ईशान को मिलेगी टेस्ट में जगह? यह दो तेज गेंदबाज कर सकते हैं लंबे समय बाद वापसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जगह दिला सकती है। हालांकि, अभी उनका चयन पक्का नहीं है, लेकिन इस बात की संभावना है कि नवंबर के आखिर में न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए उन पर विचार किया जा सकता है। चयन समिति की बैठक इस हफ़्ते होने की उम्मीद है।

ऋषभ पंत – जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले खिलाड़ी और रेड-बॉल के दिग्गज माने जाते हैं – और ध्रुव जुरेल भी टीम में शामिल हैं (दोनों ने भारत के पिछले पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है), ऐसे में टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना शायद ज़रूरी न समझा जाए।

लेकिन टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों के बीच एक सोच यह भी है कि टेस्ट टीम में वापसी के लिए ईशान किशन का दावा मज़बूत है। उन्होंने अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच तीन साल से भी पहले खेला था, लेकिन हाल के दिनों में वे ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – और यह सिर्फ़ सीमित ओवर क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है।

दलीप ट्रॉफ़ी में ईस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करते हुए, ईशान ने फ़ाइनल में साउथ ज़ोन के खिलाफ़ 270 और 80 रनों की शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को खिताब जिताया। तीन मैचों में उन्होंने 100 से ज़्यादा की औसत से कुल 409 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत फिर से साबित की और फ़ाइनल में उन्हें सही मायने में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया। सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारतीय टीम में अपनी एक खास जगह बनाई है – 2026 में टी20 में 1,005 रनों के साथ वे भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय चयन समिति तीन विकेटकीपरों वाली स्थिति को कैसे संभालती है, लेकिन जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम चुनने बैठेंगे, तो ज़्यादातर चर्चा ईशान पर ही होगी। एक सोच यह भी है कि दिलीप ट्रॉफ़ी में उनके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वैसे भी, ईशान सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के बजाय विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलने के लिए जाने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए आकाश दीप को एक अहम गेंदबाज माना जा रहा है, जबकि मुकेश कुमार भी दौड़ में हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ को जीत दिलाई थी। बंगाल के इस तेज़ गेंदबाज़ का दिलीप ट्रॉफ़ी में ‘ईस्ट’ के लिए भी अच्छा प्रदर्शन रहा और उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए।

इसके अलावा, पता चला है कि हर्षित राणा ने भी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में गेंदबाजी शुरू कर दी है, हालांकि उनकी फ़िटनेस की सही स्थिति अभी साफ़ नहीं है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार का खेलना लगभग तय है और प्रसिद्ध कृष्णा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, इसलिए चयनकर्ता के पास काफ़ी विकल्प मौजूद हैं – न सिर्फ़ विकेटकीपिंग विभाग में, बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी में भी। अन्य खिलाड़ियों के अलावा, पिछले साल शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए ज़्यादातर खिलाड़ी भी दौड़ में होंगे, बशर्ते वे चोट के कारण उपलब्ध न हों।

Asian Games से भी बाहर हुए वरुण चक्रवर्ती, फिर हुआ था साइड स्ट्रेन

 

 

 

बेंगलुरु में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में दो महीने तक रिकवरी और रिहैबिलिटेशन के बाद वापसी करने वाले वरुण चक्रवर्ती फिर से चोटिल हो गए हैं। वह अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ चल रही टी 20 इंटरनेशनल सीरीज़ से तो बाहर हुए ही थे अब यह खबर आ रही है कि जापान में होने वाले एशियाई खेलोंसे भी वह बाहर हो गए हैं।

चक्रवर्ती (35) ने रविवार रात के मैच के बाद साइड स्ट्रेन की शिकायत की, और टीम मैनेजमेंट ने बिना किसी देरी के उन्हें रिलीज़ करने का फ़ैसला किया है। वह अगले 24-48 घंटों में COE की मेडिकल टीम से मिलने के लिए बेंगलुरु पहुंचे थे, जिसके बाद एशियाई खेलों में उनकी भागीदारी पर फ़ैसला लिया गया।

यह फैसला उनके स्कैन के बाद लिया गया। लेकिन जापान के लिए टीम के रवाना होने में एक हफ़्ते से भी कम समय बचा है – जहाँ भारत मेज़बान टीम के खिलाफ़ एक बाइलेटरल मैच (22 सितंबर को) खेलने के बाद एशियाई खेलों में हिस्सा लेगा। भारतीय टीम 18 सितंबर को नई दिल्ली से जापान के लिए रवाना होगी। एशियाई खेलों में भारत का पहला मैच 28 सितंबर को है।

चक्रवर्ती ने रविवार रात नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अपने चार ओवर का कोटा पूरा किया और ऐसा लगा कि वह अपनी पुरानी बेहतरीन फ़ॉर्म में लौट आए हैं। हाल के समय में वह उतने असरदार नहीं दिखे थे और उनकी एकमात्र कमी दो नो-बॉल थीं जो उन्होंने फेंकीं। उन्होंने 16 रन देकर एक विकेट लिया।

जुलाई में इंग्लैंड में टी20 सीरीज़ के बीच में ही हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण चक्रवर्ती को लौटना पड़ा था और वह ज़िम्बाब्वे में हुई अगली सीरीज़ में नहीं खेल पाए थे। उन्होंने सीओई में लगभग दो महीने बिताए और पूरी तरह फिट पाए जाने के बाद उन्हें अफ़गानिस्तान सीरीज़ और एशियाई खेलों के लिए चुना गया।

रविवार को मैच के बाद स्पिनर ठीक लग रहे थे और मैच के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चोटें किसी भी खिलाड़ी की ज़िंदगी का अहम हिस्सा होती हैं। उन्होंने कहा, “देखिए, सभी खिलाड़ियों के लिए चोटें बहुत आम बात हैं और इससे पता चलता है कि हम मेहनत कर रहे हैं, अपना बेस्ट दे रहे हैं। कभी-कभी हम अपनी क्षमता से ज़्यादा ज़ोर लगाते हैं और तब शरीर जवाब दे देता है। ऐसे में हमें थोड़ा पीछे हटकर बेहतर तरीके से काम करना होता है और मज़बूती से वापसी करनी होती है।”

अफगानिस्तान वनडे के बाद अब टी-20 सीरीज से भी बाहर होने की कगार पर खड़े हार्दिक

जून माह में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या अब इस देश के खिलाफ इस महीने खेली जाने वाली टी-20 सीरीज से भी बाहर हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक उनके पैर में अकड़न है और टीम प्रबंधन उनको जल्द मैदान पर नहीं उतारना चाहता। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में  मांसपेशियां यानि कि हैमस्ट्रिंग के कारण वह बाहर रहे थे।

गौरतलब है कि मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने यह कहा था कि हार्दिक पांड्या को दक्षिण अफ्रीका में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए भारतीय टीम में शामिल करने की योजना है।

यह चोट उस योजना को पीछे ढकेलती है क्योंकि एक बार फिर हार्दिक पांड्या की खराब फिटनेस सबके सामने उजागर हो जाती है। वह भी तब जब उनको बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से हरी झंडी मिल गई थी।इससे पहले पिछले एकदिवसीय विश्वकप में भी बीच हार्दिक पांड्या टूर्नामेंट चोटिल होकर बाहर हो गए थे।

2 टी-20 विश्वकप जीत चुके हार्दिक पांड्या टी20 टीम में पंड्या की वापसी की संभावना कम लग रही है क्योंकि अगरकर ने साफ कर दिया था कि उनका इस्तेमाल ज्यादातर 50 ओवर प्रारूप में किया जाएगा।अगरकर ने कहा था, ‘‘वह अभी अफगानिस्तान सीरीज के लिए वनडे टीम का हिस्सा हैं। बुमराह की तरह, अगर हम उनसे अच्छा प्रदर्शन करवा सकें और उन्हें वनडे क्रिकेट के लिए फिट रख सकें। इस समय यही मुख्य मक़सद है। ’’

उन्होंने कहा था, ‘‘हम उन्हें कभी भी वापस ला सकते हैं। इससे हमें नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी को टी20 क्रिकेट में कुछ मौके देने का भी मौका मिलता है। इसलिए पंड्या के मामले में टी20 के लिए थोड़ा आराम और रोटेशन होगा। ’’

इंडियन प्लेयर को लगातार लग रही चोट पर गावस्कर ने किया CoE का बचाव, बोले- ट्रेनिंग में हो सकती है कमी

भारतीय टीम इस समय चोटों की समस्या से जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और हार्दिक पांड्या जैसे कई बड़े भारतीय खिलाड़ी इस समय चोट की वजह से टीम से बाहर हैं। इन खिलाड़ियों की चोट को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट और फैंस के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने से पहले ही CoE से रिलीज कर दिया गया, जिससे उनकी चोट दोबारा सामने आई या बढ़ गई। वहीं इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठाने को सही नहीं माना है।

उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की चोट हो रही है, जिसकी वजह उनकी ट्रेनिंग भी हो सकती है। इसलिए इस मामले में केवल CoE के फिजियो पर सवाल उठाना ठीक नहीं होगा।

सुनील गावस्कर ने COE का किया बचाव

सुनील गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा, “बुमराह को भले ही घुटने की चोट लगी है, लेकिन ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की समस्या होती है। इससे साफ लगता है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ कमी है, जिसकी वजह से बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोटें सामने आ रही हैं।” गावस्कर ने कहा, “इन खिलाड़ियों को चोटें तब लगती हैं जब वे भारत के लिए मैच खेल रहे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसका जिम्मेदार BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो को ठहरा दिया जाता है। उन्होंने तथाकथित बायोमैकेनिक्स पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत गेंदबाज को प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ कुछ ही गेंदें डालने की अनुमति होती है। गावस्कर के मुताबिक, ऐसी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”

क्यों लग रही चोटें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक जिम करने से ज्यादा मैच फिट रहना जरूरी है। उन्होंने बार-बार हो रही चोटों की वजह की गंभीरता से जांच करने की बात कही। गावस्कर ने कहा, “यह समझने की जरूरत है कि खिलाड़ियों को बार-बार चोटें क्यों लग रही हैं और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सिर्फ जिम में फिट रहना काफी नहीं है, बल्कि मैच के लिए पूरी तरह फिट होना ज्यादा जरूरी है। हालांकि, हो सकता है कि फिटनेस को लेकर मेरी सोच मेरी पीढ़ी के खिलाड़ियों से जुड़ी हो।”

इंग्लैंड के खिलाफ गिल ने जताई थी चिंता

हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को मिली हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम का संतुलन बिगड़ता है और बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करना टीम के लिए अच्छा नहीं है।

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IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।

खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से परेशान BCCI? CoE में बढ़ी इंजर्ड प्लेयर की भीड़

बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान फ्रेंचाइजी और पैसों से जुड़ा दबाव खिलाड़ियों पर ज्यादा काम का बोझ डाल रहा है, जिससे चोटों की संख्या बढ़ी है। इस समय कम से कम 10 इंटरनेशलन खिलाड़ी छोटी या गंभीर चोटों के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिहैब कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कई बड़े खिलाड़ी IPL के दौरान चोटिल होने के बावजूद खेलते रहे। लगातार ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों के शरीर पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर उम्रदराज खिलाड़ियों में चोट से वापसी का समय तय करना मुश्किल हो जाता है।

चोट के बाद भी खेलते हैं आईपीएल

सूत्र के अनुसार, IPL में टीम और पैसों से जुड़े दबाव के कारण कुछ खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरते हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज और फिटनेस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि, टीम और CoE के फिजियो खिलाड़ियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती चोटों से सेलेक्टर्सु, कोच और कप्तान के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के साथ-साथ उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

चोट की वजह से बाहर हुए बुमराह-साई

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद BCCI के चयनकर्ताओं के साथ CoE के तालमेल पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि दोनों खिलाड़ी दो टेस्ट मैचों में से कम से कम एक मुकाबले में खेल सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें दौरे से बाहर कर दिया गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से यहां का स्पोर्ट्स साइंस विभाग अभी तक स्थायी प्रमुख के बिना चल रहा है। इसी बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया और मीडिया से बातचीत की।

लक्ष्मण ने क्या कहा

इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर की टीम और उसकी व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा, “देखिए, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, बल्कि क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए, हम (चोटों के लिए) ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते, क्योंकि जब आप इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप किसी को बलि का बकरा बना रहे होते हैं।” लक्ष्मण ने कहा, “लेकिन CoE और दोनों टीमों (पुरुष और महिला) के टीम मैनेजमेंट और दोनों टीमों के SSM स्टाफ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए यह बातचीत आसानी से हो रही है।”