला कोच गंभीर का होगा।सूत्र ने कहा, ‘‘भारतीय टीम नौ या 10 सितंबर को दिल्ली में जुटेगी। अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के कार्यक्रम के हिसाब से रिपोर्ट करें तो वे नहीं खेल पाएंगे। लेकिन अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि वे फाइनल खेलें और 10 सितंबर की देर शाम दिल्ली में रिपोर्ट करें तो वे ऐसा भी कर सकते हैं। 

 बीसीसीआई मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के गेंदबाज मोहसिन खान को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में नेट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की ट्रेनिंग में मदद करने के लिए भेजने की योजना बना रहा है।बीसीसीआई नेट गेंदबाजों को साथ ले जाता रहा है और ये तीनों टी20 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं।सूत्र ने कहा, ‘‘वे आधिकारिक भारतीय दल का हिस्सा नहीं होंगे और सिर्फ तब तक वहां रहेंगे जब तक भारतीय पुरुष टीम 26 सितंबर को अपना पहला मैच नहीं खेल लेती, बशर्ते बीसीसीआई 20 सितंबर को टीम के दिल्ली से रवाना होने से पहले उनके जापानी वीजा का इंतजाम कर ले। ’’

Gautam Gambhir: गौतम गंभीर के सपोर्ट में उतरे वर्ल्ड कप विनिंग कोच, बोले- ‘वह शानदार कोच हैं’

गौतम गंभीर के लिए भारतीय टीम के कोच के रूप में वनडे और टी20 क्रिकेट में सफर काफी अच्छा रहा है। उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टेस्ट मैचों में लगातार मिली मुश्किलों के कारण अब गंभीर की कोचिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घरेलू मैदान पर टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की राह भी मुश्किल हो गई है।

शुभमन गिल की टीम को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बाकी मैचों में ज्यादा जीत हासिल करनी होगी। भारत की टेस्ट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में खेल रही है। इसी बीच पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर का सपोर्ट किया है।

गंभीर की तारीफ की

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें शानदार कोच बताया। उन्होंने कहा, “गंभीर ने कोच के तौर पर काफी सफलता हासिल की है और उनका रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। गंभीर की उपलब्धियों में टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के साथ आईपीएल में भी सफलता शामिल है, जहां वह 2024 में चैंपियन बनी कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे।” कर्स्टन ने ये भी कहा कि, “जब वह खिलाड़ी थे तो मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आया। वह एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं और मुझे पता था कि उन्हें कोच के तौर पर सफलता मिलेगी।”

गौतम गंभीर की तारीफ की है

अब श्रीलंका की टीम के साथ जुड़े गैरी कर्स्टन ने भारतीय टीम के साथ बिताए अपने पुराने दिनों को याद किया। कर्स्टन ने कहा, “भारतीय टीम के साथ बिताए तीन साल उनके लिए बेहद शानदार रहे और खिलाड़ियों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात थी। उस समय भारतीय ड्रेसिंग रूम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और टीम ने उन्हें हमेशा अपने बीच एक अहम सदस्य की तरह स्वीकार किया।” कर्स्टन ने कहा, “वह अब श्रीलंका के साथ भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

स्पिन गेंदबाजी से परेशान भारतीय टीम

भारतीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हाल की टेस्ट सीरीज में परेशानी हुई है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने इसका फायदा उठाया। अब श्रीलंका भी भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के जरिए दबाव में डालना चाहेगा। हालांकि, श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन ने भारत की कमजोरी पर बात करने से बचते हुए अपनी टीम की तैयारी पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं यहां भारतीय टीम को जज करने नहीं आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम एक मजबूत और क्वालिटी टीम है, जिसमें काफी डेप्थ है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्किल एग्जिक्यूशन और रणनीति, दोनों के मामले में पूरी तरह तैयार रहें। हमारा फोकस अपनी ताकत पर ही बना हुआ है।

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