न्यूजीलैंड दौरे के लिए तैयार किए जाएंगे आकिब नबी, सरे के लिए खेलेंगें काउंटी

रणजी ट्रॉफी में चमक बिखेरने के बाद भारतीय टेस्ट टीम दल में शामिल होने वाले आकिब नबी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड काउंटी का अनुभव देना चाहती है ताकि न्यूजीलैंड श्रृंखला में भारत के पास तेज गेंदबाजी विकल्प रहें। गौरतलब है कि जसप्रीत बुमराह के फिटनेस पर संदेह के बादल हैं और मोहम्मद सिराज की गेंद की गति धीमी होती जा रही है।ऐसे में टीम को एक विश्वसनीय नाम चाहिए जो कि न्यूजीलैंड में विकेट निकाले।

इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज आकिब नबी भारत के अक्टूबर में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन एक में सरे के लिए तीन मैच खेलने के लिए ब्रिटेन रवाना हुए।    नबी को हाल में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की श्रृंखला के लिए चोटिल जसप्रीत बुमराह के स्थान पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिला।

गोपनियता की शर्त पर शीर्ष भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक सूत्र ने बताया, ‘‘नबी दुबई से ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए हैं और बुधवार को यॉर्कशर के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने को लेकर बेताब हैं।’’

रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नबी के समय पर लौटने की भी उम्मीद है जिससे कि वह पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत के चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट मैच में हिस्सा ले सकें। यह श्रृंखला 22 सितंबर से शुरू होगी।जम्मू-कश्मीर ने पिछले सत्र में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था।

इससे पहले खबर आई थी कि सरे को स्विंग गेंदबाज की तलाश थी और नबी को कुछ मैच में क्लब की ओर से खिलाने को लेकर बातचीत चल रही थी।यॉर्कशर के खिलाफ दो से पांच सितंबर तक होने वाले मुकाबले के बाद सरे को आठ से 11 सितंबर तक ससेक्स और 15 से 18 सितंबर तक ग्लेमोर्गन का सामना करना है।

आकिब बने थे रणजी के मैन ऑफ द मैच

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली। हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं।

नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी

MS dhoni: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ समय से नों काफी चर्चा में हैं। ऐसी खबरे थी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी की हिस्सेदारी की मांग की थी। दावा किया गया था कि धोनी ने सीएसके में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी (स्टेक) की मांग की थी, लेकिन कंपनी 5.5 प्रतिशत ही स्टेक ऑफर किया था, जिसे धोनी ने मना कर दिया। CSK मैनेजमेंट और धोनी के बीच बात नहीं बन पाई। वहीं अब इन खबरों पर फ्रेंचाइजी के CEO काशी विश्वनाथन ने अपना रिएक्शन दिया है।

CEO ने क्या कहा

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने धोनी के टीम में हिस्सेदारी लेने वाली खबरों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने IPL के अगले सीजन को लेकर भी धोनी के CSK के साथ जुड़े रहने पर जानकारी दी है। बता दें धोनी के CSK में हिस्सेदारी लेने की खबरों के बाद फ्रेंचाइजी और उनके बीच रिश्तों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन, इन खबरों की कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में धोनी और CSK के बीच मतभेद होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

क्या थी अफवाह

क्रिकब्लॉगर की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने शुरुआत में CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इसके जवाब में CSK ने उन्हें 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश की थी।

विश्वनाथन ने इन दावों को किया खारिज

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने PTI से बातचीत में इन सभी दावों को खारिज कर दिया और खबरों को “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताया। उन्होंने IPL 2027 में धोनी के खिलाड़ी के तौर पर भविष्य को लेकर भी बात की। विश्वनाथन ने कहा, “धोनी ने अभी तक यह नहीं कहा है कि वह नहीं खेलेंगे। इसलिए हमें इंतजार करना चाहिए।” उन्होंने हिस्सेदारी से जुड़ी खबरों को भी “प्लांटेड स्टोरी” बताया।

नए कोच की तलाश में सीएसके

सूत्रों के मुताबिक, IPL 2027 से पहले CSK की टीम को लेकर एमएस धोनी की भूमिका अहम हो सकती है। टीम के नए हेड कोच के चयन से लेकर खिलाड़ियों की टीम तैयार करने तक धोनी की राय को महत्व दिया जा सकता है। स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद फ्रेंचाइजी अब नए कोच की तलाश में है। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए CSK का साथ छोड़ा था।

धोनी 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ही सीएसके के साथ जुड़े हैं। CSK ने IPL 2025 से पहले धोनी को 4 करोड़ रुपये में टीम में रिटेन किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को 5 ट्रॉफी जीता चुके हैं। वहीं चोट के चलते वह IPL 2026 में CSK की ओर से एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।

Impact Player को हटाने के पक्ष में भारतीय क्रिकेट बोर्ड, मांगे फ्रैंचाइजी के सुझाव

इंडियन प्रीमियर लीग में 3 साल पहले आए इम्पैक्ट प्लेयर नियम की चौतरफा आलोचना के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार फ्रैंचाइजी से इसके बारे में अपना अंतिम विचार जानने के लिए सोमवार 31 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की है। अगर ज्यादातर फ्रैंचाइजी इसके खिलाफ होंगी तो यह नियम अगले सत्र के लिए बरकरार नहीं रहेगा।

3 साल पहले में लाया गया था यह नियम

 भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग को रोमांचक बनाने के लिये पहली बार यह नियम पेश किया था।यह नियम टीमों को एक मैच में स्थिति के आधार पर एक और गेंदबाज या बल्लेबाज को मैदान पर उतारने की अनुमति देता था। नियम का उद्देश्य खेल में एक रणनीतिक आयाम जोड़ना था जिससे टीमें मैच की स्थिति के आधार पर सामरिक परिवर्तन कर सकें।

इस तरह के किसी भी विकल्प को हालांकि पारी के 14वें ओवर से पहले किया जाता था। इसके तहत टीम में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ के तौर पर शामिल होने वाला खिलाड़ी अपने कोटे की पूरी गेंदबाजी या नए बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी कर सकता था।

इसके अतिरिक्त, यदि शुरुआती एकादश में पहले से ही चार विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो इम्पैक्ट प्लेयर विदेशी नहीं हो सकता था। यदि शुरुआती एकादश में चार से कम विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो एक गैर-भारतीय इम्पैक्ट प्लेयर को पेश किया जा सकता था।

टूर्नामेंट की समिति ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूशन’ (इम्पैक्ट खिलाड़ी के स्थानापन्न) की घोषणा हुई थी जिसमें एक नये खिलाड़ी को मैच के दौरान पांच निर्धारित स्थानापन्न खिलाड़ियों से बदला जा सकता था।

सचिन समेत कई दिग्गजों ने की थी इस नियम की आलोचना

इंडियन प्रीमियर लीग में जान फूंकने के लिए दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सचिन तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग IPL में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाने के लिए विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म करने की वकालत की और साथ ही कुछ अन्य बदलाव करने के लिए भी सुझाव दिए।

तेंदुलकर ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘मेरी निजी राय है कि कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे मुझे लगता है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम खत्म कर देना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 प्रारूप में आपको केवल 20 ओवर खेलने होते हैं। फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कप्तान रोहित शर्मा से सहमति जताते हुए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंपैक्ट खिलाड़ी के नियम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे खेल का संतुलन बिगड़ रहा है।आईपीएल के पिछले सत्र से पारी के बीच में स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का नियम शुरू हुआ है जिस पर रोहित ने भी नाराजगी जताई थी।

कोहली ने कहा ,‘‘ मैं रोहित का समर्थन करता हूं। मनोरंजन खेल का एक पहलू है लेकिन संतुलन भी होना चाहिये। इससे खेल का संतुलन बिगड़ा है और कई लोगों को ऐसा लगता है , सिर्फ मुझे नहीं।’’

रोहित ने पॉडकास्ट में कहा ,‘‘ मैं इस नियम का मुरीद नहीं हूं। इससे हरफनमौलाओं पर विपरीत असर पड़ेगा। क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 12 का नहीं।’’आईपीएल के इस सत्र में आठ बार 250 रन से अधिक का स्कोर बना और कोहली गेंदबाजों का दर्द समझते हैं।

Video: दलीप ट्रॉफी डेब्यू पर फ्लॉप रहे वैभव सूर्यवंशी, ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन 8 रन पर लौटे पवेलियन

Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए रेड बॉल क्रिकेट की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी के अपने पहले मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। रविवार को बेंगलुरु में नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत की। लेकिन वह ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। वैभव सिर्फ 6 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने शुरुआत में दो चौके लगाए, लेकिन 8 रन के स्कोर पर आउट होकर वापस लौट गए।

कैसी थी वैभव की पारी

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आउट होने से पहले कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी। पेसर बिश्वोर्जित कोंथौजम ने उन्हें आउट किया। वैभव ने शुरुआत में कुछ गेंदों को संभलकर खेला और फिर एक अच्छी लेंथ की गेंद पर डीप मिड-विकेट की ओर चौका लगाया। लेकिन, दूसरे ओवर में ही उनकी पारी खत्म हो गई। कोंथौजम की ऑफ स्टंप गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में अच्छा शॉट खेला। इसके बाद गेंदबाज ने अपनी रणनीति बदली और ओवर की आखिरी गेंद थोड़ी छोटी और बाहर की ओर रखी। वैभव ने गेंद को पॉइंट की तरफ खेलने की कोशिश की, लेकिन उनका शॉट सही नहीं लगा और गली में कैच हो गया। इस तरह उनकी पारी 8 रन पर खत्म हो गई।

 

वैभव आईपीएल से चर्चा में

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी करने की कोशिश की और बाउंड्री लगाने का मौका तलाशते रहे। लेकिन, नॉर्थ ईस्ट जोन के गेंदबाजों को पिच से मदद मिल रही थी और गेंद दोनों तरफ घूम रही थी। ऐसे में वैभव का आक्रामक अंदाज इस बार उनके लिए भारी पड़ गया। ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी IPL में अपने शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए T20I डेब्यू के बाद लगातार चर्चा में रहे हैं। इस युवा बल्लेबाज ने कई बार बताया है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना है और इसके लिए वह लंबे फॉर्मेट में खुद को साबित करना चाहते हैं।

Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”

पूर्व तेज गेंदबाज बना कर्नाटक का कोच, दर्ज है यह शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ विनय कुमार को आगामी घरेलू सीज़न के लिए कर्नाटक का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 42 वर्षीय विनय यह ज़िम्मेदारी येरे गौड़ से संभालेंगे, जबकि कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ दीपक चौगले फ़ील्डिंग कोच के रूप में उनके सपोर्ट स्टाफ़ का हिस्सा होंगे।

हाल ही में महाराजा T20 ट्रॉफ़ी में हुबली टाइगर्स की कमान संभालने के बाद, कर्नाटक के मुख्य कोच के रूप में विनय की यह पहली ज़िम्मेदारी होगी। उनके पास फ्रेंचाइजी T20 कोचिंग का भी उच्च स्तरीय अनुभव है, जहां वह UAE की ILT20 में 'MI एमिरेट्स' के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। इसके अलावा 2021 में प्रथम श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, विनय मुंबई इंडियंस में IPL टैलेंट स्काउट की भूमिका भी निभा चुके हैं।

विनय रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में 442 शिकारों के साथ तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं और भारत के इस प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में खेले 139 प्रथम श्रेणी मैचों में 22.44 की शानदार औसत से कुल 504 विकेट चटकाए। भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद, विनय ने 2013 से 2015 के दौरान कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को लगातार दो बार ऐतिहासिक 'ट्रेबल' विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी, रणजी ट्रॉफ़ी और ईरानी कप जिताया था।

भारत के लिए एक टेस्ट और 31 वनडे खेलने के अलावा, विनय कोलकाता नाइट राइडर्स (2014) और मुंबई इंडियंस (2015 और 2017) की उन टीमों का भी हिस्सा थे जिन्होंने IPL ख़िताब जीता था। पिछले सीज़न की उपविजेता रही कर्नाटक की टीम 11 अक्टूबर को आंध्र के ख़िलाफ़ अपने 2026-27 रणजी ट्रॉफ़ी अभियान की शुरुआत करेगी।

विनय कुमार के नाम दर्ज है सबसे महंगी गेंदबाजी प्रदर्शन का अनचाहा रिकॉर्ड

विनय कुमार ने अपने राज्य की टीम का नेतृत्व करते हुए लगातार रणजी ट्राफी खिताब भी दिलाये हैं। 42 साल के इस खिलाड़ी ने भारत के लिये एक टेस्ट, 31 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिसमें उन्होंने कुल 49 विकेट हासिल किये। विनय ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच साल 2013 में खेला था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में वह काफी महंगे साबित हुए थे और अपने 10 ओवर के स्पैल में में 100 से ज्यादा रन दे दिए थे।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विनय कुमार ने 139 मैचों में 504 विकेट झटके हैं जिसमें उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर आठ विकेट लेना है।उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में वनडे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2011 में रहा जिसमें उन्होंने दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ 30 रन देकर चार विकेट चटकाये थे।


GT ने ठुकराई कप्तानी की शर्त, अब KKR के VIDEO में दिखे Hardik Pandya! क्या मिल गया बड़ा हिंट?

12 अगस्त को Kolkata Knight Riders ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसने Hardik Pandya के IPL भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को एक बार फिर तेज कर दिया। वीडियो में KKR के स्टार स्पिनर Varun Chakravarthy BCCI Centre of Excellence के जिम में वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान पीछे से Hardik Pandya उनकी नकल करते हुए कैमरे की ओर मुस्कुराते दिखाई देते हैं। KKR के इस पोस्ट के सामने आते ही क्रिकेट फैंस ने इसे महज एक मजेदार वीडियो मानने के बजाय संभावित ट्रेड से जोड़ना शुरू कर दिया। 

 

वीडियो की खास बात यह रही कि Hardik इसमें अचानक फ्रेम में दिखाई देते हैं और Varun की एक्सरसाइज को कॉपी करते हुए कैमरे पर रिएक्ट करते हैं। KKR ने इस हल्के-फुल्के पल को अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, लेकिन इसके बाद फैंस के बीच एक अलग ही चर्चा शुरू हो गई क्या KKR ने जानबूझकर Hardik Pandya को अपने वीडियो में दिखाकर कोई संकेत दिया है?

 

दरअसल, Hardik Pandya को लेकर IPL 2027 से पहले ट्रेड की अटकलें पहले से ही चल रही हैं। मौजूदा समय में Hardik Mumbai Indians के कप्तान हैं, ऐसे में KKR के सोशल मीडिया हैंडल से उनका इस तरह नजर आना फैंस के लिए काफी बड़ा इशारा बन गया। कई रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में इस वीडियो को Hardik के संभावित KKR मूव से जोड़कर देखा जा रहा है। 

 

हालांकि, अभी तक KKR या Hardik Pandya की ओर से किसी ट्रेड की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो को सीधे तौर पर Hardik के KKR में जाने की पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन जिस समय यह वीडियो सामने आया है और जिस तरह से फैंस पहले से ही Hardik के ट्रेड को लेकर चर्चा कर रहे हैं, उसने अटकलों को जरूर और हवा दे दी है।

अब सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह सिर्फ Varun Chakravarthy और Hardik Pandya का एक मजेदार जिम मोमेंट था, या KKR ने IPL 2027 के लिए अपने अगले बड़े खिलाड़ी की झलक दे दी?

 

 इससे पहले उनके Gujarat Titans में वापसी की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, GT Hardik को वापस लेने के लिए तैयार थी और मौजूदा कप्तान Shubman Gill से भी इस बारे में बात हुई थी। हालांकि, Hardik की ओर से कथित तौर पर कप्तानी को लेकर शर्त रखे जाने के बाद मामला बिगड़ गया और Gujarat Titans ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया। अब इसी बीच Kolkata Knight Riders की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने Hardik के अगले ठिकाने को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।।

 

गुजरात लौटना चाहते थे हार्दिक, लेकिन रख दी ऐसी शर्त कि GT ने कर दिया साफ इनकार!

IPL 2027 से पहले हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) में वापसी की संभावनाएं तलाशीं, लेकिन उनकी एक शर्त ने इस संभावित ट्रेड का रास्ता रोक दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्दिक गुजरात लौटने के लिए तैयार थे, लेकिन वह कप्तानी की भूमिका भी वापस चाहते थे। गुजरात टाइटंस ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया और बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि, हार्दिक के प्रवक्ता ने साफ किया है कि उन्होंने किसी फ्रेंचाइजी से सीधे Trade या ट्रांसफर को लेकर बातचीत नहीं की है। 

 

गुजरात को हार्दिक की वापसी से ऐतराज नहीं था, लेकिन कप्तानी पर अटक गई बात

 

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात टाइटंस हार्दिक को दोबारा टीम में शामिल करने के विचार के खिलाफ नहीं थी। यहां तक कि मौजूदा कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) से भी इस संभावित वापसी को लेकर चर्चा की गई थी और वह भी ट्रेड के रास्ते हार्दिक की वापसी के लिए तैयार बताए गए। लेकिन जैसे ही कप्तानी को हार्दिक की वापसी की शर्त के तौर पर रखा गया, फ्रेंचाइजी ने पीछे हटने का फैसला किया। यानी खिलाड़ी की वापसी पर समस्या नहीं थी, असली पेंच नेतृत्व की जिम्मेदारी को लेकर फंसा। 

 

हार्दिक और गुजरात टाइटंस का रिश्ता वैसे भी IPL की सबसे खास कहानियों में से एक रहा है। 2022 में हार्दिक ने पहली बार गुजरात की कप्तानी संभाली और फ्रेंचाइजी ने अपने डेब्यू सीजन में ही IPL ट्रॉफी जीत ली। इसके बाद 2023 में भी गुजरात फाइनल तक पहुंची। हार्दिक के नेतृत्व में टीम ने लगातार दो सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में गुजरात में उनकी वापसी सिर्फ एक ट्रेड नहीं, बल्कि एक पुराने सफल कप्तान की घर वापसी होती लेकिन कप्तानी का सवाल इस संभावित रीयूनियन के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बन गया।

 

2024 में MI लौटे थे हार्दिक, अब फिर बदल सकता है ठिकाना

 

हार्दिक ने 2023 सीजन के बाद गुजरात का साथ छोड़ा और 2024 में मुंबई इंडियंस में वापसी की। उनकी वापसी के साथ ही उन्हें टीम की कप्तानी भी सौंप दी गई और लंबे समय से टीम की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा की जगह हार्दिक को कप्तान बनाया गया। इस फैसले पर MI फैंस की तरफ से काफी नाराजगी देखने को मिली और 2024 सीजन में हार्दिक को मैदान पर हूटिंग का भी सामना करना पड़ा। 2025 में टीम के प्रदर्शन में कुछ सुधार से माहौल थोड़ा बेहतर हुआ, लेकिन 2026 सीजन ने फिर उनकी स्थिति को सवालों के घेरे में ला दिया।

 

मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 में 14 में से सिर्फ 4 मुकाबले जीते और 9वें स्थान पर रही, जिसके बाद टीम में हार्दिक की भूमिका और कप्तानी को लेकर अटकलें तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, MI मैनेजमेंट उनकी कप्तानी जारी रखने को लेकर आश्वस्त नहीं था और टीम में उनकी भूमिका का भी मूल्यांकन किया जा रहा था। 

 

IPL 2026 में कैसा रहा Hardik का प्रदर्शन?

 

हार्दिक के लिए 2026 सीजन व्यक्तिगत तौर पर भी बहुत खास नहीं रहा। उपलब्ध MI आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 10 मैचों में 9 पारियों में 64 रन बनाए और गेंदबाजी में 4 विकेट लिए। उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट करीब 11.42 रहा, जबकि गेंदबाजी में उनका इकॉनमी रेट 9.18 के आसपास रहा। 

 

पूरे IPL करियर की बात करें तो हार्दिक ने अब तक 162 मैचों में 2,955 रन बनाए हैं, जिसमें 10 अर्धशतक शामिल हैं। गेंद से भी वह टीमों के लिए उपयोगी रहे हैं और उनके नाम IPL में 64 विकेट दर्ज हैं। 

 

यानी हार्दिक का overall IPL रिकॉर्ड उन्हें अभी भी एक बड़े ऑलराउंडर के तौर पर स्थापित करता है, लेकिन 2026 में उनके आंकड़े और MI का प्रदर्शन उस स्तर के नहीं रहे, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है।

 

 हार्दिक ने सीधे किसी फ्रेंचाइजी से बात की? प्रवक्ता ने दिया बड़ा बयान

 

इस पूरी कहानी में एक अहम ट्विस्ट हार्दिक पंड्या के प्रवक्ता का बयान है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अलग तरीके से पेश करते हुए कहा कि हार्दिक ने किसी भी फ्रेंचाइजी से सीधे ट्रांसफर, ट्रेड या किसी अन्य तरीके से बातचीत नहीं की। उनके मुताबिक, अगर हार्दिक को लेकर किसी फ्रेंचाइजी की तरफ से कोई संपर्क हुआ भी है, तो वह मुंबई इंडियंस के माध्यम से हुआ है। गुजरात टाइटंस के प्रतिनिधि ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। 

 

अब आगे क्या? KKR और CSK की भी नजर!

 

हार्दिक के भविष्य को लेकर गुजरात के अलावा दूसरी फ्रेंचाइजियों के नाम भी चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों की दिलचस्पी का जिक्र आया है, हालांकि फिलहाल किसी ट्रेड को लेकर कोई आधिकारिक डील सामने नहीं आई है। हार्दिक के लिए अगला सवाल सिर्फ यह नहीं है कि वह मुंबई में रहेंगे या नहीं, बल्कि यह भी है कि अगर टीम बदलते हैं तो क्या उन्हें फिर से कप्तानी की जिम्मेदारी मिलेगी। 

 

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि हार्दिक पंड्या का IPL 2027 से पहले कप्तानी वाला चैप्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला है। गुजरात में जिस कप्तान ने टीम को डेब्यू सीजन में चैंपियन बनाया था, उसी कप्तान की वापसी का रास्ता अब नेतृत्व की शर्त पर अटक गया है।

संदीप लामिछाने फिर बने नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान

लेग स्पिनर संदीप लामिछाने ने ACC पुरुष प्रीमियर कप से पहले बतौर ODI कप्तान रोहित पॉडेल की जगह ली है। 30 अगस्त से 12 सितंबर तक मलेशिया में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (CAN) ने 14 सदस्यीय दल की घोषणा की है।

यह नेपाल के कप्तान के तौर पर लामिछाने का दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वह 2022 में 14 ODI और 18 T20I में नेपाल की कप्तानी कर चुके हैं। नेपाल की कप्तानी में बदलाव ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में नेपाल की लगातार चार हार के बाद किया गया है। आठ टीमों वाली इस प्रतिस्पर्धा में नेपाल की टीम सातवें स्थान पर रही।

चार साल पहले लामिछाने की कप्तानी में नेपाल ने 14 ODI में से मात्र तीन मुक़ाबले जीते थे। 2022 में लामिछाने के ख़िलाफ़ वारंट जारी होने के बाद उन्हें नेपाल ने निलंबित कर दिया था। 2023 में काठमांडु की ज़िला अदालत ने उन्हें रेप के मामले में दोषी पाया था, हालांकि 2024 में पाटन कोर्ट ने लामिछाने को सबूत के आभाव में रेप के आरोप से बरी कर दिया था।

निलंबन के समय लामिछाने सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में नेपाल के कप्तान थे। अब दीपेंद्र सिंह ऐरी T20I में नेपाल के कप्तान हैं।

लामिछाने नेपाल के गेंदबाज़ी आक्रमण के अहम सदस्य हैं, उन्होंने 77 मुक़ाबलों में 154 विकेट हासिल किए हैं। 2021 में पपुआ न्यू गिनी के ख़िलाफ़ 11 रन देकर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। T20 सर्किट में भी उन्होंने अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाई है। IPL, PSL, BBL, CPL और हाल ही में BBL में कुल मिलाकर उन्होंने 91 मुक़ाबले खेले हैं। लामिछाने फ़रवरी 2026 में नेपाल के T20 विश्व कप दल का भी हिस्सा थे, जिसमें नेपाल ने चार में से एक मैच जीता था।

ACC पुरुष प्रीमियर कप के लिए नेपाल का दल

संदीप लामिछाने (कप्तान), रोहित पॉडेल, आसिफ़ शेख़, अर्जुन कुमाल, देव खनाल, दीपेंद्र सिंह ऐरी, बारिस अहमद, इशान पांडे, गुलशन कुमार झा, शेर मल्ला, ललित नारायण राजबंशी, करण केसी, हेमंत धामी, संदीप जोरा

Abishek Porel: कभी ऋषभ पंत के बने थे रिप्लेसमेंट…कौन हैं अभिषेक पोरेल? अब रेप केस में हुए गिरफ्तार

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स और बंगाल के लिए खेलने वाले भारतीय क्रिकेटर अभिषेक पोरेल मुश्किल में फंस गए हैं। आईपीएल में पिछले चार सीजन से दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे पोरेल को सोमवार रात हुगली जिले की पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन पर एक महिला ने शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए क्रिकेटर को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कौन है अभिषेक पोरेल

हुगली (रूरल) के पुलिस सुपरिटेंडेंट कुनार भूषण सिंह ने बताया, “अभिषेक पोरेल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से आदेश भी जारी हुआ था। उन्हें सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया और आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।”

क्या है पूरा मामला

कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा ने 23 जून को मोगरा पुलिस थाने में अभिषेक पोरेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा का आरोप है कि, दोनों करीब साढ़े तीन साल से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे और शादी करने की योजना बना रहे थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की टीम कई बार चंदननगर स्थित पोरेल के घर भी पहुंची, लेकिन उस समय वह घर पर नहीं मिले। पुलिस ने अभिषेक पोरेल को सोमवार देर रात मोगरा इलाके से गिरफ्तार किया। इस मामले में पुलिस ने पोरेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया है। मामले में BNS की धारा 69 भी शामिल है।

कौन है अभिषेक पोरेल

आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले अभिषेक पोरेल घरेलू क्रिकेट में बंगाल की टीम का भी हिस्सा रहे हैं। अभिषेक पोरेल बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले विकेटकीपर हैं। उन्होंने 2023 में आईपीएल में डेब्यू किया था और अब तक दिल्ली कैपिटल्स के लिए 35 मैच खेल चुके हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने टीम के लिए चार मुकाबले खेले और चार पारियों में कुल 108 रन बनाए। इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी अक्षर पटेल ने की थी।

वहीं बंगाल के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 32 मैच खेलकर 1408 रन बनाए हैं। 23 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम 833 रन और 61 टी20 मैचों में 1590 रन हैं। पोरेल ने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया है। वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग के लिए भी जाने जाते हैं।