Happy Dussehra 2026 Wishes: विजयादशमी पर अपनों को भेजें ये 15 बेस्ट बधाई संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस

Happy Dussehra 2026 Wishes: असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस साल देश भर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मुख्य दशहरा पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में दुर्गा पूजा की स्थानीय परंपराओं और उदयातिथि के आधार पर 21 अक्टूबर बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। त्योहारों के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और प्रियजनों को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए बेहतरीन बधाई संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां आपके लिए चुनिंदा शुभकामनाएं, कोट्स और स्टेटस दिए गए हैं।

विजयादशमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

पंचांग के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र का समय 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहा। उत्तर भारत में 20 अक्टूबर को अपराह्न काल में दशमी तिथि रहने के कारण मुख्य रूप से इसी दिन दशहरा मनाया जा रहा है, जबकि माता की विदाई परंपरा के अनुसार 21 अक्टूबर को होगी।

अपनों को भेजने के लिए 15 बेस्ट बधाई संदेश और शुभकामनाएं

1 – शुभ विजयादशमी! भगवान राम की कृपा से आपके जीवन में हमेशा अच्छाई की जीत हो और हर चुनौती में आपको सफलता मिले। आपको और आपके परिवार को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!

2- Happy Dussehra! असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व आपके जीवन में नई रोशनी, सकारात्मकता और अपार खुशियां लेकर आए।

3- मां दुर्गा और भगवान श्री राम के आशीर्वाद से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। आप सभी को विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई!

4 – आइए इस दशहरे पर अपने अंदर के अहंकार, क्रोध और बुराइयों का दहन करें और नेकी के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हैप्पी दशहरा 2026!

5- सफलता और समृद्धि की कामना: आपकी मेहनत रंग लाए और आपके जीवन में हर कार्य में सफलता व आर्थिक स्थिरता बनी रहे। आपको और आपके अपनों को दशहरा की शुभकामनाएं।

6- परिवार के लिए संदेश: मां दुर्गा और भगवान राम के आशीर्वाद से हमारा परिवार हमेशा एकजुट, खुशहाल और स्वस्थ रहे। आप सभी को विजयादशमी की मंगलकामनाएं!

7- धैर्य, सत्य और साहस ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। विजयादशमी का यह पवित्र पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत लेकर आए।

8 – नया सवेरा, नई शुरुआत: पुरानी चिंताओं को पीछे छोड़कर विश्वास और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। आपको दशहरा की ढेरों बधाइयां!

9 – हर चुनौती एक नया अवसर लेकर आती है। भगवान राम आपको हर बाधा से लड़ने का साहस दें। Happy Dussehra 2026!

10 – आपके जीवन का हर अंधकार दूर हो और आपका भविष्य उम्मीदों और उजालों से जगमगा उठे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

WhatsApp Status के लिए

1 – अधर्म का नाश हो, धर्म की रक्षा हो, हर दिल में श्रीराम का वास हो। आप सभी को दशहरा की शुभकामनाएं!

2 – आपके और आपके परिवार के लिए यह पावन पर्व उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य और ढेरों खुशियां लेकर आए। शुभ दशहरा!

3- रिश्तों में प्यार बढ़े, आपसी सौहार्द बना रहे और हर तरफ खुशहाली हो। विजयादशमी के इस पावन दिन पर यही कामना है।

4- हर बुराई को हराकार अच्छाई को अपनाने का दिन है दशहरा। आइए मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाएं। Happy Vijayadashami!

5 – भगवान श्रीराम आपको बुद्धि, बल और पराक्रम प्रदान करें ताकि आप जीवन की हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकें। दशहरा की शुभकामनाएं!

प्रेरणादायक कोट्स (Inspirational Quotes for Dussehra)

  • सत्य को अपना मार्ग बनाएं और दयालुता को अपनी ताकत बनाएं।
  • भय जब आपका नियंत्रण छोड़ देता है, तभी वास्तविक साहस की शुरुआत होती है।
  • अहंकार और बुराई पर विजय पाना ही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।
  • हर चुनौती इंसान को अंदर से मजबूत और बेहतर बनने का अवसर देती है।
  • आप इन संदेशों और कोट्स को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर करके अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ इस पावन पर्व की खुशियां बांट सकते हैं।

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तिरंगे की शान बढ़ाई, Asian Games के मेडलिस्ट को PM मोदी का संदेश (Video)

Modi With Olympians

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष और महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों ने अपने हस्ताक्षर वाली जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘इतने सारे पदकवीर से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण है कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। ’’प्रधानमंत्री मोदी ने महिला हॉकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत आपने सफलता हासिल की है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ बीते दस बारह वर्षों में देश ने लगन और निष्ठा से लगातार प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और इसकी वजह से वह देश के लिए क्या करके दिखाता है, आप सभी इसके उत्तम उदाहरण हैं। ’’भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और 21 स्वर्ण, 27 रजत तथा 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते। यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का प्रमाण है, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

Delhi Startup: नौकरी छोड़ शुरू किया ये अनोखा स्टार्टअप, एक हुनर ने बदल दी 50 परिवारों की जिंदगी

Startup Success Story: दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले लक्ष्य और अंजलि कालिया की कहानी उन लोगों के लिए अनोखी है जो नौकरी करते हुए अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं। इस कपल ने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपना खुद का ब्रांड, लव लाइट शुरू किया। यह ब्रांड कई तरह के प्रोडक्ट बनाता है, जिसमें हाथ से बनी खुशबूदार मोमबत्तियां और क्रोशिया से बुने फूल शामिल हैं।

खास बात यह है कि इस बिजनेस से 50 महिलाओं को काम करने का मौका मिला है। अपना खुद का बिजनेस शुरू करना आसान नहीं है। इसके लिए सही आइडिया, कड़ी मेहनत और मार्केट की जरूरतों की समझ की जरूरत होती है। लक्ष्य और अंजलि ने नौकरी के बजाय अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। उनका बिजनेस हाथ से बने प्रोडक्ट पर आधारित है जो सुंदरता के साथ कड़ी मेहनत और हुनर को मिलाते हैं।

क्या है लव लाइट ब्रांड का बिजनेस

लव लाइट हाथ से बनी खुशबूदार मोमबत्तियां और क्रोशिया प्रोडक्ट बनाती है। खुशबूदार मोमबत्तियां खुशबूदार मोम होती हैं। क्रोशिया एक कला है जिसमें धागे का इस्तेमाल करके फूल और दूसरी सजावटी चीजें बनाई जाती हैं। ये हाथ से बने प्रोडक्ट आजकल घर की सजावट और गिफ्ट देने के लिए पॉपुलर हैं। इन प्रोडक्ट की खासियत यह है कि ये मशीन से बने होने के बजाय हाथ से बने होते हैं। इस काम के लिए स्किल और सटीकता की जरूरत होती है। लव लाइट का बिजनेस भी ऐसे ही प्रोडक्ट पर आधारित है।

50 महिलाओं को मिला रोजगार

लक्ष्य और अंजलि के बिजनेस की सबसे खास बात यह है कि इससे 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। दोनों ने अपने कारोबार को इस तरह आगे बढ़ाया कि इसमें दूसरी महिलाओं के लिए भी काम करने और कमाई करने का अवसर बना। हैंडमेड प्रोडक्ट्स बनाने के काम में हुनर की अहम भूमिका होती है। क्रोशिया से फूल और दूसरी चीजें तैयार करने के लिए धैर्य और बारीकी से काम करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को इस तरह के काम से जोड़ना उनके हुनर को रोजगार में बदलने का एक तरीका भी है।

क्या-क्या बनाते हैं लक्ष्य और अंजलि

लव लाइट ब्रांड के तहत खुशबूदार मोमबत्तियां यानी सेंटेड कैंडल्स तैयार की जाती हैं। इनका इस्तेमाल घर की सजावट और गिफ्ट देने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, क्रोशिया से बने फूल और दूसरी चीजें भी इस ब्रांड का हिस्सा हैं। हाथ से बने होने के कारण इनकी डिजाइन और कारीगरी इन्हें अलग पहचान देती है।

हैंडमेड प्रोडक्ट्स के बिजनेस में कितना हो सकता है मुनाफा

लक्ष्य और अंजलि के Love Light बिजनेस में कमाई हैंडमेड प्रोडक्ट्स की बिक्री और खर्च पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर, ₹1 लाख की मासिक बिक्री पर 15–25% मुनाफे के हिसाब से ₹15,000–₹25,000 बच सकते हैं। कपल ने बताया कि भले ही हमें 25% का ही मुनाफा हो रहा हो, लेकिन हमें खुशी है कि यह हमारा अपना पैसा है और हमारे पास वापस आ रहा है। हमें किसी का गुलाम बनने या किसी के लिए काम करने की जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट- शुभांगी तिवारी

Video: 61 साल की उम्र में गजब की फिटनेस, एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स के बाद 5 घंटे प्लैंक कर रचा इतिहास

उम्र सिर्फ एक नंबर है, यह बात कनाडा की 61 साल की डोना जीन वाइल्ड ने साबित कर दी है। 12 बच्चों की दादी डोना ने लगातार पांच घंटे तक प्लैंक करके अपनी पिछली रिकॉर्ड उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। उनकी कहानी इसलिए खास है, क्योंकि फिटनेस का यह सफर किसी बड़े लक्ष्य से नहीं, बल्कि हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद शुरू हुआ था। आज वह अपनी मेहनत और हौसले से दुनियाभर के लोगों को प्रेरित कर रही हैं।

हाथ में फ्रैक्चर के बाद शुरू किया प्लैंक

डोना जीन वाइल्ड ने करीब 15 साल पहले प्लैंक करना शुरू किया था। उस समय उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। वह खुद को फिट रखना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने प्लैंक का अभ्यास शुरू किया। शुरुआत में वह केवल एक से डेढ़ मिनट तक ही इस एक्सरसाइज को कर पाती थीं। लेकिन लगातार अभ्यास से उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और कुछ मिनटों का समय घंटों में बदल गया।

4 घंटे 30 मिनट का रिकॉर्ड तोड़कर पहुंचीं 5 घंटे तक

21 मार्च 2024 को डोना ने 4 घंटे, 30 मिनट और 11 सेकंड तक प्लैंक करके महिलाओं के वर्ग में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर अपनी क्षमता को चुनौती दी। यूटा में आयोजित हंट्समैन वर्ल्ड सीनियर गेम्स में उन्होंने पांच घंटे तक प्लैंक किया। इस दौरान दर्शक लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे।

पोती को पीठ पर बैठाकर करती थीं प्रैक्टिस

डोना की ट्रेनिंग का एक दिलचस्प पहलू उनकी तीन साल की पोती रोज भी है। रिकॉर्ड की तैयारी के दौरान उनकी पोती कई बार उनकी पीठ पर लेट जाती थी और डोना प्लैंक करती रहती थीं। परिवार का साथ उनकी इस फिटनेस यात्रा का अहम हिस्सा रहा।

प्लैंक करते हुए पूरी की मास्टर डिग्री

डोना केवल एक्सरसाइज ही नहीं करतीं, बल्कि प्लैंक करते हुए पढ़ाई, मैसेज और दूसरे काम भी निपटाती हैं। उन्होंने इसी दौरान मास्टर डिग्री पूरी की और एक किताब भी लिखी। वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में फिटनेस के लिए कई घंटे निकालती हैं।

एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स का भी रिकॉर्ड

साल 2024 में डोना ने एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स करके महिलाओं के वर्ग में एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। अब उनका लक्ष्य एक घंटे में 1,600 से ज्यादा पुश-अप्स करना है।

आखिरी 10 मिनट में छोड़ने का मन हुआ

पांच घंटे के प्लैंक के दौरान एक समय डोना को लगा कि वह अब आगे नहीं कर पाएंगी। लेकिन दर्शकों की हौसलाअफजाई ने उन्हें चुनौती पूरी करने में मदद की। हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन वह 3,000 मीटर की दौड़ में भी शामिल हुईं।

डोना की कहानी बताती है कि सही अभ्यास, धैर्य और मजबूत इच्छाशक्ति से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। हालांकि, किसी भी कठिन एक्सरसाइज को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।

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Devi Shakti Event: अंबानी फैमली ने धूम धाम से किया देवी मां का स्वागत, रणवीर सिंह-कृति सेनन से लेकर इन एक्टर्स ने इवेंट में लिया हिस्सा

Devi Shakti Event: नवरात्रि के एक दिन पहले अंबानी परिवार ने ‘देवी शक्ति’ के सम्मान में और भारत की शानदार कारीगरी की विरासत को समर्पित ‘स्वदेश’ (Swadesh) के एक साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए एक खास शाम का आयोजन किया।

शनिवार शाम को रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बॉलीवुड हस्तियां और खास मेहमान भारतीय कारीगरी, सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों के शुभ माहौल का जश्न मनाने के लिए एक साथ आए। इस जश्न में पूरा अंबानी परिवार शामिल हुआ, जिसमें नीता अंबानी और मुकेश अंबानी, उनके बेटे आकाश अंबानी और अनंत अंबानी, और बहुएं श्लोका मेहता और राधिका मर्चेंट शामिल थे।

नीता अंबानी शानदार कढ़ाई वाली मैजेंटा-पिंक सिल्क साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। इस साड़ी पर बारीक सोने की ज़री का काम और सजावटी बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ भारी कढ़ाई वाला ब्लाउज, शानदार ज्वेलरी, बिंदी और खूबसूरत इयररिंग्स पहने थे। वहीं मुकेश अंबानी ने क्लासिक ब्लैक बंदगला सूट पहनकर उनके लुक को पूरा किया, जिसमें गुलाबी पॉकेट स्क्वायर ने रंग का एक हल्का सा टच जोड़ा।

इस जश्न में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी अंबानी परिवार के साथ शामिल हुए। इनमें रणवीर सिंह, कृति सेनन, आमिर खान, रश्मिका मंदाना, अदिति राव हैदरी, जैकलीन फर्नांडिस, जैकी श्रॉफ, शनाया कपूर, सारा अली खान, संजय दत्त, मनीष मल्होत्रा ​​और गौरी खान जैसे कई नामी चेहरे शामिल थे।

दूसरे मेहमानों ने भी त्योहार के हिसाब से कपड़े पहने थे। वे शानदार साड़ियों, बारीक कढ़ाई वाले एथनिक कपड़ों और पारंपरिक लिबास में नजर आए, जो भारतीय टेक्सटाइल, कारीगरी और सदाबहार फेस्टिव फैशन की खूबसूरती को दर्शाते थे।

शाम का मुख्य आकर्षण ‘स्वदेश इरोस’ में ‘देवी शक्ति’ कार्यक्रम था, जिसमें नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व और भारत की शिल्प विरासत की अद्भुत विविधता का संगम देखने को मिला। स्टोर के एक साल पूरे होने के मौके पर उन कारीगरों को सम्मानित किया गया, जिनकी लगन, हुनर ​​और रचनात्मकता ने देश की पारंपरिक कलाओं को आज भी जीवित रखा है।

मेहमानों को कालीघाट पेंटिंग, कलमकारी और आशावली बुनाई के लाइव प्रदर्शन के ज़रिए भारत की मशहूर कलाओं को बनाने की बारीक प्रक्रियाओं को करीब से देखने का मौका मिला। इन इंटरैक्टिव प्रदर्शनों में कला के इन रूपों में शामिल बारीकी, धैर्य और विशेषज्ञता को दिखाया गया, जिससे आने वाले लोग उस कारीगरी की सराहना कर सके जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

एक खास लिमिटेड-एडिशन कलमकारी प्रदर्शन ने जश्न में चार चांद लगा दिए और इस पारंपरिक कला की खूबसूरती को सबके सामने पेश किया। इन अनुभवों के जरिए, ‘स्वदेश इरोस’ ने भारत की कलात्मक विरासत को दिखाने और देश की सांस्कृतिक पहचान को संजोने वाले कारीगरों के प्रति सम्मान और सराहना बढ़ाने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया।

GDP ग्रोथ रेट 7% से ज्यादा, फिर लगातार क्यों गिर रहा भारत का शेयर बाजार?

भारतीय शेयर बाजारों में लगातार गिरावट ने इनवेस्टर्स को तगड़ी चोट पहुंचाई है। एक तरफ जहां शेयरों में सीधे पैसे लगाने वाले लोग मायूस हैं तो दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में हर महीने सिप से इनवेस्ट करने वाले लोग चिंतित है। पिछले करीब दो साल में उनका पैसा बढ़ने की जगह घटा है। अब इनवेस्टर्स का धैर्य टूटने लगा है। इस हफ्ते के मध्य में निफ्टी गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। ऐसे में उनके मन में एक सवाल चल रहा है। इनवेस्टर्स यह जानना चाहते हैं कि जब दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी है तो हमारा बाजार क्यों गिर रहा है?

भारत की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी से ऊपर 

भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट इसलिए भी परेशान कर रही है, क्योंकि देश की जीडीपी की ग्रोथ अच्छी है। यह 7 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। अर्थव्यवस्था को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं दिख रही है। देश का मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में है। सरकार का फिस्कल डेफिसिट अनुमान के मुताबिक है। इकोनॉमी में डिमांड अच्छी है। इसकी तस्दीक हर महीने जीएसटी कलेक्शन के डेटा से हो जाती है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शंस के डेटा भी सामान्य हैं। बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ बेहदत है। तीन साल से ज्यादा समय के बाद आरबीआई ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाया है। इसका मतलब है कि अब तक इंटरेस्ट रेट ज्यादा नहीं था। किसी इकोनॉमी की स्थिति ऐसी होने पर शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखती है। लेकिन, भारत का शेयर बाजार चढ़ने की जगह गिर रहा है।

दुनिया के कई बड़े शेयर बाजारों में शानदार तेजी 

दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों में भी बीते एक साल में अच्छी आई है। अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस (Dow Jones) इंडस्ट्रियल एवरेज ने बीते एक साल में 13.58 फीसदी रिटर्न दिया है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने इस साल 83 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। यहां तक कि लंदन स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक FTSE ने भी बीते एक साल में करीब 12 फीसदी रिटर्न दिया है। लेकिन, बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों Nifty और Sensex में  बड़ी गिरावट आई है। निफ्टी जहां करीब 11 फीसदी फिसला है, वही सेंसेक्स 12 फीसदी से ज्यादा लुढ़का है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार को पहुंचाई चोट

भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। बीते कई सालों से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। पिछले दो सालों में यह बिकवाली काफी बढ़ी है। 2026 में FIIs की शुद्ध बिक्री 4.41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। बर्नस्टीन की रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार में नया निवेश करने की कोई वजह नहीं दिखती। यह रिपोर्ट सितंबर के तीसरे हफ्ते में आई थी। अगर बीते दो सालों की बात की जाए तो FIIs ने भारतीय बाजार से करीब 40 अरब डॉलर निकाले हैं। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) खासकर म्यूचुअल फंडों ने इस दौरान लगातार निवेश किया है, जिससे बाजार को बड़ा सहारा मिला है।

महंगे वैल्यूएशंस की वजह से विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

FIIs की भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली की दो बड़ी वजहें हैं। पहला, भारतीय शेयरों की वैल्यूएशंस पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गई थी। निफ्टी और सेंसेक्स की वैल्यूएशंस अपनी लंबी अवधि की औसत वैल्यूएशंस से काफी आगे निकल गई थी। इसका मतलब है कि भारतीय शेयर बाजार काफी महंगा हो गया था। इस वैल्यूएशन को जस्टिफाई करने करने के लिए कंपनियों की अर्निंग्स में तेज उछाल की जरूरत थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, जून तिमाही से कंपनियों की अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिखा है। लेकिन, इससे निफ्टी की वैल्यूएशन घटकर करीब 19 फीसदी पर आ गई है। यह पिछले साल 23 फीसदी तक पहुंच गई थी। दुनिया के कई दूसरे देशों के बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार की वैल्यूएशन अब भी ज्यादा है।

भारतीय बाजार में एआई और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स का अभाव

दूसरा, भारतीय बाजार में एआई से जुड़ी कंपनियां मौजूद नहीं हैं। पिछले दो सालों में उन बाजारों में ज्यादा तेजी आई है, जहां सीधे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियां मौजूदा हैं। इनमें पहले नंबर पर अमेरिका है। एशिया में दक्षिण कोरिया और ताइवान है। विदेशी निवेशकों ने एआई और सेमीकंडक्टर्स से जुड़ी कंपनियों में जमकर निवेश किए हैं। इसके लिए उन्होंने भारत जैसे बाजारों से अपने पैसे निकाले हैं। इस निवेश से एआई और सेंमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि Nvidia का मार्केट कैपिटलाइजेशन 6 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह भारत की जीडीपी से ज्यादा है। Nvidia का शेयर एक साल में 25 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। यही हाल दक्षिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों का है। विदेशी निवेशक उसी बाजार में निवेश करते हैं, जहां उन्हें ज्यादा प्रॉफिट की उम्मीद दिखती है।

अमेरिका और ईरान की लड़ाई ने बढ़ाया दबाव

इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान की लड़ाई शुरू हुई। इसका असर क्रूड ऑयल के उत्पादन पर पड़ा। क्रूड की सप्लाई घटने से इसकी कीमतें आसमान में पहुंच गईं। पिछले कई दिनो से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चल रहा है। यह भारत जैसे देश के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि भारत क्रूड की अपनी 85 फीसदी जरूरत इंपोर्ट से पूरी करता है।

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क्रूड में उछाल का इकोनॉमी पर पड़ रहा असर 

क्रूड में उछाल से सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ा है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये पर भी दबाव बढ़ा है। रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब आ गया है। महंगे क्रूड की वजह से इस साल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। इसका असर आम आदमी की खर्च करने की क्षमता पर पड़ रहा है। क्रूड का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत भी बढ़ी है। इससे शेयर बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है।

‘3 से 4 साल में चाहिए 1 करोड़…’ जानिए अंकुर वारिकू ने किस ‘कॉस्टली मनी मिस्टेक’ से बचने की दी सलाह

हर कोई चाहता है कि उसकी बचत तेजी से बढ़े और वह जल्द से जल्द आर्थिक रूप से मजबूत बन जाए। कोई अपना घर खरीदने का सपना देखता है, तो कोई करोड़पति बनकर आरामदायक जिंदगी जीना चाहता है। लेकिन जब बड़े वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय बहुत कम तय कर लिया जाता है, तो यही उम्मीद चिंता का कारण बन सकती है। उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने हाल ही में एक महिला का ईमेल साझा किया, जो अगले तीन से चार साल में ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना चाहती थीं।

खास बात यह है कि महिला के पास पहले से ₹25 लाख की बचत थी और वह कई वर्षों से निवेश भी कर रही थीं। इसके बावजूद उनका लक्ष्य वारिकू को जल्द अमीर बनने की सोच का उदाहरण लगा।

₹25 लाख की बचत के बाद भी क्यों थी करोड़पति बनने की जल्दी?

अंकुर वारिकू ने अपने LinkedIn पोस्ट में बताया कि महिला की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। उनके पास स्थिर नौकरी, अच्छी कमाई और निवेश का अनुभव भी था। वह पहले ही ₹25 लाख का फंड बना चुकी थीं, जिसे वारिकू ने एक अच्छी उपलब्धि बताया।

इसके बाद भी महिला अगले तीन से चार वर्षों में ₹1 करोड़ तक पहुंचना चाहती थीं। वारिकू के मुताबिक, इस तरह की इच्छा काफी आम है, लेकिन कम समय में बहुत बड़ी रकम जुटाने की उम्मीद करना व्यावहारिक सोच नहीं है।

उनकी बात का मकसद बचत के लक्ष्य को गलत बताना नहीं, बल्कि यह समझाना था कि पैसे बढ़ाने की प्रक्रिया में जल्दबाजी करना कई बार निराशा पैदा कर सकता है।

निवेश में कंपाउंडिंग समझना काफी नहीं

वारिकू ने निवेश के एक अहम सिद्धांत कंपाउंडिंग पर भी जोर दिया। इसमें निवेश से मिलने वाला रिटर्न आगे चलकर खुद भी रिटर्न कमाने लगता है। समय के साथ यह प्रक्रिया बचत को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

हालांकि, शुरुआत में इसका असर बहुत धीमा दिखाई दे सकता है। निवेशक नियमित रूप से पैसा लगाते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक तेजी से बढ़ोतरी नजर नहीं आती। ऐसे में कई लोग अधीर हो जाते हैं और अपने लक्ष्य या निवेश की रणनीति को लेकर परेशान होने लगते हैं।

वारिकू का कहना है कि कंपाउंडिंग को समझना और अपनी बचत पर उसका वास्तविक असर महसूस करना दो अलग-अलग बातें हैं।

युवाओं को क्यों रखना चाहिए लंबी अवधि का नजरिया?

वारिकू के मुताबिक, 20 या 30 की उम्र में निवेश शुरू करने वाले लोगों ने अक्सर अपनी रकम पर 15 से 20 वर्षों तक कंपाउंडिंग का असर नहीं देखा होता। इसलिए उन्हें शुरुआत में यह प्रक्रिया धीमी लग सकती है।

लेकिन लंबी अवधि में नियमित निवेश और समय का संयोजन धन जुटाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर निवेश से निश्चित रिटर्न मिलेगा। बाजार का प्रदर्शन, निवेश की राशि और जोखिम जैसे कारक भी परिणामों को प्रभावित करते हैं।

करोड़पति बनने के लिए सिर्फ बड़ा लक्ष्य नहीं, धैर्य भी जरूरी

इस पूरे मामले से एक अहम सीख मिलती है कि आर्थिक सफलता की योजना बनाते समय लक्ष्य के साथ उसकी समयसीमा भी वास्तविकता के आधार पर तय करनी चाहिए। ₹1 करोड़ का फंड बनाना एक अच्छा वित्तीय लक्ष्य हो सकता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए अपनी आय, मौजूदा बचत, निवेश और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

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सबके लिए समय है… फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

There is time for everything, then why not for your dreams

रात को सोने से पहले आप बीते दिन के बारे में सोचते हैं। कितने काम किए, कितनी जिम्मेदारियां निभाईं, कितने लोगों की जरूरत पूरी की, लेकिन जिस काम को करने की इच्छा सुबह मन में उठी थी, वह आज भी छूट गया। आप खुद को समझाते हैं- कल जरूर समय निकालूंगा।

 

कभी-कभी ऐसे ही कई महीने बीत जाते हैं। जीवन चलता रहता है, पर भीतर कोई इच्छा चुपचाप प्रतीक्षा करती रहती है। उसे याद करते ही एक कसक उठती है- क्या मेरा जीवन केवल जरूरी काम निपटाते हुए बीत जाएगा?

 

इस प्रश्न में आपके भीतर बचे हुए सपने की आवाज है। उसे सुनिए। हो सकता है वह आपको किसी अधूरे काम की याद दिला रही हो, किसी दबे हुए हुनर की ओर बुला रही हो या जीवन को थोड़ा अधिक अर्थपूर्ण बनाने का आग्रह कर रही हो।

 

हम अक्सर अपनी इच्छाओं को इसलिए पीछे रख देते हैं क्योंकि जिम्मेदारियां सामने खड़ी होती हैं। परिवार, आजीविका और संबंधों का महत्त्व अपनी जगह है लेकिन उन्हें निभाते हुए अपनी क्षमताओं के लिए थोड़ी जगह बचाना भी जरूरी है। आपके भीतर जो अच्छा है, उसे विकसित होने का अवसर मिलना चाहिए।

 

अपने आप से पूछिए, कौनसा काम करने के बाद मुझे केवल थकान नहीं, मन में संतोष भी मिलता है? किस काम को बेहतर करने की इच्छा बार-बार लौटती है? लोग किस बात के लिए मेरी सहायता लेते हैं? इन प्रश्नों के उत्तर आपकी छिपी प्रतिभा का परिचय दे सकते हैं।

 

हो सकता है आप कठिन बात आसानी से समझा लेते हों। लोगों की परेशानी धैर्य से सुनते हों। किसी अव्यवस्थित काम को संवार देते हों। लिखने, सिखाने, बनाने या समस्याएं सुलझाने में आपकी सहज रुचि हो। जिसे आप सामान्य समझकर अनदेखा करते आए हैं, वही आपकी विशेष क्षमता हो सकती है।

‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ तक PM मोदी के 25 साल, वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा का भव्य समापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और समर्पण के 25 साल पूरे होने के मौके पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निकाली गई ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का बुधवार को वडनगर में समापन हुआ। इस अवसर पर वडनगर में गौरवपूर्ण समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मौजूद रहे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों से पहुंचे बाइकर्स और सेवा यात्रियों का स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित भी किया गया।

सीएम ने क्या कहा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ के समापन अवसर पर कहा कि, “7 अक्टूबर, 2001 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा दायित्व संभाला था। आज प्रधानमंत्री ने लगातार 25 वर्षों तक जनसेवा और सुशासन का दायित्व निभाकर देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले जननायक बनने का गौरव हासिल किया है। ” सीएम ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री ने सत्ता को पद के बजाय सेवा का माध्यम माना और गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं और युवाओं के विकास पर जोर दिया।”

भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा कि, “गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात समिट, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बुलेट ट्रेन, GIFT City और सेमीकंडक्टर हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट मोदी के विकास के विजन को दिखाते हैं। पीएम मोदी के नागरिक-केंद्रित शासन के चलते देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।” उन्होंने कहा कि, “कोरोना के दौरान वैक्सीन की मदद, ग्रीन एनर्जी के लक्ष्यों, अनुच्छेद 370 हटाने, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे कदमों से भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत हुई है। पटेल ने प्रधानमंत्री को जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में गुजरात की युवा शक्ति अहम भूमिका निभाएगी।”

देश की सेवा में एक भी दिन नहीं किया आराम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अक्टूबर को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि, “पीएम मोदी ने पिछले 25 वर्षों में बिना एक भी दिन आराम किए देश के विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम किया।” चौहान ने कोरोना संकट और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व की भी सराहना की।” उन्होंने कहा कि, “नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वाराणसी से वडनगर तक बाइक रैली के जरिए पहुंचे युवाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना होनी चाहिए और उन्हें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।”

मद् भगवद् गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि गीता में बताए गए ‘सात्विक कर्ता’ के सभी गुण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में दिखाई देते हैं। वे राग-द्वेष और अहंकार से परे रहकर धैर्य के प्रतीक बन गए हैं।

पश्चिम बंगाल के सीएम ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वडनगर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि को नमन करते हुए कहा कि, इस धरती ने देश को एक दूरदर्शी नेता दिया है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘राष्ट्र प्रथम’ और गरीब कल्याण को ध्यान में रखते हुए देश में विकास और सुशासन को बढ़ावा मिला। अधिकारी के मुताबिक, किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क और रेलवे के विस्तार, पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और उड़ान योजना जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए देशभर के लोग एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। अधिकारी ने वाराणसी से वडनगर तक निकाली गई सेवा यात्रा को देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।

सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और निकोल विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे बाइकर्स और युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, “7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और अब उनकी जनसेवा के 25 साल पूरे हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान युवाओं को सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला।” विश्वकर्मा ने कहा कि, “मोदी का 25 साल का सार्वजनिक जीवन ‘जनसेवा और राष्ट्रसेवा’ के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और आर्थिक मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं, जिससे भारत की वैश्विक पहचान भी मजबूत हुई है।

पीएम मोदी के 25 साल के जनसेवा का सफर

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा के सफर को लोगों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी से वडनगर तक सेवा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 500 बाइकर्स और कई युवा शामिल हुए, जिन्होंने 10 राज्यों के गांवों और शहरों में पहुंचकर सफाई अभियान, पौधारोपण, नशामुक्ति और लोगों से संवाद जैसे सामाजिक काम किए। अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़े और पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऑनलाइन युवाओं का उत्साह बढ़ाया। यात्रा के दौरान वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब का जल काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचाया गया, जबकि वाराणसी से लाए गए पवित्र जल से वडनगर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक किया गया। इस पहल के जरिए वाराणसी और वडनगर के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाया गया।

कौन-कौन था मौजूद

सेवा यात्रा के समापन समारोह में राज्य सरकार के मंत्री सर्व ऋषिकेशभाई पटेल, कौशिकभाई वेकरिया, प्रवीणभाई माली, कमलेशभाई पटेल, गुजरात प्रदेश प्रभारी तरुण चुग, सांसद सर्व हरिभाई पटेल, मयंक नायक, राजेंद्रभाई शुक्ल, मध्य प्रदेश के सांसद वी.डी. शर्मा, मेहसाणा जिला पंचायत अध्यक्ष नितिनभाई पटेल, विधायक सर्व किरीटभाई पटेल, मुकेशभाई पटेल, सरदारभाई चौधरी, सुखाजी ठाकोर, राजेश चावड़ा, पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, मेहसाणा दूध सागर डेयरी के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी, मेहसाणा डिस्ट्रिक्ट बैंक के चेयरमैन विनोदभाई पटेल, वडनगर नगर पालिका अध्यक्ष, सेवा संकल्प अभियान गुजरात प्रदेश प्रभारी और पूर्व मंत्री ब्रिजेश मेरजा, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रशांतभाई कोराट, उपाध्यक्ष नटुजी ठाकोर, अग्रणी भरतभाई पंड्या, सीताबेन पटेल, गिरीशभाई राजगोर, मेहसाणा जिला प्रभारी भरतभाई डांगर सहित बाइकर्स, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

‘अगर दोबारा ड्रॉप भी हुआ तो…’, टीम इंडिया में वापसी के बाद ईशान किशन ने बताया अपना फोकस

भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन के लिए साल 2026 काफी खास रहा है। भारतीय टीम में वापसी के बाद से ही ईशान किशन बेहरतीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं। ईशान किशन को इस साल जनवरी में भारतीय टीम में वापसी की थी। साल 2023 के अंत में इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लेने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। उस समय ईशान साउथ अफ्रीका से लौटने के बाद अपनी घरेलू टीम झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेलने नहीं उतरे थे। इसके बाद ईशान को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में भी जगह नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम में फिर अपनी जगह बनाई। लगातार मेहनत के बाद ईशान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से टीम में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन से अपनी जगह मजबूत की।

‘मैंने धैर्य बनाए रखा’

ईशान किशन ने JioHotstar पर कहा, “जब मुझे इंटरनेशनल टीम से बाहर किया गया, तो मुझे अपनी कुछ गलतियों के नतीजों का एहसास हुआ। इसलिए, मैंने अपनी फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम किया। मैंने धैर्य रखा और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करता रहा, तो मुझे मौका जरूर मिलेगा और अपनी मेहनत के दम पर मुझे नेशनल टीम में वापस बुलाया गया। एक बार टीम में वापसी करने के बाद आप यह नहीं सोचते कि अगर दोबारा बाहर कर दिया गया तो क्या होगा।”

लगातार रन बनाना मेरा काम

उन्होंने आगे कहा, “सबसे जरूरी है कि क्रिकेट का आनंद लिया जाए और टीम की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने पर ध्यान दिया जाए। मेरा काम लगातार रन बनाना है और अगर मैं ऐसा करता रहा, तो बाकी चीजें अपने आप सही हो जाएंगी।” उन्होंने कहा, “एक बल्लेबाज के तौर पर, जब मैं अच्छी फॉर्म में नहीं होता और दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहा होता है और गेंद को अच्छे से हिट कर रहा होता है, जैसा कि इस मामले में श्रेयस अय्यर कर रहे थे, तो मुझे दूसरे बल्लेबाज को सपोर्ट करने में कोई दिक्कत नहीं होती।”

ईशान ने खेली शानदार पारी

मंगलवार को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मुकाबले में ईशान किशन ने शानदार पारी खेली। भारत को 172 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। इशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 137 रन की नाबाद साझेदारी की। इशान के मुताबिक, जब किसी बल्लेबाज का बल्ला अच्छी तरह चल रहा हो, तो दूसरे बल्लेबाज को उसके लिए अपनी भूमिका बदलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अय्यर ने ठोका शतक

ईशान ने कहा, “वह (अय्यर) हमारी साझेदारी में ज्यादातर रन बना रहे थे और जब वह शानदार बल्लेबाजी कर रहे हों, तो मेरा काम होता है कि उन्हें विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने का मौका दूं। उन्होंने यह काम बहुत अच्छी तरह किया और आखिर में हमने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर लिया।” श्रेयस अय्यर ने नाबाद शतक लगाकर टी20 इंटरनेशनल में अपनी पहली सेंचुरी पूरी की। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने का कारनामा किया है।