कड़ा हुआ खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, 5 मिनट में दौड़ने होगे 1200 मीटर

Team India

भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस परीक्षण पहले यो यो टेस्ट से होता था लेकिन अब रग्बी के खेल में फिटनेस जांचने का टेस्ट जिसे BRONCO कहते हैं वह अब भारतीय क्रिकेट टीम अपनाने वाली है। यह टेस्ट योयो टेस्ट से भी काफी कठिन होने वाला है।

ब्रोंको टेस्ट एक प्रशिक्षण अभ्यास है जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर शटल रन से शुरुआत करता है, जिसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ भी होती है। ये तीन रन मिलकर एक सेट बनाते हैं। गौरतलब है कि एक खिलाड़ी को ऐसे पाँच सेट करने होते हैं, जो बिना रुके कुल 1200 मीटर दौड़ के बराबर होंगे। खिलाड़ियों को यह टेस्ट छह मिनट में पूरा करना होता है।

समझा जाता है कि टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के बेंगलुरु स्थित उत्कृष्टता केंद्र में ब्रोंको टेस्ट दे चुके हैं। ब्रोंको टेस्ट के अलावा, बीसीसीआई भारतीय टीम के सितारों के लिए फिटनेस टेस्ट के तौर पर यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर का टाइम ट्रायल भी आयोजित करता है।

गौरतलब है कि ले रॉक्स जून 2025 में भारतीय टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में शामिल हुए थे; जनवरी 2022 से मई 2023 तक टीम इंडिया में भी वह इसी पद पर थे और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों में भी काम किया।

भारत के कई अनुबंधित खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुंचे

गौरतलब है कि भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किए गए ब्रोंको टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। यह टेस्ट फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए शुरू किया गया है और कोच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए वेट ट्रेनिंग की बजाय रनिंग ड्रिल को ज़्यादा प्राथमिकता देने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रतिश्ठित अंग्रेजी अखबार के सूत्र के हवाले से बताया, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ब्रोंको टेस्ट शुरू किया गया है। भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं और उन्होंने यह टेस्ट दिया है। ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि फिटनेस मानक स्पष्ट हों।”

‘टैलेंट में विराट के बराबर हैं राहुल, लेकिन…’ वसीम जाफर ने बताया दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर लंबे समय तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े रहे। टीम के मेंटर रहते हुए उन्होंने केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ काम किया। इस दौरान उन्हें इन खिलाड़ियों के खेल और उनकी बल्लेबाजी को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केएल राहुल के साथ काम करने का अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास बेहतरीन तकनीक और शानदार बल्लेबाजी क्षमता है। जाफर ने कहा केएल राहुल बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हैं।

क्या है दोनों के बीच फर्क

जाफर के अनुसार, राहुल अपनी क्षमता के हिसाब से अभी उतने रन नहीं बना पाए हैं, जितने उनसे उम्मीद की जाती है। जाफर ने कहा कि राहुल के पास विराट कोहली जैसी बल्लेबाजी करने की काबिलियत है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी सोच और बड़े मौके पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता का है।

राहुल को लेकर क्या कहा

जाफर ने कहा, “केएल राहुल बेहतरीन खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में शानदार क्रिकेट खेलते हैं। उनकी तकनीक मजबूत है और वह मैदान पर काफी शांत रहते हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह अभी तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वह भारत और अपनी आईपीएल टीम, दोनों के लिए इससे भी ज्यादा रन बना सकते हैं। मेरे हिसाब से टैलेंट और क्वालिटी के मामले में वह विराट कोहली के बराबर हैं, लेकिन विराट की मजबूत मानसिकता ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।”

इंग्लैंड सीरीज में राहुल का प्रदर्शन

केएल राहुल ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई। राहुल उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की है और हर फॉर्मेट में शतक भी लगाया है। फिलहाल केएल राहुल टेस्ट टीम में भारत के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहले और तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी की, लेकिन सिर्फ 1 और 12 रन ही बना सके।

नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे।

लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है।

भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है।

सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था।

इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया।

निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं।

भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह

‘मेरी छवि खराब करने की कोशिश हुई’ कुक के साथ मारपीट विवाद पर क्रिकेटर शशांक सिंह ने तोड़ी चुप्पी

पंजाब किंग्स के खिलाड़ी शशांक सिंह ने अपने और परिवार के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले पर पहली बार रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पूरी तरह झूठी है और एक मशहूर खिलाड़ी होने की वजह से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। शशांक के मुताबिक इस मामले का इस्तेमाल उन पर दबाव बनाने और कथित तौर पर उगाही करने के लिए किया गया। बता दें पिछले महीने भोपाल के रातीबाद थाने में शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह के खिलाफ उनके घर में काम करने वाले कुक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

कुक ने आरोप लगाया था कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वहीं शशांक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।

शशांक सिंह ने क्या कहा

शशांक सिंह ने लिखा, “इस घटना ने मुझे पूरी तरह बदल दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए, जिन्हें मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। मैं यह बात किसी की सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रहा, बल्कि इसलिए साझा कर रहा हूं क्योंकि मेरे परिवार और मैंने पहली बार ऐसी स्थिति का सामना किया है। मुझे उम्मीद है कि दूसरे लोग भी इससे कुछ सीखेंगे। एक खिलाड़ी होने के नाते मैंने वर्षों तक आलोचना, ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना किया है और उसके साथ जीना भी सीख लिया है। लेकिन इस बार मामला अलग था। देखते ही देखते मुझे ऐसे पेश किया गया, मानो मैंने अपने से कमजोर और कम साधन वाले व्यक्ति के साथ मारपीट की हो। बिना पूरी सच्चाई जाने हजारों लोगों ने मुझे सोशल मीडिया पर गलत बातें कहीं।”

 

वीडियो देख हैरान थे हम

उन्होंने आगे लिखा, “मैं आज भी इस बात को लेकर सवाल उठाता हूं कि शिकायत में जो बातें कही गईं, वे कैसे सामने आईं। जिस दिन वह हमारे घर से गया, उस समय उसे किसी तरह की चोट नहीं थी। बाद में जब हमने उसका वीडियो देखा तो हम हैरान रह गए। हमें समझ नहीं आया कि इतनी गंभीर चोटें आखिर आईं कैसे। वह अपनी इच्छा से हमारे घर काम करने आया था, लेकिन तीसरे ही दिन हमने उसे वापस भेज दिया। इसकी वजह ये थी कि हमने उसे घर में इधर-उधर घूमते, घर के अंदर की तस्वीरें खींचते और उन्हें अपने दोस्तों या साथियों को भेजते हुए देखा था। बाद में इस पूरे घटनाक्रम को देखकर हमें कई बातें समझ में आने लगीं।”

 

ये घटना सोची-समझी साजिश

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी और इसका मकसद उन पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठना था। उन्होंने आगे लिखा, “जैसे-जैसे इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आती गई, मुझे पूरा भरोसा हो गया कि वह हमारे घर किसी अच्छे इरादे से नहीं आया था। मेरे अनुसार, पूरी योजना झूठी एफआईआर दर्ज कराकर मुझ पर दबाव बनाने की थी। शायद उन्हें लगा कि एक सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति होने के कारण मैं अपनी छवि बचाने के लिए पैसे देने को मजबूर हो जाऊंगा। मेरा मानना है कि इस मामले में एफआईआर का इस्तेमाल किसी वास्तविक शिकायत के लिए नहीं, बल्कि कथित तौर पर दबाव बनाकर उगाही करने के साधन के रूप में किया गया।”

उन्होंने एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। 33 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि, पुलिस ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले उनका पक्ष जानने या उनसे पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने लिखा, “मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की हुई कि जहां कई वास्तविक पीड़ितों को गंभीर मामलों में भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ बिना हमारी बात सुने और बिना किसी पूछताछ के तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई।”

शशांक सिंह ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें उन्हें 30 अप्रैल 2026 की एक दूसरी कथित घटना से जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि इन खबरों में बुनियादी तथ्यों की भी जांच नहीं की गई। शशांक के मुताबिक, जिस दिन की घटना का जिक्र किया जा रहा है, उस दिन वह आईपीएल मैच खेल रहे थे, इसलिए उन पर लगाए गए आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।

शशांक सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि घटना के समय वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थे। उन्होंने लिखा, “इस पूरे अनुभव ने मुझे कई कठिन सबक सिखाए हैं। किसी पर सिर्फ दया या हमदर्दी के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। घर में काम करने के लिए हमेशा किसी रजिस्टर्ड एजेंसी के जरिए ही कर्मचारी रखें और उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।”