कागजों में भगाए बंदर! राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का ‘फर्जी समाधान’

कागजों में भगाए बंदर! राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का 'फर्जी समाधान'

राजस्थान सरकार का 'संपर्क पोर्टल', जिसका मकसद जनता की समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित समाधान करना है, चौमूं में प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो गया है। चौमू की कई कालोनियों में बंदरों का आतंक है। इसी संदर्भ में एक नागरिक ने जब पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, तो उसे धरातल पर हल करने के बजाय अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। हद तो तब हो गई जब समाधान पत्र पर ऐसे अधिकारी के नाम का लेटर अपलोड कर दिया गया, जो काफी समय पहले ही तबादला हो चुका है। 

 

दरअसल, चौमूं नगर परिषद क्षेत्र के अशोक विहार कॉलोनी निवासी रमेश कुमार रावत ने 25 अगस्त को बंदरों के बढ़ते आतंक से राहत पाने के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद दर्ज कराया था। लेकिन समस्या दूर होना तो दूर, पोर्टल के कार्यशैली ने प्रशासनिक ढिलाई की पोल खोल कर रख दी। ALSO READ: चोमू शहर में बंदरों का आतंक! लोगों में दहशत, एक साल से फाइल में दबा ज्ञापन, राहत का इंतजार

एक ही दिन में बिना कार्रवाई कागजी समाधान

शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही पोर्टल पर दावा कर दिया गया कि समस्या का निवारण कर राहत प्रदान कर दी गई है। इसके प्रमाण के तौर पर पोर्टल पर दिलीप कुमार शर्मा (आयुक्त) के नाम से एक पत्र भी अपलोड कर दिया गया। मजेदार बात यह है कि दिलीप कुमार शर्मा लंबे समय से चौमूं नगर परिषद के आयुक्त हैं ही नहीं। वर्तमान में इस पद पर रामकिशोर मेहता कार्यरत हैं। इससे पहले ममता नागर महज एक दिन के लिए नियुक्त हुई थीं और फिर तबादला होने पर चली गई थीं। ऐसे में पदमुक्त अधिकारी के नाम का लेटर अपलोड होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

असंतोष जताया तो उपनिदेशक को भेजा मामला

पोर्टल की ओर से जब परिवादी रमेश रावत के पास कॉल और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि बंदरों का आतंक ज्यों का त्यों बना हुआ है। शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद, 26 अगस्त को पोर्टल के डेटा एंट्री ऑपरेटर (सिटीजन कांटेक्ट सेंटर) ने मामला वापस नगर परिषद आयुक्त को भेजा। इसके बावजूद तय समय सीमा में कार्रवाई न होने पर 29 अगस्त को परिवाद को उच्च स्तर पर उपनिदेशक (जयपुर, स्वायत्त शासन) को प्रेषित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री की मंशा पर फिर रहा पानी

परिवादी रमेश कुमार रावत का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जहां एक ओर संपर्क पोर्टल के जरिए आमजन से सीधा संवाद कर राहत पहुंचाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बिना धरातल पर काम किए फर्जी निवारण पत्र अपलोड कर रहे हैं। इस तरह की गलतियां न केवल मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेर रही हैं, बल्कि सरकारी पोर्टल की विश्वसनीयता और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ भी हैं।

 

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ऐसे गलत दस्तावेज अपलोड करने वाले दोषी कर्मचारियों और लापरवाह अधिकारियों पर उच्चाधिकारी तुरंत सख्त कार्रवाई करें, ताकि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

अक्षय ओबेरॉय-हेली दारूवाला की केमिस्ट्री ने जीता दिल, ‘लव लॉटरी’ का गाना ‘नजर लग जाएगी’ हुआ रिलीज

अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर कोर्टरूम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘लव लॉटरी’ का रोमांटिक गाना ‘नजर लग जाएगी’ रिलीज हो गया है। जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज में सजे इस खूबसूरत गाने का म्यीजिक वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल अरविंद पांडे ने लिखे हैं। गाने में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला के बीच खूबसूरत केमिस्ट्री देखने को मिलती है।

उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस पर फिल्माया गया ‘नजर लग जाएगी’ कहानी के किरदारों के रिश्ते के इमोशनल और रोमांटिक पहलू को सामने लाता है। पहाड़ों की खूबसूरती, शांत माहौल और प्रकृति के बीच फिल्माए गए रोमांटिक पल अक्षय और हेली की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को और निखारते हैं। दोनों की मौजूदगी गाने को बिना किसी बनावटीपन के एक स्वाभाविक और खूबसूरत एहसास देती है। गाने की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने की है, जबकि इसकी कोरियोग्राफी देवेंद्र चतुर्वेदी ‘डेविड’ ने की है।

गाने और फ़िल्म को लेकर निर्देशक एवं संगीत निर्देशक अरविंद पांडे ने कहा- “नजर लग जाएगी के जरिए हम अपने किरदारों के रिश्ते के इमोशनल और रोमांटिक पहलू को बहुत सहज तरीके से दिखाना चाहते थे। उत्तराखंड की खूबसूरती ने हमें इसके लिए बिल्कुल सही माहौल दिया।

फ़िल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव कहते हैं कि लव लॉटरी का विषय नाजुक है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी कि इसे संतुलन और समझदारी के साथ दर्शकों के सामने रखा जाए। फिल्म इस बात को तलाशती है कि प्यार, भरोसा और शादी का रिश्ता कभी-कभी किस तरह एक अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है।

जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज इस रोमांटिक गाना के एहसास को और गहराई देती है। वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे के संगीत तथा अरविंद पांडे के बोलों के साथ तैयार यह गाना किरदारों के बीच की नज़दीकियों और उनके रिश्ते की भावनात्मक परत को सामने लाता है।

सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित ‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है और इसकी कहानी व लेखन अंकुर खत्री का है। फ़िल्म में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और कबीर दुहन सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जबकि विजयांत कोहली, संतोष शुक्ला, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, अग्नि अय्यारी, विक्रम शर्मा, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।

Sonia Gandhi Book Row: ‘हम पुस्तक को पब्लिश करने के लिए तैयार थे, लेकिन…’; Penguin ने सोनिया गांधी की किताब छापने से किया इनकार? दी ये सफाई

Sonia Gandhi Book Row: ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने शुक्रवार (28 अगस्त) को कहा कि वह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव (Belonging: A Journey of Love)’ किताब का भारत में प्रकाशक यानी पब्लिशर नहीं है। पेंगुइन का यह बयान अमेरिकी पब्लिशर ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ’ द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ सप्ताह बाद आया है कि किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ (Alfred A Knopf)’, पेंगुइन रैंडम हाउस का एक प्रकाशन संस्थान है।

 ‘हम किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार थे’

कंपनी ने एक बयान में कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में ‘बिलॉन्गिंग’ की प्रकाशक नहीं है। यह कहना परिस्थितियों की सही तरीके से प्रस्तुति नहीं है कि लेखिका (सोनिया) द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार करने से इनकार करने के कारण पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है।” यह बयान अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में ‘संपादकीय बदलाव’ करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया।

‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने कहा कि वह ‘किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक’ था। लेकिन लेखकों की तथ्य-जांच करना और उन्हें सुझाव देना प्रकाशन प्रक्रिया के सामान्य हिस्से के रूप में उसका विशेषाधिकार और जिम्मेदारी है। कंपनी ने कहा, “संबंधित चर्चाओं के दौरान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख यही था कि हम किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक बने हुए हैं। हम लेखिका के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।”

‘किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी साफ नहीं’

इस बीच, भारत में किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon के एक पेज पर ‘बिलॉन्गिंग’ का ई-बुक वर्जन 2,615 रुपये में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध दिखा। ई-कॉमर्स वेबसाइट के अनुसार, ई-बुक का पब्लिशर ‘हार्पर कॉलिन्स’ यूके का एक प्रकाशन संस्थान विलियम कॉलिन्स है।

क्या है किताब में?

अल्फ्रेड ए. नॉफ की घोषणा के बाद से ही भारत में किताब के पब्लिशर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। अल्फ्रेड ए. नॉफ द्वारा कुछ दिनों पहले कहा गया था कि सोनिया गांधी अपनी आत्मकथा में भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक में विवाह के बाद अपने जीवन, पति राजीव गांधी की हत्या के दुखद दौर और 2004 में प्रधानमंत्री पद अस्वीकार करने सहित कई निजी अनुभव शेयर करेंगी।

सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन के बारे में बहुत कम ही बात करने वालीं 79 वर्षीय सोनिया ने इस किताब में युद्ध के बाद के इटली में अपने बचपन से लेकर अपने प्रेम-प्रसंग और उसकी वजह से भारत आने तक की कहानी का वर्णन किया है। इससे पहले जून में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पत्रकार और लेखक जो सैको के 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित ग्राफिक उपन्यास को स्थानीय कानूनी, रेगुलेटरी, कमर्शियल और मार्केट संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हटा दिया था।

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खबरों में दावा किया गया था कि प्रकाशक ने गलत मानचित्र के कारण किताब के डिस्ट्रीब्यूट से हाथ खींच लिया था और मूल पब्लिशर की ओर से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस साल फरवरी में भी पब्लिशर उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने कहा था कि उसने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को प्रिंट नहीं किया है। यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब की एक कॉपी दिखाए जाने के कुछ दिन बाद आया था।

लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

Hy-Tech Engineers IPO Subscription: हाइड्रोलिक फिटिंग बनाने वाली कंपनी हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ को निवेशकों ने पैसों की बारिश कर दी है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो आज, 27 अगस्त पैसे लगाने का आखिरी मौका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बोली के चौथे और अंतिम दिन दोपहर तक यह आईपीओ 90 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

NII और रिटेल निवेशकों का भारी उत्साह

कंपनी के ₹136 करोड़ के आईपीओ में ऑफर पर मौजूद 1.81 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 158.32 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा मांग देखी गई और यह हिस्सा 177.30 गुना भरा है।

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 95.27 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

IPO से जुड़ी मुख्य बातें 

इश्यू साइज: ₹136 करोड़ (₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू + प्रमोटर्स द्वारा ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

अंतिम तिथि: 27 अगस्त, शाम 5 बजे तक

अलॉटमेंट: 28 अगस्त

लिस्टिंग डेट: 1 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹40.72 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 8 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने ₹53 प्रति शेयर के भाव पर 76.83 लाख शेयर अलॉट किए हैं। दिग्गज निवेशक प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल ने कुल एंकर अलॉटमेंट का 43% हिस्सा अकेले हासिल किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और फंड्स का इस्तेमाल

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा साल-दर-साल 15.15% बढ़कर ₹22.6 करोड़ रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 17.4% बढ़कर ₹189.4 करोड़ पर पहुंच गया।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹29.96 करोड़ का इस्तेमाल कवठे, शिरवल और पीथमपुर यूनिट्स में मशीनरी खरीदने और विस्तार के लिए किया जाएगा। वहीं ₹16 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए होगा, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

GMP में आया बंपर उछाल

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त की सुबह हाय-टेक इंजीनियर्स का शेयर ₹44 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहा है। ₹53 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर ग्रे मार्केट में 83% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। यानी लिस्टिंग पर निवेशकों का पैसा डबल हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ananya Panday-Walker Blanco Break Up: 2 साल तक डेटिंग के बाद अनन्या पांडे और वॉकर ब्लैंको का हुआ ब्रेकअप

Ananya Panday-Walker Blanco Break Up: पिछले दो सालों से ऐसी चर्चा है कि अनन्या पांडे, वॉकर ब्लैंको को डेट कर रही हैं। हालांकि, ताज़ा खबरों के मुताबिक, दोनों का रिश्ता खत्म हो गया है। ETimes की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ़्ते अनन्या ने ही यह रिश्ता खत्म करने का फैसला किया था। सूत्र ने आगे बताया कि यह ब्रेकअप आपसी सहमति से हुआ है और दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं है।

अनन्या और वॉकर ब्लैंको, जिनकी मुलाकात एक हाई-प्रोफाइल शादी में हुई थी, पिछले दो सालों में अक्सर साथ देखे गए हैं। वे एक-दूसरे के इंस्टाग्राम पोस्ट में भी नजर आए हैं। दोनों ने कभी आधिकारिक तौर पर अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की, लेकिन फैन्स के पास यह मानने के लिए काफी संकेत थे कि वे असल में डेट कर रहे थे।

वॉकर को अनन्या पांडे के खास बर्थडे सेलिब्रेशन में भी बुलाया गया था। इस खास दिन पर, उन्होंने एक्ट्रेस के लिए एक प्यारा सा नोट शेयर किया। “हैप्पी बर्थडे, ब्यूटीफुल। तुम बहुत खास हो। आई लव यू, एनी!” हालांकि वॉकर ने उनके रिश्ते के बारे में कुछ भी कन्फर्म नहीं किया, लेकिन कई फैंस ने इसे उनके डेटिंग करने की ऑफिशियल पुष्टि मान लिया। इसके अलावा, अनन्या को उनके नाम के पहले अक्षर (इनिशियल्स) वाला नेकलेस पहने हुए भी देखा गया था।

इससे पहले, ‘हेल्थ शॉट्स’ के साथ एक इंटरव्यू में अनन्या ने प्यार और रिश्तों के बारे में अपने विचार शेयर किए और कहा, “मेरे लिए प्यार दोस्ती है, जैसा कि शाहरुख खान सर कहते हैं। यह सब उस कनेक्शन, भरोसे और खुद जैसा बने रहने की काबिलियत के बारे में है। मुझे नहीं लगता कि प्यार सिर्फ़ रोमांटिक रिश्ते तक ही सीमित है। प्यार हर जगह होता है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं छोटी थी तो मुझे लगता था कि ज़िंदगी में सिर्फ़ एक ही सच्चा प्यार होता है और उसके बाद आप किसी और से प्यार नहीं कर सकते। लेकिन अब मैं कई लोगों से प्यार करती हूं– मेरे दोस्त, मेरा परिवार, हर कोई! इसलिए, मुझे लगता है कि बड़े होने के साथ-साथ प्यार को सिर्फ़ एक ‘सोलमेट’ (जीवनसाथी) तक सीमित मानने वाली मेरी सोच बदल गई है।”

वॉकर ब्लैंको शिकागो के रहने वाले एक पूर्व मॉडल हैं। कई मशहूर हस्तियों के साथ दोस्ती की वजह से उनका नाम बॉलीवुड से भी जुड़ा रहा है।

कर्नल सोफिया मामले में मंत्री विजय शाह के बचाव में क्यों सरकार?, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कर्नल सोफिया मामले में मंत्री विजय शाह के बचाव में क्यों सरकार?, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं जाने के सरकार के फैसले को लेकर प्रदेश में सियासी पारा गर्मा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इससे सेना का अपमान बताकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। 

 

जीतू पटवारी ने की सरकार को बर्खास्त करने की मांग- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में संवैधानिक एवं न्यायिक व्यवस्था की गरिमा की रक्षा और प्रदेश सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “आज मैं यह पत्र राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नहीं, भारतीय सेना, संविधान और न्याय की गरिमा में विश्वास रखने वाले एक नागरिक के रूप में लिख रहा हूँ! मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने देश की जांबाज बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी कर जिस मर्यादा को तार-तार किया, वह एक व्यक्ति ही नहीं, देश की सेना का भी अपमान था”। 

 

उन्होंने आगे लिखा कि “लेकिन, आज प्रश्न उससे भी गंभीर हो गया है! मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय एक बड़ेबोल मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने के साथ, उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, जिसमें सत्ता अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के सामने दीवार बनकर खड़ी हो रही है! सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है। ऐसे में सरकार का रुख देश के सामने एक गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है, क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं।“

 

उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर भारतीय सेना, सैनिकों और उनकी शहादत के सम्मान को राष्ट्र के सर्वोच्च गौरव से जोड़ा है! यदि वे अपने ही शब्दों की गरिमा बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें इस मामले में तत्काल और स्पष्ट हस्तक्षेप करना चाहिए! मेरा यह भी मानना है कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का असंवैधानिक निर्णय प्रधानमंत्री की राजनीतिक सहमति के बिना संभव नहीं था। यदि ऐसा नहीं है, तो प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आकर देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वे विजय शाह को संरक्षण देने वाले इस निर्णय से “असहमत हैं।” इसलिए, आज देश प्रधानमंत्री से भी जवाब चाहता है! यह आपराधिक घटनाक्रम उस कथित 'डबल इंजन सरकार' के अहंकार को उजागर करता है, जिसमें एक मंत्री के राजनीतिक संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक, संवैधानिक और न्यायिक मर्यादाओं को चुनौती देने तक की स्थिति पैदा हो रही है! विजय शाह ने पहले सेना का अपमान किया! अब उन्हें बचाने की कोशिश उस अपमान और अपराध को संस्थागत संरक्षण देने जैसी है! मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का यह एक अत्यंत शर्मनाक अध्याय है, जहां सवाल अब केवल विजय शाह के आचरण का नहीं, मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का है! इसलिए, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अब पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए!

 

विजय शाह का बचाव क्यों कर रही सरकार?- मोहन सरकार में सीनियर मंत्री विजय शाह आदिवासी वर्ग से आते है और उनकी आदिवासी वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है। बालाघाट में 25 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद सरकार पूरी तरह बैकफुट पर है। हरसूद से भाजपा विधायक विजय शाह आदिवासी वर्ग में गोंड जाति से आते है। प्रदेश में 21.5 फीसदी वोट बैंक रखने वाले आदिवासी वर्ग के लिए 47 विधानसभा सीट आरक्षित भी है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणाम बताते है कि आदिवासी वोटर पूरी तरह भाजपा के साथ है। दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तो प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने 24 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत हासिल की है।

 

खंडवा की हरसूद विधानसभा सीट से ढाई दशक से विधायक चुने जा रहे विजय शाह के मालवा-निमाड़ के आदिवाली बाहुल्य इलाके में गहरी पैठ है। खासकर निमाड़ के आदिवासियों के बीच उन्हें आज भी राजा के तौर पर माना जाता है। ऐसे में भाजपा के इस बात का डर है कि अगर विजय शाह पर केस चलाने की अनुमति दी जाती है उनको मंत्रिमंडल से भी बाहर करना होगा। इससे आदिवासी वर्ग में गलत मैसेज जाएगा और इसका नुकसान उसको चुनाव में उठाने पड़ेगा। भाजपा को शंका है कि विजय शाह के इस्तीफा का सीधा असर निमाड़ की 10 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा, और भाजपा को आने वाले वक्त पर इन सीटों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा सकता है। 

क्या है पूरा मामला?-मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता और मोहन सरकार कैबिनेट मंत्री विजय शाह से जुडा यह पूरा मामला मई 2025 का है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया को देने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थीं। 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनके धर्म और पहलगाम हमले के आतंकियों के समुदाय से जोड़कर देखा गया। इस पूरे मामले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक माना था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

 

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की। SIT ने जांच पूरी करने के बाद विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी। यही अनुमति लंबे समय से राज्य सरकार के पास लंबित है। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी फैसला नहीं हुआ। मई में सुप्रीम कोर्ट ने फिर सरकार के रुख पर नाराजगी जताई और आदेश के पालन के लिए समय दिया। जुलाई की स्थिति रिपोर्ट में भी सरकार की ओर से जरूरी दस्तावेज दाखिल नहीं किए जाने की बात सामने आई थी।

 

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होनी है। वहीं इससे पहले गत मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह पर केस चलाने के लिए सरकार के स्तर पर अभियोजन स्वीकृति देने के प्रस्ताव  की चर्चा थी लेकिन कैबिनेट बैठक मे यह प्रस्ताव नहीं आया है। 

 

Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

इंदौर क्‍यों सूखा, बचे मानसून में भी बारिश की नहीं उम्‍मीद, कमजोर सिस्‍टम ने बिगाड़ा खेल, क्‍या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

इंदौर क्‍यों सूखा, बचे मानसून में भी बारिश की नहीं उम्‍मीद, कमजोर सिस्‍टम ने बिगाड़ा खेल, क्‍या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

Indore rain

मानसून आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में कोटे की करीब 65 प्रतिशत ही बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें भोपाल, शहडोल, रीवा और जबलपुर की तस्वीर बेहतर है, लेकिन इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में पानी कम गिरा है। इनमें भी इंदौर की हालत सबसे ज्‍यादा नाजुक है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मालवा के ऊपर सिस्‍टम इतना ताकतवर बन ही नहीं पा रहा है कि बारिश हो सके। उनका अनुमान है कि इंदौर में तो शेष मानसून में भी बारिश होने की उम्‍मीद नहीं है। इस बार इंदौर सूखा ही रहेगा।

इंदौर में सिर्फ 19 इंच बारिश : मौसम विभाग के अनुसार इंदौर जिले में इस सीजन में अब तक करीब 19.7 इंच पानी गिर चुका है, जो सामान्य औसत से थोड़ा कम है। जबकि इंदौर-उज्जैन संभाग में इस बार मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है और अन्य जिलों (जैसे धार, झाबुआ, बड़वानी) में भी 15 से 20 इंच के बीच ही बारिश दर्ज की गई है। इंदौर में अब तक कुल 19.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कोटे की 58 प्रतिशत है। पिछले सप्ताह यहां तेज बारिश नहीं हुई। इस कारण सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। संभाग में सबसे ज्यादा बुरहानपुर में 27.2 इंच बारिश हो चुकी है। यहां कोटे की 94 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। आलीराजपुर में सबसे कम पानी गिरा है। अगले सप्ताह तेज बारिश होने के कम आसार है।

भोपाल के मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा ने बताया कि मालवा में सिस्‍टम इतना स्‍ट्रांग नहीं बन पा रहा है कि यहां बारिश हो सके। यह सिस्‍टम मालवा में असर नहीं दिखा पा रहा है। आगे भी इंदौर, मालवा के कुछ हिस्‍सों समेत अलीराजपुर और धार जैसे जिलों में बारिश की कोई उम्‍मीद नहीं है। हालांकि मध्‍यप्रदेश में बारिश सामान्‍य है। बस मालवा के जिले कमजोर रहेंगे। यह सिर्फ इसलिए हो रहा है कि सिस्‍टम इतना ताकतवर बन ही नहीं पा रहा है।

एमपी के कम ज्‍यादा बारिश वाले जिले : मध्‍यप्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ में 1% से 51% तक कम बारिश हुई है।

आगर- मालवा की स्‍थिति : वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 47% कम पानी गिरा है।

इन 15 जिलों में ज्यादा बारिश : IMD की माने तो अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

सितंबर पर टिकी बारिश की आस : मौसम चक्र के अनुसार इंदौर के लिए अगस्त और सितंबर के महीने सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि वर्षा का मुख्य कोटा इन्हीं दो महीनों में पूरा होता है। सामान्य परिस्थितियों में अगस्त के दौरान 10 से 11 इंच बारिश दर्ज की जाती है और इस दौरान लगभग 12 से 13 दिन वर्षा वाले होते हैं। इस आधार पर देखा जाए तो अगस्त में हुई बारिश औसत से काफी कम है। अब ऐसे में सितंबर महीने से लोग उम्‍मीद कर रहे हैं, हालांकि मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा का कहना है कि आगे भी इंदौर और मालवा के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं है। अब बचे मानसून में करीब 20 इंच से अधिक बारिश की सख्त जरूरत है। यदि आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू नहीं होता है, तो वर्षा के निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल साबित हो सकता है।

विश्व चैंपियनशिप में विफल हुई PV सिंधु चाईना मास्टर्स से हटी

स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी आने वाले चाइना मास्टर्स सुपर 750 से हट गए हैं, जो 1 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह टूर्नामेंट एशियन गेम्स से पहले एकमात्र बड़ा BWFवर्ल्ड टूर इवेंट होगा। आयुष का नई दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप में यादगार प्रदर्शन रहा, जहाँ उन्होंने पहले राउंड में दुनिया के नंबर 1 शी युकी को हराया था।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से हारने से पहले राउंड ऑफ़ 16 में पहुँचे थे। आयुष के हटने के बाद, लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत पुरुष सिंगल्स में भारत के रिप्रेजेंटेटिव होंगे। हालाँकि, लक्ष्य को वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरे राउंड में अमेरिका के वर्ल्ड नंबर 92 गैरेट टैन से हारने के बाद जल्दी बाहर होना पड़ा।

सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के राउंड ऑफ़ 16 में भी हिस्सा लिया था, जहाँ वह एक करीबी मुकाबले में चीन की वर्ल्ड नंबर 3 वांग ज़ी यी से हार गईं। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी इस मुश्किल मैच का असर महसूस कर रही हैं, जिसकी वजह से उन्होंने चाइना मास्टर्स से हटने का फैसला किया होगा। मालविका बंसोड़ और आकर्षि कश्यप भी हट गई हैं, जिससे महिला सिंगल्स में उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तन्वी शर्मा भारत की चुनौती संभालेंगी।

पुरुषों युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अमासुकरन और अर्जुन एमआर के साथ भारतीय टीम की कमान संभालेंगे। सात्विक और चिराग वर्ल्ड चैंपियनशिप में चोट के कारण बाहर रहने के बाद लौटे थे, लेकिन राउंड ऑफ़ 16 में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग से हार गए थे। भारत की महिला डबल्स ड्रॉ में कोई जोड़ी नहीं होगी, क्योंकि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद बाहर होने का फैसला किया है।

2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के ब्रॉन्ज़ मेडल के बाद, भारतीय जोड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली देश की दूसरी महिला डबल्स जोड़ी बन गई। मिक्स्ड डबल्स में, ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो, रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी के साथ, भारत को रिप्रेजेंट करेंगे। भारत ने 2011 से हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम एक मेडल जीतने का अपना शानदार सिलसिला जारी रखा, 2026 एडिशन रविवार को नई दिल्ली में खत्म होगा।

Kunal Kohli: कुणाल कोहली ने तुकाराम मुंडे से इंडियन किचिन में छापेमारी करने को कहा, बोले- ‘वहां एक्सपायर्ड सामान मिलेगा’

Kunal Kohli: फिल्ममेकर कुणाल कोहली ने महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंडे को एक आसान सुझाव दिया है, क्योंकि विभाग अभी फ़ूड सेफ्टी की जांच कर रहा है। वे चाहते हैं कि यह मुहिम सिर्फ रेस्टोरेंट और फ़ूड आउटलेट तक ही सीमित न रहे, बल्कि भारतीय घरों तक भी पहुंचे, जहां किचन की शेल्फ और फ्रिज में खाने के पैकेट और बोतलें सालों से रखी हो सकती हैं।

फिल्ममेकर ने रविवार 23 अगस्त को इंस्टाग्राम पर यह सुझाव शेयर किया। उन्होंने लिखा- “मैं तुकाराम मुंडे से गुज़ारिश करता हूं कि वे देश भर के भारतीय घरों में किचन की शेल्फ और फ्रिज की भी जांच करें।”कुणाल कोहली चाहते हैं कि भारतीय रसोई में खाने-पीने की चीज़ों की सुरक्षा की जांच हो।

कुणाल कोहली की पोस्ट एक ऐसी समस्या पर केंद्रित थी जिससे कई घर जुड़े हुए महसूस कर सकते हैं: पुराने खाने-पीने के सामान को सिर्फ इसलिए रखे रहना क्योंकि वे रसोई में अच्छी तरह से रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ सामान तो सालों से रखे हो सकते हैं, जिनका असल में कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया।

“सालों पुराने एक्सपायर हो चुके सामान भी होंगे, जिन्हें अच्छी तरह और सुरक्षित तरीके से रखा गया होगा; जिनकी बोतलें और पैकेट हर महीने पोंछकर साफ़ किए जाते होंगे और वापस शेल्फ या फ्रिज में रख दिए जाते होंगे, ताकि उनका कभी इस्तेमाल न हो।”

इसके बाद फिल्ममेकर ने अपने सुझाव को घर पर मौजूद लोगों के लिए एक चुनौती में बदल दिया। किसी इंस्पेक्शन का इंतज़ार करने के बजाय, उन्होंने लोगों से कहा कि वे खुद अपनी किचन की शेल्फ और रेफ्रिजरेटर की जांच करें। कोहली ने लिखा, “चलो, अपनी किचन की शेल्फ और रेफ्रिजरेटर की ‘तुकाराम मुंडे’ स्टाइल में सफाई करते हैं।”

महाराष्ट्र FDA क्यों फूड सेफ्टी की जांच कर रहा है?

कुणाल कोहली का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र FDA उन जगहों की जांच कर रहा है जहां खाना बनाया और बेचा जाता है। विभाग पूरे राज्य में रेस्तरां, होटल, सड़क किनारे खाने-पीने की जगहों और खाने-पीने से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है।

इन जांचों में वे प्रतिष्ठान भी शामिल हैं जो ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए खाना पहुंचाते हैं। फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाली जगहों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें कुछ मामलों में सुधार के लिए नोटिस देना और लाइसेंस सस्पेंड करना शामिल है।

मिलावटी दूध से लेकर बैन गुटखा तक, FDA की जांच जारी

फूड सेफ्टी जांच में मिलावटी दूध, रेस्तरां में परोसे जाने वाले खाने और स्कूलों के आस-पास बेचे जाने वाले जंक फूड की जांच की जा रही है। विभाग बैन गुटखा और तंबाकू वाले पान मसाला के निर्माण और बिक्री की भी जांच कर रहा है।

कुणाल कोहली फिल्म्स

कुणाल कोहली ऐसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं जो अक्सर रोमांस और रिश्तों पर आधारित होती हैं। उन्होंने 2002 में ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’ से बतौर डायरेक्टर अपना डेब्यू किया, जिसके बाद उन्होंने सफल रोमांटिक कॉमेडी ‘हम तुम’ और रोमांटिक थ्रिलर ‘फना’ बनाई। इसके बाद उन्होंने ‘थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक’ और ‘तेरी मेरी कहानी’ को डायरेक्ट किया, फिर ‘नेक्स्ट एंती?’ (Next Enti?) के साथ तेलुगु फ़िल्मों में डेब्यू किया और बाद में ‘लाहौर कॉन्फिडेंशियल’ और ‘बॉबी और ऋषि की लव स्टोरी’ को डायरेक्ट किया।