
प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार कर मैदान पर खड़ी भारतीय टीम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकेया ने निराश नहीं किया और टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर को बेस्ट फील्डिंग मेडल से सम्मानित किया। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा जो अपना पहला बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही थी उनको देवजीत सैकेया ने मैदान के एक कोने में सम्मानित किया।हालांकि प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार करने की स्थिति को सचिव देवजीत सैकेया ने सही ठहराया और कई न्यूज एजेंसियों को सवाल के जवाब में अपना बयान दर्ज कराया।
While they were waiting for the presentation, the team fielding medal was being given by BCCI secretary Devajit Saikia.. pic.twitter.com/LYwZqifBqE
— Someone (@svk1618) September 13, 2026
#WATCH | Delhi: On Indian women's cricket refusing to accept the Women's Asia Cup trophy from ACC President and Pakistan cricket chief Mohsin Naqvi, BCCI Secretary Devajit Lon Saikia says, “Not accepting the trophy is a separate matter; winning the tournament is what truly… pic.twitter.com/dMMfLerHhc
— ANI (@ANI) September 14, 2026
सैकिया ने कहा, ‘‘हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।’उन्होंने कहा, ‘‘देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी प्राप्त करना उचित नहीं होगा।’’
सैकिया ने कहा, ‘‘यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।’’
भारत की रिकॉर्ड आठवीं महिला एशिया कप ख़िताब की जीत का अंत पिछले साल जैसे ही दृश्यों के साथ हुआ। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को रविवार रात दुबई में न तो टूर्नामेंट के पदक दिए गए और न ही ट्रॉफ़ी।
मैच के बाद अवार्ड समारोह में क़रीब 50 मिनट की देरी हुई। PCB प्रमुख और पाकिस्तान के गृह मंत्री होने के साथ ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का भी पद देख रहे मोहसिन नक़वी भी समारोह में मौजूद थे।
इससे पहले उपविजेता श्रीलंका की खिलाड़ियों को पदक दिए गए, लेकिन उसके बाद समारोह अचानक ख़त्म कर दिया गया।
टूर्नामेंट की अवार्ड सेरेमनी शुरू होने के इंतज़ार के दौरान भारतीय टीम ने सर्वश्रेष्ठ फ़ील्डर के लिए अपना ख़ुद का पदक समारोह किया। यह पदक फ़ील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने दिया। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने नंदनी शर्मा को पदक प्रदान किया, जबकि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस दौरान मौजूद थे।
घटनाक्रम पिछले सितंबर में हुए पुरुष एशिया कप फ़ाइनल जैसा ही रहा, जब भारत ने नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया था। उस समय सैकिया ने कहा था कि टीम ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफ़ी नहीं लेना चाहती, जो “पाकिस्तान के प्रमुख नेताओं में से एक” भी हैं।
रविवार को अवार्ड समारोह में नक़वी की मौजूदगी को संभावित विवाद का कारण माना जा रहा था। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव के बाद से भारत के खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों से हाथ मिलाने से बचते रहे हैं। पिछले साल पुरुष टीम ने हाथ नहीं मिलाया था और अब इस साल महिला टीम ने भी ऐसा ही किया।

