रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी:भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट, विक्रम रॉकेट से भेजे जाएंगे सैटेलाइट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। दो लॉन्च के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो लॉन्च का समझौता किया है। दोनों लॉन्च विक्रम रॉकेट से किए जाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा, “इन लॉन्च से हमें अमेरिका की अन्य तय लॉन्च सेवाओं के साथ पक्का शेड्यूल और क्षमता मिलेगी।” स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO पवन चंदाना ने कहा, “रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के साथ साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं। यह कंपनी अंतरिक्ष तकनीक के सबसे नए इस्तेमालों में से एक पर काम कर रही है।” उन्होंने कहा, “हम स्काईरूट ए के साथ उनकी धरती पर मांग के मुताबिक सूरज की रोशनी देने की योजना को लॉन्च करने का इंतजार कर रहे हैं।” पांच किलोमीटर के दायरे में दी जा सकेगी रोशनी जुलाई में रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन FCC से एक प्रदर्शन सैटेलाइट बनाने, लॉन्च करने और चलाने की मंजूरी मिली थी। स्टार्ट-अप का लक्ष्य ऐसी रोशनी देना है, जिसे कभी भी बंद किया जा सके। इसकी चमक को बदला जा सकेगा और यह पांच किलोमीटर के क्षेत्र में फैलेगी। कंपनी के मुताबिक, मांग पर मिलने वाली यह रोशनी दूरदराज के औद्योगिक इलाकों में काम के घंटे बढ़ा सकती है। इससे रक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण ढांचे को रोशन करने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी इससे यादगार अनुभव बनाए जा सकते हैं। पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के को-फाउंडर और CEO बेन नोवैक ने कहा, “हम नए लॉन्च प्रोवाइडर स्काईरूट के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इससे अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।” इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा। दूसरा लॉन्च स्काईरूट के विकासाधीन विक्रम-1U लॉन्च व्हीकल से किया जाएगा। बयान के मुताबिक, विक्रम-1U में पहले चरण के अतिरिक्त बूस्टर लगाए गए हैं। इसमें बेहतर प्रदर्शन की क्षमता भी है। नोवैक ने कहा, “हमें हाल ही में अपने पहले अंतरिक्ष यान को चलाने के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन से लाइसेंस मिला है।” उन्होंने कहा, “हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और नियामकों के साथ काम जारी रखेंगे। इससे बड़े स्तर पर विस्तार की अनुमति हासिल करने में मदद मिलेगी।” 1993 में भी कक्षा से भेजी गई थी सूरज की रोशनी 1993 में रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 65 फीट लंबा शीशा कक्षा में तैनात किया था। इससे धरती पर सूरज की रोशनी की एक घूमती हुई किरण भेजी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। हालांकि, पैसों की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया। इस प्रयोग का नाम ज़नाम्या था। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल की योजना को लेकर विवाद भी हुआ है। कई पर्यावरण संगठनों ने FCC से प्रदर्शन सैटेलाइट के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि रात में तेज रोशनी वन्यजीवों को परेशान कर सकती है। इससे खगोल विज्ञान से जुड़े अध्ययन प्रभावित हो सकते हैं और इंसानों की जैविक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।

OTT Watchlist: ‘दिल पड़ोसी’ से लेकर ‘शायद यही है प्यार’ तक, अक्टूबर की अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें फिल्में और सीरीज

OTT Watchlist: अगर आप कुछ नया देखने की तलाश में हैं तो आने वाले समय में OTT पर बहुत कुछ नया आने वाला है। छोटे शहरों के रिश्तों पर आधारित ड्रामा और मॉर्डन अटरेक्शन की कहानियों से लेकर, इंटेंस रोमांटिक थ्रिलर तक-यहां 5 ऐसे टाइटल्स हैं जिन्हें आप शेमारूमी (ShemarooMe), नेटफ्लिक्स, ज़ी5 (ZEE5), अमेजन प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

1. दिल पड़ोसी – शेमारूमी (ShemarooMe)-15 अक्टूबर, 2026

एक शांत छोटे शहर की बैकग्राउंड पर बेस्ड ‘दिल पड़ोसी’ अटरेक्शन, रिश्तों और उन अनपेक्षित तरीकों की पड़ताल करती है, जिनसे कोई दूसरा व्यक्ति आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। कहानी दो जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी तब बदलने लगती है जब एक युवा और मॉर्डन कपल उनके पड़ोस में रहने आता है। नायरा एम. बनर्जी, प्रणव कुमार, शिवानी सिंह और जय तलवार अभिनीत यह सीरीज शादी, चाहत और खुद को पहचानने (self-discovery) के सफर को दिखाती है।

2. शायद यही है प्यार- जियोहॉटस्टार (JioHotstar)-28 सितंबर, 2026

यह हिंदी रोमांटिक ड्रामा प्रीति नाम की 35 वर्षीय महिला की कहानी है, जो एक टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने के बाद अपनी जिंदगी को फिर से संवार रही है। जब वह खुद को फिर से खोजने पर ध्यान दे रही होती है, तभी अचानक उसे आरव से गहरा लगाव हो जाता है। आरव उससे उम्र में छोटा है और उसका आना प्रीति की नजदीकी, जिंदगी में दूसरे मौके और उम्र के फासले वाले रोमांस को लेकर बनी सोच को चुनौती देता है।

3. #लव (#Love) – नेटफ्लिक्स-2 अक्टूबर, 2026

बालाजी मोहन द्वारा निर्देशित और सौंदर्या रजनीकांत द्वारा निर्मित यह rom-com दो कॉम्पटीटर डेटिंग ऐप फाउंडर्स की कहानी है। एक ऐप ‘डीप कम्पैटिबिलिटी एल्गोरिदम’ (गहरी अनुकूलता वाले एल्गोरिदम) पर आधारित है, जबकि दूसरा ऐप केवल ‘आकर्षण’ (attraction) पर जोर देता है। एक दोस्ताना शर्त अचानक एक ऐसे रोमांस में बदल जाती है, जिसका अंदाजा कोई भी एल्गोरिदम नहीं लगा सकता था।

4. रोमांचकम (Romanchakam)– नेटफ्लिक्स-1 अक्टूबर, 2026

यह लाइव रोमांटिक-कॉमेडी आधुनिक डेटिंग और युवाओं के रिश्तों को एक नए और मजेदार अंदाज में पेश करती है। यह सीरीज उन युवाओं के उतार-चढ़ाव भरे बेहद मजेदार और दिल छू लेने वाले अनुभवों को दिखाती है, जो अपने करियर के लक्ष्यों और नए-नए पनप रहे रोमांस के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

5. पूजा मेरी जान (Pooja Meri Jaan)– ZEE5-2 अक्टूबर, 2026

जो दर्शक इमोशनल रोमांटिक थ्रिलर पसंद करते हैं, उनके लिए यह कहानी एक ऐसे प्रपोजल के रिजेक्शन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बाद में बेकाबू हो जाता है। जब जुनून (ob्सेशन) हद से बढ़ जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं—जिसमें कोर्ट-कचहरी के ड्रामे और रिश्तों से जुड़े ऐसे राज खुलते हैं, जो इसमें शामिल सभी लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं।

Salman Khan: ‘बेडरूम की बातें वहीं तक रहनी चाहिए लिविंग रूम में नहीं आनी चाहिए’, अपनी लव लाइफ को छिपाकर रखने पर बोले सलमान खान

Salman Khan: ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 के पहले एपिसोड में करण जौहर ने एक मजेदार किस्सा याद किया। इसमें आमिर खान ने कहा था कि वे सलमान खान के हाथ-पैर बांधकर उनकी शादी करवा देंगे, जबकि सलमान खान ने कहा था कि वे आमिर के हाथ-पैर बांध देंगे ताकि वे दोबारा शादी न कर सकें! हाल ही में आमिर खान ने गौरी स्प्राट से शादी की है, जो उनकी तीसरी शादी है।

सलमान ने क्या कहा

करण जौहर ने सलमान से शादी के बारे में पूछा और फिर वही सवाल दोहराया, ‘क्या आप अभी भी वर्जिन हैं?’ इस पर सलमान हंस पड़े और कहा कि उन्होंने वह बात इसलिए कही थी क्योंकि वे अपनी डेटिंग लाइफ या रिश्तों के बारे में बात नहीं करना चाहते थे। एक्टर ने कहा, “क्योंकि आप लोग बार-बार कहते रहते हैं कि ‘आप फलां इंसान को डेट कर रहे हैं’… और आपको कभी पता नहीं होता कि वही इंसान आपकी जिंदगी में हमेशा के लिए रहने वाला है या नहीं। फिर वह इंसान किसी और से शादी कर लेता है। 15-16 साल की उम्र से ही मेरे मन में यही बात रही है।”

‘मैं किसी और को दोष नहीं दे सकता’

सलमान ने आगे बताया कि उनके पिता सलीम खान ने उन्हें सलाह दी थी कि बेडरूम की बातें बेडरूम तक ही सीमित रखें, उन्हें लिविंग रूम (बाहर) तक न लाएं। एक्टर ने कहा- “मुझे नहीं लगता कि लोग मेरे साथ नहीं रहना चाहते। आगे चलकर मेरे भी बच्चे होंगे। मुझे किसी ने रोका भी नहीं है। कोई यह शिकायत नहीं कर सकता कि ‘मैं यह चाहता था, लेकिन पूरी दुनिया मेरे खिलाफ हो गई और इसी वजह से मुझे कोई पार्टनर नहीं मिल पाया।’ मैं इसके लिए किसी और को दोष नहीं दे सकता।”

1990 के दशक के आखिर में ऐश्वर्या राय के साथ सलमान के रिश्ते ने मीडिया का काफी ध्यान खींचा था। दोनों की मुलाकात ‘हम दिल दे चुके सनम’ के सेट पर हुई थी। वे कुछ सालों तक रिलेशनशिप में रहे, लेकिन 2002 में उनका बहुत बुरा ब्रेकअप हो गया। इससे पहले अपने करियर की शुरुआत में एक टीवी विज्ञापन की शूटिंग के दौरान सलमान की मुलाकात संगीता बिजलानी से हुई थी और वे उन्हें भी डेट कर चुके हैं। वे लगभग एक दशक तक साथ रहे और शादी करने की योजना भी बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रिश्ता खत्म कर लिया।

बाद में सलमान का नाम कैटरीना कैफ के साथ जुड़ा, जिनके साथ उनकी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन काफी करीबी बॉन्डिंग थी। हालांकि उन्होंने कभी खुलकर अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की। माना जाता है कि अलग होने से पहले वे कई सालों तक साथ रहे थे। फिलहाल ऐसी चर्चा है कि अभिनेता रोमानियाई अभिनेत्री और टीवी प्रेजेंटर यूलिया वंतूर को डेट कर रहे हैं। दोनों को अक्सर एक साथ देखा जाता है और हाल ही में यूलिया ने सलमान की फिल्म ‘सिकंदर’ के एक गाने में अपनी आवाज दी है।

रिपोर्ट- चीन की मदद से मिसाइल बना रहे हूती विद्रोही:डिजाइन ईरान में तैयार हुआ; सऊदी के अलावा इजराइल को भी निशाना बना सकते हैं

यमन के हूती विद्रोही चीन से मंगाए गए पुर्जों की मदद से नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटेन की संस्था कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (CAR) की बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, विद्रोही ईरान में डिजाइन हुई खैबर शिकन मिसाइल जैसी मिसाइल तैयार करना चाहते हैं, जिसकी मारक क्षमता करीब 1500 किलोमीटर है। अगर हूती ऐसा हथियार बनाने में सफल होते हैं, तो वे सऊदी अरब के अलावा इजराइल को भी ज्यादा सटीक तरीके से निशाना बना सकते हैं। हथियार बनाने के लिए जरूरी सामान जुटा रहे हूती रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के अधिकारियों ने जुलाई में चीन से भेजे गए दो संदिग्ध सामानों की खेप पकड़ी थी। इनमें मिसाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई अहम पुर्जे मिले। पकड़ी गई खेप चीन से भेजी गई थी। इसे यमन के होदेइदा बंदरगाह पहुंचाया जाना था। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईरान हथियारों की सप्लाई के लिए करता रहा है। पकड़ी गई खेप में क्या-क्या मिला? रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्था के वरिष्ठ विश्लेषक फैबियन हिंज के मुताबिक, हूती ईरान में डिजाइन की गई खास तरह की मिसाइल बनाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन पुर्जों का इस्तेमाल आम नागरिक कामों में करना मुश्किल है। हूतियों की हथियार बनाने की क्षमता पहले से ज्यादा हूती करीब दो दशक पहले यमन में एक विद्रोही संगठन के तौर पर उभरे थे। शुरुआत में उनके पास यमन की सेना से हासिल सोवियत दौर के और उत्तर कोरिया में बने हथियार थे। समय के साथ उन्हें ज्यादा आधुनिक हथियार और तकनीक मिलने लगी। ईरान पर निर्भरता घटाने की कोशिश क्यों? ईरान लंबे समय से हूतियों को हथियार बनाने की तकनीक, डिजाइन और जरूरी पुर्जे देता रहा है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, अब हूती चीन समेत दूसरे देशों से भी हथियार बनाने का सामान जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी थिंक टैंक फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के ईरान कार्यक्रम के वरिष्ठ निदेशक बेहनाम बेन तालेब्लू ने कहा कि हथियार बनाने के लिए कई जगहों से सामान मिलना किसी संगठन के लिए फायदेमंद होता है। उनके मुताबिक, ईरान पर रोक के बीच हूती सामान जुटाने के दूसरे रास्ते तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हूती अभी मिसाइल के लिए जरूरी जटिल सिस्टम के लिए ईरान पर निर्भर हैं। वे दूसरे देशों से मिले पुर्जों को जोड़कर कुछ हथियार बना सकते हैं, लेकिन आधुनिक हथियारों की पूरी तकनीक खुद विकसित नहीं कर सकते। चीन के लिए कूटनीतिक चुनौती बढ़ सकती है चीन ईरान और सऊदी अरब, दोनों से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है। 2023 में चीन ने दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने में भी भूमिका निभाई थी। चीन ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूतियों के हमलों की निंदा की है और संघर्ष कम करने की अपील की है। अब अगर चीन से आए पुर्जों का इस्तेमाल हूती मिसाइल बनाने में होने के दावे की पुष्टि होती है, तो सऊदी अरब और चीन के रिश्तों पर दबाव बढ़ सकता है। चीन सऊदी अरब का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। मध्य पूर्व के विशेषज्ञ क्रिस्टियन उलरिचसन के मुताबिक, सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे और एयरपोर्ट पर हमलों के बाद चीन पर इस मुद्दे को लेकर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। फिलहाल यह साफ नहीं होता कि चीन की सरकार ने जानबूझकर हूतियों को मिसाइल बनाने के लिए सामान भेजा था। ————————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर जहाज डूबा: जंग शुरू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराकर बुधवार सुबह एक मालवाहक जहाज डूब गया। जहाज में 2500 कंटेनर थे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने यह जानकारी दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर जहाज डूबा:जंग शुरू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ, 2500 कंटेनर थे

होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराकर बुधवार सुबह एक मालवाहक जहाज डूब गया। जहाज में 2500 कंटेनर थे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने यह जानकारी दी। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, टक्कर के बाद जहाज में आग लग गई थी। जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब बारूदी सुरंग से टकराकर कोई जहाज डूबा है। फिलहाल जहाज पर कितने लोग सवार थे और इस घटना में किसी की मौत हुई या नहीं, इसकी जानकारी नहीं मिली है। IRGC बोली- जहाज खतरनाक रास्ते से जा रहा था IRGC ने बुधवार को बताया कि जहाज होर्मुज के पास एक ऐसे रास्ते से गुजर रहा था, जिसे इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी और रास्ता खतरनाक था। ईरान पहले भी कई बार चेतावनी दे चुका है कि अगर कोई जहाज उसकी ओर से तय किए गए रास्ते से हटकर चलेगा, तो उसके परिणाम की जिम्मेदारी उसी की होगी। IRGC ने कहा- कंटेनरों से दूर रहें घटना के बाद IRGC ने स्थानीय जहाजों और मछुआरों को सावधान रहने को कहा है। उसने समुद्र में तैर रहे कंटेनरों से दूर रहने की अपील की है। ये कंटेनर दूसरे जहाजों के लिए खतरा बन सकते हैं और समुद्री रास्ते पर आवाजाही में रुकावट डाल सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और दूसरे सामान ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं। इस इलाके में जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। होर्मुज में 2 जहाजों पर मंगलवार को हमला हुआ था ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा निगरानी एजेंसी UKMTO के मुताबिक, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर अज्ञात चीजों से हमला हुआ। दोनों जहाजों को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दोनों जहाज हमले के बाद भी अपना सफर जारी रखने में कामयाब रहे। एजेंसी ने यह नहीं बताया कि हमलों में किस चीज का इस्तेमाल किया गया था। समुद्री बारूदी सुरंग क्या होती है? समुद्री बारूदी सुरंग पानी में छिपाकर रखा गया एक तरह का बम होता है। कुछ सुरंगें जहाज के टकराने पर फटती हैं, जबकि कुछ जहाज के पास आने पर ही विस्फोट कर सकती हैं। टॉरपीडो या मिसाइलों के मुकाबले इन्हें बनाना और समुद्र में बिछाना बहुत आसान और सस्ता होता है। लेकिन एक बार बिछा दिए जाने के बाद इन्हें खोजना, पहचानना और समुद्र से बाहर निकालना (डिफ्यूज करना) बेहद मुश्किल, खर्चीला और जोखिम भरा काम होता है। इन्हें ढूंढने के लिए नौसेना सोनार, पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन और रोबोट का इस्तेमाल करती है। जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी को आशंका थी कि होर्मुज में 80 से 150 तक सुरंगें बिछाई गई हो सकती हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तय रास्तों से ईरानी सुरंगें हटा दी गई थी। जंग के बाद होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदियां लगाईं हैं और कई जहाजों पर हमले भी हुए। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियां इस रास्ते से जहाज भेजने से बच रही हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, 7 अक्टूबर को होर्मुज से सिर्फ 7 मालवाहक जहाज गुजरे थे। हालांकि, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। कुछ जहाज अब भी गुजर रहे हैं, लेकिन युद्ध से पहले के मुकाबले इनकी संख्या काफी कम है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज के पास जहाज पर ड्रोन हमला, 2 भारतीय लापता: भारत ने हमले रोकने को कहा होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर रविवार को ड्रोन से हमला हुआ। जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से 9 को बचा लिया गया, जबकि 2 अब भी लापता हैं। हमले के पीछे कौन है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Operation Majnu | Bhilwara Police | Dr Neha Singh Rao RPS officer | The Better India Hindi

Operation Majnu | Bhilwara Police | Dr Neha Singh Rao RPS officer | The Better India Hindi

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जिन्हें मनचलों ने आम लड़कियां समझकर घेरा था,. वो असल में अंडरकवर महिला पुलिसकर्मी थीं।

दो रातों तक भीलवाड़ा की सड़कों पर 18 महिला पुलिसकर्मियों ने छेड़छाड़ करने वालों पर नज़र रखी।
और फिर शुरू हुआ ‘ऑपरेशन मजनू’।

18 पुरुष गिरफ्तार हुए, जिनमें 5 नाबालिग भी थे।

RPS ऑफिसर डॉ. नेहा सिंह राव की अगुवाई में ये टीम सिर्फ़ अपराधियों को पकड़ने नहीं निकली थी, बल्कि एक साफ़ संदेश देने निकली थी – महिलाओं को परेशान करना कोई मज़ाक नहीं है और अब इसका जवाब सख्त पुलिस कार्रवाई से मिलेगा।

क्या आपके शहर में भी ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए?

[Dr Neha Singh Rao RPS officer, Bhilwara Operation Majnu women police officers, Bhilwara eve teasing crackdown, Rajasthan women safety police operation, Operation Civil Shadow Kalika Force]

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Delhi Startup: नौकरी छोड़ शुरू किया ये अनोखा स्टार्टअप, एक हुनर ने बदल दी 50 परिवारों की जिंदगी

Startup Success Story: दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले लक्ष्य और अंजलि कालिया की कहानी उन लोगों के लिए अनोखी है जो नौकरी करते हुए अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं। इस कपल ने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपना खुद का ब्रांड, लव लाइट शुरू किया। यह ब्रांड कई तरह के प्रोडक्ट बनाता है, जिसमें हाथ से बनी खुशबूदार मोमबत्तियां और क्रोशिया से बुने फूल शामिल हैं।

खास बात यह है कि इस बिजनेस से 50 महिलाओं को काम करने का मौका मिला है। अपना खुद का बिजनेस शुरू करना आसान नहीं है। इसके लिए सही आइडिया, कड़ी मेहनत और मार्केट की जरूरतों की समझ की जरूरत होती है। लक्ष्य और अंजलि ने नौकरी के बजाय अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। उनका बिजनेस हाथ से बने प्रोडक्ट पर आधारित है जो सुंदरता के साथ कड़ी मेहनत और हुनर को मिलाते हैं।

क्या है लव लाइट ब्रांड का बिजनेस

लव लाइट हाथ से बनी खुशबूदार मोमबत्तियां और क्रोशिया प्रोडक्ट बनाती है। खुशबूदार मोमबत्तियां खुशबूदार मोम होती हैं। क्रोशिया एक कला है जिसमें धागे का इस्तेमाल करके फूल और दूसरी सजावटी चीजें बनाई जाती हैं। ये हाथ से बने प्रोडक्ट आजकल घर की सजावट और गिफ्ट देने के लिए पॉपुलर हैं। इन प्रोडक्ट की खासियत यह है कि ये मशीन से बने होने के बजाय हाथ से बने होते हैं। इस काम के लिए स्किल और सटीकता की जरूरत होती है। लव लाइट का बिजनेस भी ऐसे ही प्रोडक्ट पर आधारित है।

50 महिलाओं को मिला रोजगार

लक्ष्य और अंजलि के बिजनेस की सबसे खास बात यह है कि इससे 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। दोनों ने अपने कारोबार को इस तरह आगे बढ़ाया कि इसमें दूसरी महिलाओं के लिए भी काम करने और कमाई करने का अवसर बना। हैंडमेड प्रोडक्ट्स बनाने के काम में हुनर की अहम भूमिका होती है। क्रोशिया से फूल और दूसरी चीजें तैयार करने के लिए धैर्य और बारीकी से काम करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को इस तरह के काम से जोड़ना उनके हुनर को रोजगार में बदलने का एक तरीका भी है।

क्या-क्या बनाते हैं लक्ष्य और अंजलि

लव लाइट ब्रांड के तहत खुशबूदार मोमबत्तियां यानी सेंटेड कैंडल्स तैयार की जाती हैं। इनका इस्तेमाल घर की सजावट और गिफ्ट देने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, क्रोशिया से बने फूल और दूसरी चीजें भी इस ब्रांड का हिस्सा हैं। हाथ से बने होने के कारण इनकी डिजाइन और कारीगरी इन्हें अलग पहचान देती है।

हैंडमेड प्रोडक्ट्स के बिजनेस में कितना हो सकता है मुनाफा

लक्ष्य और अंजलि के Love Light बिजनेस में कमाई हैंडमेड प्रोडक्ट्स की बिक्री और खर्च पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर, ₹1 लाख की मासिक बिक्री पर 15–25% मुनाफे के हिसाब से ₹15,000–₹25,000 बच सकते हैं। कपल ने बताया कि भले ही हमें 25% का ही मुनाफा हो रहा हो, लेकिन हमें खुशी है कि यह हमारा अपना पैसा है और हमारे पास वापस आ रहा है। हमें किसी का गुलाम बनने या किसी के लिए काम करने की जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट- शुभांगी तिवारी

Tanishaa Mukerji: ‘यहां से जाइए हमें आपकी जरूरत नहीं’, प्रोटेस्ट के दौरान एलीट हिंदू की अंधी नफरत देख शॉक्ड हुईं तनीशा मुखर्जी

Tanishaa Mukerji: काजोल की बहन और एक्ट्रेस तनीषा एस मुखर्जी अक्सर अपने X अकाउंट पर अलग-अलग मुद्दों पर अपनी बेबाक राय शेयर करती रहती हैं। जब देश में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो केंद्र सरकार की भी आलोचना हो रही है। इसी बीच तनीषा ने सोशल मीडिया पर कुछ ‘अच्छे-खासे पढ़े-लिखे और खुद को ऊंचा समझने वाले’ आलोचकों पर ‘अंधी नफरत’ के साथ काम करने का आरोप लगाया।

तनीषा ने क्या कहा

हालांकि तनीषा ने विरोध प्रदर्शनों का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया और न ही अपनी पोस्ट के लिए कोई संदर्भ दिया। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी को अपने देश का साथ देना चाहिए। X पर उन्होंने लिखा, “मैं कुछ ऐसे तथाकथित पढ़े-लिखे और खुद को ऊंचा समझने वाले हिंदुओं की अंधी नफरत देखकर सचमुच हैरान हूं, जो अभी भी पूरी तरह से ब्रिटिश सोच में जी रहे हैं! अगर आपको लंदन और अमेरिका इतना ही पसंद है तो प्लीज चले जाइए! हमें यहां आपकी जरूरत नहीं है कि आप हमें नीचा दिखाएं! हां बहुत सारी समस्याएं हैं, लेकिन समय लगता है और देखिए पिछले 10 सालों में हम कहां पहुंच गए हैं!”

‘बातें लॉजिकल और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए’

तनीषा ने आगे कहा कि लोग किसी भी व्यक्ति को इस आधार पर तुरंत किसी कैटेगरी में डाल देते हैं कि वे किस राजनीतिक पार्टी का समर्थन करते हैं, जिससे आपस में मतभेद पैदा होते हैं। “अगर हम अपनी सरकार का समर्थन करते हैं, तो हम अंधभक्त और अनपढ़ कहलाते हैं। लेकिन अगर हम अमेरिका और जर्मनी से इस देश को बर्बाद करने की कोशिश करने वाले गुटों का समर्थन करते हैं, तो हम ‘कूल’ और ‘वोके’ (जागरूक) कहलाते हैं!

आपकी सोच, आपके ध्यान और आपके विचारों को लेकर एक जंग चल रही है। लेकिन प्लीज मीडिया से इतने भी प्रभावित न हों कि आप अपनी सामान्य समझ (कॉमन सेंस) का इस्तेमाल करना ही छोड़ दें! बातें लॉजिकल और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। कानूनों से चलने वाला समाज ही हमें सुरक्षित रखता है।

कुछ दिन पहले तनीषा मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं। वहां उन्होंने पैपराजी और आम जनता से अपील करते हुए कहा था कि वे जुहू के SNDT ग्राउंड में मुखर्जी परिवार द्वारा आयोजित ‘नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनीन दुर्गा पूजा’ के दौरान मर्यादा बनाए रखें।

तनीषा के करियर के बारे में

तनुजा की बेटी तनीषा ने 2003 में करण नाथ और डिनो मोरिया के साथ फिल्म ‘Sssshhh’ से बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री की थी। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद उन्होंने ‘सरकार’, ‘नील ‘एन’ निक्की’ और तमिल हिट फिल्म ‘उन्नाले उन्नाले’ में काम किया। ‘उन्नाले उन्नाले’ के लिए उन्हें विजय अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन भी मिला। 2013 में ‘बिग बॉस 7’ में फर्स्ट रनर-अप बनकर उन्हें काफी लोकप्रियता मिली, जहां अरमान कोहली के साथ उनके रिश्ते ने खूब सुर्खियां बटोरीं थीं।

इसके बाद उन्होंने ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 7’ (2016) में हिस्सा लिया और ‘झलक दिखला जा 11’ में भी एक कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं। बाद में वह कॉमेडी शो ‘गैंग्स ऑफ हसीपुर’ में जज के तौर पर भी दिखीं। तनीषा आखिरी बार 2024 की फिल्म ‘लव यू शंकर’ में नजर आई थीं।

पनामा में 7.7 तीव्रता के भूकंप से मची तबाही, धरती कांपते ही घरों और दफ्तरों से बाहर भागे लोग

मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया। धरती हिलते ही लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। भूकंप से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और छह प्रांतों में बिजली चली गई। हवाई अड्डे पर उड़ानें रोक दी गईं और मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप जमीन से 12.6 किलोमीटर नीचे आया। इसके बाद 40 से ज्यादा बार हल्के झटके महसूस किए गए। फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारी नुकसान का पता लगा रहे हैं।

घर अपना, लेकिन दीवारों से लगने लगा डर

भूकंप के बाद की तस्वीरें बताती हैं कि प्राकृतिक आपदा का डर केवल इमारतों के गिरने तक सीमित नहीं रहता। हेर्रेरा प्रांत में 74 वर्षीय रिकार्डो ब्राउन का घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि घर में दरारें पड़ने के बाद उन्हें डर है कि कहीं छत या दीवार उनके ऊपर न गिर जाए। घर में दो बुजुर्गों के रहने के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है।

कई इलाकों में लोग आफ्टरशॉक के डर से इमारतों के भीतर जाने से बचते रहे। पेनोनोमे शहर के वीडियो में एक चर्च को नुकसान पहुंचा दिखाई दिया, जबकि आसपास की कुछ इमारतें भी प्रभावित हुईं।

बिजली, विमान और मेट्रो थमे; शहर की जिंदगी बेपटरी

भूकंप का असर जनजीवन पर भी व्यापक रहा। छह प्रांतों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और टोकेमेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। पनामा सिटी में दफ्तरों ने कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी दे दी, जबकि स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर विद्यार्थियों को घर भेजा गया। मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई।

हालांकि, देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम पनामा नहर का संचालन सामान्य बना रहा। करीब 90 मालवाहक जहाज, टैंकर और कंटेनर जहाज नहर के दोनों छोर पर पारगमन या बंदरगाह सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सुनामी का खतरा टला, अब तैयारी की बारी

विशेषज्ञों ने भूकंप के पीछे अज़ुएरो-सोना भ्रंश प्रणाली में जमा दबाव को संभावित कारण बताया। USGS ने आर्थिक नुकसान पनामा की GDP के 1 से 10 प्रतिशत तक होने का अनुमान जताया है। शुरुआती सुनामी चेतावनी बाद में हटा ली गई।

हूती मिसाइल ने रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, Air India Express और Akasa Air ने रद्द की उड़ानें

ईरान के 19 जहाज श्रीलंका के पास फंसे:खाना-पानी और ईंधन की कमी, अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से मदद करने से बच रही सरकार

श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के 19 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर खाने-पीने के सामान, पानी और ईंधन की कमी हो गई है। इसके बावजूद श्रीलंका सरकार फिलहाल उनकी मदद करने से बच रही है। सरकार को डर है कि ईरानी जहाजों को सहायता देने से अमेरिकी प्रतिबंधों का जोखिम पैदा हो सकता है। श्रीलंका का कहना है कि वह किसी भी फैसले से पहले अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखेगा। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता थुषारा रोड्रिगो के मुताबिक, ये जहाज देश के तट से करीब 24 समुद्री मील दूर खड़े हैं। हालांकि, श्रीलंका को अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं मिली है कि ईरानी जहाजों की मदद करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी के बाद से फंसे जहाज श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संडे टाइम्स को बताया कि ये ईरान के तेल टैंकर हैं। उनके मुताबिक, होर्मुज में अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा शुरू होने के बाद से दर्जनों ईरानी जहाज फंसे हुए हैं और अपने देश नहीं लौट पा रहे हैं। होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों से होने वाली सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। श्रीलंका के अमेरिका और ईरान, दोनों से कारोबारी रिश्ते श्रीलंका के लिए यह फैसला आसान नहीं है। देश अभी आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रहा है और अमेरिका व ईरान दोनों उसके कारोबारी साझेदार हैं। श्रीलंका को आर्थिक संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से राहत पैकेज दिलाने में अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई थी। अमेरिका की मदद से कृषि क्षेत्र को खाद्य संकट से उबारने के प्रयास भी किए गए थे। श्रीलंका के अधिकारियों के मुताबिक, जहाजों को सामान और दूसरी सेवाएं देने वाली कंपनियां अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं। ऐसे में सरकार को मानवीय जरूरतों और अमेरिका के साथ अपने रिश्तों के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है। पहले भी ईरानी जहाज को मदद दे चुका है श्रीलंका करीब सात महीने पहले अमेरिकी टॉरपीडो हमले में ईरान का नौसैनिक जहाज IRIS Dena डूब गया था। इस घटना में 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हुई थी। यह जहाज भारत के निमंत्रण पर आयोजित नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट रहा था। इसके बाद एक दूसरे ईरानी जहाज को तकनीकी खराबी के कारण श्रीलंका के बंदरगाह पर लाया गया था। उसके घायल नाविकों का श्रीलंकाई अस्पतालों में इलाज किया गया। जहाज से बचाए गए लोगों और घायल नाविकों को बाद में सुरक्षित ईरान भेज दिया गया था। एक्सपर्ट बोले- हमला होने पर मदद देना नैतिक जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार दयान जयतिलके ने कहा कि श्रीलंका मुश्किल स्थिति में है और उसकी मदद करने की भी व्यावहारिक सीमाएं हैं। उनके मुताबिक, दुनिया को यह समझना चाहिए कि श्रीलंका जानबूझकर सहायता से इनकार नहीं कर रहा, बल्कि उसे सावधानी से फैसला लेना पड़ रहा है। जयतिलके ने कहा कि ये युद्धपोत नहीं, बल्कि मालवाहक जहाज हैं, जो ईरान से चीन तक तेल ले जाते थे। अगर इन जहाजों पर हमला होता है और वे मदद के लिए श्रीलंका के जलक्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें तुरंत सहायता देना देश की नैतिक जिम्मेदारी होगी। ——————– ये खबर भी पढ़ें…. ईरान ने अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर किया:हमलों के डर से ब्रिटेन से 12 बमवर्षक हटे; अमेरिकी सैनिक होटलों में रहने को मजबूर ईरान पर हमला करके अमेरिका अपनी सैन्य ताकत दिखाना चाहता था, लेकिन अब यही युद्ध उसके लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रहा है। ईरानी हमलों के बाद अमेरिका को मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती बदलनी पड़ी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…