ODI वर्ल्ड कप 2027 पर बड़ा अपडेट, गांधी जयंती पर शुरू होगा टूर्नामेंट!

ODI World Cup 2027: आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 को लेकर बड़ी खबर आ रही हैं। वहीं मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 इस बार एक खास तारीख से शुरू होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन हो सकती है। गांधीजी का भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के इतिहास से भी गहरा जुड़ाव रहा है। वहीं 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। बता दें अभी आईसीसी ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबानी से जुड़े शहरों का ऐलान कर दिया है। जोहान्सबर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के कुल 12 शहरों को मैचों की मेजबानी के लिए चुना गया। इनमें दक्षिण अफ्रीका के आठ, जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया की राजधानी विंडहोक शामिल है। इन शहरों में टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे और क्रिकेट फैंस को अलग-अलग जगहों पर वर्ल्ड कप के रोमांच का अनुभव मिलेगा।

वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड बोर्ड, आईसीसी के फैसले उठाए सवाल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के फॉर्मेट अचानक बदलाव कर दिया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचे हैं, ऐसे में फॉर्मेट में बदलाव करना उचित नहीं है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, वहीं 12वें, 13वें और 14वें नंबर की टीमों को पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने होंगे। इन तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच पाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। ये टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बयान जारी कर वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई।

फॉर्मेट को लेकर जताई नाराजगी

दोनों बोर्ड ने संयुक्त बयान में कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हाल के फैसले से बहुत निराश हैं। ICC ने 50 ओवर वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।” बोर्ड ने आगे कहा, “ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं और पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हुई प्रगति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

किस प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव

बयान में आगे कहा गया, “जब क्रिकेट अपनी पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब उभरती हुई टीमों के लिए मौके कम करना बिल्कुल सही संदेश नहीं देता।” CS और KNCB ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर चिंता है कि वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत बनाने के लिए ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, हमें इन बदलावों के असर के साथ-साथ इन्हें लागू करने के तरीके को लेकर भी गंभीर चिंता है।”

मिलना चाहिए पर्याप्त समय

CS और KNCB ने कहा कि एसोसिएट मेंबर्स को इन बदलावों को समझने और उनकी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। दोनों बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को लेकर ज्यादा स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा, “बदलावों की घोषणा के बाद क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और दूसरे एसोसिएट मेंबर्स ने ICC से दो बार मुलाकात की। इन बैठकों में बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी गई।”

ICC को देना होगा जवाब

बयान में आगे कहा गया, “हमने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पॉजिटिव कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग करने का भी अनुरोध किया। दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले हुई दूसरी बैठक के बाद से ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है। उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए यह स्थिति निराशाजनक है।”

ICC से की अपील

बोर्ड ने कहा कि ICC को एसोसिएट देशों के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और उनकी चिंताओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हम ICC से अपील करते हैं कि वह एसोसिएट मेंबर्स और उनकी मांगों पर फिर से ध्यान दे। साथ ही, सभी सदस्य देशों के साथ खुलकर चर्चा करे, ताकि यह तय किया जा सके कि लंबे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हितों को सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

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भुवनेश्वर कुमार को फिर मिले टीम इंडिया में मौका? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अश्विन ने की

साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया तीनों देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आईसीसी ने हाल ही में मेजबान शहरों की लिस्ट जारी कर दी है। विश्व कप के दौरान कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन 12 अलग-अलग शहरों में किया जाएगा। 2027 वनडे विश्व कप के लिए संभावित भारतीय टीम को लेकर पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अपनी राय रखी है। रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वनडे टीम में वापसी को लेकर समर्थन किया है।

अश्विन के मुताबिक, भुवनेश्वर का अनुभव भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर 2027 वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

वनडे वर्ल्ड कप में इनको दी जगह

क्रिकइन्फो पर बातचीत के दौरान वनडे वर्ल्ड के लिए संभावित टीम की चर्चा पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि, “वह भुवनेश्वर कुमार को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का हिस्सा देखना चाहते हैं। भुवनेश्वर को फर्स्ट क्लास क्रिकेट और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट लगातार खेलने चाहिए, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।” अश्विन के मुताबिक, “वहां भारत को भुवनेश्वर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज की जरूरत पड़ेगी।” इसके अलावा उन्होंने अपनी संभावित टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज का सपोर्ट किया, जबकि संजू सैमसन और शिवम दुबे को जगह नहीं दी।

कब खेला था आखिरी वनडे

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर खेला था। इसके बाद से वह वनडे टीम से बाहर हैं। उन्होंने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। भुवनेश्वर ने अब तक भारत के लिए 121 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 141 विकेट अपने नाम किए हैं। उनके अनुभव और नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की वजह से उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

साल 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान कर दिया है, जहां कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें जोहान्सबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, गेकेबरहा, कुगोम्पो सिटी, केप टाउन, पार्ल, ब्लोमफोंटेन, हरारे, बुलावायो, विक्टोरिया फॉल्स और विंडहोक शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुकाबले साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे, जहां की तेज और उछाल वाली पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं।

आईपीएल और घरेलू टीम में खेलते हैं

भले ही भुवनेश्वर कुमार इस समय भारतीय वनडे टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम के खिताब बचाने के अभियान में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वापसी की चर्चा फिर से तेज हो गई है।

Rohit Sharma: रोहित शर्मा के वर्ल्ड कप प्लान पर सस्पेंस, शुभमन गिल पर अब टिकी सबकी निगाहें…जानें क्यों

टेस्ट और टी20 से संन्यास लेने के बाद भारत के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा केवल एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं। पिछले काफी समय से रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट को लेकर खबरें आती रहती है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में रोहित ने शानदार प्रदर्शन कर आलोचकों को शांत कर दिया है। अगले साल वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। रिटायरमेंट की चर्चाओं के बीच रोहित शर्मा ने साफ कर दिया कि उनका अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेलना चाहते हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कहा कि, टीम का माहौल और दिशा तय करने में कप्तान की अहम भूमिका होती है।

मोहम्मद कैफ ने कहा कि अगर रोहित शर्मा को वनडे वर्ल्ड कप तक टीम बनाए रखना है, तो शुभमन गिल को खुलकर उनका समर्थन करना चाहिए। उनके मुताबिक, गिल को सार्वजनिक रूप से भी रोहित पर भरोसा जताना चाहिए।

शुभमन गिल की राय हमेशा अहम होती है

मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मुझे लगता है कि अभी इस मामले में इंतजार करना होगा। काफी असमंजस की स्थिति है, लेकिन जल्द ही तस्वीर साफ होनी चाहिए। शुभमन गिल को सामने आकर प्रेस में ये कहना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के लिए रोहित शर्मा को टीम में देखना चाहते हैं।” कैफ ने कहा, “जब टीम बनाई जाती है, तो कप्तान की राय हमेशा अहम होती है। कई बार खिलाड़ियों को एक-दूसरे के खेल की जितनी समझ होती है, उतनी चयनकर्ताओं को नहीं होती। ऐसे में कप्तान को कोच और चयनकर्ताओं से बात करनी चाहिए, उन्हें अपनी बात समझानी चाहिए और टीम से जुड़े अहम फैसलों में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”

रोहित का करना चाहिए समर्थन

कैफ ने आगे कहा, “जब वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह रन नहीं बना पा रहे थे, तब सौरव गांगुली हमेशा उनके समर्थन में खड़े रहे और कहते थे कि वे वापसी करेंगे। महेंद्र सिंह धोनी ने भी अपने खिलाड़ियों का हर मुश्किल समय में साथ दिया। रोहित शर्मा ने भी हमेशा अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है।” अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कैफ ने कहा कि अगर शुभमन गिल सार्वजनिक रूप से रोहित शर्मा का समर्थन करते हैं, तो इससे पूरे मामले में स्पष्टता आएगी और कप्तान के तौर पर उनकी भूमिका और नेतृत्व भी मजबूत होगा।

ODI और T20 World Cup का फॉर्मेट पूरी तरह बदल गया, ICC ने किया बड़ा ऐलान! जानिए क्या है सुपर 7 और सुपर 10 का गणित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।

समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित

चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।

चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।

चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।

सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।

कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?

इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।

2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।

समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण

नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।

सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।

एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।

टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?

बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।

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