Gautam Gambhir: गौतम गंभीर के सपोर्ट में उतरे वर्ल्ड कप विनिंग कोच, बोले- ‘वह शानदार कोच हैं’

गौतम गंभीर के लिए भारतीय टीम के कोच के रूप में वनडे और टी20 क्रिकेट में सफर काफी अच्छा रहा है। उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टेस्ट मैचों में लगातार मिली मुश्किलों के कारण अब गंभीर की कोचिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घरेलू मैदान पर टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की राह भी मुश्किल हो गई है।

शुभमन गिल की टीम को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बाकी मैचों में ज्यादा जीत हासिल करनी होगी। भारत की टेस्ट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में खेल रही है। इसी बीच पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर का सपोर्ट किया है।

गंभीर की तारीफ की

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें शानदार कोच बताया। उन्होंने कहा, “गंभीर ने कोच के तौर पर काफी सफलता हासिल की है और उनका रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। गंभीर की उपलब्धियों में टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के साथ आईपीएल में भी सफलता शामिल है, जहां वह 2024 में चैंपियन बनी कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे।” कर्स्टन ने ये भी कहा कि, “जब वह खिलाड़ी थे तो मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आया। वह एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं और मुझे पता था कि उन्हें कोच के तौर पर सफलता मिलेगी।”

गौतम गंभीर की तारीफ की है

अब श्रीलंका की टीम के साथ जुड़े गैरी कर्स्टन ने भारतीय टीम के साथ बिताए अपने पुराने दिनों को याद किया। कर्स्टन ने कहा, “भारतीय टीम के साथ बिताए तीन साल उनके लिए बेहद शानदार रहे और खिलाड़ियों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात थी। उस समय भारतीय ड्रेसिंग रूम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और टीम ने उन्हें हमेशा अपने बीच एक अहम सदस्य की तरह स्वीकार किया।” कर्स्टन ने कहा, “वह अब श्रीलंका के साथ भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

स्पिन गेंदबाजी से परेशान भारतीय टीम

भारतीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हाल की टेस्ट सीरीज में परेशानी हुई है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने इसका फायदा उठाया। अब श्रीलंका भी भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के जरिए दबाव में डालना चाहेगा। हालांकि, श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन ने भारत की कमजोरी पर बात करने से बचते हुए अपनी टीम की तैयारी पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं यहां भारतीय टीम को जज करने नहीं आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम एक मजबूत और क्वालिटी टीम है, जिसमें काफी डेप्थ है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्किल एग्जिक्यूशन और रणनीति, दोनों के मामले में पूरी तरह तैयार रहें। हमारा फोकस अपनी ताकत पर ही बना हुआ है।

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वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

IND vs ZIM: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मिलेगा मौका? जानें कैसी होगी प्लेइंग 11

IND vs ZIM: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम की शुरुआत अब तक अच्छी नहीं रही है। उनकी कप्तानी में टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई और फिर इंग्लैंड के दौरे पर चारों मुकाबले गंवा बैठी। टी20 टीम की कमान संभालने के बाद अय्यर अभी तक पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं।

टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली सीरीज को भी टीम इंडिया हल्के में नहीं लेना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मुकाबले के लिए कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11 औवर पिच रिपोर्ट

वर्ल्ड कप में किया था बड़ा उलटफेर

इस साल फरवरी में कोलंबो में खेले गए ICC टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन टीम नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इसके बावजूद इस साल जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों को भी हराकर अपनी ताकत का एहसास कराया है।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है और उसने 11 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबले अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई नहीं रहा है और न ही किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है।

कैसी होगी मौसम

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर टी20 मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 से 160 रन के बीच रहता है। मैच की शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन समय बीतने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं रहती। वहीं, आउटफील्ड भी ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बल्लेबाजों को सही टाइमिंग के साथ शॉट खेलने पड़ते हैं। ऐसे में इस मैदान पर अनुशासित गेंदबाजी करने वाली टीमों को अक्सर बढ़त मिलती है।

कैसा होगा हरारे का मौसम

हरारे में भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना बेहद कम है, इसलिए पूरे मैच के बिना किसी रुकावट के होने की उम्मीद है। मुकाबले के समय तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि हवा में नमी लगभग 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को मौसम काफी अनुकूल मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: श्रेयस अय्यर (c), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (vc), ईशान किशन (wk), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा, मयंक यादव

जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11: सिकंदर रजा (c), तदिवानाशे मारुमानी (w), ब्रायन बेनेट, मिल्टन शुम्बा, डियोन मायर्स, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुज़रबानी, न्यूमैन न्यामहुरी, वेस्ली मधेवेरे

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‘रोहित शर्मा की बात पर नहीं था भरोसा… अब मांगी माफी’ संजू सैमसन ने ‘हिटमैन’ को लेकर किया बड़ा खुलासा

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबलो में संजू को मौका नहीं दिया गया था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके बाद उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भारत की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। उनकी जगह ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका दिया गया। अब हाल ही में संजू ने खुलासा किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद वह काफी निराश थे।

उन्होंने बताया कि, उस समय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उन्हें रोहित की बातों पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि रोहित की सलाह उनके आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए थी।

रोहित की बात पर नहीं हुआ यकीन

संजू सैमसन ने JioStar से कहा की टी20 वर्ल्ड कप के दौरान रोहित शर्मा ने उनसे कहा, “निराश मत हो, भाई। ये लंबा टूर्नामेंट है। तुम्हें मौका जरूर मिलेगा और वह कभी भी आ सकता है।” संजू सैमसन ने बताया कि उस समय वह इतने निराश थे कि रोहित की बातों पर उन्हें भरोसा नहीं हो पाया। संजू ने आगे कहा, “सच कहूं तो उस वक्त मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। इसके लिए माफी चाहता हूं। हो सकता है उन्होंने अपने अनुभव और दिल से यह बात कही हो, लेकिन उस समय मैं वह नहीं देख पा रहा था, जो वह देख रहे थे।”

नहीं हो पाया नॉर्मल

केरल के बैट्समैन ने कहा कि वह काफी दिनों तक उदास रहे। संजू सैमसन ने कहा, “हमारा वर्ल्ड कप अभियान न्यूजीलैंड सीरीज खत्म होने के सिर्फ दो दिन बाद शुरू हो गया था। उस निराशा से बाहर आने में मुझे कम से कम एक हफ्ता लगा। मैं अपनी भावनाओं को छिपाने वाला इंसान नहीं हूं। अगर मैं पूरी तरह ठीक महसूस नहीं करता, तो वह मेरे चेहरे पर साफ नजर आता है। करीब चार-पांच दिन तक मैं उसी दौर से गुजरता रहा, उसके बाद ही खुद को संभाल पाया और फिर से सामान्य हो सका।”

खुद पर किया काम

संजू सैमसन ने आगे कहा, “जब आपको पता होता है कि आप असफल हो चुके हैं, तो उसके बाद आपके सामने सिर्फ आगे बढ़ने का रास्ता होता है। मैंने मानसिक रूप से खुद पर काम करना शुरू किया। मैंने खुद से सवाल पूछे कि मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं और मेरा असली मकसद क्या है। ऐसा लगा जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को दोबारा पहचान रहा था। इसके बाद धीरे-धीरे सब कुछ फिर से सही होने लगा।”

बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

जब संजू सैमसन को टीम में मौका मिला तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके सबका भरोसा जीत लिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में 321 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.37 रहा। संजू भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। इतना ही नहीं, उन्होंने पांच पारियों में 24 छक्के लगाकर टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

रोहित शर्मा-विराट कोहली की पार्टनरशिप क्यों हैं खास? ‘हिटमैन’ ने खुद बताई इसकी वजह

टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा अब वनडे मैच में ही खेलते हैं। दोनों को साथ में मैदान पर खेलते हुए देखने के लिए फैंस काफी एक्साईटेड रहते हैं। वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक साथ खेलते हुए कई यादगार पारियां खेली है। दोनों ने अपने खेल से दुनिया भर में खास पहचान बनाई और टीम इंडिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हुए। वहीं हाल ही में दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मुकाबले में शानदार पारी खेली थी। वहीं हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी पार्टनरशिप को लेकर बयान दिया है।

लॉर्ड्स में की शतकीय साझेदारी

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से लगभग एक ही समय पर संन्यास लिया था। अब दोनों सिर्फ वनडे क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। उनकी नजर भारत के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतने पर है। वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसके बावजूद दोनों मैदान पर साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार तालमेल दिखा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में दोनों ने मिलकर 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की, जो वनडे में उनकी 21वीं शतकीय साझेदारी रही।

रोहित ने बताया अपना एक्सपीरिएंस

रोहित शर्मा ने BCCI से कहा, “मैं और विराट अपने पूरे करियर में साथ खेले हैं। इसलिए उनका क्रीज पर मेरे साथ होना हमेशा अच्छा लगता है। हमने कई बड़ी पार्टनरशिप की हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करने में काफी मजा आता है, क्योंकि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और लगातार अपने आइडिया शेयर करते रहते हैं।” इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। रोहित लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।

इंग्लैंड में खेलना पसंद

रोहित शर्मा ने कहा, “मुझे इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है। यहां का माहौल, मैदान और पिच हर बार अलग तरह की चुनौती देते हैं। चाहे कोई भी फॉर्मेट हो, यहां खेलते समय आपको खुद को हर बार साबित करना पड़ता है। एक क्रिकेटर के तौर पर आप ऐसी ही चुनौतियां चाहते हैं। मुझे मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए काफी मजा आया।”

गेंदबाजों की किया बचाव

मुकाबले में टीम के गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा। रोहित शर्मा ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि टीम में कई खिलाड़ी अभी वनडे क्रिकेट में नए हैं और उन्हें समय देने की जरूरत है। रोहित शर्मा ने कहा, “गेंदबाजी को लेकर यह समझना जरूरी है कि इन खिलाड़ियों ने अभी बहुत ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं। ऐसे में उन्हें समय देना होगा। हम इस मैच से सीख सकते हैं और अगली बार ऐसी स्थिति आने पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। सीरीज का नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि हम मैच को अपने नाम नहीं कर सके। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा।” भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से हार गई।

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

 

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

IND vs ZIM: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 और 3 वनडे सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड दौरे भारत के उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टी20 में व्हाइट वॉश के बाद वनडे में भी टीम 2-1 से सीरीज हार गई। वहीं इसके पहले आयरलैंड दौरे पर भी भारतीय टीम को 2-0 से करारी हार मिली थी। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से चैपिंयन टीम को टी20 में अपनी पहली जीत की तलाश है। वहीं श्रेयस अय्यर को भी अपनी कप्तानी में पहली जीत की तलाश है। अब भारतीय टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे कौ दौरा करेगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच इस सीरीज का पहला मैच 23 जुलाई, गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। वहीं दूसरा और तीसरा मुकाबला 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर होगा।

दोनों टीमों के बीच होगा कड़ा मुकाबला

इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि, भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को एकतरफा नहीं माना जाना चाहिए। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और मुकाबले उम्मीद से ज्यादा रोमांचक होंगे।

रजा ने क्या कहा

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, “इस सीरीज में भारत और जिम्बाब्वे, दोनों के पास जीत का बराबर मौका है। हमारी टीम पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा और मनोरंजक क्रिकेट खेल रही है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि यह सीरीज बेहद रोमांचक होगी और क्रिकेट फैंस को शानदार मुकाबले देखने को मिलेंगे।” रजा ने कहा, “हां, भारत इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है और कुछ ऐसा ही जिम्बाब्वे की टीम में भी देखने को मिलेगा। हम भी नई टीम तैयार कर रहे हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सीरीज एकतरफा होगी। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।”

टी20 वर्ल्ड में किया था बड़ा उलटफेर

सिकंदर रजा के मुताबिक, जिम्बाब्वे की टीम हाल के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के खिलाफ उतरेगी। इस साल टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके अलावा जिम्बाब्वे ने श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की है। रजा ने कहा कि भारत इस समय नई टीम तैयार कर रहा है, लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की मजबूत टीम बनाने पर काम कर रहा है।

लेकिन भारत के पास पिछली जिम्बाब्वे दौरे की अच्छी यादें हैं। साल 2024 में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने शुरुआती मैच हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। वहीं, इस बार दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

IND vs ENG: ‘शोर नहीं होगा तो मजा नहीं आएगा’, रिटायरमेंट की अफवाहों पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं लॉर्ड्स में वनडे से पहले रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। तीसरे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 138 रन की तूफानी पारी खेली है। वहीं मैच के बाद ने रोहित ने अपने रिटायरमेंट की खबरों रिएक्शन दिया है। जब रोहित से इन अफवाहों पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा।”

भारत सीरीज हार गई लेकिन रोहित ने शानदार शतक जड़कर ये साफ कर दिया कि वह अभी वनडे क्रिकेट से विदाई लेने के मूड में नहीं हैं। टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं।

रिटायमेंट पर रोहित ने क्या कहा

रोहित ने BCCI.tv से कहा, “मेरा काम मेरे बल्ले से जवाब देना है। मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी जिम्मेदारी है और डेब्यू के दिन से मैं यही करता आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं और जब तक मैं खेलूंगा, यह सिलसिला चलता रहेगा। मुझे इन बातों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करूं और टीम की जीत में अपना योगदान दूं।”

 

आलोचकों को दिया ये जवाब

रोहित शर्मा ने साफ किया कि वह आलोचनाओं और अफवाहों को किस तरह देखते हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “जब शोर नहीं होता, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर अपना खेल दिखाना है, जबकि बाहर क्या बातें होती हैं, वह लोगों का काम है। मैं हमेशा इसे इसी नज़रिए से देखता हूं।” रोहित शर्मा को लेकर आगे भी तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठते रह सकते हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं

2027 वर्ल्ड कप जीतना है भारत का लक्ष्य

अब रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनकी सबसे बड़ी मंजिल 2027 वनडे वर्ल्ड कप मानी जा रही है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है। उस हार के बाद वह काफी निराश हो गए थे और खुद को संभालने में उन्हें काफी समय लगा। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से संन्यास ले लिया और फिर टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका पूरा फोकस सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है। माना जा रहा है कि रोहित की सबसे बड़ी कोशिश 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है, ताकि वह अपने करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना पूरा कर सकें।

रोहित ने खेली शानदार पारी

रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। रोहित ने करीब 10 किलो वजन घटाया, जिससे साफ पता चलता है कि वह अभी भी लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अपने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी भारत की उम्मीदों को काफी देर तक जिंदा रखे रही, लेकिन बाद में वह जैकब बेथेल की गेंद पर आउट हो गए।

कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार के बाद रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की चर्चा काफी बढ़ गई थी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि, लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है। वहीं, बीसीसीआई ने इन खबरों को गलत बताते हुए किसी भी तरह की रिटायरमेंट की बात से इनकार कर दिया था।

ODI और T20 World Cup का फॉर्मेट पूरी तरह बदल गया, ICC ने किया बड़ा ऐलान! जानिए क्या है सुपर 7 और सुपर 10 का गणित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।

समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित

चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।

चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।

चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।

सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।

कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?

इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।

2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।

समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण

नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।

सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।

एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।

टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?

बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।

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लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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