NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

NSE के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, जानें किस तारीख को लिस्ट होंगे शेयर

पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या NSE के IPO से पहले BSE के शेयरों में निवेश करना समझदारी है?

बीएसई के शेयरों में 4 सितंबर को जोरदार तेजी आई। यह 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 3,411 रुपये पर बंद हुआ। 3 सितंबर को भी शेयर में तेजी आई थी। इस तेजी की बड़ी वजह बीएसई के एमडी और सीईओ का यह बयान है कि आईपीओ के बाद एनएसई अपने शेयर अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं करा सकता। 4 सितंबर को एनएसई के आईपीओ को सेबी की क्लियरेंस मिल गई। सवाल है कि क्या अभी बीएसई के शेयरों में निवेश करना समझदारी है?

ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद बिकवाली दबाव

शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि बीएसई के शेयर इस साल की शुरुआत में 4,500 रुपये के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गए थे। उसके बाद शेयरों पर लगातार बिकवाली का दबाव दिखा है। हालांकि, करीब 3,265 रुपये के 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को टेस्ट करने के बाद शेयर में फिर से खरीदारी शुरू हुई।

रेसिस्टेंस लेवल को पार करने के बाद आ सकती है तेजी

उन्होंने कहा, “डेली चार्ट पर शेयर 3,265 रुपये के अपने 200-डे एसएम के करीब सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का भरोसेमंद बेस है। हालांकि, 3,550 रुपये के नजदीक 50-डे एसएम पर अगला रेसिस्टेंस है।” उन्होंने कहा कि अगर शेयर इस लेवल को पार करने के बाद लगातार इसके ऊपर बना रहता है तो इसका ट्रेंड बदलने की पुष्टि हो जाएगी। इसके बाद इसमें तेजी दिखेगी।

CAS पर सेबी के बयान से बीएसई के शेयरों में तेजी

सेबी के इस बयान से भी बीएसई के शेयर को मजबूती मिली है कि वह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS पर विचार करेगा। CAS की शुरुआत 3 अगस्त को हुई थी। उसके बाद शेयरों में काफी ज्यादा खासकर एक्सपायरी के दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सेबी को सीएएस के बारे में काफी फीडबैक मिले हैं। वह उन पर विचार करने के बाद CAS सिस्टम में कुछ बदलाव कर सकता है।

शॉर्ट टर्म में दिख सकता है शेयर में पुलबैक

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन ने कहा कि बीएसई का शेयर 4,400 रुपये के हाई लेवल से करेक्ट हुआ है। यह 3,200 रुपये पर आ गया है। RSI से शेयर के ओवरसोल्ड जोन में होने का संकेत मिलता है। अगर यह शेयर 3,200-3,150 रुपये के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है तभी शॉर्ट टर्म में इसमें पुलबैक दिख सकता है।

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एनएसई के शेयर अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं होंगे

पीएल कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर एनएसई के शेयर उसके खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होते हैं तो इससे FY27 में बीएसई की अर्निंग्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ऐसा लगता है कि एनएसई के शेयर अपने खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं होंगे। स्टॉक एक्सचेंज के शेयर को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की इजाजत नहीं है।

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NSE के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, जानें किस तारीख को लिस्ट होंगे शेयर

NSE के आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। इसे सेबी की हरी झंडी मिल गई है। मार्केट रेगुलेटर ने 4 सितंबर को एनएसई को ऑब्जर्वेशन लेटर इश्यू कर दिया। इस इश्यू का इनवेस्टर्स को लंबे समय से इंतजार रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

जून में फाइल किया था DRHP

NSE ने सेबी के पास 17 जून, 2026 को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। करीब एक दशक पहले एनएसई ने आईपीओ पेश करने की कोशिश की थी। लेकिन, रेगुलेटरी मसलों की वजह से इश्यू को मंजूरी नहीं मिल सकी थी। अब ऑब्जर्वेशन लेटर मिल जाने के बाद एनएसई का आईपीओ अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है।

11 सितंबर को प्राइस बैंड का ऐलान 

एनएसई इस महीने के आखिर में आईपीओ लॉन्च कर सकता है। एक्सचेंज के शेयर BSE पर लिस्ट होंगे। बाजार के सूत्रों ने बताया है कि आरएचपी फाइलिंग 8 सितंबर यानी मंगलवार को हो सकती है। प्राइस बैंड का ऐलान 11 सितंबर को हो सकता है। एक हफ्ते बाद इश्यू बाजार में आ सकता है। शेयरों की लिस्टिंग 25 सितंबर को हो सकती है।

यह इश्यू पूरी तरह से OFS होगा

सूत्रों ने बताया कि अभी एनएसई की तरफ से इश्यू से जुड़े अहम डेट्स का ऐलान नहीं किया गया है। इस बारे में अभी एक्सचेंज मर्चेंट बैंकर्स से चर्चा कर रहा है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस इश्यू में एक्सचेंज नए शेयर इश्यू नहीं करेगा।

आईपीओ में 14.89 करोड़ शेयर बिकेंगे

एक्सचेंज के आईपीओ में 14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी, जो एनएसई के पेड-अप कैपिटल का करीब 6 फीसदी है। चूंकि, एक्सचेंज इस इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई की वैल्यूएशन के आधार पर यह आईपीओ करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है।

देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा 

यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले ह्युंडई मोटर इंडिया ने 2024 में 27,870 करोड़ का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। एनएसई के आईपीओ से यह रिकॉर्ड टूट जाएगा। हालांकि, एनएसई ने अभी आईपीओ के फाइनल साइज का ऐलान नहीं किया है।

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एसबीआई ग्रुप बेच रहा सबसे ज्यादा शेयर 

इस आईपीओ में सबसे ज्यादा शेयर एसबीआई ग्रुप बेच रहा है। एनएसई का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, कैश और डेरिवेटिव के ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में यह एनएसई से काफी पीछे है। BSE का शेयर 4 सितंबर को 3.17 फीसदी गिरकर 3,411 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल करीब 30 फीसदी चढ़ा है।

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

Trading plan :बाजार फिर ऊपरी स्तरों पर फिर अटक गया है। रिलांयस के सपोर्ट के बावजूद निफ्टी 24000 पार करने में संघर्ष कर रहा है। बैंक निफ्टी भी 58000 के जोन पर फंसा हुआ है। ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती है। कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल पर बरकरार,हालांकि इंडिया VIX 3 परसेंट नीचे है। केबल इंडस्ट्री में आदित्या बिड़ला ग्रुप की एंट्री से दूसरे कंपनियों के शेयरों को जोर का झटका लगा है। KEI, पॉलीकैब और हैवेल्स में 5-8 परसेंट की तेज गिरावट आई है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं।

आज डिफेंस शेयर दम दिखा रहे हैं। निफ्टी डिफेंस इंडेक्स करीब एक परसेंट ऊपर है। GE एयरोस्पेस से 3 इंजन की डिलिवरी मिलने और गोल्डमैन सैक्स की बुलिश रिपोर्ट से HAL भागा है। यह शेयर करीब 4 परसेंट उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। कोचिन शिपयार्ड और गार्डनरीच में भी तेजी आई है। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में भी खरीदारी आई है। दोनों इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत हुए हैं। साथ ही चुनिंदा तेल-गैस, मेटल, सरकारी और प्राइवेट बैंकों में भी रौनक है। लेकिन फार्मा, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दबाव है।

बाजार: फिर वही कहानी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में रैली आई लेकिन ऊपरी स्तरों पर नहीं टिका। निफ्टी, बैंक निफ्टी फिर से रजिस्टेंस जोन में आ कर रुके अच्छी बात ये कि दोनों अभी भी ग्रीन में हैं। मिडकैप, स्मॉलकैप में आज अंडरपरफॉर्मेंस है। केबल & वायर शेयरों में बड़ी गिरावट है। कैपिटल मार्केट शेयरों में बड़ी तेजी। रिलायंस ने बुल्स के लिए लीडरशिप ली है। इंश्योरेंस शेयरों में अच्छी तेजी है। NSE के IPO से जुड़े शेयरों में भी तेजी है। चुनिंदा ऑटो शेयरों में आज भी कमजोरी

बाजार: अब क्या?

बाजार वापस दायरे में फंस गया है। बाजार के पास चलने के ट्रिगर्स नहीं हैं। ग्लोबल संकेत अच्छे हैं, लेकिन कच्चे तेल की तेजी ने कैप लगा दिया है। बड़ी तेजी के लिए कच्चे तेल का गिरना जरूरी है। बाजार में अभी भी रैली फेल होने पर बेच कर पैसा बना है। लेकिन अच्छी बात ये है कि बाजार गिरने को तैयार नहीं है जब तक 23,800 बचा है, बाजार में शायद ज्यादा गिरावट शायद ना हो। लेकिन 23,800 टूटा तो बड़ी गिरावट का रिस्क होगा। बैंक निफ्टी बार-बार 57,800 टेस्ट कर रहा है। अगर 57,800-58,000 पार हुआ तो बड़ा पॉजिटिव होगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,000-24,050 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,300-57,500 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस हैं।

प्री-CAS रणनीति

ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं है। आज शाम को US का बेहद अहम Payroll डाटा आएगा। Payroll डाटा के बाद बॉन्ड यील्ड में बड़ा मूव आ सकता है। इसलिए अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे।

CAS पर CNBC-आवाज़: ट्रेडर्स के साथ

CAS पर CNBC-आवाज़ की मुहिम का असर देखने को मिला है। SEBI ने कहा है कि कैश मार्केट में CAS के नतीजों की समीक्षा जारी है। CAS में बदलाव का प्रस्ताव लाया जा सकता है। सेटलमेंट प्राइस तय करने के तरीके बदल सकते हैं। F&O सेटलमेंट प्राइस के तरीके में बदलाव संभव है। एक हफ्ते के भीतर कंस्लटेशन पेपर ला सकते हैं।

CAS पर मुहिम, रिटेल ट्रेडर्स के सुझाव

सभी शेयरों की क्लोजिंग एक जैसी हो। यह 3:15 या 3:30 PM हो सकती है। कैश, फ्यूचर्स की अलग-अलग क्लोजिंग से भ्रम रहता है। प्राइस रेंज को ±3% की बजाय 0-0.3% तक छोटा करें। प्राइस रेंज छोटी होने से ऑक्शन रेंज भी घटेगी। इससे CAS में प्राइसिंग ज्यादा अच्छी तरह निकलेगी। छोटे प्राइस बैंड से बड़े प्राइस स्विंग से बचेंगे। इससे ऑप्शन राइटर्स का जोखिम भी घटेगा। वॉल्यूम बढ़ने तक रेंज को छोटा रखना अच्छा। डेली सेटलमेंट को 3:15 बजे ही किया जाए।

एक्सपायरी के दिन एक्सपायर होने वाले ऑप्शन को CAS से बाहर रखें। अगर आज एक्सपायरी है तो एक्सपायरी ENDING TIME पर ऑप्शन सेटल हों। CAS का उद्देश्य प्राइस डिस्कवरी हो, ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं। प्री-ओपन की तरह टर्मिनल पर CAS के भाव भी दिखें। ऑप्शंस एक्सपायरी को CAS से डीलिंक किया जाए। ऑप्शंस की एक्सपायरी 3:15 पर कर दी जाए। 3:25 से 3:28 के बीच HFTs को ऑर्डर कैंसिल करने से रोका जाए। पहले की तरह 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो, बाद में 10 मिनट का CAS हो। हर ब्रोकर के टर्मिनल पर इंडिकेटिव भाव दिखने चाहिए।

 

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Physicswallah में है बहुत जान, बुल केस में दिख सकता है 82% तक उछाल; मोतीलाल ओसवाल बुलिश

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर की कीमत आगे 82 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह पिछली क्लोजिंग से 66 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये है, जो शेयर के पिछले बंद भाव से करीब 82.5 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का व्यू सामने आने के बाद फिजिक्सवाला के शेयर में 4 सितंबर को दिन में 8.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 130.85 रुपये के हाई तक गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि फिजिक्सवाला भारत के सबसे बड़े एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसे भारतीय एडटेक में सबसे ज्यादा कैपिटल-एफिशिएंट (पूंजी के लिहाज से कुशल) बिजनेस मॉडल में से एक पर बनाया गया है। कंपनी ने YouTube के जरिए एक बड़ा ‘फ्री-टू-पेड’ फनल बनाया है। इससे वह कम लागत पर स्टूडेंट्स को जोड़ पाती है और ऑनलाइन, हाइब्रिड और ऑफलाइन ऑफरिंग्स के जरिए उनसे कमाई कर पाती है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, अभी कंपनी के पास भारत की सबसे बड़ी एजुकेशन कम्युनिटीज में से एक है। इसके 10 करोड़ से ज्यादा YouTube सब्सक्राइबर हैं। फिजिक्सवाला ने वित्त वर्ष 2023-2026 के दौरान रेवेन्यू में 74% की कंपाउंडेड ग्रोथ हासिल की है।

ब्रोकरेज ने कहा कि फिजिक्सवाला का ऑनलाइन बिजनेस ही इसकी वैल्यू का मुख्य आधार है। अनुमान है कि पेड-यूजर ग्रोथ, कैटेगरी के विस्तार और AI-बेस्ड मॉनेटाइजेशन की मदद से कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-30 के दौरान 28% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। कंपनी का ऑफलाइन बिजनेस, ऑनलाइन बिजनेस के मुकाबले प्रति यूजर ज्यादा औसत रेवेन्यू (ARPU) वाली मॉनेटाइजेशन लेयर उपलब्ध कराता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-30 के दौरान ऑफलाइन रेवेन्यू 20% CAGR से बढ़ेगा और मुनाफे में भी सुधार होगा।

बुल केस

बुल केस सिनेरियो में, मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹220 प्रति शेयर दिया है। इस मामले में ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 22% CAGR से बढ़ सकता है। इसकी वजह है ऐसे मार्केट में लगातार मार्केट शेयर बढ़ना, जहां अभी बहुत कम पहुंच है। Physicswallah प्लेटफॉर्म 48.7 लाख स्टूडेंट्स को सर्विस देता है। ब्रोकरेज ने कहा कि ऑनलाइन ग्रोथ, वॉल्यूम और प्राइसिंग दोनों से बढ़ेगी। FY26-37 के दौरान यूनीक ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स के मामले में 14% की CAGR दिखेगी। प्रति यूजर औसत लागत (ACPU) में 7% की CAGR दिखेगी। सेंटर्स के ज्यादा इस्तेमाल और नेटवर्क के लगातार विस्तार से ऑफलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 17.5% की CAGR से बढ़ेगा।

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बेयर केस

बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने ₹110 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 9% कम है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस सिनेरियो में फिजिक्सवाला का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 16.7% CAGR से बढ़ेगा। रेवेन्यू पर डिजिटल-फर्स्ट एडटेक प्लेयर्स, ऑफलाइन इंस्टीट्यूट्स और AI-बेस्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग से कॉम्पिटिशन का असर पड़ेगा। बेयर केस सिनेरियो में FY26-37 के दौरान कंपनी का ऑफलाइन रेवेन्यू 15.7% CAGR से बढ़ने की संभावना है।

Physicswallah के लिए मुख्य जोखिम

  • कॉम्पिटिशन बढ़ना
  • ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी
  • फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर
  • कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलाव

शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

Physicswallah के शेयर को फिलहाल 8 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 7 ने “बाय” की सलाह दी है। एक ने “होल्ड” रेटिंग दी है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत और 3 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी की सालाना आम बैठक 25 सितंंबर 2026 को होने वाली है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ESDS Software Solution: लिस्टिंग के दिन डबल से भी ज्यादा हुआ IPO निवेशकों का पैसा, अब क्या स्ट्रैटेजी- बाय, सेल या होल्ड?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO में शेयर पाने वाले निवेशक इस वक्त सातवें आसमान पर हैं। कारण है कि लिस्टिंग के दिन ही उनका पैसा डबल से भी ज्यादा हो गया है। 4 सितंबर को कंपनी का शेयर BSE पर करीब 74 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 746.30 रुपये और NSE पर 76.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 757 रुपये पर लिस्ट हुआ। इसके बाद इसमें 20 प्रतिशत का उछाल आया और BSE पर 895.55 रुपये व NSE पर 908.40 रुपये पर अपर सर्किट लगा। इस तरह शेयर फाइनल इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 111.75 प्रतिशत तक ऊपर पहुंच गया है।

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का 720 करोड़ रुपये का IPO 1 सितंबर को बंद हुआ था। इसे कुल 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 274.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा था।

कंपनी AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस (IaaS), मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

ESDS Software Solution पर ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, ‘हमारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर-सिक्योरिटी और डिजिटलाइजेशन की मांग बढ़ रही है। यह ESDS के लिए लंबे समय में ग्रोथ का एक अच्छा मौका दे रही है। इसके चलते लिस्टिंग के बाद भी मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए सकारात्मक नजरिया बना हुआ है।’

आगे कहा, “लिस्टिंग के दिन हुए गेन को देखते हुए कुछ समय के लिए मुनाफावसूली हो सकती है क्योंकि वैल्यूएशन, फंडामेंटल से आगे निकल गए हैं। जिन्हें शेयर अलॉट हुए हुए हैं, वे मौजूदा स्तरों पर कुछ हद तक मुनाफा बुक करने और बाकी होल्डिंग पर ₹650–680 के आसपास स्टॉप लॉस लगाने पर विचार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिले हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे फ्रेश एंट्री के बारे में सोचने से पहले ₹600–650 की ओर गिरावट का इंतजार करें।”

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफ़िसर डॉ. रवि सिंह का कहना है कि लंबे समय के लिए निवेश करने वालों को कंपनी का बिजनेस अभी भी काम का लग सकता है। इसकी वजह है कि आने वाले सालों में क्लाउड, डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है। जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे थोड़ा मुनाफा बुक कर सकते हैं और बाकी शेयर लंबे समय के लिए होल्ड कर सकते हैं। वहीं जिन्हें IPO में शेयर नहीं मिले, वे कीमत कम होने पर इन्हें खरीद सकते हैं।

NSE IPO की संभावित डेट आते ही रॉकेट बने IFCI और New India Assurance Company के शेयर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के IPO निवेशकों को लिस्टिंग डे पर जबरदस्त गेन हुआ है। 3 सितंबर को शेयर BSE पर शेयर करीब 33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 109 रुपये और NSE पर 34 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 110 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 82 रुपये था। ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह अपने प्रोडक्ट भारत की बड़ी EPC कंपनियों को सप्लाई करती है और इंटरनेशनल ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।

इसका फोकस पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और खास तरह के प्रोडक्ट बनाने और उनकी सप्लाई करने पर है। कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है।इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमीनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं।

कंपनी का ₹700 करोड़ का IPO 124.02 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 232.79 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 185.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 40.27 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 12.37 गुना भरा था।

ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड, शिवानी न्याति का कहना है, “हमारा नजरिया पॉजिटिव है। इसकी वजह हैं- EPC और केबल सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन, 11.71% EBITDA मार्जिन के साथ अच्छा मुनाफा, और मुख्य प्रतिस्पर्धियों में सबसे ज्यादा RoNW। IPO से मिले पैसे से कर्ज कम करने की योजना से भविष्य में फाइनेंस कॉस्ट भी कम हो सकती है। कंपनी की सरकारी और PSU क्लाइंट्स पर निर्भरता बेहद ज्यादा है। रेवेन्यू का 53%–86% हिस्सा इसी से आता है। यह एक बड़ा रिस्क है, क्योंकि टेंडर बेस्ड कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव हो सकता है।”

आगे कहा कि IPO में शेयर पाने वाले निवेशक थोड़ा मुनाफा वसूल सकते हैं और बाकी शेयर ₹98–100 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं। नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद हुई जबरदस्त बढ़त के बाद स्टॉक के पीछे नहीं भागना चाहिए और थोड़े कंसोलिडेशन का इंतजार करना चाहिए। अगर स्टॉक मजबूत वॉल्यूम के साथ ₹110–112 के ऊपर बना रहता है, तो यह ₹120–125 की ओर बढ़ सकता है। मीडियम-टर्म निवेशक समझदारी से पोजीशन साइजिंग करते हुए इसे होल्ड कर सकते हैं।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹124.59 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹384.16 करोड़ की उधारी थी।कंपनी का मार्केट कैप 3400 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Purple Style Labs IPO: आज, 3 सितंबर अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

पर्पल स्टाइल लैब्स का ₹680 करोड़ का IPO 2 सितंबर को बंद हो गया। इश्यू को कुल 1.36 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें 1.18 करोड़ नए शेयर जारी हुए। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.50 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.89 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.66 गुना भरा। अब आज, 3 सितंबर अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 7 सितंबर को होगी।

जिन लोगों ने पर्पल स्टाइल लैब्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Purple Style Labs सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Purple Style Labs IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

Purple Style Labs IPO के लिए प्राइस बैंड ₹546-₹575 प्रति शेयर था। कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹306 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल सब्सिडियरी PSL Retail में निवेश के लिए, सेल्स व मार्केटिंग खर्चों की फंडिंग के लिए, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर हुए खर्च की भरपाई के लिए करेगी।

क्या करती है Purple Style Labs

पर्पल स्टाइल लैब्स लिमिटेड एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओम्नी चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। कंपनी ‘पर्नियाज पॉप-अप शॉप’ (Pernia’s Pop-Up Shop or PPUS) के तहत काम करती है। यह महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों, ज्वेलरी, एक्सेसरीज और बच्चों के कपड़ों में लग्जरी फैशन प्रोडक्ट्स के एक खास कलेक्शन की पेशकश करती है। शादी और खास मौकों पर पहने जाने वाले कपड़ों पर खास फोकस है।

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कंपनी एक ओम्नी चैनल बिजनेस मॉडल के जरिए काम करती है, जिसमें एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन, टेलीफोनिक और डिजिटल सेल्स चैनल, इवेंट्स और एग्जीबीशन शामिल हैं। कंपनी के भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूके, मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और अन्य बाजारों में भी कस्टमर हैं। पर्पल स्टाइल लैब्स का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर ₹567 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹494 करोड़ था। कंपनी पर वित्त वर्ष 2026 के दौरान ₹371.40 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।