Is Kawasaki preparing to reveal a Z900-based Versys soon?

Is Kawasaki preparing to reveal a Z900-based Versys soon?
Kawasaki Versys 900 teaser

Kawasaki has teased a new four-cylinder tall and upright sport tourer on its UK social media handle, which we expect is to be the new Versys 900. The presence of a windscreen resembling the one on the Versys 650 and 1100 models and an inline-four cylinder soundtrack both reinforce our claim.

  1. 4-cyl motor sounds unstressed, not peaky and high-revving
  2. Bike shown tackling varied road conditions in teaser
  3. It has a tall adjustable windscreen, like 1100 and 650 Versys models

Will a new Z900-based model supplement the Versys range soon?

There are quite a few signs in the teaser which point to this fact

There are some primary points to pay attention to on the teaser shared by Kawasaki UK. Firstly, the four-cylinder soundtrack immediately reminds one of the smooth and refined hum of the unstressed, torque-rich, big-bore 948cc four-pot motor on the Z900 complete with the exhaust pops as if a bidirectional quickshifter (a feature on the latest-gen Z900) is being used to shift between gears. Second, what looks like an adjustable windscreen shown at the end of the teaser (pictured in the lead image) is very similiar in style to that of a tall rounder motorcycle like the Versys range. Another indication that this is going to be a road-biased machine is that while different road conditions are shown, never once does the bike in question leave the tarmac – another Kawasaki Versys hallmark.

Last but not least, the motorcycle in question is shown tackling different sorts of roads including wide and fast sweeping corners, a tight and slightly bumpy surfaced road as well as a tunnel on a highway – all factors pointing to this bike being geared toward handling long-distance travel comfortably.

Then there is also the fact that many reputed international publications had pictured a fully production-ready – but partially obscured by a cover – Versys model – which was presumably out on an advertisement/promo shoot – with a four-cylinder engine some months ago. Given that shoehorning a supersport-derived engine from its own lineup (like the ones on the ZX-4R, 6R or 10R) wouldn’t suit the sport touring nature of a Kawasaki Versys model, this automatically leaves only the Z900’s four-cylinder engine to be used on this machine.

Some other factors which would lend more credence to our claim of this being a Versys 900 are that the middleweight tall-rounder segment has grown quite large internationally with entrants from big marques like Yamaha, Triumph, Ducati, BMW and Moto Guzzi fielding at least 1 contender in this burgeoning class. Against these bikes, the Versys 650 is far too simple and slow while the Versys 1100 is a bit too heavy and big, making a 900 the perfect option to plug this gap. Kawasaki hasn’t officially confirmed any of this and this model will be revealed on October 10. 

इस भारतीय तेज गेंदबाज को देवजीत सैकेया ने दिया बेस्ट फील्डर मेडल

प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार कर मैदान पर खड़ी भारतीय टीम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव  देवजीत सैकेया ने निराश नहीं किया और टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर को बेस्ट फील्डिंग मेडल से सम्मानित किया। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा जो अपना पहला बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही थी उनको  देवजीत सैकेया ने मैदान के एक कोने में सम्मानित किया।हालांकि प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार करने की स्थिति को सचिव  देवजीत सैकेया ने सही ठहराया और कई न्यूज एजेंसियों को सवाल के जवाब में अपना बयान दर्ज कराया।

सैकिया ने कहा, ‘‘हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।’उन्होंने कहा, ‘‘देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी प्राप्त करना उचित नहीं होगा।’’

सैकिया ने कहा, ‘‘यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।’’

भारत की रिकॉर्ड आठवीं महिला एशिया कप ख़िताब की जीत का अंत पिछले साल जैसे ही दृश्यों के साथ हुआ। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को रविवार रात दुबई में न तो टूर्नामेंट के पदक दिए गए और न ही ट्रॉफ़ी।

मैच के बाद अवार्ड समारोह में क़रीब 50 मिनट की देरी हुई। PCB प्रमुख और पाकिस्तान के गृह मंत्री होने के साथ ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का भी पद देख रहे मोहसिन नक़वी भी समारोह में मौजूद थे।

 इससे पहले उपविजेता श्रीलंका की खिलाड़ियों को पदक दिए गए, लेकिन उसके बाद समारोह अचानक ख़त्म कर दिया गया।

टूर्नामेंट की अवार्ड सेरेमनी शुरू होने के इंतज़ार के दौरान भारतीय टीम ने सर्वश्रेष्ठ फ़ील्डर के लिए अपना ख़ुद का पदक समारोह किया। यह पदक फ़ील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने दिया। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने नंदनी शर्मा को पदक प्रदान किया, जबकि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस दौरान मौजूद थे।

घटनाक्रम पिछले सितंबर में हुए पुरुष एशिया कप फ़ाइनल जैसा ही रहा, जब भारत ने नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया था। उस समय सैकिया ने कहा था कि टीम ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफ़ी नहीं लेना चाहती, जो “पाकिस्तान के प्रमुख नेताओं में से एक” भी हैं।

रविवार को अवार्ड समारोह में नक़वी की मौजूदगी को संभावित विवाद का कारण माना जा रहा था। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव के बाद से भारत के खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों से हाथ मिलाने से बचते रहे हैं। पिछले साल पुरुष टीम ने हाथ नहीं मिलाया था और अब इस साल महिला टीम ने भी ऐसा ही किया।

सबसे अनुभवी बल्लेबाज के बिना श्रीलंका को पीछा करना होगा 372 रनों का लक्ष्य

INDvsSL श्रीलंका के सबसे अनुभवी बल्लेबाज जिन्होंने टीम को गॉल में साल 2015 में भारत के खिलाफ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी वह मौजूदा गॉल टेस्ट से बाहर हो चुके हैं। दिनेश चंदीमल ने आज चौथे दिन के चौथे ओवर में राहुल के एक शॉट को रोकने के चक्कर में अपनी गर्दन और कंधे चोटिल कर लिये।

हालांकि श्रीलंका के लिए खबर बहुत बुरी से सिर्फ बुरी है और उनको 10 नहीं बल्कि 11 बल्लेबाजों के साथ खेलना होगा। गर्दन और कंधे की चोट के कारण श्रीलंका टीम को कनकशन सबस्टीट्यूट मिल गया है। उनकी जगह टीम के लिए पसींदू सूर्यबंदारा खेलेंगे जो अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ खेले थे।

हालांकि सबसे अनुभवी बल्लेबाज  दिनेश चंदीमल के ना होने से श्रीलंका खुश नहीं होगी भले ही उन्होंने पहली पारी में सिर्फ 15 गेंदों में 4 रन ही क्यों ना बनाए हों। पसींदू सूर्यबंदारा ने अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ मिली अच्छी शुरुआत को भुना नहीं पाए थे और दूसरी पारी में फ्लॉप रहे थे। पहली पारी में उन्होंने 35 रन बनाे थे और दूसरी पारी में सिर्फ 4 रन बना पाए थे।उनके आने से श्रीलंका को कोई फायदा भी नहीं हुआ क्योंकि दूसरी पारी में वह बिना खाता खोले मानव सुथार की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए।

गौरतलब है कि 36 वर्षीय दिनेश चंदीमल अपने सौंवे टेस्ट खेलने के करीब हैं। अब तक उन्होंने अपने करियर में 92 टेस्ट मैच खेलकर 6500 रन बनाए हैं। उनका औसत 43 का है जिसमने 16 शतक और 36 अर्धशतक शामिल हैं।

13 मैचों में 21 कैच ड्रॉप, सुनील गावस्कर ने कहा बाहर करो खराब फील्डर्स को (Video)

भारत का यूरोप दौरा और जिम्बाब्वे दौरे को मिलाकर 13 मैच खेले गए। इसमें से 10 मैच टी-20 के थे और 3 मैच वनडे के थे। कुल 13 मैचों में भारत ने 21 कैच ड्रॉप किए। इसमें से यूरोप (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) भारत ने 11 कैच ड्रॉप किए। वहीं जिम्बाब्वे दौरे पर टीम ने 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही 10 कैच ड्रॉप किए। इसमें से 4 कैच अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आए।

ऐसे में टीम के खराब फील्डिंग मानकों पर सुनील गावस्कर ने कहा है कि औसत फील्डर को टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कप्तान को उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। ना कि यह सोचना चाहिए कि किसी तरह गेंद उन 3 से 4 खिलाड़ियों के पास ना जाए।

भारतीय टीम ने इन 13 मैचों में 47 कैच पकड़े हैं जिससे टीम का कैच प्रतिशत 69.1 है। गौरतलब है कि भारत को आयरलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 0-2 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। एकदिवसीय श्रृंखला में भी भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-1 की हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद टीम ने हालांकि जिम्बाब्वे को में 3-0 से हराया।

भारतीय टीम की ग्राउंड फील्डिगं भी कई समय से आलोचनाओं के घेरे में है। यूरोप दौरा (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) कई बार यह देखने में आया कि टीम ने ना केवल आसान कैच छोड़े बल्कि आसान चौके भी दे दिए। वहीं इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाड़ियों ने ना केवल शानदार कैच पकड़े बल्कि ग्राउंड फील्डिंग भी उम्दा की।

इसके अलावा सुनील गावस्कर ने एकदिवसीय विश्वकप 2027 को ध्यान में रखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सलाह भी दी है कि वह मैदान की सीमा को लंबा करें ताकि विदेशी दौरे और खासकर विश्वकप तक भारत बड़े मैदानों पर खेलने का आदि हो जाए। भारत को अब अगली एकदिवसीय श्रृंखला वेस्टइंडीज के खिलाफ अक्टूबर में खेलनी है।

जसप्रीत बुमराह के बिना गेंदबाजी करने उतरा भारत, इंग्लैंड ने चुनी बल्लेबाजी

ENGvsIND इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने रविवार को यहां भारत के खिलाफ श्रृंखला के तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।तीन मैच की श्रृंखला फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत को इस मुकाबले में अपने स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की सेवाएं नहीं मिलेंगी जो घुटने की चोट के कारण टीम से बाहर हैं।

बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान क्षेत्ररक्षण करते समय जसप्रीत बुमराह के बाएं घुटने में चोट लगी थी। इसके कारण वह तीसरे वनडे के चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। ’’भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल,  प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स,  सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोस टंग, आदिल राशिद।

Pune-based PBG Racing joins Indian Supercross Racing League

PBG Racing ISRL

Season 3. Pune-based Punit Balan Group, which fields teams in a number of sports leagues ranging from cricket to tennis to even chess, will make its motorsport debut with PBG Racing. 

This year’s ISRL will kick off in October 2026, with three rounds planned.

  1. ISRL adds seventh team to its roster
  2. Honda, Yamaha, KTM and Kawasaki fielding bikes 

Punit Balan Group joins ISRL

ISRL races are usually held on indoor dirt tracks, featuring steep jumps and obstacles. The league runs three categories – 450cc and 250cc for international riders, plus a dedicated 250cc category for Indian and Asian riders. The last category gives emerging Indian talent the chance to go wheel-to-wheel with and learn from some of the best supercross talent across the world. 

Each team has to field two riders per category, while the bikes are provided by Honda, Yamaha, KTM and Kawasaki. Last year’s grid featured six city-based teams, including two new entrants – Indewheelers Motorsports and Tricolor KTM. Another new team joins the league this year in the form of PBG Racing.

“Sport has always been a powerful platform for inspiring young talent and building strong communities, and that philosophy has guided every sporting investment we have made over the years. The Indian Supercross Racing League represents an exciting new chapter for racing in India. Maharashtra, and especially Pune, has steadily emerged as one of the country’s most vibrant motorsport hubs backed by passionate fans and a growing culture around racing,” said Punit Balan, Chairman and Managing Director of Punit Balan Group.

“We are delighted to join ISRL for Season 3 and look forward to building a franchise that reflects passion, performance, and the spirit of Indian racing while also supporting the long- growth of motorsport in the country.”

ISRL Season 3 details    

Indian Supercross Racing League

Indian rally star CS Santosh’s BigRock Motorsports team clinched its second ISRL title in 2025 and will be chasing a hat-trick. The auction process will open soon, giving teams the chance to build new rider combinations. Big names like 2014 MX2 World Champion Jordie Tixier and French Supercross sensation Anthony Bourdon have signed on as part of the rider pool.

The 2026 season will run from October to December 2026. While the exact venues haven’t been confirmed yet, ISRL has shortlisted Delhi, Hyderabad, Bengaluru, Kochi and Mumbai.
Watch this space for all the latest updates.
 

IND vs ENG: टीम इंडिया में बदलाव करने की जरूरत…टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार 11 जुलाई को खेला जाएगा। वहीं इंग्लैंड की टीम 3-0 से पहले ही इस सीरीज को जीत चुकी है। वहीं आखिरी मुकाबले से पहले भारतीय टीम के प्लेइंग 11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस मुकाबले में सबकी नजरें उपकप्तान तिलक वर्मा पर है। इस दौरे पर अब तक तिलक वर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैच में 55 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद खेले गए पांच मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 70 रन ही निकले। ऐसे में अंतिम टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के गेंदबाज तिलक वर्मा की कमजोरियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तिलक इस दौरे पर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं, जिसके चलते उनकी टीम में जगह और उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी पहले ऐसा ही हुआ था और बाद में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिलक वर्मा को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा और वह जल्द ही अच्छी बल्लेबाजी कर वापसी करेंगे।

पार्थिव ने क्या कहा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने JioStar के ‘गूगलीज’ पर कहा, “मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि हमें कोई और वाइस-कैप्टन ड्रॉप होते हुए न दिखे। हमारे पास जिस तरह का बैटिंग लाइन-अप है, वह लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। अगर आपके टॉप सात बैटर में से छह लेफ्ट-हैंडर हैं, तो वह बैटिंग ऑर्डर काम नहीं करेगा। कहीं न कहीं बदलाव तो करने ही होंगे। अब, कौन टीम में आता है और किस राइट-हैंडर को सपोर्ट मिलता है, मुझे नहीं पता। इसलिए तिलक वर्मा को रन बनाने की जरूरत है।”

खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये समस्या सिर्फ पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला और जूनियर टीमों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला और चौंकाने वाला था। खराब क्रिकेट खेलने के बाद आप आयरलैंड को हराने की उम्मीद नहीं कर सकते। पिछले दो से ढाई साल में भारतीय क्रिकेट की सबसे चिंताजनक बात फील्डिंग रही है, चाहे पुरुष टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर क्रिकेट।”

उन्होंने आगे कहा, “आयरलैंड सीरीज में भी, अगर पहले मैच में दो या तीन कैच पकड़ लिए गए होते, तो वे 180 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाते। दूसरे मैच में भी यही हुआ। यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है क्योंकि टीम अहम मौकों पर कैच छोड़ रही है।”