Asian Para Games 2026 में भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने जीते चार ब्रोंज मेडल

एशियाई पैरा खेल 2026 की पैरा टेबल टेनिस की विभिन्न स्पर्धाओं में मंगलवार को भारतीय एथलीटों ने चार कांस्य पदक जीते। खेलो इंडिया एथलीट बेबी सहाना रवि ने पैरा टेबल टेनिस महिला सिंगल्स क्लास 9 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

इस उपलब्धि के साथ, सहाना ने एशियन पैरा खेल की ‘स्टैंडिंग’ कैटेगरी में भारत के लिए पहला पदक हासिल किया है, जो भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

इसके साथ ही पैरा टेबल टेनिस: महिला सिंगल्स क्लास 3 – खेलो इंडिया एथलीट सोनलबेन पटेल ने कांस्य पदक जीता।

पैरा टेबल टेनिस: महिला सिंगल्स क्लास 4-5 – सेमीफाइनल – टाप्स एथलीट भाविना पटेल ने कांस्य पदक जीता।

पैरा टेबल टेनिस – महिला सिंगल्स क्लास 6 में एनसीओई गांधीनगर और खेलो इंडिया एथलीट प्राची पांडे ने कांस्य पदक पक्का किया।

इसके साथ ही, पैरा टेबल टेनिस में भारत ने एशियन पैरा गेम्स के पिछले संस्करण में जीते गए कुल दो कांस्य पदक के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।

Asian Games में चोट के बावजूद सिल्वर जीतने वाले श्रीशंकर की हुई सर्जरी (Video)

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा, “मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।”

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।
शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई। मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया, “सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।”

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा।

लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।” बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।”

मुरली श्रीशंकर के टखने की हुई सर्जरी

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।

27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।

शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई।

Also Read : तिलक का आउट होना मैच का ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा: सैमसन

मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा। लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।

उन्होंने कहा आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।

बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।

Pic Credit : UNI

नीरु ने दुबारा गोल्ड किया ट्रैप, पुरुष साथी काईनन के साथ जीता खिताब

TraP Shooting

हरियाणवी शहर जिंद से पहलवान और कुश्ती के खिलाड़ी तो बहुत निकलते हैं लेकिन ट्रैप निशानेबाज नीरू हांडा ने निशानेबाजी जैसा धैर्य और एकाग्रता रखने वाले खेल में भारत को दो स्वर्ण पदक दिलाए। एकल प्रतियोगिता में उन्होंने कल ट्रैप शूटिंग में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था इसके बाद आज काइनन चेनाई के साथ मिलकर ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। यही नहीं नीरू ढांडा, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने महिलाओं के ट्रैप टीम स्पर्धा में 328 अंकों के साथ रजत पदक जीता।

इसके साथ ही वह गुलवीर सिंह समेत कुछ चुनिंदा भारतीय एथलीटों में शामिल हो गई जिन्होंने अब तक तीन पदक जीते। हालांकि इसमें से 2 स्वर्ण पदक है तो नीरू इस एशियाड की सबसे सफल एथलीट कही जा सकती है। ट्रैप शूटिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली इतिहास की पहली भारतीय महिला नीरू ने कल एकल प्रतियोगिता में बारिश के बीच गजब का संयम बनाकर कुल 30 अंको में से 28 अंक अर्जित किए थे।

आज भी उन्होंने वहीं से शुरुआत की जहां से उन्होंने कल खेल छोड़ा था।नीरू हांडा और काइनन चेनाई  ने चौथे स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। उन्होंने फाइनल में 34 का स्कोर बनाया। कतर के मोहम्मद अल रुमैही और रे बासिल ने 32 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।

भारतीय जोड़ी ने पहले दो राउंड में 46 और 46 का स्कोर बनाया और कुल मिलाकर 46, 46, 44 अंक बनाकर 136 का कुल स्कोर हासिल किया।
दोनों भारतीयों में काइनन ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 73 अंक हासिल किए।इसमें से नीरु के अकेले 63 अंक थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में ट्रैप इवेंट में व्यक्तिगत और मिश्रित गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर नीरू ढांडा को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने उनके बेहतरीन निशाने और संयम की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से देश को बहुत गर्व हुआ है।श्री मोदी ने भरोसा जताया कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि और भी कई युवा खिलाड़ियों को शूटिंग (निशानेबाजी) अपनाने और सर्वोच्च सम्मान हासिल करने की कोशिश करने के लिए प्रेरित करेगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा, “नीरू ढांडा ने भारत को जश्न मनाने का एक ऐतिहासिक पल दिया है! एशियाई खेलों में ट्रैप इवेंट में व्यक्तिगत और मिश्रित गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर उन्हें बधाई। उनके बेहतरीन निशाने और संयम ने देश को बहुत गर्व दिलाया है। यह उपलब्धि और भी कई युवा खिलाड़ियों को शूटिंग अपनाने और सर्वोच्च सम्मान हासिल करने का लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी। ”

Asian Games में एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम, जीते 4 मेडल

भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता।

सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली।

हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली।महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला।

हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं।एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया।

शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा।महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।

फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया।

बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया।स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

Asian Games में रोशिबिना देवी ने इतिहास रच भारत को वूशू में दिलाया सिल्वर मेडल

Roshibina Devi

Asian Games में भारतीय एथलीट रोशिबिना देवी नाओरेम को चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हारने के बाद महिलाओं के सांडा 60 किग्रा वुशु स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय वुशू खिलाड़ी, रोशिबिना के पास पहले से ही दो एशियाई खेलों के पदक हैं, हांगझोउ में एक रजत और जकार्ता में एक कांस्य।
 
इससे पहले बुधवार को सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया की कुसुमानिंगत्यास थानिया को 2-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार को आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेले गए क्वार्टर फाइनल में रोशिबिना ने मकाऊ, चीन की चू मैन सिन को 5-0 से हराया था। इससे पहले सोमवार को रोशिबिना ने बांग्लादेश की मोस्ट खातून को हराकर महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

चोट के बाद टीम में मिली थी जगह

वुशू फेडरेशन के अनुसार, दिव्यांशी चौधरी के चोट के कारण बाहर होने के बाद रोशिबिना देवी को भारतीय टीम में जगह मिली थी। हालांकि, दिव्यांशी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए फाउल प्ले का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा था कि वह पूरी तरह फिट थीं और फेडरेशन पर रोशिबिना का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया था। रोशिबिना शुरुआत में ट्रायल्स में चौथे स्थान पर रही थीं और टीम में जगह नहीं बना पाई थीं। बाद में दिव्यांशी ने फैसले को स्वीकार कर वापसी पर ध्यान देने की बात कही और ये विवाद शांत हो गया।

Varun Sanyal: वजन घटाने के चक्कर में बेहोश हुआ भारतीय एथलीट, अस्पताल में एडमिट, एशियन गेम्स से बाहर

Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारत को बड़ा झटका लगा है। भारतीय एमएमए फाइटर वरुण सान्याल का एशियन गेम्स अभियान दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हो गया। वरुण सान्याल वजन करने की कोशिश में सॉना (Sauna) गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 साल के सान्याल रात करीब 1 बजे सॉना में बेहोश हो गए। गनीमत रही कि एक नेपाली खिलाड़ी ने उन्हें देखा और डॉक्टर के पास ले जाने में मदद की। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया और वह क्वार्टर फाइनल में नहीं उतर सके।

एमएमए इंडिया के अध्यक्ष निखिल कुंदर समेत भारतीय अधिकारी तुरंत वरुण सान्याल की मदद के लिए पहुंचे। लेकिन, डॉक्टरों की जांच के बाद उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया। इसके चलते वरुण सान्याल एशियन गेम्स में अपना तय मुकाबला बिना खेले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

एशियन गेम्स में हुई कई दिक्कतें

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल जांच में पता चला कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी वरुण सान्याल को मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन की समस्या हुई थी। इसके बाद उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया। इस घटना के साथ वरुण सान्याल का एशियन गेम्स सफर यही खत्म हो गया। इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी। वह लंदन से मुंबई और फिर सिंगापुर होते हुए लंबी यात्रा करके नागोया पहुंचे थे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें रहने की जगह को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसी दिक्कतों से एशियन गेम्स में कई दूसरे खिलाड़ियों को भी जूझना पड़ा।

नहीं खत्म हुई सान्याल की परेशानी

एशियन गेम्स में पहली बार मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को शामिल किया गया है। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से पुरुष वर्ग में वरुण सान्याल ने क्वालीफाई किया था। लेकिन जापान पहुंचने के बाद वरुण को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, सान्याल ने बताया कि सिस्टम में उनका एक्रेडिटेशन दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें 10 घंटे से ज्यादा समय तक अलग-अलग जगहों पर घूमना पड़ा। जब बाद में उन्हें किसी तरह से एक कमरा मिला, लेकिन वहां भी परेशानी खत्म नहीं हुई। दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी उसी कमरे पर दावा कर दिया।

जब तक सान्याल को सोने का मौका मिला, तब तक वह काफी थक चुके थे। इसके बाद उनके लिए मुकाबले से पहले वजन कम करना और सही खान-पान रखना भी एक बड़ी चुनौती बन गया। सान्याल ने कहा, “जब मैं बिस्तर पर पहुंचा, तब मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका था।”

कई खिलाड़ियों को हुई दिक्कत

सान्याल को हुई परेशानी एशियन गेम्स में हुई बड़ी व्यवस्थागत दिक्कत का हिस्सा थी, जिसका सामना नागोया पहुंचने वाले कई खिलाड़ियों को करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, कई टीमों के खिलाड़ियों को गेम्स विलेज पहुंचने के बाद कमरे मिलने में देरी हुई और कुछ खिलाड़ियों को रहने की जगह मिलने तक घंटों इंतजार करना पड़ा। वरुण सान्याल को भी कमरा मिलने से पहले 10 घंटे से ज्यादा समय तक अलग-अलग जगहों के बीच घूमना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई।

Asian Games 2026: 14 घंटे इंतजार, न कमरे मिले और न ही खाना…; एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के साथ ये कैसा व्यवहार?

Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ‘The New Indian Express’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरों के लिए इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।

वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, “छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे।” इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।

खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!

बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।”

दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवर

भारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।

एक भारतीय रोवर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।”

संख्या के मुताबिक कम मिले कमरे

ऐसी खबरें भी हैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, “भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है।” शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।

ये भी पढ़ें- कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारी

भारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।

शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानी

आवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।

ये भी पढ़ें- वायुसेना को मिलेगा तेजस ट्विन सीटर और HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट, ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में HAL करने जा रही बड़ा धमाका

Asian Games में क्रूज में रहेंगें भारतीय खिलाड़ी, इन कंटेनर्स में बिताएंगे रात

Asian Games

भारत के खिलाड़ी इस महीने जापान में होने वाले Asian Games के लिए तैयारी कर रहे हैं और उनकी तैयारियों में जापान में खेले जाने वाली खेल स्पर्धा के दौरान रहने की जगह के हिसाब से ढलने के लिए शिपिंग कंटेनर-स्टाइल यूनिट में कुछ समय खिलाड़ियों को रहना होगा।जापान का आइची प्रीफेक्चर 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक गेम्स का आयोजन करेगा, जिसमें 17,000 से ज़्यादा एथलीट और स्टाफ शामिल होंगे।

इसमें हिस्सा लेने वालों की संख्या ओलंपिक से ज़्यादा है और खर्च कम करने के लिए, वे पारंपरिक Sports Village में नहीं, बल्कि होटलों, एक क्रूज़ शिप और ज़्यादातर लकड़ी से बनी कुछ समय की यूनिट में रहेंगे।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) ने जापान में हुए इंतज़ाम के मुताबिक पटियाला और बेंगलुरु में अपने एथलीट हेडक्वार्टर में इसी तरह के लकड़ी के कंटेनर-स्टाइल रहने की जगहें बनाई हैं।

बेंगलुरु में SAI के दक्षिण भारतीय कैंपस में, दो पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड कंटेनर-स्टाइल यूनिट बनाई गई हैं, जिनकी लंबाई 40-फुट (12 मीटर) और चौड़ाई 10-फुट है। हर यूनिट में दो छोटे ट्विन बेडरूम, दो बाथरूम, एक किचन और एक लिविंग एरिया है जिसमें टीवी और म्यूज़िक सिस्टम है।

पंजाब के पटियाला में, SAI ने पत्रकारों को वहां बने दो केबिन दिखाए।SAI के डिप्टी डायरेक्टर जनरल विनीत कुमार ने पटियाला में न्यूज़ एजेंसी को बताया, “जापान में ऐसे ही कंटेनरों में खिलाड़ियों को रहना होगा जिसका अभ्यास हम यहां करा रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “यह एक अनोखी योजना है क्योंकि एशियन गेम्स या ओलंपिक्स में कभी भी इस तरह की रहने की जगह का इस्तेमाल नहीं किया गया था।”कुमार ने बताया कि ये ढांचा इसलिए बनाई गई थीं ताकि भारतीय एथलीट “जापान में ऐसी रहने की जगह मिलने पर अचरज महसूस न करें और घुटन महसूस न करें।”

SAI ने मीडिया को बताया कि जापान के लिए उड़ान भरने से पहले एथलीटों के लिए एक रात रुकने की बारी बारी से हिदायत दी जाएगी ताकि वह भी अपने अनुभव साझा कर लें।

Asian Games से बाहर हुए नीरज चोपड़ा, भारतीय एथलेटिक्स दल को बढ़ा झटका

Neeraj Chopra

भारत के भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा प्रशिक्षण के दौरान चोट लगने के कारण आगामी एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। चोपड़ा ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पोस्ट में यह जानकारी देते हुए कहा कि लुसाने में 88.05 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के तुरंत बाद उनके टखने में लिगामेंट फट गया।

चोपड़ा ने कहा, “कड़ी मेहनत के एक दौर के बाद, मुझे आखिरकार लगा कि मैं वह गति हासिल कर रहा हूं जिसकी मुझे तलाश थी, और यह गति मुझे लुसाने में सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ मिली।दुर्भाग्यवश, कुछ ही समय बाद, प्रशिक्षण के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने चिकित्सा और टीम से सलाह मशवरा करने के बाद, हमने फैसला किया है कि मैं इस सीजन के बाकी बचे मैचों में नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं।

”उन्होंने आगे कहा, “अब मेरा ध्यान पूरी तरह से ठीक होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।”

चोपड़ा के सीजन से हटने का मतलब यह भी है कि वह डायमंड लीग फाइनल और पहले विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था। उन्होंने जून और अगस्त में दोहा और लुसाने में आयोजित डायमंड लीग स्पर्धाओं में दूसरा स्थान हासिल किया था और ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता था।

बाद में उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन को सुधारते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन को हाल ही में चोटों से काफी परेशानी हुई है, पिछले साल सितंबर से उन्हें पीठ के निचले हिस्से में एक और चोट सता रही है, जिसके कारण पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का उनका प्रयास विफल रहा।

73 भारतीय एथलीटों की अगुवाई करने वाले थे नीरज चोपड़ा

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करने वाले थे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के गत चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेने वाले थे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था।