Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड की ये 7 फिल्में, जिनमें भाई-बहन के रिश्ते को बेहद खूबसूरती सेलिब्रेट किया गया

Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड ने हमें भाई-बहनों की कई यादगार कहानियां दी हैं, जिनमें दिखाया गया है कि उनके रिश्ते प्यार, नोक-झोंक, एक-दूसरे की रक्षा करने और ज़िंदगी भर साथ निभाने से कैसे भरे हो सकते हैं। इस रक्षा बंधन पर, उन फ़िल्मों को फिर से देखें जो भाई-बहनों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को खूबसूरती से दिखाती हैं। दिल को छू लेने वाले फ़ैमिली ड्रामा से लेकर त्याग और हिम्मत की कहानियों तक, ये फ़िल्में हमें याद दिलाती हैं कि भाई-बहनों की हर लड़ाई के पीछे अक्सर एक ऐसा रिश्ता होता है जो हर मुश्किल में मज़बूत बना रहता है।

दिल धड़कने दो (2015)

‘दिल धड़कने दो’ में प्रियंका चोपड़ा और रणवीर सिंह ने भाई-बहन आयशा और कबीर मेहरा का किरदार निभाया है। भले ही उनकी पर्सनैलिटी अलग-अलग है और वे अक्सर एक-दूसरे से सहमत नहीं होते, फिर भी वे एक-दूसरे को गहराई से समझते हैं। उनकी ईमानदारी भरी बातचीत और एक-दूसरे का साथ देना भाई-बहनों के उस असली रिश्ते को दिखाता है जिसमें मज़ाक-मस्ती, झुंझलाहट और सच्चा प्यार शामिल होता है।

हम साथ-साथ हैं (1999)

‘हम साथ-साथ हैं’ पारिवारिक रिश्तों का जश्न मनाती है, जिसमें पूरी कहानी के दौरान भाई-बहन एक-दूसरे का साथ देते हुए प्यार भरा रिश्ता निभाते हैं। प्रेम, विनोद और विवेक मुश्किल पलों में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं, जबकि उनकी भाभियाँ परिवार का अहम हिस्सा बन जाती हैं। यह फ़िल्म आज भी परिवारों की पसंदीदा फ़िल्म बनी हुई है।

अग्निपथ (2012)

अग्निपथ में, विजय दीनानाथ चौहान का अपनी बहन शिक्षा के साथ बहुत गहरा और भावुक रिश्ता है। परिवार के बिखरने के बाद, विजय अपनी बहन की सुरक्षा करते हुए बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां उठाता है। उनका यह रिश्ता विजय के बदले और प्रायश्चित के सफर में एक निजी और भावुक पहलू जोड़ता है।

सरबजीत (2016)

सरबजीत फिल्म सरबजीत सिंह और उनकी बहन दलबीर कौर के बीच के खास रिश्ते को दिखाती है। पाकिस्तान में सरबजीत के जेल जाने के बाद, दलबीर उसकी रिहाई के लिए सालों तक लड़ती रहती है। उसका पक्का इरादा और हिम्मत दिखाती है कि जब भाई की जान दांव पर हो, तो एक बहन किस हद तक जा सकती है।

जोश (2000)

जोश फिल्म में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन जुड़वां भाई-बहन मैक्स और शर्ली का किरदार निभाते हैं। कहानी में उनके भाई-बहन के रिश्ते को अहमियत दी गई है, जिसमें वे दुश्मनी, रोमांस और पारिवारिक तनावों का सामना करते हैं। मतभेदों के बावजूद, दोनों जुड़वां एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं, जिससे उनका रिश्ता फिल्म की खासियतों में से एक बन जाता है।

माई ब्रदर निखिल (2005)

‘माई ब्रदर… निखिल’ फिल्म निखिल और उसकी बहन अनामिका की दिल को छू लेने वाली कहानी है। जब HIV का पता चलने के बाद समाज उसके खिलाफ हो जाता है, तो अनामिका मजबूती से अपने भाई के साथ खड़ी रहती है। उसका बिना शर्त साथ देना, भाई-बहन के प्यार और अपनापन दिखाने के मामले में फिल्म के सबसे भावुक दृश्यों में से एक बन जाता है।

फिजा (2000)

फ़िज़ा और उसके भाई अमान के बीच का रिश्ता ही इस फ़िल्म का इमोशनल केंद्र है। मुंबई दंगों के बाद अमान के गायब हो जाने पर भी फ़िज़ा उसे ढूंढना नहीं छोड़ती। यह फ़िल्म एक बहन के अटूट प्यार, उम्मीद और अपने भाई को घर वापस लाने के पक्के इरादे को दिखाती है।

Ananya Panday-Walker Blanco Break Up: 2 साल तक डेटिंग के बाद अनन्या पांडे और वॉकर ब्लैंको का हुआ ब्रेकअप

Ananya Panday-Walker Blanco Break Up: पिछले दो सालों से ऐसी चर्चा है कि अनन्या पांडे, वॉकर ब्लैंको को डेट कर रही हैं। हालांकि, ताज़ा खबरों के मुताबिक, दोनों का रिश्ता खत्म हो गया है। ETimes की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ़्ते अनन्या ने ही यह रिश्ता खत्म करने का फैसला किया था। सूत्र ने आगे बताया कि यह ब्रेकअप आपसी सहमति से हुआ है और दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं है।

अनन्या और वॉकर ब्लैंको, जिनकी मुलाकात एक हाई-प्रोफाइल शादी में हुई थी, पिछले दो सालों में अक्सर साथ देखे गए हैं। वे एक-दूसरे के इंस्टाग्राम पोस्ट में भी नजर आए हैं। दोनों ने कभी आधिकारिक तौर पर अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की, लेकिन फैन्स के पास यह मानने के लिए काफी संकेत थे कि वे असल में डेट कर रहे थे।

वॉकर को अनन्या पांडे के खास बर्थडे सेलिब्रेशन में भी बुलाया गया था। इस खास दिन पर, उन्होंने एक्ट्रेस के लिए एक प्यारा सा नोट शेयर किया। “हैप्पी बर्थडे, ब्यूटीफुल। तुम बहुत खास हो। आई लव यू, एनी!” हालांकि वॉकर ने उनके रिश्ते के बारे में कुछ भी कन्फर्म नहीं किया, लेकिन कई फैंस ने इसे उनके डेटिंग करने की ऑफिशियल पुष्टि मान लिया। इसके अलावा, अनन्या को उनके नाम के पहले अक्षर (इनिशियल्स) वाला नेकलेस पहने हुए भी देखा गया था।

इससे पहले, ‘हेल्थ शॉट्स’ के साथ एक इंटरव्यू में अनन्या ने प्यार और रिश्तों के बारे में अपने विचार शेयर किए और कहा, “मेरे लिए प्यार दोस्ती है, जैसा कि शाहरुख खान सर कहते हैं। यह सब उस कनेक्शन, भरोसे और खुद जैसा बने रहने की काबिलियत के बारे में है। मुझे नहीं लगता कि प्यार सिर्फ़ रोमांटिक रिश्ते तक ही सीमित है। प्यार हर जगह होता है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं छोटी थी तो मुझे लगता था कि ज़िंदगी में सिर्फ़ एक ही सच्चा प्यार होता है और उसके बाद आप किसी और से प्यार नहीं कर सकते। लेकिन अब मैं कई लोगों से प्यार करती हूं– मेरे दोस्त, मेरा परिवार, हर कोई! इसलिए, मुझे लगता है कि बड़े होने के साथ-साथ प्यार को सिर्फ़ एक ‘सोलमेट’ (जीवनसाथी) तक सीमित मानने वाली मेरी सोच बदल गई है।”

वॉकर ब्लैंको शिकागो के रहने वाले एक पूर्व मॉडल हैं। कई मशहूर हस्तियों के साथ दोस्ती की वजह से उनका नाम बॉलीवुड से भी जुड़ा रहा है।

संदीप रेड्डी वांगा की फिल्मों और नजरिए से दीपिका पादुकोण नहीं रखती हैं इत्तेफाक? फुल नरेशन के बिना नहीं करतीं कमिटमेंट

अप्रैल 2025 में दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ का हिस्सा नहीं बनने का फैसला किया था। अगस्त 2026 आ गया है और किसी न किसी वजह से अब भी इस मामले की चर्चा हो रही है। पैन-इंडिया फिल्म से दीपिका के बाहर होने के बाद काफी विवाद हुआ था। फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाए और इंडस्ट्री में कलाकारों के काम के घंटों को लेकर बहस छिड़ गई। इस हफ्ते एक बार फिर यह विवाद तब सामने आया, जब फिल्ममेकर के भाई प्रणय ने दावा किया कि दीपिका के फिल्म छोड़ने की एक वजह उनका प्रॉफिट शेयर मांगना था। अब  घटनाक्रम से जुड़े एक बेहद करीबी सूत्र से दीपिका के फिल्म नहीं करने की दूसरी कहानी पता चली है।

घटनाक्रम से जुड़े सूत्र ने बताया, “दीपिका पादुकोण अपनी जिंदगी में संदीप रेड्डी वांगा से सिर्फ एक बार मिली हैं। इतना ही नहीं फिल्ममेकर इस मुलाकात के लिए पूरे एक घंटे की देरी से पहुंचे थे! दीपिका ने बाकी की मुलाकात प्रोफेशनल तरीके से पूरी की। इस मुलाकात में फिल्म के बारे में सिर्फ एक लाइन बताई गई थी। उन्हें फिल्म की पूरी कहानी नहीं सुनाई गई थी। दीपिका पूरी कहानी का नरेशन मिले बिना कभी किसी प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट नहीं करतीं। इसलिए ‘स्पिरिट’ शुरुआत से ही दीपिका के विचार में शामिल नहीं थी।”

सूत्र ने आगे कहा कि दीपिका की फिल्ममेकर के साथ काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। सूत्र ने कहा, “संदीप रेड्डी वांगा ऐसे फिल्ममेकर हैं, जिनके साथ दीपिका पादुकोण कभी काम नहीं करेंगी, क्योंकि उनका नजरिया महिलाओं के प्रति पुरुषवादी है। यह बात न सिर्फ उनके ऑफ-स्क्रीन व्यक्तित्व में, बल्कि उनकी फिल्मों में भी साफ तौर पर दिखाई देती है।”

दीपिका पादुकोण पिछले साल प्रभास स्टारर ‘स्पिरिट’ के लिए संदीप रेड्डी वांगा के साथ बातचीत में थीं। लेकिन अप्रैल में खबर सामने आई कि दीपिका ने प्रोजेक्ट छोड़ दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई मां बनने के बाद एक्ट्रेस ने रोजाना तय 8 घंटे के काम की मांग की थी, जिसे फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने स्वीकार नहीं किया। ‘कल्कि 2898 एडी’ के मेकर्स ने भी एक पोस्ट के जरिए सीक्वल से दीपिका के बाहर होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद प्रोफेशनलिज्म, काम के घंटों की सीमा और बड़े बजट की फिल्मों में कलाकारों की फीस को लेकर ऑनलाइन बहस छिड़ गई थी।

जब खबरें सामने आईं कि दीपिका की जगह तृप्ति डिमरी को फिल्म में लिया जाएगा, तब दावा किया गया कि दीपिका कुछ इंटीमेट सीन्स को लेकर सहज नहीं थीं और इसी वजह से उन्होंने फिल्म छोड़ी। इसी दौरान निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने ट्विटर पर दीपिका की ओर इशारा करते हुए एक नाराज पोस्ट शेयर किया। मई 2025 में उन्होंने लिखा, “जब मैं किसी एक्टर को कहानी सुनाता हूं, तो मैं उस पर 100% भरोसा करता हूं। हमारे बीच एक अनकहा NDA (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) होता है। लेकिन ऐसा करके आपने उस इंसान को ‘DISCLOSED’ कर दिया जो आप हैं…. एक यंग एक्टर को नीचा दिखाना और मेरी कहानी से उसे बाहर करना? क्या आपका फेमिनिज्म यही कहता है?”

इस हफ्ते एक बार फिर विवाद तब बढ़ गया, जब संदीप के भाई प्रणय ने दावा किया कि दीपिका के ‘स्पिरिट’ छोड़ने की एक वजह फिल्म में 10 फीसदी प्रॉफिट शेयर की उनकी मांग थी। एनटीवी तेलुगु से बात करते हुए प्रणय रेड्डी वांगा ने कहा, “वजह वही है जो पहले बताई जा चुकी है। एक थी रेम्यूनरेशन और दूसरी थी टाइमिंग। इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं। इसके तुरंत बाद सब कुछ हद से आगे बढ़ गया। देखिए, वह कुछ भी मांग सकती हैं। अगर हम देने के लिए तैयार हैं, तो दे सकते हैं। लेकिन हमारे लिए भी इसका हिसाब काम करना चाहिए। हमें लगा कि यह हमारे लिए काम नहीं कर रहा है। इसलिए हमने दूसरे विकल्पों के बारे में सोचा। जैसे ही हमने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू किए, उन्होंने सब कुछ लीक करना शुरू कर दिया।”

दीपिका के बाद तृप्ति डिमरी को प्रभास के साथ फिल्म की फीमेल लीड के तौर पर कास्ट किया गया। दोनों का पहला लुक नए साल के दिन 2026 में रिलीज किया गया था। फिल्म में विवेक ओबेरॉय भी लीड रोल में नजर आएंगे और यह फिल्म 5 मार्च 2027 को रिलीज होने वाली है। वहीं, दीपिका पादुकोण के पास फिलहाल दो प्रोजेक्ट हैं। वह दिसंबर में रिलीज होने वाली ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ फिर नजर आएंगी। इसके बाद वह एटली की ‘राका’ में अल्लू अर्जुन के साथ दिखाई देंगी, जो अगले साल रिलीज होगी।

Govinda: जब गोविंदा ने शाहरुख खान से लेकर आमिर तक के स्टारडम पर किया था कमेंट, यूजर्स बोले- सब टिके रहे…वे ही खो गए

Govinda: 1990 के दशक के मशहूर स्टार गोविंदा, जिन्होंने कभी शाहरुख खान और आमिर खान के स्टारडम पर तंज कसा था, पिछले एक साल से अपनी पत्नी सुनीता आहूजा के साथ चल रहे सार्वजनिक झगड़े की वजह से सुर्खियों में हैं। अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और लगातार ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले सुपरस्टार गोविंदा के बारे में अब उनकी फिल्मों से ज़्यादा उनकी उथल-पुथल भरी शादीशुदा जिंदगी की चर्चा हो रही है। उनकी आखिरी फिल्म ‘रंगीला राजा’ 2019 में रिलीज हुई थी।

19 अगस्त को मामला तब बदला जब 59 वर्षीय सुनीता आहूजा ने पिछले साल दायर किया गया तलाक का केस वापस ले लिया है। खबर है कि 61 वर्षीय गोविंदा एक नई फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ काफी कम उम्र की एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार हैं। लेकिन फिल्म से ज्यादा गोविंदा और कोमल के कथित अफेयर ने लोगों का ध्यान खींचा।

एक X यूजर ने 1990 के दशक में अपने करियर के पीक पर दिए गए गोविंदा के एक मैगज़ीन इंटरव्यू के दौरान किए गए बड़े-बड़े दावों को शेयर किया। इसमें गोविंदा ने कहा, “देखते हैं आमिर, सलमान, शाहरुख और अजय कब तक टिक पाते हैं!” इंटरव्यू के दौरान एक्टर ने यह भी कहा, “हिट देने के लिए मुझे श्रीदेवी या माधुरी की जरूरत नहीं है।”

गोविंदा ने अमिताभ बच्चन को भी नहीं बख्शा, जिनके साथ उन्होंने 1998 में ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में काम किया था। एक और तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अमिताभ ने भी पिछले दस सालों में कहां कोई हिट दी है?” जैसे ही X पोस्ट शेयर हुई, उस पर ढेरों कमेंट आने लगे।

एक यूजर ने लिखा, “सब टिके रहे, बस वो नहीं।” दूसरे यूजर ने लिखा, “घमंड अंधा कर देता है।”एक और कमेंट में लिखा था, “अति आत्मविश्वास से कुछ हासिल नहीं होता, भाई। देखो, अगर वो सुनीता के प्रति वफादार होता, तो कर्म का फल मिल जाता। ये सारे चिंदी खान उसके चमचे बनकर खड़े होते – अफसोस, बहुत जल्दी जाना पड़ा।”

एक और कमेंट में लिखा था, “वो एक बेहतरीन ऑल-राउंड एंटरटेनर थे। लेकिन उनका अहंकार और घमंड ही उनके पतन का कारण बना। वरना, उनके साथ काम करने वाले सभी अभिनेता उनके सामने फीके लगते थे। साथ ही, जब भी मुझे अवतार फिल्म के बारे में उनकी कही बात याद आती है, तो लगता है कि वो मानसिक रूप से बीमार हैं।”

एक और कमेंट में लिखा था, “उनका घमंड ही उनके पतन का कारण बना।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “एसआरके के 10वें मैनेजर के पास गोविंदा से भी ज्यादा पैसा है। अंत में केवल बुद्धिमान और विनम्र ही टिक पाते हैं।”

सलमान खान और गोविंदा के बीच अनबन की अफवाहें

इस पोस्ट में गोविंदा ने सलमान खान पर तंज भी कसा है। अगर आप फिल्म प्रेमी हैं, तो आप जानते ही होंगे कि दोनों के बीच ‘पुराना इतिहास’ रहा है। गोविंदा ने एक बार 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जुड़वा’ की कास्टिंग को लेकर चल रही चर्चाओं को हवा दी थी। एक पुराने इंटरव्यू में गोविंदा ने बताया था कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने के बाद भी सलमान खान ने उन्हें सीधे तौर पर प्रोजेक्ट छोड़ने के लिए कहा था।

2019 में बॉलीवुड हंगामा को दिए एक इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा था, “उस समय मैं ‘जुड़वा’ कर रहा था और किसी दिन सलमान ने मुझे 2-3 बार फोन किया और कहा कि ‘छीची भैया, आप कितनी हिट दोगे यार?'” मैंने बोला, क्या हुआ? वो बोला, ‘वो जो पिक्चर आप कर रहे हो, जुड़वा, वो आप बंद कर दीजिए और वो मुझे दे दीजिए।’

उन्होंने आगे कहा, “सलमान ने कहा ‘निर्देशक डेविड धवन भी आपको मुझे देना पड़ेगा। निर्माता साजिद नाडियाडवाला भी मैंने आपके साथ काम किया।’ निर्देशक और निर्माता। इसलिए फिल्म, जो पहले से ही निर्माणाधीन थी, रोक दी गई, बंद कर दी गई और अंतत सलमान को सौंप दी गई।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा का उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता

पिछले साल से ही गोविंदा और सुनीता के तलाक की खबरें ऑनलाइन चल रही हैं। कुछ महीने पहले सुनीता आहूजा के कुछ इंटरव्यू में अपनी निजी बातें बताने के बाद, गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में खटास की अटकलें और तेज़ हो गईं। इन अफ़वाहों के बीच, ETimes की एक रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, “सुनीता ने कुछ महीने पहले अलग होने का नोटिस भेजा था, लेकिन तब से इस मामले में कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई है।”

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि पिछले साल दोनों के बीच सुलह हो गई थी। हाल ही में, जब गोविंदा को एयरपोर्ट पर कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया, तो सुनीता आहूजा ने उन पर तंज कसते हुए उन्हें ‘शुगर डैडी’ कहा। गोविंदा ने एक वीडियो मैसेज में सबके सामने सुनीता की ‘अपमानजनक’ भाषा के इस्तेमाल का जवाब दिया। गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी मार्च 1987 में हुई थी। दोनों ने 1988 में अपनी बेटी टीना के जन्म के बाद तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। कई साल बाद, 1997 में उनके बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ।

Don 3 Row: रणवीर सिंह के पिता IMPPA से मिले, फरहान अख्तर के 45 करोड़ रुपये के दावे के मामले में दी अर्जी

Don 3 Row: ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के बाहर होने को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को एक्टर के पिता जगजीत सिंह भवनानी ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) से मुलाकात की। खबरों के मुताबिक, सिंह के पिता ने इस विवाद में फरहान अख्तर की कंपनी ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ के 45 करोड़ रुपये के दावे के खिलाफ एसोसिएशन में एक अर्जी दी है।

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि सिंह के पिता ने अर्जी दाखिल कर दी है, इसलिए IMPPA की लीगल टीम दस्तावेजों की जांच करेगी और फिर ऐसा समाधान निकालेगी जो दोनों पक्षों के लिए उचित हो। IMPPA के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने भी पुष्टि की कि मीटिंग ‘अच्छी तरह’ से हुई और कहा कि एसोसिएशन रणवीर की अपील की समीक्षा करने के बाद ही अगला कदम उठाएगी।

‘डॉन 3’ का क्या हुआ?

फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली ‘डॉन 3’ का ऐलान अगस्त 2023 में किया गया था। रणवीर सिंह को वह मशहूर रोल निभाना था जिसे पहले शाहरुख खान ने निभाया था। इस ऐलान के साथ एक प्रोमोशनल वीडियो भी जारी किया गया था जिसमें रणवीर को नए डॉन के तौर पर दिखाया गया था।

हालांकि, ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद रणवीर इस प्रोजेक्ट से हट गए। कई ऑनलाइन रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकर्स के साथ क्रिएटिव मतभेदों के कारण सिंह ने फिल्म छोड़ दी। कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि रणवीर प्रोडक्शन में बार-बार हो रही देरी और फाइनल स्क्रिप्ट तैयार न होने से खुश नहीं थे।

शुरू में जो कास्टिंग में एक आम बदलाव लग रहा था, वह बाद में कानूनी मामला बन गया। अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 45 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग की और फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने एक्टर के खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी किया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

Deepika Padukone: रणबीर कपूर की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ में दिखेगा दीपिका पादुकोण का दमदार रोल?

Deepika Padukone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ 2022 में रिलीज हुई थी और तब से ही फ़ैन्स अयान मुखर्जी की अगली फ़िल्म के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अब यह इंतज़ार खत्म होने वाला है।

पिंकविला के सूत्रों के अनुसार, रणबीर कपूर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग पूरी करने के बाद, जनवरी 2027 तक ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2’ की शूटिंग शुरू कर देंगे। एक सूत्र ने बताया, “रणबीर इस सफ़र को फिर से शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। एक बड़े दोहरे किरदार (डुअल-रोल) वाले चैलेंज में, RK सीक्वल में देव और शिव, दोनों का किरदार निभाएंगे।”

इससे भी बड़ी खबर यह है कि फ़्रैंचाइज़ी की अगली फ़िल्म के लिए पुरानी कास्ट वापस आ रही है और अयान, दीपिका पादुकोण को भी इसमें शामिल करना चाहते हैं। वह अभी दीपिका से ‘अमृता’ का रोल निभाने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। सूत्र ने बताया, “अयान और उनकी टीम को भरोसा है कि वे दीपिका को फ़िल्म में शामिल कर लेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि ‘अमृता’ का रोल निभाने के लिए एक ऐसे एक्टर की ज़रूरत है, जिसमें ज़बरदस्त गंभीरता और प्रभाव हो। बातचीत चल रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि इस बात पर निर्भर करेगी कि समय और शेड्यूल का तालमेल कैसे बैठता है।”

ब्रह्मास्त्र पार्ट वन के बारे में

‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ 9 सितंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट पहली बार एक साथ नज़र आए थे। अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन और मौनी रॉय ने भी अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। शाहरुख खान ने भी फ़िल्म में एक खास भूमिका (कैमियो) निभाई थी। फ़िल्म को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की।

ब्रह्मास्त्र सीक्वल पर अयान मुखर्जी

अप्रैल 2023 में, अयान मुखर्जी ने एक बयान जारी करके ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट टू: देव’ और ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट थ्री’ की रिलीज़ की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि उनकी फ़िल्म का दूसरा पार्ट दिसंबर 2026 में रिलीज़ होगा, जबकि तीसरा और आखिरी पार्ट एक साल बाद, यानी 2027 में सिनेमाघरों में आएगा, लेकिन चीज़ें योजना के मुताबिक नहीं हो पाईं।

फ़िल्ममेकर ने यह भी भरोसा दिलाया कि ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘3’ पहले पार्ट से “बड़े” होंगे और कहा कि वह दोनों फ़िल्में एक साथ बनाएंगे। उनके बयान में कहा गया, “पहले पार्ट को मिले प्यार और फ़ीडबैक को समझने के बाद… मैं दूसरे और तीसरे पार्ट के विज़न को तैयार करने पर ध्यान दे रहा हूँ, और अब मुझे पता है कि ये पहले पार्ट से बड़े और ज़्यादा बड़े पैमाने पर बनने वाले होंगे!”

Sunny Deol: हम कलीग हैं दोस्त नहीं…, ‘डर’ के दौरान हुई लड़ाई के बाद शाहरुख खान संग अपने बॉन्ड पर बोले सनी देओल

Sunny Deol: ‘डर’ फिल्म की शूटिंग के दौरान सनी देओल और शाहरुख खान के बीच हुई अनबन किसी से छिपी नहीं है। दोनों एक्टर्स 1993 की इस फिल्म के क्लाइमेक्स को लेकर सहमत नहीं थे और सनी इतने गुस्से में थे कि उन्होंने अपनी जीन्स को अपने हाथों से ही फाड़ दिया था। उनकी लड़ाई इतनी जबरदस्त थी कि उन्होंने एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया था। 2023 में ‘गदर 2’ की सफलता के बाद ही वे फिर से दोस्त बने। सनी ने हाल ही में इस झगड़े के बारे में बात की और बताया कि क्या अब वे शाहरुख के दोस्त हैं।

सनी और शाहरुख की लड़ाई इनसिक्योरिटी की वजह से हुई…

शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में सनी ने गुस्से में अपनी जींस फाड़ने की बात याद की। उन्होंने कहा कि वह खुद से नाराज हैं और उन्होंने कहा, “छोटी उम्र में मैं ये तो नहीं कहूंगा कि एक दूसरे से वो चीज नहीं होती है। वो होती है। मैं असुरक्षित व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन असुरक्षा के कारण, कितने अभिनेता बहुत कुछ ऐसी चीजें कर जाते हैं जो उन्हें करने की कोई जरूरी नहीं है।”

सनी ने समझाया, “हम वही किरदार निभा सकते हैं जो हम हैं। उससे अलग कुछ नहीं बन सकते। लेकिन कई बार एक्टर्स असुरक्षित महसूस करते हैं और इस वजह से माहौल खराब हो जाता है। ऐसी चीजें हो जाती हैं, जिनकी कोई जरूरत नहीं थी। लेकिन यही तो फिल्म बनाने की सच्चाई है।”

शाहरुख खान साथी हैं, दोस्त नहीं- सनी देओल

जब उनसे पूछा गया कि क्या आज शाहरुख खान उनके दोस्त हैं, तो ‘बंटवारा 1947’ के एक्टर ने कहा, “उस समय भी हम दुश्मन तो नहीं थे। हां, दोस्त का मतलब है कि हम सब साथी (colleagues) हैं। फ़िल्म इंडस्ट्री में मैं कहूंगा कि हम सब साथी ज़्यादा हैं, बजाय इसके कि…” एक्टर ने कहा कि उनके असली दोस्त वे हैं, जो स्कूल के समय बने थे, न कि बॉलीवुड वाले, क्योंकि “दोस्ती वो होती है जहां आप पूरी तरह खुले और बेझिझक हों और ऐसी दोस्ती बचपन में ही होती है।”

सनी देओल और शाहरुख खान के बीच झगड़ा किस बात पर हुआ था?

सनी देओल और शाहरुख खान के बीच अनबन 1993 में शुरू हुई थी, जब वे अपनी फ़िल्म ‘डर’ की शूटिंग कर रहे थे। खबरों के मुताबिक भले ही सनी फिल्म के हीरो थे, लेकिन वे इस बात से खुश नहीं थे कि शाहरुख खान के विलेन वाले किरदार के मुकाबले उनके किरदार को कैसे दिखाया गया था। ‘डर’ के रिलीज होने के बाद, दोनों एक्टर्स ने 16 साल तक एक-दूसरे से बात नहीं की।

Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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Blinkit के आइसक्रीम फ्रीजर में चूहा दिखने का दावा, FDA के एक्शन के बीच वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो!

Blinkit ice cream: क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित कल्याण के गोदरेज हिल इलाके में मौजूद ब्लिंकिट के एक आउटलेट में कथित तौर पर आइसक्रीम फ्रीजर के अंदर एक चूहा घूमता हुआ देखा गया। न्यूज एजेंसी ANI और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आइसक्रीम खरीदने दुकान पर गए युवाओं के एक समूह ने पैकेज्ड फूड आइटम्स के पास चूहे को देखा और अपने फोन में इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

यह वीडियो वायरल होने के बाद लोकल लोगों में फूड सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई है और महाराष्ट्र एफडीए से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना ऑनलाइन फूड स्टोरेज, बिक्री और डिलीवरी की जांच के लिए एफडीए द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के ठीक बाद सामने आई है।

महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई: Blinkit, Zepto और Instamart पर चला डंडा

आपको बता दें कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरे राज्य में इस तरह के 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। पीटीआई के मुताबिक इस जांच अभियान के दौरान ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफार्म्स में फूड सेफ्टी और हाइजीन से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं।

एफडीए ने कुल 14 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें 5 लाइसेंस ब्लिंकिट के, 5 जेप्टो के, 2 इंस्टामार्ट के और 1-1 लाइसेंस भगवती स्टोर्स और स्विंस्टा एंट प्राइवेट लिमिटेड का था। विभाग ने अलग अलग आउटलेट्स को 60 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए। एक फैसिलिटी को अस्थायी रूप से अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया। हालांकि इस दौरान किसी भी प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।

जांच के दौरान एफडीए को मिलीं ये गंभीर कमियां

एफडीए अधिकारियों ने आउटलेट्स में स्टोरेज, टेंप्रेचर कंट्रोल, सफाई, पेस्ट कंट्रोल, कर्मचारियों की स्वच्छता, एफआईएफओ/एफईएफओप्रथाओं, सुरक्षा रिकॉर्ड और लाइसेंस प्रदर्शन जैसे मापदंडों की जांच की। मालाड (पश्चिम) मुंबई ब्लिंकिट आउटलेट में चिलर का तापमान 6°C दर्ज किया गया। ये निर्धारित स्तर से अधिक था। लगभग 40 कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ था और उनके रिकॉर्ड भी गायब थे। कर्मचारी बिना हेडगियर, एप्रन और ग्लव्स के काम कर रहे थे। शाकाहारी, मांसाहारी, पके हुए और डेयरी उत्पादों को सही तरीके से अलग नहीं रखा गया था।

घाटकोपर ब्लिंकिट आउटलेट में ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजनेंट के उपाय ठीक नहीं थे। टेंप्रेचर कंट्रोल सिस्टम में खामिया मिलीं। स्टोरेज में खुली लाइटिंग थी और सफाई बेहद खराब थी। इस फैसिलिटी को 74 में से केवल 34 अंक (46%) मिले और इसे नॉन-कंप्लाइंट श्रेणी में रखा गया। पुणे लोहेगांव जेप्टो आउटलेट में यूज बाय डेट पार कर चुके एक्सपायर्ड उत्पाद पाए गए।

इसके साथ ही पेस्ट कंट्रोल और वर्कर हाइजीन में भी खामियां मिलीं। पुणे स्विंस्टा एंट आउटलेट में कॉकरोच पाए गए। साथ ही कोल्ड-चैन मेंटेनेंस और टेम्परेचर कंट्रोल की गंभीर कमियां थीं। मुंबई के अंधेरी में इंस्टामार्ट फैसिलिटी के फर्श पर ही पैकेट रखे हुए पाए गए। तंग स्टोरेज, कम जगह में सामान की ठूंस-ठूंस कर पैकिंग, रोशनी और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां दर्ज की गईं।

डिलीवरी ऑपरेशन्स की भी हुई जांच, Satara में राइडर्स पर एक्शन

निरीक्षण के दौरान डिलीवरी ऑपरेशन्स को भी जांच के दायरे में लिया गया। सतारा जिले के कराड में स्थित एक ब्लिंकिट स्टोर पर 125 टू-व्हीलर डिलीवरी राइडर्स की जांच की गई। जांच में कोई भी राइडर पहचान पत्र या मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ नहीं पाया गया। इसके अलावा डिलीवरी कार्ट, बैग या बॉक्स पर मुख्य खाद्य व्यवसाय का एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस गायब था। इसके बाद कंपनी को निर्देश दिया गया कि जब तक सभी कमियों को दूर नहीं कर लिया जाता, तब तक वे दोपहिया वाहनों से डिलीवरी ऑपरेशन्स पूरी तरह बंद रखें।

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FDA ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत की गई है। नियामक ने सभी ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स को निर्धारित सुरक्षा, स्वच्छता और भंडारण नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

Vimal Elaichi विज्ञापन पर फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ! महाराष्ट्र FDA ने भेजा नोटिस

Maharashtra FDA Action: बॉलीवुड के तीन बड़े सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची विज्ञापन को लेकर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को Vimal Elaichi के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर ‘शो-कॉज नोटिस’ यानी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA को आशंका है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद Vimal Pan Masala के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार से जुड़ा हो सकता है।

FDA ने तीनों कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भागीदारी और Vimal ब्रांड को जिस तरीके से पेश किया गया है, उसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। बताए गए कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों के तहत गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। सात ही एंडोर्स करने वालों पर तीन साल तक किसी भी प्रोडक्ट को एंडोर्स करने पर रोक लगाई जा सकती है।

साथ 2022 में एक्टर अक्षय कुमार ने शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ विमल इलायची के विज्ञापन में दिखने के बाद आलोचना का सामना करने पर फैंस से माफी मांगी थी। उनकी यह सार्वजनिक माफी तब आई जब सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि इस ad को एक्टर द्वारा तंबाकू प्रोडक्ट को प्रमोट करने के तौर पर देखा जा सकता है।

शाहरुख, अजय और टाइगर को कहां भेजा गया नोटिस?

FDA ने एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विज्ञापन के जरिए राज्य में बैन प्रोडक्ट ‘पान मसाला’ को इनडायरेक्ट रूप से प्रमोट करने के लिए नोटिस जारी किया है। ये तीनों एक्टर्स 2024 में पान मसाला कंपनी ‘विमल’ की इलायची को प्रमोट करने वाले एक विज्ञापन के लिए साथ आए थे। महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी चीफ तुकाराम मुंडे की ओर से 11 अगस्त को जारी शो-कॉज नोटिस में एक्टर्स को तुरंत कैंपेन से हटने और ऐड से जुड़े सभी प्रमोशनल कंटेंट को अपने आखिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से हटाने का निर्देश दिया गया।

NDTV के मुताबिक, मुंडे ने 9 पेज के नोटिस में कहा है, “विज्ञापन की जांच करने पर पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह ad ‘विमल’ ब्रांड को प्रमोट करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। पान मसाला महाराष्ट्र राज्य में बनाने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर बैन है।” उन्होंने कहा कि विज्ञापन में ‘विमल इलायची’ शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया गया है। इससे विमल पान मसाला ब्रांड के साथ जुड़ाव बनता हुआ दिखता है।

‘कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं’

इस नोटिस में कहा गया है कि इससे कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं। बैन प्रोडक्ट की ब्रांड पहचान को इनडायरेक्ट रूप से बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, इसमें राज्य-व्यापी बैन ऑर्डर का भी जिक्र किया गया है, जो पब्लिक हेल्थ और सेफ्टी नियमों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र में पान मसाला बनाने, स्टोर करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर सख्ती से रोक लगाता है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर इलायची या इसी तरह के प्रोडक्ट के नाम से ‘विमल’ ब्रांड का इस्तेमाल पान मसाला/तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स की ब्रांड पहचान और कंज्यूमर्स के आकर्षण को बनाए रखने, मजबूत करने या बढ़ाने के मकसद से किया जाता है, तो ऐसा कम्युनिकेशन सिर्फ एक इंडिपेंडेंट प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं माना जाएगा। बल्कि यह बैन/रिस्ट्रिक्टेड प्रोडक्ट का इनडायरेक्ट या सरोगेट प्रमोशन हो सकता है।”

FDA को किस बात पर है आपत्ति?

ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सवाल उठाया है कि Vimal Elaichi के नाम से किया गया विज्ञापन कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन वाले उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं कर रहा। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला पर बैन लागू है। ताजा प्रतिबंध 13 जुलाई से प्रभावी हुआ है। यह एक साल तक लागू रहेगा।

10 लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना

महाराष्ट्र FDA ने इस मामले में ‘Food Safety and Standards Act (FSS Act), 2006’ की धारा 24 और धारा 53 का हवाला दिया है। धारा 24 भ्रामक या धोखा देने वाले खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

FDA ने नोटिस में ‘Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018’ का भी उल्लेख किया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। तीनों एक्टर्स से जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन

अभिनेताओं को नोटिस ऐसे समय पर जारी किए गए हैं जब महाराष्ट्र FDA ने गुटखा और तंबाकू या निकोटीन वाले प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के खिलाफ अभियान तेज कर रखा है। FDA के आंकड़ों के मुताबिक, “25 मई से 31 जुलाई के बीच अधिकारियों ने 658 ठिकानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में करीब ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।” इस दौरान, 519 FIR दर्ज की गईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित उत्पादों के कथित परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहन भी जब्त किए गए, जिनमें रखे सामान की कीमत करीब ₹6.6 करोड़ बताई गई।

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पुलिस के साथ मिलकर भी कार्रवाई

FDA का अभियान सिर्फ खाद्य विभाग तक सीमित नहीं है। 12 जून को FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यहां प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू या निकोटीन वाले पान मसाला उत्पादों का कारोबार संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा हो। इन मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 के प्रावधानों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया था।

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