रणजी ट्रॉफी में नाबाद 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने चिन्मय सुतार

29 साल के मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की एक पारी में चौहरा शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बनने का कारनामा किया है।

अपने करियर का दूसरा प्रथम श्रेणी मुकाबला खेल रहे सुतार ने सोमवार को यह उपलब्धि नागालैंड के खिलाफ मुकाबले में हासिल की। उन्होंने सोविमा में प्लेट लीग के मैच में पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब वह रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। सुतार ने अपनी पारी में 517 गेंदों का सामना किया और 46 चौके और सात छक्के लगाये। सुतार से आगे अब केवल बीबी निंबालकर का स्कोर है। उन्होंने 1948-49 सीज़न में महाराष्ट्र के लिए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। हालांकि सुतार के पास उनको भी पीछे छोड़ने का मौका था, लेकिन मिजोरम के कप्तान ने उनके चौहरे शतक के ठीक बाद पारी घोषित कर दी।

चाय के समय सुतार 392 रन बनाकर नाबाद थे। इसके बाद उन्होंने पारी के 155वें ओवर में 400 रन का आंकड़ा पार किया। तभी मिजोरम ने नौ विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। उस समय सुतार और लालरेमपुनिया छकछुआक के बीच दसवें विकेट के लिए नाबाद 190 रन की साझेदारी हो चुकी थी।

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रणजी ट्रॉफी के इतिहास में आखिरी विकेट के लिए यह तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड 233 रन का है, जो दिल्ली के अजय शर्मा (259) और मनिंदर सिंह (78) के नाम है। दोनों ने 1991-92 सीज़न में मुंबई के ख़िलाफ़ यह साझेदारी की थी।

सुतार ने इस साल की शुरुआत में घरेलू 50 ओवरों के टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई का प्रतिनिधित्व किया था। स्थानीय लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें यह अवसर मिला था। जून में उन्होंने मुंबई टी-20 लीग में एमएससी मराठा रॉयल्स को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के आख़िरी दो मैचों में उन्होंने लगातार अर्धशतक लगाए। सुतार ने छह पारियों में 212 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट क़रीब 120 रहा।

2026-27 सीज़न शुरू होने से पहले सुतार ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया था और पिछले हफ़्ते मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। मणिपुर के खिलाफ सीजन के पहले मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए। मिज़ोरम को इस मुकाबले में तीन विकेट से करीबी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पहली पारी में 68 रन से पिछड़ने के बाद टीम ने जो वापसी की, उसमें सुतार की दूसरी पारी की बल्लेबाजी की अहम भूमिका रही थी।

चिन्मय सुतार ने मिजोरम के कुल 581/9 रन में से 68.85 प्रतिशत रन बनाए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 500 या उससे अधिक रन के टीम स्कोर में किसी एक बल्लेबाज का यह दूसरा सबसे बड़ा योगदान है। इस मामले में सबसे आगे न्यूज़ीलैंड के बर्ट सटक्लिफ हैं। उन्होंने 1952 में कैंटरबरी के ख़िलाफ़ ओटागो के कुल 500 रनों में से 385 रन बनाए थे, जो टीम के स्कोर का 77 प्रतिशत था।

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न्यूजीलैंड दौरे के लिए 2 एकदिवसीय टीम चुनी भारत ने, शुभमन के बाद श्रेयस करेंगें कप्तानी

INDvsNZ न्यूज़ीलैंड के आगामी दौरे के लिए भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा कर दी गई है। टी 20 सीरीज़ के समापन के बाद भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगी।वनडे सीरीज़ की सबसे बड़ी हाईलाइट ये है कि स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह इसका हिस्सा नहीं हैं। ऋषभ पंत को टेस्ट और प्रसिद्ध कृष्णा को टेस्ट एवं वनडे (पहले तीन) दोनों टीमों के लिए चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं और उन्हें फ़िटनेस क्लिएरेंस की आवश्यकता होगी।

सूत्रों के मुताबिक  प्रसिद्ध के स्कैन में हैमस्ट्रिंग टियर नहीं सामने आया है। पिछले दो सप्ताह से वह स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग पर काम कर रहे हैं। आकाश को ईरानी कप और रणजी ट्रॉफ़ी के पहले राउंड में फ़ॉर्म और फ़िटनेस दिखाने का ईनाम मिला है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू करने के बाद अंशुल कम्बोज की भी टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

वनडे सीरीज़ के पहले तीन मैचों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे वहीं चौथे और पांचवें वनडे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। आख़िरी दो वनडे के लिए झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र को भी टीम में जगह मिली है। यह पहला मौक़ा है जब कुशाग्र को सीनियर नेशनल टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा तिलक वर्मा, आक़िब नबी और यश ठाकुर को भी आख़िरी दो वनडे के लिए चुना गया है।

पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, इशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आक़िब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।

प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत का चयन फ़िटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा।

ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड रोज बाउल सीरीज में टी-20 भी हुआ शामिल

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महिला टीमों के बीच खेली जानी वाली रोज बाउल सीरीज में अब टी-20 मैचों को भी शामिल कर लिया गया है। इस सीरीज में पहले एकदिवसीय मैच खेले जाते थे।

न्यूजीलैंड का ऑस्ट्रेलिया दौरा, जिसमें तीन टी-20 मैच खेले जाएंगे और जिसकी शुरुआत रविवार को नॉर्थ सिडनी ओवल में होगी, यह रोज बाउल का पहला टी-20 संस्करण होगा। मार्च 2027 में, जब ये दोनों टीमें ऑस्ट्रेलिया में ही तीन वनडे मैचों के लिए फिर से आमने-सामने होंगी, तब उन्हें इस ट्रॉफी के लिए एक बार फिर मुकाबला करने का मौका मिलेगा। 1985 से ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की महिला टीमों के बीच खेली जाने वाली एकदिवसीय सीरीज के विजेता को दिया जाता रहा है

ऐसी रोज बाउल सीरीज, जिसमें दोनों सफेद गेंद प्रारूप (एकदिवसीय और टी-20) के मैच शामिल हों, उसमें ट्रॉफी उस टीम को मिलेगी जो कुल मिलाकर सबसे अधिक मैच जीतेगी। अगर सीरीज ड्रॉ हो जाती है, तो ट्रॉफी मौजूदा विजेता के पास ही रहेगी।

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न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) की चीफ क्रिकेट ऑपरेशंस ऑफिसर और पूर्व न्यूज़ीलैंड खिलाड़ी, कैथरीन कैंपबेल ने कहा, “रोज बाउल एक प्रतिष्ठित ट्रॉफी है, जिसका मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्व है। हमें हमेशा से ही इस सीरीज़ में खेलने पर बहुत गर्व रहा है। उन्होंने कहा कि आजकल टी-20 क्रिकेट बहुत अधिक खेला जा रहा है, ऐसे में रोज बाउल को प्रासंगिक बनाए रखने और ऑस्ट्रेलिया के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंधों को और मज़बूत करने का यह एक बेहतरीन मौक़ा है।

न्यूज़ीलैंड की कप्तान मेली केर, रोज बाउल के लिए प्रतिस्पर्धा करने को लेकर बेहद उत्साहित है। केर ने कहा हम सभी जानते हैं कि रोज बाउल किस बात का प्रतीक है और ‘व्हाइट फ़र्न्स’ (न्यूज़ीलैंड महिला टीम) के इतिहास में इसका कितना महत्व है। उन्होंने कहा कि सालों से कई महान खिलाड़ियों और टीमों ने इसके लिए संघर्ष किया है, और हम भी इस इतिहास का हिस्सा बनने और इसे जीतने का मौका पाकर बहुत खुश होंगे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 में न्यूजीलैंड से रोज बाउल वापस छीनने के बाद से, ऑस्ट्रेलिया लगातार इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाए हुए है। उस 3-0 की जीत के बाद से, ऑस्ट्रेलिया ने 18 सीरीज जीती हैं, जबकि 2008-09 में एक सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही थी। कुल मिलाकर, रोज बाउल के लिए खेली गई 31 वनडे सीरीज में से ऑस्ट्रेलिया ने 26 जीती हैं, न्यूज़ीलैंड ने तीन जीती हैं, और तीन सीरीज ड्रॉ रही हैं। नॉर्थ सिडनी में आगामी रोज बाउल सीरीज के तीनों टी-20 मैच 18, 20 और 22 अक्टूबर को खेले जाएंगे।

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क्या बाजार मनाएगा आज गुड फ्राइडे का जश्न या मिलेगी निराशा, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद, GIFT निफ्टी एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है। हाल ही में टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में सुधार, वॉल स्ट्रीट में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दे सकती है। हालांकि, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार में सुधार के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 84 अंक या 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 23,072 पर कारोबार कर रहा था। यह गुरुवार को निफ्टी के 23,000 के स्तर के करीब बंद होने के बाद एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत है। पिछले सत्र में भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) उछलकर 74,315.61 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 374.65 अंक (1.66 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही

सप्ताह की शुरुआत में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी, जिसके बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी की। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें गिरने वाले शेयरों की तुलना में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या लगभग तीन गुना अधिक रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक 2.5 प्रतिशत चढ़ा। इसने गुरुवार की उस गिरावट से उबरने में मदद की, जिसने सूचकांक को अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

जापान का टॉपिक्स (Topix) 1.7 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.4 ​​प्रतिशत ऊपर रहे। इसके विपरीत, इंडोनेशिया के बाजार में 8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। इसका कारण यह चिंता है कि इंडोनेशिया को वैश्विक स्टॉक सूचकांकों से बाहर किया जा सकता है। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा; S&P 500 फ्यूचर्स लगभग स्थिर स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

निवेशकों के AI शेयरों से हटने के बीच वॉल स्ट्रीट में तेजी

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती नुकसान से उबरते हुए, निवेशकों ने अपना ध्यान हेल्थकेयर और कंज्यूमर शेयरों की ओर मोड़ा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन और कर्ज के स्तर को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.08 प्रतिशत बढ़कर 52,177.69 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,744.06 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.08 प्रतिशत बढ़कर 26,713.03 पर पहुंच गया।

हेल्थकेयर शेयरों (जैसे एली लिली और यूनाइटेडहेल्थ) में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कई टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रहा, क्योंकि निवेशक बढ़ती उधारी लागत (borrowing costs) के बीच अपने निवेश पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे थे।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी, लेकिन अभी भी $105 के ऊपर

शुक्रवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। निवेशक एक तरफ मध्य पूर्व से होने वाली सप्लाई के जोखिमों पर विचार कर रहे थे, तो दूसरी तरफ इस बात पर भी नजर रखे हुए थे कि क्या अमेरिका वैश्विक ‘शैडो फ्लीट’ (अघोषित टैंकर बेड़े) पर लगी पाबंदियों को कम करने के लिए कोई कदम उठा सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.39 प्रतिशत गिरकर $105.51 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ $97.43 प्रति बैरल पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए निकट भविष्य का नजरिया ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) बना हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार में लगातार तेजी की गुंजाइश को सीमित कर सकती हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) प्रवाह को ऐसे महत्वपूर्ण कारक बताया, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

पोनमुडी के अनुसार, निवेशक विदेशी निवेश प्रवाह पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि यह पता चल सके कि जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) में कोई टिकाऊ सुधार हो रहा है या नहीं। वहीं, बाजार में आई यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ऑस्ट्रेलिया की दक्षिण अफ्रीका पर जीत भारत के लिए बुरी या अच्छी खबर?

ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को डरबन टेस्ट 214 रनों से हराकर 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से कब्जा कर लिया। इस जीत से अब ना केवल पिछले महीने पर बांग्लादेश से टेस्ट मैच हारने वाली ऑस्ट्रेलिया ने राहत की सांस ली बल्कि पड़ोसी न्यूजीलैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में दूसरे नंबर पर आ गया। इस हार से दक्षिण अफ्रीका दूसरे से तीसरे पायदान पर खिसक गई।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में पहले से शीर्ष पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम ने 11 मैचों में नौ जीत दर्ज की हैं और उसका अंक प्रतिशत (PCT) 81.82 हो गया है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने छह मैचों में पांच जीत और एक हार के साथ 72.22 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका 60 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गया है।अंक तालिका में बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, भारत 51.52 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है। भारत ने 11 मैचों में 68 अंक हासिल किए हैं।

भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया का जीतना बुरा भी और अच्छा भी

ऑस्ट्रेलिया की जीत से दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बढ़ा है। ऑस्ट्रेलिया अगर हारती तो भारत को लगता लगातार हार पहले दक्षिण अफ्रीका और फिर न्यूजीलैंड से ऑस्ट्रेलिया बाहर हो जाए और बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत 5-0 या 4-0 से ऑस्ट्रेलिया को हरा दे। ऐसे में टीम के पास मौका होता जो कल भारत से छिन गया। हालांकि अभी एक ही टेस्ट हुआ है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 अंक तालिका की बात करें तो यह दक्षिण अफ्रीका की दूसरी ही हार है। पहली हार टीम को पाकिस्तान के खिलाफ पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ मिली थी। ऑस्ट्रेलिया  भी इस चक्र में सिर्फ 2 मैच हारी है। वहीं न्यूजीलैंड की एक हार है। ऐसे में भारत चाहता कि शीर्ष तीन टीमों में से कोई एक गिरकर उसके स्तर पर आ जाए। बराबरी के सीरीज नतीजे भारत को यहां खलेंगे।

फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 7 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

अच्छी बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया को  दक्षिण अफ्रीका से और फिर न्यूजीलैंड से खेलना है सीरीज की बेहतर शुरुआत से अगर ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ्रीका को एकतरफा हरा देती है और फिर न्यूजीलैंड को एकतरफा हरा देती है तो भारत के दो कांटे साफ कर देगी। बस उसे भारत से 0-4 या 0-5 से हारना होगा।

WTC Final खेलने के लिए भारत को क्या चाहिए?

भारत के लिए यह चक्र एक हार के बाद नॉकआउट की तरह हो जाएगा।  6 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 11
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 2
अंक प्रतिशत 51.51

आगामी सीरीज़:

न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट


कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

Asian Market: US अर्निंग्स से पहले AI में बिकवाली बढ़ने से एशियाई स्टॉक्स गिरे, कोस्पी, निक्केई सबसे आगे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए इस कारण दो टीमों का एलान किया न्यूजीलैंड ने

न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए फिन ऐलन, लॉकी फ़र्ग्यूसन और टिम साइफर्ट को टीम में वापस बुलाया है। इसके अलावा रचिन रवींद्र चोट से उबरने के बाद टीम में वापसी करेंगे। वह पिछले महीने एक प्रोमो शूट के दौरान कंधे में चोट लगने के कारण भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज नहीं खेल पाएंगे।

चयनकर्ताओं ने पांच वनडे मैचों के लिए एक विभाजित टीम की घोषणा की है, क्योंकि आगामी टेस्ट सीरीज़ की तैयारी के लिए कुछ खिलाड़ी तीसरे वनडे के बाद पहले टेस्ट के वेन्यू वेलिंगटन जाएंगे। इसका मतलब है कि सात अन्य खिलाड़ी आख़िरी दो वनडे मैचों के लिए टीम से जुड़ेंगे।

न्यूजीलैंड क्रिकेट में कहा गया, “जैक फ़ॉक्स (हिप फ़्लेक्सर), विल ओ’रूर्क (पिंडली) और बेन सीयर्स (टखना) को नहीं चुना गया क्योंकि वे अपनी-अपनी चोटों से उबरने के लिए रिहैब कर रहे हैं।”

मिचेल सैंटनर सफेद गेंद में टीम की अगुवाई करेंगे। ऐलन और फ़र्ग्यूसन ने अपना आख़िरी वनडे 2023 के आख़िर में खेला था। ऐलन ने वनडे विश्व कप से ठीक पहले और फ़र्ग्यूसन ने विश्व कप के दौरान वनडे खेला था।

कोचिंग पदों के बारे में न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा, “मुख्य कोच रॉब वाल्टर के साथ गेंदबाज़ी कोच जैकब ओरम और बल्लेबाज़ी कोच ल्यूक रोंची जुड़ेंगे। यह रोंची का न्यूज़ीलैंड के साथ आख़िरी असाइनमेंट होगा, जिसके बाद वे पुरुषों की ऑस्ट्रेलियन बिग बैश लीग में मेलबर्न रेनेगेड्स के मुख्य कोच की भूमिका संभालेंगे। रोंची, ओरम, और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच क्रिस डोनाल्डसन तीसरे वनडे के बाद वेलिंगटन में टेस्ट की तैयारियों की अगुवाई करेंगे और उनके साथ नव-नियुक्त ब्लैककैप्स बल्लेबाज़ी कोच बीजे वाटलिंग भी जुड़ेंगे।”

वाल्टर, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के मेन्स स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच कोरी माइल्स के साथ चौथे और पांचवें वनडे के लिए टीम के साथ रहेंगे। न्यूज़ीलैंड क्रिकेट द्वारा उचित समय पर अतिरिक्त कोचिंग सपोर्ट का ऐलान किया जाएगा।
वाल्टर ने कहा, “सबसे पहली और अहम बात यह है कि यह हमारे लिए बहुत बड़ी सीरीज़ है, जहां हम अपने प्रशंसकों के सामने खचाखच भरे स्टेडियमों में एक मज़बूत भारतीय टीम के ख़िलाफ़ खेल रहे हैं।

वनडे विश्व कप में सिर्फ़ एक साल का समय बचा है, इसलिए हमारे लिए इन मैचों को उस बड़े टूर्नामेंट की अहम तैयारी के तौर पर देखना भी जरूरी है। आखिरी दो वनडे मैचों के लिए सात नए खिलाड़ियों को लाने से हमें अपनी बेंच-स्ट्रेंथ परखने का मौक़ा मिलता है और यह देखने को मिलता है कि वे एक विश्व-स्तरीय टीम के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करते हैं।”

भारत सीरीज के लिए न्यूजीलैंड का वनडे टीम:

पहले तीन वनडे: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवन कॉनवे, जैकब डफ़ी, मैट हेनरी, काइल जेमीसन, टॉम लेथम (विकेटकीपर), डैरिल मिचेल, ग्लेन फ़िलिप्स, रचिन रवींद्र, नेथन स्मिथ, विल यंग और ब्लेयर टिकनर।

आख़िरी दो वनडे: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फ़िन ऐलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, क्रिस्टियन क्लार्क, जैकब डफ़ी, मैट फ़िशर, लॉकी फ़र्ग्यूसन, मिच हे (विकेटकीपर), निक केली, टिम साइफ़र्ट (विकेटकीपर), ब्लेयर टिकनर और विल यंग।

धनंजय डी सिल्वा ने श्रीलंका टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ी

धनंजय डी सिल्वा ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि वह “अगली पीढ़ी” को कप्तानी सौंपना चाहते हैं। वह टीम में चुने जाने के लिए उपलब्ध रहेंगे। श्रीलंका का अगला टेस्ट कार्यक्रम पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की सीरीज है, जो शुक्रवार को रावलपिंडी में शुरू होगी। चयनकर्ताओं ने अभी तक उनकी जगह किसी और का नाम तय नहीं किया है।

मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण में श्रीलंका का टॉप-दो में जगह बनाना लगभग नामुमकिन हो गया है, इसलिए डी सिल्वा को लगा होगा कि कप्तानी सौंप देना सही रहेगा, ताकि नए कप्तान को अगले चरण के शुरू होने से पहले टीम को समझने और अपनी जगह बनाने का मौका मिल सके।

श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के चीफ एग्जीक्यूटिव एशले डी सिल्वा ने एक बयान में कहा, “श्रीलंका क्रिकेट धनंजय के बाकी करियर के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता है और हमारी टेस्ट टीम को दी गई उनकी कप्तानी के लिए उनका शुक्रिया अदा करता है। बयान में यह भी कहा गया कि एसएलसी में एक खिलाड़ी के तौर पर उनकी लगातार उपलब्धता का स्वागत करता है।

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यह इस्तीफा टेस्ट टीम के लिए एक औसत दौर में आया – जो बहुत बुरा तो नहीं था, लेकिन बहुत अच्छा भी नहीं – जिसमें टीम ने इस साल दोनों सीरीज़ 1-0 से गंवा दीं। पहले वेस्टइंडीज में और फिर घरेलू मैदान पर भारत के खिलाफ। कुल मिलाकर, डी सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंका का रिकॉर्ड सात जीत, आठ हार और तीन ड्रॉ का रहा। कप्तान के तौर पर डी सिल्वा का सबसे अच्छा साल 2024 रहा, जब टीम ने बंगलादेश में 2-0 से सीरीज जीती, फिर द ओवल में जीत हासिल की (हालांकि वह सीरीज वे 2-1 से हार गए थे), और उसके बाद घरेलू मैदान पर न्यूज़ीलैंड को 2-0 से हराया। हालांकि, 2024 के आखिर और 2025 की शुरुआत के बीच दक्षिण अफ्रीका (बाहर) और ऑस्ट्रेलिया (घर पर) लगातार चार हार का दौर भी आया। लेकिन उनके कार्यकाल में श्रीलंका के टेस्ट क्रिकेट की सबसे खास बात मैचों का कम होना थी।

जून 2025 में बंगलादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज 1-0 से जीतने के बाद, टीम के शेड्यूल में पूरे 12 महीनों तक कोई टेस्ट मैच नहीं था। वे अभी एक ऐसे डब्ल्यूटीसी चरण का हिस्सा हैं जिसमें उनके लिए केवल 12 टेस्ट मैच हैं – जो कि कम से कम संख्या है। डी सिल्वा ने बार-बार ऐसे कम मैचों वाले शेड्यूल से होने वाली बड़ी चुनौतियों के बारे में बात की है, खासकर टेस्ट स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों के लिए।

डी सिल्वा का इस्तीफा पुरुष टीमों की लीडरशिप और प्रबंधन में हो रहे बड़े बदलावों का हिस्सा था। इस साल की शुरुआत में, कुसल मेंडिस को सफेद गेंद क्रिकेट की कप्तानी सौंपी गई थी, और उन्होंने चरिथ असलंका की जगह ली थी। मेंडिस उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन पर चयनकर्ता टेस्ट कप्तानी के लिए भी विचार करेंगे।

Pic Credit : UNI

RBI पॉलिसी के दिन क्या बाजार बनाएगा बॉटम या फिर होगा ट्रैप, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gity Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी में लगभग 100 अंकों की गिरावट आई है, जो लगातार 2 सत्रों की बढ़त के बाद कमजोर शुरुआत का संकेत है। एशियाई बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बाजार की धारणा पर असर डाल सकते हैं, भले ही वॉल स्ट्रीट के S&P 500 और नैस्डैक ने रात भर रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार बंद किया हो। निवेशक आज बाद में आने वाले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले से पहले भी सतर्क रहेंगे।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 22,677 पर कारोबार कर रहा था, जो 97 अंक या 0.43 फीसदी नीचे था। मंगलवार को भारतीय इक्विटी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी, जिसमें व्यापक खरीदारी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने मदद की। सेंसेक्स 685.34 अंक या 0.95 प्रतिशत बढ़कर 73,067.81 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 220.35 अंक या 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776.10 पर पहुंच गया।

वैश्विक स्थिति मिली-जुली है। अमेरिकी शेयरों में रिकॉर्ड तेजी आई क्योंकि ट्रेजरी यील्ड में कमी आई और निवेशकों ने अपना ध्यान आगामी अर्निंग सीजन की ओर लगाया, लेकिन एशियाई इक्विटी वॉल स्ट्रीट की तरह ऊपर नहीं जा सकीं। इस बीच, आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से $101 प्रति बैरल से ऊपर चली गई।

हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार आठवें सत्र में बिकवाली करते रहे, हालांकि बिकवाली की गति धीमी रही। FII ने 2,961 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे।

वॉल स्ट्रीट के रिकॉर्ड के बावजूद एशियाई बाजारों में गिरावट

प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों के रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने के बावजूद बुधवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट के साथ कारोबार हुआ, जिसमें MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4 फीसदी गिर गया। जापानी और दक्षिण कोरियाई इक्विटी में गिरावट आई, जबकि ताइवान में बढ़त के साथ कारोबार हुआ। जापान का Topix 0.3 फीसदी गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.6 फीसदी नीचे आया, और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग स्थिर रहा। Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.5 फीसदी की गिरावट आई। US इक्विटी फ्यूचर्स काफी हद तक स्थिर रहे, एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

S&P 500 और Nasdaq रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए

मंगलवार को US शेयरों में तेजी आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हो गईं और ट्रेजरी यील्ड में कमी आई, जिससे निवेशकों का ध्यान तीसरी तिमाही के आने वाले अर्निंग्स सीज़न की ओर गया। हाल के हफ्तों में कर्ज लेने की ऊंची लागत ने जोखिम लेने की इच्छा पर असर डाला था, ऐसे में US ट्रेजरी यील्ड में कमी से कुछ राहत मिली।

इस व्यापक तेजी ने S&P 500 और Nasdaq को रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंचा दिया। S&P 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ यह 7,818.95 पर पहुंच गया, जबकि Nasdaq Composite 0.45 फीसदी बढ़कर 27,599.79 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई और यह 51,521.04 पर पहुंच गया।

RBI की पॉलिसी पर नजर

आज बाद में आने वाला भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का फैसला घरेलू बाजार के लिए मुख्य कारक होगा। Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी में रिकवरी वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल माहौल में बदलाव के प्रति संवेदनशील बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जियो-पॉलिटिकल जोखिम ऊंचे बने हुए हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतें हाल के निचले स्तरों से थोड़ी सुधरी हैं।

इंडेक्स पर कहां रखें नजर

पोनमुडी Nifty के लिए 22,800 को तत्काल रेजिस्टेंस (बाधा) मानते हैं; अगर लगातार ब्रेकआउट होता है, तो रिकवरी 23,000 तक बढ़ सकती है। नीचे की ओर, 22,600 तत्काल सपोर्ट है, जिसके बाद 22,400 का स्तर आता है। हालिया उछाल के बाद निकट-अवधि का टेक्निकल आउटलुक ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) हो गया है, हालांकि रिकवरी को मजबूत करने के लिए 22,800 और उसके बाद 23,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने की जरूरत होगी।

निफ्टी 50 के आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि मंगलवार को इंडेक्स ने 22,600 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करते हुए अच्छी रिकवरी दिखाई। इसके अलावा, CAS क्लोजिंग की वजह से इंडेक्स 22,800 के करीब बंद हुआ। डेली RSI ओवरसोल्ड ज़ोन से बाहर आ गया है और डेली RSI पर एक मज़बूत पॉजिटिव डाइवर्जेंस भी बना है। डे ने आगे कहा, “शॉर्ट टर्म में, जब तक इंडेक्स 22,600 के ऊपर बना रहता है, तब तक सेंटीमेंट पॉजिटिव रह सकता है, जिसमें 22,850 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह 22,850 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो और रिकवरी हो सकती है। हालांकि, अगर यह 22,850 के पार नहीं जा पाता है, तो मार्केट में करेक्शन आ सकता है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

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ईशान को मिलेगी टेस्ट में जगह? यह दो तेज गेंदबाज कर सकते हैं लंबे समय बाद वापसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जगह दिला सकती है। हालांकि, अभी उनका चयन पक्का नहीं है, लेकिन इस बात की संभावना है कि नवंबर के आखिर में न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए उन पर विचार किया जा सकता है। चयन समिति की बैठक इस हफ़्ते होने की उम्मीद है।

ऋषभ पंत – जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले खिलाड़ी और रेड-बॉल के दिग्गज माने जाते हैं – और ध्रुव जुरेल भी टीम में शामिल हैं (दोनों ने भारत के पिछले पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है), ऐसे में टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना शायद ज़रूरी न समझा जाए।

लेकिन टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों के बीच एक सोच यह भी है कि टेस्ट टीम में वापसी के लिए ईशान किशन का दावा मज़बूत है। उन्होंने अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच तीन साल से भी पहले खेला था, लेकिन हाल के दिनों में वे ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – और यह सिर्फ़ सीमित ओवर क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है।

दलीप ट्रॉफ़ी में ईस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करते हुए, ईशान ने फ़ाइनल में साउथ ज़ोन के खिलाफ़ 270 और 80 रनों की शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को खिताब जिताया। तीन मैचों में उन्होंने 100 से ज़्यादा की औसत से कुल 409 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत फिर से साबित की और फ़ाइनल में उन्हें सही मायने में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया। सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारतीय टीम में अपनी एक खास जगह बनाई है – 2026 में टी20 में 1,005 रनों के साथ वे भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय चयन समिति तीन विकेटकीपरों वाली स्थिति को कैसे संभालती है, लेकिन जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम चुनने बैठेंगे, तो ज़्यादातर चर्चा ईशान पर ही होगी। एक सोच यह भी है कि दिलीप ट्रॉफ़ी में उनके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वैसे भी, ईशान सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के बजाय विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलने के लिए जाने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए आकाश दीप को एक अहम गेंदबाज माना जा रहा है, जबकि मुकेश कुमार भी दौड़ में हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ को जीत दिलाई थी। बंगाल के इस तेज़ गेंदबाज़ का दिलीप ट्रॉफ़ी में ‘ईस्ट’ के लिए भी अच्छा प्रदर्शन रहा और उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए।

इसके अलावा, पता चला है कि हर्षित राणा ने भी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में गेंदबाजी शुरू कर दी है, हालांकि उनकी फ़िटनेस की सही स्थिति अभी साफ़ नहीं है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार का खेलना लगभग तय है और प्रसिद्ध कृष्णा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, इसलिए चयनकर्ता के पास काफ़ी विकल्प मौजूद हैं – न सिर्फ़ विकेटकीपिंग विभाग में, बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी में भी। अन्य खिलाड़ियों के अलावा, पिछले साल शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए ज़्यादातर खिलाड़ी भी दौड़ में होंगे, बशर्ते वे चोट के कारण उपलब्ध न हों।