तीसरी बार वेस्टइंडीज को क्यों खेलना पड़ेगा वर्ल्ड कप क्वालिफायर? 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन की बढ़ी मुश्किलें

दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में डायरेक्ट क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबला खेलना होगा। सोमवार को अफगानिस्तान ने आयरलैंड को वनडे मैच में हरा दिया, जिसके बाद वेस्टइंडीज के 30 सितंबर तक सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। अब वेस्टइंडीज को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफाइंग मुकाबलों में अपना दम दिखाना होगा। आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा।

इन टीमों को मिलेगा डायरेक्ट एंट्री

30 सितंबर तक आईसीसी की वनडे रैंकिंग में शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाली टीमों को विश्व कप में सीधे प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन, इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि दोनों टीमें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की मेजबानी करेंगी। अफगानिस्तान ने वनडे विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली है। उसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश भी टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे। मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे की जगह भी तय है।

वेस्टइंडीज तीसरी बार खेलेगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए एक बार फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट का सामना करना पड़ेगा। खास बात यह है कि वेस्टइंडीज लगातार तीसरी बार विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलने की स्थिति में पहुंची है। 2027 वनडे विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट अगले साल फरवरी में खेला जाएगा, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि इसकी मेजबानी कौन सा देश करेगा। क्वालिफायर जीतने वाली टीम को विश्व कप के दूसरे राउंड में सीधे जगह मिलेगी। वहीं, दूसरे से चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को पहले राउंड से शुरुआत करनी होगी। इस राउंड को सुपर सीरीज कहा जाता है। जहां टीमों के पास आगे बढ़कर विश्व कप में अपनी जगह बनाने का मौका रहेगा।

ये टीमें लेंगी हिस्सा

इस क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में आयरलैंड और वेस्टइंडीज़ के अलावा वर्ल्ड कप लीग 2 में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली चार टीमें भी हिस्सा लेंगी। आयरलैंड और वेस्टइंडीज को 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग के आधार पर जगह मिलेगी, क्योंकि वे मेजबान देशों को छोड़कर सबसे नीचे रैंक वाली पूर्ण सदस्य टीमें हैं। वहीं, बदले हुए क्वालिफिकेशन फॉर्मेट को लेकर कुछ एसोसिएट देशों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। नए सिस्टम में टीमों को विश्व कप तक पहुंचने के लिए पहले से ज्यादा मुकाबलों और अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ सकता है।

कैसे होगा क्वालिफायर मुकाबला

विश्व कप क्वालिफायर में बची चार जगहों के लिए टीमों को पहले प्लेऑफ खेलना होगा। इस प्लेऑफ में कुल आठ टीमें होंगी। इनमें वर्ल्ड कप लीग 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें शामिल होंगी। चैलेंज लीग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हैं, जिन्हें छह-छह टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में तीन चरणों में मुकाबले होंगे और सभी टीमें एक-दूसरे से खेलेंगी। ग्रुप में सबसे ऊपर रहने वाली दो-दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी। इसके बाद प्लेऑफ में टॉप चार टीमें विश्व कप क्वालिफायर में जगह बनाएंगी।

वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड बोर्ड, आईसीसी के फैसले उठाए सवाल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के फॉर्मेट अचानक बदलाव कर दिया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचे हैं, ऐसे में फॉर्मेट में बदलाव करना उचित नहीं है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, वहीं 12वें, 13वें और 14वें नंबर की टीमों को पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने होंगे। इन तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच पाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। ये टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बयान जारी कर वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई।

फॉर्मेट को लेकर जताई नाराजगी

दोनों बोर्ड ने संयुक्त बयान में कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हाल के फैसले से बहुत निराश हैं। ICC ने 50 ओवर वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।” बोर्ड ने आगे कहा, “ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं और पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हुई प्रगति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

किस प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव

बयान में आगे कहा गया, “जब क्रिकेट अपनी पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब उभरती हुई टीमों के लिए मौके कम करना बिल्कुल सही संदेश नहीं देता।” CS और KNCB ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर चिंता है कि वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत बनाने के लिए ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, हमें इन बदलावों के असर के साथ-साथ इन्हें लागू करने के तरीके को लेकर भी गंभीर चिंता है।”

मिलना चाहिए पर्याप्त समय

CS और KNCB ने कहा कि एसोसिएट मेंबर्स को इन बदलावों को समझने और उनकी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। दोनों बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को लेकर ज्यादा स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा, “बदलावों की घोषणा के बाद क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और दूसरे एसोसिएट मेंबर्स ने ICC से दो बार मुलाकात की। इन बैठकों में बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी गई।”

ICC को देना होगा जवाब

बयान में आगे कहा गया, “हमने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पॉजिटिव कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग करने का भी अनुरोध किया। दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले हुई दूसरी बैठक के बाद से ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है। उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए यह स्थिति निराशाजनक है।”

ICC से की अपील

बोर्ड ने कहा कि ICC को एसोसिएट देशों के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और उनकी चिंताओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हम ICC से अपील करते हैं कि वह एसोसिएट मेंबर्स और उनकी मांगों पर फिर से ध्यान दे। साथ ही, सभी सदस्य देशों के साथ खुलकर चर्चा करे, ताकि यह तय किया जा सके कि लंबे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हितों को सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”