नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे:सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। जेटेन और उनके पार्टनर कीनन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, हमारी जिंदगी में एक बहुत खास मेहमान आने वाला है। नन्हे बच्चे, 2027 में तुमसे मुलाकात होगी। डच मीडिया के मुताबिक बच्चे के जन्म के लिए सरोगेसी की मदद ली गई है। उनकी दो महिला दोस्तों ने इस प्रक्रिया में मदद की। एक ने अंडाणु दान किया, जबकि दूसरी बच्चे को जन्म देंगी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जेटेन ऐसे पहले डच प्रधानमंत्री होंगे, जिनके कार्यकाल में उनके बच्चे का जन्म होगा। टिकटॉक वीडियो से शुरू हुई कहानी, सुपरमार्केट में मिले साल 2021 में, जेटन और उनके एक साथी डच नेता के बीच का एक ब्रोमांस वाला ट्रेडिंग वीडियो टिकटॉक पर बहुत वायरल हुआ था। इसमें दोनों नेता एक दूसरे के साथ मस्ती करते, हंसते और डांस करते दिखे थे। वीडियो वायरल होने के बाद रॉब जेटन युवाओं के बीच मशहूर हो गए। साल 2022 में कीनन ने एक सुपरमार्केट में जेटेन को देखा और उन्हें वायरल वीडियो की वजह से पहचान गए। इस दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। कीनन ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि जेटेन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में दोनों का रिश्ता निजी रहा लेकिन अगस्त 2023 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया। नवंबर 2024 में दोनों ने सगाई की घोषणा की। दोनों की शादी जून 2026 में होनी थी, लेकिन जेटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। नीदरलैंड समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला पहला देश नीदरलैंड दुनिया का पहला देश था, जिसने 2001 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी। जेटेन देश के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, वे दुनिया के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले भी दूसरे देशों में खुले तौर पर समलैंगिक नेता सरकार के प्रमुख रह चुके हैं। सिर्फ 39 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने जेटेन दुनिया के 8 समलैंगिक प्रधानमंत्री 1. योहाना सिगुर्दार्दोतिर – आइसलैंड (2009–2013): वे दुनिया की पहली खुले तौर पर समलैंगिक सरकार प्रमुख बनीं। वे लेस्बियन थीं। उनकी 1970 में शादी हुई थी। उनके 2 बच्चे भी हुए। 1985 में वह एक महिला पत्रकार के करीब आईं। इसके 2 साल बाद उन्होंने तलाक ले लिया। जून 2010 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलने पर दोनों ने शादी कर ली। 2. एलियो दी रूपो – बेल्जियम (2011–2014): वे बेल्जियम ही नहीं दुनिया के पहले खुले तौर पर गे प्रधानमंत्री बने। 1996 में उप-प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन पर 16 साल के बच्चे के साथ संबंध बनाने का आरोप लगा था। तब पहली बार उनकी पहचान उजागर हुई थी। 3. जेवियर बेटेल – लक्जमबर्ग (2013–2023): बेटेल ने 2008 में पहली बार बताया था कि वे समलैंगिक हैं। PM बनने के डेढ़ साल बाद 2015 में उन्होंने अपने पुरुष पार्टनर गौथियर डेस्टने से शादी की। वे पहले ऐसे गे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की। 4. लियो वराडकर – आयरलैंड (2017–2024): आयरलैंड में मई 2015 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए जनमत संग्रह होना था। भारतीय मूल के लियो वराडकर तब स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने इस जनमत संग्रह को समर्थन देने के लिए पहली बार अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 5. एना ब्रनाबिच – सर्बिया (2017–2024): वे सर्बिया की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वे लेस्बियन हैं। फरवरी 2019 में उनकी पार्टनर ने एक बेटे को जन्म दिया। ऐसे में वे पहली समलैंगिक प्रधानमंत्री बनीं, जिनकी महिला पार्टनर ने उनके कार्यकाल के दौरान बच्चे को जन्म दिया। 6. जेवियर एस्पोट – अंडोरा (2019 से): वे अंडोरा के प्रधानमंत्री हैं और खुले तौर पर समलैंगिक हैं। प्रधानमंत्री बनने के 4 साल बाद 2023 में उन्होंने अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 7. गैब्रियल अत्ताल – फ्रांस (2024): वे फ्रांस के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बने। 2018 में जब वे मैक्रों की पार्टी के सांसद थे तब पहली बार उनके एक बचपन के दोस्त ने खुलासा किया था कि उनका संबंध एक नेता स्तेफान सेजुर्ने से है। दोस्त ने आरोप लगाया कि सेजुर्ने की वजह से अत्ताल का राजनीतिक करियर आगे बढ़ा। 8. रॉब जेटेन- नीदरलैंड (2026 से): वे नीदरलैंड के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में पद संभाला। 17 साल की उम्र में पहली बार एक लड़के से प्यार होने के बाद उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के सामने अपनी पहचान का खुलासा किया था।

नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे:सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। जेटेन और उनके पार्टनर कीनन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, हमारी जिंदगी में एक बहुत खास मेहमान आने वाला है। नन्हे बच्चे, 2027 में तुमसे मुलाकात होगी। डच मीडिया के मुताबिक बच्चे के जन्म के लिए सरोगेसी की मदद ली गई है। उनकी दो महिला दोस्तों ने इस प्रक्रिया में मदद की। एक ने अंडाणु दान किया, जबकि दूसरी बच्चे को जन्म देंगी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जेटेन ऐसे पहले डच प्रधानमंत्री होंगे, जिनके कार्यकाल में उनके बच्चे का जन्म होगा। टिकटॉक वीडियो से शुरू हुई कहानी, सुपरमार्केट में मिले साल 2021 में, जेटन और उनके एक साथी डच नेता के बीच का एक ब्रोमांस वाला ट्रेडिंग वीडियो टिकटॉक पर बहुत वायरल हुआ था। इसमें दोनों नेता एक दूसरे के साथ मस्ती करते, हंसते और डांस करते दिखे थे। वीडियो वायरल होने के बाद रॉब जेटन युवाओं के बीच मशहूर हो गए। साल 2022 में कीनन ने एक सुपरमार्केट में जेटेन को देखा और उन्हें वायरल वीडियो की वजह से पहचान गए। इस दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। कीनन ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि जेटेन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में दोनों का रिश्ता निजी रहा लेकिन अगस्त 2023 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया। नवंबर 2024 में दोनों ने सगाई की घोषणा की। दोनों की शादी जून 2026 में होनी थी, लेकिन जेटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। नीदरलैंड समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला पहला देश नीदरलैंड दुनिया का पहला देश था, जिसने 2001 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी। जेटेन देश के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, वे दुनिया के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले भी दूसरे देशों में खुले तौर पर समलैंगिक नेता सरकार के प्रमुख रह चुके हैं। सिर्फ 39 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने जेटेन दुनिया के 8 समलैंगिक प्रधानमंत्री 1. योहाना सिगुर्दार्दोतिर – आइसलैंड (2009–2013): वे दुनिया की पहली खुले तौर पर समलैंगिक सरकार प्रमुख बनीं। वे लेस्बियन थीं। उनकी 1970 में शादी हुई थी। उनके 2 बच्चे भी हुए। 1985 में वह एक महिला पत्रकार के करीब आईं। इसके 2 साल बाद उन्होंने तलाक ले लिया। जून 2010 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलने पर दोनों ने शादी कर ली। 2. एलियो दी रूपो – बेल्जियम (2011–2014): वे बेल्जियम ही नहीं दुनिया के पहले खुले तौर पर गे प्रधानमंत्री बने। 1996 में उप-प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन पर 16 साल के बच्चे के साथ संबंध बनाने का आरोप लगा था। तब पहली बार उनकी पहचान उजागर हुई थी। 3. जेवियर बेटेल – लक्जमबर्ग (2013–2023): बेटेल ने 2008 में पहली बार बताया था कि वे समलैंगिक हैं। PM बनने के डेढ़ साल बाद 2015 में उन्होंने अपने पुरुष पार्टनर गौथियर डेस्टने से शादी की। वे पहले ऐसे गे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की। 4. लियो वराडकर – आयरलैंड (2017–2024): आयरलैंड में मई 2015 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए जनमत संग्रह होना था। भारतीय मूल के लियो वराडकर तब स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने इस जनमत संग्रह को समर्थन देने के लिए पहली बार अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 5. एना ब्रनाबिच – सर्बिया (2017–2024): वे सर्बिया की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वे लेस्बियन हैं। फरवरी 2019 में उनकी पार्टनर ने एक बेटे को जन्म दिया। ऐसे में वे पहली समलैंगिक प्रधानमंत्री बनीं, जिनकी महिला पार्टनर ने उनके कार्यकाल के दौरान बच्चे को जन्म दिया। 6. जेवियर एस्पोट – अंडोरा (2019 से): वे अंडोरा के प्रधानमंत्री हैं और खुले तौर पर समलैंगिक हैं। प्रधानमंत्री बनने के 4 साल बाद 2023 में उन्होंने अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 7. गैब्रियल अत्ताल – फ्रांस (2024): वे फ्रांस के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बने। 2018 में जब वे मैक्रों की पार्टी के सांसद थे तब पहली बार उनके एक बचपन के दोस्त ने खुलासा किया था कि उनका संबंध एक नेता स्तेफान सेजुर्ने से है। दोस्त ने आरोप लगाया कि सेजुर्ने की वजह से अत्ताल का राजनीतिक करियर आगे बढ़ा। 8. रॉब जेटेन- नीदरलैंड (2026 से): वे नीदरलैंड के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में पद संभाला। 17 साल की उम्र में पहली बार एक लड़के से प्यार होने के बाद उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के सामने अपनी पहचान का खुलासा किया था।

भारत से अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश:वीडियो में उम्मीदवार की तारीफ, मुंबई में बैठे शख्स को हर पोस्ट के 15 डॉलर मिले

अमेरिका में चुनाव के दौरान वोटरों को प्रभावित करने के लिए भारत से सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाए गए। इन वीडियो में आम लोग सड़कों पर खड़े होकर एक उम्मीदवार की तारीफ करते और महंगाई जैसे मुद्दों पर अपनी राय देते नजर आए। वीडियो ऐसे बनाए गए थे, जैसे लोग अपनी मर्जी से उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हों। लेकिन इन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए पैसे दिए जा रहे थे। मुंबई में बैठा आयुष जैन हर पोस्ट के बदले करीब 15 डॉलर (1400 रुपए) कमा रहा था। गलत जानकारी फैलाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखने वाले दो रिसर्च ग्रुप्स के मुताबिक, इन वीडियो को पोस्ट करने वाले ज्यादातर अकाउंट भारत से चलाए जा रहे थे। डेमोक्रेट उम्मीदवार के समर्थन में 36 वीडियो पोस्ट किए गए यह मामला अगस्त में मिशिगन राज्य में सीनेट चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार को चुनने से पहले का है। सोशल मीडिया पर कम से कम 36 वीडियो पोस्ट किए गए जिन्हें लाखों बार देखा गया। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स पर डाले गए इन वीडियो में ज्यादातर सांसद हेली स्टीवंस की तारीफ की गई थी। इनमें लोग महंगाई और रोजी-रोटी जैसे मुद्दों पर बात करते हुए स्टीवंस का समर्थन करते नजर आए। हालांकि, वीडियो बनाने वालों की पहचान सामने नहीं आई है और यह भी साफ नहीं है कि इनके पीछे पैसा किसने लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह अभियान स्टीवंस को उनके प्रतिद्वंद्वी डॉ. अब्दुल एल-सैयद के खिलाफ जीत दिलाने की कोशिश कर रहे किसी राजनीतिक समूह से जुड़ा हो सकता है। लेकिन इन वीडियो को फैलाने में स्टीवंस के चुनाव अभियान या उनके समर्थक समूहों का हाथ होने का कोई सबूत सामने नहीं आया है। 4 अगस्त को चुनाव में एल-सैयद ने जीत हासिल की। हर 1000 व्यू पर मिलते थे 1 से 5 डॉलर पेंसिल्वेनिया की कंपनी ने आयुष को काम पर रखा था अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य की ‘लुमिना क्लिपर्स’ नाम की एक कंपनी ने आयुष जैन को हायर किया था। यह कंपनी सोशल मीडिया पर बॉट अकाउंट के जरिए पोस्ट की पहुंच बढ़ाने का काम करती है। बॉट ऐसे अकाउंट होते हैं, जिनका इस्तेमाल बड़ी संख्या में पोस्ट और इन्फोर्मेशन फैलाने के लिए किया जा सकता है। इस कंपनी का फोन नंबर UAE का है और इसे पुर्तगाल में रहने वाले आयरलैंड के नागरिक राइस मैके चलाते हैं। मैके ने माना कि उनकी कंपनी ने मिशिगन के इन वीडियो को फैलाने में भूमिका निभाई थी। इसके लिए आयुष जैन और उनके जैसे दर्जनों अन्य लोगों को काम पर रखा गया था। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि उन्हें यह काम किसने दिया था और इसके लिए कितना पैसा खर्च हुआ। 28 अकाउंट ने पैसे लेकर फैलाए वीडियो इस अभियान का सबसे पहले पता ‘एंटीबॉट4नवालनी’ नाम के समूह ने लगाया। समूह ने एक्स पर ऐसे 28 अकाउंट की पहचान की, जो पैसे लेकर वीडियो पोस्ट कर रहे थे। इन पोस्ट को 70 लाख से ज्यादा बार देखा गया। इसके बाद क्लेमसन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स पर भी ऐसे अकाउंट खोजे। इनमें से कुछ अकाउंट पहले चीन से जुड़े बॉट नेटवर्क के जरिए चलाए गए अभियानों में भी सामने आ चुके थे। रिसर्चर्स के मुताबिक, ये अकाउंट आम तौर पर कार्टून और मनोरंजन से जुड़े वीडियो पोस्ट करते थे लेकिन चुनाव के दौरान अचानक राजनीतिक वीडियो फैलाने लगे। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेट उम्मीदवार के चुनाव के बाद भी इन अकाउंट से राजनीतिक पोस्ट जारी रहीं। इनमें कैलिफोर्निया में गवर्नर पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार स्टीव हिल्टन के समर्थन वाली पोस्ट भी शामिल थीं। ————————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हार सकते हैं:10 में से 9 सर्वे में पीछे, महंगाई-ईरान जंग से लोकप्रियता घटी, अपने ही उम्मीदवार दूरी बना रहे अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

महिला टीम की दिग्गज ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, खेले ODI और T20I विश्वकप फाइनल

पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इसके साथ ही उनके एक दशक से अधिक लंबे करियर का समापन हो गया। दाएं हाथ की बल्लेबाज राउत ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2021 में खेला था।

राउत ने 73 वनडे मैचों में 2299 रन, 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 719 रन और भारत के लिए खेले गए चार टेस्ट मैचों में 264 रन बनाए। उन्होंने कुल चार अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए – तीन वनडे में और एक 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में। इसके अलावा, उन्होंने वनडे में 15 और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार अर्धशतक भी जड़े। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ एक वनडे था।

राउत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2017 महिला विश्व कप के दौरान देखने को मिला, जहां उन्होंने कुल 381 रन बनाए। इसमें लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में खेली गई 86 रनों की पारी भी शामिल थी, हालांकि उस मैच में भारत को नौ रनों से हार का सामना करना पड़ा था। उसी टूर्नामेंट में, उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 109 रन बनाए और दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर 320 रनों की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की।

2021 में, वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के ऐतिहासिक पिंक-बॉल टेस्ट का हिस्सा थीं। उन्होंने पहली पारी में 36 रन बनाए। इस मैच में, अंपायर द्वारा ‘नॉट आउट’ दिए जाने के बावजूद, गेंद बल्ले के किनारे से लगने पर उन्होंने खुद ही मैदान से बाहर जाना स्वीकार किया, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई।

इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए, राउत ने अपने सफर को याद किया। “मुंबई की सड़कों से लेकर भारतीय जर्सी पहनने तक का यह सफर किसी वरदान से कम नहीं रहा। यह एक ऐसा सफर था जिसमें कई त्याग, संघर्ष, कभी न भूलने वाली जीतें, कड़े सबक और ऐसे पल शामिल रहे, जिन्हें मैं जीवन भर संजोकर रखूंगी।”
उन्होंने आगे कहा, ”भारत का प्रतिनिधित्व करना सिर्फ एक सपना पूरा होने जैसा नहीं था; यह एक ऐसा सौभाग्य था जिसे मैंने बहुत गर्व के साथ निभाया। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के इस अध्याय को समाप्त करते समय, मेरा दिल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता से भरा है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरा साथ दिया और मेरे सफर का हिस्सा बने। क्रिकेट ने मुझे सिर्फ एक करियर ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक मकसद, एक पहचान और एक परिवार भी दिया।”

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद के जीवन के बारे में बात करते हुए, राउत ने कहा कि वह उस खेल को कुछ वापस देना चाहती हैं जिसने उनके जीवन को संवारा है। “हो सकता है कि मेरे अंदर का खिलाड़ी अब खेल से दूर हो जाए, लेकिन इस खेल के लिए मेरा प्यार कभी रिटायर नहीं होगा। मेरी अगली पारी उस खेल को कुछ वापस देने की है, जिसने मुझे सब कुछ दिया है।”

पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ रचा इतिहास

युवा बल्लेबाज माज सदाकात (96) और साहिबजादा फरहान (73) की शानदार पारियों की बदौलत पाकिस्तान की नयी टीम ने यहा श्रीलंका के खिलाफ 82 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

पाकिस्तान ने माज सदाकत 96 रनों की शानदार पारी की मदद से तीन विकेट पर 215 का बड़ा स्कोर बनाया और फिर रविवार को एशियाई टीम की बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को सात विकेट पर 133 रन पर रोक कर 82 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

यह घरेलू मैदान पर पुरुषों के टी-20 मैचों में पाकिस्तान का सबसे बड़ा टीम स्कोर था और कुल मिलाकर उनका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। इससे बेहतर स्कोर उन्होंने 2021 में नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 232/6 बनाया था। इस मैच में पाकिस्तान ने 13 छक्के लगाए, जो किसी भी पुरुष टी-20 में उनके द्वारा लगाए गए छक्कों की संख्या के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है; उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2024 में डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ 15 छक्कों का था।

आईसीसी के अनुसार, साहिबजादा फरहान की कप्तानी में नई टीम के लिए यह अच्छी बात है। बाबर आज़म, शाहीन अफ़रीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी के बावजूद पाकिस्तान के नए स्टार खिलाड़ी कई सकारात्मक संकेत दिखा रहे हैं।

मैच के बाद फरहान ने कहा यह एक अच्छी जीत है और हम अच्छी तरह से तैयार हो रहे हैं। हम 2026 में एक अलग टी-20 टीम बन गए हैं क्योंकि हमारे छक्के मारने का अनुपात बेहतर हुआ है और हमारे बल्लेबाज 150 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो हर बार 200 से ज़्यादा रन बनाएंगे, इसलिए हम उसी जोश के साथ खेलेंगे।

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फरहान ने टॉप ऑर्डर में खेलते हुए 73 रन बनाए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने फख़र जमान (22) के साथ पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े और फिर सदाकत के साथ 88 रनों की साझेदारी की, जिससे मेज़बान टीम आसानी से रन बनाती रही।

सदाक़त के लिए यह उनके 10वें इंटरनेशनल मैच में बल्ले से शानदार प्रदर्शन था; 21 साल के इस खिलाड़ी ने सात बार छक्के लगाए और पाकिस्तान की पारी की आखिरी गेंद पर शतक बनाने की कोशिश में आउट हुए। सीरीज के पहले मैच में 50 रन बनाने के बाद सदाकत की यह लगातार दूसरा अर्धशतक था और बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को पता है कि वह अच्छी फ़ॉर्म में हैं।

सदाकत ने कहा मैं अपनी फ़ॉर्म का पूरा फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं गेंद को हिट कर सकता हूँ… मैं पॉज़िटिव सोच के साथ खेलता हूँ और बाउंड्री मारने के लिए सही गेंदों को चुनता हूं।

रन का पीछा करते हुए श्रीलंका के सिर्फ़ चार बल्लेबाज़ ही दहाई का आँकड़ा छू पाए और कप्तान कुसल मेंडिस अपनी टीम के बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन से निराश थे।

मेंडिस ने कहा बल्लेबाजों को ज़िम्मेदारी लेनी होगी, जिसमें मैं भी शामिल हूं। यह बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी पिच थी और हमें कम से कम 200 रन बनाने चाहिए थे… पिछले कुछ टूर्नामेंट में हमने फ़ील्डिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि पिछले दो मैचों में हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।

Pic Credit : UNI

जान्हवी कपूर के ब्यूटी ब्रांड लॉन्च करने की अटकलें तेज

बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर के अपना ब्यूटी ब्रांड लॉन्च करने की अटकलें तेज हो गई हैं। जान्हवी कपूर की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में मेकअप के साथ प्रयोग करते और कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट्स के साथ नजर आने के बाद इन चर्चाओं को हवा मिली है।

जान्हवी की इस पोस्ट ने प्रशंसकों और ब्यूटी इंडस्ट्री में दिलचस्पी रखने वालों का ध्यान आकर्षित किया है। पोस्ट में उनके हाथों में कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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हालांकि, जान्हवी या उनकी टीम की ओर से अब तक ब्यूटी ब्रांड लॉन्च करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि अभिनेत्री किसी नए ब्रांड की तैयारी कर रही हैं या यह किसी अन्य परियोजना का हिस्सा है।

गौरतलब है कि जान्हवी हाल ही में पेरिस फैशन वीक में अपनी मौजूदगी को लेकर भी चर्चा में थीं। यदि ब्यूटी ब्रांड लॉन्च करने की अटकलें सच साबित होती हैं, तो वह ब्यूटी और पर्सनल केयर उद्योग में कदम रखने वाली बॉलीवुड हस्तियों में शामिल हो जाएंगी।

Pic Credit : UNI

मैथ्यू हम्फ्रीज नामीबिया वनडे दौरे के लिए आयरलैंड टीम में लौटे

अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर की तैयारी के तहत, आयरलैंड इस महीने के आखिर में पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए नामीबिया का दौरा करेगा। इसके लिए आयरलैंड ने अपनी टीम में बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू हम्फ्रीज को शामिल किया है।

आयरलैंड पिछली दो 50-ओवर की वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में जगह नहीं बना पाया था, लेकिन 2027 वर्ल्ड कप में उपलब्ध चार जगहों में से एक पर कब्ज़ा करने के इरादे से, वह अगले साल फरवरी-मार्च में 10 टीमों वाले क्वालिफ़ायर के लिए दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया का दौरा करेगा। आयरलैंड ने नामीबिया और जिम्बाब्वे दौरे के लिए अपनी टीमें की घोषणा कर दी है।

सीनियर टीम विंडहोक में पांच वनडे मैच खेलेगी। इसके बाद, आयरलैंड वॉल्व्स की टीम (जिसमें कई खिलाड़ी वही होंगे) नवंबर में जिम्बाब्वे का दौरा करेगी, जहां वे दो चार-दिवसीय और पांच वनडे मैच खेलेंगे। यरलैंड ने पहले कभी नामीबिया के खिलाफ पुरुषों का वनडे मैच नहीं खेला है। हाल ही में शारजाह में हुए 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में उनका सामना नामीबिया से एक अंतरराष्ट्रीय मैच में हुआ था।

आयरलैंड के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर ग्रीम वेस्ट ने एक बयान में कहा, “ये दौरे हमारे खिलाड़ियों को वहां के हालात और संभावित प्रतिद्वंद्वियों को समझने का शानदार मौका देते हैं।”

अगस्त में आयरलैंड को अपने घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन नामीबिया दौरे के लिए चयनकर्ताओं ने लगभग वही टीम चुनी है। एकमात्र बदलाव बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू हम्फ्रीज को शामिल किया है। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में सफल होने के बावजूद उन्होंने फरवरी 2025 के बाद से कोई वनडे मैच नहीं खेला है।

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क्रिकेट आयरलैंड और एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के बीच हुए समझौते के तहत, हाल ही में आईएल टी-20 नीलामी में आयरलैंड के छह खिलाड़ियों – लोर्कन टकर, हैरी टेक्टर, रॉस और मार्क अडायर, कर्टिस कैम्फर और जॉर्ज डॉकरेल – को चुना गया था। यह टूर्नामेंट 21 नवंबर से शुरू होने वाला है।

एंडी बालबर्नी और एंडी मैकब्राइन को छोड़कर, नामीबिया वनडे सीरीज वाली टीम के बाकी खिलाड़ी वॉल्व्स दौरे के लिए जिम्बाब्वे जाएंगे। मार्क अडायर भी रेड-बॉल वाले हिस्से के लिए टीम में शामिल होंगे, जबकि आईएल टी-20 में खेलने वाले बाकी पांच खिलाड़ी यूएई जाने से पहले थोड़ा आराम करेंगे।

आयरलैंड पुरुष टीम का नामीबिया दौरा:

स्क्वाड: मार्क अडायर, एंड्रयू बालबर्नी, बेन कैलिट्ज़, कर्टिस कैम्फर, केड कारमाइकल, जॉर्ज डॉकरेल, गैविन होए, मैथ्यू हम्फ्रीज़, एंडी मैकब्राइन, लियाम मैकार्थी, बायरन मैकडोनो, जय मूंद्रा, जॉर्डन नील, पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (उप-कप्तान/विकेटकीपर)

आयरलैंड वॉल्व्स का ज़िम्बाब्वे दौरा:

स्क्वाड: मार्क अडायर (सिर्फ़ रेड-बॉल), बेन कैलिट्ज़, केड कारमाइकल, डेविड डेलानी (सिर्फ़ व्हाइट-बॉल), गैरेथ डेलानी (सिर्फ़ व्हाइट-बॉल), क्रिस डीफ्रीटस, स्टीफन डोहेनी, जेक ईगन (सिर्फ़ रेड-बॉल), मैथ्यू हॉलार्ड, गैविन होए, मैथ्यू हम्फ्रीज़, जोश लिटिल (सिर्फ़ व्हाइट-बॉल), लियाम मैकार्थी, बायरन मैकडोनो, जय मूंद्रा, जॉर्डन नील, टिम टेक्टर, रूबेन विल्सन (सिर्फ़ रेड-बॉल)।

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VVS लक्ष्मण को मिली बड़ी भूमिका, टीम चयन में रहेगा योगदान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच समय बिता चुके हैं। जब राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ व्यस्त रहते थे तो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण युवा टीम के साथ दौरे पर जाते थे। पिछली बार की तरह इस बार भी एशियाड में वीवीएस लक्ष्मण ही कोच थे। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनको बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है।अब टीम का चयन करते वक्त उनकी भी राय ली जाएगी ऐसा बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा है।

इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।ऐसा माना जा रहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ना केवल गुत्थियों को सुलझाएंगे बल्कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच एक पुल का काम भी करेंगेँ।

51 वर्ष के लक्ष्मण 5 साल से NCA के प्रमुख हैं और भारतीय क्रिकेटरों की अगली नस्ल को बखूबी जानते हैं। द्रविड़ के अवकाश पर होने पर उन्होंने सीनियर टीम की कोचिंग भी की है। उनके कोच रहते भारत ने एशियाई खेल, आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला और इंग्लैंड, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड में श्रृंखलायें खेली है।

लक्ष्मण के चमकदार करियर की विदाई रही कड़वी

द्रविड़ की तरह लक्ष्मण को भी मैदान पर विदाई लेने का मौका नहीं मिला। अपने करियर में अधिकतर समय ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम करने वाले लक्ष्मण के करियर का अंत आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही हो गया। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैचों में 19.37 की औसत से 155 रन बनाए थे। इसके बाद भी वह भारत के घरेलू सत्र की तैयारियों में जुटे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अगस्त 2009 में होने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्होंने 18 अगस्त को अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था।

माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने लक्ष्मण को कह दिया था कि यह उनकी आखिरी श्रृंखला होगी और इस कलात्मक बल्लेबाज ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ना उचित समझा।भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले लक्ष्मण ने अपना करियर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू किया था। उन्होंने 134 टेस्टों में 8781 रन बनाए जिनमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं। लक्ष्मण ने 86 वनडे में छह शतकों के साथ 2338 रन भी बनाए।

नाइजीरिया में 32 लोगों को ले जा रहा मिलिट्री-प्लेन क्रैश:25 यात्री और 7 क्रू सवार थे; नदी के पास गिरा, सर्च ऑपरेशन जारी

नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार को 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हादसा ओंडो राज्य के नदी किनारे बसे इग्बोकोंडा शहर में हुआ। हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली है। नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो ने बताया कि प्लेन एक नियमित मिशन पर देश के आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे प्लेन रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह नौसैनिक बेस के पास क्रैश हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेन नदी के पास गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में डूब रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने कहा कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जो उन्हें बिजली गिरने जैसी लगी। इसके बाद उन्होंने प्लेन को पेड़ों के ऊपर से गुजरते और नीचे गिरते देखा। मौके पर शरीर के कुछ हिस्से, कपड़े और जूते भी मिले। प्लेन हादसे के बाद तस्वीर…. हादसे में ATR-42 मिलिट्री प्लेन क्रैश हुआ नाइजीरियाई एयरफोर्स ने बताया कि क्रैश हुआ प्लेन ATR-42 था। नाइजीरियाई सेना इस प्लेन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैनिकों व सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करती रही है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना ज्यादा मुश्किल नदी या पानी में प्लेन गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जमीन पर हादसे के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो सकता है। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को तेज बहाव, कम विजिबिलिटी, प्लेन के पानी में डूबने और मलबे के फैलने जैसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौतियां…. 1. पानी का तेज बहाव नदी का बहाव मलबे और लोगों को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है। इससे रेस्क्यू टीम के लिए सही जगह का पता लगाना मुश्किल होता है। 2. पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता नदी का पानी अक्सर गंदा होता है। गोताखोरों को कुछ मीटर दूर की चीज भी दिखाई नहीं दे सकती। ऐसे में उन्हें टॉर्च, सोनार और दूसरे उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। 3. प्लेन तेजी से डूब सकता है प्लेन का कोई हिस्सा पानी के अंदर जाने के बाद उसकी लोकेशन बदल सकती है। केबिन में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गोताखोरों को पहले प्लेन की स्थिति और गहराई का पता लगाना पड़ता है। 4. मलबे से चोट का खतरा टूटा हुआ प्लेन, सीटें, धातु के हिस्से और दूसरे सामान पानी के अंदर खतरा पैदा कर सकते हैं। गोताखोरों के कपड़े या उपकरण इनमें फंस भी सकते हैं। 5. नदी की गहराई और तल की स्थिति नदी के नीचे कीचड़, रेत या पत्थर होने से गोताखोरों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। गहराई ज्यादा होने पर सामान्य गोताखोरी भी मुश्किल हो जाती है। 6. पानी में ईंधन के फैलने से खतरा क्रैश के बाद प्लेन से ईंधन या दूसरे पदार्थ पानी में फैल सकते हैं। इससे रेस्क्यू टीम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है। 7. सोनार और दूसरे उपकरणों की जरूरत जब पानी में कुछ दिखाई नहीं देता, तो रेस्क्यू टीम मलबे और प्लेन की स्थिति पता लगाने के लिए सोनार जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद गोताखोरों को तय जगह पर भेजा जाता है। नाइजीरिया में पहले भी हुए बड़े प्लेन हादसे नाइजीरिया में पिछले 20 साल में कई बड़े प्लेन हादसे हुए हैं। इनमें यात्री और सैन्य प्लेन दोनों शामिल हैं। कुछ हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2005 में दो बड़े हादसे बेलव्यू एयरलाइंस हादसा: अक्टूबर 2005 में बेलव्यू एयरलाइंस का प्लेन लागोस से अबुजा जाते समय उड़ान भरने के कुछ देर बाद क्रैश हो गया। प्लेन में सवार 117 लोगों की मौत हुई। सोलिसो एयरलाइंस हादसा: दिसंबर 2005 में सोलिसो एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय गिर गया। इसमें 109 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई स्कूली बच्चे भी थे। 2006 में 114 लोगों की मौत अक्टूबर 2006 में एडीसी एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय क्रैश हुआ। प्लेन में 114 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। 2012 में रिहायशी इलाके में गिरा प्लेन जून 2012 में डाना एयर का प्लेन अबुजा से लागोस जाते समय क्रैश हो गया। प्लेन लागोस के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इसमें सवार 153 लोगों की मौत हुई। जमीन पर मौजूद लोग भी हादसे की चपेट में आए। ———————————– ये खबर भी पढ़ें….. लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान प्लेन ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं

ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान विमान ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। इसके बाद फ्लाइट को शिकागो जाने के बजाय वापस लंदन की ओर मोड़ दिया गया। इमरजेंसी की वजह अभी सामने नहीं आई है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान आयरलैंड के ऊपर करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई तक आया था। 7700 कोड एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान में सामान्य इमरजेंसी का संकेत देता है। इससे यह पता नहीं चलता कि समस्या किस तरह की है। खबर अपडेट हो रही है…