‘अगर दोबारा ड्रॉप भी हुआ तो…’, टीम इंडिया में वापसी के बाद ईशान किशन ने बताया अपना फोकस

भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन के लिए साल 2026 काफी खास रहा है। भारतीय टीम में वापसी के बाद से ही ईशान किशन बेहरतीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं। ईशान किशन को इस साल जनवरी में भारतीय टीम में वापसी की थी। साल 2023 के अंत में इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लेने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। उस समय ईशान साउथ अफ्रीका से लौटने के बाद अपनी घरेलू टीम झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेलने नहीं उतरे थे। इसके बाद ईशान को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में भी जगह नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम में फिर अपनी जगह बनाई। लगातार मेहनत के बाद ईशान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से टीम में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन से अपनी जगह मजबूत की।

‘मैंने धैर्य बनाए रखा’

ईशान किशन ने JioHotstar पर कहा, “जब मुझे इंटरनेशनल टीम से बाहर किया गया, तो मुझे अपनी कुछ गलतियों के नतीजों का एहसास हुआ। इसलिए, मैंने अपनी फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम किया। मैंने धैर्य रखा और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करता रहा, तो मुझे मौका जरूर मिलेगा और अपनी मेहनत के दम पर मुझे नेशनल टीम में वापस बुलाया गया। एक बार टीम में वापसी करने के बाद आप यह नहीं सोचते कि अगर दोबारा बाहर कर दिया गया तो क्या होगा।”

लगातार रन बनाना मेरा काम

उन्होंने आगे कहा, “सबसे जरूरी है कि क्रिकेट का आनंद लिया जाए और टीम की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने पर ध्यान दिया जाए। मेरा काम लगातार रन बनाना है और अगर मैं ऐसा करता रहा, तो बाकी चीजें अपने आप सही हो जाएंगी।” उन्होंने कहा, “एक बल्लेबाज के तौर पर, जब मैं अच्छी फॉर्म में नहीं होता और दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहा होता है और गेंद को अच्छे से हिट कर रहा होता है, जैसा कि इस मामले में श्रेयस अय्यर कर रहे थे, तो मुझे दूसरे बल्लेबाज को सपोर्ट करने में कोई दिक्कत नहीं होती।”

ईशान ने खेली शानदार पारी

मंगलवार को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मुकाबले में ईशान किशन ने शानदार पारी खेली। भारत को 172 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। इशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 137 रन की नाबाद साझेदारी की। इशान के मुताबिक, जब किसी बल्लेबाज का बल्ला अच्छी तरह चल रहा हो, तो दूसरे बल्लेबाज को उसके लिए अपनी भूमिका बदलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अय्यर ने ठोका शतक

ईशान ने कहा, “वह (अय्यर) हमारी साझेदारी में ज्यादातर रन बना रहे थे और जब वह शानदार बल्लेबाजी कर रहे हों, तो मेरा काम होता है कि उन्हें विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने का मौका दूं। उन्होंने यह काम बहुत अच्छी तरह किया और आखिर में हमने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर लिया।” श्रेयस अय्यर ने नाबाद शतक लगाकर टी20 इंटरनेशनल में अपनी पहली सेंचुरी पूरी की। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने का कारनामा किया है।

IND vs SL: लाइव शो में भिड़े संजय मांजरेकर-मुरली कार्तिक, एक-दूसरे की चेहरे पर जमकर किया कमेंट

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें श्रीलंका के गॉल स्टेडियम में एक-दूसरे के आमने सामने हैं। इस मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स का मौहाल काफी गर्म था। पहले टेस्ट के तीसरे दिन मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद थो, जो बाद में बहस बदल गया। सोशल मीडिया पर ये क्लिप काफी वायरल हो रहा है। लोगों ने इस बहस को क्रिकेट मैच के लिहाज से काफी गैर-जरूरी बताया।

लाइव शो में भिडे़ संजय-मुरली

संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान ब्रॉडकास्ट टीम का हिस्सा हैं और स्टूडियो व कमेंट्री बॉक्स से मैच को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। मैच के दौरान एक मौके पर दोनों के बीच क्रिकेट से जुड़ी चर्चा हो रही थी, लेकिन बात अचानक मांजरेकर के चेहरे के हाव-भाव पर पहुंच गई। इस दौरान बातचीत का विषय खेल से हटकर निजी अंदाज में बदल गया, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया। दोनों ने बात को ज्यादा गंभीर नहीं होने दिया और कुछ ही देर में माहौल नॉर्मल हो गया।

 

दोनों के बीच हुई बहस

मैच में ब्रेक के दौरान मुरली कार्तिक स्टूडियो में थे और मांजरेकर गॉल में बनाए गए स्टूडियो में थे। मुरली कार्तिक ने संजय से कहा, “एक छोटी सी रिक्वेस्ट है, और शायद ये रिक्वेस्ट आप सभी की तरफ से भी है। आपका मुंह इस सदी का सबसे अच्छा है, लेकिन आपके चेहरे के हाव-भाव की वजह से हमें समझ नहीं आ रहा कि आप क्या कह रहे हैं। इसलिए प्लीज अपने इन एक्सप्रेशन को थोड़ा कम करें।”

इस पर संजय मांजरेकर ने कहा, “यह तो बुरा है। क्या हम स्प्लिट स्क्रीन कर सकते हैं और कैमरा दूसरे आदमी की तरफ कर सकते हैं? क्योंकि वह बात करने में ज्यादा अच्छा है और उसका चेहरा भी ज्यादा अच्छा है।” संजय मांजरेकर ने आगे कहा, “मैं बस सोच रहा था, “शानदार, शानदार, शानदार”, मुरली कार्तिक की आवाज, खुद को आईने में देखते हुए।”

मुरली कार्तिक ने कहा, “मैं खुद को कभी नहीं देखता। वह आप हैं, सिर्फ आप। अगर कोई आपको जानता है, तो वह सिर्फ आप ही हैं—वे लोग जो आपके साथ खेले हैं और वे लोग जिन्होंने आपके साथ काम किया है।” संजय मांजरेकर, “क्योंकि आईने में देखने का एक वजह होती है। वैसे भी, मैं समझ सकता हूं कि आपके लिए यह ज्यादा मोटिवेटिंग नहीं है। हम दोनों यहां लाइन क्रॉस करने वाले हैं और सोशल मीडिया पर खूब मौज-मस्ती होगी।” सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

Saransh Jain: कौन है 33 साल के सारांश जैन? श्रीलंका के खिलाफ पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में हुए शामिल

बीसीसीआई ने अगले महीने श्रीलंका दौरे पर होने वाले 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं इस टीम में 33 साल के एक खिलाड़ी को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ चुनी गई टीम में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का उन्हें अब बड़ा इनाम मिला है। सारांश मध्य प्रदेश टीम के लिए अब तक 50 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं।

ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने वाले सारांश ने रेड बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत साबित की है। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टेस्ट टीम में मौका दिया है, जो उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।

वाशिंगटन की जगह हुए शामिल

सारांश जैन को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारतीय टेस्ट टीम में वाशिंगटन सुंदर की चोट के बाद मौका मिला है। इस दौरे पर भारत को दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इससे पहले भी सारांश इंडिया ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट झटके और नाबाद 70 रन की अहम पारी खेली। आईपीएल से दूर रहकर भी सारांश जैन ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। रणजी ट्रॉफी और अन्य रेड बॉल टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल के दम पर उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाई।

रणजी ट्रॉफी में किया बेहरतरीन प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के लिए खेलते हुए सारांश जैन ने ऑलराउंडर के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऑफ स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिसका इनाम उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में चयन के रूप में मिला। सारांश जैन ने रणजी ट्रॉफी में लगातार शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें इंडिया ए, दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन और ईरानी ट्रॉफी में रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिला। इन बड़े घरेलू टूर्नामेंटों में भी उन्होंने अपने खेल से प्रभावित किया, जिससे चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिल गई।

 

सारांश का प्रदर्शन

सारांश लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने साल 2014 में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। अब तक 54 प्रथम श्रेणी मैचों में वह 188 विकेट ले चुके हैं और बल्ले से 2,223 रन भी बना चुके हैं। उनके नाम दो शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 47 मैचों में 38 विकेट और 553 रन बनाए हैं, जबकि 20 टी20 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर अपनी उपयोगी गेंदबाजी का भी शानदार प्रदर्शन किया है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में सारांश जैन ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने सात मैचों में 518 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। वहीं, गेंदबाजी में 30 विकेट लेकर टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट के लिए भारत की टीम: शुभमन गिल [C], केएल राहुल [VC], यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत [WK], साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल [WK], रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन

IND vs ZIM: दूसरे मुकाबले में तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, रोहित-विराट के खास क्लब में बनाई जगह

IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले को टीम इंडिया ने 90 रन से जीता है। इस जीत के साथ भारतीय टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में 60 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं इस पारी के साथ तिलक ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। टी20 उपकप्तान तिलक वर्मा ने विदेशी सरजमीं पर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 1,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही तिलक ये मुकाम हासिल करने वाले भारत के सिर्फ आठवें बल्लेबाज बन गए। इस पारी के साथ तिलक विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ एक खास लिस्ट में शामिल हो गए

पूरे किए अपने एक हजार रन

तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में उन्हें विदेशी सरजमीं पर अपने 1,000 टी20I रन पूरे करने के लिए सिर्फ 4 रन की जरूरत थी। उन्होंने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय पारी के 11वें ओवर में कप्तान सिकंदर रजा की गेंद पर चौका लगाकर यह खास उपलब्धि हासिल कर ली।

प्लेयरमैचरन
रोहित शर्मा1012699
विराट कोहली792611
सूर्यकुमार यादव621742
सुरेश रैना561187
हार्दिक पंड्या731076
तिलक वर्मा37*1056*
शिखर धवन401053

रोहित-विराट की क्लब में हुए शामिल

विदेशी सरजमीं पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं। उन्होंने 101 मैचों में 2,699 रन बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली 79 मैचों में 2,611 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या और शिखर धवन भी विदेश में टी20I में 1,000 से अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने भी इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है।

‘टैलेंट में विराट के बराबर हैं राहुल, लेकिन…’ वसीम जाफर ने बताया दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर लंबे समय तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े रहे। टीम के मेंटर रहते हुए उन्होंने केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ काम किया। इस दौरान उन्हें इन खिलाड़ियों के खेल और उनकी बल्लेबाजी को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केएल राहुल के साथ काम करने का अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास बेहतरीन तकनीक और शानदार बल्लेबाजी क्षमता है। जाफर ने कहा केएल राहुल बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हैं।

क्या है दोनों के बीच फर्क

जाफर के अनुसार, राहुल अपनी क्षमता के हिसाब से अभी उतने रन नहीं बना पाए हैं, जितने उनसे उम्मीद की जाती है। जाफर ने कहा कि राहुल के पास विराट कोहली जैसी बल्लेबाजी करने की काबिलियत है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी सोच और बड़े मौके पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता का है।

राहुल को लेकर क्या कहा

जाफर ने कहा, “केएल राहुल बेहतरीन खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में शानदार क्रिकेट खेलते हैं। उनकी तकनीक मजबूत है और वह मैदान पर काफी शांत रहते हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह अभी तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वह भारत और अपनी आईपीएल टीम, दोनों के लिए इससे भी ज्यादा रन बना सकते हैं। मेरे हिसाब से टैलेंट और क्वालिटी के मामले में वह विराट कोहली के बराबर हैं, लेकिन विराट की मजबूत मानसिकता ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।”

इंग्लैंड सीरीज में राहुल का प्रदर्शन

केएल राहुल ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई। राहुल उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की है और हर फॉर्मेट में शतक भी लगाया है। फिलहाल केएल राहुल टेस्ट टीम में भारत के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहले और तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी की, लेकिन सिर्फ 1 और 12 रन ही बना सके।

रोहित शर्मा-विराट कोहली की पार्टनरशिप क्यों हैं खास? ‘हिटमैन’ ने खुद बताई इसकी वजह

टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा अब वनडे मैच में ही खेलते हैं। दोनों को साथ में मैदान पर खेलते हुए देखने के लिए फैंस काफी एक्साईटेड रहते हैं। वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक साथ खेलते हुए कई यादगार पारियां खेली है। दोनों ने अपने खेल से दुनिया भर में खास पहचान बनाई और टीम इंडिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हुए। वहीं हाल ही में दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मुकाबले में शानदार पारी खेली थी। वहीं हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी पार्टनरशिप को लेकर बयान दिया है।

लॉर्ड्स में की शतकीय साझेदारी

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से लगभग एक ही समय पर संन्यास लिया था। अब दोनों सिर्फ वनडे क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। उनकी नजर भारत के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतने पर है। वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसके बावजूद दोनों मैदान पर साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार तालमेल दिखा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में दोनों ने मिलकर 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की, जो वनडे में उनकी 21वीं शतकीय साझेदारी रही।

रोहित ने बताया अपना एक्सपीरिएंस

रोहित शर्मा ने BCCI से कहा, “मैं और विराट अपने पूरे करियर में साथ खेले हैं। इसलिए उनका क्रीज पर मेरे साथ होना हमेशा अच्छा लगता है। हमने कई बड़ी पार्टनरशिप की हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करने में काफी मजा आता है, क्योंकि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और लगातार अपने आइडिया शेयर करते रहते हैं।” इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। रोहित लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।

इंग्लैंड में खेलना पसंद

रोहित शर्मा ने कहा, “मुझे इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है। यहां का माहौल, मैदान और पिच हर बार अलग तरह की चुनौती देते हैं। चाहे कोई भी फॉर्मेट हो, यहां खेलते समय आपको खुद को हर बार साबित करना पड़ता है। एक क्रिकेटर के तौर पर आप ऐसी ही चुनौतियां चाहते हैं। मुझे मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए काफी मजा आया।”

गेंदबाजों की किया बचाव

मुकाबले में टीम के गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा। रोहित शर्मा ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि टीम में कई खिलाड़ी अभी वनडे क्रिकेट में नए हैं और उन्हें समय देने की जरूरत है। रोहित शर्मा ने कहा, “गेंदबाजी को लेकर यह समझना जरूरी है कि इन खिलाड़ियों ने अभी बहुत ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं। ऐसे में उन्हें समय देना होगा। हम इस मैच से सीख सकते हैं और अगली बार ऐसी स्थिति आने पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। सीरीज का नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि हम मैच को अपने नाम नहीं कर सके। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा।” भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से हार गई।

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

 

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

IND vs ZIM: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 और 3 वनडे सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड दौरे भारत के उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टी20 में व्हाइट वॉश के बाद वनडे में भी टीम 2-1 से सीरीज हार गई। वहीं इसके पहले आयरलैंड दौरे पर भी भारतीय टीम को 2-0 से करारी हार मिली थी। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से चैपिंयन टीम को टी20 में अपनी पहली जीत की तलाश है। वहीं श्रेयस अय्यर को भी अपनी कप्तानी में पहली जीत की तलाश है। अब भारतीय टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे कौ दौरा करेगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच इस सीरीज का पहला मैच 23 जुलाई, गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। वहीं दूसरा और तीसरा मुकाबला 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर होगा।

दोनों टीमों के बीच होगा कड़ा मुकाबला

इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि, भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को एकतरफा नहीं माना जाना चाहिए। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और मुकाबले उम्मीद से ज्यादा रोमांचक होंगे।

रजा ने क्या कहा

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, “इस सीरीज में भारत और जिम्बाब्वे, दोनों के पास जीत का बराबर मौका है। हमारी टीम पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा और मनोरंजक क्रिकेट खेल रही है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि यह सीरीज बेहद रोमांचक होगी और क्रिकेट फैंस को शानदार मुकाबले देखने को मिलेंगे।” रजा ने कहा, “हां, भारत इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है और कुछ ऐसा ही जिम्बाब्वे की टीम में भी देखने को मिलेगा। हम भी नई टीम तैयार कर रहे हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सीरीज एकतरफा होगी। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।”

टी20 वर्ल्ड में किया था बड़ा उलटफेर

सिकंदर रजा के मुताबिक, जिम्बाब्वे की टीम हाल के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के खिलाफ उतरेगी। इस साल टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके अलावा जिम्बाब्वे ने श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की है। रजा ने कहा कि भारत इस समय नई टीम तैयार कर रहा है, लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की मजबूत टीम बनाने पर काम कर रहा है।

लेकिन भारत के पास पिछली जिम्बाब्वे दौरे की अच्छी यादें हैं। साल 2024 में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने शुरुआती मैच हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। वहीं, इस बार दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

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IND vs ENG: ‘दो मैच हारने से टीम खराब नहीं हो जाती’ टी20 मुकाबले में लगातार हार के बाद टीम इंडिया की आलोचना पर भड़के कोच

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज में अबतक कुल 2 मुकाबले खेला जा चुके हैं। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया वहीं दूसरे मैच में भारत को 4 विकेट से मात मिली है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में भारतीय टीम इंग्लैंड से तीसरे मुकाबले में भिड़ेगी। वहीं इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से हार गई थी। इसके बाद भारतीय टीम की काफी आलोचना हो रही थी। वहीं इस पर अब भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने रिएक्शन दिया है।

भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा कि, कुछ हार के बाद टीम की आलोचना करना सही नहीं है, क्योंकि लोग 2024 से 2026 के बीच टीम के शानदार प्रदर्शन को भूल रहे हैं।

कोच ने क्या कहा

कोटक ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “देखिए, हमारा टारगेट बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में लगातार सुधार करना है। पिछले वर्ल्ड कप के बाद हम टीम को अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं, क्योंकि दूसरी टीमें भी लगातार बेहतर हो रही हैं। हम सिर्फ एक मैच को देखकर फैसले नहीं लेते। कई बार आप एक मैच जीतते हैं तो लोग तारीफ करते हैं, लेकिन अगले ही मैच में हार जाएं या दो कैच छूट जाएं तो वही लोग कहते हैं कि टीम की फील्डिंग खराब है।”

2 साल से लगातार जीत रहे सीरीज

कोच ने आगे कहा, “पिछले दो साल में हमने एक भी सीरीज नहीं गंवाई, वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप जीता और तब सभी ने हमारी तारीफ की। अब दो मैच हारने के बाद लोग कह रहे हैं कि टीम लगातार हार रही है। आखिर यह भी खेल का ही हिस्सा है। हमारी टीम में कई बदलाव हुए हैं। कप्तान बदला है, हार्दिक यहां नहीं हैं और हम अगले दो साल को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं। ऐसा होना आदर्श नहीं है, लेकिन ऐसी परिस्थितियां खेल का हिस्सा होती हैं। कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन हमें पता है कि अगर अगला वर्ल्ड कप जीतना है, तो हमें पिछले वर्ल्ड कप से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।” गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम को तेज और उछाल वाली पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करने में दिक्कत हुई है।

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