‘एक ही शहर में हों तो मिलना तय!’ एस जयशंकर संग अपनी केमिस्ट्री और Quad पर बोले मार्को रुबियो

Marco Rubio S Jaishankar Relation: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक स्पेशल इंटरव्यू में रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने गहरे और मजबूत कामकाजी रिश्तों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देश QUAD के जरिए अपने रणनीतिक सहयोग को एक नए मुकाम पर ले जा रहे हैं।

‘एक ही शहर में हों तो मिलना तय’: जयशंकर संग मजबूत केमिस्ट्री

मार्को रुबियो ने खुलासा किया कि पिछले डेढ़ साल के दौरान वे और विदेश मंत्री एस. जयशंकर कम से कम 12 बार मिल चुके हैं। रुबियो के अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली मुलाकात भी जयशंकर के साथ ही हुई थी।

रुबियो ने कहा, ‘जब भी हम किसी वैश्विक सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय बैठक या एक ही शहर में होते हैं, तो हम एक-दूसरे से मिलना कभी नहीं भूलते। हमने एक बेहद सकारात्मक और मजबूत वर्किंग रिलेशनशिप बनाई है।’

उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी मजबूत बॉन्डिंग की बदौलत दोनों देश पिछले डेढ़ साल में कई नाजुक और संवेदनशील मुद्दों को बहुत आसानी से सुलझाने में सफल रहे हैं।

Quad सम्मेलन में होंगे ऐतिहासिक फैसले

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सदस्यता वाले ग्रुप Quad के भविष्य पर बात करते हुए रुबियो ने कहा कि यह संगठन अब सिर्फ बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी क्वाड लीडर्स समिट केवल एक ‘गेट-टुगेदर’ नहीं होगी। इस शिखर सम्मेलन में चारों देश ठोस और बड़े फैसलों का ऐलान करेंगे।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत-US के रिश्ते बेहद अहम

मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक मामलों को लेकर एक जैसी सोच है। दोनों देशों के पास रक्षा, सुरक्षा, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में अपने संबंधों को और गहराई तक ले जाने के ‘असाधारण अवसर’ मौजूद हैं।

‘नाजी जर्मनी जैसा है ईरानी शासन…’, मार्को रुबियो बोले- ‘कट्टरपंथी शिया मौलवियों’ से समझौता बेहद मुश्किल

‘नाजी जर्मनी जैसा है ईरानी शासन…’, मार्को रुबियो बोले- ‘कट्टरपंथी शिया मौलवियों’ से समझौता बेहद मुश्किल

Marco Rubio On Iran: भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान और उसकी शीर्ष नेतृत्व प्रणाली पर जमकर निशाना साधा है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर पहुंचना बेहद मुश्किल है, क्योंकि देश की कमान थियोलॉजी यानी धार्मिक नीतियों से संचालित होने वाले ‘कट्टरपंथी शिया मौलवियों’ के हाथों में है।

नाजी U-Boat रणनीति से की तुलना, भारतीय नाविकों की मौतों पर जताई चिंता

मार्को रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने ईरान की इन हरकतों की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी की सबमरीन रणनीतियों से की।

रुबियो ने कहा, ‘ईरान खुलेआम कह रहा है कि वे निर्दोष नाविकों को मारने और कमर्शियल जहाजों को डुबोने की कोशिश कर रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसा कभी नहीं देखा गया। पूरी दुनिया को एक साथ आकर इसकी कड़ी निंदा करनी चाहिए।’

उन्होंने बताया कि इन हमलों में कई भारतीय नाविकों ने भी अपनी जान गंवाई है, क्योंकि वैश्विक मर्चेंट नेवी में भारतीय नाविकों की बड़ी संख्या है। वैसे अमेरिकी नौसेना अधिकांश ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर रही है।

‘कट्टरपंथी मौलवियों के हाथ में कमान’, कूटनीति पर संकट

तेहरान के साथ राजनयिक समझौते और भविष्य में सैन्य तनाव की संभावना पर रुबियो ने स्पष्ट किया कि ईरानी नेतृत्व की कट्टरपंथी सोच के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।

उन्होंने कहा, ‘ईरानी शासन के साथ डील करना बहुत कठिन है। दुर्भाग्य से वे समझौता करना नहीं जानते और वे कट्टरपंथी शिया मौलवियों द्वारा नियंत्रित हैं।’ रुबियो ने स्पष्ट किया कि उनका हमला सामान्य शिया समुदाय पर नहीं, बल्कि शासन चला रहे कट्टरपंथियों पर है।

अमेरिका की ‘इकोनॉमिक एस्फिक्सिया’ नीति जारी रहेगी

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वाशिंगटन तेहरान पर असाधारण आर्थिक दबाव बनाना जारी रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अपने नागरिकों की भलाई के बजाय मिलने वाले हर डॉलर का उपयोग आतंकवाद को स्पॉन्सर करने, मिसाइलें और ड्रोन बनाने में करता है।

इससे पहले अगस्त में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ ‘इकोनॉमिक एस्फिक्सिया’ यानी आर्थिक तौर पर पंगु बनाने की रणनीति का ऐलान किया था, जिसके तहत डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, गोल्ड, एविएशन और शिपिंग सेक्टर्स पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए हैं।

‘बस कुछ हफ्तों की बात…’, भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेत

कानपुर में नकली सीमेंट का कारोबार! तीन वर्षों में 11 लाख बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई

कानपुर में नकली सीमेंट का कारोबार! तीन वर्षों में 11 लाख बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई

Kanpur fake cement factory

Kanpur fake cement factory: औद्योगिक नगरी कानपुर के पनकी में नकली सीमेंट फैक्ट्री के खुलासे ने प्रदेश भर के निर्माण तंत्र और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। नामी कंपनियों की साख की आड़ में पिछले तीन सालों से चल रहे इस अवैध खेल में न सिर्फ 10 लाख से अधिक बोरियां खपाए जाने का संगीन आरोप है, बल्कि इसके तार मेरठ से लेकर सीएम ग्रिड और लखनऊ एयरपोर्ट जैसे हाई-प्रोफाइल निर्माण कार्यों तक जुड़ने के दावे सामने आ रहे है। अब योगी सरकार के एक्शन का इंतजार है।

 

यूपी के कानपुर में SOG और स्थानीय पुलिस ने पनकी थाना क्षेत्र के इस्पात नगर में छापेमारी कर नामी ब्रांडों (ACC और अंबुजा) के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली एक विशाल अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने पिछले 3 वर्षों में करीब 10.80 लाख बोरी नकली सीमेंट उत्तर प्रदेश के कई जिलों और बड़े सरकारी व निजी प्रोजेक्ट्स में सप्लाई की है। इस पूरे मामले में एक स्थानीय भाजपा नेता द्वारा आरोपियों को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। 

कैसे हुआ इस बड़े खेल का खुलासा?

अडानी ग्रुप की कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक को जब अचानक अपने ब्रांड्स की बिक्री में भारी गिरावट महसूस हुई, तो कंपनी की विजिलेंस टीम ने पिछले 15 दिनों से निजी स्तर पर खुफिया जांच शुरू की। कंपनी की पुख्ता शिकायत मिलने पर कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के निर्देश पर SOG और स्थानीय पुलिस की टीम ने पनकी के इस्पात नगर स्थित गोदाम पर अचानक छापेमारी कर इस अवैध सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया। छापेमारी के दौरान मौके से 1000 से अधिक भरी हुई नकली बोरियां, 3000 खाली बोरियां, अत्याधुनिक पैकिंग मशीनें और नकली सीमेंट से लदे दो ट्रक जब्त किए गए। 

​महज 30 रुपए की लागत और मुनाफा… 

​पुलिस जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से लोगों की जान और सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ कर रहा था। यह गैंग बुंदेलखंड इलाके से खराब और एक्सपायर्ड हो चुकी सीमेंट को महज ₹10 से ₹20 प्रति बोरी की दर से खरीदता था। मेरठ के सप्लायरों (सुनील मित्तल और निशांत मित्तल) की मदद से इस पुराने माल को मशीनों में दोबारा पीसकर, उसमें हानिकारक केमिकल्स और थोड़ी असली सीमेंट मिलाकर नामी कंपनियों के ब्रांडेड बैगों में पैक किया जाता था।

 

​मोटा मुनाफा : महज ₹30 की लागत में तैयार होने वाली इस जानलेवा नकली सीमेंट की बोरी को बाजार में असली बताकर ₹250 से ₹280 में बेचा जा रहा था। गिरोह हर महीने करीब 30,000 से ज्यादा बोरियां बाजार में खपा रहा था। 

Kanpur fake cement factory

​बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर मंडराया खतरा!

​इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रदेश के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर उठ रहा है। जांच में सामने आया है कि ​CM ग्रिड सड़क योजना के तहत बन रही महत्वपूर्ण सड़कों में भी इसी घटिया सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। ​लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण कार्यों में भी इस नकली सीमेंट की भारी सप्लाई किए जाने का गंभीर दावा किया गया है।

​पुलिसिया कार्रवाई और गरमाई सियासत

​पुलिस ने फैक्ट्री के मुंशी/सुपरवाइजर राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य संचालक भाई नीरज गुप्ता और धीरज गुप्ता अपने दो अन्य साझेदारों के साथ फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, इंतजार योगी सरकार के बड़े एक्शन का है।

 

​इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कड़ा तंज कसा है कि भाजपा का भ्रष्टाचार देश और प्रदेश की नींव को कमजोर कर रहा है। साथ ही, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स में भी इस सीमेंट के इस्तेमाल की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।

Neeti Mohan Father Death: सिंगर नीति मोहन के पिता का हुआ निधन, सोशल मीडिया पर शेयर किया इमोशनल पोस्ट

Neeti Mohan Father Death: सिंगर नीति मोहन अपने पिता बृज मोहन शर्मा के निधन से टूट गई हैं। पिता का निधन 15 अक्टूबर को हुआ था। गायिका ने सोशल मीडिया पर यह दुखद खबर साझा की और अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए एक भावुक नोट लिखा। नीति ने अपने पिता को एक प्यार करने वाले अभिभावक, मार्गदर्शक और परिवार का आधार स्तंभ बताया। अपने नोट में उन्होंने यह भी लिखा कि परिवार को उनकी कमी कितनी गहराई से खलेगी।

इंस्टाग्राम पर अपने पिता की एक तस्वीर साझा करते हुए नीति मोहन ने लिखा, “बहुत गहरे दुख और भारी मन के साथ, हम अपने प्यारे पिता, श्री बृज मोहन शर्मा के निधन की दुखद खबर साझा कर रहे हैं, जो 15 अक्टूबर 2026 को इस दुनिया से विदा हो गए। वे एक बेहतरीन पति और पिता, हमारे मार्गदर्शक और हमारे परिवार का आधार स्तंभ थे। उनकी समझदारी, दयालुता, संस्कार और निस्वार्थ प्रेम हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। भले ही वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद, उनकी सीख और उनकी खूबसूरत यादें जीवन भर हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी।”

उन्होंने आगे लिखा- “उनके जाने से एक ऐसा खालीपन आ गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। लेकिन उनका प्यार हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगा। ईश्वर उनकी नेक आत्मा को शांति प्रदान करे। हम आपको बहुत याद करेंगे पापा।” कई मशहूर हस्तियों ने नीति मोहन और उनके परिवार को सांत्वना संदेश भेजे हैं। मनीष पॉल ने कमेंट किया- “ओम शांति।” नेहा धूपिया ने भी अपना प्यार जताते हुए लिखा, “नीति तुम्हें और पूरे परिवार को मेरा प्यार और हिम्मत मिले।”

बृज मोहन शर्मा सरकारी अधिकारी थे और साथ ही एक लेखक भी थे। नीति और उनकी बहनें – शक्ति, मुक्ति और कृति – उन्हें अपने परिवार की रीढ़ मानती थीं। बता दें कि नीति मोहन एक जानी-मानी प्लेबैक सिंगर हैं, जिन्होंने कई लोकप्रिय बॉलीवुड गानों में अपनी आवाज दी है। उनके हिट ट्रैक में स्टूडेंट ऑफ द ईयर से इश्क वाला लव, जब तक है जान से जिया रे, गुंडे से तूने मारी एंट्रियां, ब्रदर्स से सपना जहां, बार बार देखो से सौ आसमान, पद्मावत से नैनोवाले ने, गंगूबाई काठियावाड़ी से मेरी जान और कलंक से फर्स्ट क्लास शामिल हैं।

Salman Khan: परेंट्स की शादी को लेकर सलमान खान ने किया बड़ा खुलासा, बोले- 5 साल तक सलीम खान से नहीं की थी बात

Salman Khan: बिग बॉस में कंटेस्टेंट्स से बात करते हुए सलमान खान अक्सर अपनी निजी जिंदगी के किस्से साझा करते हैं। हाल ही में उन्होंने बताया कि कैसे उनके नाना, उनके पिता और स्क्रीनराइटर सलीम खान से सालों तक बात नहीं करते थे, क्योंकि वे सलीम खान और सलमान की मां सलमा खान की शादी से नाराज थे।

सलमान ने सलीम खान से माफी मांगी

शो के एक एपिसोड के दौरान सलमान शो की ‘जीरो-टॉलरेंस’ पॉलिसी के बारे में बात कर रहे थे और बता रहे थे कि कैसे कंटेस्टेंट्स अक्सर अपने किए पर पछताते हैं। अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने अपने पिता से माफी मांगी है। उन्होंने पिता से कहा कि अगर कभी उन्होंने उन्हें निराश किया हो या कोई ऐसी बात कही हो जिससे उन्हें दुख पहुंचा हो तो वे उन्हें माफ कर दें।

‘इसमें कोई धार्मिक पहलू नहीं था’

सलमान ने अपने नाना का किस्सा सुनाया, जो सलमा और सलीम खान की शादी से नाराज थे। उन्होंने बताया कि उनके नाना को इस शादी से कोई धार्मिक ऐतराज नहीं था, बल्कि उन्हें इस बात की चिंता थी कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े किसी व्यक्ति से शादी कर रही है।

उन्होंने कहा- “मैं आपको बता दूं कि जब मेरे माता-पिता की शादी हुई तो इसमें कोई धार्मिक पहलू नहीं था। सिर्फ मेरे नाना इसलिए नाराज थे, क्योंकि मेरी मां एक ऐसे हैंडसम आदमी से शादी कर रही थीं जो एक्टर बनना चाहता था। उन्हें बस इस बात से ऐतराज था कि वह फिल्म इंडस्ट्री के किसी इंसान से शादी कर रही हैं। मेरी मां के भाई-बहनों को इससे कोई दिक्कत नहीं थी। वे मेरे पिता को पसंद करते थे, लेकिन मेरे नाना को चिंता थी कि उनकी बेटी उस माहौल में कैसे रहेगी।”

सलमान के नाना ने 5 साल तक सलीम खान से बात नहीं की

सलमान ने आगे बताया- “उन्होंने मेरे पिता से पांच साल तक बात नहीं की। जब सोहेल का जन्म हुआ तो मेरे नाना माहिम से बांद्रा मिठाई लेकर आए। उन्हें इस बात का बहुत पछतावा था कि वे अपने नाती-पोतों को बड़े होते हुए नहीं देख पाए और इतने अच्छे इंसान से बात नहीं कर पाए, क्योंकि उनके मन में कुछ बातें थीं। यह पछतावा उनके आखिरी सांस तक रहा। एक-दो बार जब मम्मी-पापा के बीच झगड़ा हुआ और मम्मी अपने मायके चली गईं तो नाना ने उन्हें घर के अंदर नहीं आने दिया। उन्होंने कहा- ‘अपने घर वापस जाओ। तुम कभी भी आ सकती हो, लेकिन लड़-झगड़ कर यहां नहीं आ सकतीं।'”

सलीम खान और सलमा खान की लव स्टोरी

सलीम खान और सलमा खान की प्रेम कहानी तब शुरू हुई जब सलमा और सलीम एक-दूसरे के सामने वाले अपार्टमेंट में रहते थे। दोनों को प्यार हो गया और 1964 में उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद सुशीला ने ‘सलमा’ नाम अपना लिया। इस जोड़े के चार बच्चे हुए- सलमान, अरबाज, सोहेल खान और उनकी बेटी अलवीरा अग्निहोत्री।

नेहा बोरा, प्रशांत भूषण पर कांग्रेस की सफाई

कांग्रेस पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी, आइसा और सिविल सोसायटी के कुछ अति उत्साही लोगों के चक्कर में फंस गई है। अभिजीत दीपके के कॉकरोच जनता पार्टी के लोग पुलिस वालों से लेकर जजों के खिलाफ बयान दे रहे हैं या धमका रहे हैं। वे इस अहंकार में घूम रहे हैं कि हमने तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ले लिया तुम्हारी क्या औकात है। ऐसे ही सीपीआई एमएल के छात्र संगठन आइसा की नेता नेहा बोरा ने कह दिया कि उनको बांग्लादेश में युवाओं के आंदोलन से प्रेरणा मिली। बची खुशी कसर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने पूरी कर दी। उन्होंने 16 अक्टूबर के तिरंगा मार्च की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अति उत्साह में आकर कह दिया कि आंदोलन का मकसद ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता बदलने का है।

इससे भारतीय जनता पार्टी को मौका मिल गया। उसने नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयान को एक साथ मिला दिया। उसने कहना शुरू कर दिया कि कांग्रेस और उसकी तरफ से प्रदर्शन कर रहे लोग बांग्लादेश के मॉडल का इस्तेमाल करके भारत में सत्ता बदलना चाहते हैं। भाजपा ने इस नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए राजनाथ सिंह के उतार दिया। उन्होंने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह बात कही। उसके बाद से इसका प्रचार हो रहा है।

इस प्रचार के कारण कांग्रेस बैकफुट पर आई। कांग्रेस नेताओं को मीडिया के सामने और सोशल मीडिया में सफाई देनी पड़ रही है। जयराम रमेश ने भी सफाई दी। लेकिन न तो नेहा बोरा को फर्क पड़ रहा है और प्रशांत भूषण को। तभी कांग्रेस के नेता इस मामले में गलती स्वीकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के दौरान राहुल का नेहा बोरा के कंधे पर हाथ रखना और उसके अगले दिन घर पर चाय पार्टी में बुला कर मीडिया के सामने बयान दिलवाना ठीक फैसला नहीं था।

‘हम यह दुनिया छोड़ रहे हैं’ मौत से पहले कर्मचारी ने कंपनी को भेजा ईमेल, गुरुग्राम के फ्लैट में मृत मिला कपल

दिल्ली से सटे गुरुग्राम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गुरुग्राम में एक सोसायटी के फ्लैट में बुधवार सुबह एक टेक दंपति संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। सोसायटी के फ्लैट में टेक कपल मोहम्मद असलम (30) और उनकी पत्नी फरहाना की मौत की खबर सुन हर कोई हैरान रह गया। वहीं अपनी मौत से पहले असलम ने सुबह करीब 7 बजे ‘हम दुनिया छोड़ रहे हैं’ का मैसेज अपने एंप्लॉयर को ईमेल भेजा था। इसमें उसने अपने माता-पिता और मकान मालिक के फोन नंबर भी शेयर किया था।

पुलिस को किया फोन

30 वर्षीय मोहम्मद असलम ने अपने ऑफिस के लोगों से इन नंबरों पर संपर्क कर परिवार को जानकारी देने के लिए कहा था। ईमेल मिलने के बाद उनके सहकर्मियों ने मकान मालिक से बात की। इसके बाद मकान मालिक गुरुग्राम के M3M मरीना परिसर के टावर 7 में स्थित दंपति के फ्लैट पर पहुंचे। मकान मालिक जब फ्लैट के अंदर पहुंचे, तो उन्होंने असलम को मृत पाया। वहीं, उनकी करीब 28 वर्षीय पत्नी फरहाना फर्श पर पड़ी थीं और उनकी गर्दन पर चोट के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही मकान मालिक ने बादशाहपुर पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी।

फ्लैट के अंदर मिला नोट

पुलिस को फ्लैट के अंदर एक नोट मिला, जिस पर लिखा था, “हम यह दुनिया छोड़ रहे हैं।” फरहाना के कपड़ों पर भी “आई लव यू” लिखा हुआ था। पुलिस अब नोट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और फ्लैट से बरामद अन्य सामान की जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह और उस दिन क्या हुआ था, इसका पता लगाया जा सके। इस दिन फरहाना का जन्मदिन था।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि असलम ने आत्महत्या करने से पहले अपनी पत्नी की हत्या की होगी। वहीं, पुलिस के कहा कि घटना किस क्रम में हुई और दोनों की मौत कैसे हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगी।

साल 2023 में हुई थी शादी

असलम और फरहाना करीब तीन महीने पहले बेंगलुरु से गुड़गांव आए थे। कोझिकोड के रहने वाले असलम ने सेक्टर 58 में ऑफिस वाली इंडोनेशिया की एक आईटी कंपनी में नौकरी शुरू की थी, जबकि मलप्पुरम की रहने वाली फरहाना बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी के लिए घर से काम करती थीं। दोनों की शादी 2023 में हुई थी और गुड़गांव आने से पहले वे लगभग दो साल तक बेंगलुरु में रहे थे। असलम ने 2018 में NIT कालीकट से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 2020 में उन्होंने IIM इंदौर से MBA की डिग्री हासिल की। वहीं, फरहाना ने केरल के कुट्टीपुरम स्थित MES कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से BTech किया था।

पोस्टमार्टम में होगा मौत की वजह का सुलासा

मकान मालिक की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे इमरजेंसी टीम अपार्टमेंट पहुंची। इसके कुछ देर बाद पुलिस की एक बड़ी टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था। तलाशी के दौरान वहां से तीन लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक रस्सी, डायरी, कैंची, पेन ड्राइव, एक नोट और पेन बरामद किए गए। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि मामले से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट से मिले नोट में किसी भी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया गया था। शुक्रवार को दोनों के शवों को मोर्चरी में रखा गया, जहां परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की। फिलहाल पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

दोनों के बीच सबकुछ ठीक थी

केरल में रहने वाले दोनों परिवारों के मुताबिक, असलम और फरहाना के बीच सब कुछ ठीक था और उन्हें किसी अनबन की जानकारी नहीं थी। फरहाना के भाई फैसल ने कहा कि इस घटना से दोनों परिवार सदमे में हैं। TOI के अनुसार, “दोनों के बीच काफी गहरा रिश्ता था। वे एक-दूसरे के साथ खुश रहते थे और उनकी शादीशुदा जिंदगी में किसी तरह की परेशानी या अनबन की जानकारी नहीं थी।” फरहाना के भाई फैसल ने बताया कि रिश्तेदारों को आशंका है कि काम का दबाव इस घटना की वजह हो सकता है, लेकिन परिवार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

Pehla Pyaar Doosri Baar: लव, मजेदार पंचलाइन और ढेर सारे ट्विस्ट…, तैयार हो जाइए लव रंजन की नई रॉम-कॉम दुनिया से जुड़ने के लिए

Pehla Pyaar Doosri Baar: पिछले एक दशक में हिंदी सिनेमा में दोस्ती और रिश्तों को दिखाने का अंदाज काफी बदला है, लेकिन लव रंजन आज भी यंग दर्शकों की पसंद को बखूबी समझते हैं। अब सभी की नजरें उनकी अगली प्रोडक्शन फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ पर टिकी हैं।

अगर पीछे मुड़कर देखा जाए तो इंडियन सिनेमा ने पिछले 10 सालों में यादगार रोमांटिक कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिन्होंने खुद में समय के साथ आने वाले बदलाव को कैद किया है। फिल्में जैसी ‘की एंड का’ (2016) जिसने लड़के और लड़की के रोल को रिलेशनशिप में बदल दिया, जबकि ‘बरेली की बर्फी’ (2017) जैसी फिल्म ने छोटे शहर की सादगी के साथ गर्माहट को वापस लाते हुए पेश किया।

इन सब के अलावा दर्शकों ने ‘शुभ मंगल सावधान’ (2017) और ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ (2020) के साथ बेबाक तरीके से आज के मुद्दों से जुड़े ह्यूमर को खूबसूरती से दिखाया है, जबकि ‘लुका छुपी’ (2019) जैसी फिल्म में लिव-इन रिलेशनशिप की कहानी को पेश किया गया है। उम्र के फर्क को दिखाती ‘दे दे प्यार दे’ (2019) में अलग तरह के रिश्ते को दिखाया गया, वहीं ‘जरा हटके जरा बचके’ (2023) में मॉडर्न फैमिली के बीच होने वाली उत्तालपुथल नजर आती है। इसके अलावा, ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ (2024) में आने वाले समय के रोमांस की कहानी दिखाई गई है।

समय-समय पर दर्शकों की पसंद में आने वाले बदलाव के बीच लव रंजन एक ऐसा नाम रहे हैं, जिन्होंने लगातार मॉडर्न रोमांटिक और फ्रेंडशिप कॉमेडी के साथ एक अलग स्टैंडर्ड सेट किया है। लव रंजन ने प्यार का पंचनामा और प्यार का पंचनामा 2 के साथ इंडस्ट्री में एक नई लहर पैदा की थी और इस तरह से दशक की दो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को देकर उन्होंने रोमांटिक कॉमेडी की दुनिया में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इसके बाद उनकी फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ (2018) एक ब्लॉकबस्टर हिट बनकर सामने आई, जिसने न सिर्फ शानदार कमाई अपने नाम की बल्कि यंग ऑडियंस के बीच भी काफी पसंद की गई। इस फिल्म में दोस्ती और प्यार की झलक है और इसकी कहानी खुद में इन दोनों रिश्तों के बीच होने वाली खींचतान को मजेदार अंदाज और हमेशा याद रहने वाले डायलॉग्स के साथ खुद में लिए हुए है।

फिल्म के कई डायलॉग्स को दर्शक आज भी दोहराते नजर आते हैं। उन्होंने इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ‘दे दे प्यार दे’ (2019), ‘तू झूठी मैं मक्कार’ (2023) और ‘दे दे प्यार दे 2’ (2025) जैसी कई सफल फिल्में दी। लव रंजन की इन सभी फिल्मों ने समय समय पर साबित किया है कि रोमांटिक कॉमेडी बॉक्स ऑफिस पर रूल कर सकती है, अगर राइटिंग अच्छी हो और आज के दौर के डेटिंग से जुड़ी परेशानियों को दिखाने के साथ रिलेटेबल तरीके से ग्रुप केमिस्ट्री को पेश किया जाए। यह सभी फिल्में दिखाती हैं कि लव रंजन अच्छी तरह से जानते हैं कि रोमांटिक कॉमेडी में दर्शक आज के समय में क्या देखना चाहते हैं।

अब लव रंजन नए डायरेक्शन में यूथ कल्चर और बैंटर को अपनी नई फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ के ज़रिए पेश करने वाले हैं, जिसमें उनकी सिग्नेचर राइटिंग अपना कमाल दिखाने के लिए तैयार है। फिल्म की कहानी पूरी तरह से फ्रेंडशिप कॉमेडी पर आधारित है। स्क्वॉड लॉयल्टी, दोस्ती की डायनेमिक्स और यंग लव की मजेदार चुनौतियों को लिए ‘पहला प्यार दूसरी बार’ एक यादगार बडी-ग्रुप एंटरटेनर होने वाली है।

लव फिल्म्स के बैनर तले बनी ‘पहला प्यार दूसरी बार’ को डेब्यूटेंट डायरेक्टर अनुज सैनी ने डायरेक्ट किया है। फिल्म को लव रंजन और अंकुर गर्ग द्वारा को प्रोड्यूस किया गया है। यह फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

Kapil Sharma Show: ‘अगर मुंबई में हां कर देती तो कम खर्चा होता’, प्रपोजल से लेकर शादी…पर्सनल लाइफ तक सैफ-करीना ने किए मजेदार खुलासे

Kapil Sharma Show: सैफ अली खान और करीना कपूर जल्द ही कपिल शर्मा के शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में नजर आने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपनी शादी की 14वीं सालगिरह के मौके पर नेटफ्लिक्स ने आने वाले एपिसोड का एक प्रोमो जारी किया है, जिसमें दोनों एक दूसरे की आदतों के बारे में मजेदार खुलासे करते दिख रहे हैं।

‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में सैफ अली खान-करीना कपूर

प्रोमो में कपिल इस जोड़े से पूछते हैं कि शादी के 14 साल बाद भी वे इतने ‘हमेशा जवान और फ्रेश’ कैसे दिखते हैं, इसका राज क्या है। सैफ ने तुरंत इसका श्रेय घी को दिया। करीना ने आगे बताया कि वे घर पर काफी घी खाते हैं। करीना ने कहा, “हमारे पास घी है, हमारे बच्चे इसे खाते हैं।” लेकिन सैफ ने बीच में ही उनकी एक आदत के बारे में बहुत मजेदार बात बता दी। उन्होंने कहा, “वह इसे सिर्फ खाती ही नहीं है, बल्कि रात को अपने पैरों पर भी लगाती है।” करीना ने तुरंत कहा, “इससे बहुत फायदा होता है।”

इसके बाद सैफ ने दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने कहा- “सोचिए कितना रोमांटिक माहौल है और रात को हमारे बेडरूम से ढाबे जैसी महक आ रही है।” फिर कपिल ने अर्चना पूरन सिंह के बारे में मजाक किया कि वह अपने पैरों पर घी लगाती हैं और बाद में उसी घी का इस्तेमाल अपनी चपाती पर भी करती हैं। यह एपिसोड इस शनिवार 17 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर आएगा।

वहीं जब प्रोमो में करीना ने बताया की उन्होंने सैफ के प्रपोजल पर तुरंत हां नहीं कहा था, उन्होंने उन्हें तीन बार प्रपोज किया तब जाके मैंने हां बोला था। तब सैफ ने कहा कि पहली बार में हां कह देती तो मेरा खर्चा कम होता। वहीं दोनों ने एक दूसरे की सोने के समय खर्राटें लेने की आदतों का भी खुलासा किया।

फैंस ने आने वाले एपिसोड को लेकर अपना उत्साह जाहिर किया। एक कमेंट में लिखा था- “मुझे लगा था कि KBC पर सैफ का रिएक्शन ताना मारने वाला था, लेकिन अब मुझे सच में लगता है कि वह घी फिर से मिलने पर वाकई खुश थे, हाहा।” एक और फैन ने लिखा-“मैं इसे सैफ के मजाकिया अंदाज के लिए देखने जा रहा हूं।” एक तीसरे फैन ने कमेंट किया, “मुझे लगता है कि करीना एकदम देसी पत्नी हैं।” एक और ने लिखा, “ये दोनों बहुत पसंद हैं।”

अपनी सालगिरह के मौके पर इस कपल ने सोशल मीडिया पर दिल छू लेने वाली पोस्ट शेयर कीं। करीना ने इंस्टाग्राम पर सैफ के साथ कुछ अनदेखी तस्वीरें शेयर कीं और लिखा, “एक और साल बीत गया। आगे भी ऐसे ही साथ रहना है।” हाल ही में इंस्टाग्राम पर कदम रखने वाले सैफ ने भी करीना और अपने बच्चों के साथ तस्वीरें शेयर कीं और लिखा, “ये हुई ना बात, एकदम परफेक्ट!! सालगिरह मुबारक हो, लव।”

करीना और सैफ ने पांच साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद 16 अक्टूबर 2012 को मुंबई में शादी कर ली थी। दोनों पहली बार फिल्म ‘टशन’ (2008) की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे के करीब आए थे। इस कपल ने अपनी रजिस्टर्ड शादी को प्राइवेट रखा और यह समारोह बांद्रा स्थित सैफ के घर पर हुआ। अब उनके दो बेटे हैं – तैमूर और जेह।

करीना कपूर और सैफ अली खान की हालिया फिल्मों के बारे में

करीना को आखिरी बार मेघना गुलज़ार की फिल्म ‘दायरा’ में देखा गया था, जिसमें पृथ्वीराज सुकुमारन भी मुख्य भूमिका में थे। पुलिस ड्रामा पर आधारित इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों से अच्छे रिव्यू मिले। वहीं सैफ फिल्म ‘हैवान’ में नज़र आए। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार और सैयामी खेर भी अहम भूमिकाओं में थे।

रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी:भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट, विक्रम रॉकेट से भेजे जाएंगे सैटेलाइट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। दो लॉन्च के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो लॉन्च का समझौता किया है। दोनों लॉन्च विक्रम रॉकेट से किए जाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा, “इन लॉन्च से हमें अमेरिका की अन्य तय लॉन्च सेवाओं के साथ पक्का शेड्यूल और क्षमता मिलेगी।” स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO पवन चंदाना ने कहा, “रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के साथ साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं। यह कंपनी अंतरिक्ष तकनीक के सबसे नए इस्तेमालों में से एक पर काम कर रही है।” उन्होंने कहा, “हम स्काईरूट ए के साथ उनकी धरती पर मांग के मुताबिक सूरज की रोशनी देने की योजना को लॉन्च करने का इंतजार कर रहे हैं।” पांच किलोमीटर के दायरे में दी जा सकेगी रोशनी जुलाई में रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन FCC से एक प्रदर्शन सैटेलाइट बनाने, लॉन्च करने और चलाने की मंजूरी मिली थी। स्टार्ट-अप का लक्ष्य ऐसी रोशनी देना है, जिसे कभी भी बंद किया जा सके। इसकी चमक को बदला जा सकेगा और यह पांच किलोमीटर के क्षेत्र में फैलेगी। कंपनी के मुताबिक, मांग पर मिलने वाली यह रोशनी दूरदराज के औद्योगिक इलाकों में काम के घंटे बढ़ा सकती है। इससे रक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण ढांचे को रोशन करने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी इससे यादगार अनुभव बनाए जा सकते हैं। पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के को-फाउंडर और CEO बेन नोवैक ने कहा, “हम नए लॉन्च प्रोवाइडर स्काईरूट के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इससे अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।” इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा। दूसरा लॉन्च स्काईरूट के विकासाधीन विक्रम-1U लॉन्च व्हीकल से किया जाएगा। बयान के मुताबिक, विक्रम-1U में पहले चरण के अतिरिक्त बूस्टर लगाए गए हैं। इसमें बेहतर प्रदर्शन की क्षमता भी है। नोवैक ने कहा, “हमें हाल ही में अपने पहले अंतरिक्ष यान को चलाने के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन से लाइसेंस मिला है।” उन्होंने कहा, “हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और नियामकों के साथ काम जारी रखेंगे। इससे बड़े स्तर पर विस्तार की अनुमति हासिल करने में मदद मिलेगी।” 1993 में भी कक्षा से भेजी गई थी सूरज की रोशनी 1993 में रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 65 फीट लंबा शीशा कक्षा में तैनात किया था। इससे धरती पर सूरज की रोशनी की एक घूमती हुई किरण भेजी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। हालांकि, पैसों की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया। इस प्रयोग का नाम ज़नाम्या था। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल की योजना को लेकर विवाद भी हुआ है। कई पर्यावरण संगठनों ने FCC से प्रदर्शन सैटेलाइट के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि रात में तेज रोशनी वन्यजीवों को परेशान कर सकती है। इससे खगोल विज्ञान से जुड़े अध्ययन प्रभावित हो सकते हैं और इंसानों की जैविक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।