IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स के सहायक और बल्लेबाज कोच बने युवराज सिंह

युवराज सिंह को IPL 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। हाल के सालों में, युवराज ने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे कई भारतीय क्रिकेटरों को मेंटर किया है, हालांकि दिल्ली कैपिटल्स में यह नियुक्ति उनका पहला फ़ॉर्मल कोचिंग असाइनमेंट होगा।

भारत के पूर्व ऑलराउंडर दिल्ली फ्रेंचाइज़ी के साथ फिर से जुड़ेंगे; उन्होंने 2015 सीज़न में इस टीम का प्रतिनिधित्व किया था, जब नीलामी में उन्हें 16 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और वे उस समय आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। इस नियुक्ति से वे अपने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ भी फिर से जुड़ेंगे, जिन्हें हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स का हेड कोच बनाया गया है।

एक ऐसी टीम के लिए जो अभी भी अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में है, युवराज बहुत सारा अनुभव लेकर आ रहे हैं। उन्होंने भारत की 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। युवराज ने 132 आईपीएल मैच भी खेले, जिनमें उन्होंने 2750 रन बनाए और 36 विकेट लिए। उनका इंटरनेशनल करियर भी शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 17 सालों में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी 20 मैच खेले।

फ्रेंचाइज़ी के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने कहा, “हम दिल्ली कैपिटल्स परिवार में युवी का स्वागत करते हुए बहुत उत्साहित हैं। युवी भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन मैच-विनर्स में से एक हैं और उन्होंने आज भारतीय क्रिकेट के कई होनहार युवा टैलेंट को गाइड करने में अहम भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, जीतने का जज़्बा और खिलाड़ियों के साथ घुलने-मिलने की काबिलियत हमारी टीम के लिए बहुत कीमती साबित होगी।”

वहीं, युवराज ने इस फ्रेंचाइज़ी के साथ एक नया सफ़र शुरू करने को लेकर उत्साह ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा, “इस फ्रेंचाइज़ी के साथ मेरा पुराना नाता है और मैं मालिकों को अच्छी तरह जानता हूँ, इसलिए यह मेरे लिए एक खास मौका है। मैं ‘दादा’ के साथ मिलकर काम करने का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, इस बार कोच के तौर पर।” “कोचिंग मेरा जुनून है और मैं इस बेहद टैलेंटेड टीम के साथ काम शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हूँ।”

PCB के खजाने पर पड़ा पाकिस्तान की हार का असर! टीवी राइट्स में हुआ करोड़ों का नुकसान

क्रिकेट में पाकिस्तान का खराब फॉर्म जारी है। एशियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान को भारत से करारी शिकस्त मिली है। इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप 2026 और एशिया कप 2025 में भी पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा है। वहीं पाकिस्तानी टीम की लगातार खराब प्रदर्शन का असर अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की कमाई पर भी दिखाई दे रहा है। मैदान पर टीम के उतार-चढ़ाव के बीच पीसीबी को टीवी राइट्स से मिलने वाली रकम में बड़ी गिरावट आई है। 2027 से शुरू होने वाले घरेलू इंटरनेशनल मैचों के लिए बोर्ड को पिछली डील के मुकाबले काफी कम रकम मिली है। आइए जानते हैं इसकी बड़ी वजह

करीब 35 करोड़ में खरीदे टीवी राइट्स

सरकारी चैनल पाकिस्तान टेलीविजन कॉर्पोरेशन (पीटीवी) ने 2027 से शुरू होने वाले पीसीबी के घरेलू पुरुष क्रिकेट मैचों के अगले प्रसारण चक्र के लिए करीब 35 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (लगभग 12 करोड़ भारतीय रुपये) में टीवी राइट्स खरीदे हैं। इस करार में कुल 25 मैच शामिल हैं, जिनमें 5 टेस्ट, 14 वनडे और 6 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने टीवी राइट्स के लिए करीब 20.7 करोड़ रुपये की शुरुआती बोली तय की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में केवल एक ही कंपनी ने रुचि दिखाई।

वहीं, तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने डील में हिस्सा नहीं लिया और पीसीबी ने कंसोर्टियम को भी बोली लगाने की अनुमति नहीं दी। नई डील के तहत पाकिस्तान बोर्ड को हर इंटरनेशनल मैच से लगभग 82.8 लाख रुपये की कमाई होने की उम्मीद है।

कितने का था पिछला टीवी राइट्स

अगस्त 2024 से दिसंबर 2026 तक के पिछले प्रसारण अधिकार एआरवाई और टावर स्पोर्ट्स के एक समूह ने करीब 60 करोड़ रुपये में हासिल किए थे। इस समझौते में पाकिस्तान के 61 इंटरनेशनल मैच शामिल थे, जिनमें 11 टेस्ट, 26 वनडे और 24 टी20 मुकाबले थे। खास बात ये थी कि यह कीमत पीसीबी की तय शुरुआती 110.8 करोड़ रुपये की रकम से काफी कम थी। इस डील से बोर्ड को हर मैच के लिए औसतन करीब 1.01 करोड़ रुपये मिले थे। नई टीवी राइट्स डील की रकम पिछले समझौते के मुकाबले करीब 18 फीसदी कम रही है।

फाइनल में मिली हार

नई टीवी राइट्स डील में कमी होना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए चिंता की बात माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रसारण अधिकारों की बोली प्रक्रिया में कम कंपनियों के आने की एक बड़ी वजह पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हालिया खराब प्रदर्शन है। इसके अलावा आयरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैचों को लेकर दर्शकों में भी ज्यादा उत्साह नहीं दिखा, जिसका असर टीवी राइट्स की कीमत पर पड़ा। एशियन गेम्स 2026 में टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया और सेमीफाइनल में बांग्लादेश को आसानी से हराया। वहीं खिताबी मुकाबले में उसे भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

टेस्ट में भी खराब प्रदर्शन

एशियन गेम्स से पहले पाकिस्तान की टीम टेस्ट क्रिकेट में लगातार संघर्ष करती नजर आई। अगस्त और सितंबर में इंग्लैंड दौरे पर उसे मेजबान टीम के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में एक भी जीत नहीं मिली और पाकिस्तान को 3-0 से सीरीज गंवानी पड़ी। हालांकि, इससे पहले वेस्टइंडीज दौरे पर टीम का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहा था। दोनों देशों के बीच खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर रही। पाकिस्तान ने पहला टेस्ट हारने के बाद वापसी करते हुए दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था।

ICC पर सभी खेल प्रेमियों की निगाहें, ODI World Cup का शेड्यूल गुरुवार को होगा जारी

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) एक अक्टूबर को केप टाउन में ICC Mens Cricket World Cup 2027 का शेड्यूल जारी करेगी। यह इवेंट रात 8:30 बजे से जियो हॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर लाइव दिखाया जाएगा। इसके साथ ही टूर्नामेंट के लिए एक साल की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। टूर्नामेंट 2 अक्टूबर को शुरू होगा और फ़ाइनल रविवार, 21 नवंबर को खेला जाएगा। इस इवेंट में फ़ैन्स के लिए टिकट बैलेट की शुरुआत भी होगी।

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली 14 में से 10 टीमें 30 सितंबर की क्वालिफ़िकेशन कट-ऑफ़ तारीख तक अपनी जगह पक्की कर लेंगी। मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को ऑटोमैटिक एंट्री मिलेगी और आठ टीमें वनडे रैंकिंग के आधार पर क्वालिफ़ाई करेंगी। भारत, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान और बंगलादेश इन दो मेज़बान टीमों के साथ जुड़ेंगे, जबकि बाकी चार जगहों का फ़ैसला क्वालिफ़ायर से होगा, जो अगले साल की शुरुआत में खेले जाएंगे। दो बार की चैंपियन वेस्ट इंडीज़ को भी अगले साल के इस बड़े इवेंट में अपनी जगह पक्की करने के लिए क्वालिफ़िकेशन प्रक्रिया से गुज़रना होगा।

भारत के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो अपना आखिरी क्रिकेट वर्ल्ड कप खेलने की तैयारी कर रहे हैं, उनकी नज़रें इस चार साल में होने वाले टूर्नामेंट में अपनी-अपनी यात्रा को ट्रॉफ़ी के साथ शानदार ढंग से खत्म करने पर टिकी हैं। भारत के नए घरेलू सीज़न की शुरुआत में जियोस्टार से बात करते हुए, रोहित शर्मा – जिन्होंने वेस्ट इंडीज़ और अमेरिका में 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत को जीत दिलाई थी – ने ट्रॉफी उठाने के उस अहसास को फिर से जीने की इच्छा जताई। वहीं, विराट कोहली – जिन्होंने 15 साल पहले आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीती थी – भारत के लिए फिर से यह खिताब जीतने के लिए अपना सब कुछ झोंकने को तैयार हैं।

रोहित शर्मा ने कहा, “आने वाला वनडे वर्ल्ड कप जीतना बहुत शानदार होगा। मैं अभी ‘Full Circle’ (सब कुछ पूरा होने) जैसी बातों के बारे में नहीं सोच रहा हूँ। भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना एक खास अहसास है। मैंने टी20 फ़ॉर्मेट में दो बार ऐसा अनुभव किया है। 2007 में, मैं सिर्फ़ 20 साल का युवा था। बेशक, यह एक बड़ा टूर्नामेंट है; अपने पहले ही साल में वर्ल्ड कप जीतना बहुत बड़ी बात है। फिर हमने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीती, और उसके बाद लगभग 11 साल का लंबा समय ऐसा रहा जब हम कोई आईसीसी खिताब नहीं जीत पाए। इसीलिए, जब हमने 2024 में टी 20 वर्ल्ड कप जीता, तो हमें एहसास हुआ कि यह कितना महत्वपूर्ण था। वह अहसास अभी भी काफी हद तक मेरे अंदर है। मुझे पता है कि वर्ल्ड कप जीतने पर कैसा लगता है। इसलिए मैं वह अहसास फिर से पाना चाहता हूँ। हमने जो मज़ा किया, उस अहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। इसीलिए वह वर्ल्ड कप जीतना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मैं वही अहसास फिर से पाना चाहता हूँ जो हमने हाल ही में महसूस किया था।”

विराट कोहली ने कहा,”मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूँ जहाँ मुझे लगे कि अगर यह पहले नहीं हुआ, तो मुझे अब इसे करना ही है। लेकिन मेरे लिए, यह भारत के लिए मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। यानी, अपना सब कुछ झोंक देना। और ज़ाहिर है, मकसद तो वर्ल्ड कप जीतना ही है। और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूँ। मेरा लक्ष्य टीम के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मैच जीतना है और मेरा सपना है कि फ़ाइनल में स्कोर का पीछा करते हुए मैच जिताऊ पारी खेलूँ; यह सबसे अच्छा होगा। अगर ऐसा होता है, तो बहुत बढ़िया। अगर ऐसा नहीं भी होता है और हम वर्ल्ड कप जीत जाते हैं, तो भी मैं उतना ही खुश होऊँगा क्योंकि आख़िरकार, आप समझते हैं कि भले ही कॉम्पिटिटिव भावना हो, लेकिन यह वर्ल्ड कप में खेलने का आपका आखिरी मौका है। इसलिए, वह ट्रॉफ़ी जीतना सबसे ज़रूरी बात है।”

Asian Games से पहले इस टीम के खिलाफ एक्शन में होंगे वैभव सूर्यवंशी! जानें कब और कहां पर होगा मुकाबला

IND vs JAP: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम एशियन गेम्स से पहले जापान के खिलाफ एक टी20 मैच खेलेने उतरेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला 22 सितंबर को खेला जाएगा। एशियन गेंम्स से पहले भारतीय खिलाड़ियों के लिए जापान के मौसम और पिच के हालात को समझने के लिए ये अच्छा मौका होगा। वहीं इस मुकाबले में भारत के 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिल सकता है। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज में वैभव को मौका नहीं मिला था। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें ये मुकाबला

क्यों खास है ये मुकाबला

भारत और जापान के बीच ये एकमात्र टी20 मुकाबला एशियन गेम्स से पहले आइची-नागोया में खेला जाएगा। इस मैच के जरिए दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया जाएगा। भारत मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन है वहीं जापान की रैंकिंग 41वीं है। भारत और जापान के बीच होने वाला ये मुकाबला जापानी खिलाड़ियों के लिए बेहद खास है, क्योंकि उन्हें भारतीय टीम के बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा। वहीं इस मैच पर तूफान का खतरा भी बना हुआ है। इसके बावजूद इस मुकाबले ने जापान में क्रिकेट को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ाई है।

टीम उठाना चाहेगी फायदा

जापान के कप्तान केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मुकाबले को सिर्फ एक मैच के तौर पर नहीं देख रही है। टीम इस मौके का फायदा उठाकर अपने खिलाड़ियों की क्षमता दिखाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है।

कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

भारत और जापान के बीच एकमात्र टी20 मुकाबला मंगलवार को कांटो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। मैच की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:30 बजे होगी। ये मुकाबला एशियन गेम्स से पहले भारतीय टीम की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

कहां पर देखें पाएंगे ये मुकाबला

भारत और जापान के बीच होने वाले एकमात्र टी20 मुकाबले को भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर लाइव देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मैच ऑनलाइन देखना चाहते हैं, वे FanCode ऐप और वेबसाइट के जरिए इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 में एंट्री पर इस दिग्गज के बयान से टूट जाएगा फैंस का दिल!

Sanju Samson vs Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम में टी20 ओपनिंग स्लॉट को लेकर बहस तेज छिड़ी हुई है। एक तरफ वर्ल्ड कप जिताने वाले संजू सैमसन है तो दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी। इसी बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज एस बद्रीनाथ ने टीम मैनेजमेंट को बड़ी सलाह दी है। बद्रीनाथ का मानना है कि 15 साल के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को अभी थोड़ा इंतजार कराना चाहिए और संजू सैमसन को लगातार कम से कम 10 मैचों तक ओपनिंग का मौका मिलना चाहिए।

अफगानिस्तान के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में भारत 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने महज 22 गेंदों में 57 रनों की आतिशी पारी खेलकर फॉर्म में वापसी का ऐलान किया। इसके बावजूद 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को बेंच पर बैठाए जाने को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। जानिए बद्रीनाथ ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी को लेकर क्या-क्या कहा।

‘अदला-बदली बंद करो, सैमसन के साथ अन्याय मत करो’

पूर्व भारतीय क्रिकेटर बद्रीनाथ ने अपने यूट्यूब चैनल ‘Cric it with Badri’ पर टीम मैनेजमेंट के खिलाड़ियों को बार-बार बदलने के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को अगली सीरीज के बाद भी कम से कम 10 टी20 मैचों में लगातार ओपनिंग करानी चाहिए। इसके बाद अगर संजू सैमसन लगातार फ्लॉप होते हैं, तब उन्हें ड्रॉप करके वैभव सूर्यवंशी को मौका दीजिए। हर सीरीज में खिलाड़ियों को आपस में बदलने के बजाय एक तय प्रक्रिया अपनानी चाहिए। संजू सैमसन के साथ बार-बार ऐसा करना नाइंसाफी है।’

बद्रीनाथ के मुताबिक, संजू सैमसन पहले से ही रेस में आगे थे और उन्होंने भारत को 2026 टी20 वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में एक युवा खिलाड़ी को लाने के लिए किसी फॉर्म में चल रहे सीनियर को अचानक ड्रॉप करना सही नहीं है।

अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का धमाकेदार फॉर्म

अफगानिस्तान के खिलाफ मौजूदा टी20 सीरीज में भारत की ओपनिंग जोड़ी ने विरोधी गेंदबाजों की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं। अभिषेक शर्मा ने पहले T20 में महज 32 गेंदों में 82 रन (7 चौके, 7 छक्के) बनाए। भारत ने 157 रनों का लक्ष्य 38 गेंदें बाकी रहते ही हासिल कर लिया। नई दिल्ली में खेले गए दूसरे मैच में संजू ने 22 गेंदों पर 57 रन ठोक डाले। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद यह उनका पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक है।

दिल्ली में क्लीन स्वीप पर भारत की नजरें

अफगानिस्तान को पहले दो मैचों में करारी शिकस्त देने के बाद भारतीय टीम गुरुवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में तीसरा और अंतिम टी20 मुकाबला खेलेगी। सीरीज पहले ही 2-0 से जेब में होने के बावजूद कप्तान और कोचिंग स्टाफ संजू-अभिषेक की जोड़ी के साथ ही मैदान पर उतर सकते हैं, जिससे वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल डगआउट में ही इंतजार करना पड़ सकता है।

जिम्बाब्वे दौरे पर चमकने के बावजूद क्यों बाहर हैं वैभव सूर्यवंशी?

15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया था। वैभव ने जिम्बाब्वे दौरे पर 196.10 के आक्रामक स्ट्राइक रेट से 151 रन बनाए थे और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया था। अब वैभव के फैंस उनके जबरदस्त प्रदर्शन के बावजूद टीम से बाहर रहने पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

ना कोहली ना रिकी पोंटिंग और ना ही कपिव देव…राहुल द्रविड़ ने इन्हें बताया दुनिया का नंबर-1 कप्तान

इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाकर इतिहास में खास जगह बनाई। इस लिस्ट में क्लाइव लॉयड से लेकर कपिल देव, इमरान खान, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कई कप्तान शामिल है। वहीं हाल ही में राहुल द्रविड़ ने बताया कि उनका पसंदीदा कप्तान कौन है। एक क्रिकेट चैलेंज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और हेड कोच राहुल ने इस दौरान पहले नंबर पर ना तो विराट कोहली को रखा और ना ही पोटिंग और रोहित शर्मा को। आइए जानते हैं राहुल ने किसको चुना बेस्ट कैप्टन

धोनी को बताया बेस्ट कप्तान

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के क्विज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। चैलेंज के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के 1992 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान और वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। बता दें राहुल धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके फैसले और अलग-अलग दौर के महान कप्तानों को लेकर अपनी राय शेयर कर रहे हैं।

किस राउंड में किसे चुना

राहुल द्रविड़ को एक खास चैलेंज के दौरान जब उन्हें अलग-अलग दौर के दिग्गज कप्तानों में से चुनना था, तो द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। राहुल द्रविड़ को इस चैलेंज के शुरुआती दौर में कई शानदार कप्तानों के बीच अपनी पसंद तय करनी थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ को सबसे आगे रखा और लगातार कई राउंड में उन्हें चुना। द्रविड़ ने बेन स्टोक्स, केन विलियमसन, अर्जुन रणतुंगा, ग्रीम स्मिथ और स्टीफन फ्लेमिंग जैसे दिग्गज कप्तानों की तुलना में स्मिथ को तरजीह दी। इस तरह स्मिथ ने शुरुआती मुकाबलों में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इस चैलेंज में राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज कप्तानों के बीच भी स्टीवन स्मिथ को अपनी पसंद बनाए रखा। उन्होंने माइकल क्लार्क, इयोन मॉर्गन और पैट कमिंस जैसे कप्तानों की तुलना में स्मिथ को चुना, लेकिन रिकी पोंटिंग के सामने उनकी पसंद बदल गई। इसके बाद पोंटिंग ने एलन बॉर्डर को हराकर अगले दौर में जगह बनाई, जहां उनका सामना स्टीव वॉ से हुआ। आखिरकार द्रविड़ की पसंद के तौर पर सामने आए स्टीव वॉ ने पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों वाले इस दौर को जीत लिया।

 

राहुल द्रविड़ ने एमएस धोनी को अपना सबसे पसंदीदा कप्तान चुनकर सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद मुकाबला भारतीय और पाकिस्तानी कप्तानों के बीच पहुंचा। स्टीव वॉ और विराट कोहली में से किसी एक को चुनने की बारी आई तो द्रविड़ ने कोहली को चुना।

धोनी की कप्तानी सबसे अच्छी

चैलेंज के आखिरी दौर में राहुल द्रविड़ के सामने एमएस धोनी, इमरान खान और क्लाइव लॉयड जैसे बड़े कप्तानों में से चुनाव करने की स्थिति आई। इमरान खान के मुकाबले द्रविड़ ने धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनकी उपलब्धियों को बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ऐसे इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी तीनों खिताब जीते हैं, इसलिए उनकी कप्तानी की सफलता की बराबरी करना मुश्किल है।

Gautam Gambhir: गौतम गंभीर के सपोर्ट में उतरे वर्ल्ड कप विनिंग कोच, बोले- ‘वह शानदार कोच हैं’

गौतम गंभीर के लिए भारतीय टीम के कोच के रूप में वनडे और टी20 क्रिकेट में सफर काफी अच्छा रहा है। उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टेस्ट मैचों में लगातार मिली मुश्किलों के कारण अब गंभीर की कोचिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घरेलू मैदान पर टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की राह भी मुश्किल हो गई है।

शुभमन गिल की टीम को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बाकी मैचों में ज्यादा जीत हासिल करनी होगी। भारत की टेस्ट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में खेल रही है। इसी बीच पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर का सपोर्ट किया है।

गंभीर की तारीफ की

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें शानदार कोच बताया। उन्होंने कहा, “गंभीर ने कोच के तौर पर काफी सफलता हासिल की है और उनका रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। गंभीर की उपलब्धियों में टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के साथ आईपीएल में भी सफलता शामिल है, जहां वह 2024 में चैंपियन बनी कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे।” कर्स्टन ने ये भी कहा कि, “जब वह खिलाड़ी थे तो मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आया। वह एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं और मुझे पता था कि उन्हें कोच के तौर पर सफलता मिलेगी।”

गौतम गंभीर की तारीफ की है

अब श्रीलंका की टीम के साथ जुड़े गैरी कर्स्टन ने भारतीय टीम के साथ बिताए अपने पुराने दिनों को याद किया। कर्स्टन ने कहा, “भारतीय टीम के साथ बिताए तीन साल उनके लिए बेहद शानदार रहे और खिलाड़ियों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात थी। उस समय भारतीय ड्रेसिंग रूम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और टीम ने उन्हें हमेशा अपने बीच एक अहम सदस्य की तरह स्वीकार किया।” कर्स्टन ने कहा, “वह अब श्रीलंका के साथ भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

स्पिन गेंदबाजी से परेशान भारतीय टीम

भारतीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हाल की टेस्ट सीरीज में परेशानी हुई है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने इसका फायदा उठाया। अब श्रीलंका भी भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के जरिए दबाव में डालना चाहेगा। हालांकि, श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन ने भारत की कमजोरी पर बात करने से बचते हुए अपनी टीम की तैयारी पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं यहां भारतीय टीम को जज करने नहीं आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम एक मजबूत और क्वालिटी टीम है, जिसमें काफी डेप्थ है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्किल एग्जिक्यूशन और रणनीति, दोनों के मामले में पूरी तरह तैयार रहें। हमारा फोकस अपनी ताकत पर ही बना हुआ है।

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वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

IND vs ZIM: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मिलेगा मौका? जानें कैसी होगी प्लेइंग 11

IND vs ZIM: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम की शुरुआत अब तक अच्छी नहीं रही है। उनकी कप्तानी में टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई और फिर इंग्लैंड के दौरे पर चारों मुकाबले गंवा बैठी। टी20 टीम की कमान संभालने के बाद अय्यर अभी तक पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं।

टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली सीरीज को भी टीम इंडिया हल्के में नहीं लेना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मुकाबले के लिए कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11 औवर पिच रिपोर्ट

वर्ल्ड कप में किया था बड़ा उलटफेर

इस साल फरवरी में कोलंबो में खेले गए ICC टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन टीम नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इसके बावजूद इस साल जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों को भी हराकर अपनी ताकत का एहसास कराया है।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है और उसने 11 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबले अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई नहीं रहा है और न ही किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है।

कैसी होगी मौसम

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर टी20 मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 से 160 रन के बीच रहता है। मैच की शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन समय बीतने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं रहती। वहीं, आउटफील्ड भी ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बल्लेबाजों को सही टाइमिंग के साथ शॉट खेलने पड़ते हैं। ऐसे में इस मैदान पर अनुशासित गेंदबाजी करने वाली टीमों को अक्सर बढ़त मिलती है।

कैसा होगा हरारे का मौसम

हरारे में भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना बेहद कम है, इसलिए पूरे मैच के बिना किसी रुकावट के होने की उम्मीद है। मुकाबले के समय तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि हवा में नमी लगभग 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को मौसम काफी अनुकूल मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: श्रेयस अय्यर (c), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (vc), ईशान किशन (wk), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा, मयंक यादव

जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11: सिकंदर रजा (c), तदिवानाशे मारुमानी (w), ब्रायन बेनेट, मिल्टन शुम्बा, डियोन मायर्स, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुज़रबानी, न्यूमैन न्यामहुरी, वेस्ली मधेवेरे

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