यूसुफ पठान को 500 वर्ग मीटर जमीन मुफ्त देगी गुजरात सरकार? 14 साल पुराने विवाद का होगा अंत

Yusuf Pathan Land Dispute: पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद पार्टी छोड़ने वाले सांसद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार से 900 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन मिलने वाली है। इसके साथ ही राज्य सरकार के साथ उनका 14 साल पुराना जमीन विवाद भी खत्म होने जा रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जमीन गुजरात के वडोदरा के तांदलजा इलाके में है। जो कि यूसुफ पठान के परिवार के घर के पास स्थित है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, 500 वर्ग मीटर जमीन उन्हें घर बनाने के लिए उपहार के तौर पर दी जाएगी। वहीं, बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन उसके तय मूल्य के 55 फीसदी भुगतान पर उन्हें दी जाएगी। बता दें कि यह जमीन वडोदरा नगर निगम (VMC) की है।

पठान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस से की थी। 2024 में, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट जीती। हालांकि, जून 2026 में, वह उन सांसदों में शामिल थे जिन्होंने TMC से अलग होकर ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ जॉइन कर ली।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पठान के राजनीतिक जुड़ावों पर फिर से चर्चा हो रही है, और साथ ही इसने राज्य के साथ ज़मीन से जुड़े विवाद के पुराने इतिहास को भी फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

यूसुफ पठान का जमीन विवाद क्या था?

पठान – जो उस समय एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर थे – ने सबसे पहले 2012 में VMC (वडोदरा नगर निगम) से संपर्क किया था। उन्होंने बिना किसी सार्वजनिक नीलामी के, 99 साल की लीज पर एक प्लॉट की मांग की। उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने के नाते अपनी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया और अपने पारिवारिक घर से सटी जमीन मांगी।

2014 में गुजरात सरकार के शहरी विकास विभाग ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

हालांकि, जून 2024 में यह विवाद फिर से सामने आया – जो कि TMC के साथ पठान के राजनीतिक करियर की शुरुआत के 2 महीने बाद की बात है। VMC ने पठान को एक नोटिस जारी किया, जिसमें उनसे उस जमीन से ‘अतिक्रमण’ हटाने के लिए कहा गया।

पठान ने गुजरात हाई कोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी। जून 2026 में, कोर्ट ने सवाल उठाया कि बिना किसी औपचारिक आवंटन या भुगतान के, जमीन पर कब्जं कैसे किया जा सकता है और वहाँ बाड़ कैसे लगाई जा सकती है। इसके बाद, यह कानूनी विवाद कोर्ट के बाहर सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ा।

इस प्लॉट की कीमत कितनी है?

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, 978 वर्ग मीटर के इस प्लॉट की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 20.5 करोड़ रुपये है, जो कि 2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के मूल्यांकन पर आधारित है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, पठान को 500 वर्ग मीटर जमीन उपहार के तौर पर मिलेगी, जबकि बाकी 478 वर्ग मीटर के लिए उन्हें रियायती दर पर भुगतान करना होगा। सरकार के प्रस्ताव में यह भी प्रावधान है कि राज्य का राजस्व विभाग VMC को इतनी ही कीमत की जमीन आवंटित करेगा।

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Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

खत्म हुआ 78 साल का इंतजार! रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने ठोके 400 रन, ब्रायन लारा और ब्रैडमैन के खास क्लब में हुए शामिल

खत्म हुआ 78 साल का इंतजार! रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने ठोके 400 रन, ब्रायन लारा और ब्रैडमैन के खास क्लब में हुए शामिल

भारतीय घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इतिहास रच दिया है। सुतार ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन बनाए। ये मुकाबला सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस पारी के साथ चिन्मय सुतार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ही पारी में 400 रन बनाने वाले भारत के दूसरे और दुनिया के 10वें खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत के लिए ये रिकॉर्ड करीब 78 साल पहले देखने को मिला था। सुतार से पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में पुणे में नाबाद 443 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब चिन्मय सुतार का नाम भी भारतीय क्रिकेट के इस खास रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

इस उपलब्धि के साथ चिन्मय सुतार दुनिया में फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले दसवें बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपनी इस शानदार पारी के दम पर ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गज क्रिकेटरों की सूची में जगह बना ली है।

मिजोरम की हुई खराब शुरुआत

मिजोरम की टीम की शुरुआत खराब रही और साहिल रेजा 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद लालहुरुआइजेला ने 31 रन और मनेंद्र सिंह ने 27 रन बनाकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाया, जबकि जोसेफ लालथनखुमा केवल 1 रन ही बना सके। शुरुआती विकेट गिरने के बाद चिन्मय सुतार ने मोर्चा संभाला और विकेटकीपर जेहू एंडरसन के साथ 168 रन की साझेदारी की। एंडरसन ने 151 गेंदों पर 69 रन बनाए। हालांकि, नागालैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए मिजोरम के निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी आउट कर दिया। अनिल गुप्ता ने तीन विकेट लिए, जबकि सौरव कुमार और नीजेखो ने दो-दो विकेट हासिल किए।

इससे मिजोरम का स्कोर 314 रन पर चार विकेट से बढ़कर 392 रन पर नौ विकेट तक पहुंचा। इसके बाद चिन्मय सुतार ने लालरेम्पुइया छकछुक के साथ मिलकर आखिरी विकेट के लिए नाबाद 189 रन जोड़े। छकछुक ने 76 गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाए। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत मिजोरम ने 154.1 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बना लिए। इसके बाद टीम ने अपनी पारी घोषित कर दी।

इस खास क्लब में हुए शामिल

मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने घरेलू क्रिकेट में नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया है। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में नाबाद 443 रन बनाए थे। करीब 78 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने इस खास क्लब में जगह बनाई। सुतार अब दुनिया के उन चुनिंदा 10 बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं।

इस सूची में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड ब्रायन लारा के नाम है, जिन्होंने वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे।

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3 करोड़ सैलरी भी है कम! पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया चीफ सेलेक्टर के लिए आवेदन? जानें वजह

अजीत अगरकर के जाने के बाद से बीसीसीआई नए चीफ सेलेक्टर की तलाश जारी है। वहीं ऐसी खबरे थी की पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अगर पटेल इस पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें बोर्ड का पूरा समर्थन मिल सकता है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद पार्थिव पटेल ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर को मिलने वाली सैलरी की वजह से पार्थिव ने आवेदन नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

इस वजह से पार्थिव ने नहीं दिया नाम

द टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्थिक कारणों के चलते मुख्य चयनकर्ता बनने का फैसला छोड़ दिया। BCCI इस पद के लिए उन्हें हर साल 3 करोड़ रुपये देने को तैयार था, लेकिन यह जिम्मेदारी स्वीकार करने पर उन्हें गुजरात टाइटंस में अपनी कोचिंग की नौकरी और कमेंट्री से होने वाली कमाई छोड़नी पड़ सकती थी। ऐसे में उन्हें इस पद को चुनने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल, साउथ जोन के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

वहीं, वेस्ट जोन से एक नए चयनकर्ता को भी टीम में शामिल किया जाना है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और रमेश पोवार के नामों की चर्चा हो रही है। दोनों को मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

अश्विन ने सैलरी को लेकर उठाए सवाल

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की सैलरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, BCCI में चयनकर्ता के पद पर मिलने वाली रकम इतनी नहीं है कि बड़े और अनुभवी क्रिकेटर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए आगे आएं। अश्विन ने कहा कि, ‘अगर सेलेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई जाती है, तो इस पद के लिए बड़े और अनुभवी क्रिकेटर आगे आ सकते हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे स्तर के चयनकर्ताओं को लाने के लिए इस पद को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना जरूरी है।”

हेड कोच जितनी मिले सैलरी

अश्विन ने आगे कहा, “चयनकर्ता बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर मीडिया में काम नहीं कर सकते, खिलाड़ियों पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकते और न ही कहीं कोचिंग दे सकते हैं, क्योंकि इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें पूरे साल घरेलू क्रिकेट और IPL पर नजर रखनी पड़ती है। अश्विन का मानना है कि अगर मुख्य चयनकर्ता को भारतीय टीम के मुख्य कोच के बराबर वेतन मिले, तो इस पद के लिए बेहतर अनुभव और योग्यता वाले लोग सामने आएंगे।” उन्होंने यह पूछकर अपनी बात खत्म की कि क्या बोर्ड पहले उन पेडिग्री वाले सिलेक्टर्स को चाहता था।

अगले महीने शुरु होगा क्रिकेट का चौथा फॉर्मेट, क्या है यह टेस्ट ट्वेंटी?

क्रिकेट के इतिहास में ‘टेस्ट ट्वेंटी’ के 80 ओवर के प्रारूप पर आधारित दुनिया का पहला मिश्रित युगल (लड़के-लड़कियों का मिला-जुला) क्रिकेट टूर्नामेंट 14 नवंबर को कोलंबो के SSC में शुरू होगा। इसमें 160 लड़के और लड़कियां हिस्सा लेंगे, जिनका स्कोरबोर्ड एक ही होगा। इस टूर्नामेंट में पहली बार, एक टॉस से दो चीजें तय होंगी। कौन सी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, और पहले लड़कियां खेलेंगी या लड़के।

लड़कियां लड़कियों के खिलाफ खेलेंगी, और लड़के लड़कों के खिलाफ। जो भी सुबह बल्लेबाजी करेगा, उसके रन रात तक जुड़ते जाएंगे, और अंत में दोनों का कुल स्कोर ही जीत तय करेगा। लड़कियों के रन लड़कों के मैच का नतीजा तय करेंगे, और लड़कों के रन लड़कियों के मैच का। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।

पिछले लगभग 150 सालों में क्रिकेट के तीन प्रारूप रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट, वनडे और टी-20 अब 14 नवंबर को चौथा प्रारूप सामने आएगा। ‘टेस्ट ट्वेंटी’ का पहला सीजन श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब एसएससी में 14 से 29 नवंबर तक खेला जाएगा, जिसमें 30 नवंबर को ‘रिजर्व डे’ (अतिरिक्त दिन) के तौर पर रखा गया है। दुनिया भर से चुने गए 13 से 21 साल के 160 युवा क्रिकेटर 4 महाद्वीपीय टीमों में बंटकर कोलंबो पहुंचेंगे। यह पहला ऐसा टूर्नामेंट होगा, जिसमें एक ही टीम के लिए लड़कियों की 11 सदस्यीय टीम और लड़कों की 11 सदस्यीय टीम खेलेंगी, और उनके रन जुड़कर एक साझा परिणाम बनाएंगे।

श्रीलंका ने पिछले 100 सालों में युवा क्रिकेट की एक ऐसी संस्कृति विकसित की है, जिसका कोई और देश मुकाबला नहीं कर सकता। नवंबर से, यह देश दुनिया के इस नए युवा क्रिकेट फॉर्मेट का जन्मस्थान बन जाएगा। 80 ओवर। 2 गेंदें। कुछ भी रीसेट नहीं होता।

एक ही मैच में लाल और सफेद दोनों गेंदों का इस्तेमाल

‘टेस्ट ट्वेंटी का हर मैच एक ही दिन में खेला जाता है। दोनों टीमें दो-दो बार बल्लेबाजी करती हैं। पहले 40 ओवर सफेद कपड़ों में, लाल गेंद से और दिन के उजाले में खेले जाते हैं। बाकी 40 ओवर रंगीन कपड़ों में, सफेद गेंद से और एसएससी की फ्लडलाइट्स के नीचे खेले जाते हैं। यह पहली बार है जब एक ही मैच में लाल और सफेद दोनों गेंदों का इस्तेमाल होगा। पहले हाफ के स्कोर दूसरे हाफ में जुड़ जाते हैं। दिन में बनाए गए रन रात में भी मायने रखते हैं। रात होने तक एक नतीजा सामने आ जाता है।

20 लड़कियां और 20 लड़के

हर महाद्वीपीय टीम में 40 खिलाड़ियों का स्क्वॉड होता है। 20 लड़कियां और 20 लड़के। हर मैच में लड़कियां लड़कियों के खिलाफ और लड़के लड़कों के खिलाफ खेलते हैं। फिर उनके स्कोर एक ही स्कोरबोर्ड पर जुड़ जाते हैं, और कुल स्कोर के आधार पर ही जीत तय होती है।

इससे डगआउट का माहौल भी बदल जाता है। लड़कियां और लड़के पूरे दिन एक साथ, एक ही टीम के बैनर तले बैठते हैं और दूसरी टीम की हर गेंद को देखते हैं, क्योंकि उनके द्वारा बनाया गया हर रन उनकी अपनी टीम के लिए जरूरी होता है।

क्रिकेट के लगभग 150 साल के इतिहास में, लड़कियों के रन कभी लड़कों के मैच में नहीं गिने गए। लेकिन 14 नवंबर से कोलंबो में, वे ही तय करेंगी कि जीत किसकी होगी। हज़ारों से 160 तक एक भी गेंद फेंके जाने से पहले, 5 महाद्वीपों के हज़ारों युवा क्रिकेटरों ने अपना नाम आगे बढ़ाया। पिछले 300 दिनों में, मैदान पर और ऑनलाइन हुए ट्रायल के ज़रिए इनमें से बेहतरीन खिलाड़ियों को चुना गया।

इनमें से, ग्लोबल सिलेक्शन कमिटी ने सबसे अच्छे खिलाड़ियों का चयन किया है। इस कमिटी के अध्यक्ष भारत के जाने-माने कोच राजकुमार शर्मा हैं – वही व्यक्ति जिन्होंने विराट कोहली को बचपन में खोजा था और उन्हें एक चैंपियन के रूप में तैयार किया था। इस महीने के आखिर में, ‘प्लेयर्स ड्राफ्ट’ के ज़रिए अंतिम 160 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा होगी। 80 लड़कियाँ और 80 लड़के। यह ‘टेस्ट ट्वेंटी’ का पहला बैच होगा।

‘रील के चक्कर में ठुक जाओगे’, वैभव सूर्यवंशी की पैपराजी को मजेदार अंदाज में वार्निंग, वीडियो वायरल

Vaibhav Sooryavanshi Viral Video: भारतीय क्रिकेटरों की देश में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, लेकिन इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह नाम है वैभव सूर्यवंशी का। भले ही वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। भारत ही नहीं, दूसरे देशों में भी उनके चाहने वाले हैं। यही वजह है कि पैपराजी भी 15 साल के इस युवा बल्लेबाज की तस्वीरें खींचने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं।

गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंची। प्रधानमंत्री को राजधानी के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं से मुलाकात करनी थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम ने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

“रील के चक्कर में ठुक जाओगे”: सूर्यवंशी का पैपराजी को मजाकिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली पहुंचने पर, कई कैमरामैन ने सूर्यवंशी को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की, जो कि कोई हैरानी की बात नहीं थी। लेकिन, पैपराजी के प्रति उनकी एक मजेदार टिप्पणी किसी ने नहीं सोची थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, सूर्यवंशी मजाकिया अंदाज में उन्हें सावधान रहने और अपने आस-पास का ध्यान रखने की सलाह देते नजर आते हैं। उन्होंने पैपराजी से कहा, “रील के चक्कर में ठुक जाओगे।” यहां वह वीडियो क्लिप है:

बता दें कि IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके साथ ही, वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए और इस मामले में महान सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, टीम के साथ लगातार यात्रा करने के बावजूद, मैनेजमेंट ने उन्हें बहुत कम मौकों पर ही खेलने का मौका दिया है। इस बात को लेकर कई विशेषज्ञों ने आलोचना भी की है।

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तिलक का आउट होना मैच का ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा: सैमसन

भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन का मानना है कि चौथे टी-20 मैच में वेस्टइंडीज खिलाफ तिलक वर्मा का आउट होना मैच का टर्निंग पॉइंट था।

नयी तैयार की गई पिच पर 248 रनों का पीछा करते हुए, भारत 12वें ओवर तक 130 रनों पर 5 विकेट गंवा चुका था, लेकिन तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इन दोनों ने मिलकर स्थिति ऐसी ला दी थी कि 19 गेंदों पर 48 रनों की जरूरत थी, तभी रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर दिया।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रनों से हराने के बाद संजू सैमसन ने कहा मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे थे और प्रति ओवर 10-12 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव वाली स्थिति में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे लगता है कि उस पल तक हम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में थे। पांच विकेट गिरने के बाद इस तरह का कंट्रोल होना वाकई बहुत बड़ी बात है – दो युवा क्रिकेटरों ने दबाव को संभाला और वेस्टइंडीज की गेंदबाजी लाइन-अप का डटकर सामना किया। इससे पहले, सैमसन ने खुद 23 गेंदों में 56 रन बनाकर टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया था।

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उन्होंने कहा जब आप हारने वाली टीम की तरफ होते हैं, तो आप जो कुछ भी करते हैं उसका अहसास बिल्कुल अलग होता है, इसलिए इस समय मैं काफी निराश हूँ। मैं निश्चित रूप से जीतना चाहता था। मुझे बल्लेबाजी करने में बहुत मज़ा आया। जब आप इस तरह के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो कोई दूसरा विचार नहीं आता – आपको बस अपनी सूझबूझ और अपनी ताकत पर भरोसा करना होता है, और मैंने बिल्कुल वैसा ही किया। इसलिए मुझे अपनी पारी में मज़ा तो आया, लेकिन काश हम जीत जाते।

जब उनसे पूछा गया कि क्या गेंदबाजी में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी खल रही है, तो सैमसन ने कहा जसप्रीत बुमराह का कोई विकल्प नहीं है। वे अपनी पीढ़ी के एक असाधारण गेंदबाज हैं, और हम बहुत भाग्यशाली हैं कि वे हमारी टीम में हैं। लेकिन हमारे पास कुछ बहुत अच्छी युवा प्रतिभा भी हैं। अर्शदीप सिंह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, और पिछले कुछ मैचों में प्रिंस यादव ने जिस तरह से गेंदबाजी की है, वह भी काफी प्रभावशाली है। मुझे लगता है कि हमारे पास वाकई बहुत अच्छा टैलेंट है। हम उन्हें जितना ज़्यादा खिलाएंगे और उन पर जितना ज़्यादा भरोसा दिखाएंगे, वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे।

सीरीज का फैसला करने वाले पांचवें टी-20 मैच से पहले भारत के सामने एक और समस्या आ खड़ी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में, शमार जोसेफ की एक शॉर्ट गेंद अर्शदीप के बाएं कंधे पर लग गई। वे काफी दर्द में दिख रहे थे, लेकिन फिर भी एक और गेंद का सामना करने के बाद वे ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर चले गए। सैमसन ने बताया अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे। सीरीज काआखिरी टी-20 मैच शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाएगा।

Pic Credit : UNI

IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स के सहायक और बल्लेबाज कोच बने युवराज सिंह

युवराज सिंह को IPL 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। हाल के सालों में, युवराज ने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे कई भारतीय क्रिकेटरों को मेंटर किया है, हालांकि दिल्ली कैपिटल्स में यह नियुक्ति उनका पहला फ़ॉर्मल कोचिंग असाइनमेंट होगा।

भारत के पूर्व ऑलराउंडर दिल्ली फ्रेंचाइज़ी के साथ फिर से जुड़ेंगे; उन्होंने 2015 सीज़न में इस टीम का प्रतिनिधित्व किया था, जब नीलामी में उन्हें 16 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और वे उस समय आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। इस नियुक्ति से वे अपने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ भी फिर से जुड़ेंगे, जिन्हें हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स का हेड कोच बनाया गया है।

एक ऐसी टीम के लिए जो अभी भी अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में है, युवराज बहुत सारा अनुभव लेकर आ रहे हैं। उन्होंने भारत की 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। युवराज ने 132 आईपीएल मैच भी खेले, जिनमें उन्होंने 2750 रन बनाए और 36 विकेट लिए। उनका इंटरनेशनल करियर भी शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 17 सालों में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी 20 मैच खेले।

फ्रेंचाइज़ी के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने कहा, “हम दिल्ली कैपिटल्स परिवार में युवी का स्वागत करते हुए बहुत उत्साहित हैं। युवी भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन मैच-विनर्स में से एक हैं और उन्होंने आज भारतीय क्रिकेट के कई होनहार युवा टैलेंट को गाइड करने में अहम भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, जीतने का जज़्बा और खिलाड़ियों के साथ घुलने-मिलने की काबिलियत हमारी टीम के लिए बहुत कीमती साबित होगी।”

वहीं, युवराज ने इस फ्रेंचाइज़ी के साथ एक नया सफ़र शुरू करने को लेकर उत्साह ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा, “इस फ्रेंचाइज़ी के साथ मेरा पुराना नाता है और मैं मालिकों को अच्छी तरह जानता हूँ, इसलिए यह मेरे लिए एक खास मौका है। मैं ‘दादा’ के साथ मिलकर काम करने का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, इस बार कोच के तौर पर।” “कोचिंग मेरा जुनून है और मैं इस बेहद टैलेंटेड टीम के साथ काम शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हूँ।”

पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल के रिश्ते में लौटी मिठास, सगाई टूटने के बाद फिर हुए एक

क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल फिर से साथ आ गए हैं। कुछ हफ्ते पहले दोनों ने सगाई तोड़ने की बात कही थी। अब आकृति ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों ने आपस में बात की और अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है।

आकृति ने इंस्टाग्राम पर बताया कि लोगों की बातों में आकर उन्होंने सगाई तोड़ने का फैसला लिया था। वह मानती है कि वह गुमराह हो गई थीं और पृथ्वी से खुलकर बात नहीं की थी।

बाद में दोनों ने खुलकर बात की और एक-दूसरे को समझा। इसके बाद उन्होंने फिर से साथ आने का फैसला किया। वही पृथ्वी शॉ ने इस बारे में अभी कोई बात नहीं की है।

मार्च में सगाई, फिर क्यों हुए अलग?

पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने मार्च 2026 में सगाई की थी। सितंबर में आकृति ने अलग होने की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने बताया था कि भविष्य को लेकर दोनों की सोच अलग थी और सगाई तोड़ने का फैसला आपसी सहमति से लिया गया था।

सगाई टूटने की घोषणा से पहले भी दोनों के रिश्ते को लेकर बातें हो रही थीं। जुलाई में आकृति ने सोशल मीडिया पर धोखा मिलने से जुड़ी कुछ पोस्ट साझा की थीं। इसके बाद लोगों ने अंदाजा लगाया कि उनका इशारा पृथ्वी शॉ की ओर है।

अब आकृति के नए बयान से पता चला है कि दोनों ने पुरानी बातों को पीछे छोड़कर अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है।

आकृति ने बताई रिश्ते की पूरी बात:

• उन्होंने माना कि करीबी लोगों की बातों का उनके फैसले पर असर पड़ा था।

• उन्होंने सगाई तोड़ने से हुए दुख की जिम्मेदारी ली।

• पृथ्वी से खुलकर बातचीत करने के बाद दोनों फिर साथ आए।

• अब वे अपने रिश्ते से जुड़े फैसले खुद लेना चाहते हैं।