‘रील के चक्कर में ठुक जाओगे’, वैभव सूर्यवंशी की पैपराजी को मजेदार अंदाज में वार्निंग, वीडियो वायरल

Vaibhav Sooryavanshi Viral Video: भारतीय क्रिकेटरों की देश में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, लेकिन इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह नाम है वैभव सूर्यवंशी का। भले ही वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। भारत ही नहीं, दूसरे देशों में भी उनके चाहने वाले हैं। यही वजह है कि पैपराजी भी 15 साल के इस युवा बल्लेबाज की तस्वीरें खींचने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं।

गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंची। प्रधानमंत्री को राजधानी के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं से मुलाकात करनी थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम ने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

“रील के चक्कर में ठुक जाओगे”: सूर्यवंशी का पैपराजी को मजाकिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली पहुंचने पर, कई कैमरामैन ने सूर्यवंशी को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की, जो कि कोई हैरानी की बात नहीं थी। लेकिन, पैपराजी के प्रति उनकी एक मजेदार टिप्पणी किसी ने नहीं सोची थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, सूर्यवंशी मजाकिया अंदाज में उन्हें सावधान रहने और अपने आस-पास का ध्यान रखने की सलाह देते नजर आते हैं। उन्होंने पैपराजी से कहा, “रील के चक्कर में ठुक जाओगे।” यहां वह वीडियो क्लिप है:

बता दें कि IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके साथ ही, वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए और इस मामले में महान सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, टीम के साथ लगातार यात्रा करने के बावजूद, मैनेजमेंट ने उन्हें बहुत कम मौकों पर ही खेलने का मौका दिया है। इस बात को लेकर कई विशेषज्ञों ने आलोचना भी की है।

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आगरकर के लिए टीम सर्वोपरि, इतिहास योगदान याद रखेगा, गंभीर ने किया ट्वीट

अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और न्यूजीलैंड दौरे की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक ट्वीट लिखकर अजीत आगरकर और उनकी उपलब्धियों को गिनाते हुए एक ट्वीट किया है।

गंभीर ने पोस्ट किया, ‘‘प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही। तीन आईसीसी ट्रॉफियां आपके भरोसे की गवाही देती हैं जिसमें हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा गया। मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके योगदान को याद रखेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। ’’

कड़े फैसले लेने के लिए बने थे मुख्य चयनकर्ता

अजीत आगरकर के कार्यकाल ने भारत ने साल 2024 और 2026 का टी-20 विश्वकप और साल 2025 की चैंपियन्स ट्रॉफी जीती। बोर्ड ने उनको कड़े फैसले लेने के लिए भेजा था। अजीत आगरकर ने टी-20 विश्वकप  2024 में रोहित और विराट को शामिल कर पहले ही संदेश दे दिया था कि यह विश्वकप उनका आखिरी है। दोनों ने यह बात मान भी ली थी।

वहीं टेस्ट क्रिकेट में दोनों का फॉर्म खराब हो गया और दोनों को संन्यास लेना पड़ा। अजीत आगरकर की यहां भी जीत हुई। लेकिन जब उन्होंने कहा कि एकदिवसीय विश्वकप के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली अनिर्णित है तब से चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों में रस्साकशी शुरु हो गई और अंत में अजीत आगरकर की हार हुई। उन्होंने टी-20 विश्वकप विजेता सूर्यकुमार यादव को भी टूर्नामेंट जीतने के तुरंत बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

भारत की ओर से 26 टेस्ट और 191 एकदिवसीय मैच खेलने वाले आगरकर ने लाल गेंद की क्रिकेट में 58 और सीमित ओवर की क्रिकेट में 288 विकेट लिए। उन्होंने टीम के लिए दो विश्वकप भी खेले। उनके नाम लॉर्ड्स के मैदान पर एक टेस्ट शतक और लंबे समय तक सबसे सीमित ओवर की क्रिकेट में तेज पजास रन और पचास विकेट का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा।

मुंबई की रणजी टीम से इस कारण बाहर हुए सूर्यकुमार यादव

Suryakumar Yadav

मुंबई की रणजी टीम से सूर्यकुमार यादव के बाहर होने का कारण उनकी घरेलू अभ्यास सत्र में उपलब्ध ना रहना रहा। मुंबई क्रिकेट असोसिएशन ने बताया कि टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया लेकिन चयन के लिए खुद को उपलब्ध बताया इस कारण से उनको रणजी टीम में मौका नहीं दिया गया।इस टीम में अंडर 19 विश्वकप विश्वकप विजेता कप्तान आयुश म्हात्रे टीम के उपकप्तान हैं और यशस्वी जायसवाल सलामी बल्लेहबाज हैं।

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

 

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा है।

टीम:सिद्धेश लाड (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, आयुष म्हात्रे (उप कप्तान),दिव्यांश सक्सेना, मुशीर खान, सरफराज खान, सुवेद पारकर, आकाश आनंद (विकेटकीपर), हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियान, अथर्व अंकोलेकर, तुषार देशपांडे, मोहित अवस्थी, सिल्वेस्टर डिसूजा, ओंकार तर्मले।

ACC अध्यक्ष के तौर पर कब खत्म होगा मोहसिन नकवी का कार्यकाल, भारत की दो ट्रॉफी कर चुके हैं चोरी!

भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया, लेकिन जीत के बाद भी उसे ट्रॉफी नहीं मिली। इससे पहले 2025 के पुरुष एशिया कप में भी भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन उस समय भी टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी। इसकी वजह एसीसी के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी हैं। भारत पहले ही साफ कर चुका था कि वह नकवी के हाथों ट्रॉफी नहीं लेगा। इसके बावजूद एशिया कप के दोनों मौकों पर नकवी ट्रॉफी देने के लिए मौजूद रहे। अब भी भारत की दो एशिया कप ट्रॉफियां नकवी के पास हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मोहसिन नकवी का एसीसी अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल कब तक रहेगा।

कब तक खत्म होगा नकवी का कार्यकाल

मोहसिन नकवी ने अप्रैल 2025 में एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था। स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, एसीसी के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष का कार्यकाल दो साल का होता है। इस वजह से नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 में पूरा होगा। ये पद रोटेशन के आधार पर भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच दिया जाता है। अगला एशिया कप मई 2027 में होने की संभावना है। नकवी से पहले जय शाह इस पद पर चार साल तक रहे थे और वह सबसे लंबे समय तक एसीसी अध्यक्ष रहने वाले व्यक्ति बने। जय शाह अब आईसीसी प्रेसिडेंट है।

सूर्या की कप्तानी में जीती थी ट्रॉफी

इससे पहले मेंस एशिया कप 2025 में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था। जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने पाकिस्तान के गृह मंत्री और एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। समारोह खत्म होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाया और मजाकिया अंदाज में हाथों में ‘इमेजिनरी’ ट्रॉफी लेकर तस्वीरें खिंचवाईं। एशिया कप फाइनल के बाद मोहसिन नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर स्टेडियम से चले गए थे और उसे दुबई स्थित एसीसी कार्यालय में रख दिया था।

अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान ने जीता था मुकाबला

इसके कुछ समय बाद अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान की टीम ने भारत को हराया, जिसके बाद नकवी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को विजेता पदक और ट्रॉफी सौंपी। उस समारोह में भारत की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने उपविजेता टीम की ओर से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मीरवाइस अशरफ से चेक लिया था। अब महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को हराने के बाद भारतीय महिला टीम ने भी नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।

पिछली बार भी सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था, लेकिन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भारत बिना ट्रॉफी के लौट गया था। इस बार महिला टीम के साथ भी यही हुआ। बस फर्क इतना है कि पिछली बार पुरुष टीम और इस बार महिला टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से मना किया।

अगले महीने भारत आएगी पाकिस्तान की टीम, एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी में होगा आमना-समना

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

Women’s Asia Cup 2026: महिला एशिया कप में ट्रॉफी पर विवाद, नकवी के हाथों से कप लेने नहीं पहुंची टीम इंडिया

Women’s Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में महिला एशिया कप के फाइनल के बाद होने वाली ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुई। माना जा रहा है कि टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है। तब भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी और वह ट्रॉफी लेकर दुबई स्थित ACC के ऑफिस चले गए थे, जहां वह अब भी रखी हुई है।

बता दें कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया। जीत के बाद टीम ने हमेशा की तरह जश्न मनाया और ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू भी दिए। आमतौर पर इसके 15-20 मिनट बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

इस दौरान BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मैदान के पास भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में हुई निजी मेडल सेरेमनी में भी हिस्सा लिया।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ट्रॉफी देने के इरादे से मैदान पर पहुंचे थे; ACC चीफ के तौर पर यह उनका फैसला था। उन्होंने सेरेमनी में भी हिस्सा लिया और रनर-अप रहने पर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापथु को चेक सौंपा।

लेकिन भारतीय टीम, कोच और अधिकारी मंच के आस-पास कहीं नजर नहीं आए। पाकिस्तानी मीडिया का यह भी दावा है कि वह शायद महिला एशिया कप की ट्रॉफी एक बार फिर ACC ऑफिस ले जाएंगे।

मोहसिन नकवी के लिए फिर वही कहानी

आपको बता दें कि नकवी पिछले साल भारत-पाकिस्तान के पुरुषों के फाइनल मैच के दौरान भी उसी जगह मौजूद थे, जहां इसी तरह का विवाद हुआ था। टूर्नामेंट जीतने के बाद, भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और टीम ने कहा था कि ट्रॉफी किसी दूसरे ICC या ACC अधिकारी के हाथों दिलाई जाए।

ऐसा इसलिए क्योंकि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण टूर्नामेंट के दौरान भारत ने जो रुख अपनाया था, यह उसी का हिस्सा था। टीम ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैचों से पहले और बाद में पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से पहले ही इनकार कर दिया था, और फिर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टूर्नामेंट में मिली तीन जीतों में से पहली जीत भारतीय सेना को समर्पित की थी।

कहा जाता है कि BCCI के नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले को उनके उन पुराने बयानों से भी जोड़कर देखा गया, जो उन्होंने देश के केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर भारत को लेकर दिए थे। हालांकि, नकवी ने ट्रॉफी किसी दूसरे अधिकारी के हाथों देने से इनकार कर दिया। इसके चलते मैदान में काफी देर तक स्थिति साफ नहीं हो सकी। हालाँकि, नकवी ने किसी और अधिकारी को ट्रॉफ़ी सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे वहाँ गतिरोध पैदा हो गया। आखिरकार, वे ट्रॉफी लेकर मैदान से चले गए और उसे एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के ऑफ़िस ले गए।

इसके बाद शुक्ला समेत भारतीय अधिकारियों ने ICC की बैठकों में यह मुद्दा उठाया, लेकिन नकवी अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि भारत को ट्रॉफी उनके ऑफ़िस से ही लेनी होगी, न कि किसी दूसरे अधिकारी को उसे सौंपने दिया जाएगा।

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Women’s Asia Cup 2026: विमंस एशिया कप में फिर होगा ट्रॉफी को लेकर ड्रामा! फाइनल देखने पहुंचेंगे मोहसिन नकवी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने ग्रुप के तीनों मुकाबले जीत लिए हैं। वहीं इस जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। ऐसे में भारतीय टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाना चाहेगी। इस खिताब की भारतीय टीम प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं अगर भारत एशिया कप की ट्रॉफी जीत भी जाती है तो भी वह बिना ट्रॉफी के ही घर आ सकती है। इसकी वजह PCB चेयरमैन और ACC के अध्यक्ष मोहसिन नकवी है। बता दें पिछले साल एशिया कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। जिसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए और भारत को अभी तक ट्रॉफी नहीं मिली है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी 13 सितंबर को दुबई में होने वाले विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में मौजूद रह सकते हैं। माना जा रहा कि जीतने वाली टीम को ट्रॉफी भी नकवी ही देंगे।

एशिया कप में होगा पिछले वाला ड्रामा

पिछले साल 28 सितंबर 2025 को पुरुष एशिया कप के फाइनल में भारत की जीत के बाद ट्रॉफी को लेकर विवाद हुआ था। उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे। भारत को अब तक वह ट्रॉफी नहीं मिली है। ऐसे में 13 सितंबर को महिला एशिया कप के फाइनल में भी इस तरह की स्थिति देखने को मिल सकती है। अगर भारतीय महिला टीम खिताब जीतती है, तो उसके सामने भी नकवी से ट्रॉफी लेने का सवाल होगा, क्योंकि वह PCB के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं।

ट्रॉफी समारोह की भी हो रही चर्चा

भारतीय टीम ने भले ही पहले ट्रॉफी से जुड़े फैसले को लेकर अपना रुख साफ कर दिया हो, लेकिन महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। ऐसे में अगर भारतीय टीम इस बार भी फाइनल जीतती है, तो खिताबी जश्न के साथ ट्रॉफी समारोह भी चर्चा में रहेगा। पिछले साल पुरुष टीम के फैसले को देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि भारतीय महिला टीम भी नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से अलग रुख अपना सकती है। भारत की महिला टीम का एशिया कप में अब तक का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। टीम ने टूर्नामेंट के सभी नौ संस्करणों के फाइनल में जगह बनाई है और सात बार चैंपियन बनी है, जबकि दो बार उसे उपविजेता रहना पड़ा।

मुझे धक्का लगा, टीम से ड्रॉप करने के बाद छलका सूर्यकुमार यादव का दर्द

Suryakumar Yadav


भारतीय टी-20 टीम के पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने माना कि जब उन्हें भारत की अंतरराष्ट्रीय टी-20 योजनाओं से बाहर किया गया तो वे हैरान रह गए थे। उन्होंने बताया कि वह 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक और उसी साल होने वाले अगले टी-20 विश्व कप में टीम की कप्तानी करने की तैयारी कर रहे थे। जून में आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम से बाहर करने से कुछ समय पहले ही चयनकर्ताओं ने सूर्यकुमार को इसकी जानकारी दी थी।

35 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि इस फैसले ने उन्हें पूरी तरह चौंका दिया, खासकर तब जब उन्होंने इस साल मार्च में घरेलू मैदान पर टीम को टी-20 विश्व कप का खिताब जिताया था। सूर्यकुमार यादव ने यूट्यूब पर आकाश चोपड़ा के शो ‘बैठ और बोल’ में कहा, “जब मैंने देखा कि मेरा नाम लिस्ट में नहीं है, तो मैं मुस्कुरा दिया। जब भी मैं दबाव वाली स्थितियों में रहा हूं या जब चीज़ें मेरे पक्ष में नहीं रही हैं, तो मैं हमेशा मुस्कुराया हूं और शांत रहा हूं। मैंने उन पलों को याद किया है और शुक्रगुजार रहा हूं। मैंने नहीं सोचा था कि 2026 में ऐसा होगा। मुझे लग रहा था कि मैं अगले दो सालों तक टीम को आगे ले जाने की तैयारी कर रहा हूं, ओलंपिक, एक और टी-20 विश्व कप और फिर आगे एक और चुनौती।”

उन्होंने कहा, “टीम के ऐलान से दो-तीन दिन पहले चयनकर्ताओं ने मुझे फ़ोन किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।’ मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी क्योंकि यह मेरा स्वभाव नहीं है। जो भी फ़ैसला लिया गया, उस व्यक्ति को लगा होगा कि यह टीम के भले के लिए है। आपने फ़ैसला लिया, मुझे बताया, इसमें कोई बुराई नहीं है।” सूर्यकुमार ने खुद को भारत के प्रमुख टी-20 खिलाड़ियों में से एक के तौर पर स्थापित किया था। नवंबर 2022 में वे आईसीसी रैंकिंग में नंबर 1 पर भी पहुंचे थे। 2024 टी-20 विश्व कप के बाद रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय टी-20 से संन्यास लेने पर उन्होंने पूर्णकालिक कप्तानी संभाली।

उनकी कप्तानी में, भारत ने 50 पूरे हुए टी-20 मैचों में से 42 जीते और पुरुषों का टी-20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने वाली और घरेलू ज़मीन पर इसे जीतने वाली पहली टीम बनी। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच सूर्यकुमार का भारत के लिए आख़िरी मैच साबित हुआ। इसके बाद चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंप दी, जिससे उस दौर का अप्रत्याशित अंत हो गया जिसमें भारत दो साल तक टी-20 सीरीज में अजेय रहा था।


सूर्यकुमार ने कहा, “जिसे उन्होंने चुना है, उसके साथ मैंने बहुत क्रिकेट खेला है। मुझे पता है कि वह एक अच्छा खिलाड़ी, अच्छा इंसान और अच्छा कप्तान भी है। इसलिए, मुझे फ़ैसले से कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन निराशा जरूर हुई क्योंकि हम दो साल से कोई सीरीज नहीं हारे थे, एशिया कप और टी-20 विश्व कप जीते थे – आप चाहते हैं कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहे। जब सब कुछ अच्छा चल रहा हो, तो बदलाव क्यों।”

उन्होंने कहा, “कुछ हद तक उनकी अपनी फ़ॉर्म की वजह से, और साथ ही अगले दो साल के साइकल या अगले वर्ल्ड कप तक के समय को देखते हुए, हमें लगा कि आगे बढ़ने का यही सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने डेढ़ महीने तक मैं यही सोचता रहा कि ऐसा कैसे हो सकता है? यह कैसे मुमकिन है। हमने अभी-अभी विश्व कप जीता है। हां, आईपीएल वैसा नहीं रहा जैसा मैं चाहता था। दोस्तों और परिवार ने मुझे समझाया कि यह ज़िंदगी का हिस्सा है। लेकिन जब वे चले जाते हैं, तो आप अपने परिवार के साथ अकेले रह जाते हैं। हम सोच रहे थे कि ऐसा कैसे हो सकता है।” टीम से बाहर किए जाने के बावजूद, सूर्यकुमार का खेल छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि वे भारत की योजनाओं में अपनी जगह दोबारा बना लेंगे और दूसरे मौके का इंतज़ार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मैं तैयार हूँ, मैं अभी भी खेल रहा हूं और आगे भी खेलता रहूंगा। जब भी आपको लगे कि सही समय है और हालात ठीक हैं, तो मुझे बुला लीजिएगा।”

महिला एशिया कप में नकवी और कैद ट्रॉफी सीजन 2 दोहराने की पूरी संभावना

INDvsPAK

पिछले साल भारत ने पाकिस्तान को एशिया कप फाइनल में 5 वितेट से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया था लेकिन ट्रॉफी भारत के हिस्से में नहीं आ पाई थी। सेरेमनी में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख मोहसिन नकवी को यह ट्रॉफी भारत को सौंपनी थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों ने बिगड़े हुए भूराजनैतिक संबंधो के कारण नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। इस बात पर नाराज नकवी ट्रॉफी लेकर ही चल दिए थे और आज भी वह ट्रॉफी दुबई के दफ्तर में रखी हुई है। 

ऐसा एक बार फिर हो सकता है क्योंकि भारत को महिला एशिया कप में भी मोहसिन नकवी से ही ट्रॉफी लेनी होगी।नक़वी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख और अपने देश के गृह मंत्री भी हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से 13 सितंबर तक खेला जाएगा।भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है और लीग चरण का उनका मुकाबला पांच सितंबर को होना है। इसके बाद इन दोनों टीम का मुकाबला फाइनल में हो सकता है और ऐसे में पुरस्कार वितरण का मसला फिर से सुर्खियों में आ सकता है।

अब स्वाभाविक सवाल यह उठता है कि अगर हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम महिला एशिया कप जीत जाती है और नक़वी पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मंच पर मौजूद होते हैं तो फिर आगे क्या होगा?
क्या भारतीय महिला टीम भी सूर्यकुमार यादव और उनके साथियों की तरह नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर देगी? इस मामले में बीसीसीआई का रुख अभी स्पष्ट नहीं है।

बोर्ड का यह स्पष्ट मत है कि दोनों टीमों के बीच किसी प्रकार की औपचारिक बातचीत नहीं होगी, लेकिन वह पुरस्कार वितरण समारोह के लिए इंतजार करने की नीति अपनाएगा।पिछले साल की तरह विवाद से बचने का एक तरीका यह हो सकता है कि नकवी स्वयं ट्रॉफी प्रदान नहीं करें और एशियाई क्रिकेट परिषद के किसी अन्य अधिकारी को यह सम्मान प्रदान करने दें।

भारतीय पुरुष टीम के नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद इसे एसीसी के कार्यालय में रखा गया है। नकवी ने बाद में कहा था कि भारत एसीसी कार्यालय में आकर उनसे ट्रॉफी ले सकता है।इस गतिरोध को समाप्त करने का भी प्रयास किया गया जिसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आईसीसी की बैठक के दौरान नकवी से मुलाकात की।

सैकिया ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है लेकिन उस समय भी ट्रॉफी का मुद्दा नहीं सुलझ पाया था। इसके बाद नक़वी ने कहा कि भारत को उनसे ही ट्रॉफी लेनी होगी।फिलहाल सभी का ध्यान टूर्नामेंट पर केंद्रित है लेकिन अगर भारत चैंपियन बनता है तो यह मामला फिर से गर्मा सकता है।

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज कर भारत ने इंग्लैंड टीम से छीना ताज, ICC टी20 रैंकिंग में टीम इंडिया फिर बनी नंबर-1

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली सीरीज जीत ली है। वहीं इस जीत के साथ भारत की टी20 टीम एक बार फिर आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में नंबर-1 बन गई है। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 0-4 से हारने के कारण भारतीय टीम पहले स्थान से फिसलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गई थी। वहीं भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए सिर्फ दो हफ्तों के भीतर फिर से दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन गई है।

भारत और इंग्लैंड दोनों के 268 रेटिंग पॉइंट्स हैं। लेकिन डेसिमल के आधार पर की गई कैलकुलेशन में भारत इंग्लैंड से आगे है, इसलिए टीम इंडिया आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर है।

कैसा रहा मुकाबला

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार 81 रन की पारी खेली। वहीं उपकप्तान तिलक वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों की दमदार पारियों की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे के सामने बड़ा टारगेट रखा।

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तोड़ा किशन का रिकॉर्ड

ईशान किशन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 81 रन की शानदार पारी खेलकर साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने कुल रन 783 तक पहुंचा दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले विराट ने साल 2022 में 20 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 781 रन बनाए थे, जबकि ईशान ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। ईशान किशन अब एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल सूर्यकुमार यादव (1,164 रन) और अभिषेक शर्मा (859 रन) हैं।

ईशान किशन बना सकते हैं रिकॉर्ड

साल 2026 में ईशान किशन भारत के नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 370 रन बना चुके हैं। अगर वह जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 67 रन और बना लेते हैं, तो भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में नियमित विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। यह रिकॉर्ड फिलहाल संजू सैमसन के नाम है, जिन्होंने 2024 में 12 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 436 रन बनाए थे।