हैकर ग्रुप ने SBI के 3.75 लाख रिकॉर्ड चोरी होने का दावा किया, ग्राहकों की निजी जानकारी और लोन दस्तावेज लीक होने की आशंका

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों का डेटा चोरी होने का दावा किया गया है। Siriusim नाम के एक अज्ञात हैकर ग्रुप का कहना है कि उसके पास बैंक से जुड़े ग्राहकों के गोपनीय रिकॉर्ड हैं। इनमें निजी जानकारी, घर के पते, लोन एप्लीकेशन और खाता खोलने से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

साइबर सिक्योरिटी पर नजर रखने वाले CyberPulse56 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। अकाउंट के मुताबिक, हैकर ग्रुप के पास कथित तौर पर CSV फॉर्मेट में 3.75 लाख रिकॉर्ड और 2,722 PDF दस्तावेज हैं।

चोरी का डेटा सही हुआ तो?

हालांकि, SBI का डेटा चोरी होने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अभी यह भी साफ नहीं है कि डेटा कहां से आया और क्या यह सीधे SBI के सिस्टम से जुड़ा है। रिकॉर्ड की संख्या से यह भी पता नहीं चलता कि कितने अलग-अलग ग्राहक प्रभावित हुए हैं।

CyberPulse56 ने 16 अक्टूबर को पहली बार इस दावे की जानकारी दी थी। वहीं, The Economic Times के मुताबिक, 20 अक्टूबर तक SBI ने उसकी ओर से भेजे गए सवालों का जवाब नहीं दिया था।

अगर यह डेटा असली साबित होता है, तो इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। साइबर अपराधी ग्राहकों की पहचान चुराने, वित्तीय धोखाधड़ी करने, फर्जी लोन आवेदन देने और फिशिंग के जरिए बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

20 वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमले

यह दावा ऐसे समय आया है, जब भारतीय वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों की खबरें सामने आई हैं। The Economic Times ने 15 अक्टूबर को बताया था कि इसी महीने करीब 20 बैंक, NBFC और फिनटेक कंपनियां साइबर हमलों का शिकार हुई थीं। इन हमलों में कथित तौर पर चोरी किए गए लॉगिन क्रेडेंशियल और पेमेंट API की कमजोरियों का फायदा उठाया गया।

CERT-In ने 9 अक्टूबर को वित्तीय संस्थानों को ऐसे हमलों को लेकर चेताया था। हालांकि, इन घटनाओं और SBI से जुड़े दावे के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

RBI के नियम क्या कहते हैं?

RBI के जुलाई 2026 में जारी निर्देशों के मुताबिक, बैंकों को साइबर घटना का पता चलने के छह घंटे के भीतर DAKSH प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करना होगा। CERT-In को भी इसकी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, बैंकों को सुरक्षा में सेंध की जांच करनी होगी और ऐसी घटनाएं दोबारा रोकने के उपाय करने होंगे।

CERT-In के 2022 के निर्देशों में भी तय श्रेणी की साइबर घटनाओं की जानकारी छह घंटे के भीतर देने का प्रावधान है।

SBI ने ग्राहकों को क्या सलाह दी है?

SBI अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहता है कि उसके डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म अनधिकृत पहुंच से बचाव के लिए ऑथेंटिकेशन कंट्रोल, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और दूसरे सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करते हैं।

बैंक ग्राहकों को यह भी सलाह देता है कि वे अपना पासवर्ड, PIN और OTP किसी के साथ साझा न करें। बैंकिंग से जुड़ी जानकारी मांगने वाले संदिग्ध मैसेज का जवाब देने से भी बचें। फिलहाल, Siriusim के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी साफ नहीं है कि कथित डेटा असली है या इससे SBI के किसी ग्राहक की जानकारी वास्तव में उजागर हुई है।

Nifty Outlook: 21 अक्टूबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? क्रूड समेत ये बड़े फैक्टर करेंगे तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI की 444 दिनों की स्पेशल FD स्कीम! जानें ₹5 लाख और ₹10 लाख फिक्स कराने पर कितना मिलेगा रिटर्न

SBI Amrit Vrishti Scheme: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट योजना ‘अमृत वृष्टि’ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अगर आप सुरक्षित जगह पर निवेश करके शानदार रिटर्न पाना चाहते हैं, तो यह खास 444 दिनों की योजना आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जानिए इस स्पेशल टेन्योर स्कीम की हर एक जरूरी बात।

ब्याज दरें: किसे कितना मिलेगा फायदा?

इस योजना के तहत अलग-अलग आयु वर्ग के निवेशकों के लिए ब्याज दरें तय की गई हैं:

  1. आम नागरिक: 6.45% सालाना
  2. वरिष्ठ नागरिक: 6.95% सालाना (सामान्य नागरिकों से 0.50% ज्यादा)
  3. सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से अधिक): 7.05% सालाना

स्कीम की मुख्य विशेषताएं और नियम

अवधि: इस एफडी की मैच्योरिटी अवधि ठीक 444 दिन (करीब 14.5 महीने) तय की गई है।

न्यूनतम और अधिकतम राशि: इस योजना में रिटेल डिपॉजिट के तहत ₹1,000 से निवेश की शुरुआत की जा सकती है, और अधिकतम राशि ₹3 करोड़ से कम होनी चाहिए।

कौन कर सकता है निवेश: भारत के सामान्य नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और अनिवासी भारतीय (NRIs) इसमें निवेश के पात्र हैं।

ब्याज भुगतान के विकल्प: निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार ब्याज का भुगतान मासिक, त्रैमासिक, छमाही या सीधे मैच्योरिटी के समय ले सकते हैं।

लोन सुविधा: जरूरत पड़ने पर निवेशकों को इस एफडी पर लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलती है।

प्री-मैच्योर विड्रॉल यानी समय से पहले पैसे निकासी के नियम

अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ जाती है और आप एफडी तुड़वाते हैं, तो बैंक नियमों के तहत पेनल्टी काटता है:

₹5 लाख तक की राशि पर: 0.50% की पेनल्टी।

₹5 लाख से ₹3 करोड़ से कम राशि पर: 1.0% की पेनल्टी।

खास छूट: अगर एफडी को बुक करने के 7 दिनों के भीतर बंद किया जाता है, तो कोई ब्याज नहीं मिलता है। हालांकि, बैंक के कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस पेनल्टी से छूट दी गई है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन?

SBI की इस योजना का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को बैंक जाने की भी जरूरत नहीं है, इसे घर बैठे ऑनलाइन भी शुरू किया जा सकता है:

  • SBI YONO App के जरिए।
  • एसबीआई की आधिकारिक इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल से।
  • अपने नजदीकी एसबीआई की किसी भी शाखा में जाकर फॉर्म भरकर।

₹5 लाख और ₹10 लाख की FD पर कितना मिलेगा रिटर्न

एसबीआई की 444 दिनों वाली ‘अमृत वृष्टि’ एफडी में अगर आप 5 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो 6.45% सालाना ब्याज दर के हिसाब से आम नागरिकों को मैच्योरिटी पर लगभग ₹39,800 से ₹40,000 का ब्याज मिलेगा, जिससे कुल रकम बढ़कर करीब ₹5.40 लाख हो जाएगी; वहीं 6.95% की दर से वरिष्ठ नागरिकों को कुल ₹43,000 से ₹43,200 तक का रिटर्न मिलेगा, जिससे उनकी कुल रकम ₹5.43 लाख के पार पहुंच जाएगी।

इस स्कीम में ₹10 लाख की FD करने पर 6.45% सालाना चक्रवर्ती ब्याज दर के हिसाब से आम नागरिकों को मैच्योरिटी पर लगभग ₹80,000 से ₹80,500 तक का शुद्ध रिटर्न मिलेगा (कुल मैच्योरिटी रकम करीब ₹10.80 लाख हो जाएगी); वहीं 6.95% सालाना ब्याज दर के साथ वरिष्ठ नागरिकों को कुल ₹86,500 से ₹87,000 तक का ब्याज प्राप्त होगा, जिससे 444 दिनों बाद उनकी कुल जमा रकम बढ़कर लगभग ₹10.87 लाख पहुंच जाएगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा उछला

कच्चे तेल और डॉलर में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से अधिक की तेजी में बंद हुआ।

बाजार की बढ़त में आईटी और वित्तीय क्षेत्रों की कंपनियों ने अगुवाई की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम घटने और डॉलर सूचकांक में गिरावट तथा घरेलू स्तर पर रुपये जारी तेजी से निवेश धारणा मजबूत हुई है। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) चढ़कर 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 376.60 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त में 22,999.30 अंक पर पहुंच गया। यह दोनों का करीब तीन सप्ताह का उच्चतम स्तर है। वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत चढ़ा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.01 प्रतिशत टूट गया।

Also Read : इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता हिरासत में

सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी 50 में दो प्रतिशत की तेजी रही। ऑटो समूह का सूचकांक 1.84 प्रतिशत, वित्त का 1.76 प्रतिशत और तेल एवं गैस का 1.60 प्रतिशत की बढ़त में रहा। बैंकिंग, रियल्टी, फार्मा, धातु और स्वास्थ्य सेक्टरों के सूचकांक भी हरे निशान में रहे। सार्वजनिक बैंकों और रसायनों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चार से साढ़े चार प्रतिशत तक की बढ़त में रहे। भारती एयरटेल, इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस और मारुति सुजुकी के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, इंडिगो, आईटीसी, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में एक से दो प्रतिशत की तेजी रही। भारतीय स्टेट बैंक, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी और एशियन पेंट्स के शेयर भी हरे निशान में रहे।

Pic Credit : UNI

शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1,100 अंक से ज्यादा चढ़ा

Sensex

घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 1,100 अंक से अधिक की बढ़त में बंद हुआ।

सेंसेक्स पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले सुबह 27 अंक की तेजी के साथ 71,951.73 अंक पर खुला। खुलते ही यह लाल निशान में 71,703.56 अंक तक उतर गया लेकिन फिर तुरंत हरे निशान में आ गया।

अंत में सेंसेक्स 1,109.10 अंक (1.54 प्रतिशत) चढ़कर 73,033.78 अंक पर रहा। इससे पहले यह ऊपर 73,045.67 अंक तक गया था। इस प्रकार आज इसमें 1,342 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी सुबह सपाट खुलने के बाद अंत में 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त में 22,721.95 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे थे।

रुपये में लगातार दूसरे दिन जारी तेजी से शेयर बाजार में निवेश धारणा मजबूत हुई है। अच्छे तिमाही परिणामों से आईटी कंपनियों में ज्यादा तेजी रही। वृहत बाजार में भी चौतरफा लिवाली रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.11 प्रतिशत मजबूत हुआ।

Also Read : ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए आर्चर, बेथेल की इंग्लैंड वनडे टीम में वापसी

अच्छे तिमाही परिणामों के कारण आईटी कंपनियों में लिवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 5.22 प्रतिशत उछल गया। रियल्टी समूह का सूचकांक 2.46 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। ऑटो, बैंकिंग, वित्त, एफएमसीजी, धातु और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त में रहे।

सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर आठ प्रतिशत से ज्यादा उछल गया। कंपनी ने सोमवार को बताया था कि मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 21.2 प्रतिशत बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये और राजस्व 11.5 फीसदी बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

अन्य आईटी कंपनियों में टीसीएस का शेयर साढ़े छह प्रतिशत, टेक महिंद्रा का करीब पांच प्रतिशत और इंफोसिस का साढ़े चार प्रतिशत की बढ़त में रहा।

हिंदुस्तान यूनीलिवर, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, आईटीसी, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और एक्सिस बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक मजूबत हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, अडानी पोर्ट्स और पावरग्रिड के शेयर भी भी हरे निशान में रहे।

कोटक महिंद्रा बैक, इटरनल और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट रही।

Pic Credit : UNI

शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 548 अंक उतरा

दिग्गज कंपनियों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 547.65 अंक (0.76 प्रतिशत) लुढ़ककर 71,924.68 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूटकर 22,363.35 अंक पर आ गया। दोनों सूचकांकों की शुरुआत सुबह बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन बाद में दिग्गज कंपनियों में बिकवाली से ये दबाव में आ गए। वृहत बाजार में अधिकतर सूचकांक हरे निशान में रहे।

निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.24 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.42 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी एफएमसीजी 1.67 प्रतिशत टूट गया। आईटी, बैंकिंग, वित्त, धातु और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी फिसल गए। निफ्टी मीडिया में 4.60 प्रतिशत की तेजी रही।

Also Read : अर्जुन रामपाल ने ‘अर्जुन नागा’ की शूटिंग शुरू की

रसायन, ऑटो, रियल्टी और फार्मा सेक्टरों के सूचकांक भी हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी और टेक महिंद्रा के शेयर तीन प्रतिशत से अधिक चढ़े। हिंदुस्तान यूनीलिवर में दो प्रतिशत की गिरावट रही। एलएंडटी, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक टूट गए।

टाटा स्टील, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, अडानी एयरपोर्ट्स, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और ट्रेंट के शेयर भी लाल निशान में रहे। बीईएल का शेयर करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी बढ़त में रहे।

Pic Credit : UNI

चार दिन की गिरावट से उबरा शेयर बाजार

विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में चार दिन के बाद तेजी लौट आई और प्रमुख सूचकांक 0.6 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 472.77 अंक (0.66 प्रतिशत) ऊपर 72,382.47 अंक पर बंद हुआ। यह सुबह 431 अंक चढ़कर 72,340.95 अंक पर खुला था और कुछ ही देर में 722 अंक की बढ़त में पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद तक यह 71,840.18 अंक तक लुढ़क भी गया। इस प्रकार सूचकांक में 791 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त में 22,555.75 अंक पर बंद हुआ। लगातार चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में तेजी लौटी है।

एफएमसीजी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में अधिक लिवाली देखी गई। निफ्टी एफएमसीजी 1.80 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूह के सूचकांक में 1.53 फीसदी और मीडिया समूह में 0.92 फीसदी की तेजी रही। बैंकिंग, वित्त, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर रहे। स्वास्थ्य और फार्मा समूहों से सूचकांक टूट गए।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों से घरेलू बाजार में निवेश धारणा मजबूत हुई। वृहत बाजार में भी बिकवाली की जोर रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.42 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.47 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

Also Read : ‘द साइकिल ऑफ लव’ के लंदन प्रीमियर में पहुंचीं एली अवराम

एनएसई में जिन 3,706 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 1,844 के शेयर लाल निशान में और 1,745 के हरे निशान में रहे। अन्य 117 कंपनियों के शेयर अपरिवर्तित रहे।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 में तेजी रही। आईटीसी का शेयर 4.49 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इटरनल के शेयर में 2.50 फीसदी, भारती एयरटेल में 2.38, बजाज फाइनेंस में 2.28, अडानी पोर्ट्स में 2.13 और आईसीआईसीआई बैंक में 2.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.72 फीसदी, एलएंडटी का 1.48, एनटीपीसी का 1.45, टाइटन का 1.43, टीसीएस का 1.40, मारुति सुजुकी का 1.07 और पावरग्रिड का शेयर 0.92 प्रतिशत चढ़ा। बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी हरे निशान में रहे।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 3.69 प्रतिशत की गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.99 प्रतिशत, सन फार्मा का 1.55, इंफोसिस का 1.50 और एशियन पेंट्स का 1.43 प्रतिशत टूट गया। ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयर भी लाल निशान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 2.40 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.28 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 0.25 फीसदी ऊपर था।

Pic Credit : UNI

शेयर बाजारों में तेजी, सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 299 अंक ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स में सुबह से ही तेजी रही। यह 119 अंक ऊपर 74,648 अंक पर खुला और पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 299.17 अंक (0.40 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,828.25 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग ऐसा ही रही। यह 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत चढ़कर 23,446.80 अंक पर बंद हुआ। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही थी।

वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.57 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.89 प्रतिशत मजबूत हुआ।

Also Read : रूस-यूक्रेन शांति समझौते की शर्तों पर हो रही चर्चा : ट्रंप

सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी 0.87 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.50 प्रतिशत गिर गया। धातु समूह के सूचकांक में 2.40 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.32 प्रतिशत और रियल्टी में 1.10 प्रतिशत की तेजी रही। फार्मा, वित्त, बैंकिंग, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक सवा तीन प्रतिशत और बजाज फाइनेंस का तीन प्रतिशत चढ़ गया। आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स से शेयर एक से दो प्रतिशत तक की तेजी में रहे। हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और टेक महिंद्रा के शेयर भी हरे निशान में रहे।

आईटी सेक्टर में गिरावट रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंफोसिस के शेयर एक प्रतिशत से अधिक गिर गये। टीसीएस, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे।

Pic Credit : UNI

शुरुआती तेजी के बाद 330 अंक लुढ़का सेंसेक्स

घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी खोते हुए प्रमुख सूचकांक गिरावट में बंद हुए और बीएसई का सेंसेक्स 330 अंक रहा।

सेंसेक्स 42 अंक ऊपर 74,901.50 अंक पर खुला और ऊपर 75,038.93 अंक तक गया। हालांकि पहले घंटे के कारोबार के बाद बिकवाली शुरू हो गयी। अंत में यह 329.91 अंक (0.44 प्रतिशत) गिरकर 74,529.08 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक ऊपर रहे थे।

वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.01 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.23 प्रतिशत फिसल गया।

Also Read : ‘प्रेम कीटाणु’ के ट्रेलर में वीर पहाड़िया का कॉमिक अंदाज और रोमांटिक चार्म

सेक्टर आधारित सूचकांकों में मीडिया, रियल्टी, धातु और रसायन समूहों में तेजी रही। वहीं, आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गया। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर एक से डेढ़ फीसदी टूट गए।

भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।

इटरनल का शेयर करीब दो प्रतिशत और इंडिगो का डेढ़ फीसदी से ज्यादा चढ़ा। टाइटन और टाटा स्टील में भी तेजी देखी गई।

Pic Credit : UNI

कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

Also Read : 78 वर्ष के हुये महेश भट्ट

सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

Pic Credit : UNI

SBI Bank Alert: 28 से 30 सितंबर तक लगातार 3 दिन बंद रहेंगे बैंक! SBI ने जारी की ये एडवाइजरी

SBI Bank Strike Advisory: अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम अटका हुआ है, तो उसे 26 सितंबर से पहले हर हाल में पूरा कर लें। बैंक कर्मचारियों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी मांगों को लेकर 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है।

हड़ताल को देखते हुए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए अलर्ट और एडवाइजरी जारी की है। बैंक ने ग्राहकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपने ब्रांच से जुड़े काम समय रहते निपटा लें।

लगातार 5 दिन प्रभावित रह सकती हैं बैंक शाखाएं

हड़ताल का समय ऐसा पड़ा है कि बैंक शाखाएं लगातार 5 दिनों के लिए सामान्य कामकाज से दूर रह सकती हैं:

26 सितंबर (शनिवार): चौथा शनिवार (नियमित बैंक अवकाश)।

27 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक छुट्टी।

28 से 30 सितंबर (सोमवार से बुधवार): UFBU की प्रस्तावित 3-दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल।

यानी शनिवार से बुधवार तक लगातार 5 दिनों तक ग्राहकों को सामान्य दिनों की तरह बैंक शाखाओं में कर्मचारी नहीं मिलेंगे।

SBI की एडवाइजरी: शाखा के कामकाज पहले निपटाएं

एसबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह हड़ताल के दौरान अपनी शाखाओं में आवश्यक सेवाएं चालू रखने की पूरी कोशिश करेगा, लेकिन अगर बड़ी संख्या में कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हैं, तो शाखा स्तर पर परिचालन प्रभावित हो सकता है।

चेक क्लीयरेंस, फिजिकल डॉक्यूमेंट जमा करना, लोन डिस्बर्समेंट और अन्य ऐसे काम जिनके लिए ब्रांच जाना या बैंक स्टाफ की मदद अनिवार्य होती है ये काम अटक सकते हैं। बैंक ने सलाह दी है कि, जिन ग्राहकों के ब्रांच से जुड़े काम पेंडिंग हैं, वे 26 सितंबर से पहले ही शाखा जाकर उन्हें पूरा करा लें।

नकदी और रूटीन ट्रांजैक्शन के लिए इन सेवाओं का करें इस्तेमाल

एसबीआई ने बताया कि हड़ताल के बावजूद बैंक के डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स सामान्य रूप से काम करेंगे:

कैश निकालने/जमा करने के लिए: ग्राहक निकटतम ATM और ADWMs मशीन का उपयोग कर सकते हैं।

गांवों और कस्बों में सेवाएं: बैंकिंग सेवाओं के लिए कस्टमर सर्विस पॉइंट्स (CSPs) की मदद ली जा सकती है।

डिजिटल बैंकिग चालू रहेगी: YONO ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI के जरिए पैसे का ट्रांसफर और ऑनलाइन भुगतान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।

UFBU ने दी आगे भी हड़ताल की चेतावनी

बैंक कर्मचारी यूनियन यूएफबीयू ने 11 सितंबर को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की थी। 28-30 सितंबर की तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो यूनियन ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का भी प्रस्ताव दिया है।

अगर आपको इस महीने के अंत में किसी बड़े भुगतान, ड्राफ्ट बनवाने या चेक लगाने की जरूरत है, तो इसे 26 सितंबर से पहले ही पूरा कर लें। छोटे-मोटे वित्तीय लेनदेन के लिए ऑनलाइन यूपीआई या योनो (YONO) ऐप का सहारा लें, ताकि हड़ताल के दौरान आपको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।