खत्म हुआ 78 साल का इंतजार! रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने ठोके 400 रन, ब्रायन लारा और ब्रैडमैन के खास क्लब में हुए शामिल

भारतीय घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इतिहास रच दिया है। सुतार ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन बनाए। ये मुकाबला सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस पारी के साथ चिन्मय सुतार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ही पारी में 400 रन बनाने वाले भारत के दूसरे और दुनिया के 10वें खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत के लिए ये रिकॉर्ड करीब 78 साल पहले देखने को मिला था। सुतार से पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में पुणे में नाबाद 443 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब चिन्मय सुतार का नाम भी भारतीय क्रिकेट के इस खास रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

इस उपलब्धि के साथ चिन्मय सुतार दुनिया में फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले दसवें बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपनी इस शानदार पारी के दम पर ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गज क्रिकेटरों की सूची में जगह बना ली है।

मिजोरम की हुई खराब शुरुआत

मिजोरम की टीम की शुरुआत खराब रही और साहिल रेजा 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद लालहुरुआइजेला ने 31 रन और मनेंद्र सिंह ने 27 रन बनाकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाया, जबकि जोसेफ लालथनखुमा केवल 1 रन ही बना सके। शुरुआती विकेट गिरने के बाद चिन्मय सुतार ने मोर्चा संभाला और विकेटकीपर जेहू एंडरसन के साथ 168 रन की साझेदारी की। एंडरसन ने 151 गेंदों पर 69 रन बनाए। हालांकि, नागालैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए मिजोरम के निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी आउट कर दिया। अनिल गुप्ता ने तीन विकेट लिए, जबकि सौरव कुमार और नीजेखो ने दो-दो विकेट हासिल किए।

इससे मिजोरम का स्कोर 314 रन पर चार विकेट से बढ़कर 392 रन पर नौ विकेट तक पहुंचा। इसके बाद चिन्मय सुतार ने लालरेम्पुइया छकछुक के साथ मिलकर आखिरी विकेट के लिए नाबाद 189 रन जोड़े। छकछुक ने 76 गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाए। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत मिजोरम ने 154.1 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बना लिए। इसके बाद टीम ने अपनी पारी घोषित कर दी।

इस खास क्लब में हुए शामिल

मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने घरेलू क्रिकेट में नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया है। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में नाबाद 443 रन बनाए थे। करीब 78 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने इस खास क्लब में जगह बनाई। सुतार अब दुनिया के उन चुनिंदा 10 बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं।

इस सूची में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड ब्रायन लारा के नाम है, जिन्होंने वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे।

सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को बताया जीत का नया फार्मूला!

भारत आते हैं, रिकॉर्ड बनाते हैं और सचिन को पीछे छोड़ देते हैं कोहली! तिरुवनंतपुरम में फिर मचा गदर, जानें 10 धांसू रिकॉर्ड [VIDEO]

भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि रिकॉर्ड्स की पूरी लिस्ट ही बदल गई। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में कोहली ने महज 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। कोहली की इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज से मिले 296 रन के लक्ष्य को सिर्फ 41.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में बढ़त भी बना ली।

 

यह शतक कोहली के वनडे करियर का 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट का 86वां शतक रहा। खास बात यह रही कि कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाने का कारनामा किया।

 15 हजार ODI रन: सचिन को पीछे छोड़ कोहली बने सबसे तेज

 

तिरुवनंतपुरम में सेंचुरी पूरी करते ही विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। वह सबसे कम पारियों में 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए।

 

कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 303 पारियों में हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर को 15 हजार ODI रन तक पहुंचने के लिए 377 पारियां लगी थीं। कोहली ने 15 हजार रन पूरे करने के लिए 15,950 गेंदों का सामना किया, जबकि सचिन ने 17,528 गेंदें खेली थीं।

 

वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में फिलहाल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ही शामिल हैं। सचिन ने 463 मैचों में 18,426 रन बनाए, जबकि कोहली 315 वनडे में 15,080 रन तक पहुंच गए हैं।

 

एक टीम के खिलाफ 10 शतक, घर में सचिन की बराबरी

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाते ही कोहली ने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज दूसरी टीम बन गई है, जिसके खिलाफ उन्होंने वनडे में 10 शतक लगाए हैं।

 

किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक लगाने के मामले में कोहली पहले ही सबसे आगे हैं।

 

किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक:

 

  • विराट कोहली बनाम श्रीलंका – 10
  • विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज – 10
  • सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया – 8
  • सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका – 8

कोहली ने घरेलू मैदान पर इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपना 42वां शतक पूरा किया। इसके साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर के घर में 42 इंटरनेशनल सेंचुरी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। सचिन ने यह आंकड़ा 313 पारियों में हासिल किया था, जबकि कोहली ने 260 पारियों में 42 शतक पूरे किए।

 

 पारी में 9 छक्के, ODI में सबसे तेज शतकों में भी जगह

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह वनडे क्रिकेट में गेंदों के लिहाज से उनका तीसरा सबसे तेज शतक है।

 

कोहली के सबसे तेज ODI शतक:

  • 52 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, जयपुर, 2013
  • 61 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, नागपुर, 2013
  • 74 गेंद – वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम, 2026
  • 76 गेंद – श्रीलंका, होबार्ट, 2012
  • 76 गेंद – श्रीलंका, कोलंबो, 2017
  • 80 गेंद – श्रीलंका, गुवाहाटी, 2023

 

इतना ही नहीं, कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाए। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8 छक्कों का था, जो उन्होंने 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ लगाया था।

 

 लिस्ट-A में सचिन की बराबरी, घर में 7000 ODI रन का रिकॉर्ड

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के साथ कोहली ने लिस्ट-A क्रिकेट में भी अपना 60वां शतक पूरा कर लिया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली है।

 

लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक:

 

  • 60 – सचिन तेंदुलकर / विराट कोहली
  • 44 – ग्राहम गूच
  • 40 – ग्रीम हिक
  • 39 – कुमार संगकारा

 

कोहली ने भारतीय जमीन पर वनडे क्रिकेट में भी नया रिकॉर्ड बनाया। वह एक देश में 7000 ODI रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। भारत में उनके वनडे रनों की संख्या अब 7006 हो गई है।

 

सचिन तेंदुलकर ने भारत में 164 वनडे मैचों में 6976 रन बनाए थे। इस तरह कोहली ने घरेलू मैदान पर सबसे ज्यादा ODI रन के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ दिया।

 

रन चेज में धोनी और सचिन के करीब पहुंचे कोहली

 

विराट कोहली का नाम रन चेज में जीत से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले के बाद वह ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए।

 

कोहली अब 112 ऐसी वनडे जीत का हिस्सा रहे हैं, जिनमें भारत ने लक्ष्य का सफल पीछा किया। उन्होंने रिकी पोंटिंग के 111 के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

 

ODI रन चेज में सबसे ज्यादा जीत का हिस्सा:

 

  •  सचिन तेंदुलकर – 127
  • एमएस धोनी – 116
  • विराट कोहली – 112
  • रिकी पोंटिंग – 111
  •  जैक्स कैलिस / रोहित शर्मा – 110

 

इस मुकाबले में कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ की भी जमकर खबर ली। उन्होंने जोसेफ के खिलाफ 53 रन बनाए, जो किसी एक ODI मैच में एक गेंदबाज के खिलाफ उनके दूसरे सबसे ज्यादा रन हैं।

 

 कोहली के बल्ले से निकले 10 बड़े रिकॉर्ड

 

तिरुवनंतपुरम वनडे में विराट कोहली ने एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी 139 रन की पारी के बाद रिकॉर्ड बुक में ये बड़े बदलाव हुए:

 

1. 303 पारियों में 15,000 ODI रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज।
2. भारत में 7006 ODI रन के साथ एक देश में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
3. दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 ODI शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज।
4. ODI रन चेज में 30 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
5. लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर की बराबरी।
6. घरेलू मैदान पर 42 इंटरनेशनल शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी।
7. वेस्टइंडीज के खिलाफ 13 इंटरनेशनल शतकों के साथ सुनील गावस्कर की बराबरी।
8. मौजूदा दशक में 12 ODI शतकों के साथ सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बने।
9. ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में 112 के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे।
10. वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज।

 

 

तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली की यह पारी सिर्फ एक और सेंचुरी नहीं रही। 139 रन की इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने अपनी रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जोड़ दिए। अब नजरें वनडे सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां कोहली के पास इन आंकड़ों को और आगे ले जाने का मौका होगा।

 

Imran Khan: मोहसिन नकवी पर अब इमरान खान के बेटों ने कर दिया बड़ा खुलासा, इंटरव्यू विवाद में आया नया मोड़

इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने मोहसिन नकवी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के रवैये पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इमरान पर दिए गए एक इंटरव्यू को लेकर इंग्लैंड दौरा छोड़ने की धमकी देना PCB का गलत कदम था। बताया जा रहा कि PCB स्काई स्पोर्ट्स के लिए माइकल एथरटन द्वारा सुलेमान और कासिम के साथ किए गए इमरान खान से जुड़े इंटरव्यू से नाराज था। ये इंटरव्यू दूसरे टेस्ट के दौरान एयर हुआ था।

बता दें हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। करीब तीन साल से जेल में बंद इमरान की मेडिकल जांच को लेकर उनके बेटे और कई पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने सवाल उठाए हैं।

दौरा रद्द करने की दी थी धमकी

इमरान खान से जुड़ा इंटरव्यू शुरुआत में थोड़ी देर से एयर (प्रसारित) हुआ, लेकिन इसे रद्द नहीं किया गया। इसके बाद पाकिस्तान की टीम ने मैच में हिस्सा लिया।इसके बाद पाकिस्तान और इंग्लैंड की कई रिपोर्ट्स में PCB की ओर से दौरा छोड़ने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उस समय के कोच सरफराज अहमद और कप्तान बाबर आजम ने ऐसी किसी धमकी या संभावित बहिष्कार की जानकारी होने से इनकार किया था।

इतने बेवकूफ होंगे नकवी

कासिम ने द टेलीग्राफ से कहा, “उन्होंने पूरी तरह बेवकूफी की।” सुलेमान ने कहा, “मुझे किसी तरह के जवाब की उम्मीद थी।लेकिन मुझे नहीं लगा था कि वे इतने बेवकूफ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे। PCB को ये तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि इंग्लैंड में 22 साल से रह रहे किसी पुराने पाकिस्तानी खिलाड़ी का इंटरव्यू लिया जाए या नहीं। यह मामला राजनीति से जुड़ा नहीं था, बल्कि इंसानी हालात और उनकी सेहत से जुड़ा था।”

इमरान की सेहत को लेकर हैं चितिंत

इमरान खान करीब तीन साल से जेल में हैं और उनके बेटे लगातार उनकी सेहत को लेकर चिंता जाहिर करते रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और इमरान खान के बीच राजनीतिक मतभेद भी हैं। इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान को बेहतर इलाज और जरूरी मेडिकल सुविधाएं देने की अपील की है।

कब उठी थी मांग

21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने ये अपील तक किया जब कोर्ट के आदेश पर इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए कुछ समय के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। जांच के बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाए गए मेडिकल बोर्ड को खान की जांच की पूरी आजादी दी जाए और उनके निजी डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किया जाए। यह मांग खास तौर पर उन खबरों के बाद उठी है, जिनमें इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी जाने की बात कही गई है।

‘नो बॉल के फाइन से सभी खिलाड़ी डिनर करें…’ टेस्ट में नो बॉल डालने वाले गेंदबाज को लेकर गावस्कर ने दिया अनोखा उपाय

 IND vs SL: भारत-श्रीलंका के बीच हुए टेस्ट सीरीज में गेंदबाजों के बार-बार नो-बॉल करने का मुद्दा चर्चा में रहा है। मैच के दौरान भारत की ओर से कुल 13 नो-बॉल डाली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने रेड-बॉल क्रिकेट में नो-बॉल को लेकर अपनी राय रखी है। पूर्व क्रिकेटर ने गेंदबाजों को नो-बॉल डालने से रोकने के लिए अनोखा फॉर्मूला दिया है। उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट में नो-बॉल करने वाले गेंदबाजों पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए। इसी के साथ अगली गलती पर इसे दोगुना कर और गेंदबाजी कोच को भी आधा जुर्माना देने का सुझाव दिया।

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों की नो-बॉल चर्चा का विषय बन गई। मैच में भारत ने कुल 13 नो-बॉल फेंकीं। इनमें स्पिनर सारांश जैन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर कई बार पैर क्रीज से आगे निकल गया। जडेजा पहले भी नो-बॉल कर चुके हैं। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने चार नो-बॉल फेंकी थीं।

गेंदबाजों पर लगे जुर्माना

दूसरे टेस्ट में बार-बार नो बॉल की समस्या सामने आने के बाद साईराज बहुतुले ने सुझाव दिया कि रेड-बॉल क्रिकेट में नो-बॉल पर बल्लेबाज को फ्री हिट मिलनी चाहिए। गावस्कर ने ‘मिड-डे’ के लिए लिखे अपने कॉलम में कहा कि भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच ने मजाक में सुझाव दिया था कि नो-बॉल के बाद फ्री हिट देने से गेंदबाजों की इस गलती को कम किया जा सकता है। गावस्कर ने आगे कहा कि, “एक ओवर में दो बाउंसर की सीमा और बाउंड्री के कारण बल्लेबाजों के लिए रन बनाना पहले ही थोड़ा आसान हो गया है। ऐसे में नो-बॉल पर फ्री हिट देने के बजाय गलती करने वाले गेंदबाज पर दोगुना जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, जुर्माने की आधी रकम गेंदबाजी कोच से भी ली जा सकती है।”

गेंदबाजी पर रख सकते हैं नियंत्रण

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर का कहा कि, “आज के समय में गेंदबाजों के लिए नो-बॉल जैसी गलती करना सही नहीं माना जा सकता। अब खिलाड़ियों के पास बेहतर तकनीक और आधुनिक उपकरण मौजूद हैं, जिससे गेंदबाज अपनी गेंदबाजी पर ज्यादा नियंत्रण रख सकते हैं। वहीं, व्हाइट-बॉल क्रिकेट में नो-बॉल करने पर गेंदबाजों को पहले से ही अतिरिक्त सजा मिलती है और अगली गेंद बल्लेबाज को फ्री हिट के रूप में मिलती है।”

इन चीजों पर भी लगे जुर्माना

गावस्कर ने सुझाव दिया कि, ‘फाइन के पैसों का इस्तेमाल खिलाड़ियों के अलग होने से पहले होने वाले टीम डिनर में किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि, ‘नो-बॉल के अलावा भी खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जैसे थ्रो के समय पीछे न हटना या मैदान पर कोई और गलती करना। इन मामलों में पूरी टीम मिलकर तय कर सकती है कि खिलाड़ी पर फाइन लगाया जाए या नहीं।’ गावस्कर ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि इससे क्रिकेट के खेल पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कुछ ही चीजें ऐसी हैं, जो पूरी तरह खिलाड़ियों के नियंत्रण में होती हैं। इनमें बल्लेबाज का अपना गार्ड लेना और गेंदबाज का नो-बॉल न करना शामिल है।

इमरान के लिए 21 पूर्व क्रिकेट कप्तानों की चिट्ठी:पाकिस्तान सरकार को लिखा- उन्हें सही इलाज दिया जाए; गावस्कर-कपिल के भी दस्तखत

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सही इलाज दिलाने के लिए दुनियाभर के क्रिकेटर आगे आए हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार को पत्र लिखकर वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी है। 23 अगस्त को लिखे गए लेटर में मांग की गई कि इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इमरान की मेडिकल जांच की जाए। लेटर लिखने वालों में भारत के 3, ऑस्ट्रेलिया के 8, इंग्लैंड के 6, वेस्टइंडीज-श्रीलंका के 1-1 और न्यूजीलैंड के 2 पूर्व कप्तान शामिल हैं। क्रिकेटर्स ने ईमेल से लेटर भेजा पूर्व कप्तानों का छह महीने बाद दूसरा लेटर इस पत्र में कहा गया है- ‘छह महीने पहले 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने आपको और पाकिस्तान सरकार को इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और सही मेडिकल इलाज की अपील की थी। हमने तब राजनेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्व साथियों के तौर पर लिखा था। उन्होंने कहा- क्रिकेट मैदान पर बना यह रिश्ता उन सीमाओं और मतभेदों से ऊपर है, जो अक्सर देशों को बांटते हैं। अब हम फिर लिख रहे हैं और इस बार 7 अन्य पूर्व कप्तान भी हमारे साथ हैं। 6 देशों के 21 पूर्व कप्तान, इनमें पाकिस्तान-बांग्लादेश का एक भी नहीं निजी डॉक्टरों को जांंच में शामिल करने को कहा पूर्व कप्तानों ने लिखा- सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में उनके पर्सनल डॉक्टरों और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल करने और परिवार से हर हफ्ते मुलाकात का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के विपरीत राज्य द्वारा नियुक्त टीम ने महज कुछ ही घंटे में उन्हें फिट बताकर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अदियाला जेल वापस भेज दिया।’ इमरान के परिवार और कानूनी टीम ने इसे अदालत के निर्देशों का सीधा उल्लंघन बताया है। वहीं, मामले पर नजर रख रहे पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला नहीं दे रहे, बल्कि निष्पक्षता के लिए गठित मेडिकल बोर्ड को पूरी और स्वतंत्र जांच करने देने की अपील कर रहे हैं। जैक गोल्डस्मिथ ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को पत्र लिखा ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य और इमरान के पूर्व बहनोई जैक गोल्डस्मिथ ने 21 अगस्त को ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पत्र लिखा। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री से इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की। गोल्डस्मिथ ने आरोप लगाया- ‘अगर सार्थक हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो पाकिस्तानी सरकार इमरान खान को सिर्फ इसलिए खत्म कर देगी, क्योंकि जब तक वह जिंदा हैं, वे उनकी सत्ता और भ्रष्टाचार के लिए खतरा हैं।’ गोल्डस्मिथ पहले भी ब्रिटेन की संसद में इमरान की जेल का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने इस्लामाबाद पर ज्यादा कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की थी। ब्रिटेन के मंत्रियों ने कहा है कि पाकिस्तान को बुनियादी आजादी, जेल में मानवीय व्यवहार और उचित मेडिकल इलाज तक पहुंच का सम्मान करना चाहिए। इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच उनके स्वास्थ्य और इलाज को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला अब मानवीय चिंता का विषय बन गया है। हालिया तनाव तब बढ़ा, जब इमरान को कोर्ट के आदेश के बावजूद निजी शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने के बजाय इस्लामाबाद के सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। PTI और पाकिस्तान सरकार ने एक-दूसरे पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दाहिनी आंख की 85% रोशनी जाने का दावा इमरान के स्वास्थ्य में गिरावट के दावों के बीच उनके वकीलों ने फरवरी में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उनकी दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है। इमरान ने अक्टूबर 2025 से आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन वकीलों के मुताबिक जेल अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान सरकार ने उनकी हालत की गंभीरता पर सवाल उठाया है। इमरान के परिवार और वकीलों ने उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान से मिलने और इलाज में उन्हें शामिल करने की मांग की है। इमरान के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी मेडिकल बोर्ड में शामिल करने को कहा है। मेडिकल बोर्ड में कई विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। वे मिलकर इमरान की पूरी जांच करेंगे और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट भी देखेंगे। इसके बाद डॉक्टर पता लगाएंगे कि उन्हें क्या परेशानी है, ब्लड क्लॉट क्यों बन रहा है और आगे कोई खतरा तो नहीं है। जांच के बाद बोर्ड बताएगा कि इमरान को किस इलाज की जरूरत है और उनका इलाज जेल में हो सकता है या अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान से जुड़े विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है। पाकिस्तान की ‘तिहाड़’ है अडियाला जेल अडियाला जेल रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी जेल है। यहां 176 हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक है। 2013 में यहां 67 हाई-प्रोफाइल आतंकवादी समेत करीब 5,000 कैदी बंद थे। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस, रेंजर्स और दूसरी एजेंसियां तैनात की जाती हैं। 2024 में यहां आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, रेंजर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और रेस्क्यू टीम ने जॉइंट मॉक ड्रिल भी की थी। इमरान खान के यहां बंद होने के बाद जेल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा पिकेट और एलीट कमांडो भी तैनात किए गए थे। यानी इसकी तुलना भारत की हाई-सिक्योरिटी तिहाड़ जेल से की जा सकती है। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी लिखें… कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया:भारत के लिए 4 मुकाबले खेले; 25 अगस्त को यूपी लीग में आखिरी मैच खेलेंगे 38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला। पूरी खबर पढ़ें…

इंडियन प्लेयर को लगातार लग रही चोट पर गावस्कर ने किया CoE का बचाव, बोले- ट्रेनिंग में हो सकती है कमी

भारतीय टीम इस समय चोटों की समस्या से जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और हार्दिक पांड्या जैसे कई बड़े भारतीय खिलाड़ी इस समय चोट की वजह से टीम से बाहर हैं। इन खिलाड़ियों की चोट को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट और फैंस के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने से पहले ही CoE से रिलीज कर दिया गया, जिससे उनकी चोट दोबारा सामने आई या बढ़ गई। वहीं इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठाने को सही नहीं माना है।

उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की चोट हो रही है, जिसकी वजह उनकी ट्रेनिंग भी हो सकती है। इसलिए इस मामले में केवल CoE के फिजियो पर सवाल उठाना ठीक नहीं होगा।

सुनील गावस्कर ने COE का किया बचाव

सुनील गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा, “बुमराह को भले ही घुटने की चोट लगी है, लेकिन ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की समस्या होती है। इससे साफ लगता है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ कमी है, जिसकी वजह से बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोटें सामने आ रही हैं।” गावस्कर ने कहा, “इन खिलाड़ियों को चोटें तब लगती हैं जब वे भारत के लिए मैच खेल रहे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसका जिम्मेदार BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो को ठहरा दिया जाता है। उन्होंने तथाकथित बायोमैकेनिक्स पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत गेंदबाज को प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ कुछ ही गेंदें डालने की अनुमति होती है। गावस्कर के मुताबिक, ऐसी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”

क्यों लग रही चोटें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक जिम करने से ज्यादा मैच फिट रहना जरूरी है। उन्होंने बार-बार हो रही चोटों की वजह की गंभीरता से जांच करने की बात कही। गावस्कर ने कहा, “यह समझने की जरूरत है कि खिलाड़ियों को बार-बार चोटें क्यों लग रही हैं और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सिर्फ जिम में फिट रहना काफी नहीं है, बल्कि मैच के लिए पूरी तरह फिट होना ज्यादा जरूरी है। हालांकि, हो सकता है कि फिटनेस को लेकर मेरी सोच मेरी पीढ़ी के खिलाड़ियों से जुड़ी हो।”

इंग्लैंड के खिलाफ गिल ने जताई थी चिंता

हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को मिली हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम का संतुलन बिगड़ता है और बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करना टीम के लिए अच्छा नहीं है।

WTC Points Table: ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद बदली WTC की तस्वीर, बांग्लादेश को हुआ बड़ा फायदा, जानें भारत का कैसा हाल