Duleep Trophy: इधर गेंदबाजों की कुटाई उधर वैभव सूर्यवंशी से भिड़े कप्तान तिलक वर्मा, फाइनल में दिखा हैरान करने वाला नजारा

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाए रहा है। वहीं इस मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पारी की तेज शुरुआत करने के बाद वैभव सूर्यवंशी 37 गेंदों पर 44 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी के दौरान वैभव ने कई शानदार शॉट लगाए। वैभव के इस आक्रामक अंदाज को देख कर लग रहा था कि आज वह बड़ी पारी खेल सकते हैं। लेकिन तभी साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा की रणनीति के आगे वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और अपना विकेट गंवा बैठे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

सूर्यवंशी ने खेली आक्रामक पारी

ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत काफी आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों पर लगातार शॉट लगाए और रन बटोरे। सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की और तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का फायदा उठाकर आसानी से रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने सिराज के एक ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाया। वह 44 रन बनाकर चामा मिलिंद की गेंद पर आउट हुए। इससे पहले उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े। तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का भी सूर्यवंशी ने फायदा उठाया।

वैभव-तिलक के बीच हुई बहस

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा के बीच मैदान पर हल्की नोकझोंक देखने को मिली। मुकाबले के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा उन्हें स्लेजिंग करते हुए नजर आए। इस दौरान तिलक की बातें स्टंप माइक में भी सुनाई दीं। तिलक को यह कहते हुए सुना गया, “क्या यार, ये वाइस-कैप्टन है?” ईस्ट जोन की पारी के 11वें ओवर में तिलक ने सूर्यवंशी पर कमेंट किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। इसी दौरान तिलक ने सूर्यवंशी को हल्का धक्का भी दिया, लेकिन युवा बल्लेबाज भी पीछे नहीं हटे। स्थिति बिगड़ने से पहले अंपायरों ने दोनों के बीच पहुंचकर मामला शांत कराया।

 

सेमीफाइनल में वैभव शतक से चूके थे

ईस्ट जोन के दूसरे सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने भी वैभव सूर्यवंशी के साथ अच्छी बल्लेबाजी की और उनसे ज्यादा रन बनाए। ईश्वरन ने अपनी पारी के दौरान सूर्यवंशी से पहले अर्धशतक पूरा किया। वहीं, सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार शतक से चूक गए। इससे पहले सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में भी वह 92 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उनकी उस पारी ने ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

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IND vs ZIM: दूसरे मुकाबले में तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, रोहित-विराट के खास क्लब में बनाई जगह

IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले को टीम इंडिया ने 90 रन से जीता है। इस जीत के साथ भारतीय टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में 60 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं इस पारी के साथ तिलक ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। टी20 उपकप्तान तिलक वर्मा ने विदेशी सरजमीं पर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 1,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही तिलक ये मुकाम हासिल करने वाले भारत के सिर्फ आठवें बल्लेबाज बन गए। इस पारी के साथ तिलक विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ एक खास लिस्ट में शामिल हो गए

पूरे किए अपने एक हजार रन

तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में उन्हें विदेशी सरजमीं पर अपने 1,000 टी20I रन पूरे करने के लिए सिर्फ 4 रन की जरूरत थी। उन्होंने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय पारी के 11वें ओवर में कप्तान सिकंदर रजा की गेंद पर चौका लगाकर यह खास उपलब्धि हासिल कर ली।

प्लेयरमैचरन
रोहित शर्मा1012699
विराट कोहली792611
सूर्यकुमार यादव621742
सुरेश रैना561187
हार्दिक पंड्या731076
तिलक वर्मा37*1056*
शिखर धवन401053

रोहित-विराट की क्लब में हुए शामिल

विदेशी सरजमीं पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं। उन्होंने 101 मैचों में 2,699 रन बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली 79 मैचों में 2,611 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या और शिखर धवन भी विदेश में टी20I में 1,000 से अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने भी इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है।

IND vs ENG: टीम इंडिया में बदलाव करने की जरूरत…टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार 11 जुलाई को खेला जाएगा। वहीं इंग्लैंड की टीम 3-0 से पहले ही इस सीरीज को जीत चुकी है। वहीं आखिरी मुकाबले से पहले भारतीय टीम के प्लेइंग 11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस मुकाबले में सबकी नजरें उपकप्तान तिलक वर्मा पर है। इस दौरे पर अब तक तिलक वर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैच में 55 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद खेले गए पांच मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 70 रन ही निकले। ऐसे में अंतिम टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के गेंदबाज तिलक वर्मा की कमजोरियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तिलक इस दौरे पर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं, जिसके चलते उनकी टीम में जगह और उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी पहले ऐसा ही हुआ था और बाद में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिलक वर्मा को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा और वह जल्द ही अच्छी बल्लेबाजी कर वापसी करेंगे।

पार्थिव ने क्या कहा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने JioStar के ‘गूगलीज’ पर कहा, “मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि हमें कोई और वाइस-कैप्टन ड्रॉप होते हुए न दिखे। हमारे पास जिस तरह का बैटिंग लाइन-अप है, वह लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। अगर आपके टॉप सात बैटर में से छह लेफ्ट-हैंडर हैं, तो वह बैटिंग ऑर्डर काम नहीं करेगा। कहीं न कहीं बदलाव तो करने ही होंगे। अब, कौन टीम में आता है और किस राइट-हैंडर को सपोर्ट मिलता है, मुझे नहीं पता। इसलिए तिलक वर्मा को रन बनाने की जरूरत है।”

खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये समस्या सिर्फ पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला और जूनियर टीमों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला और चौंकाने वाला था। खराब क्रिकेट खेलने के बाद आप आयरलैंड को हराने की उम्मीद नहीं कर सकते। पिछले दो से ढाई साल में भारतीय क्रिकेट की सबसे चिंताजनक बात फील्डिंग रही है, चाहे पुरुष टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर क्रिकेट।”

उन्होंने आगे कहा, “आयरलैंड सीरीज में भी, अगर पहले मैच में दो या तीन कैच पकड़ लिए गए होते, तो वे 180 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाते। दूसरे मैच में भी यही हुआ। यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है क्योंकि टीम अहम मौकों पर कैच छोड़ रही है।”