महाराष्ट्र के सोलापुर में भीषण हादसा, कुएं में गिरी श्रद्धालुओं से भरी वैन, 4 बच्‍चों समेत 8 की मौत

महाराष्ट्र के सोलापुर में भीषण हादसा, कुएं में गिरी श्रद्धालुओं से भरी वैन, 4 बच्‍चों समेत 8 की मौत

Horrific road accident in Solapur Maharashtra

Road accident in Solapur : महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में रविवार को भयावह हादसा हो गया। यहां एक पिकअप वाहन दुर्घटना में 4 बच्चों समेत 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल हो गए। वाहन में 15 लोग सवार थे। यह हादसा मालशिरस तालुका में म्हासवाड-पंढरपुर मार्ग पर तांडुलवाड़ी के पास हुआ। ये श्रद्धालु सिद्धनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर लौट रहे थे, तभी चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे बने कुएं में गिर गया। खबर मिलते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया।

 

पिकअप वाहन में सवार थे 15 लोग 

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में रविवार को भयावह हादसा हो गया। यहां एक पिकअप वाहन दुर्घटना में 4 बच्चों समेत 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल हो गए। वाहन में 15 लोग सवार थे। यह हादसा मालशिरस तालुका में म्हासवाड-पंढरपुर मार्ग पर तांडुलवाड़ी के पास हुआ।

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ये श्रद्धालु सिद्धनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर लौट रहे थे, तभी चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे बने कुएं में गिर गया। खबर मिलते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस और अन्य सुरक्षा टीमें भी मौके पर पहुंचीं।

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डूबने और दम घुटने के कारण हुईं अधिकांश मौतें

हालांकि हादसे का सही कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है। कुएं के पानी में डूबने और दम घुटने के कारण अधिकांश मौतें हुईं। हादसे का शिकार हुए सभी लोग एक ही क्षेत्र या परिवार के बताए जा रहे हैं। शवों को कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।  

मुख्यमंत्री फडणवीस ने जताया हादसे पर गहरा दुख 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया है और हर मृतक के परिवार को पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, मैं मृतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और उनके परिवारों के दुख में शामिल हूं। राज्य सरकार हालात पर नजर रखने के लिए स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है।
Edited By : Chetan Gour

लाड़ली बहना योजना : ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो..,’ गाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने 1.25 करोड़ बहनों को दी राशि, कांग्रेस को लताड़ा

लाड़ली बहना योजना : ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो..,’ गाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने 1.25 करोड़ बहनों को दी राशि, कांग्रेस को लताड़ा

Chief Minister Dr Mohan Yadav transferred Ladli Behna Yojana funds

– 190 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन

– प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल रहा स्वर्णिम काल

– सागर जिले में आयोजित हुआ कार्यक्रम

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : 'बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी…' बहनों ने हर काल में जान की बाजी लगाकर देश के मान-सम्मान में बड़ी भूमिका अदा की है। आज यहां मौजूद बहनों की संख्या देखकर मेरा उत्साह 4 गुना बढ़ गया। मैं उनका अभिनंदन करता हं। आज सावन से पहले लाड़ली बहनों को योजना की 37वीं किस्त की राशि उनके खातों में भेजी जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले में कही। वे 14 जून को यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी, योग दिवस (21 जून) तक आयोजित लाड़ली बहना खेल सप्ताह का शुभारंभ किया। इसके अलावा उन्होंने सागर जिले के लिए 190 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में राशि ट्रांसफर की। साथ ही, बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं को स्कूटी प्रदान की। 

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे जीवन में 12 वर्ष का बड़ा महत्व होता है। 12 महीने, 12 राशियां और हर 12वें वर्ष सिंहस्थ होता है। अब यही 12 का आंकड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी संबद्ध हो गया है। उनके कार्यकाल के 12 वर्षों में देश ने स्वर्णिम काल देखा। गैर कांग्रेसी परिवार से निकलकर उन्होंने उच्च पद तक का सफर तय किया।

उन्होंने कहा कि हम तो इस बात के लिए भी सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश की धरती के गरीब परिवार से निकलकर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 6 साल तक प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार हमारा नेतृत्व किया। स्व. अटल के बाद प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के काल्यकाल को देखकर लगता है कि वाकई देश में एक-एक क्षेत्र में विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शासन के उच्चतम मापदंडों के बलबूते पर कई उपलब्धियां हासिल कीं। 

 

पूरे हुए गरीबों के सपने 

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमने महर्षि वाल्मीकि की रामायण के माध्यम से राम राज्य के बारे में सुना है। रामायण का राम राज्य और विक्रमादित्य का सुशासन हमने अतीत की गौरव गाथा में महसूस किया है लेकिन आज अपने सामने हमने 12 साल में होने वाला बदलाव देखा। सच में कभी सोच नहीं सकते थे कि गरीब आदमी का अपना स्वयं का मकान होगा। यह पहली बार किसी की सरकार में हुआ है तो वो मोदी सरकार में हुआ है। अपनी छत सपना होती थी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने माताओं-बहनों के कष्ट को अंदर से महसूस किया। इसलिए उन्होंने उनके लिए घर, शौचालय, गैस, फ्री-राशन की व्यवस्था की। यह प्रधानमंत्री मोदी की भावना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों ने 60 साल सरकार चलाई, लेकिन उसने गरीब का, उसके मान-सम्मान का ख्याल नहीं रखा। कांग्रेस ने सत्ता में रहते जो लापरवाही की, उन सबका हिसाब मांगने का समय आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौकतंत्र को गौरवांवित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहनों को 30 फीसदी अधिकार देने के लिए नारी वंदन अधिनियम लेकर आए थे, लेकिन नारी हूं लड़ सकती हूं कहने वाली प्रियंका गांधी, उनका भाई और कांग्रेस का पूरा कुनबा इसके खिलाफ अड़ गया। देश और दुनिया ने महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते, नारी वंदन अधिनियम को गिरते और प्रधानमंत्री मोदी की भावना को तार-तार होते देखा। अगर ये अधिकार मिलता, तो बहनों को उनका हक मिलता।

उन्होंने कहा कि ये वे ही लोग हैं जो कहते थे लाड़ली बहना योजना का पैसा कहां से लाओगे, पैसा है ही नहीं, बीजेपी वाले झूठ बोल रहे हैं, मुझे इस बात का गर्व है कि यह योजना अब तीसरे साल में प्रवेश कर रही है। रक्षाबंधन साल में एक बार आता है, लेकिन हमारी सरकार हर महीने 15 तारीख से पहले अपना वादा पूरा करती है। राज्य सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। हमारी बहनें त्याग और समर्पण की मूर्ति है। अपनी परवाह किए बिना पूरे परिवार का ख्याल रखती हैं।

 

कांग्रेस ने रचा षडयंत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। वहां कांग्रेस नेत्री बहन के साथ दुराचार हुआ। वो थाने गई, लेकिन आरोपी कांग्रेस नेता के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखी गई। फिर वो हार कर प्रदेश प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के पास गई। लेकिन उन्होंने भी पीड़िता की कोई मदद नहीं की। फिर उसने न्यायालय की शरण ली और नोटिस भिजवाया। एक नोटिस मीनाक्षी नटराजन को मिला।

उन्होंने उसका जबाव भी कोर्ट को दिया। अब समझ लीजिए कहां कौन गलती कर रहा है? कांग्रेस ने चालाकी से यह प्रकरण चुनाव प्रक्रिया में छिपा लिया, क्योंकि इससे कांग्रेस की सरकार और उनकी बदनामी हो जाती, कौन वोट देता। जो दो-तीन और नेता जो उम्मीदवारी की लाइन में थे, वे भी सामने आ जाते। यह पूरा षड्यंत्र कांग्रेस ने रचा है। नामांकन रद्द होने पर कांग्रेसी जानबूझकर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट गए। लेकिन चुनाव प्रक्रिया के बीच में सुप्रीम कोर्ट कुछ नहीं करता है। ये जानबूझकर उल्टे काम करते हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवरी में आज लगभग 200 करोड़ के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किए गए हैं। 

– केसली में सांदीपनि विद्यालय बनेगा। चिरचिटा में हाईस्कूल का उन्नय किया जाएगा। शासकीय हाईस्कूल देवरी का उन्नयन। कृषि उपज मंडी केसली का नाम रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर होगा। देवरी में 100 बेड का बड़ा अस्पताल बनेगा।   

– केसली ब्लॉक में 563 करोड़ लागत से नया जलाशय बनेगा। राज्य सरकार ने प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। अगले ढाई वर्ष में यह रकबा 100 लाख हेक्टेयर किया जाएगा।

– देवरी में लहसन और प्याज की मंडी बनेगी। देवरी शासकीय महाविद्यालय में कला और वाणिज्य के संकाय शुरू किए जाएंगे। 

– देवरी का नाम देवपुरी करने का प्रस्ताव आने पर विचार किया जाएगा।

– देवखंडेरा मंदिर का जीर्णोंद्धार किया जाएगा। 

– गौरझांवर पंचायत को नगर पंचायत बनाया जाएगा। 

– केसली को नगर पंचायत बनाया जाएगा।
Edited By : Chetan Gour 

पाकिस्तान को 64 रनों से हराकर टीम इंडिया ने किया महिला T-20I विश्वकप का आगाज

पाकिस्तान को 64 रनों से हराकर टीम इंडिया ने किया महिला T-20I विश्वकप का आगाज

INDvsPAK

INDvsPAK महिला टी-20 विश्वकप के पहले मैच में भारत ने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 64 रनों से हराकर आगाज किया है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर  170 रन बनाए इसके जवाब में पाकिस्तान की पूरी पारी 17 ओवर में 106 रनों पर आउट हो गई। 

गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 9 रन देकर 5 विकेट झटके साथ ही एक रन आउट भी किया। 170 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने पहले 6 ओवर में तो 52 रन बनाकर सिर्फ एक ही विकेट खोया था लेकिन स्पिन के सामने उनकी कमजोरी सामने आ गई और 7वें से 17वें ओवर तक वह सिर्फ 54 रन बनाकर 9 विकेट गंवा गए। पाक की ओर से सर्वाधिक 43 रन मुनीबा ने बनाए।

इससे पहले सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के अर्धशतक से भारत ने आईसीसी टी20 महिला विश्व कप के ग्रुप एक मैच में रविवार को यहां पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 170 रन बनाए। यह भारत का टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर है।

स्मृति ने दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 44 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों से 68 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर (36 रन, 35 गेंद, चार चौके) के साथ तीसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी भी की। ऋचा घोष ने अंत में 17 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के से 34 रन की पारी खेली। उन्होंने दीप्ति शर्मा (नाबाद 12) के साथ छठे विकेट के लिए सिर्फ 21 गेंद में 45 रन की तेजतर्रार साझेदारी भी की।

पाकिस्तान की ओर से कप्तान फातिमा सना ने 33 जबकि बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने 41 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। रमीन शमीन (30 रन पर एक विकेट) और तस्मिया रुबाब (41 रन पर एक विकेट) ने एक-एक विकेट हासिल किया।

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कांगो में इबोला वायरस का नया खौफ, बच्चों में संक्रमण बढ़ने की आशंका, WHO का अलर्ट

कांगो में इबोला वायरस का नया खौफ, बच्चों में संक्रमण बढ़ने की आशंका, WHO का अलर्ट

Ebola virus outbreak continues in DR Congo, risk of infection cases among children as well

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने आगाह किया है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में घातक इबोला वायरस के फैलाव के बीच आने वाले दिनों में बच्चों में भी संक्रमण मामलों में उछाल दर्ज किए जाने की आशंका बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में महामारी विज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर ओलिविए ले पोलेन ने बताया कि हर दिन अलग-अलग इलाक़ों में नए मामलों की शिनाख़्त की जा रही है, जो कि इस प्रकोप के बड़े स्तर को दर्शाता है। इसकी एक बड़ी वजह, डीआर कांगो के पूर्वी हिस्से में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही है।

 

इतूरी, उत्तर व दक्षिण किवू प्रान्तों में इस वायरस के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। देश का यह हिस्सा प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है लेकिन सरकारी सुरक्षा बलों और विद्रोही गुटों के बीच लम्बे हिंसक टकराव के कारण यह विस्थापन, खाद्य असुरक्षा और अन्य चुनौतियों से जूझ रहा है।

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क़रीब तीन सप्ताह पहले इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो प्रकार की पुष्टि की गई थी और उसके बाद से अब तक 676 संक्रमण मामलों व 136 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अब तक 34 स्वास्थ्य ज़ोन चिन्हित किए गए हैं, जो इस बीमारी से प्रभावित हैं। इतूरी के अलावा, उत्तरी किवू प्रान्त के नए इलाक़ों में भी ये मामले सामने आए हैं। 

 

बचाव व स्वास्थ्य देखभाल प्रयासों में जुटी यूएन एजेंसियों का कहना है कि इस क्षेत्र में छोटे बच्चे कुपोषण का शिकार हैं और उनका रोकथाम योग्य बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण भी नहीं हुआ है। इस वजह से उनके इस संक्रमण की चपेट में आने का ख़तरा अधिक है। 28 मई 2026 को डीआरसी के इतूरी प्रांत में रवांपारा जनरल रेफरल अस्पताल में इबोला प्रकोप के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रतिक्रिया के दौरान, जनस्वास्थ्य टीम ने निवारक उपायों को मजबूत किया।

 

बच्चों में कुपोषण से चिंता

अभी तक अधिकांश संक्रमण मामले वयस्क आबादी में दर्ज किए गए हैं, विशेष रूप से कामकाजी लोगों में। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के डॉक्टर डगलस नोबल ने बताया कि जैसे-जैसे बीमारी में बदलाव आ रहा है, घर-परिवारों में भी इसके फैलाव के लिए तैयार रहना होगा। 

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उन्होंने आने वाले दिनों में और अधिक संख्या में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की है। बात यह है कि वे बच्चे पहले से ही बहुत कमज़ोर हैं और किसी और तरह का दबाव झेल पाने की इस समुदाय की क्षमता दरकने के कगार पर पहले ही पहुंच चुकी है।

 

इतूरी प्रान्त में पांच वर्ष से कम आयु के 50 फ़ीसदी से अधिक बच्चे लम्बे समय से कुपोषण से पीड़ित हैं। हर पांच में से एक से अधिक बच्चे को डिप्थीरिया, टेटनस और पेर्टुसिस से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली ख़ुराक नहीं मिली है। इससे पहले भी अतीत में डीआर कांगो में इबोला के फैलाव के दौरान बच्चों में संक्रमण मामले दर्ज किए गए थे और मौतें भी हुई थी। सबसे छोटे बच्चों में मृत्यु दर सबसे अधिक होने का जोखिम है।

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यूनीसेफ़ ने अगले छह महीनों के लिए अपनी तैयारियों के तहत, 37 लाख लोगों तक मदद पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत योरोपीय संघ के समर्थन से 8 परिवहन उड़ानों के ज़रिए 100 टन आपात मानवीय सहायता आपूर्ति डीआर कांगो के लिए रवाना की गई है। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव पोशाक व उपकरण, दवाएं, स्वच्छता बरतने के लिए सामग्री और अन्य मेडिकल सामान है ताकि प्रभावित समुदायों में वायरस पर क़ाबू पाया जा सके।

 

स्कूल बंद करने की आवश्यकता नहीं

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने बताया कि इबोला एक घातक संक्रमण है, लेकिन इसके फैलाव के तरीक़े कोविड-19 वायरस से अलग हैं। यह आमतौर से शरीर से निकलने वाले द्रव्यों के सम्पर्क में आने से फैलता है। इसके मद्देनज़र, यूनीसेफ़ ने कहा है कि जो बच्चे स्कूल जा सकते हैं, उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। स्कूल बन्द करने की कोई वजह नहीं है।

 

संक्रमण रोकथाम व नियंत्रण उपायों की आवश्यकता है और इस बारे में स्कूलों में शिक्षा की भी आवश्यकता है, शिक्षकों में, कर्मचारियों व बच्चों में। बुंडिबुग्यो प्रकार से बचाव के लिए कोई वैक्सीन या उपचार फ़िलहाल उपलब्ध नहीं है। संक्रमितों के सम्पर्क में आने वाले लोगों को ढूंढ पाना, 70 प्रतिशत तक ही सम्भव हो पा रहा है। यह 1-2 सप्ताह पहले की स्थिति की तुलना में बहुत बड़ा सुधार है, लेकिन अभी और बेहतरी की आवश्यकता है।

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इसके अलावा स्थानीय स्तर पर परीक्षण की क्षमता को भी बढ़ाना होगा, चूंकि इस वायरस के फैलाव का पूर्ण दायरा अभी स्पष्ट नहीं है। बेनी में एक लैब में गुरुवार को 500 परीक्षण किए गए थे और उनके नतीजों से मदद मिल सकती है। यूनीसेफ़ ने संक्रमण प्रभावित इलाक़ों में 1600 सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए हैं और 24 स्वास्थ्य दल 1.6 लाख घर-परिवारों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं। 

स्मृति मंधाना की 68 रनों की विस्फोटक पारी से भारत पाकिस्तान के खिलाफ पहुंचा 170 रनों तक

स्मृति मंधाना की 68 रनों की विस्फोटक पारी से भारत पाकिस्तान के खिलाफ पहुंचा 170 रनों तक

INDvsPAK ओपनर स्मृति मंधाना (68), कप्तान हरमनप्रीत कौर (36) और ऋचा घोष (34) की शानदार पारियों से भारत ने महिला टी 20 विश्व कप में रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 170 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत की और 18 रन तक दो विकेट गंवा दिए। लेकिन मंधाना ने 44 गेंदों में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत ने 35 गेंदों पर 36 रन में चार चौके लगाए। ऋचा ने आखिर में आतिशी तेवर दिखाते हुए मात्र 17 गेंदों पर 34 रन में पांच चौके और एक छक्का मारा।

भारत को शेफ़ाली वर्मा और जेमिमा रॉड्रिग्स के रूप में शुरुआती झटके लगे । हालांकि इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के बीच साझेदारी पनप गई। पहले 10 ओवर में भारत ने दो विकेट के नुक़सान पर 65 रन बना लिए थे और इसके बाद मंधाना और हरमनप्रीत दोनों ने मिलकर भारत की पारी को गति दी। मंधाना ने मात्र 34 गेंदों पर अर्धशतक लगाया। हालांकि मंधाना को दो जीवनदान भी मिले।

मंधाना के आउट होने के बाद जल्द ही भारती फ़ुलमाली और हरमनप्रीत के रूप में भारत को झटका लगा। लेकिन घोष की 17 गेंदों पर 34 रनों की आक्रामक पारी की बदौलत भारत ने एक बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया जो कि टी20 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का सर्वोच्च स्कोर भी है। पाकिस्तान ने टी20 में सर्वश्रेष्ठ चेज़ 156 के लक्ष्य का किया है।

रिचा घोष की 17 गेंदों में 34 रन की पारी और आखिरी दो ओवरों में बने 38 रनों की बदौलत भारत एक अच्छा स्कोर बनाने में कामयाब रहा। भारत ने 19 वें ओवर में कुल 23 रन बटोरे जिसमें ऋचा ने तीन चौके और एक छक्का लगाया।

कमजोर दिलवाले वीडियो न देखें! रस्सी बिना बांधे बंजी जंपिंग, युवती को 130 फीट नीचे फेंक दिया

रोमांच का सबसे खतरनाक खेल माने जाने वाले बंजी जंपिंग में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में 21 वर्षीय युवती को बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी बांधे बिना ही 130 फीट से ज्यादा ऊंचे पुल से नीचे फेंक दिया…

MP के मुरैना में बड़ा हादसा, यात्रियों में फैली आग की अफवाह, चलती ट्रेन से कूदने पर 4 की मौत

MP के मुरैना में बड़ा हादसा, यात्रियों में फैली आग की अफवाह, चलती ट्रेन से कूदने पर 4 की मौत

Morena Train Incident : मध्यप्रदेश के मुरैना रेलवे स्टेशन के निकट आज दर्दनाक रेल हादसा हो गया। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद उससे उतरने के दौरान दूसरे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आने से 4 लोगों की मौत हो गई। अब तक तीन महिला और एक बच्चे का शव बरामद हुआ है। यह घटना झांसी रेलवे डिविजन के हेतमपुर और धोलपुर सेक्शन के बीच हुई।

अफवाह फैलने के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई। घबराए कुछ यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी और पटरियों पर उतर गए। इसी दौरान दूसरी ओर से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से 4 यात्रियों की मौत हो गई। रेलवे और प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है।

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प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। घटना के कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे रूट पर रेल यातायात प्रभावित हो गया। घटना की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में चलती अथवा रुकी हुई ट्रेन से बिना अनुमति न उतरें और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें।
Edited By : Chetan Gour

UFC फाइट, 60 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च और G7 समिट की बदली तारीख, व्हाइट हाउस में ऐसे मनाया जा रहा Donald Trump का 80वां जन्मदिन

Trump’s 80th birthday: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 जून 2026 को 80 साल के हो गए। उनके जन्मदिन का जश्न बेहद अनोखे और भव्य अंदाज में मनाया जा रहा है। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर UFC (अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप) की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट आयोजित होंगे। जो पहले कभी सोचा भी

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चूका में घूमने गए सैलानियों पर दौड़ पड़ा बाघ; घुर्राहट से अटकी लोगों की सांसें, नाव भी पलटने से बची, VIDEO वायरल

पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थित चूका घूमने गए सैलानियों को बाघ ने दौड़ा लिया। बाघ का हमला देखकर नाव पर घूम रहे सैलानियों की सिट्टी-बिट्टी गुम हो गई। जिसके चलते नाव पलटने से बच गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। 

ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग के टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी

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– WIPO की PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ने 320 पायदान की छलांग लगाई

– आकाश अंबानी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित है यह उपलब्धि

– 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए

Jio Platforms : जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक पेटेंट रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन यानी WIPO की ताजा पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी यानी PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप-20 में पहुंच गई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है।

 

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी इकाई है। नई रैंकिंग के साथ जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। कंपनी अब हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी वैश्विक टेक कंपनियों के समूह में शामिल हो गई है।

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जियो की पेटेंट फाइलिंग अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

 

इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई वर्षों की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा।

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आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनाने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है।

 

खास बात यह है कि जियो की 320 पायदान की छलांग ऐसे समय आई है, जब वैश्विक स्तर पर PCT फाइलिंग की वृद्धि 1 प्रतिशत से भी कम रही। WIPO की यह रैंकिंग जियो प्लेटफॉर्म्स की R&D क्षमता और उसके बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो की मजबूती को वैश्विक स्तर पर मान्यता देती है।

 

31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं, जिनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं।

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जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और Agentic AI की अगली दिशा JioBrain जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है।

 

जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर, भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है।
Edited By : Chetan Gour