16 साल बाद भारत लौटेंगे ललित मोदी! IPL FEMA केस में राहत के बाद किया वापसी का ऐलान

IPL के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा है कि वे 16 साल बाद भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। 2010 में देश छोड़ने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। बता दें कि ललित मोदी पिछले एक दशक से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हैं और कई जांचों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में 2009 IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद अब वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटने का मन बना रहे हैं।

ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनकी प्रस्तावित वापसी से पिछले कई वर्षों से उनसे जुड़े कानूनी मामलों और विवादों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो सकती है।

ललित मोदी ने क्या कहा?

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि वह नतीजे से खुश हैं और इसे 16 साल लंबी कानूनी लड़ाई का नतीजा बताया।

उन्होंने कहा, “मैं कल आए फैसले से वाकई खुश हूं। यह वाकई मेरे लिए एक शानदार दिन रहा। मैंने 16 साल तक लड़ाई लड़ी है और मीडिया व बाकी सभी लोगों से मैंने जो कुछ भी कहा था, आखिरकार वही सच साबित हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा इंडियन प्रीमियर लीग के हित में काम किया है।

ललित मोदी ने कहा, “मुझे सिर्फ IPL की भलाई की चिंता थी और किसी चीज की नहीं। यह मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। अब वह अध्याय पीछे छूट चुका है, मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहा हूं और भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”

अपनी वापसी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं शायद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में वापस आऊंगा। अक्टूबर में मेरी बेटी को बेटा होने वाला है और उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा और मैं भारत वापस आ जाऊंगा।”

FEMA मामले में ट्रिब्यूनल से राहत

‘स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (जब्ती संपत्ति) एक्ट’ (SAFEMA) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी और अन्य अपीलकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने 2009 के IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ज्यादातर निष्कर्षों और जुर्माने को रद्द कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, हालिया फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि मामले में ललित मोदी की जिम्मेदारी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

कौन हैं ललित मोदी?

ललित मोदी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भी घिरा रहा। 2013 में, गलत व्यवहार से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों के कारण BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था।

बता दें कि उनका नाम IPL की शुरुआती सफलता और इसके कामकाज से जुड़े विवादों, दोनों से जुड़ा रहा है। भ्रष्टाचार, हितों के टकराव और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के कारण मोदी को अपने पद से हटना पड़ा। इन आरोपों में फ्रेंचाइजी की बोली और प्रसारण अधिकारों से जुड़े विवाद भी शामिल थे।

बाद में BCCI ने उन्हें बाहर कर दिया और आजीवन किसी भी क्रिकेट प्रशासनिक पद पर रहने से रोक दिया।

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ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटेंगे:ED का जुर्माना रद्द; IPL का पैसा विदेश भेजने का केस; बोले- मैं लीग की भलाई चाहता था

IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें
मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।
भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी, न कि ‘कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन’। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि ललित मोदी BCCI की ओर से FEMA नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे। इसके आधार पर ट्रिब्यूनल ने ED के ज्यादातर निष्कर्ष और ललित मोदी पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया।

Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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हार से तिलमिलाई इंग्लैंड ने इस पेस ऑलराउंडर को जोड़ा ODI टीम में

पहले एकदिवसीय मैच में भारत से 6 विकेट की एकतरफा हार से इंग्लैंड तिलमिला गई है। ऐसे में इंग्लैंड ने सैम करन गस एटकिंसन के बाद एक और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर को जगह दी है। T-20I सीरीज और एकदिवसीय सीरीज में आदिल रशीद ने महंगी गेंदबाजी की है। पहले एकदिवसीय मैच में भी स्पिन का हवाला देते हुए भी कप्तान ब्रूक ने उनसे सिर्फ 5 ओवर ही करवाए। ऐसे में माना जा रहा है कि यह तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कल होने वाले  एकदिवसीय मैच में उनकी जगह खेलेगा।

तेज़ गेंदबाज़ ब्राइडन कार्स को भारत के खिलाफ़ वनडे सीरीज़ के बाकी मैचों के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है। 30 साल के कार्स कलाई और कोहनी की चोट के कारण बाहर चल रहे थे, लेकिन हाल ही में डरहम के लिए तीन टी 20 ब्लास्ट मैचों में खेलकर उन्होंने वापसी की। इससे पहले, नेट्स में ट्रेनिंग के दौरान दाहिने हाथ में चोट लगने के कारण कार्स IPL नहीं खेल पाए थे। उनकी चोट के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी।

कार्स ने इंग्लैंड के लिए आखिरी बार सिडनी में न्यू ईयर एशेज़ टेस्ट के दौरान खेला था। इंग्लैंड के लिए उनका आखिरी वनडे नवंबर 2025 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ था। उन्होंने अब तक 30 वनडे मैच खेले हैं और 40.44 की औसत से 34 विकेट लिए हैं।सीरीज़ के बाकी दो मैच कार्डिफ़ (16 जुलाई) और लॉर्ड्स (19 जुलाई) में खेले जाएंगे।

इंग्लैंड टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ़्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, ब्राइडन कार्स, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टोंग।

FIFA World Cup 2026: अमिताभ बच्चन ने उठाए ‘अनुचित फैसलों’ पर सवाल, वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

FIFA World Cup 2026: अमिताभ बच्चन ने उठाए ‘अनुचित फैसलों’ पर सवाल, वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने रोमांचक आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है और इसी बीच बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में एक लंबी पोस्ट लिखकर फुटबॉल के इस महासंग्राम में हो रहे बड़े बदलावों, चौंकाने वाले नतीजों और कुछ फैसलों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले ऐसे रहे जिन्हें देखकर हैरानी हुई, लेकिन खेल की यही खूबसूरती है कि परिस्थितियां बदलती रहती हैं और मुकाबला आगे बढ़ता रहता है।

 

बिग बी बोले- वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

अमिताभ बच्चन ने हल्के अंदाज में अपनी बात शुरू करते हुए लिखा कि फीफा वर्ल्ड कप की टाइमिंग ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। देर रात होने वाले मुकाबलों के कारण उनका समय का हिसाब बिगड़ गया है।

 

उन्होंने लिखा कि मैच देखते हुए कभी खुशी मिलती है, कभी निराशा होती है और कई बार ऐसे फैसले देखने को मिलते हैं जिन्हें लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने खास तौर पर उन फैसलों का जिक्र किया जिन्हें उन्होंने एक टीम के पक्ष में और दूसरी के खिलाफ अनुचित महसूस किया।

 

बड़े फुटबॉल देशों की हार और नए सितारों का उदय

अमिताभ बच्चन ने कहा कि इस बार वर्ल्ड कप में कई मशहूर फुटबॉल देशों को हार का सामना करना पड़ा, जो काफी चौंकाने वाला है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि जिन टीमों से ज्यादा उम्मीद नहीं थी, उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई।

 

बिग बी के मुताबिक, यही खेल की सबसे बड़ी खासियत है कि नए खिलाड़ी और नई टीमें अचानक दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखा देती हैं।

 

IPL से जोड़कर समझाया टीम भावना का महत्व

अमिताभ बच्चन ने फुटबॉल और भारतीय क्रिकेट लीग आईपीएल के बीच एक समानता भी बताई। उन्होंने कहा कि आईपीएल में खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों के लिए खेलते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं, लेकिन जब वे राष्ट्रीय टीम के लिए मैदान में उतरते हैं तो सभी एक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना एक अलग तरह के चरित्र और जिम्मेदारी की मांग करता है।

 

17-18 साल के युवा खिलाड़ियों ने बदली तस्वीर

बिग बी ने फीफा वर्ल्ड कप में उभरती युवा प्रतिभाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ल्ड कप नई प्रतिभाओं और नई रणनीतियों को सामने लाता है।

 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 17 और 18 साल के खिलाड़ी भी अब पूरी दुनिया के सामने अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और खेल की दिशा बदल रहे हैं।

 

समय के साथ बदलती दुनिया पर भी की बात

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में बदलते समय और पीढ़ियों के बदलाव पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि दुनिया लगातार बदल रही है और ऐसी कई चीजें सामने आ रही हैं जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की गई थी।

 

उनके मुताबिक, तेजी से हो रहे बदलाव नई पीढ़ी के लिए अवसर लेकर आते हैं। युवा इन बदलावों का फायदा उठाते हैं, जबकि पुरानी पीढ़ी इन्हें देखकर हैरान होती है कि ये सब उनके समय में क्यों नहीं हुआ।

 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई पीढ़ी इन बदलावों की गवाह बनेगी और यही संतोष की बात है।

 

फीफा वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में पहुंचा रोमांच

कई रोमांचक और कांटे के मुकाबलों के बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब सेमीफाइनल चरण में पहुंच चुका है। खिताब की दौड़ में फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और अर्जेंटीना जैसी बड़ी टीमें आमने-सामने हैं।

 

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि कौन सी टीम फाइनल में जगह बनाकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के करीब पहुंचती है।

18 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स से विदा ली हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने

Stephen Fleming

न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने चेन्नई सुपर किंग्स से अपना 18 साल लंबा जुड़ाव बतौर मुख्य कोच आज आपसी सहमति से खत्म कर लिया। फ्लेमिंग और चेन्नई प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत हुई और लगा कि फ्लेमिंग अगले साल भी कोच की भूमिका में दिखेंगे लेकिन दोनों तरफ ने आगे साथ ना जाने की इच्छा जताई।

इस फैसले की घोषणा करते हुए CSK की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्रैचाइजी के लिए फ्लेमिंग के योगदान की तारीफ करते हुए कहा, “स्टीफन फ्लेमिंग इस फ्रैचाइजी के लगभग पूरे सफ़र के दौरान हमारी कोचिंग ईकाई की जान रहे हैं। लगभग दो दशकों से, उन्होंने हमारी पहचान, विजन और बेहतरीन प्रदर्शन की कोशिश को आकार देने में मदद की है। सुपर किंग्स फ्रैचाइजी के सभी लोगों की ओर से, हम उनकी अटूट प्रतिबद्धता, जुनून और अगुवाई के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। भले ही मैदान पर हमारा साथ सफ़र खत्म हो रहा है, लेकिन वह हमेशा टीम की विरासत का एक अहम हिस्सा बने रहेंगे।”

फ्लेमिंग ने कहा, “खेल की दुनिया में अठारह साल एक पूरी ज़िंदगी के बराबर होते हैं, और मैं सिर्फ़ आभार के साथ जा रहा हूं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे यादगार अनुभव रहा है। मुझे उन सभी चीज़ों पर गर्व है जो हमने हासिल की हैं। हमने साथ मिलकर यादगार जीत का जश्न मनाया, मुश्किल पलों का सामना किया और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। CSK हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी, और मैं आने वाले सालों में भी टीम का हौसला बढ़ाता रहूंगा।” उल्लेखनीय है कि फ्लेमिंग सबसे पहले 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में एक खिलाड़ी के तौर पर सीएसके से जुड़े थे और अगले ही साल मुख्य कोच बन गए।

2009 से 2026 तक, महेंद्र सिंह धोनी के साथ मजबूत रिश्ता बनाने वाले फ्लेमिंग ने टीम को लगातार सफलता दिलाई। उनकी देखरेख में फ्रेंचाइजी ने पांच आईपीएल खिताब और दो चैंपियंस लीग टी-20 खिताब जीते। फ्लेमिंग के कार्यकाल में सीएसके ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार आईपीएल फाइनल के लिए क्वालिफ़ाई किया, जिससे टूर्नामेंट की सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक के तौर पर उनकी पहचान पक्की हुई।

सीएसके ने अपना आखिरी खिताब 2023 सीजन में जीता था, जबकि उससे पिछले साल वे नौवें स्थान पर रहे थे। 2024 सीज़न में वे पांचवें स्थान पर रहे और 2025 में सबसे नीचे रहे। इस साल की शुरुआत में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा और वे आठवें स्थान पर रहे। इस बीच, फ्लेमिंग ने SA20 और MLC में भी सुपर किंग्स टीमों को कोचिंग दी।

‘ये तस्वीरें देखीं?’, अपनी ‘सीक्रेट’ तस्वीरें देखकर हैरान रह गए विराट कोहली; IPL के साथी को किया मेसेज

विराट कोहली इन दिनों परिवार के साथ ब्रिटेन में हैं। 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज वह खेलेंगे। इसी बीच इंग्लैंड के युवा खिलाड़ी जॉर्डन कॉक्स ने बताया कि ब्रिटेन में कोई उनकी सीक्रेट तस्वीरें खींच रहा था। तस्वीरें देखकर दोनों हैरान रह गए। 

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर उठे सवालों का BCCI ने दिया जवाब, चयन प्रक्रिया पर तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड के पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला था। टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों पर भरोसा जताया था। दूसरे टी20 में वैभव को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। वहीं अपने पहले मैच में वैभव 14 रन बनाकर आउट हुए। टीम में वैभव के सेलेक्शन पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे।

वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद टीम चयन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में मौका सिर्फ अच्छे प्रदर्शन और काबिलियत के आधार पर मिलता है, किसी दबाव या सिफारिश से नहीं।

राजीव शुक्ला ने क्या कहा

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ANI से कहा, “वैभव सूर्यवंशी को उनके डेब्यू और यह मौका मिलने पर मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। BCCI किसी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं करता। जो खिलाड़ी अपनी काबिलियत के दम पर मौका पाने के हकदार होते हैं, उन्हें टीम में जगह जरूर मिलती है। सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही थी कि कुछ खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जा रहा है और इसके लिए कोच व कप्तान की आलोचना भी की जा रही थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था।”

जब टीम को सही लगा तब दिया मौका

BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ किया था कि वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर जरूर मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जब टीम मैनेजमेंट को सही समय लगेगा, तब उसे मौका दिया जाएगा और अब ऐसा ही हुआ। मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव आगे चलकर शानदार प्रदर्शन करेगा और भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगा। टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।”

पहले मैच में 14 रन बनाकर हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही बड़ी पारी से शुरू नहीं हुआ। अपने पहले मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और इस दौरान दो शानदार छक्के भी लगाए। विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।

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