Janmashtami 2026: ‘बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करें यशोदा मैया…’, इन हिंदी गानों के साथ मनाए जन्माष्टमी

Janmashtami 2026: पूरे देश में जन्माष्टमी धूम धाम से मनाई जा रही है। इस खास मौके पर देशभर के मंदिरों को और घरों को झाकी के साथ सजाया जाता है। दही हांडी आयोजित होती है। इस दौरान बॉलीवुड के कई मशहूर सुनने को मिलते हैं। ऐसे में हम आपके लिए बॉलीवुड गानों की लिस्ट लाए हैं, जो भगवान कृष्ण के इस त्योहार का मजा बढ़ा देंगे।

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया…

फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना ‘बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया..’ दिल को छूता है। इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया है, आनंद बक्शी से इसके बोल लिखे हैं। जबकि आर.डी. बर्मन का संगीत है। जन्माष्टमी के खास मौके पर सोशल मीडिया पर भी ये खूब ट्रेंड होता है।

गो गो गोविंदा

जबरदस्त बीट्स और जोश भरी कोरियोग्राफ़ी वाला यह सुपरहिट गाना, जिसमें प्रभु देवा और सोनाक्षी सिन्हा हैं, पारंपरिक दही-हंडी सेलिब्रेशन के कॉम्पिटिशन वाले जोश, खुशी और असली उत्साह को बखूबी दिखाता है।

राधा कैसे न जले

ए.आर. रहमान का ये गाना यह सदाबहार गाना राधा और भगवान कृष्ण के बीच की चंचल, रोमांटिक नोक-झोंक और हल्की-फुल्की जलन को बहुत खूबसूरती से दिखाता है, जो इसे किसी भी त्योहार की शाम के लिए एक ज़रूरी और शानदार गाना बनाता है।

‘वो किसना है’

बांसुरी की दिल को छू लेने वाली धुन और सुखविंदर सिंह की दमदार आवाज़ से सजी यह शानदार गाना भगवान कृष्ण के बारे में बताता है। यह आपकी प्लेलिस्ट में एक गहरा और उत्साह बढ़ाने वाला आध्यात्मिक एहसास जोड़ता है।

राधे-राधे

तेज लोक संगीत की धुनों और जोश भरे आधुनिक रिदम वाला यह एनर्जेटिक गाना मथुरा और गोकुल की जीवंत गलियों से प्रेरित है। यह गाना घर पर होने वाले जश्न में हर किसी को थिरकने पर मजबूर कर देगा।

मच गया शोर

अमिताभ बच्चन अभिनीत यह सदाबहार रेट्रो गाना, त्योहारों के दौरान होने वाले मेल-जोल, खुशी-खुशी गाए जाने वाले गीतों और सड़कों पर होने वाले उत्सव के उस जादुई माहौल को दर्शाता है, जिसने पीढ़ियों से भारतीय त्योहारों की पहचान बनाई है।

मैया यशोदा

यह प्यारा ग्रुप डांस गाना मैया यशोदा से नटखट शिकायतों के ज़रिए छोटे कान्हा की शरारतों भरी बचपन की हरकतों को खूबसूरती से दिखाता है। यह आपके त्योहार के माहौल में अपनापन, परिवार का जुड़ाव और भारतीय संस्कृति की क्लासिक खूबसूरती लाता है।

चांदी की दाल पर

90 के दशक के जोशीले डांस म्यूज़िक वाले इस मज़ेदार और चंचल गाने से प्लेलिस्ट में एक हल्की-फुल्की और शरारती रौनक आ जाती है। यह गाना कृष्ण के मशहूर शरारती अंदाज़ को बॉलीवुड के मज़ेदार और एंटरटेनिंग रूप में पेश करता है।

कान्हा सो जा ज़रा

ज़बरदस्त एनर्जी वाले डांस गानों के बीच एक सुकून देने वाला बदलाव पेश करने वाला यह शानदार और बेहतरीन ढंग से रचा गया लोरी-नुमा गीत, एक शांत और सुकून भरा माहौल बनाता है। यह देर रात मंदिर की प्रार्थनाओं और आधी रात की दिव्य आरती की रस्मों के लिए एकदम सही है।

बिना किसी बड़े स्टार और PR के नीम करोली बाबा पर मूवी बना 60 करोड़ पार! जानिए कौन हैं हनुमान अंश के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी

राइटर-डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फ़िल्म ‘हनुमान अंश’ 2026 की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफ़िस सरप्राइज़ फ़िल्मों में से एक बनकर उभरी है। 7 अगस्त को सिर्फ़ 10 लाख रुपये की ओपनिंग के बावजूद, यह स्पिरिचुअल ड्रामा फ़िल्म – जिसे लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट में बनाया गया था – भारत में 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई करने में सफल रही।

इस फ़िल्म ने 41,245 शो में कुल मिलाकर 72.97 करोड़ रुपये और नेट कलेक्शन के तौर पर 61.88 करोड़ रुपये कमाए हैं। अपने 26वें दिन, ‘हनुमान अंश’ ने 8.50 करोड़ रुपये (नेट) कमाए, जिससे इसने यश की फ़िल्म ‘टॉक्सिक’ की 8.20 करोड़ रुपये की कमाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

फ़िल्म की लगातार अच्छी रफ़्तार को देखते हुए अब यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि क्या ‘हनुमान अंश’ 100 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच पाएगी। इस बड़ी हिट के बाद, फ़ैंस यह जानना चाहते हैं कि विशाल चतुर्वेदी कौन हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार, विशाल चतुर्वेदी एक फ़िल्ममेकर और ‘स्वंभू मीडिया नेटवर्क’ के फ़ाउंडर हैं।

उन्हें कंटेंट प्रोडक्शन, फ़िल्ममेकिंग और पाक कला (culinary arts) में 14 साल से ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने ‘सेतु’ (2023) और ‘रब करे तू भी’ (2021) में राइटर के तौर पर काम किया है। ‘हनुमान अंश’ की कहानी नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है, जिसे चतुर्वेदी ने लिखा और डायरेक्ट किया है।

लोगों के बीच फ़िल्म की तारीफ़ (word-of-mouth) ने 10 लाख रुपये की ओपनिंग वाली इस फ़िल्म की किस्मत बदल दी और आख़िरी हफ़्तों में इसकी कमाई में ज़बरदस्त उछाल आया। यह फ़िल्म इस साल की सबसे चौंकाने वाली थिएटर सक्सेस स्टोरीज़ में से एक है और चौथे हफ़्ते में इसका प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, अब ‘हनुमान अंश’ को ‘होम्बले फ़िल्म्स’ द्वारा दुनिया भर में रिलीज़ किया जा रहा है। यह फ़िल्म अब 11 सितंबर को दुनिया भर में रिलीज़ होगी।

Taapsee Pannu: ‘ऐसी फिल्में करने से पहले रिटायर हो जाऊंगी’, तापसी पन्नू ने कसा कियारा आडवाणी की ‘टॉक्सिक’ पर तंज?

Taapsee Pannu: हाल ही में एक इंटरव्यू में तापसी पन्नू ने यश और कियारा आडवाणी की बड़ी फिल्म ‘टॉक्सिक’ पर इशारों-इशारों में तंज कसा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में रिलीज हुई “ऐसी फिल्में” करने के बजाय वह रिटायर होना पसंद करेंगी। हालांकि तापसी ने किसी फ़िल्म या एक्टर का नाम नहीं लिया, लेकिन यूजर्स का मानना ​​है कि उनकी बात ‘टॉक्सिक’ के बारे में थी।

सुचिन मेहरोत्रा ​​के साथ बातचीत में तापसी ने कहा कि वह खुद को “खुशनसीब” मानती हैं कि उन्होंने अपना करियर एक दशक पहले शुरू किया था, जब हिंदी की मेनस्ट्रीम फ़िल्में अलग तरह की होती थीं और “एक ही तरह” की नहीं होती थीं। उन्होंने कहा, “अगर आज के समय में सिर्फ़ इसी तरह की फ़िल्में बन रही होतीं, तो मुझ जैसे इंसान का करियर शायद बन ही नहीं पाता।”

‘गंधारी’ फ़िल्म की एक्ट्रेस ने बताया कि हाल ही में अपने परिवार के साथ पिछले कुछ महीनों में रिलीज़ हुई कुछ फ़िल्में देखते हुए उन्होंने इस बारे में बात की थी। तापसी ने साफ़ किया कि एक एक्टर के तौर पर वह आजकल बन रही इस तरह की फ़िल्मों का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं।

एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने सोचा कि क्या अब मेरे रिटायर होने का समय आ गया है।”तापसी ने साफ़ किया कि वह समझती हैं कि ऐसी फ़िल्मों के लिए दर्शक होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुद ऐसी फ़िल्में करना चाहेंगी। मुझे अपना काम पसंद है, लेकिन इतना भी नहीं कि मैं आंख बंद करके कुछ भी करूं। मैं अपने काम से इतना अंधा प्यार नहीं करती कि वैसी फ़िल्में करती रहूं।”

अपने फ़िल्मी सफ़र पर बात करते हुए तापसी ने कहा कि वह ऐसी फ़िल्मों की लिस्ट बनाना चाहती हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरें। पन्नू ने कहा, “और मेरा पक्का मानना ​​है कि एक फ़िल्मोग्राफ़ी होती है, है ना? समय बदलेगा, लेकिन फ़िल्मोग्राफ़ी नहीं बदलेगी।” तापसी ने आगे कहा कि वह चाहती हैं कि सालों बाद जब वह अपने काम को देखें, तो उन्हें अपने फैसलों पर शर्मिंदगी महसूस न हो। उन्होंने कहा, “आज से 10 साल बाद, शायद जॉनर बदल जाए, जैसा कि मैंने कहा, लेकिन मेरी फ़िल्मोग्राफ़ी वैसी ही रहेगी।”

इंटरनेट का रिएक्शन

जैसे ही यह क्लिप वायरल हुई, इंटरनेट पर लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि तापसी ने कियारा आडवाणी की फिल्म ‘Toxic’ पर तंज कसा है। एक यूज़र ने कहा, “असल में तापसी पन्नू ने अपने करियर की शुरुआत में ही वे सभी फिल्में कर ली थीं। इसलिए अब उनके पास देने के लिए कुछ खास नहीं बचा है। अब रोना बंद करो @taapsee, कियारा आडवाणी का करियर बहुत शानदार है।”

एक और कमेंट में लिखा था, “कियारा ने तो कम से कम फिल्म में काम किया… आपकी तो OTT पर ‘हसीन दिलरुबा’ आई थी… जो दिखाना था, आपने दिखा दिया।” एक और कमेंट में कहा गया, “तो उनसे कहिए कि रिटायर हो जाएं और अगर वह ‘अपनी ज़िंदगी, अपने नियम’ वाली बात करती हैं, तो यही बात दूसरी अभिनेत्रियों पर भी लागू होती है।”

‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups’ को KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के तहत वेंकट के. नारायण और यश ने प्रोड्यूस किया है। कन्नड़ और अंग्रेज़ी में लिखी और शूट की गई इस फिल्म के हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम डब वर्जन भी रिलीज हुए हैं। गीतू मोहनदास की डायरेक्ट की गई इस फिल्म में नयनतारा, हुमा कुरैशी, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे शानदार कलाकार हैं। फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले। फिल्म ने अब तक उतनी कमाई नहीं की है जितनी उम्मीद की जा रही थी।

₹2 करोड़ में बनी हनुमान अंश की बॉक्स ऑफिस कमाई 62 करोड़ पार! जानिए नीम करोली बाबा पर बनी इस फिल्म ने कैसे टॉक्सिक का निकाला दम

बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की किस्मत हमेशा बड़ी स्टारकास्ट या भारी-भरकम बजट से तय नहीं होती। कभी-कभी कम बजट की कोई फिल्म दर्शकों के बीच ऐसी जगह बना लेती है कि उसका पूरा बॉक्स ऑफिस सफर ही बदल जाता है। हनुमान अंश के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। करीब ₹1.8 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने शुरुआत बेहद धीमी की, लेकिन अब इसकी कमाई ने इंडस्ट्री को चौंका दिया है।

शुरुआत ऐसी कि फिल्म पर मंडराने लगा था संकट

हनुमान अंश को करीब 250 स्क्रीन पर रिलीज किया गया था। इसके बावजूद पहले सप्ताह में फिल्म सिर्फ ₹90 लाख ही जुटा सकी। दूसरे सप्ताह तक हालात और मुश्किल हो गए और इसके शो घटकर लगभग 40 स्क्रीन रह गए। उस दौरान फिल्म ने करीब ₹46 लाख की कमाई की। लेकिन कम स्क्रीन मिलने के बावजूद फिल्म के प्रदर्शन में एक दिलचस्प बदलाव आया। प्रति स्क्रीन कमाई तेजी से बढ़ने लगी। यही संकेत था कि फिल्म को देखने वाले दर्शकों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत हो रही है।

दर्शकों की जुबान बनी सबसे बड़ा प्रमोशन

फिल्म की कहानी यहीं से बदलनी शुरू हुई। जिन लोगों ने हनुमान अंश देखी, उन्होंने इसे दूसरे दर्शकों तक पहुंचाना शुरू किया। सोशल मीडिया और आपसी सिफारिशों के जरिए फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ती गई। धीरे-धीरे यह चर्चा नए दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने लगी। फिल्म को बड़े प्रचार अभियान की बजाय वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिला और इसका असर सीधे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर दिखाई दिया।

तीसरे हफ्ते में बदली पूरी तस्वीर

तीसरे सप्ताह में फिल्म की कमाई करीब ₹10.5 करोड़ तक पहुंच गई। इसके बाद चौथे सप्ताह में इसकी रफ्तार और तेज हुई और फिल्म ने ₹50 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस फिल्म को रिलीज के कुछ ही दिनों बाद सीमित स्क्रीन पर समेट दिया गया था, वही अब देशभर में 2,000 से ज्यादा स्क्रीन तक पहुंच चुकी है।

26वें दिन भी शानदार कमाई

हनुमान अंश की पकड़ का अंदाजा उसके 26वें दिन के कलेक्शन से लगाया जा सकता है। फिल्म ने इस दिन ₹8.07 करोड़ की कमाई की। खास बात यह रही कि यह आंकड़ा यश की फिल्म Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups की सातवें दिन की सभी भाषाओं की ₹6.90 करोड़ की कमाई से भी ज्यादा रहा। किसी फिल्म का रिलीज के चौथे सप्ताह में इतना मजबूत प्रदर्शन करना सामान्य बॉक्स ऑफिस ट्रेंड से बिल्कुल अलग माना जाता है।

Toxic के कमजोर पड़ने का भी मिला फायदा

Roongta Cinemas के CEO संजय बरजाट्या के मुताबिक, जब Toxic का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उसके शो कम किए गए, तब हनुमान अंश को अतिरिक्त शो मिलने लगे। इस तरह जो फिल्म शुरुआत में सिनेमाघरों के लिए छोटी रिलीज थी, वही बाद में खाली हो रहे स्लॉट भरने का विकल्प बन गई। डिस्ट्रीब्यूटर Cinepolis India ने भी फिल्म की बढ़ती मांग को देखते हुए कई बाजारों में इसकी स्क्रीनिंग दोबारा बढ़ाई। जहां एडवांस बुकिंग मजबूत रही, वहां अतिरिक्त शो जोड़े गए और कुछ जगहों पर फिल्म को फिर से सिनेमाघरों में लाया गया।

धार्मिक कंटेंट से शुरू हुई, आम दर्शकों तक पहुंची

फिल्म की शुरुआती पकड़ धार्मिक और आध्यात्मिक कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों के बीच बनी। खासकर गुजरात जैसे बाजारों में इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। लेकिन बाद में सकारात्मक चर्चा का दायरा बढ़ता गया और दूसरे वर्ग के दर्शक भी फिल्म देखने पहुंचने लगे। यही बदलाव हनुमान अंश की सबसे बड़ी ताकत बना। फिल्म की कमाई सिर्फ शुरुआती दर्शक वर्ग तक सीमित नहीं रही।

अब ₹100 करोड़ पर नजर

करीब ₹1.8 करोड़ के बजट वाली फिल्म का ₹50 करोड़ से ज्यादा कमाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। खासकर तब, जब इसकी शुरुआत ₹1 करोड़ से भी कम के कलेक्शन से हुई थी। अब फिल्म के सामने अगला बड़ा लक्ष्य ₹100 करोड़ का आंकड़ा है। हनुमान अंश की कहानी यह भी दिखाती है कि बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती आंकड़े हमेशा पूरी तस्वीर नहीं बताते। कभी-कभी दर्शकों का भरोसा किसी फिल्म को कई हफ्तों बाद वह रफ्तार दे देता है, जिसकी शुरुआत में किसी ने उम्मीद तक नहीं की होती।

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 26: धीमी शुरुआत के बाद फिल्म ने पकड़ी जबरदस्त रफ्तार, 26वें दिन बड़े बजट वाली ‘टॉक्सिक’ से निकली आगे

श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी विशेष: जब जीवन हारने लगे, तब श्री कृष्ण का जीवन पढ़िए

श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी विशेष: जब जीवन हारने लगे, तब श्री कृष्ण का जीवन पढ़िए

Shri Krishna Janmashtami Traditions

आज मनुष्य के पास पहले से अधिक साधन हैं, लेकिन शायद पहले से कम धैर्य है। उसके पास संवाद के लिए अनेक माध्यम हैं, फिर भी भीतर का अकेलापन बढ़ता जा रहा है। छोटी-सी असफलता उसे भीतर तक हिला देती है, संबंधों में आया मामूली तनाव निराश कर देता है और जीवन की कठिन परिस्थितियों के लिए 'डिप्रेशन' जैसे शब्द सहजता से बातचीत का हिस्सा बन गए हैं।

 

ऐसे समय में प्रश्न यह नहीं है कि कठिनाइयां क्यों आती हैं; प्रश्न यह है कि कठिनाइयों के बीच मनुष्य स्वयं को कैसे संभाले? इस प्रश्न का उत्तर हजारों वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण के जीवन में छिपा है। यदि कृष्ण को केवल मंदिर में विराजमान भगवान के रूप में देखा जाए, तो हम उनके व्यक्तित्व का एक अत्यंत सीमित भाग ही देख पाएंगे। कृष्ण को समझने के लिए उनके जीवन को देखना होगा—एक ऐसा जीवन जिसमें जन्म से लेकर अंतिम समय तक परिस्थितियां कभी अनुकूल नहीं थीं, लेकिन उन्होंने कभी परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

ALSO READ: श्री कृष्‍ण जन्माष्टमी के दिन आद्य कालिका माता की जयंती, जानें पूजा का शुभ समय और महत्व

1. संघर्षों से घिरा जन्म और बाल्यकाल का आनंद

कारागार में जन्म: उनका जन्म किसी उत्सव के बीच नहीं, बल्कि कारागार में हुआ। माता-पिता के जीवित रहते हुए भी जन्म लेते ही उनसे दूर होना पड़ा। आधी रात को पिता वसुदेव उन्हें लेकर यमुना पार कर गोकुल पहुंचाते हैं। जिस उम्र में बालक को माता-पिता का आश्रय चाहिए, उस उम्र में कृष्ण का जीवन सुरक्षा और संघर्ष की कहानी बन चुका था।

 

संकटों के बीच मुस्कान: गोकुल में उन्हें यशोदा का वात्सल्य, नंदबाबा का स्नेह और मित्रों का साथ मिला। किंतु वहां भी पूतना से लेकर कालिया नाग तक अनेक संकट सामने आए। बाल-कान्हा हर संकट के बाद मुस्कुराते दिखाई देते हैं। यह मुस्कान सिखाती है कि जीवन में संकट का आना हमारे नियंत्रण में नहीं है, लेकिन संकट के समक्ष हमारी प्रतिक्रिया हमारे हाथ में है।

 

दायित्वों के बीच जीवन का रस: श्रीकृष्ण के बाल्यकाल को प्रायः माखन, बांसुरी, गोपियों और रास की कथाओं तक सीमित कर दिया जाता है। वास्तव में ये प्रसंग सिखाते हैं कि गंभीर जिम्मेदारियों के बीच भी जीवन से आनंद और सहजता समाप्त नहीं होनी चाहिए।

ALSO READ: Janmashtami Special: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर करें 8 मंत्रों का जाप, दूर होंगे जीवन के सारे संताप और संकट

2. त्याग, विरक्ति और नए दायित्वों की ओर कदम

संसार को पीछे छोड़ना: एक दिन कृष्ण गोकुल छोड़ देते हैं। जिस भूमि ने बचपन दिया, जिन मित्रों के साथ खेले, जिससे उनका भावनात्मक संसार बसा था—सब पीछे छूट गया।

 

समय की मांग स्वीकारना: आज हम नौकरी या शिक्षा के लिए शहर छोड़ते हैं तो विचलित हो जाते हैं। कृष्ण ने तो अपने बचपन का संपूर्ण संसार ही छोड़ दिया, लेकिन वे पीछे मुड़कर रुके नहीं। वे आगे बढ़े क्योंकि समय उनसे नई भूमिका की मांग कर रहा था। मथुरा में कंस का अंत किया और आगे चलकर द्वारका की स्थापना की। राज्य, समाज, राजनीति और सुरक्षा के अनेक उत्तरदायित्व उनके सामने आए।

ALSO READ: बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी पर मंगला आरती का रहस्य एवं धार्मिक महत्व

3. कुरुक्षेत्र का संदेश: कर्म की गरिमा और आत्मनिर्भरता

अर्जुन का संशय और भगवद्गीता का सार: कुरुक्षेत्र में अर्जुन का संकट आज के मनुष्य के संकट जैसा ही था। उसके सामने निर्णय लेने की चुनौती थी, लेकिन भावनाएं और संबंध आड़े आ रहे थे। जब अर्जुन का गांडीव छूट गया, तब श्रीकृष्ण ने उसे जीवन को देखने की नई दृष्टि दी—मनुष्य का अधिकार केवल अपने कर्म पर है, उसके परिणाम पर नहीं। यदि परिणाम की चिंता में कर्म ही छूट जाए, तो जीवन का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है।

 

कर्म की गरिमा: स्वयं राजा होते हुए भी कृष्ण शस्त्र उठाने के बजाय अर्जुन के सारथी बने। आज के समाज में जहां पद के आधार पर काम को छोटा-बड़ा समझा जाता है, कृष्ण बताते हैं कि काम की गरिमा पद में नहीं, उसके उद्देश्य और निष्ठा में होती है।

 

सक्षम बनाने का दर्शन: कृष्ण चाहते तो अपनी शक्ति से युद्ध का परिणाम क्षण भर में बदल सकते थे, लेकिन उन्होंने मनुष्य को उसकी जिम्मेदारी स्वयं निभाने दी। वे मनुष्य को आश्रित नहीं, बल्कि सक्षम बनाते हैं।

ALSO READ: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की 12 अनूठी परंपराएं जो इस पर्व को बनाती हैं खास

4. विपाद के बीच संतुलन और आधुनिक युग की प्रासंगिकता

जीवन के प्रति संतुलन: कृष्ण के जीवन में केवल विजय नहीं थी। उन्होंने वियोग, मृत्यु, युद्ध, प्रियजनों को खोना और अंततः अपने ही वंश का विनाश देखा। इसके बावजूद उन्होंने जीवन का संतुलन कभी नहीं खोया।

युवाओं के लिए प्रेरणा: आज का युवा असफलता, नौकरी न मिलने या संबंध टूटने पर बिखर जाता है। ऐसे समय में कृष्ण का जीवन कहता है:

 

  • तुम्हारी एक असफलता तुम्हारा पूरा जीवन नहीं है।
  • एक परिस्थिति तुम्हारी संपूर्ण पहचान नहीं है।
  • दुःख आएगा, लेकिन दुःख ही अंतिम सत्य नहीं है।
  • वियोग होगा, लेकिन जीवन वहीं समाप्त नहीं होता।

ALSO READ: Janmashtami 2026 Date: सितंबर में किस दिन मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

5. जीवन को साधने की कला

श्रीकृष्ण जीवन से पलायन का दर्शन नहीं देते; वे जीवन के बीच खड़े होकर जीवन को साधने की कला सिखाते हैं। जब मन भ्रमित हो, विकल्प बहुत हों और निर्णय कठिन हो—तब श्रीकृष्ण के विचारों को पढ़िए। जब परिणाम की चिंता कर्म से बड़ी हो जाए या असफलता आत्मविश्वास कम करने लगे—तब कृष्ण के जीवन को देखिए।

 

वे केवल गोकुल के नटखट कान्हा, द्वारका के राजा या कुरुक्षेत्र के सारथी नहीं हैं; वे योगेश्वर श्रीकृष्ण हैं। वे आज भी संदेश देते हैं कि परिस्थिति चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हो, अपने कर्म, विवेक और धर्म का मार्ग कभी मत छोड़ो। जीवन की सबसे बड़ी विजय कठिनाइयों का समाप्त हो जाना नहीं, बल्कि कठिनाइयों के बीच स्वयं को संभाले रखना है।

 

जय श्री कृष्ण!

ALSO READ: जन्माष्टमी 2026: क्या आप जानते हैं कान्हा को कितने प्रकार के भोग लगते हैं? 5वें भोग के बिना अधूरी है पूजा

ईरान में शादी वाले घर पर अमेरिकी मिसाइल का कहर! बच्चे समेत 5 की मौत; तेहरान का जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में US ठिकानों पर जवाबी हमला

US-Iran War Update: ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। दक्षिणी ईरान में एक ऐसे रिहायशी मकान को मिसाइल हमले से नुकसान पहुंचा, जहां शादी का समारोह चल रहा था। अमेरिकी सेना के हमले में एक बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, तेहरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद US ठिकानों पर जवाबी हमला किया है।

ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, यह हमला होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुआ। जिस घर को हमले के दौरान नुकसान पहुंचा, वहां शादी का जश्न मनाया जा रहा था। रेड क्रिसेंट ने बताया कि अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद मिसाइल के छर्रे रिहायशी मकान तक पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।

रेड क्रिसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी में एक छोटे बच्चे समेत चार लोगों की मौत की बात कही गई थी। जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 बताई गई। घायलों की संख्या 50 से ज्यादा है।

मलबे में तब्दील हुआ घर, चीख-पुकार का वीडियो सामने आया

ईरानी सरकारी मीडिया ने हमले के बाद का कथित वीडियो भी जारी किया है। फुटेज में घटनास्थल पर भारी मलबा और मकान को हुआ नुकसान दिखाई देता है। वीडियो में आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई देती है। हालांकि, वीडियो और मृतकों तथा घायलों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान का पलटवार, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

इस बीच, ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने बुधवार तड़के जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुए, जिसमें उन्होंने ईरान को अमेरिका के खिलाफ किसी भी हमले की स्थिति में और ज्यादा कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।

ईरानी हमले ऐसे समय हुए जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में हमलों की एक नई लहर शुरू की थी। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। वॉशिंगटन के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित हमले के प्रयासों के जवाब में की गई।

जॉर्डन में 10 मिसाइलों को मार गिराने का दावा

जॉर्डन में ईरानी IRGC ने एक अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बेस पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने इस सैन्य ठिकाने की पहचान कैंप टिटिन के तौर पर की है, जो अकाबा की खाड़ी के पास स्थित बताया गया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ ने दावा किया कि हमले में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया। जवाबी हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात कही। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जॉर्डन की ओर से 10 ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हमले से बढ़ता तनाव, खाड़ी क्षेत्र पर मंडरा रहा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य और IRGC से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रही है। वहींं ईरान जवाब में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले देशों और ठिकानों को निशाना बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें- 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Daayra Trailer: कॉप ड्रामा ‘दायरा’ का ट्रेलर रिलीज, करीना कपूर- पृथ्वीराज सुकुमारन का दिखा दमदार अंदाज

Daayra Trailer: ‘दायरा’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह आने वाली क्राइम थ्रिलर फिल्म करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन को पहली बार एक साथ स्क्रीन पर लाएगी, जिसमें दोनों कलाकार पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं जो एक ही केस में आमने-सामने हैं।

मेघना गुलज़ार की डायरेक्ट की गई यह फिल्म पिछले हफ़्ते से कई प्रोमोशनल खुलासों के ज़रिए काफ़ी चर्चा में रही है। करीना ने DCP अजूनी कोहली और पृथ्वीराज ने DCP रमन कुमार का किरदार निभाया है। उनके दमदार ‘फ़र्स्ट लुक’ से ही इस प्रोजेक्ट की गंभीरता का अंदाज़ा लग गया था, और अब ट्रेलर से फ़िल्म की दुनिया की और बेहतर झलक मिलती है।

ट्रेलर को YouTube पर इस जानकारी के साथ रिलीज़ किया गया- “सच्ची घटनाओं पर आधारित, ‘दायरा’ एक ज़बरदस्त क्राइम थ्रिलर है जो DCP रमन कुमार और DCP अजूनी कोहली की कहानी दिखाती है, जब एक केस उन्हें एक ही सिस्टम में आमने-सामने खड़ा कर देता है।” जैसा कि ट्रेलर में दिखाया गया है, ‘दायरा’ एक ऐसी जांच के इर्द-गिर्द घूमती है जो रमन और अजूनी को एक ही सिस्टम के अंदर मुश्किल हालात में डाल देती है। कहानी की यह झलक न्याय और उसे देने के तरीके पर सवाल खड़े करती है, जबकि केस की डिटेल्स को अभी भी राज़ ही रखा गया है।

‘दायरा’ फिल्म के साथ मेघना गुलज़ार ‘तलवार’ और ‘राज़ी’ जैसी अपनी मशहूर फिल्मों के बाद ‘जंगली पिक्चर्स’ में वापसी कर रही हैं। ‘तलवार’ में दिवंगत एक्टर इरफान खान और तब्बू थे, जबकि ‘राज़ी’ में आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में थे। आने वाली यह फिल्म एक इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा है, जिसे मेघना गुलज़ार, सीमा अग्रवाल और यश केसवानी ने लिखा है। सौरभ गोस्वामी ने सिनेमैटोग्राफर के तौर पर काम किया है, जबकि चारू श्री रॉय इसकी एडिटर हैं।

मेघना के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए पृथ्वीराज ने पहले एक ऑफिशियल बयान में कहा था, “मेघना के साथ काम करने में मुझे बहुत मज़ा आया – मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी फिल्ममेकर के साथ इतनी बहस की है। वह एक कमाल की फिल्ममेकर हैं। वह बहुत अच्छी इंसान और बेहतरीन फिल्ममेकर हैं। और मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने सोचा कि मुझे यह फिल्म करनी चाहिए।”

एक्टर ने ‘दायरा’ पर फिल्ममेकर के काम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म दर्शकों को सीधे जवाब दिए बिना कई मुश्किल सवाल उठाती है। उन्होंने आगे कहा, “यह एक ऐसी फिल्म है जिसमें हमारे सिस्टम में न्याय और न्याय मिलने की प्रक्रिया पर बहुत निष्पक्ष नज़रिए की ज़रूरत है।”‘दायरा’ को जंगली पिक्चर्स और पेन स्टूडियोज़ का सपोर्ट मिला है। यह फिल्म करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की मेघना गुलज़ार के साथ पहली बार साथ काम करने वाली फिल्म भी है।

Toxic box office collection day 5: यश स्टारर ने 214 करोड़ का आंकड़ा पार किया, ‘जन नायकन’ से निकली आगे

Toxic box office collection day 5: गीतू मोहनदास और यश की फ़िल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ बुधवार को बड़ी उम्मीदों के साथ सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। रिलीज़ के पहले दिन, यश की इस फ़िल्म ने भारत में बॉक्स ऑफ़िस पर ₹101 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की ओपनिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतनी ज़बरदस्त शुरुआत को देखते हुए उम्मीद थी कि यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर कई रिकॉर्ड तोड़ेगी। हालांकि, दूसरे दिन ‘Toxic’ की कमाई में भारी गिरावट आई और तब से इसकी रोज़ाना की कमाई लगातार घटती जा रही है।

Toxic का 5वें दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, Toxic ने रविवार को भारत में ₹23 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इससे फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब तक ₹214.10 करोड़ हो गया है। रविवार को फिल्म की कुल थिएटर ऑक्यूपेंसी 25.3% रही और इसे 16,241 शो में दिखाया गया। शनिवार के ₹25.15 करोड़ के मुकाबले रविवार के कलेक्शन में लगभग 8.5% की मामूली गिरावट देखी गई। हालांकि फिल्म ने भारत में नेट कलेक्शन के मामले में ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन रिकॉर्ड ओपनिंग के बाद से इसके रोज़ाना के कलेक्शन में लगातार गिरावट आ रही है।

Toxic का 5वें दिन भाषा के हिसाब से कलेक्शन

भाषा के हिसाब से देखें तो, Toxic के सबसे ज़्यादा शो हिंदी में थे, जिनकी संख्या 11,734 थी। हिंदी वर्शन ने ₹14.50 करोड़ कमाए और 24% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। वहीं, कन्नड़ वर्शन ने सिर्फ़ 1,297 शो से ₹6.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया और शानदार 50% ऑक्यूपेंसी हासिल की। ​​तेलुगु भाषा में रिलीज़ हुई फिल्म ने 1,541 शो से ₹1.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया और 23% ऑक्यूपेंसी रही, जबकि तमिल भाषा के शो से ₹0.60 करोड़ का नेट कलेक्शन हुआ (1,416 शो से)। मलयालम वर्शन ने 253 शो से ₹0.10 करोड़ का नेट कलेक्शन किया।

Toxic का अब तक का प्रदर्शन

Toxic ने पहले दिन भारत में ₹101.10 करोड़ के ज़बरदस्त नेट कलेक्शन के साथ अपनी थिएटर यात्रा शुरू की। हालांकि, गुरुवार को फिल्म के कलेक्शन में भारी गिरावट आई और इसने ₹37.65 करोड़ कमाए, जो पहले दिन के आंकड़े से 62.8% कम था।

शुक्रवार को भी गिरावट का यह सिलसिला जारी रहा और फिल्म ने ₹27.20 करोड़ का कलेक्शन किया। शनिवार को Toxic के कलेक्शन में और गिरावट आई और इसने भारत में ₹25.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया।

Toxic ने ‘जना नायकन’ और ‘करुप्पु’ के लाइफटाइम इंडिया नेट कलेक्शन को पीछे छोड़ा

Toxic ने यश की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘KGF चैप्टर 2’ के मुकाबले भारत में रिलीज़ के शुरुआती पांच दिनों में हुई कमाई का आधे से भी कम कलेक्शन किया है। KGF चैप्टर 2 ने रिलीज़ के पांच दिनों के अंदर भारत में ₹430.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था।

वहीं, ‘टॉक्सिक’ ने सूर्या की ‘करुप्पु’ (जिसने ₹198.18 करोड़ कमाए थे) और विजय की ‘जाना नायकन’ (जिसने ₹198.22 करोड़ कमाए थे) के भारत में लाइफटाइम नेट कलेक्शन के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

‘टॉक्सिक’ के बारे में

गीतू मोहनदास की डायरेक्ट की गई फ़िल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत, हुमा कुरैशी और अक्षय ओबेरॉय भी हैं।

यूक्रेन- घरों के बीच छिपे हथियार डिपो पर रूसी हमला:गोला-बारूद, बारूदी सुरंगें और ड्रोन फटे, 37 की मौत, 130 घरों को नुकसान

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के पास शनिवार को एक हथियार डिपो पर ड्रोन हमला किया। हमले के बाद डिपो में रखे गोले, बारूदी सुरंगें और ड्रोन फटने लगे। धमाकों से आसपास के घरों और दूसरी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 37 लोगों की मौत हुई है, जबकि 130 घरों को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार देर रात हुए इस हमले के बाद शनिवार को भी घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम जारी रहा। धमाकों में 42 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि हथियारों का यह भंडार रिहायशी इलाके के इतने करीब नहीं होना चाहिए था। हादसे से जुड़ी 3 फोटोज कीव के पास मिला गांव में था हथियार डिपो रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने कीव के पश्चिम में स्थित मिला गांव में एक हथियार डिपो को निशाना बनाया था। रूस के मुताबिक, यहां FP-1 और FP-2 लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले ड्रोन के पुर्जे और उन्हें लॉन्च करने वाले बूस्टर रखे गए थे। धमाकों से गांव के करीब 130 घर तबाह हो गए। 45 साल के स्थानीय निवासी ल्यूबोव पावलेंको का घर हथियार डिपो से करीब 200 मीटर दूर है। उन्होंने अपने घर का नुकसान दिखाते हुए बताया कि पूरी बाहरी दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं और खिड़कियों के आसपास भी दरारें हैं। जेलेंस्की बोले- हथियार डिपो यहां नहीं होना चाहिए था जेलेंस्की ने मिला गांव में हथियार रखने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों के इतने करीब विस्फोटक सामग्री नहीं रखी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है। हम पता कर रहे हैं कि रिहायशी इमारतों के पास हथियार और विस्फोटक रखने की अनुमति देना कानूनी था या नहीं। जांच में उन अधिकारियों की भूमिका भी देखी जाएगी, जिन्होंने हथियारों की तैनाती और रख-रखाव से जुड़े फैसले लिए थे। PM बोले- 5 साल बाद भी वही गलतियां दोहराई जा रही पिछले महीने जुलाई में विश्नेवे में भी एक ऐसी घटना हुई थी। उस धमाके में नौ लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। इस घटना में 280 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा था। उस घटना की जांच में सामने आया था कि एक सरकारी कंपनी ने रिहायशी इमारतों के पास विस्फोटक सामग्री रखने से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया था। यूक्रेन के प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने कहा कि विश्नेवे की घटना से मिली सीख पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जंग के 5 साल हो जाने के बाद भी वही गलतियां बार-बार दोहराना आपराधिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को, बिना किसी अपवाद के, कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी रूस पिछले कई दिनों से कीव और आसपास के इलाकों पर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। इसके चलते कीव में एयर रेड सायरन लगातार बज रहे हैं और यूक्रेनी सेना पर एयर डिफेंस का दबाव बढ़ गया है। कई रूसी ड्रोन जेट इंजन से चलते हैं और करीब 400 मील प्रति घंटे यानी 640 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकते हैं। यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भी भारी कमी है। ये बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम उसकी प्रमुख एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल हैं। यूक्रेन में यह आशंका भी है कि लगातार ड्रोन हमलों का मकसद उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स को कमजोर करना हो सकता है, ताकि रूस आगे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर सके। रूस-यूक्रेन में बढ़े हवाई हमले रूस और यूक्रेन दोनों ने पिछले कुछ महीनों में एक-दूसरे के खिलाफ हवाई हमले तेज किए हैं। यूक्रेन अब रूस के आर्थिक ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। यूक्रेन पिछले कई हफ्तों से रूस की बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रहा है। यूक्रेन का दावा है कि कंपनी सेना को सामान और उसके कुछ हिस्से उपलब्ध कराती है, जबकि रूस इससे इनकार करता है। रूस में स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बेलगोरोद और रोस्तोव क्षेत्रों में यूक्रेनी हमलों में दो लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए। वहीं, रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र जापोरिज्जिया के मॉस्को नियुक्त गवर्नर के मुताबिक, एक शॉपिंग सेंटर पर यूक्रेनी हमले में चार लोग घायल हुए। —————————– यह खबर भी पढ़ें… जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट मिसाइलें मांगी:बोले- यूक्रेन भेजो, गोदामों में न रखो; रूस के हमले में 9 की मौत रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तुरंत पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइल भेजने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें…

Janmashtami Kab Hai 2026: 4 सितंबर को वज्र योग में मनाया जाएगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जानें शुभ मुहूर्त और रोहिणी नक्षत्र का समय

Janmashtami Kab Hai 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है। यह पर्व भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश और दुनिया में अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद (भादों) माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में हुआ था।

भगवान विष्णु ने माता देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में धर्म की स्थापना, अधर्म का नाश और अत्याचारी राजा कंस के पापों से पृथ्वी को मुक्ति दिलाने के लिए लिया था। श्री कृष्ण के देवकी और वसुदेव पुत्र थे, लेकिन उनका लालन-पालन गोकुल में यशोदा माता और नंदबाबा ने किया। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को है या फिर 5 सितंबर को? इस पर कन्फ्यूजन दूर करने के लिए पंचांग से जानते हैं जन्माष्टमी की सही तारीख और मुहूर्त के बारे में।

जन्माष्टमी की सही तारीख 2026

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल 4 सितंबर को 2:25 एएम पर भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि शुरू हो रही है, जो 5 सितंबर को 12:13 एएम तक विद्यमान रहेगी। उदयातिथि के आधार जन्माष्टमी की तिथि 4 सितंबर को पूरे दिन है। वहीं रोहिणी नक्षत्र में रात 11 बजकर 04 मिनट तक है।

पूरे दिन रोहिणी नक्षत्र

4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र पूरे दिन है। यह में 4 सितंबर को मध्यरात्रि 00:29 पर आरंभ होगा और सितम्बर 04 को रात 11 बजकर 04 मिनट तक व्याप्त रहेगा।

जन्माष्टमी पर राहुकाल का ध्यान रखें

जन्माष्टमी के दिन राहुकल सुबह में 10 बजकर 45 मिनट पर प्रारंभ होगा और दोपहर में 12 बजकर 20 मिनट पर खत्म होगा।

वज्र योग और मृगशिरा नक्षत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 

4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय मृगशिरा नक्षत्र और वज्र योग होगा। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:44 पी एम तक रहेगा। उसके बाद से वज्र योग प्रारंभ होगा, जो 5 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

जन्माष्टमी मुहूर्त 2026

इस साल जन्माष्टमी का मुहूर्त रात में 11:57 बजे से लेकर देर रात 12:43 बजे तक है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा और उत्सव मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी का ब्रह्म मुहूर्त 04:30 ए एम से 05:15 ए एम तक रहेगा। इस समय में स्नान करके व्रत का संकल्प कर लें। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:55 बजे से लेकर दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। अमृत काल रात में 08:03 पी एम से लेकर 09:33 पी एम तक है।

जन्माष्टमी व्रत का पारण

जन्माष्टमी व्रत का पारण रात 12:43 बजे के बाद कर सकते हैं। जिनके यहां उदयातिथि यानि सूर्योदय के बाद पारण होता है, वे 5 सितंबर को सूर्योदय बाद पारण करेंगे।

Bhadrapada Month 2026 Vrat Tyohar List: आज से शुरू हुआ भाद्रपद माह, जानें इसमें कब आएंगे जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा के पर्व