Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान! भारतीय क्रिकेट का एक और सुनहरा अध्याय खत्म

Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने फैंस को संन्यास की जानकारी दी, जिसके बाद रहाणे काफी भावुक हो गए। बता दें कि वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी नहीं खलेंगे।

रहाण ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। हर दिन, हर पारी, बैटिंग का हर मौका—सब कुछ। सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का था। मैंने हमेशा एक ही नियम माना: अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया, तब से इंडियन क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे गर्व है कि पिछले 20 सालों में मैं इसका हिस्सा रहा हूं।”

मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए हैं। उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं।

वनडे क्रिकेट में भी रहाणे ने भारत के लिए अहम योगदान दिया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

इसके अलावा, रहाणे ने भारत के लिए 20 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। इस फॉर्मेट में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद के प्लान बताए

मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वे खेल से जुड़े रहेंगे और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर भले ही खत्म हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को साझा करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया है। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। क्रिकेट खेलने की खुशी, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने के सफ़र में कई जीत और हार मिलीं। यही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।”

उन्होंने अंतिम में कहा कि “BCCI, MCA, मेरे साथियों, मेरे कोचों, हर IPL फ्रैंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, मेरे दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। और उन सभी क्रिकेट फैंस का खास शुक्रिया जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन किया। अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्याद बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा। और वह है आपके दिलों में। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप #278 अब विदा ले रहा है।”

अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। करीब एक दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। 38 साल के रहाणे ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था और तब से अब तक भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।

नेशनल सेलेक्टर की नजर से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

यह भी पढे़ं: Rohit Sharma: रोहित शर्मा के वर्ल्ड कप प्लान पर सस्पेंस, शुभमन गिल पर अब टिकी सबकी निगाहें…जानें क्यों

Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इस दिन होगा नीरज चोपड़ा का मुकाबला, जानें भारत का पूरा शेड्यूल

IND vs ENG: टीम इंडिया में बदलाव करने की जरूरत…टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार 11 जुलाई को खेला जाएगा। वहीं इंग्लैंड की टीम 3-0 से पहले ही इस सीरीज को जीत चुकी है। वहीं आखिरी मुकाबले से पहले भारतीय टीम के प्लेइंग 11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस मुकाबले में सबकी नजरें उपकप्तान तिलक वर्मा पर है। इस दौरे पर अब तक तिलक वर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैच में 55 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद खेले गए पांच मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 70 रन ही निकले। ऐसे में अंतिम टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के गेंदबाज तिलक वर्मा की कमजोरियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तिलक इस दौरे पर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं, जिसके चलते उनकी टीम में जगह और उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी पहले ऐसा ही हुआ था और बाद में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिलक वर्मा को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा और वह जल्द ही अच्छी बल्लेबाजी कर वापसी करेंगे।

पार्थिव ने क्या कहा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने JioStar के ‘गूगलीज’ पर कहा, “मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि हमें कोई और वाइस-कैप्टन ड्रॉप होते हुए न दिखे। हमारे पास जिस तरह का बैटिंग लाइन-अप है, वह लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। अगर आपके टॉप सात बैटर में से छह लेफ्ट-हैंडर हैं, तो वह बैटिंग ऑर्डर काम नहीं करेगा। कहीं न कहीं बदलाव तो करने ही होंगे। अब, कौन टीम में आता है और किस राइट-हैंडर को सपोर्ट मिलता है, मुझे नहीं पता। इसलिए तिलक वर्मा को रन बनाने की जरूरत है।”

खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये समस्या सिर्फ पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला और जूनियर टीमों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला और चौंकाने वाला था। खराब क्रिकेट खेलने के बाद आप आयरलैंड को हराने की उम्मीद नहीं कर सकते। पिछले दो से ढाई साल में भारतीय क्रिकेट की सबसे चिंताजनक बात फील्डिंग रही है, चाहे पुरुष टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर क्रिकेट।”

उन्होंने आगे कहा, “आयरलैंड सीरीज में भी, अगर पहले मैच में दो या तीन कैच पकड़ लिए गए होते, तो वे 180 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाते। दूसरे मैच में भी यही हुआ। यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है क्योंकि टीम अहम मौकों पर कैच छोड़ रही है।”