Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी को क्यों बनाया गया उपकप्तान? सेलेक्टर ने बताया इस फैसले के पीछे की वजह

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 23 अगस्त से बेंगलुरु में होगी। वहीं वैभव के उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आई हैं। कई पूर्व खिलाड़ी और एक्सपर्ट के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव को बड़ी जिम्मेदारी देना जल्दबाजी हो सकती है। वहीं हाल ही में सेलेक्टर ने बताया की वैभव को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई है।

फैसले का किया बचाव

ईस्ट जोन सेलेक्टर समिति के सदस्य और ओडिशा के पूर्व रणजी क्रिकेटर प्रवंजन मलिक ने इस फैसले का बचाव किय। प्रवंजन मलिक ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “वैभव को कप्तान नहीं, बल्कि उपकप्तान बनाया गया है। टीम की कप्तानी ईशान किशन करेंगे। ईशान विकेटकीपर भी हैं, इसलिए मैच के दौरान उनकी भूमिका लगातार एक्टिव रहेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि वैभव पूरे समय टीम की कप्तानी करेंगे। वह अभी सीखने के दौर में हैं और हर दिन पहले से ज्यादा मैच्योर हो रहे हैं। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से उनकी नेतृत्व क्षमता और मैच की समझ बेहतर होगी।”

भविष्य के लीडरशीप क्षमता विकसित करना

मलिक ने ये भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी पहले से ही बिहार की घरेलू टीम के उपकप्तान हैं और 2026 अंडर-19 विश्व कप में भी उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। उन्होंने कहा, “वैभव देश के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका आईपीएल सीजन भी शानदार रहा। वह बिहार की प्रथम श्रेणी टीम के भी उपकप्तान हैं।” मलिक ने आगे कहा, “दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी उनके लिए बड़ा अवसर है। हमारा मानना है कि युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देना जरूरी है, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “कौन जानता है, भविष्य में वह भारतीय टीम के कप्तान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्हें उपकप्तान बनाया गया है।” मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं ने वैभव को उपकप्तान बनाने से पहले उनसे इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की थी।

IND vs ENG: टीम इंडिया में बदलाव करने की जरूरत…टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार 11 जुलाई को खेला जाएगा। वहीं इंग्लैंड की टीम 3-0 से पहले ही इस सीरीज को जीत चुकी है। वहीं आखिरी मुकाबले से पहले भारतीय टीम के प्लेइंग 11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस मुकाबले में सबकी नजरें उपकप्तान तिलक वर्मा पर है। इस दौरे पर अब तक तिलक वर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैच में 55 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद खेले गए पांच मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 70 रन ही निकले। ऐसे में अंतिम टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के गेंदबाज तिलक वर्मा की कमजोरियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तिलक इस दौरे पर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं, जिसके चलते उनकी टीम में जगह और उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी पहले ऐसा ही हुआ था और बाद में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिलक वर्मा को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा और वह जल्द ही अच्छी बल्लेबाजी कर वापसी करेंगे।

पार्थिव ने क्या कहा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने JioStar के ‘गूगलीज’ पर कहा, “मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि हमें कोई और वाइस-कैप्टन ड्रॉप होते हुए न दिखे। हमारे पास जिस तरह का बैटिंग लाइन-अप है, वह लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। अगर आपके टॉप सात बैटर में से छह लेफ्ट-हैंडर हैं, तो वह बैटिंग ऑर्डर काम नहीं करेगा। कहीं न कहीं बदलाव तो करने ही होंगे। अब, कौन टीम में आता है और किस राइट-हैंडर को सपोर्ट मिलता है, मुझे नहीं पता। इसलिए तिलक वर्मा को रन बनाने की जरूरत है।”

खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये समस्या सिर्फ पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला और जूनियर टीमों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला और चौंकाने वाला था। खराब क्रिकेट खेलने के बाद आप आयरलैंड को हराने की उम्मीद नहीं कर सकते। पिछले दो से ढाई साल में भारतीय क्रिकेट की सबसे चिंताजनक बात फील्डिंग रही है, चाहे पुरुष टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर क्रिकेट।”

उन्होंने आगे कहा, “आयरलैंड सीरीज में भी, अगर पहले मैच में दो या तीन कैच पकड़ लिए गए होते, तो वे 180 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाते। दूसरे मैच में भी यही हुआ। यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है क्योंकि टीम अहम मौकों पर कैच छोड़ रही है।”